भिवंडी। अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से कथित धन चोरी के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने राज्यव्यापी ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में भिवंडी शहर जिला कांग्रेस ने रविवार को अहिंसात्मक प्रदर्शन कर कथित घोटाले के विरोध में आवाज बुलंद की।
भिवंडी शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आबिद खान के नेतृत्व में मुरलीधर कंपाउंड स्थित शिव मंदिर के बाहर आयोजित सत्याग्रह में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ तथा ‘खरा तो एकची धर्मा’ जैसे भक्ति गीत गाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद सुरेश टावरे, पार्षद प्रशांत लाड सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से कथित धन चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।
कांग्रेस का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
भिवंडी। महाराष्ट्र में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए दस्तावेज़ी प्रक्रिया को सरल बनाने, अभियान की समय-सीमा बढ़ाने तथा पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न हटाए जाने की मांग की है।(SP Seeks Easier Voter Revision Rules) पार्टी का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया के कारण गरीब, मजदूर, ग्रामीण और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आवश्यक दस्तावेज़ जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी, भिवंडी शहर (जिला) अध्यक्ष मोहम्मद अनस अंसारी, मौलाना इम्तियाज फलाही, मौलाना औसाफ फलाही, मोहम्मद नईम अंसारी, मोहम्मद ज़मा अंसारी तथा पूर्व नगरसेविका रुखसाना सिद्दीकी ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर मांग की कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में वर्ष 2002 से पहले सरकारी अभिलेखों में दर्ज बस्तियों, गांवों और पाड़ों के निवासियों के लिए उन्हीं अभिलेखों को वैध प्रमाण मानने की मांग की गई है। साथ ही स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र, घरपट्टी, असेसमेंट उतारा, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज़ों को भी स्वीकार करने का आग्रह किया गया है।
भिवंडी शहर (जिला) अध्यक्ष मोहम्मद अनस अंसारी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाने से मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने पूरे राज्य में एक समान प्रक्रिया लागू करने और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। ज्ञापन में वर्ष 2002 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं के पुराने और वर्तमान EPIC नंबर का मिलान करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि तकनीकी कारणों से किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो।
समाजवादी पार्टी ने सभी मतदाताओं के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, फॉर्म मराठी के साथ हिंदी और अन्य भाषाओं में उपलब्ध कराने तथा बीएलओ को पर्याप्त प्रशिक्षण देने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि कई बीएलओ स्वयं प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी ने बीएलओ पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति तथा स्कूल शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी न डालने की भी मांग की है। साथ ही, बारिश और बाढ़ की मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए 29 जुलाई 2026 तक निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) की समय-सीमा कम से कम दो महीने बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
कांग्रेस का बेलापुर में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, CBT और Normalization खत्म करने की मांग; राम मंदिर दान चोरी मामले पर भी सरकार को घेरा
मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एमपीएससी (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मध्य प्रदेश के व्यापम भर्ती घोटाले से भी बड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन को तत्काल रद्द कर ऑफलाइन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन तेज करेगी।
Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback
बेलापुर में एमपीएससी की CBT (Computer Based Test) और Normalization के विरोध में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पहुंचे हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एमपीएससी की पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो चुकी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है और ऑनलाइन परीक्षा का ठेका निजी कंपनियों को देकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म कर दी गई है। उनके अनुसार, छात्रों का ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं रह गया है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
सपकाल ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर कई बार लीक हो चुका है और सरकार एक भी परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार या एमपीएससी का कोई अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा है।
राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सिद्धिविनायक मंदिर चोरी का मामला उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की दान राशि और चढ़ावे में हुई कथित चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में आंदोलन चला रही है।
डॉक्टरों पर हमले के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों का प्रदर्शन; उपचार जारी, अस्पताल प्रशासन ने कहा— इलाज करना हमारा कर्तव्य
ठाणे। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में महिला डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को सीने में दर्द की शिकायत के बाद ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल ऑफिसरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और उनका नगरसेवक पद रद्द करने की मांग उठाई।
Doctors Protest, Seek Corporator’s Removal
शास्त्री नगर अस्पताल में हुई घटना के बाद चिकित्सा समुदाय में भारी नाराजगी है। मामले में मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने “डॉक्टरों पर हमले बंद करो” और “स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जो जनप्रतिनिधि डॉक्टरों पर हाथ उठाता है, उसे जनप्रतिनिधि बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने रमेश म्हात्रे का नगरसेवक पद तत्काल रद्द करने की मांग की।
अतिरिक्त सिविल सर्जन डॉ. धीरज एस. महानगड़े ने कहा कि डॉक्टर होने के नाते हर मरीज का उपचार करना उनका कर्तव्य है और रमेश म्हात्रे का आवश्यक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार्य नहीं है और इसका किसी भी स्तर पर समर्थन नहीं किया जा सकता।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रमेश म्हात्रे फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी एक ही किडनी है और वे उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि उनकी हालत स्थिर रहती है तो उन्हें आज शाम या कल सुबह तक अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
नालासोपारा। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नालासोपारा के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे हजारों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया।(Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis)
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरसेवक पंकज देशमुख तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी।
बिजली आपूर्ति बहाल होने में हो रही देरी को देखते हुए पंकज देशमुख ने नागरिकों की सुविधा के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर मंगवाने की व्यवस्था भी कराई, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली बहाल की जा सके।
पंकज देशमुख ने कहा कि जनता की सेवा करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि हर संकट की घड़ी में वे जनता के साथ खड़े रहेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच उन्होंने लोगों को सही जानकारी देकर अनावश्यक परेशानियों से राहत दिलाने का प्रयास किया था।
आपातकालीन स्थिति में नगरसेवक की सक्रियता और त्वरित पहल की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की।
अंसार मोहल्ला में सुबह हुआ हादसा, एक व्यक्ति घायल; निगम ने आसपास के खतरनाक मकान खाली कराने के दिए निर्देश
भिवंडी। भिवंडी में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर भवनों के गिरने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे शहर के खंडूपाड़ा स्थित अंसार मोहल्ला में एक मंजिला लोड-बेयरिंग मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया (Canopy Collapse, Major Tragedy Averted)। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि एक व्यक्ति को मामूली चोटें आई हैं।
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, अंसार मोहल्ला स्थित मकान नंबर 144/5/1/जी-1 कलीम अंसारी का है। मकान के भूतल पर किराना दुकान संचालित होती है, जबकि पहली मंजिल पर कलीम अंसारी अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं। शुक्रवार सुबह मकान के सामने वाले हिस्से का ग्राउंड फ्लोर का छज्जा गिरने से पहली मंजिल की टीन की छत और दीवारों का हिस्सा भी ढह गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रभाग समिति क्रमांक-1 के सहायक आयुक्त मक्सूम शेख, दमकल विभाग तथा आपातकालीन कक्ष की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तत्काल शुरू किया गया।
इसके बाद नगर निगम की उपायुक्त सपना वसावा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त मकान के आसपास स्थित घरों को एहतियातन खाली कराने के निर्देश दिए तथा क्षेत्र के अन्य जर्जर और खतरनाक मकानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
बारिश के मौसम में भिवंडी में जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में नगर निगम ने नागरिकों से खतरनाक भवनों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।
ठाणे। राज्य में तेजी से बन रही सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के कारण वर्षा जल का प्राकृतिक रूप से जमीन में समावेश कम होता जा रहा है, जिससे बाढ़, भूजल स्तर में गिरावट, टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता और शहरी गर्मी जैसी समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के किनारे पानी सोखने वाले पारगम्य (परमीएबल) स्ट्रक्चर विकसित करने की मांग उठी है(Permeable Road Shoulders Groundwater Recharge Proposal)। इस संबंध में पर्यावरणविद् डॉ. प्रशांत सिनकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से नीति बनाने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में सड़कों के दोनों ओर बने फुटपाथ, साइड शोल्डर और सार्वजनिक क्षेत्र पूरी तरह कंक्रीट से ढके होने के कारण वर्षा का अधिकांश पानी सीधे नालियों में बह जाता है। इससे मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनती है, जबकि गर्मियों में भूजल स्तर गिरने से पानी के लिए टैंकरों पर निर्भरता बढ़ जाती है।
प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि सड़कों के किनारे पारगम्य इंटरलॉकिंग ब्लॉक, कुचले हुए पत्थर, बजरी, गिट्टी और रेत जैसी जल सोखने वाली परतों का उपयोग किया जाए, जिससे वर्षा जल जमीन में समाहित होकर भूजल रिचार्ज को बढ़ा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जलभराव कम होगा, भूजल स्तर सुधरेगा, टैंकरों पर निर्भरता घटेगी और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
ज्ञापन में सार्वजनिक निर्माण विभाग, शहरी विकास विभाग, जल संसाधन विभाग और भूजल सर्वेक्षण विभाग से इस अवधारणा का तकनीकी अध्ययन कराने तथा पहले चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की मांग की गई है। इसके बाद सभी नए सीमेंट-कंक्रीट सड़क परियोजनाओं और सार्वजनिक विकास कार्यों में ऐसे जल रिचार्ज स्ट्रक्चर को अनिवार्य रूप से शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
पर्यावरणविद् डॉ. प्रशांत सिनकर का कहना है कि यदि सड़कों के किनारे जल सोखने वाले ढांचे विकसित किए जाएं तो लाखों लीटर वर्षा जल सीधे जमीन में समा सकेगा। इससे ‘बाढ़ से टैंकर’ के दुष्चक्र को रोकने के साथ-साथ जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
ठाणे। ठाणे के घोड़बंदर रोड पर बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में गैस टैंकर के ऑटो रिक्शा पर पलट जाने से रिक्शा चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12:45 बजे डी-मार्ट, आनंदनगर, घोड़बंदर रोड के सामने एक गैस टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर ऑटो रिक्शा पर पलट गया। हादसे के समय रिक्शा में चालक सहित दो यात्री सवार थे। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि रिक्शा चालक दशरथ राणाजी पवार (निवासी जय भीम नगर, कलवा) और यात्री मोहम्मद अमीन (मूल निवासी सरलगंज, उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में गंभीर रूप से घायल यात्री अमजीत अंसारी को तत्काल उपचार के लिए ओवाला स्थित वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही पुलिस, यातायात शाखा और बचाव दल मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से गैस टैंकर को हटाकर सड़क से किनारे किया गया, जिसके बाद घोड़बंदर रोड पर यातायात सामान्य कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
ठाणे। ठाणे में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार को मौसम में कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन शहर में पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं लगातार सामने आती रहीं। वागले एस्टेट क्षेत्र में पेड़ गिरने से 25 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने और जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित रहा।
Thane rain tree fall incidents woman seriously injured
ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार मंगलवार शाम 6:30 बजे तक शहर में 61.94 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पिछले 24 घंटों में कुल 111.91 मिमी बारिश हुई। इस मानसून सीजन में अब तक ठाणे में 1331.17 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।
वागले एस्टेट निवासी 25 वर्षीय दृष्टि कदम यशोधन नगर अस्पताल के सामने पैदल जा रही थीं, तभी अचानक एक बड़ा पेड़ उनके ऊपर गिर गया। हादसे में उनकी पीठ पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल जुपिटर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना में एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई।
बारिश के दौरान मुंब्रा के अमृत नगर स्थित चांदनी बिल्डिंग की गोलाकार गैलरी का हिस्सा भी ढह गया। वहीं काशीनाथ घाणेकर थिएटर के पास एडेलवुड कॉम्प्लेक्स रोड पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ। फ्लावर वैली की सर्विस रोड, गोखले रोड स्थित डाकघर के पास, बानाचापाड़ा और नौपाड़ा समेत कई स्थानों पर बड़े पेड़ गिरने या खतरनाक स्थिति में पाए गए, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियां लगातार संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं तथा नागरिकों से खराब मौसम के दौरान जर्जर पेड़ों और असुरक्षित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
ठाणे। ठाणे पुलिस आयुक्तालय के अधीन संचालित पुलिस औषधालय में मधुमेह से पीड़ित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए शनिवार को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Checkup camp) का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 54 पुलिसकर्मियों ने अपनी आंखों की जांच कराई, जिनमें से नौ में विभिन्न नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं।
शिविर में वरिष्ठ नेत्र शल्य चिकित्सक एवं रेटिना विशेषज्ञ डॉ. शाहनवाज काजी ने मरीजों की जांच की। इस दौरान रक्त शर्करा, दृष्टि परीक्षण, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद तथा डायबिटिक रेटिनोपैथी सहित आंखों से जुड़ी विभिन्न जांचें की गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि मधुमेह के मरीज यदि समय पर आंखों की जांच और उपचार नहीं कराते हैं, तो उनकी दृष्टि स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ड्यूटी की व्यस्तता के कारण अधिकांश पुलिसकर्मी नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष शिविर पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे के मार्गदर्शन में डॉ. माधव वाघमारे, चिकित्सा अधिकारी, पुलिस अस्पताल, ठाणे द्वारा आयोजित किया गया।
दिनभर भारी बारिश के बावजूद 54 पुलिसकर्मियों ने शिविर का लाभ उठाया। जांच के दौरान नौ पुलिसकर्मियों में विभिन्न नेत्र रोगों के लक्षण पाए गए, जिन्हें आगे के उपचार और नियमित फॉलो-अप की सलाह दी गई।
शिविर के सफल आयोजन में अब्बास दमानिया ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ समन्वय किया, जबकि शीतल नानकर, रमेश जाधव, खुशाल सुखदारे, रिया उत्तेकर, पूजा पवार और सायली ने सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. माधव वाघमारे ने डॉ. शाहनवाज काजी और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।