Category: Thane

  • अंबरनाथ MIDC की केमिकल कंपनी में भीषण आग, दूर-दूर तक दिखे धुएं के गुबार

    अंबरनाथ MIDC की केमिकल कंपनी में भीषण आग, दूर-दूर तक दिखे धुएं के गुबार

    अंबरनाथ: महाराष्ट्र के अंबरनाथ स्थित आनंद नगर MIDC इलाके की एक केमिकल कंपनी में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कंपनी में बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ होने के कारण आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं और मौके पर कई धमाकों की आवाज भी सुनाई दी।

    आनंद नगर क्षेत्र अंबरनाथ का प्रमुख औद्योगिक इलाका माना जाता है। यहां महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) की बड़ी औद्योगिक वसाहत है, जहां करीब एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां संचालित होती हैं। इनमें केमिकल, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल और अन्य उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। ऐसे में केमिकल कंपनी में लगी आग को गंभीर माना जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही अंबरनाथ, बदलापुर और आसपास के इलाकों से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कंपनी में मौजूद केमिकल के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हो रही है।

    बताया जा रहा है कि कंपनी के अंदर मौजूद रसायन बाहर सड़क तक फैल गए, जिसके कारण कुछ जगहों पर सड़क पर भी आग की लपटें फैलती दिखाई दीं। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की कुछ सड़कों को बंद कर दिया गया है।

    भीषण आग के कारण आसमान में घना काला धुआं फैल गया है, जो अंबरनाथ के साथ-साथ बदलापुर शहर तक दिखाई दे रहा है। कई किलोमीटर दूर से भी धुएं के बड़े गुबार देखे जा सकते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।

    फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, हालांकि आग की तीव्रता को देखते हुए बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

  • Maternity Leave: मातृत्व अवकाश एक साल करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग

    Maternity Leave: मातृत्व अवकाश एक साल करने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग

    मुंबई: कामकाजी महिलाओं की मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) अवधि बढ़ाकर एक वर्ष करने और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाने की मांग शिवसेना विधायक डॉ. मनीषा कायंदे ने महाराष्ट्र विधान परिषद में उठाई। उन्होंने यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सदन में हुई चर्चा के दौरान रखा।

    डॉ. मनीषा कायंदे ने कहा कि आज की जीवनशैली में महिलाओं पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में कई महिलाएं लगातार 12 घंटे तक लैपटॉप पर काम करती हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। वर्तमान में कामकाजी महिलाओं को छह महीने की मातृत्व अवकाश मिलती है, लेकिन इतने कम समय में कई माताओं को अपने छोटे बच्चों को डे-केयर या पाळनाघर में छोड़कर फिर से काम पर लौटना पड़ता है, जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

    उन्होंने सरकार से मांग की कि मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाकर एक वर्ष की जाए, ताकि मां अपने बच्चे की बेहतर देखभाल कर सके और बच्चे को उचित पोषण और स्तनपान मिल सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी में नौकरी करने वाली महिलाओं को एक साल की मातृत्व अवकाश दी जाती है।

    डॉ. कायंदे ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने गर्भाशय की सर्जरी (हिस्टेरेक्टॉमी) कराने वाली महिलाओं को सवेतन छुट्टी देने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार को भी इस तरह का निर्णय लेना चाहिए, ताकि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय पर्याप्त आराम मिल सके।

    उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल के वर्षों में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए रेलवे स्टेशन, एसटी डिपो और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम लगाया जाना चाहिए।

    डॉ. कायंदे ने पंढरपुर वारी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पुलिस अधिकारी अतुल कुलकर्णी के नेतृत्व में करीब 20 लाख वारकरियों का फेस रिकग्निशन किया गया था। इस तकनीक के माध्यम से बायोमेट्रिक पहचान जैसे रेटिना स्कैन भी किया जा सकता है, जिससे अपराधों पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।

    इसके अलावा उन्होंने घरेलू हिंसा रोकथाम कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रोटेक्शन अधिकारियों की संख्या बढ़ाने, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग में खाली पदों को भरने तथा महिलाओं की मदद के लिए काउंसलर और वकीलों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और लाड़ली बहन योजना जैसी पहल महिलाओं के लिए मददगार साबित हुई है। साथ ही राज्य के बजट में 13 जिलों में “उमेद मॉल” शुरू करने की योजना का भी स्वागत किया, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी।

  • LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    अश्विनी कुमार

    मुंबई: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कुछ गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने का आरोप लग रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई जगहों पर गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने और देरी से डिलीवरी करने की कोशिश कर रही हैं।

    बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद भारत में भी एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बाद से कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ वितरकों ने ग्राहकों को यह कहकर परेशान करना शुरू कर दिया है कि सिलेंडर की सप्लाई कम है या देर से आएगी। इसके चलते कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग और अतिरिक्त पैसे लेने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

    पहले और अब सिलेंडर के दाम

    सिलेंडर प्रकारपुराना रेट (मुंबई)नया रेट (मुंबई)बढ़ोतरी
    घरेलू LPG (14.2 किलो)₹852.50₹912.50₹60
    कमर्शियल LPG (19 किलो)लगभग ₹1,692लगभग ₹1,836₹115–₹144

    7 मार्च 2026 से देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹115 से अधिक बढ़ा दी गई है।

    सप्लाई में देरी और इंतजार

    मुंबई में कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने के बाद 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सरकार पर उठ रहे सवाल

    विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि एजेंसियां ग्राहकों से अधिक पैसे वसूलती हैं या सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा करती हैं तो केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो महंगे सिलेंडर और सप्लाई की कमी का फायदा उठाकर ग्राहकों से अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार हो सकता है।

    सरकार से कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि कोई एजेंसी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलती है या जानबूझकर सप्लाई रोकती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस पहले ही आम लोगों के बजट पर बोझ बन चुकी है। ऐसे में अगर एजेंसियों की मनमानी बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को निगरानी बढ़ाने, शिकायत तंत्र मजबूत करने और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

  • Shiv Sena:घाटकोपर श्मशान घाट में गुजराती रसीदों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) का बीजेपी पर हमला

    Shiv Sena:घाटकोपर श्मशान घाट में गुजराती रसीदों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) का बीजेपी पर हमला

    मुंबई: महाराष्ट्र में भाषाई मुद्दे को लेकर राजनीति फिर गरमा गई है। Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) ने महानगरपालिका चुनाव में जीतने वाली महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय के जरिए बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

    घाटकोपर श्मशान घाट का मामला

    संपादकीय के अनुसार Brihanmumbai Municipal Corporation के तहत आने वाले घाटकोपर स्थित हिंदू श्मशान घाट में मृत्यु पंजीकरण की रसीदें गुजराती भाषा में जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है। जबकि महानगरपालिका के पुराने नियमों के मुताबिक ऐसे प्रमाणपत्र मराठी और अंग्रेजी में जारी किए जाने चाहिए।

    लेख में दावा किया गया है कि कई दिनों से आधिकारिक चिह्नों वाली ये रसीदें वितरित की जा रही हैं, जिससे भाषाई विवाद खड़ा हो गया है। संपादकीय में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान मेयर Ritu Tawde कर रही हैं, इसलिए इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

    बीजेपी पर मराठी विरोध का आरोप

    सामना के संपादकीय में Bharatiya Janata Party पर आरोप लगाया गया कि चुनाव के समय मराठी प्रेम का प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन बाद में उसे भुला दिया जाता है।

    लेख में यह भी कहा गया कि अगर महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य है, जैसा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में कहा था, तो श्मशान घाट में गुजराती भाषा में रसीदें जारी होना सवाल खड़ा करता है।

    मराठी अस्मिता का मुद्दा

    संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र में रेलवे प्लेटफॉर्म, सड़कों के नाम और अन्य सरकारी कामों में गुजराती भाषा को बढ़ावा देने की कोशिश मराठी के लिए खतरे के रूप में देखी जा रही है। हालांकि इसमें यह भी स्वीकार किया गया कि गुजराती भाषा और संस्कृति का देश के साहित्य, संगीत और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

    लेख में यह भी कहा गया कि मराठी भाषा और अस्मिता की रक्षा के लिए शिवसेना ने दशकों तक संघर्ष किया है। इसमें Chhatrapati Shivaji Maharaj, B. R. Ambedkar और Bal Thackeray की भाषा के रूप में मराठी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि महाराष्ट्र की राजधानी में मराठी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • Ola, Uber & Rapido:महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक

    Ola, Uber & Rapido:महाराष्ट्र में ओला, उबर और रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में Ola, Uber और Rapido की बाइक टैक्सी सेवाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार ने तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस (Temporary Licenses) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।

    सरकार के अनुसार इन कंपनियों को महाराष्ट्र में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने की शर्त पर अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि कंपनियों ने इलेक्ट्रिक बाइक के बजाय पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी संचालित कीं। इसे नियमों का उल्लंघन और सरकार के साथ धोखाधड़ी माना गया है।

    परिवहन विभाग के मुताबिक नियमों का पालन न करने के कारण तीनों कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं, जिसके चलते फिलहाल राज्य में उनकी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद रहेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को ही अनुमति दी जाएगी, ताकि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिल सके।

    बताया गया है कि सरकार ने कंपनियों को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए पहले एक महीने का समय दिया था, लेकिन तय समय में दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इस पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि कंपनियों को एक और एक महीने की अंतिम मोहलत दी गई है। यदि इस अवधि में भी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए जाएंगे।

    सरकार ने शुरुआत में ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से ई-बाइक टैक्सी को अनुमति दी थी। लेकिन कंपनियों द्वारा पेट्रोल बाइक का इस्तेमाल जारी रखने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

    नए फैसले के मुताबिक यदि कहीं भी पेट्रोल बाइक टैक्सी चलती हुई पाई गई, तो ड्राइवर और बाइक मालिक दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और बाइक को भी जप्त किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से मुंबई सहित महाराष्ट्र में गैरकानूनी बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगने की संभावना है, हालांकि इससे हजारों ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

  • Bhiwandi: भिवंडी में बेटी ने ही लगाया पिता को लाखों का चूना, प्रेमी के साथ गहने और नकदी लेकर हुई फरार; दोनों गिरफ्तार

    Bhiwandi: भिवंडी में बेटी ने ही लगाया पिता को लाखों का चूना, प्रेमी के साथ गहने और नकदी लेकर हुई फरार; दोनों गिरफ्तार

    भिवंडी(Bhiwandi) | संवाददाता: महाराष्ट्र के भिवंडी शहर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया और पिता के करीब 10.65 लाख रुपये नकदी और सोने के आभूषण लेकर फरार हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के अनुसार, यह घटना भिवंडी के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित प्रेसिडेन्सी प्लाजा इमारत की है। यहां रहने वाले सोहनलाल चौधरी ने जब अपने घर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो 6 मार्च की रिकॉर्डिंग में दो संदिग्ध व्यक्ति घर से एक ट्रैवल बैग और एक थैला लेकर जाते हुए दिखाई दिए।

    फुटेज देखने के बाद जब उन्होंने घर की अलमारी की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। अलमारी से 10 लाख 65 हजार रुपये नकद और सोने के आभूषण गायब थे।

    चोरी की जानकारी मिलते ही सोहनलाल चौधरी ने निजामपुर पुलिस स्टेशन में अपनी बेटी पूजा, उसके दोस्त अर्सलान महफूजुर्रहमान खान और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और जाल बिछाकर पूजा और अर्सलान को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोनों आरोपियों को भिवंडी अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 12 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

    इस संबंध में सहायक पुलिस निरीक्षक विनोद चव्हाण ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और चोरी की पूरी रकम व आभूषणों की बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

  • Prayas:‘प्रयास’ नुक्कड़ नाटक श्रृंखला से 6 हजार श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा का संदेश

    Prayas:‘प्रयास’ नुक्कड़ नाटक श्रृंखला से 6 हजार श्रमिकों को दिया गया सुरक्षा का संदेश

    ठाणे: मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने ‘प्रयास’(Prayas) नामक नुक्कड़ नाटक श्रृंखला का आयोजन किया।

    23 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक चले इस अभियान के दौरान बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के विभिन्न निर्माण स्थलों पर लगभग 6 हजार श्रमिकों को कार्यस्थल सुरक्षा का संदेश दिया गया। कलाकारों ने रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रमिकों को हेलमेट, हार्नेस बेल्ट, सेफ्टी शूज़ और पीपीई किट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

    यह अभियान कॉरिडोर के 40 निर्माण स्थलों पर चलाया गया, जिनमें गुजरात के 24 और महाराष्ट्र के 16 स्थल शामिल हैं। इन स्थानों में स्टेशन, कास्टिंग यार्ड, सुरंग, डिपो, पुल और वायाडक्ट जैसे निर्माण स्थल शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं।

    नुक्कड़ नाटक के जरिए श्रमिकों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षा नियमों का पालन करें, बिना प्रशिक्षण के काम न करें, शॉर्टकट से बचें और काम शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करें।

    पिछले तीन वर्षों से चल रही यह पहल श्रमिकों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • Bhoodan:उमादेवी ओमप्रकाश शर्मा की स्मृति में मधुवन गोशाला के लिए भूमि दान

    ठाणे | संवाददाता: वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य ओमप्रकाश शर्मा की धर्मपत्नी उमादेवी शर्मा के निधन के बाद उनकी स्मृति में एक सराहनीय पहल की गई है। शर्मा परिवार ने उनकी मालिकी की जमीन गोशाला के लिए दान (Bhoodan) करने का निर्णय लिया है।

    बताया गया कि उमादेवी शर्मा अपने जीवनकाल में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में काफी सक्रिय रहती थीं। उनके निधन के बाद उनके सामाजिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और समाज सेवा की भावना को जीवित रखने के लिए उनकी जमीन गोशाला के लिए दान करने का फैसला लिया गया है।

    यह जमीन पालघर जिले के वाडा तालुका में स्थित है, जहां ‘उमादेवी ओमप्रकाश शर्मा स्मृति मधुवन गोशाला’ की स्थापना की जाएगी। इस गोशाला का उद्देश्य बेसहारा, बीमार और कमजोर गोमाताओं की देखभाल और उपचार की सेवा करना होगा।

    उमादेवी शर्मा ने ठाणे में महिलाओं का एक समूह बनाकर गणगौर पूजा जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत भी की थी। उनके साथ कार्य करने वाली महिला सहयोगियों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए खुशी व्यक्त की है।

    इस अवसर पर उनकी सहयोगी रही महिला दल की सदस्य सुमन अत्री, डॉ. सविता इंदौरिया, रमा गौड़, सुलोचना शर्मा, संतोष सैनी, सुलोचना डोकवाल, सुमन शर्मा, बिंदु भोमिया, प्रेम शर्मा, बबली शर्मा, मनीषा शर्मा, रंजना गुप्ता, रीना शर्मा, मंजू भिंडा, सविता भिंडा, देवी ओझा और विमला मिश्रा सहित अन्य महिलाओं ने इस निर्णय की सराहना की।

    परिजनों ने बताया कि आज के समय में जहां जमीन के लिए लोग आपसी रिश्तों को भी भूल जाते हैं, वहीं विनोबा भावे की भूदान परंपरा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    शर्मा परिवार लंबे समय से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों में निःस्वार्थ भाव से कार्य करता रहा है। उमादेवी शर्मा की स्मृति में शुरू की जा रही यह पहल समाज सेवा और गौसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।

  • Thane News:ठाणे में गर्मी का कहर, पारा 40 डिग्री पर; दोपहर की धूप से नागरिक बेहाल

    Thane News:ठाणे में गर्मी का कहर, पारा 40 डिग्री पर; दोपहर की धूप से नागरिक बेहाल

    ठाणे (Thane News) | संवाददाता: मार्च के पहले ही सप्ताह में ठाणे शहर में गर्मी का असर तेज़ी से बढ़ने लगा है। मंगलवार को शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।

    हालांकि सुबह के समय हल्की ठंडक महसूस होती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी का असर बढ़ने लगता है। दोपहर में तेज धूप के कारण सड़कों पर ट्रैफिक भी कुछ कम दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, ठाणे में सामान्य तौर पर अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, लेकिन इस साल तापमान में 4 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फिलहाल शहर में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी परेशानी हो रही है।

    मनपा आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, शहर में न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर शहरों की गर्मी पर भी दिखाई दे रहा है। तेज धूप के कारण लोगों को डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    ठाणे जिला सिविल सर्जन डॉ. कैलाश पवार ने नागरिकों को सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्के व सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय गॉगल्स, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें और यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें।

    उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने पर ORS, नींबू पानी, छाछ और लस्सी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद होता है।

  • BNMC: भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की पहली महासभा टली, स्थायी समिति सभापति पद को लेकर राष्ट्रवादी (श.प.) में खींचतान

    BNMC: भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की पहली महासभा टली, स्थायी समिति सभापति पद को लेकर राष्ट्रवादी (श.प.) में खींचतान

    भिवंडी | संवाददाता: भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका (BNMC) की बहुप्रतीक्षित पहली महासभा सोमवार (9 मार्च) को आयोजित होने वाली थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। नगर सचिव विभाग ने अधिसूचना जारी कर बताया कि ‘अपरिहार्य कारणों’ की वजह से सभा को टाल दिया गया है।

    नगर निगम के आम चुनाव के बाद महापौर के चुनाव में करीब एक महीने का समय लगा था। इसके बाद 20 फरवरी को महापौर का चुनाव संपन्न हुआ था। वहीं, इसके लगभग 15 दिन बाद 9 मार्च को पहली महासभा आयोजित करने के लिए अधिसूचना जारी की गई थी।

    इस महासभा के एजेंडे में दो अहम विषय शामिल थे—

    • स्थायी समिति के 16 सदस्यों का चयन
    • प्रभाग समितियों का पुनर्गठन

    हालांकि, बैठक से ठीक पहले नगर सचिव विभाग ने इसे स्थगित करने का फैसला लिया। नगर निगम के गलियारों में चर्चा है कि सभा टलने के पीछे असली वजह स्थायी समिति के सभापति पद को लेकर राजनीतिक खींचतान है।

    बताया जा रहा है कि सेक्युलर फ्रंट गठबंधन के तहत स्थायी समिति का सभापति पद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के हिस्से में आया है। शुरुआत में यह संभावना जताई जा रही थी कि पूर्व उपमहापौर इमरान खान की बेटी ईशा खान को इस पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

    लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नगरसेवक फराज (बाबा) बहाउद्दीन ने भी इस पद के लिए अपना दावा पेश कर दिया है। इसी दावेदारी के चलते पार्टी के भीतर असंतोष और खींचतान बढ़ गई है, जिसे महासभा स्थगित होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।