भिवंडी। शहर में नाबालिगों के लापता होने की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। जनवरी 2025 से जून 2025 तक के छह महीनों में भिवंडी पुलिस उपायुक्त परिक्षेत्र से कुल 142 नाबालिग बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें 95 लड़कियां और 47 लड़के शामिल हैं। राहत की बात यह है कि पुलिस ने अब तक 126 बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला, यानी लगभग 90% मामलों में सफलता प्राप्त की है।
🔍 लापता होने के पीछे मुख्य कारण:
माता-पिता की डांट से घर छोड़ना
परीक्षा में कम अंक आने पर तनाव
प्रेम-प्रसंग में बहकाव
सोशल मीडिया और मोबाइल के ज़रिए गलत जानकारी
टीवी और OTT प्लेटफॉर्म से प्रभावित होकर गलत निर्णय
📊 आंकड़ों में लापता नाबालिग:
वर्ग
लापता
मिला
अभी लापता
लड़के
47
44
03
लड़कियाँ
95
82
13
कुल
142
126
16
👮 पुलिस की कार्रवाई और पुनर्वास
पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे के अनुसार, हर पुलिस स्टेशन में स्पेशल टीम गठित की गई है जो लापता बच्चों की खोज में लगी है। कई बच्चों को दूसरे राज्यों से लाया गया। लौटाए गए बच्चों की काउंसलिंग, मेडिकल जांच और आवश्यकता पड़ने पर POCSO एक्ट के तहत मामले दर्ज किए जाते हैं।
🧠 मनोचिकित्सकीय विश्लेषण
डॉ. विजय तेली, मनोचिकित्सक, ठाणे जिला अस्पताल के अनुसार— “मोबाइल, OTT, टीवी और संवाद की कमी, बच्चों को भ्रमित कर रही है। 15 से 18 साल की उम्र में उन्हें सही मार्गदर्शन और ध्यान की ज़रूरत है।”
भिवंडी (Bhivandi News)। दहेज के लिए प्रताड़ना और तीन तलाक (Triple Talaq Case) की एक चौंकाने वाली घटना ने फिर एक बार समाज को झकझोर कर रख दिया है। भिवंडी में एक 18 वर्षीय विवाहिता (Women Rights India) ने अपने पति सहित आठ ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है। पति ने सिर्फ इसलिए तलाक दे दिया क्योंकि पत्नी अपने मायके से 5 लाख रुपये दहेज में नहीं लाई।
यह मामला भिवंडी के कल्याण रोड क्षेत्र का है। पीड़िता की शादी जून 2025 में कोनगांव पुलिस थाना क्षेत्र के निवासी सैफ अली शब्बीर कुरैशी से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल वालों ने मायके से पांच लाख रुपये लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि जब उसका परिवार यह राशि देने में असमर्थ रहा, तो पति और ससुराल वाले उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।
पीड़िता के अनुसार, 2 जुलाई 2025 को पति ने सबके सामने उसे तीन बार “तलाक, तलाक, तलाक” कहकर छोड़ दिया। इसके साथ ही आरोपी की प्रेमिका ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि वह अपने पति से दूर हो जाए।
घटना के बाद महिला ने शांतिनगर पुलिस स्टेशन में पति, सास, ससुर, ननद, देवर, जेठ सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इन पर IPC की धारा 85, 115(2), 352, 351(2) (Anti Dowry Law) और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 की धारा 4 (Muslim Marriage Act 2019) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच पुलिस उपनिरीक्षक अवसारे द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय स्वाभिमान। संवाददाता भिवंडी। भिवंडी महानगरपालिका से सटे शेलार ग्रामपंचायत क्षेत्र में ग्राम विकास अधिकारी एवं प्रशासक सुधाकर सोनावणे द्वारा एक विवादास्पद निर्णय लिया गया है, जिसके तहत प्रत्येक घर से 200 रुपये प्रति माह जल शुल्क वसूलने का फरमान जारी किया गया है — भले ही घर में पानी का नल कनेक्शन हो या न हो।
📌 क्या है मामला?
शेलार की एक हाउसिंग सोसायटी को भेजे गए पत्र में बताया गया कि उसकी सोसाइटी में 8 नल कनेक्शन हैं, जिनका कुल मासिक बिल ₹1600 होता है। परंतु ग्राम पंचायत पर STEM Water Distribution & Infra Pvt. Ltd. और भिवंडी महानगरपालिका से पानी आपूर्ति के एवज में प्रति माह ₹3.5 लाख और ₹59,999 के बिल आ रहे हैं।
वर्तमान में ग्राम पंचायत पर ₹2.35 करोड़ से अधिक का पानी बिल बकाया है। इसे चुकाने के लिए प्रत्येक फ्लैट से 200 रुपये मासिक जल कर वसूलने की योजना बनाई गई है, चाहे उसने कनेक्शन लिया हो या नहीं।
⚠️ न्याय के नाम पर अन्याय?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह फरमान उन परिवारों पर भी लागू किया गया है जिन्होंने ग्राम पंचायत से कोई नल कनेक्शन लिया ही नहीं। मीटर खराब होने के बाद मनमानी दर से औसत बिल वसूले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों से आज भी ₹75–₹100 ही वसूले जाते हैं, जबकि बिल्डिंगों में रहने वालों पर सीधा ₹200 का बोझ डाला गया है।
इस दोहरे रवैये से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जो पानी पंचायत उन्हें पर्याप्त दे ही नहीं रही, उसका भुगतान वे क्यों करें?
🗂️ पृष्ठभूमि: बकाया कैसे बढ़ा?
अप्रैल माह में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटील ने भिवंडी तालुका की ग्राम पंचायतों पर लगे ₹9.71 करोड़ के बढ़े हुए पानी बिल और जुर्माना शुल्क माफ करवाए थे। स्टेम अथॉरिटी द्वारा 36 पंचायतों पर कुल ₹31.60 करोड़ बकाया था, जिसमें ₹8.58 करोड़ विलंब शुल्क था।
यह भी सामने आया कि पहले इन पंचायतों को अनुमानित जल आपूर्ति के आधार पर बिल भेजे जाते थे, जबकि मीटर लगाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पानी की आपूर्ति कम थी।
🧾 शेलार पंचायत को क्यों नहीं मिली पूरी राहत?
हालांकि शेलार पंचायत को जुर्माना माफी योजना में शामिल नहीं किया गया, लेकिन 24 किश्तों में भुगतान की सुविधा प्रदान की गई थी। अब पंचायत वह भार नागरिकों पर डाल रही है — जिससे जनता परेशान है।
🗣️ स्थानीय निवासियों की माँग:
जिनके पास नल कनेक्शन नहीं, उनसे शुल्क न वसूला जाए
बिलिंग में पारदर्शिता और उचित मीटरिंग हो
ग्राम पंचायत को सरकार से राहत पैकेज मिले, जनता से नहीं वसूला जाए कर्ज
राष्ट्रीय स्वाभिमान। संवाददाता भिवंडी। भिवंडी की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था भारतीय समाज उन्नति मंडळ के संस्थापक पद्मश्री अण्णासाहेब जाधव को सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए संत रविदास सामाजिक संस्था द्वारा मरणोपरांत ‘समाजभूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान विजय जाधव (अण्णासाहेब के सुपुत्र एवं संस्था के वर्तमान अध्यक्ष) ने राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक के करकमलों से स्वीकार किया। इस अवसर पर सांसद डॉ. हेमंत सावरा, पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष बबन नाइक, पूर्व IAS अधिकारी डॉ. किरण जाधव, समारोह अध्यक्ष एड. राजाराम मुकणे, संस्था अध्यक्ष संदेश जाधव, कार्याध्यक्ष भागीरथ भोईर, प्रमुख सलाहकार दीपक खांबीत सहित अनेक गणमान्य मंच पर उपस्थित थे।
🎉 संत रविदास सामाजिक संस्था का रजत जयंती समारोह
यह सम्मान समारोह संस्था के रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत वसई में आयोजित किया गया, जिसमें सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक क्षेत्र में योगदान देने वाले कई अन्य व्यक्तित्वों को भी मरणोपरांत ‘समाजभूषण’ सम्मान से अलंकृत किया गया:
दलितमित्र स्व. उल्हासराव भोईर,
स्व. नारायण भोईर,
शाहीर पांडुरंग वनमाली,
राघोबा वनमाली,
शिक्षाविद् एम.डी. भोईर,
महादेव खर्डीकर आदि।
इस अवसर पर दो पुस्तकों – 📘 ‘चर्मकार समाजाच्या चालीरीती’ (चर्मकार समाज के रीति-रिवाज) 📕 ‘समाजभूषण’ – का विमोचन भी संपन्न हुआ।
💬 “समाज के प्रति जिम्मेदारी बढ़ी है” – विजय जाधव
पुरस्कार स्वीकार करते हुए विजय जाधव ने संत रविदास संस्था का आभार जताते हुए कहा, “यह सम्मान न केवल अण्णा के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा है, बल्कि मेरी जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ गई है।”
👏 बधाई और सराहना
इस सम्मान को लेकर संस्था के कार्याध्यक्ष बालकृष्ण काले, महासचिव आर.एन. पिंजारी, एड. रोहित जाधव, प्रभारी प्राचार्या डॉ. सुवर्णा रावल, उपप्राचार्य डॉ. सुधीर निकम, डॉ. सुरेश भदरगे, डॉ. निनाद जाधव, डॉ. कुलदीप राठौड़, जूनियर कॉलेज पर्यवेक्षक एम.ओ. महाले, के.पी. अहिरे, श्रीकांत पाटिल सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों, शिक्षकों व गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने विजय जाधव को शुभकामनाएँ दीं।
राष्ट्रीय स्वाभिमान। संजय दुबे भिवंडी। जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से एस.आर. ग्रुप ऑफ़ कंपनीज द्वारा भिवंडी महानगरपालिका स्कूल नंबर 54, रावजी नगर में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक अत्याधुनिक जल शुद्धिकरण मशीन का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर उद्घाटन समारोह के मुख्य उद्घाटक श्री रमाकांत पांडा तथा प्रमुख अतिथि पूर्व नगरसेवक संतोष शेट्टी, एडवोकेट हर्षल पाटिल और प्रशांत लाड उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस सामाजिक पहल की सराहना की और संस्थाओं के प्रयासों की प्रशंसा की।
विद्यालय प्रशासन एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने एस.आर. ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के चेयरमैन रमाकांत पांडा, बिस्वारंजन पांडा और जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी मंगेश यादव तथा विनोद येनागंदला के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह पहल विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनके स्वास्थ्य और शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक सुधार की उम्मीद की जा रही है।
दुल्हन के वेश में रैंप वॉक, ऑनलाइन विवाह धोखाधड़ी पर जागरूकता कार्यक्रम | Navi Mumbai
नवी मुंबई, 25 जुलाई 2025: – वर्तमान बदलते सामाजिक ढाँचे में ऑनलाइन विवाह उद्योग में बढ़ती धोखाधड़ी, झूठी पहचान और आपराधिक प्रवृत्तियों के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से हाल ही में वाशी स्थित साहित्य मंदिर सभागार में एक जागरूकता कार्यक्रम “ऑनलाइन नवरा नको गं बाई…” का आयोजन किया गया। साथ ही, परंपरा और आधुनिकता का संगम करते हुए, देश के विभिन्न राज्यों की विवाह संस्कृति और दुल्हनों के परिधानों का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करते हुए, एक विविध फैशन शो का भी उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवतियों की तरह वरिष्ठ महिलाओं ने भी दुल्हन के वेश में रैंप वॉक कर उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। यह पहल नेत्रा एंटरप्राइजेज के बहुउद्देशीय मंच “वी मुक्ता” और स्विफ्ट डिटेक्टिव एंड इन्वेस्टिगेशन्स के सहयोग से कार्यान्वित की गई। इस अवसर पर, मुख्य वक्ता के रूप में प्रिया काकड़े (निदेशक, स्विफ्ट डिटेक्टिव एंड इन्वेस्टिगेशन्स) ने महिलाओं को वास्तविक उदाहरणों के साथ बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया। पारंपरिक दुल्हन के परिधानों के माध्यम से वैवाहिक संस्कृति में सुंदरता, विविधता और सुरक्षा का संदेश दिया गया।
प्रिया काकड़े ने अपने भाषण में हाल की कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं को सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने एक चौंकाने वाली घटना का खुलासा किया जिसमें पुणे की एक युवा आईटी इंजीनियर महिला को एक युवक ने 16 से 17 लाख रुपये की ठगी की। यह युवक उससे एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट पर मिला था और शादी के कुछ ही महीनों बाद फरार हो गया। एक अन्य घटना में, पुणे में शिक्षा के लिए रह रही एक युवती ने एक 75 वर्षीय व्यक्ति के साथ ‘शुगर डैडी’ संबंध शुरू कर दिया और उस पर निजी खर्च करने लगा और उसकी संपत्ति हड़पने की भी कोशिश की। ऐसा होने पर, उसकी पत्नी मदद लेने स्विफ्ट डिटेक्टिव एजेंसी आई।
इसके अलावा, उन्होंने विवाहेतर संबंधों, तलाक के लिए आवश्यक सबूत जुटाने और सोशल मीडिया के कारण बढ़ती दूरियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस व्याख्यान में, प्रिया काकड़े ने बताया कि प्रेम, विवाह या भावनात्मक सुरक्षा के नाम पर कई महिलाओं को जाल में फँसाया जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर 90% प्रोफ़ाइल फ़र्ज़ी हैं, और कुछ मामलों में, वित्तीय धोखाधड़ी के साथ-साथ लड़कियों को बेचे जाने के उदाहरण भी मिलते हैं।
कार्यक्रम का एक और विशेष आकर्षण “नववधू रैंप वॉक प्रतियोगिता” थी। इस प्रतियोगिता की खास बात यह थी कि कई वरिष्ठ महिलाएँ भी दुल्हन के रूप में सजकर रैंप पर उतरीं और उम्र की सीमा को तोड़ दिया। उनके परिधानों ने उनके युवा उत्साह और विवाह की रस्मों के प्रति सम्मान को दर्शाया। दर्शकों ने भी इस फ़ैशन शो का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागी महिलाओं को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस फ़ैशन शो में, बौद्ध समुदाय के दुल्हन परिधानों की जीवंत प्रस्तुति दी गई। कुछ महाराष्ट्रीयन दुल्हनों ने नौवारी साड़ी पहनी थी, कुछ राजस्थानी दुल्हनों ने पारंपरिक गोटा-पट्टी से सजी घाघरा-चोली पहनी थी, जबकि अन्य ने सिर पर बांधनी ओढ़नी और बोरला-झूबे पहनकर अपनी विशेष राजपूताना गरिमा का प्रदर्शन किया। गुजराती दुल्हनों के रूप में, कुछ महिलाओं ने “पनतोर” साड़ी और दाहिने कंधे से सीधा पल्लू लिए “घरचोल्या” प्रस्तुत किया; उस पर सजी उनकी पारंपरिक बड़ी चूड़ियाँ और झुमके विशेष ध्यान आकर्षित कर रहे थे। केरल की दुल्हन ने पारंपरिक सफेद-सुनहरे किनारे वाली “कासवु” साड़ी और सुनहरे गहनों से सजी कोमलता का प्रतीक एक उत्कृष्ट कृति प्रस्तुत की। मारवाड़ी दुल्हन की प्रस्तुति में, लाल और बैंगनी घाघरे में, अपने आधे चेहरे को पारंपरिक ओढ़नी से ढके, विस्तृत गहनों से सजी महिलाओं ने परंपरा की गरिमा को बरकरार रखा। बौद्ध दुल्हनों के रूप में भाग लेने वाली महिलाओं ने नीली या सफेद साड़ियाँ पहनी थीं, जो सरल लेकिन आत्म-जागरूक पोशाक थीं, और आत्मविश्वास के साथ रैंप पर चलीं, जो वैचारिक सौंदर्य और शांति का प्रतीक बन गईं।
वी मुक्ता की संस्थापक नेत्रा गुजराती ने कहा, “हमारे मंच का मुख्य उद्देश्य समाज में चल रहे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर चर्चा करके महिलाओं में जागरूकता पैदा करना है। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से खुद को बचाने के लिए सही मार्गदर्शन दिया है।” “इस फैशन शो का उद्देश्य केवल एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों की वैवाहिक संस्कृति और महिला सौंदर्य के विविध रंगों को प्रदर्शित करना भी था। दुल्हन के परिधानों में निहित शालीनता, सम्मान और परंपरा को समाज तक पहुँचाना ज़रूरी है।” इस कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने ‘विवाह-पूर्व प्रोफ़ाइल’ जाँच, धोखाधड़ी से बचाव के उपायों और जासूसी एजेंसियों की मदद से साक्ष्य एकत्र करने के बारे में गहराई से सीखा। कार्यक्रम के आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की गतिविधियाँ विवाह संस्था में आधुनिक आपराधिक प्रवृत्तियों की पहचान करने में मदद करती हैं, साथ ही महिलाओं को आत्मरक्षा का एक साधन भी प्रदान करती हैं।
“वाशी में आयोजित रैंप वॉक में दुल्हन के वेश में युवतियों और वरिष्ठ महिलाओं ने विभिन्न राज्यों की वैवाहिक संस्कृति की झलक दिखाई।”
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित और बहुमुखी प्रतिभा के धनी रजनीश मिश्रा को 16 जुलाई 2025 को आयोजित ग्रीन सिनेमा अवॉर्ड शो में बेस्ट फिल्म डायरेक्टर का अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। इस अवॉर्ड शो में इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों और दिग्गजों ने शिरकत की और रजनीश मिश्रा को इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई दी।
रजनीश मिश्रा ने हाल ही में याशी फिल्म्स और रेनू विजय फिल्म्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी सुपरहिट भोजपुरी फिल्म “सूर्यवंशम” का निर्देशन और संगीत निर्देशन किया था। इस फिल्म में पावर स्टार पवन सिंह, आस्था सिंह, शालू सिंह, चांदनी सिंह समेत कई लोकप्रिय कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं। फिल्म को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली और बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त सफलता प्राप्त हुई।
रजनीश मिश्रा ने अपनी कड़ी मेहनत, बेहतरीन संगीत और सशक्त निर्देशन से भोजपुरी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने “सूर्यवंशम” के अलावा भी कई सुपरहिट फिल्में इंडस्ट्री को दी हैं, जिनमें पटना से पाकिस्तान, मैं सहारा बंध के आऊंगा, मेहंदी लगा के रखना, निरहुआ हिंदुस्तानी-3 और बम बम बोल रहा है काशी जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की और भोजपुरी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया।
अवॉर्ड ग्रहण करते समय रजनीश मिश्रा ने कहा, “यह अवॉर्ड मेरे लिए बेहद खास है। मैं इस सम्मान को अपनी पूरी टीम और सभी दर्शकों को समर्पित करता हूँ, जिन्होंने मुझे हमेशा प्यार और समर्थन दिया है।”
उनकी इस उपलब्धि से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में खुशी की लहर है और यह सम्मान उनके टैलेंट और मेहनत का प्रमाण करता है।
रजनीश मिश्रा और पूरी टीम को इस सफलता के लिए ढेरों शुभकामनाएँ!
ठाणे। मुरबाड तहसील स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, धसाई में दिनांक 15 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अलका परगे ने दौरा कर कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की तथा क्षय रोग नियंत्रण के लिए चल रहे उपायों पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में डॉ. परगे की उपस्थिति में “निक्षय पोषण किट वितरण” नामक एक नई पहल की शुरुआत भी की गई। यह पहल एक गैर-सरकारी संगठन वेलफेयर सोसाइटी फॉर डेस्टिट्यूट चिल्ड्रन, एकलहरे के सहयोग से चलाई जा रही है, जिसके तहत मुरबाड तहसील के सभी सक्रिय टीबी रोगियों को नियमित पोषण किट वितरित की जाएगी।
इस मौके पर तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बनसोडे ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और क्षय रोग की रोकथाम तथा उपचार से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सामाजिक सहभागिता और जनजागरूकता पर ज़ोर देते हुए इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदकिशोर गोर्डे, स्वास्थ्य सहायक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। डॉ. परगे ने कहा कि, “यह पहल ना सिर्फ़ दवाओं तक सीमित है, बल्कि टीबी रोगियों के पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।”
ठाणे। राकांपा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक दल के नेता डॉ. जितेंद्र आव्हाड पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी और दुर्व्यवहार के विरोध में राकांपा (एनसीपी) ने ठाणे में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए “जूता मारो आंदोलन” किया।
यह आंदोलन एनसीपी के ज़िला अध्यक्ष सुहास देसाई, कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल और महिला अध्यक्ष सुजाताताई घाग के नेतृत्व में आयोजित किया गया। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “मंगलसूत्र चोर को गिरफ़्तार करो”, “मंगलसूत्र चोर को ज़ंजीरों में जकड़ो” जैसे नारे लगाए और विधायक गोपीचंद पडलकर के पुतले को जूतों से पीटा गया।
गौरतलब है कि यह विरोध उस घटना के बाद सामने आया जब विधानसभा के प्रवेश द्वार के पास डॉ. जितेंद्र आव्हाड अपने साथी धनंजय देशमुख के साथ टहल रहे थे, तभी विधायक पडलकर ने अचानक अपनी कार रोककर दरवाजा खोला और दुर्व्यवहार करते हुए उन पर कथित रूप से गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की।
इस मौके पर सुहास देसाई ने तीखा हमला करते हुए कहा कि “प्रगतिशील आंदोलन के कार्यकर्ताओं को शहरी नक्सली कहने का अधिकार किसने दिया? अगर ये गुंडागर्दी सत्ता में होने के कारण की जा रही है, तो यह लोकतंत्र की हत्या है।” उन्होंने गूगल से ली गई एक तस्वीर का हवाला देते हुए कहा, “अगर ऐसे लोग महाराष्ट्र का नेतृत्व करेंगे, तो राज्य का क्या होगा?”
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक पडलकर ने डॉ. आव्हाड की हत्या करने की कोशिश की है और चेतावनी दी कि “महाराष्ट्र कोई गधा नहीं है, इसका करारा जवाब दिया जाएगा।”
इस प्रदर्शन में सबिया मेमन, राजेश कदम, राजेश साटम, विक्रांत घाग, शिवा कालू सिंह, रत्नेश दुबे, रिंकू सिंह आदि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
ठाणे। मनपा अधिकारी शहर के विकास के बजाय अवैध वसूली में लगे हैं। राकांपा शहर अध्यक्ष सुहास देसाई ने खुलासा किया है कि ठाणे शहर में अनधिकृत निर्माण कार्य तेजी से बढ़े हैं और मनपा के कुछ अधिकारी 300 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से बिल्डरों से वसूली कर रहे हैं।
देसाई ने बी केबिन इलाके में खड़े आठ मंजिला टावर, खान कंपाउंड की कार्रवाई, बालकुम, ढोकाली, चरई, लोकमान्य नगर और वागले में चल रहे निर्माण कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि ये सभी निर्माण अधिकारी की मिलीभगत से हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई, लेकिन सवाल उठता है कि जब इमारतें बन रही थीं, तब अधिकारी क्या कर रहे थे? उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्सपेयर्स के पैसे से इन अवैध संरचनाओं को तोड़ा जा रहा है, जबकि खर्च संबंधित अधिकारियों से वसूला जाना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रकाश पाटिल, सुजाता घाग, रचना वैद्य, राजेश कदम, राजू चपले आदि भी मौजूद थे।
देसाई ने चेतावनी दी कि यदि आयुक्त ने जल्द ही कार्रवाई नहीं की और भ्रष्ट अधिकारियों को बर्खास्त नहीं किया, तो शहर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।