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  • भाजपा को मिली ताकत, कांग्रेस को होगा नुकसान: मालाड वार्ड 47 में बदला चुनावी माहौल

    भाजपा को मिली ताकत, कांग्रेस को होगा नुकसान: मालाड वार्ड 47 में बदला चुनावी माहौल

    मुंबई।
    मुंबई महानगरपालिका के आगामी सार्वत्रिक चुनाव 2025–26 की पृष्ठभूमि में मालाड क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 47 में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को वार्ड 47 से भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

    स्थानीय, उच्च शिक्षित और लगातार जनसंपर्क में सक्रिय उम्मीदवार के चयन से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवा नेतृत्व को आगे लाने का पार्टी का यह फैसला आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।

    कांग्रेस नेताओं का सामूहिक इस्तीफा, भाजपा में औपचारिक प्रवेश

    इस बीच कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब उत्तर मुंबई जिला कांग्रेस के महासचिव अरविंद क्वार्डोस तथा कांग्रेस झुग्गी पुनर्विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरुगन पिल्लई ने अपने सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

    यह भव्य पक्ष प्रवेश कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    भाजपा के नेतृत्व और विकास नीति पर जताया भरोसा

    पार्टी में प्रवेश के बाद नवप्रवेशी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा का सशक्त संगठन, विकासोन्मुख नीतियाँ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दूरदर्शी नेतृत्व ही उन्हें भाजपा से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ही आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सक्षम है।

    वार्ड 47 में जीत का भरोसा, मालाड की राजनीति में बदलाव के संकेत

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना वार्ड क्रमांक 47 से भारी बहुमत से विजयी होंगे। चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा यह झटका मालाड की राजनीति में निर्णायक मोड़ ला सकता है, ऐसी चर्चा राजनीतिक हलकों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में भी तेज़ हो गई है।

  • Bhagwat Katha:प्रगतिनगर में 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवताचार्य श्याम जी महाराज की मधुर वाणी से बहेगा भक्ति-रस

    Bhagwat Katha:प्रगतिनगर में 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवताचार्य श्याम जी महाराज की मधुर वाणी से बहेगा भक्ति-रस

    नालासोपारा पूर्व में स्थित प्रगतिनगर क्षेत्र में आगामी 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा(Bhagwat Katha) का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सुप्रसिद्ध भागवताचार्य श्याम जी महाराज अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराएंगे।

    आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा श्रवण के माध्यम से श्रोताओं को आध्यात्मिक शांति, सदाचार और जीवन मूल्यों की प्रेरणा प्राप्त होगी।

    आयोजकों के अनुसार, कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर होगी, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और भक्तिमय वातावरण तैयार किया जा रहा है।

    इस धार्मिक आयोजन के प्रमुख मार्गदर्शक नालासोपारा के विधायक राजन नाइक एवं भाजपा नेता पंकज दत्तात्रेय देशमुख हैं, जिनके मार्गदर्शन में आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

    आयोजन समिति में संस्था अध्यक्ष राजेश तिवारी के साथ शिवकुमार शुक्ल, नरेंद्र दुबे ‘सोनू’, सुरेश शुक्ल, दीपक दुबे, अजीत सिंह, दया सिंह, अनुराग दुबे, विनोद दुबे, अरविंद दुबे, दीपक तिवारी, अभिषेक मिश्रा, अनूप मिश्रा, संतोष दुबे, प्रतीक दुबे, मोहन मौर्य सहित संस्था के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे रहेंगे।

  • मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

    मंत्रिमंडल में हलचल, गिरफ्तारी और दल-बदल के बीच महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल

    महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल, 19 दिसंबर पर टिकी निगाहें; मंत्री, गिरफ्तारी और दल-बदल से गरमाई सियासत

    MUMBAI: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को दिनभर तेज़ हलचल देखने को मिली। 19 दिसंबर को संभावित “राजनीतिक भूकंप” के दावों से लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल, एक मंत्री की संभावित गिरफ्तारी, दल-बदल और गंभीर आरोपों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। इन घटनाक्रमों के चलते आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की अटकलें तेज़ हो गई हैं।

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने पत्रकार परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने 19 दिसंबर को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने की बात कही थी। राउत ने दावा किया कि उस दिन ऐसा खुलासा हो सकता है, जिसका असर भारत की राजनीति पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सामने आने वाली जानकारी कुछ बड़े नेताओं के लिए असहज साबित हो सकती है। इससे पहले पृथ्वीराज चव्हाण ने संकेत दिया था कि अमेरिका की संसद में एफस्टीन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक हो सकती है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ भारत पर भी पड़ सकता है।

    इसी बीच राज्य के क्रीड़ा मंत्री एडवोकेट माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी आवास का लाभ लेने के मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत ने उनके और उनके भाई विजय कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। मेडिकल कारणों से मांगी गई मोहलत को भी अदालत ने खारिज कर दिया, जिससे कोकाटे की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो उनका मंत्रिपद और विधायकी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।

    कोकाटे के पद से हटने की संभावना के बीच पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे की मंत्रिमंडल में वापसी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है। संतोष देशमुख हत्या मामले में लगे आरोपों के बाद मुंडे को इस्तीफा देना पड़ा था। उनके पास रहा कृषि विभाग बाद में कोकाटे को सौंपा गया था। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि कोकाटे की गिरफ्तारी की स्थिति में मुंडे की वापसी हो सकती है। हाल ही में धनंजय मुंडे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दी है।

    नगरपालिका चुनावों की घोषणा के बाद पिंपरी-चिंचवड़ में भी राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया था कि यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद अजित पवार ने भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के कई पूर्व नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल कर महायुति को बड़ा झटका दिया है। इससे आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।

    वहीं मुख्यमंत्री फडणवीस के मंत्रिमंडल के एक और मंत्री विवादों में घिर गए हैं। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री प्रो. अशोक उईके पर एक सामाजिक कार्यकर्ता और वकील ने आदिवासी समुदाय की जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि रालेगांव तालुका के दवेधरी गांव में एक आदिवासी किसान परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और परिवार को आज भी धमकियां दी जा रही हैं। इस आरोप के बाद आगामी चुनावों से पहले मंत्री उईके की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

    इन सभी घटनाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है। अब सभी की नजरें 19 दिसंबर पर टिकी हैं कि क्या वाकई उस दिन कोई बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिलेगा या नहीं।

  • Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Mumbai/Pune:बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने बुधवार (10 दिसंबर) को पुणे के विवादास्पद भूमि सौदे(Pune Land Deal) की पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री अजित पवार(Ajit Pawar) के बेटे पार्थ पवार को प्राथमिकी में नाम न जोड़कर उन्हें संरक्षण दे रही है?

    जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच शीतल तेजवानी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इसी दौरान अदालत ने कहा कि कंपनी में अधिकतम साझेदारी पार्थ पवार की होने के बावजूद उन्हें एफआईआर(FIR Investigation) में नामजद नहीं किया गया है।

    न्यायाधीश ने सख्त सवाल किया —

    “क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री के बेटे को बचा रही है और सिर्फ दूसरों की जांच कर रही है?”


    सरकारी वकील का जवाब

    लोक अभियोजक मनकुंवर देशमुख ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

    जिस जमीन का सौदा हुआ वह पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ भूमि है, जिसे 300 करोड़ रुपये में अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया था। इस कंपनी में पार्थ पवार(Parth Pawar) मुख्य भागीदार हैं।

    जांच तब शुरू हुई जब सामने आया कि यह जमीन सरकार की थी और बेची नहीं जा सकती थी।


    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी से भी मिली छूट

    आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी गई।
    एक समिति ने तीन लोगों को आरोपी बताया:

    • दिग्विजय पाटिल – पार्थ पवार के व्यावसायिक साझेदार व रिश्ते के भाई
    • शीतल तेजवानी – पावर ऑफ अटॉर्नी धारक
    • रविंद्र तारू – उप-पंजीयक

    क्यों नहीं जोड़ा गया पार्थ का नाम?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं था, इसलिए उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।

    ईओडब्ल्यू ने शीतल तेजवानी को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 11 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

    उसी भूमि सौदे पर बावधान थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में वापस ले ली।


    विपक्ष का आरोप: जमीन की कीमत 300 करोड़ से कई गुना ज्यादा

    विपक्ष ने दावा किया कि जमीन ‘महार वतन’ श्रेणी की थी और बिना सरकारी अनुमति उसके सौदे पर रोक होती है।
    वास्तविक कीमत 300 करोड़ से कहीं अधिक बताई जा रही है।


    CM देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    “सरकार की शुरू से ही किसी को संरक्षण देने की नीति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उचित जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा और अब तक की तथा आगे की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।

  • Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:आखिर सदन से क्यों गायब हो रहें हैं मंत्री?: विधायक भास्कर जाधव का सवाल

    Nagpur Winter Session:नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मंत्रियों की अनुपस्थिति और ध्यानाकर्षण नोटिसों पर जवाब न मिलने को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक भास्कर जाधव(Bhaskar Jadhav) ने सदन में खड़े होकर कहा कि मंत्रियों की अनुपस्थिति अब आम बात हो गई है और सदस्यों को पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाती।

    सदन में दो नोटिस सूचीबद्ध थे —
    1️⃣ राज्यभर में मानसून की भारी बारिश से हुई क्षति
    2️⃣ नासिक के जलाशयों व जयकवाड़ी बांध से गोदावरी नदी में छोड़े गए पानी से नुकसान

    चर्चा की शुरुआत होते ही जाधव ने नाराज़गी जताई:

    “मंत्री अक्सर अनुपलब्ध रहते हैं। पहले से मुद्रित उत्तर भी नहीं मिलते। यह अध्यक्ष का अपमान है। अगर मंत्री उपस्थित नहीं रह सकते तो पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।”

    जाधव ने कहा कि अब सदन की प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा:

    “आजकल तो कुछ भी सूचित नहीं किया जाता। आखिर हो क्या रहा है?”

    उन्होंने अध्यक्ष से सख़्त कदम उठाने की मांग की और पूछा कि अधिकारी इतने उदासीन क्यों हो गए हैं।


    जवाब क्यों नहीं मिला? विपक्ष ने सवाल उठाए

    कृषि मंत्री मकरंद पाटिल ने दावा किया कि उन्हें उत्तर मिल गया है, लेकिन यह नहीं बता सके कि सदस्यों को जवाब क्यों नहीं मिला। विपक्ष ने इसे जानबूझकर देरी का तरीका बताया।

    दूसरे नोटिस पर चर्चा के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब गोदावरी नदी से संबंधित क्षति पर जवाब देने के लिए विखे पाटिल अनुपस्थित रहे।


    रात में सूचना मिलती है: उद्योग मंत्री

    उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि कभी-कभी सूचना इतनी देर से मिलती है कि तैयारी मुश्किल हो जाती है:

    “हमें रात के एक बजे या डेढ़ बजे सूचना मिलती है। हम जानकारी लेते हैं और तैयारी करते हैं। कभी-कभी सूचना आधी रात तक नहीं मिलती।”

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियात्मक समस्याएँ हैं और इन्हें सुधारने की जरूरत है।


    निष्कर्ष

    विधानसभा की चर्चा में यह साफ़ हुआ कि:

    प्रक्रियाओं में सुधार की मांग तेज़ हो रही है

    मंत्रियों की अनुपस्थिति पर विपक्ष बेहद नाराज़ है

    जवाब देरी से मिलने पर कार्यवाही प्रभावित हो रही है

  • Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    Dhurandher Movie Review : धुरंधर एक देशभक्ति, हिम्मत और जज़्बे से भरपूर एक दमदार फ़िल्म

    निर्देशक/लेखक: आदित्य धर

    कलाकार: रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, राकेश बेदी

    अवधि: 196 मिनट

    रेटिंग: ****_

    मुंबई। लोकेश चंद्रा

    कई महीनों से दर्शकों के दिलों में एक बेचैनी थी, धुरंधर कब आएगी? पोस्टर से लेकर ट्रेलर तक, हर झलक ने ऐसा भरोसा जगाया था कि यह फ़िल्म कुछ असाधारण होने वाली है। और जब पर्दा उठा, तो साफ़ हो गया कि इंतज़ार पूरी तरह सफल रहा। आदित्य धर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे उन चुनिंदा निर्देशकों में से हैं जो कहानी को सिर्फ दिखाते नहीं, उसे महसूस करा देते हैं। उनका विज़न बड़ा है, पर पकड़ बेहद बारीक।फ़िल्म की नींव उन दो घटनाओं पर रखी गई है जिन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया था 1999 का IC-814 हाईजैक और 2001 का भारतीय संसद हमला। इन घटनाओं को फ़िल्म में महज़ पृष्ठभूमि की तरह नहीं रखा गया, बल्कि इन्हीं से कहानी में वह तीखापन और संवेदनशीलता आती है जो दर्शकों को भीतर तक छू जाती है। शुरुआत से ही माहौल ऐसा बनता है मानो देश का इतिहास आँखों के सामने जीवंत हो उठा हो। आदित्य धर दिखाते हैं कि उस दौर में खुफ़िया एजेंसियों पर किस स्तर का दबाव था और देश के राजनीतिक गलियारों में कैसी घुटन भरी रणनीतियाँ चल रही थीं।

    फ़िल्म में अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों, 9/11 और भारत को निशाना बनाने की साज़िशों से जुड़ी ऑडियो-क्लिप्स और वास्तविक फुटेज का उपयोग बेहद असरदार अंदाज़ में हुआ है। ये दृश्य दर्शक को रोमांच से ज्यादा एक जागरूकता की अवस्था में ले जाते हैं, कि दुनिया कितनी अस्थिर है और भारत को किस स्तर पर अपनी ढाल मज़बूत रखनी पड़ती है। कहानी और असल घटनाओं का यह मिश्रण फ़िल्म को एक भयंकर वास्तविकता देता है, जो इसे आम एक्शन फ़िल्मों से कहीं ऊपर ले जाता है।

    रणवीर सिंह इस फ़िल्म की धड़कन हैं। उनका हमज़ा दो हिस्सों में बँटा किरदार है, एक तरफ भावनात्मक घावों से भरा इंसान और दूसरी तरफ एक ऐसा ऑपरेटिव जो हर सांस में खतरा समेटे हुए चलता है।उनका तीखापन, गुस्सा, टूटा हुआ मन सब कुछ इतना स्वाभाविक है कि दर्शक उनसे दूर नहीं हो पाता। दूसरे हाफ़ में उनका रूप और भी खतरनाक, सधा हुआ और बिजली की तरह दमदार दिखता है।

    अक्षय खन्ना एक ऐसे विलेन के रूप में उभरते हैं जो चीखता नहीं, लेकिन उसकी खामोशी ही डर पैदा करती है। संजय दत्त की स्क्रीन पर मौजूदगी बम के धमाके जैसी है, कच्ची ताकत, कच्चा असर।आर. माधवन कहानी का संतुलन हैं, गंभीर, गहरे और अनुभवी।अर्जुन रामपाल का शांत लेकिन खतरनाक एप्रोच कहानी को और रहस्यमयी बनाता है। सारा अर्जुन अपनी पहली ही फिल्म में बेहद परिपक्व दिखाई देती हैं।

    हर कलाकार कहानी के तनाव को और मजबूत करता है, जैसे हर मोहरा किसी बड़े खेल का हिस्सा हो।196 मिनट लंबी इस फ़िल्म का हर सेकेंड मायने रखता है।एडिटिंग इतनी कसी हुई कि समय का एहसास नहीं होता।बैकग्राउंड स्कोर कहानी का इंजन है, धड़कनें तेज़ करता है, तनाव बढ़ाता है, और सीनों को नई ऊँचाई देता है।

    सिनेमेटोग्राफी बड़े कैनवास को इतने प्रभावशाली तरीक़े से पेश करती है कि कई दृश्य सीधे आंखों में बस जाते हैं। हिंसा दिखाई जाती है, पर उतनी ही जितनी कहानी की ज़रूरत है। असली हिंसा है भावनाओं, चालों और विश्वासघात में।फ़िल्म का अंत ऐसा है जो दर्शक को खामोश छोड़ देता है और मन में सिर्फ एक सवाल उठता है, अब आगे क्या?फ़िल्म वहीं खत्म होती है जहाँ कहानी का दांव सबसे बड़ा लगता है, और यही जगह पार्ट टू के लिए परफ़ेक्ट बिल्ड-अप तैयार करती है।

    ज्योति देशपांडे, लोकेश धर और आदित्य धर ने B62 स्टूडियो व जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर एक ऐसी दुनिया रची है जिसमें धमाका भी है, रिसर्च भी है, भावनाएँ भी हैं और तकनीकी कौशल भी। बड़े सेट्स हों या लोकेशंस हर फ्रेम दिखाता है कि यह फ़िल्म दिल से बनाई गई है। यदि आप एक्शन, राजनीति, इतिहास, इमोशन और बड़े पर्दे पर धमाके की तलाश में हैं धुरंधर आपका जवाब है। यह फ़िल्म न सिर्फ उम्मीदों पर खरी उतरती है, बल्कि और भी ऊपर उठ जाती है।

  • Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    मुंबई: शैलेश यादव

    मुंबई। हिंदी भाषी महासंघ मुंबई के तत्वाधान में कालवा देवी रोड, मुंबा देवी कंपाउंड में दिनांक 7 दिसंबर 2025, रविवार, सायं 4.30 बजे उत्तर भारतीय समाज की मांग पर “उत्तर भारतीय महासम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा।

    इस अवसर पर सांस्कृतिक विरासत और लोककला को समर्पित बिरहा का जंगी मुकाबला भी आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में गंगा चैनल के सुपरस्टार पप्पू यादव (वाराणसी) और प्रसिद्ध बिरहा गायिका तथा रेडियो कलाकार सरोज त्यागी (मिर्जापुर) के बीच रोमांचक बिरहा मुकाबला प्रस्तुत किया जाएगा।

    उत्तर भारतीय समाज की एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में आगंतुकों के लिए जलपान और खिचड़ी की विशेष व्यवस्था की गई है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष राज के. पुरोहित तथा भाजपा नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री अमरजीत मिश्रा होंगे। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व नगरसेवक आकाश राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।

    मुख्य आयोजक एवं वरिष्ठ समाजसेवक नत्थू लाल चौरसिया ने कहा कि यह आयोजन हिंदी भाषी समाज की पहचान और सम्मान को सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

  • आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है  “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    आसमान में अफरातफरी, ज़मीन पर गुस्सा: इंडिगो संकट में टिकट 70 हज़ार पार, जनता पूछ रही है “मोदी सरकार और DGCA चुप क्यों?”

    इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    इंडिगो एयरलाइंस में तकनीकी खराबी और पायलट-क्रू की कमी के कारण देशभर में सैकड़ों फ्लाइटें रद्द होने के बाद हवाई यात्रा में अफरातफरी मच गई है। सबसे बड़ा झटका टिकट दामों में आया, जो सामान्य दिनों की तुलना में 5 से 7 गुना तक बढ़ गए।इंडिगो संकट से पैदा विचित्र हालात में स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया और अकासा एयरलाइंस कूटकर किराया वसूल रही है। पटना का टिकट दिल्ली से 40 हजार, मुंबई से 36 हजार और बेंगलुरु से 70 हजार पार हो गया है।इंडिगो संकट के बाद हवाई टिकट 70 हजार तक पहुंचे। दिल्ली-बेंगलुरु- मुंबई से पटना फ्लाइट दाम 5-7 गुना। जनता नाराज़, सरकार और DGCA से कार्रवाई की मांग।

    बेंगलुरु- पटना का टिकट 70,000 रुपये

    साधारण दिनों में 8–10 हजार में मिलने वाला टिकट 70,000 रुपये से ऊपर बिका। कई वेबसाइटों पर लगातार कीमत बढ़ती दिखी।


    जनता का सीधा सवाल: मंत्रालय और DGCA चुप क्यों?

    सोशल मीडिया पर यात्रियों का आरोप है कि:

    • हजारों फ्लाइटें रद्द हुईं
    • करोड़ों रुपये टिकट में फंस गए
    • रिफंड धीमा है
    • बाकी एयरलाइंस ने किराये बढ़ा दिए

    लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की ओर से सख्त दखल नहीं दिखा।

    लोग कह रहे हैं —

    “संकट में राहत देने के बजाय किराये आसमान भेज दिए, कोई रोक नहीं।”


    मंत्रालय पर निगरानी ढीली रखने के आरोप

    वर्तमान नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu हैं।
    यात्रियों की शिकायत है कि:

    • टिकट प्राइस की कोई सीमा तय नहीं
    • रिफंड की गैर–साफ़ व्यवस्था
    • वैकल्पिक उड़ानों का कड़ाई से प्रबंध नहीं
    • एयरलाइंस पर कठोर निर्देश जारी नहीं किए गए

    इसलिए गुस्सा उमड़ा है कि:

    “संकट में भी आम जनता को बचाने के बजाय बाजार अपने आप चल रहा है।”

    सरकार की ओर से अभी तक मूल्य नियंत्रण या राहत पैकेज का कोई ऐलान नहीं हुआ।


    कई शहरों में दाम रिकॉर्ड स्तर पर

    दिल्ली – पटना

    • कई टिकट 40,000+
    • 5-6 दिसंबर में सिर्फ दो फ्लाइट दिखीं, दोनों महंगी

    मुंबई – पटना

    • सीधी फ्लाइट नहीं
    • एक-स्टॉप टिकट 80,000 रुपये तक

    बेंगलुरु – पटना

    • टिकट 72,000 रुपये पार

    दरभंगा, गया, पूर्णिया

    • किराये में 2–6 गुना बढ़ोतरी
    • कुछ तारीखों पर फ्लाइट ही नहीं

    नागरिकों का आरोप: संकट में बाजार को खुली छूट

    यात्रियों का कहना है:

    • “इंडिगो की उड़ानें बंद, बाकी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं”
    • “मंत्रालय और DGCA केवल देख रहे हैं”
    • “कोई प्राइस कैप क्यों नहीं?”

    विशेषज्ञों का कहना है कि DGCA के पास आपातकालीन मूल्य-नियंत्रण के अधिकार हैं, लेकिन उपयोग नहीं किए गए।


    राजनीतिक सवाल तेज

    विपक्ष और यात्री पूछ रहे हैं:

    • इंडिगो संकट के समय अमल में क्या प्लान था?
    • यात्रियों के लिए राहत मैकेनिज्म कहाँ है?
    • टिकट कीमत इतनी तेज़ कैसे बढ़ी?

    मोदी सरकार की आलोचना हो रही है कि:

    “हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ी, अब हवाई यात्रा भी आम आदमी की पहुंच से बाहर।”


    इंडिगो संकट ने दिखाया कि:

    • एयरलाइंस एक-दूसरे पर निर्भर हैं
    • कीमतें नियंत्रण में नहीं
    • यात्री सुरक्षा और सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े हैं

    जब तक सख्त निगरानी और पारदर्शी प्राइस-रूल नहीं आते,
    यात्रियों का गुस्सा कम होने वाला नहीं।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    नासिक। सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए नासिक महानगरपालिका ने 200 करोड़ रुपये के ‘एनएमसी क्लीन गोदावरी बॉण्ड्स’ को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध कर दिया है। यह बॉण्ड नासिक मनपा द्वारा बुनियादी ढांचा विकास के लिए जारी तीसरी वित्तपोषण पहल है और कुंभमेला से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निधि उपलब्ध कराएगा।

    मुंबई स्थित NSE में आयोजित लिस्टिंग समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बॉण्ड की लिस्टिंग की। समारोह में महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, NSE के प्रबंध निदेशक और CEO आशीषकुमार चौहान, कुंभमेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम, कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह, नासिक मनपा आयुक्त मनीषा खत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने बताया कि इश्यू में 100 करोड़ रुपये का बेस इश्यू था, जिसे संस्थागत निवेशकों से 3.95 गुना अधिक प्रतिसाद मिला, जो नासिक के विकास कार्यों पर निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    निधि का उपयोग:

    • रामझूला पैदल यात्री पुल का निर्माण
    • कालाराम मंदिर परिसर में वेंडिंग प्लाजा और आधारभूत विकास
    • कापलेश्वर मंदिर क्षेत्र के आसपास सुविधाओं का विकास
    • पंचवटी, सातपूर और नासिकपश्चिम क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क सुधार
    • सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और कुंभमेला संबंधित अन्य सुविधाओं का निर्माण

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने कहा, “200 करोड़ रुपये के इस बॉण्ड की लिस्टिंग नासिक की विकास यात्रा में नया अध्याय है। यह नवाचारपूर्ण वित्तपोषण पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य और कुंभमेला परियोजनाओं की सफलता का प्रमाण है।”