Category: BMC

  • भाजपा को मिली ताकत, कांग्रेस को होगा नुकसान: मालाड वार्ड 47 में बदला चुनावी माहौल

    भाजपा को मिली ताकत, कांग्रेस को होगा नुकसान: मालाड वार्ड 47 में बदला चुनावी माहौल

    मुंबई।
    मुंबई महानगरपालिका के आगामी सार्वत्रिक चुनाव 2025–26 की पृष्ठभूमि में मालाड क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 47 में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को वार्ड 47 से भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

    स्थानीय, उच्च शिक्षित और लगातार जनसंपर्क में सक्रिय उम्मीदवार के चयन से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवा नेतृत्व को आगे लाने का पार्टी का यह फैसला आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।

    कांग्रेस नेताओं का सामूहिक इस्तीफा, भाजपा में औपचारिक प्रवेश

    इस बीच कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब उत्तर मुंबई जिला कांग्रेस के महासचिव अरविंद क्वार्डोस तथा कांग्रेस झुग्गी पुनर्विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरुगन पिल्लई ने अपने सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

    यह भव्य पक्ष प्रवेश कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    भाजपा के नेतृत्व और विकास नीति पर जताया भरोसा

    पार्टी में प्रवेश के बाद नवप्रवेशी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा का सशक्त संगठन, विकासोन्मुख नीतियाँ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दूरदर्शी नेतृत्व ही उन्हें भाजपा से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ही आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सक्षम है।

    वार्ड 47 में जीत का भरोसा, मालाड की राजनीति में बदलाव के संकेत

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना वार्ड क्रमांक 47 से भारी बहुमत से विजयी होंगे। चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा यह झटका मालाड की राजनीति में निर्णायक मोड़ ला सकता है, ऐसी चर्चा राजनीतिक हलकों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में भी तेज़ हो गई है।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

    Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

    बीएमसी और फूड विभाग ने ली जनता को मीठा जहर खिलाने की ली सुपारी, शिकायतों के बावजूद नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट

    मुंबई: शहर में मिलावटी मक्खन का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीपी टैंक के खत्तर गली में नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी द्वारा बनाए जा रहे नकली और मिलावटी मक्खन की शिकायतें कई बार बीएमसी और फूड विभाग तक पहुँचीं, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई यानि नाश्ता-पानी चालू है।
    परिणामस्वरूप यह “मौत का कारोबार” अब खुलेआम चल रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।


    जनता के स्वास्थ्य पर सीधा हमला

    विशेषज्ञों के अनुसार इस मिलावटी मक्खन में industrial fat, synthetic essence और non-edible oil जैसे रासायनिक तत्वों का प्रयोग किया जा रहा है, जो किडनी, लंग्स और लीवर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।
    स्थानीय नागरिकों में पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा की एलर्जी और कमजोरी जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।


    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट का सख्त रुख

    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट ने इस घोटाले को “जनता की सेहत से खिलवाड़ और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही” बताया है।
    उन्होंने बीएमसी आयुक्त, राज्य फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


    कानूनी रूप से संभव कार्रवाई

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विभाग सख्ती दिखाए तो निम्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है —

    • फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (FSSA) की धारा 59
      ➤ मिलावट से हानि पहुँचाने पर रु 10 लाख तक जुर्माना और आजीवन कारावास तक का प्रावधान।
    • भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 272, 273, 274,275, 120B व 420
      ➤ मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने, बेचने और धोखाधड़ी करने पर जेल व आर्थिक दंड।
    • FSSAI लाइसेंस रद्दीकरण या निलंबन
      ➤ कंपनी का लाइसेंस तत्काल रद्द कर उत्पादन इकाई को सील किया जा सकता है।

    बीएमसी और फूड विभाग की भूमिका पर सवाल

    बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो उत्पादन बंद हुआ और न ही बिक्री पर रोक लगी।
    इससे स्पष्ट है कि विभागीय अधिकारियों और मिलावट माफिया के बीच सांठगांठ गहरी है।


    अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे
    ज़हरीला मक्खन माफिया बेलगाम! बीएमसी–FDA की मिलीभगत से चल रहा मौत का कारोबार | नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

    नागरिकों की नाराज़गी

    अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे ने कहा —

    “ऐसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। अगर प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करती है तो उच्च न्यायालय में इस विषय पर PIL दाखिल की जा सकती है।”

    कपड़ा व्यापारी वसंत जैन ने कहा —

    “ज़हरीला मक्खन डोसा, सैंडविच और अन्य खाद्य पदार्थों में हर रोज़ परोसा जा रहा है। हर चम्मच मीठा ज़हर बन चुका है।”


    अब सवाल यह है — बीएमसी और FDA कब जागेंगे?
    क्या जनता को राहत देने के बजाय ये विभाग मिलावट माफिया के संरक्षण में हैं?

  • सिर्फ चार दिनों में 6,55,709 मतदाता कैसे जुड़े? – सचिन सावंत ने उठाए गंभीर सवाल-कहा चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से मतदाता सूची में हुआ बड़ा घोटाला

    सिर्फ चार दिनों में 6,55,709 मतदाता कैसे जुड़े? – सचिन सावंत ने उठाए गंभीर सवाल-कहा चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से मतदाता सूची में हुआ बड़ा घोटाला

    मुंबई: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के सामने उजागर किए गए भाजपा और चुनाव आयोग के कथित “वोट चोरी गठजोड़” के बाद महाराष्ट्र की मतदाता सूची में अनियमितताओं का नया खुलासा हुआ है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सचिन सावंत ने गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि सिर्फ चार दिनों में 6,55,709 नए मतदाता कैसे जोड़े गए? उन्होंने यह आंकड़ा स्वयं चुनाव आयोग के डेटा के हवाले से पेश किया है।

    सावंत ने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार लोकसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र में 9,29,43,890 पंजीकृत मतदाता थे। इसके बाद केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा 30 अगस्त 2024 तक की गई जांच में यह संख्या बढ़कर 9,53,74,302 हो गई — यानी चार महीनों में 24 लाख मतदाता बढ़े। फिर 15 अक्टूबर 2024 को विधानसभा चुनाव की घोषणा के समय मतदाताओं की संख्या 9,63,69,410 बताई गई।

    चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नामांकन की पहली तारीख से दस दिन पहले तक मतदाता पंजीकरण खुला रहता है। इसके बाद आठ दिनों तक जांच की जाती है और नामांकन के पहले दिन अंतिम पूरक सूची जारी की जाती है। चूँकि 29 अक्टूबर नामांकन का पहला दिन था, इसलिए पंजीकरण 19 अक्टूबर तक खुला रहा।
    इस अवधि में — 16 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के बीच — पंजीकरण सक्रिय रहा और जब 30 अक्टूबर को अंतिम पूरक सूची प्रकाशित की गई, तब मतदाताओं की संख्या 9,70,25,119 पहुँच गई।

    इसका अर्थ है कि सिर्फ चार दिनों में 6,55,709 मतदाता जोड़े गए, जो बेहद असामान्य और संदेहास्पद है। सावंत ने कहा कि मतदाता पंजीकरण पूरे वर्ष नियमित रूप से जारी था, ऐसे में चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरण होना “अभूतपूर्व और संदिग्ध” है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए।

    सावंत ने आगे कहा कि यही त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची अब 1 जुलाई 2025 तक बढ़ाई गई है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को मतदाता सूची तक पहुँच नहीं दी जा रही है और उन्हें इस पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी नहीं दिया जा रहा।

    उन्होंने कहा, “राज्य चुनाव आयोग का यह रवैया पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से तैयार की गई इस मतदाता सूची के आधार पर स्थानीय निकाय चुनाव कराना लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ होगा। विपक्षी दलों की इस विषय पर उठाई गई आपत्ति पूरी तरह न्यायसंगत है।”

  • Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    BMC मुख्यालय मुंबई में चुनावी आरक्षण सूची जारी

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर प्रभाग आरक्षण की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सर्वसाधारण, महिलाएं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जमाती (ST) और अनुसूचित जमाती महिला वर्गों के लिए आरक्षित प्रभागों की घोषणा की गई है।

    आरक्षण का वर्गीकरण इस प्रकार है:

    • सर्वसाधारण श्रेणी: 110 प्रभाग
    • सर्वसाधारण महिला श्रेणी: 109 प्रभाग
    • अनुसूचित जाति (SC): 7 प्रभाग
    • SC महिला: 8 प्रभाग
    • अनुसूचित जमाती (ST): 1 प्रभाग
    • ST महिला: 1 प्रभाग

    प्रमुख आरक्षित प्रभागों की सूची:

    • सर्वसाधारण: प्रभाग संख्या 1, 3, 4, 6, 7, 8, 12–20, 24, 26–209
    • सर्वसाधारण महिला: 5, 28, 29, 39, 45, 46, 64, 67, 69, 74, 80, 92, 103, 120, 125, 131, 142, 147, 151, 163, 168, 177
    • SC: 9, 11, 44, 50, 53, 75, 79, 81, 88, 96, 99, 102, 130, 137, 146, 148
    • SC महिला: 85, 107, 119, 139, 165, 190, 194, 204
    • ST: 55
    • ST महिला: 124

    इस आरक्षण सूची के जारी होने से राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की रणनीतियों में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। चुनावी समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, खासकर महिला और अनुसूचित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर।

  • Renowned Builder Cheats 90-Year-Old Widow of Rs. 1.31 Crore, FIR Filed: मुलुंड में 90 वर्षीय विधवा के साथ नामी बिल्डर की 1.31 करोड़ की ठगी, FIR दर्ज

    Renowned Builder Cheats 90-Year-Old Widow of Rs. 1.31 Crore, FIR Filed: मुलुंड में 90 वर्षीय विधवा के साथ नामी बिल्डर की 1.31 करोड़ की ठगी, FIR दर्ज

    मुंबई। मुलुंड में 90 वर्षीय विधवा महिला और उनके परिवार के साथ करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि मॉरीगोल्ड कंस्ट्रक्शन के पार्टनर्स ने सुनियोजित साजिश रचकर 1.31 करोड़ 43 हजार रुपए हड़प लिए।
    शिकायतकर्ता नारायण अईयर की तहरीर पर मुलुंड पश्चिम पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 0788/2025 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है।
    ठगी कैसे हुई?
    • बिल्डर ने रुपये लेने के बाद फ्लैट का अलॉटमेंट लेटर तो जारी किया,
    • लेकिन एग्रीमेंट रजिस्टर करने से लगातार बचता रहा।
    • बुजुर्ग महिला और परिवार कई बार बिल्डर के दफ्तर के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर बार बहानेबाज़ी कर टाल दिया गया।
    • अब तक न तो फ्लैट दिया गया, न ही रुपये लौटाए गए।
    पीड़िता की हालत
    पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई गंवाने के चलते विधवा महिला गहरे डिप्रेशन में चली गई हैं और उनकी शारीरिक हालत नाजुक बताई जा रही है।
    FIR में आरोपी
    • भरत प्रजापति
    • भाविन सेठ
    (पार्टनर्स – मॉरीगोल्ड कंस्ट्रक्शन)
    पीड़ित पक्ष का बयान
    हाईकोर्ट अधिवक्ता सत्यम दुबे ने कहा –
    “यह साफ तौर पर एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है। हमारे मुवक्किल से 1.31 करोड़ से अधिक रुपए लेकर विश्वासघात किया गया। हम दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।”
    पुलिस की कार्रवाई
    मुलुंड पुलिस का कहना है कि आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच की जा रही है। जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • बीएमसी सहकारी बैंक चुनाव 2025/2030 मतगणना में गड़बड़ी का आरोप, विष्णु घुमरे ने की दोबारा गिनती की मांग

    बीएमसी सहकारी बैंक चुनाव 2025/2030 मतगणना में गड़बड़ी का आरोप, विष्णु घुमरे ने की दोबारा गिनती की मांग

    मुंबई। दि मुन्सिपल सहकारी बैंक संचालक चुनाव 2025-2030 की मतगणना के दौरान गंभीर गड़बड़ी का आरोप सामने आया है। सरकार पैनल के प्रमुख विष्णु घुमरे ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने जानबूझकर उनके समर्थित उम्मीदवारों को हराने की साजिश की और वोटों में हेरफेर किया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और सहकारी व्यवस्था के साथ अन्याय है, इसलिए वोटों की दोबारा गिनती कराई जानी चाहिए।
    घुमरे ने इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा पदाधिकारियों और उनके पैनल के साथ जानबूझकर भेदभाव किया गया है। इस गड़बड़ी की जांच कराई जानी चाहिए और निष्पक्ष तरीके से पुनः मतगणना होनी चाहिए।
    इस बीच चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। सर्वसाधारण गट में सहकार पैनल से विवेक आठवले, किरण आव्हाड, अभिजीत बागुल, बोरीचा बिपीन, घारे सुरेश, जाधव विजय नाना, इंदल राठोड, महेश ठाकरे, बनसोडे नितीन और कसबे कुणाल विजयी हुए हैं। वहीं जय सहकार पैनल से विष्णु घुमरे, मुकेश घुमरे, दरेकर संतोष और दामोदरे रविंद्र को जीत मिली है।
    राखीव गट में ओबीसी सीट पर सहकार पैनल के भानुदास भोईर, एनटी सीट पर जय सहकार पैनल के राजेंद्र कराडे और एससी सीट पर सहकार पैनल के गिरीष जाधव विजयी हुए। महिला गट में सहकार पैनल की लीना इंगळे और जय सहकार पैनल की कविता विशे को सफलता हासिल हुई।
    चुनाव नतीजों के बीच विष्णु घुमरे के आरोपों ने पूरे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

  • BEST Election 2025: बेस्ट की क्रेडिट सोसायटी के पदाधिकारी चुनाव में ठाकरे बंधुओं को लगा बड़ा झटका, 21-0 मैदान से साफ

    BEST Election 2025: बेस्ट की क्रेडिट सोसायटी के पदाधिकारी चुनाव में ठाकरे बंधुओं को लगा बड़ा झटका, 21-0 मैदान से साफ


    मुंबई। मुंबई में हुए बहुप्रतीक्षित दी बेस्ट एम्प्लॉईज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी (BEST Election 2025) के नतीजे घोषित हो गए हैं। बैलेट पेपर पर हुए इस चुनाव में ठाकरे बंधुओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने के बावजूद उनके उत्कर्ष पैनल को एक भी सीट नहीं मिली। इस परिणाम ने शिवसेना और मनसे दोनों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव में दोनों दल मिलकर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

    शिवसेना-मनसे मैदान से साफ
    18 अगस्त को इस चुनाव के लिए मतदान हुआ था। मंगलवार को नतीजे आने थे, लेकिन मुंबई में हुई जोरदार बारिश के कारण मतगणना में देरी हुई और देर रात परिणाम घोषित किया गया। चुनाव में कुल 21 सीटें थीं, जिसमें शशांक राव पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 सीटें जीत लीं। वहीं भाजपा, शिवसेना शिंदे गुट और नितेश राणे की संयुक्त महायुती के सहकार समृद्धि पैनल को 7 सीटें मिलीं। ठाकरे गुट और मनसे के उत्कर्ष पैनल को कोई सफलता नहीं मिली।

    पिछले 9 वर्षों से चली आ रही अपनी सत्ता हाथ से गई
    इस नतीजे के साथ ठाकरे गुट की शिवसेना ने बेस्ट पतपेढी में पिछले 9 वर्षों से चली आ रही अपनी सत्ता भी गंवा दी। माना जा रहा है कि यह हार शिवसेना (उद्धव गुट) और मनसे दोनों के लिए आगामी चुनावों में एक बड़ा झटका साबित हो सकती है।

  • Vote Chore:‘वोट चोरी’ के खिलाफ मुंबई महिला कांग्रेस का मशाल जुलूस

    Vote Chore:‘वोट चोरी’ के खिलाफ मुंबई महिला कांग्रेस का मशाल जुलूस

    मुंबई। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और मुंबई महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष रजनीताई शेट्टी के मार्गदर्शन तथा प्रज्योति चंद्रकांत हंडोरे के नेतृत्व में दक्षिण मध्य मुंबई महिला कांग्रेस ने चेंबूर विधानसभा प्रभाग क्र.150 में मशाल जलाकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
    इस दौरान रजनीताई शेट्टी, उपाध्यक्ष पूर्वी पटेल, पूर्व नगरसेविका संगीता हंडोरे, सुप्रिया पाठक, आयशा खान, रूपारेल, कुंडताई, तालुका व वार्ड अध्यक्ष समेत अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • घाटकोपर हादसा स्थल के पास फिर लगा होर्डिंग, आधिकारिक या अनधिकृत को लेकर नागरिकों में सवाल

    घाटकोपर हादसा स्थल के पास फिर लगा होर्डिंग, आधिकारिक या अनधिकृत को लेकर नागरिकों में सवाल

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। शिवदिनेश शर्मा

    मुंबई। 13 मई 2024 को घाटकोपर (पूर्व) में रेलवे पुलिस कॉलोनी के पास एक विशाल होर्डिंग गिरने से हुए भीषण हादसे में 17 लोगों की मौत और 75 नागरिक घायल हुए थे। हादसे की जांच के लिए समिति बनी, कई गिरफ्तारियां हुईं और मुख्य आरोपी भावेश भिंडे को हाल ही में जमानत भी मिल चुकी है।

    अब, हादसा स्थल से पैदल दूरी पर फिर से एक बड़ा होर्डिंग लगाया गया है। इसकी वैधता और ऊंचाई को लेकर स्थानीय नागरिकों में भ्रम और नाराजगी है।

    स्थानीयों की चिंता

    एक रिक्शा चालक ने कहा—

    “पिछले साल जो हादसा हुआ, वो हम भूल नहीं पाए। अगर इस नए होर्डिंग के साथ भी कुछ गड़बड़ हुई, तो कौन जिम्मेदार होगा?”

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह होर्डिंग संदिग्ध है और इसकी ऊंचाई भी नियमों के अनुरूप नहीं दिखती।

    महानगर पालिका से प्रतिक्रिया नहीं

    एन वार्ड के सहायक आयुक्त गजानन बेल्लाले से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

    पिछले हादसे का पृष्ठभूमि

    जांच में सामने आया था कि तत्कालीन रेलवे पुलिस आयुक्त खालिद कैसर के माध्यम से पुलिस कल्याण कोष के नाम पर रेलवे पुलिस परिसर में अनधिकृत पेट्रोल पंप शुरू किया गया था। इसके बगल में उनकी पत्नी और एक साझेदार ने 4 अनधिकृत होर्डिंग लगा दिए थे।
    13 मई 2024 को इनमें से एक विशाल होर्डिंग गिर गया और बड़ी जनहानि हुई।

    मुंबई क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में होर्डिंग के आकार में नियमों से छेड़छाड़ का भी जिक्र है।

    हादसे के बाद की कार्रवाई

    • हादसे के बाद मुंबई महानगर पालिका ने एक साल के भीतर लगभग 1,450 होर्डिंग्स का निरीक्षण किया।
    • इनमें से 238 अनधिकृत पाए गए।
    • 175 को तुरंत हटाया गया।

    फिर भी, अब घाटकोपर हादसा स्थल के पास नया होर्डिंग लगाने से जांच की मांग फिर से उठ रही है।