The real test is not whether you avoid this failure, because you won’t. It’s whether you let it harden or shame you into inaction, or whether you learn from it; whether you choose to persevere.
मुंबई। मुंबई में रोबोटिक तकनीक की मदद से बिना सीमेंट वाला टोटल घुटना प्रत्यारोपण (Uncemented Total Knee Replacement) सफलतापूर्वक किया गया। यह सर्जरी प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विविद्ध मकवाना ने की।
इस आधुनिक प्रक्रिया में रोबोटिक तकनीक की सहायता से सर्जरी से पहले घुटने का 3D मैप तैयार किया जाता है, जिससे ऑपरेशन के दौरान इम्प्लांट को बेहद सटीकता से लगाया जा सकता है। पारंपरिक घुटना प्रत्यारोपण में जहां इम्प्लांट को हड्डी से जोड़ने के लिए बोन सीमेंट का उपयोग किया जाता है, वहीं इस नई तकनीक में छिद्रयुक्त (porous) इम्प्लांट लगाया जाता है, जिसमें मरीज की हड्डी धीरे-धीरे विकसित होकर उसे प्राकृतिक रूप से मजबूत पकड़ देती है। इसे जैविक स्थिरीकरण (Biological Fixation) कहा जाता है।
डॉ. मकवाना के अनुसार, घुटने के उन्नत ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित मरीजों के लिए इस तरह की सर्जरी से न केवल दर्द में राहत मिलती है, बल्कि चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए उपयुक्त हो सकती है जिनकी हड्डियों की गुणवत्ता अच्छी होती है। सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथेरेपी और पुनर्वास से मरीज की ताकत और गतिशीलता तेजी से सुधरती है।
पुणे:महेश सहकारी बैंक लि.(पुणे) की नई शाखा का आज(12 मार्च 2026) शिवणे क्षेत्र में भव्य उद्घाटन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 12 मार्च 2026 को शाम 5:00 बजे से 8:30 बजे तक आयोजित होगा। नई शाखा का उद्घाटन बैंक के संस्थापक अध्यक्ष हीरालालजी मालू के हाथों किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष एवं उद्योगपति गिरधरजी काले विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में बैंक के अध्यक्ष जुगलकिशोर पुंगालिया, उपाध्यक्ष अजय लद्धा तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिलिंद गवासाने सहित बैंक के सभी निदेशक मंडल और प्रबंधन समिति के सदस्य मौजूद रहेंगे। बैंक प्रबंधन ने शहर के नागरिकों, ग्राहकों और शुभचिंतकों से उद्घाटन समारोह में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया है।
नई शाखा का पता सर्वे नंबर 31/2, फ्लोर शॉप नंबर 1 व 2, एनडीए रोड, इंगले कॉलोनी, शिवणे, पुणे – 411023 है। बैंक प्रशासन ने सभी अतिथियों से अनुरोध किया है कि समारोह में किसी प्रकार के उपहार या बुके न लाएं और अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाएं।
नई दिल्ली: देश की सरकारी तेल कंपनियों ने 8 मार्च 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन के रेट अपडेट करती हैं। इन कीमतों को तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।
फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और अन्य टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें अलग बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के भाव
8 मार्च 2026 को जारी ताजा रेट के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72, डीजल ₹87.62 प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल ₹104.21, डीजल ₹92.15 प्रति लीटर
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69, डीजल ₹87.80 प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94, डीजल ₹90.76 प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75, डीजल ₹92.34 प्रति लीटर
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92, डीजल ₹89.02 प्रति लीटर
जयपुर: पेट्रोल ₹104.72, डीजल ₹90.21 प्रति लीटर
पटना: पेट्रोल ₹105.58, डीजल ₹93.80 प्रति लीटर
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30, डीजल ₹82.45 प्रति लीटर
कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती है। इनमें सबसे अहम कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत होती है, जिसे भारत बड़े पैमाने पर विदेशों से आयात करता है।
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है तो उसका असर सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम होती है। अगर रुपया कमजोर होता है तो तेल आयात महंगा हो जाता है।
साथ ही केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट भी ईंधन के दाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग-अलग होती है।
SMS से घर बैठे जानें अपने शहर का रेट
अगर आप अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जानना चाहते हैं तो मोबाइल से SMS भेजकर भी जानकारी ले सकते हैं।
इंडियन ऑयल: RSP + शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजें
भारत पेट्रोलियम: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें
हिंदुस्तान पेट्रोलियम: HP Price लिखकर 9222201122 पर SMS करें
कुछ ही सेकंड में आपको अपने शहर का ताजा रेट मिल जाएगा।
लंबे समय से स्थिर हैं ईंधन की कीमतें
मई 2022 में केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी हुई है। हालांकि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर मामूली बदलाव करती रहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों या रुपये की स्थिति में बड़ा बदलाव होता है तो इसका असर पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी देखने को मिल सकता है।
इज़राइल-ईरान तनाव की खबरों के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह, लोग ड्रम-कैन लेकर तेल भरवाने पहुंचे; प्रशासन ने कहा—सप्लाई पूरी तरह सामान्य
लखनऊ / उत्तर प्रदेश: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की खबरों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को लेकर फैल रही चर्चाओं और अफवाहों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक हलचल पैदा कर दी है। कहीं पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी है तो कहीं लोग अपनी गाड़ियों के साथ ड्रम, कैन और गैलन लेकर डीजल-पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं।
हालात ऐसे बन गए हैं कि सामान्य दिनों में शांत रहने वाले पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। कई जगहों पर लोगों के बीच जल्द से जल्द तेल भरवाने की होड़ दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर भी इसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लाइन सड़क तक पहुंचती नजर आ रही है और लोग घंटों इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं।
कई जिलों में दिखा अफवाह का असर
दरअसल पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इन खबरों के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा फैल गई कि अगर युद्ध लंबा खिंच गया तो पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसी आशंका ने धीरे-धीरे अफवाह का रूप ले लिया। कई इलाकों में यह बात फैलने लगी कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है या इनके दाम अचानक बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि लोग पहले से ही पेट्रोल और डीजल जमा करने की कोशिश में लग गए हैं।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में इस अफवाह का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। जिले के निघासन और भीरा थाना क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। लोग मोटरसाइकिल, कार और ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। कई लोग प्लास्टिक के कैन, ड्रम और गैलन लेकर भी पहुंचे ताकि ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाकर घर में स्टॉक कर सकें।
इसी तरह वाराणसी, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा और बाराबंकी जैसे जिलों में भी पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ स्थानों पर सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। कुछ जगहों पर लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए, जबकि कई लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहे।
एक चश्मदीद ने बताया कि भीड़ का मुख्य कारण लोगों में फैला डर है। उनके मुताबिक पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात की खबरों के बाद लोगों को लगने लगा है कि कहीं पेट्रोल और डीजल की कमी न हो जाए, इसलिए लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवा रहे हैं।
किसानों की भी बढ़ी चिंता
बाराबंकी जिले में भी पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी की चर्चा ने लोगों को परेशान कर दिया। यहां श्री विष्णु नारायण फिलिंग सेंटर आजगना, सद्दीपुर थाना जहांगीराबाद और तहसील फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ देखी गई।
जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ सौ से अधिक किसान ड्रम और कैन लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। कई किसान ट्रैक्टर लेकर भी पहुंचे ताकि एक बार में ज्यादा मात्रा में डीजल भरवा सकें। किसानों का कहना है कि इस समय खेती का मौसम चल रहा है और खेतों में काम के लिए डीजल बेहद जरूरी है। अगर अचानक डीजल की कमी हो गई या दाम बढ़ गए तो खेती पर सीधा असर पड़ सकता है।
पेट्रोल पंपों पर बढ़ी परेशानी
पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लाइनों की वजह से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग केवल अपनी गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल भरवाने आए थे, लेकिन उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा।
पेट्रोल पंप कर्मचारियों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है। बाराबंकी के फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मालिक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि पेट्रोल पंप पर तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
मशीन खराब होने से बढ़ी लाइन
कुछ पेट्रोल पंपों पर तकनीकी दिक्कतों ने भी स्थिति को और कठिन बना दिया। पंपकर्मियों के अनुसार एक मशीन खराब होने की वजह से डीजल वितरण की गति धीमी हो गई, जिससे लाइन और लंबी होती चली गई और लोगों को ज्यादा देर तक इंतजार करना पड़ा।
प्रशासन ने किया स्पष्ट
पूरे मामले को लेकर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि कुछ लोग अफवाह (Rumors of a petrol and diesel shortage) फैलाकर अनावश्यक घबराहट पैदा कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन लगातार लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें यह जरूर दिखा रही हैं कि अफवाहें कभी-कभी जमीनी हालात को असामान्य बना देती हैं।
नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। देश के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक Axis Bank ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla के लिए भारत में ‘पसंदीदा फाइनेंसर’ बन गया है।
इस साझेदारी का सीधा मतलब है कि अब भारतीय ग्राहकों के लिए टेस्ला कार खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। बैंक ग्राहकों को लचीले और लंबे समय के लोन विकल्प उपलब्ध कराएगा, जिससे प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सपना पूरा करना सरल हो सकेगा।
ग्राहकों को मिलेंगे कई खास फायदे
एक्सिस बैंक और टेस्ला के बीच हुआ यह करार पूरी तरह से ग्राहक-केंद्रित बताया जा रहा है। बैंक ने प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कई खास सुविधाएं पेश की हैं।
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टेस्ला कार के लिए 10 साल तक का लंबा लोन कार्यकाल उपलब्ध कराया जाएगा। आमतौर पर कार लोन 5 से 7 साल के लिए मिलता है, लेकिन इस योजना में लंबी अवधि के कारण मासिक किस्त (EMI) काफी कम हो सकती है।
इसके अलावा, कार बुकिंग से लेकर लोन मंजूरी तक की पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत डिजिटल होगी। यानी ग्राहकों को बैंक शाखा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी औपचारिकताएं ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी।
बैंक ग्राहकों की आय और नकदी प्रवाह को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज्ड पेमेंट प्लान भी तैयार करेगा। इससे हर ग्राहक को अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार पुनर्भुगतान की सुविधा मिल सकेगी।
तुरंत लोन मंजूरी का दावा
बैंक का कहना है कि पात्र ग्राहकों को ऑनबोर्डिंग के दौरान इंस्टेंट लोन अप्रूवल भी मिल सकता है। इससे वाहन खरीदने की प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी।
इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक Munish Sharda ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से बढ़ रही है और टेस्ला के साथ यह साझेदारी वैश्विक स्तर की इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय ग्राहकों के लिए ज्यादा सुलभ बनाएगी।
उन्होंने कहा कि बैंक भविष्य को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और जिम्मेदार बैंकिंग समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
देशभर में मिलेगा लाभ
यह पहल केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के उभरते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब में भी लागू की जाएगी। इस साझेदारी का उद्देश्य वाहन खरीदने की शुरुआती वित्तीय बाधाओं को कम करना और प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों के अनुभव को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला और एक्सिस बैंक की यह साझेदारी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को नई गति दे सकती है और प्रीमियम ईवी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ा सकती है।
नवी मुंबई। सीबीडी बेलापुर स्थित State Bank of India की शाखा में सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर 51 लोगों द्वारा करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी(Bank Fraud) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे येमनाथ नाइक राठोड़, सद्दाम अली शेख और उन्हें काम सौंपने वाले राजू नायके का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि येमनाथ राठोड़ Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) में कार्यरत है और वह सीआरपीएफ कर्मियों की व्यक्तिगत ऋण फाइलें एसबीआई में मंजूरी के लिए ले जाता था। इसी दौरान उसकी बैंक अधिकारियों से पहचान हो गई, जिसका उसने दुरुपयोग किया।
आरोप है कि अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच राठोड़ ने 51 व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 6.90 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत ऋण मंजूर करा लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने कुछ महीनों तक किस्तें भरकर बैंक का विश्वास भी जीत लिया, लेकिन बाद में खातों में वेतन आना बंद हो गया और खाते एनपीए की स्थिति में पहुंचने लगे। इसी के बाद बैंक को शक हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लोन लेने के लिए GAIL, Bharat Heavy Electricals Limited (भेल), Steel Authority of India Limited (सेल), Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी), Indian Oil Corporation (आईओसीएल), Hindustan Aeronautics Limited, Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) और National Highways Authority of India (एनएचएआई) जैसी नामी सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र तैयार किए थे।
जब बैंक ने संबंधित कंपनियों के मुंबई और हैदराबाद कार्यालयों से संपर्क कर सत्यापन किया तो पता चला कि जिन 51 लोगों के नाम पर लोन लिया गया, वे इनमें से किसी भी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं। इसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा बैंक की आंतरिक प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच से एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए अगले सात वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया है। उनका लक्ष्य साफ है—जिस तरह Jio Platforms ने इंटरनेट को हर हाथ तक पहुंचाया, उसी तरह अब AI को हर भारतीय के लिए सस्ता और सुलभ बनाया जाएगा।
AI Investment Plan के लिए विदेशी निर्भरता खत्म करने पर जोर
अंबानी ने कहा कि भारत को अपनी तकनीकी जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा है। उन्होंने इसे “इंटेलिजेंस को किराये पर लेना” बताया और स्पष्ट किया कि देश को अपना सुरक्षित और स्वदेशी AI इकोसिस्टम विकसित करना होगा।
उनके अनुसार, जियो ने देश को डेटा क्रांति से जोड़ा था, और अब रिलायंस भारत को “एज ऑफ इंटेलिजेंस” में ले जाने की तैयारी कर चुका है।
रिलायंस के AI मिशन के 3 प्रमुख आधार
1. जामनगर में अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर जामनगर में विश्वस्तरीय एआई डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जो 10 गीगावाट ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे। इससे तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम रहेगा।
2. जियो नेटवर्क के जरिए लो-लेटेंसी AI सेवाएं देशभर में फैले जियो के टेलीकॉम नेटवर्क का उपयोग कर ऐसा डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे बिना रुकावट (लो-लेटेंसी) के AI सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
3. गांव-गांव तक AI की पहुंच रिलायंस एक सुरक्षित और व्यापक सिस्टम विकसित करेगा, जिसका लाभ केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। यह तकनीक गांवों के खेतों, छोटे स्कूलों, मोहल्ले के क्लीनिकों और किराना दुकानों तक पहुंचेगी।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम
मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि यह निवेश केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उनका मानना है कि जियो भारत के AI ट्रांसफॉर्मेशन की धुरी बनेगी और इससे सरकारी सेवाओं, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आएगा।
यह पहल भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
कल्पना कीजिए कि आप बादलों के ऊपर सफर कर रहे हैं, लेकिन न इंजन का तेज शोर है और न ही धुआं। यह अब सपना नहीं रहा। Air New Zealand ने अपने ‘मिशन नेक्स्ट जेनरेशन एयरक्राफ्ट’ के तहत पहले ऑल-इलेक्ट्रिक विमान की सफल टेस्टिंग पूरी कर ली है।
यह पहल विमानन क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति मानी जा रही है, जो भविष्य में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम कर सकती है।
अमेरिका–न्यूजीलैंड की साझेदारी
ग्रीन एयर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए एयर न्यूजीलैंड ने अमेरिकी कंपनी BETA Technologies के साथ साझेदारी की है।
इस समझौते के तहत ‘ALIA’ नाम के इलेक्ट्रिक विमान को चुना गया है। यह विमान eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग) तकनीक पर आधारित है, यानी यह हेलिकॉप्टर की तरह सीधा ऊपर उठ सकता है और उतर सकता है।
टेस्टिंग के दौरान इस विमान ने न्यूजीलैंड के पहाड़ी इलाकों और समुद्र के ऊपर उड़ान भरते हुए एक बार चार्ज होने पर 480 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की। छोटे रूटों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
क्यों खास है ALIA?
यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है और उड़ान के दौरान कार्बन उत्सर्जन नहीं करता।
इसका शोर बेहद कम है—घरेलू वैक्यूम क्लीनर या मिक्सी से भी कम।
खराब मौसम और तेज हवाओं में भी इसने 2000 फीट की ऊंचाई पर सफल उड़ान भरी।
इसकी ताकत पारंपरिक टर्बोप्रॉप इंजनों के बराबर मानी जा रही है।
2050 नेट-जीरो लक्ष्य की ओर कदम
न्यूजीलैंड सरकार ने 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। एयर न्यूजीलैंड का यह कदम न केवल इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, बल्कि दुनिया को यह संदेश देगा कि बिजली से हवाई सफर अब हकीकत बनने की राह पर है।
अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो आने वाले समय में आसमान में उड़ते विमान शोर और धुएं से मुक्त नजर आ सकते हैं।
भगोड़े कारोबारी Vijay Mallya ने भारत लौटने को लेकर असमर्थता जताई है। बुधवार को Bombay High Court में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि वह भारत कब लौट पाएंगे।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आलोक आराधे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ कर रही है। पिछली सुनवाई में अदालत ने माल्या से पूछा था कि क्या उनका भारत लौटने का इरादा है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि उनकी अनुपस्थिति में याचिकाओं पर सुनवाई करना मुश्किल होगा।
माल्या ने क्या कहा?
माल्या की ओर से वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने अदालत में उनका बयान पढ़ा। बयान में कहा गया कि उनका भारतीय पासपोर्ट 2016 में रद्द कर दिया गया था। साथ ही, यूनाइटेड किंगडम की अदालतों के आदेशों के कारण वह ब्रिटेन से बाहर यात्रा नहीं कर सकते।
दलील दी गई कि उन्हें किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज के लिए आवेदन करने या उसे रखने की अनुमति नहीं है। ऐसे में वह यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि भारत कब लौट सकेंगे।
माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में रह रहे हैं।
किन याचिकाओं पर चल रही है सुनवाई?
माल्या ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं—
उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती।
भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती।
बचाव पक्ष का कहना है कि आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के लिए उनका भारत में मौजूद होना जरूरी नहीं है।
क्या हैं आरोप?
70 वर्षीय माल्या पर बैंकों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी में चूक और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। जनवरी 2019 में एक विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था।
हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को माल्या के बयान पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।
नई दिल्ली। IDBI बैंक के विनिवेश (IDBI Bank Disinvestment) की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। स्ट्रेटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट के तहत कोटक महिंद्रा बैंक, एमिरेट्स NBD और फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स ने अपनी फाइनेंशियल बोलियां जमा कर दी हैं।
एमिरेट्स NBD दुबई सरकार के स्वामित्व वाला बैंक है, जबकि फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी है। शॉर्टलिस्ट किए गए इन तीनों बोलीदाताओं की फाइनेंशियल बिड का अब तय प्रक्रिया के तहत वैल्यूएशन किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, फाइनल चयन केवल सबसे ऊंची बोली के आधार पर नहीं होगा। इसमें प्राइस के साथ-साथ कई क्वालिटेटिव और रेगुलेटरी फैक्टर्स को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि बैंक की दीर्घकालिक स्थिरता और प्रबंधन क्षमता सुनिश्चित की जा सके।
DIPAM ने की फाइनेंशियल बिड्स की पुष्टि
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने पहले ही फाइनेंशियल बिड्स मिलने की पुष्टि कर दी थी। DIPAM सचिव ने 6 फरवरी को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी थी कि IDBI बैंक के स्ट्रेटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट के लिए फाइनेंशियल ऑफर प्राप्त हो चुके हैं और उनका मूल्यांकन तय प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
शॉर्टलिस्ट किए गए निवेशकों से फाइनल फाइनेंशियल ऑफर मिलने के बाद यह सौदा अपने निर्णायक मूल्यांकन चरण में प्रवेश कर जाता है।
सरकार और LIC बेचेगी 60.72% हिस्सेदारी
इस स्ट्रेटेजिक सेल में IDBI बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी के साथ-साथ मैनेजमेंट कंट्रोल का हस्तांतरण भी शामिल है। केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर बैंक में कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसमें सरकार की 30.48 प्रतिशत और LIC की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है।
यह विनिवेश केंद्र सरकार के व्यापक स्ट्रेटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नॉन-टैक्स रेवेन्यू बढ़ाना और नॉन-कोर सेक्टर्स में सरकारी भागीदारी को कम करना है।
2021 में PCA से बाहर निकलने के बाद बढ़ी रफ्तार
IDBI बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया को मार्च 2021 में नई गति मिली थी, जब बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क से बाहर निकला। एसेट क्वालिटी, कैपिटल एडिक्वेसी और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार के बाद PCA से बाहर आना प्राइवेट निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक अहम शर्त माना जा रहा था। अब फाइनेंशियल बिड्स के मूल्यांकन के साथ IDBI बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया अपने सबसे अहम मोड़ पर पहुंच गई है।