Category: Mumbai

  • University of Bristol के साथ महाराष्ट्र सरकार का समझौता, मेधावी छात्रों को मिलेगी 100% ट्यूशन फीस माफी

    University of Bristol के साथ महाराष्ट्र सरकार का समझौता, मेधावी छात्रों को मिलेगी 100% ट्यूशन फीस माफी

    मुंबई। महाराष्ट्र सरकार और University of Bristol मुंबई कैंपस प्राइवेट लिमिटेड के बीच विधान भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली और जरूरतमंद छात्रों को विश्व स्तरीय उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

    यह समझौता मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री Chandrakant Patil, अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, ब्रिस्टल विश्वविद्यालय की कुलपति एवं अध्यक्ष प्रो. एवलिन वेल्च, मुख्य परिचालन अधिकारी लुसिंडा पार, निदेशक जूलिया हॉल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विन दमेरा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


    मुख्यमंत्री का वक्तव्य

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कहा कि ब्रिस्टल विश्वविद्यालय जैसे विश्व प्रसिद्ध संस्थान के साथ साझेदारी करना महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा जगत के सहयोग से राज्य के छात्रों के लिए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।


    ‘मुख्यमंत्री–ब्रिस्टल विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति योजना’

    समझौते के तहत एक संयुक्त छात्रवृत्ति योजना विकसित की जाएगी, जिसका नाम होगा — ‘मुख्यमंत्री और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति योजना’।

    योजना की प्रमुख विशेषताएं:

    ✔ सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित लेकिन मेधावी छात्रों को प्राथमिकता
    ✔ चयनित छात्रों की पूरी डिग्री अवधि तक 100% ट्यूशन फीस माफ
    ✔ छात्रवृत्ति का संपूर्ण खर्च ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, मुंबई परिसर द्वारा वहन

    इस पहल से महाराष्ट्र के उन छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा, जो आर्थिक बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।

  • Right of Children to Free and Compulsory Education Act में बड़ा बदलाव: नासिक में अब 10 स्कूल चुन सकेंगे अभिभावक

    Right of Children to Free and Compulsory Education Act में बड़ा बदलाव: नासिक में अब 10 स्कूल चुन सकेंगे अभिभावक

    नासिक। शिक्षा के अधिकार कानून यानी Right of Children to Free and Compulsory Education Act (आरटीई) के तहत इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार अब अभिभावक ऑनलाइन आवेदन करते समय अधिकतम 10 स्कूलों का चयन कर सकेंगे।

    घर के पास स्कूल को प्राथमिकता

    नई व्यवस्था के तहत आवेदन पोर्टल पर आवेदक के पते से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को उनके घर के नजदीक स्कूल में प्रवेश दिलाना और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

    शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे केवल एक स्कूल पर निर्भर न रहें, बल्कि अधिक विकल्प चुनें ताकि चयन की संभावना बढ़ सके।


    सीटें और स्कूलों की स्थिति

    • पिछले वर्ष पंजीकृत स्कूल: 410
    • इस वर्ष पंजीकृत स्कूल: 393
    • कुल उपलब्ध सीटें: 5,622
    • लगभग 17 स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया बंद
    • पिछले वर्ष शून्य प्रवेश वाले 15 स्कूल प्रशासन की निगरानी में

    प्रवेश के मुख्य मानदंड

    ✔ विद्यार्थी आर्थिक रूप से दुर्बल वर्ग (EWS) या वंचित घटक से होना चाहिए।
    ✔ परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो।
    ✔ निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल) और अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य।


    पूरी तरह ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली

    इस वर्ष चयन प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और ऑनलाइन होगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की संभावना समाप्त होगी। परिणाम घोषित होने के बाद चयनित अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

    शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 25 प्रतिशत कोटे के तहत पात्र सभी स्कूलों को पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा, अन्यथा उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।


    अभिभावकों को मिलने वाले लाभ

    🔹 अधिक विकल्प: एक साथ 10 स्कूलों के चयन की सुविधा।
    🔹 नजदीकी स्कूल: घर के पास प्रवेश मिलने की संभावना अधिक।
    🔹 धन की बचत: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, भागदौड़ से मुक्ति।
    🔹 पारदर्शिता: चयन प्रक्रिया और परिणाम पूरी तरह स्पष्ट।

  • AISF: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन का नासिक में आंदोलन: 18,000 मराठी स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ बिगुल

    AISF: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन का नासिक में आंदोलन: 18,000 मराठी स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ बिगुल

    नासिक/मुंबई। महाराष्ट्र में कम छात्र संख्या (पटसंख्या) का हवाला देते हुए लगभग 18,000 सरकारी मराठी स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की खबर ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। इस निर्णय के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने नासिक में बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है।

    26 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन

    एआईएसएफ(AISF) के नेतृत्व में गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे नासिक के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि स्कूलों में छात्र संख्या स्वाभाविक रूप से कम नहीं हुई, बल्कि वर्षों की सरकारी उपेक्षा के कारण यह स्थिति पैदा की गई है।

    आंदोलनकारियों का कहना है कि:

    • कई स्कूलों की इमारतें जर्जर अवस्था में हैं
    • मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है
    • वर्षों से नई शिक्षक भर्ती बंद है
    • शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे गए
    • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए

    इन सब कारणों से अभिभावक मजबूर होकर बच्चों को निजी स्कूलों की ओर भेज रहे हैं, जिससे सरकारी स्कूलों की पटसंख्या घटती गई।


    आंदोलन की रूपरेखा

    • दिनांक: गुरुवार, 26 फरवरी 2026
    • समय: दोपहर 12:00 बजे
    • स्थान: जिलाधिकारी कार्यालय, नासिक
    • नेतृत्व: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ)

    निजीकरण का बढ़ता खतरा

    एआईएसएफ का आरोप है कि यह निर्णय शिक्षा के निजीकरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में मराठी माध्यम के सरकारी स्कूल बंद होते हैं, तो:

    • गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा महंगी हो जाएगी
    • कई छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं
    • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का ढांचा कमजोर पड़ेगा
    • मराठी माध्यम की शैक्षणिक परंपरा को झटका लगेगा

    संगठन का यह भी कहना है कि मराठी भाषा और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की नीति के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।


    जनआंदोलन बनाने की तैयारी

    एआईएसएफ की टीमें नासिक जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में जाकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर रही हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हों, ताकि सरकार को यह निर्णय वापस लेने पर मजबूर किया जा सके।

    संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल बंद करने की प्रक्रिया नहीं रोकी गई, तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा।

  • Drugs Racket: बांद्रा टर्मिनस पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई,  13.834 किलो चरस बरामद!

    Drugs Racket: बांद्रा टर्मिनस पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 13.834 किलो चरस बरामद!

    आर.एस. नेटवर्क। सुजीत मिश्र

    मुंबई: पश्चिम रेलवे के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी(Drugs racket) के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुम्बई डिवीजन स्थित बाँद्रा टर्मिनस स्थित आरपीएफ़ ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 13.834 किलोग्राम चरस बरामद की है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹13 करोड़ 83 लाख 40 हजार आंकी गई है।


    यह कार्रवाई पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त के नेतृत्व तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के दिशा-निर्देश में की गई। सुरक्षा आयुक्त रजत कुंदगीर एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त अजीत डी. माने के मार्गदर्शन में मुंबई सेंट्रल मंडल की टीम ट्रेनों में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध सतत अभियान चला रही है।
    21 फरवरी 2026 को लगभग 4:20 बजे गाड़ी संख्या 19038 (अवध एक्सप्रेस) के बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफार्म संख्या 4 पर आगमन के पश्चात कोच लॉकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक को गार्ड के समीप स्थित सामान्य डिब्बे में एक लावारिस बैग संदिग्ध अवस्था में मिला। तत्काल इसकी सूचना ड्यूटी अधिकारी को दी गई जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और संयुक्त जाँच प्रारंभ की गई। घटनास्थल पर आरपीएफ, (जीआरपी), डॉग स्क्वॉड तथा एफएसएल टीम को बुलाया गया। आरपीएफ के नार्को विशेषज्ञ डॉग “टैंगा” तथा जीआरपी के डॉग “रॉकी” द्वारा बैग में मादक पदार्थ होने की पुष्टि की गई। स्वतंत्र पंचों की उपस्थिति में जब बैग को खोला गया तो उसमें कपड़ों के भीतर सावधानीपूर्वक छिपाकर रखे गए 31 पैकेट चरस बरामद हुए।
    मौके पर प्रत्येक पैकेट का वजन किया गया, जिसमें कुल वजन 13.834 किलोग्राम पाया गया। एफएसएल टीम द्वारा संदिग्ध सामग्री की प्राथमिक जाँच की गई तथा संपूर्ण कार्रवाई की वीडियोग्राफी आईपीएफ जगदीश जाट व आरपीएफ़ के विनीत कुमार की देख रेख में कई गई व फोटोग्राफी के साक्ष्य को सुरक्षित किए गए।
    इस संबंध में जीआरपी बांद्रा द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8(C) एवं 20(b)(ii)(C) के तहत अपराध क्रमांक 42/26 दिनांक 21.02.2026 को मामला दर्ज कर आगे की जाँच प्रारंभ कर दी गई है।
    रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों एवं जवानों की सतर्कता, सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के परिणामस्वरूप यह बड़ी तस्करी प्रयास विफल हुआ। इस कार्रवाई को ट्रेनों के माध्यम से संचालित मादक पदार्थ नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार माना जा रहा है।
    आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि रेलवे परिसरों में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध इसी प्रकार सघन निगरानी एवं अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। ज्ञातव्य हो कि आईपीएफ जगदीश पी जाट ने जब से बाँद्रा टर्मिनस का चार्ज लिया है तब से असामाजिक तत्वों एवं मादक पदार्थो के सप्लाई करने वालों की कमर तोड़ कर रख दी है।

  • Bank Fraud: नवी मुंबई में 6.90 करोड़ की SBI बैंक से धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेजों से 51 लोगों ने लिया लोन

    Bank Fraud: नवी मुंबई में 6.90 करोड़ की SBI बैंक से धोखाधड़ी, फर्जी सरकारी दस्तावेजों से 51 लोगों ने लिया लोन

    नवी मुंबई। सीबीडी बेलापुर स्थित State Bank of India की शाखा में सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र के आधार पर 51 लोगों द्वारा करीब 6 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी(Bank Fraud) किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

    जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे येमनाथ नाइक राठोड़, सद्दाम अली शेख और उन्हें काम सौंपने वाले राजू नायके का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि येमनाथ राठोड़ Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) में कार्यरत है और वह सीआरपीएफ कर्मियों की व्यक्तिगत ऋण फाइलें एसबीआई में मंजूरी के लिए ले जाता था। इसी दौरान उसकी बैंक अधिकारियों से पहचान हो गई, जिसका उसने दुरुपयोग किया।

    आरोप है कि अक्टूबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच राठोड़ ने 51 व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 6.90 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत ऋण मंजूर करा लिया। लोन स्वीकृत होने के बाद आरोपियों ने कुछ महीनों तक किस्तें भरकर बैंक का विश्वास भी जीत लिया, लेकिन बाद में खातों में वेतन आना बंद हो गया और खाते एनपीए की स्थिति में पहुंचने लगे। इसी के बाद बैंक को शक हुआ।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लोन लेने के लिए GAIL, Bharat Heavy Electricals Limited (भेल), Steel Authority of India Limited (सेल), Oil and Natural Gas Corporation (ओएनजीसी), Indian Oil Corporation (आईओसीएल), Hindustan Aeronautics Limited, Bharat Sanchar Nigam Limited (बीएसएनएल) और National Highways Authority of India (एनएचएआई) जैसी नामी सरकारी कंपनियों के फर्जी पहचान पत्र और वेतन प्रमाणपत्र तैयार किए थे।

    जब बैंक ने संबंधित कंपनियों के मुंबई और हैदराबाद कार्यालयों से संपर्क कर सत्यापन किया तो पता चला कि जिन 51 लोगों के नाम पर लोन लिया गया, वे इनमें से किसी भी कंपनी में कार्यरत नहीं हैं। इसके बाद पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की भूमिका तथा बैंक की आंतरिक प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।

  • MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    मुंबई। एकनाथ शिंदे Eknath Shinde ने विधानसभा के बजट सत्र(Budget Session) के दौरान अपने पास मौजूद महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर शिवसेना के अन्य मंत्रियों को सौंप दी है। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर Rahul Narwekar को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है।

    किसे मिला कौन-सा विभाग?

    जारी पत्र के अनुसार —

    • दादा भुसे Dada Bhuse को सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का कार्यभार दिया गया है।
    • उदय सामंत Uday Samant को नगर विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    • शंभूराज देसाई Shambhuraj Desai को गृह निर्माण विभाग का प्रभार दिया गया है।

    यह व्यवस्था फिलहाल विधानमंडल के बजट सत्र की अवधि तक प्रभावी रहेगी।

    क्यों उठाया गया यह कदम?

    बजट सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद — दोनों सदनों में एक साथ विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में जवाब देने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी निर्णय लिया गया है। अब संबंधित विभागों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर वही मंत्री देंगे जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बजट सत्र की शुरुआत

    राज्यपाल आचार्य देवव्रत Acharya Devvrat के अभिभाषण के साथ सोमवार को राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का परिचय कराया गया, जबकि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार Ajit Pawar को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक प्रस्ताव पारित किया गया।

    हाल ही में संपन्न स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव परिणाम और अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद हो रहा यह पहला सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

  • Shivaji Maharaj Jayanti: शिवनेरी किला पर शिवजयंती के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, बड़ा हादसा टला

    Shivaji Maharaj Jayanti: शिवनेरी किला पर शिवजयंती के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, बड़ा हादसा टला

    छत्रपति शिवाजी महाराज ( shivaji Maharaj Jayanti) के जन्मस्थान शिवनेरी किले पर शिवजयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भारी जनसैलाब और संकरे रास्तों के कारण किला परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। प्रशासन की ढीली व्यवस्थाओं और पर्याप्त पुलिस बल की कमी को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका में स्थित इस ऐतिहासिक किले पर इस वर्ष शिवजयंती के मौके पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचे थे। रात से ही शिवज्योत लेकर आए युवा, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और दर्शनार्थी किले में एकत्र होने लगे थे। सुबह होते-होते किला परिसर खचाखच भर गया और आवाजाही अनियंत्रित होने लगी।

    संकरे रास्ते बने मुख्य कारण

    हादसे की मुख्य वजह किले के तंग और घुमावदार रास्ते रहे। अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अचानक भीड़ का अत्यधिक दबाव बन गया। पहले से सीमित चौड़ाई वाले इन रास्तों पर जब एक साथ बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़ने लगे तो हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

    महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

    धक्का-मुक्की के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को झेलनी पड़ी। अफरा-तफरी में कुछ महिलाएं और बच्चे नीचे गिर पड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल

    इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। भीड़ प्रबंधन के लिए स्पष्ट एंट्री-एग्जिट प्लान, बैरिकेडिंग और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था का अभाव साफ दिखाई दिया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष शिवजयंती पर भारी भीड़ उमड़ती है, इसके बावजूद इस बार भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी योजना नहीं बनाई गई। अब मांग उठ रही है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए अग्रिम पंजीकरण, सीमित प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा दल की स्थायी तैनाती जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि आस्था के इस महापर्व पर किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

  • Vijay Mallya Case:भारत वापसी पर असमर्थ विजय माल्या, बॉम्बे हाई कोर्ट में बताया कारण

    Vijay Mallya Case:भारत वापसी पर असमर्थ विजय माल्या, बॉम्बे हाई कोर्ट में बताया कारण

    भगोड़े कारोबारी Vijay Mallya ने भारत लौटने को लेकर असमर्थता जताई है। बुधवार को Bombay High Court में सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि वह भारत कब लौट पाएंगे।

    मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश आलोक आराधे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ कर रही है। पिछली सुनवाई में अदालत ने माल्या से पूछा था कि क्या उनका भारत लौटने का इरादा है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि उनकी अनुपस्थिति में याचिकाओं पर सुनवाई करना मुश्किल होगा।

    माल्या ने क्या कहा?

    माल्या की ओर से वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने अदालत में उनका बयान पढ़ा। बयान में कहा गया कि उनका भारतीय पासपोर्ट 2016 में रद्द कर दिया गया था। साथ ही, यूनाइटेड किंगडम की अदालतों के आदेशों के कारण वह ब्रिटेन से बाहर यात्रा नहीं कर सकते।

    दलील दी गई कि उन्हें किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज के लिए आवेदन करने या उसे रखने की अनुमति नहीं है। ऐसे में वह यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि भारत कब लौट सकेंगे।

    माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में रह रहे हैं।

    किन याचिकाओं पर चल रही है सुनवाई?

    माल्या ने हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं—

    1. उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती।
    2. भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती।

    बचाव पक्ष का कहना है कि आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के लिए उनका भारत में मौजूद होना जरूरी नहीं है।

    क्या हैं आरोप?

    70 वर्षीय माल्या पर बैंकों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज की अदायगी में चूक और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। जनवरी 2019 में एक विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था।

    हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को माल्या के बयान पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।

  • One of the busiest bridges in the city, Dadar’s Tilak Bridge, will be closed in Mumbai: मुंबई के तिलक ब्रिज पर तीन महीने के लिए भारी गाड़ियों पर बैन, ट्रैफिक जाम से राहत के लिए कदम

    One of the busiest bridges in the city, Dadar’s Tilak Bridge, will be closed in Mumbai: मुंबई के तिलक ब्रिज पर तीन महीने के लिए भारी गाड़ियों पर बैन, ट्रैफिक जाम से राहत के लिए कदम

    मुंबई(Mumbai): देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक ट्रैफिक जाम की समस्या है, और इसे लेकर जल्द ही कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा। शहर के सबसे व्यस्त पुलों में से एक दादर का तिलक ब्रिज अब भारी वाहनों के लिए तीन महीने (12 फरवरी से 12 मई, 2026) के लिए बंद रहेगा।

    क्यों लिया गया निर्णय:
    मुंबई में सायन ब्रिज और एलफिंस्टन ब्रिज के निर्माण कार्यों के चलते शहर में लगातार ट्रैफिक जाम लग रहा है। इन पुलों पर काम के कारण ठाणे और नवी मुंबई से आने वाले वाहन धारावी और तिलक ब्रिज की तरफ मोड़ दिए जा रहे हैं, जिससे दादर और माटुंगा इलाके में भीड़ और जाम बढ़ गया है।

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक मिक्सर, डंपर, ट्रेलर और अन्य भारी वाहनों के लिए तिलक ब्रिज पर यात्रा पर रोक रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता साफ रखना और ट्रैफिक की स्थिति में सुधार लाना है।

    भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग:

    • ईस्टर्न सबर्ब्स और नवी मुंबई से आने वाली गाड़ियां तिलक ब्रिज के बजाय सायन हॉस्पिटल जंक्शन से दाएं मुड़ेंगी, फिर वे सुलोचना शेट्टी मार्ग, कुंभारवाड़ा जंक्शन, कटारिया मार्ग, शोभा होटल, सावरकर रोड, चैत्यभूमि, सिद्धिविनायक मंदिर और अप्पासाहेब मराठे चौक होते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचेंगी।
    • दक्षिणी दिशा में परेल और लालबाग के लिए दादर TT ब्रॉडवे जंक्शन से हिंदमाता ब्रिज, परेल वर्कशॉप, लालबाग ब्रिज, भारतमाता सिग्नल से गरम खाड़ा सिग्नल तक दाएं मुड़कर चिंचपोकली ब्रिज का रास्ता लिया जा सकता है।
    • डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड से उत्तर की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए भी वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं।
    • सेना भवन से आने वाले वाहन सेना भवन, एल. जे. रोड, शोभा होटल, कटारिया रोड, कुंभारवाड़ा जंक्शन और सुलोचना शेट्टी मार्ग का उपयोग करेंगे।

    उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मुंबई जिला की डीपीडीसी बैठक में, जिसकी अध्यक्षता डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने की, भी शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति और इसके समाधान के उपायों पर चर्चा हुई।

  • Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के पावन अवसर पर 3 मार्च 2026 को मुंबई के बोरीवली (पूर्व) स्थित देविपाड़ा मैदान में एक भव्य ‘भजन जामिंग’(Bhajan jamming) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा।

    कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण के रूप में राधे माँ की उपस्थिति रहेगी। आयोजन में भक्ति संगीत और भजनों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ भक्तिमय माहौल बनाया जाएगा।इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी, जिनमें मनोज तिवारी , शेखर जायसवाल और प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस में डूबने का विशेष अवसर होगा।

    कार्यक्रम का आयोजन देविपाड़ा मैदान, देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के सामने, बोरीवली (पूर्व), मुंबई – 400066 में किया जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।पास एवं अन्य जानकारी के लिए सेवादार टल्ली बाबा से मो. 98209 69020 पर संपर्क कर सकते हैं।