Drugs Racket: बांद्रा टर्मिनस पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 13.834 किलो चरस बरामद!

"बाँद्रा टर्मिनस पर RPF ने 13.834 किग्रा चरस बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत ₹13.83 करोड़ आंकी गई। पश्चिम रेलवे के विशेष अभियान में बड़ी सफलता।"

आर.एस. नेटवर्क। सुजीत मिश्र

मुंबई: पश्चिम रेलवे के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी(Drugs racket) के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुम्बई डिवीजन स्थित बाँद्रा टर्मिनस स्थित आरपीएफ़ ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 13.834 किलोग्राम चरस बरामद की है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹13 करोड़ 83 लाख 40 हजार आंकी गई है।


यह कार्रवाई पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त के नेतृत्व तथा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के दिशा-निर्देश में की गई। सुरक्षा आयुक्त रजत कुंदगीर एवं सहायक सुरक्षा आयुक्त अजीत डी. माने के मार्गदर्शन में मुंबई सेंट्रल मंडल की टीम ट्रेनों में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध सतत अभियान चला रही है।
21 फरवरी 2026 को लगभग 4:20 बजे गाड़ी संख्या 19038 (अवध एक्सप्रेस) के बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफार्म संख्या 4 पर आगमन के पश्चात कोच लॉकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक को गार्ड के समीप स्थित सामान्य डिब्बे में एक लावारिस बैग संदिग्ध अवस्था में मिला। तत्काल इसकी सूचना ड्यूटी अधिकारी को दी गई जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और संयुक्त जाँच प्रारंभ की गई। घटनास्थल पर आरपीएफ, (जीआरपी), डॉग स्क्वॉड तथा एफएसएल टीम को बुलाया गया। आरपीएफ के नार्को विशेषज्ञ डॉग “टैंगा” तथा जीआरपी के डॉग “रॉकी” द्वारा बैग में मादक पदार्थ होने की पुष्टि की गई। स्वतंत्र पंचों की उपस्थिति में जब बैग को खोला गया तो उसमें कपड़ों के भीतर सावधानीपूर्वक छिपाकर रखे गए 31 पैकेट चरस बरामद हुए।
मौके पर प्रत्येक पैकेट का वजन किया गया, जिसमें कुल वजन 13.834 किलोग्राम पाया गया। एफएसएल टीम द्वारा संदिग्ध सामग्री की प्राथमिक जाँच की गई तथा संपूर्ण कार्रवाई की वीडियोग्राफी आईपीएफ जगदीश जाट व आरपीएफ़ के विनीत कुमार की देख रेख में कई गई व फोटोग्राफी के साक्ष्य को सुरक्षित किए गए।
इस संबंध में जीआरपी बांद्रा द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8(C) एवं 20(b)(ii)(C) के तहत अपराध क्रमांक 42/26 दिनांक 21.02.2026 को मामला दर्ज कर आगे की जाँच प्रारंभ कर दी गई है।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों एवं जवानों की सतर्कता, सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के परिणामस्वरूप यह बड़ी तस्करी प्रयास विफल हुआ। इस कार्रवाई को ट्रेनों के माध्यम से संचालित मादक पदार्थ नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार माना जा रहा है।
आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि रेलवे परिसरों में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध इसी प्रकार सघन निगरानी एवं अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। ज्ञातव्य हो कि आईपीएफ जगदीश पी जाट ने जब से बाँद्रा टर्मिनस का चार्ज लिया है तब से असामाजिक तत्वों एवं मादक पदार्थो के सप्लाई करने वालों की कमर तोड़ कर रख दी है।

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