Category: BMC

  • एक प्रणाम से भगवान प्रसन्न और सभी दोष क्षमा भी करते हैं:स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

    मुंबई।
    “भगवान की भक्ति के लिए भाव जरूरी है। वह इतने दयालु हैं कि एक प्रणाम से ही प्रसन्न हो जाते हैं और सभी दोष क्षमा कर देते हैं।” — यह उद्गार व्यक्त किए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने।
    वह बोरीवली स्थित कोराकेंद्र मैदान में चल रहे चातुर्मास्य व्रत महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “हमारे भगवान तो एक लोटा जल से भी खुश हो जाते हैं। वह भक्तों से कुछ नहीं लेते, बल्कि सब कुछ लौटा देते हैं।”


    33 कोटी गौप्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन


    महाराजश्री के सानिध्य में 108 कुंडीय “33 कोटी गौप्रतिष्ठा महायज्ञ” का आयोजन हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन 7 लाख आहुतियां दी जा रही हैं। हर कुंड पर चार आचार्य सेवाएं दे रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार के नाम से आहुतियां दे रहे हैं और यज्ञ की परिक्रमा भी कर रहे हैं।
    स्वामीजी ने बताया कि यज्ञ से रोग और दोष मिटते हैं, मन-बुद्धि और वातावरण शुद्ध होता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यज्ञ देवताओं को प्रसन्न करते हैं, जो हर श्रद्धालु को आशीर्वाद देते हैं।
    भगवद्भक्ति का संदेश
    स्वामीजी ने मंदिरों में बजने वाले घंटे की ध्वनि को भक्ति की तरंगों का जागरण बताया। उन्होंने कहा, “जहां भी हों, भगवान का स्मरण करें। शुद्ध मन और पूरे भक्तिभाव से किया गया सुमिरन भगवान को अत्यंत प्रिय है।”
    उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों से अपील की कि भगवान को कभी दूर न समझें — “वे आकाश में, धरती पर, और धरती के नीचे भी मौजूद हैं। बस हमें भाव बनाकर भक्ति करते रहना चाहिए।”
    चातुर्मास्य का समापन 7 सितंबर को
    स्वामीजी का चातुर्मास्य व्रत महोत्सव 7 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से इसमें भाग लेने का अनुरोध किया है।

  • मुंबई चाल पुनर्विकास विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने BMC को पक्षकार बनाया, MHADA के 79-A नोटिस को माना वैध

    मुंबई चाल पुनर्विकास विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने BMC को पक्षकार बनाया, MHADA के 79-A नोटिस को माना वैध

    मुंबई। वर्ली नाका स्थित शूरजी वल्लभदास चाल के पुनर्विकास को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अश्विन वीरा और अन्य याचिकाकर्ताओं ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) द्वारा जारी धारा 79-A के नोटिस का समर्थन किया और बाम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया।
    सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्जल भूयान की पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं को मुंबई महानगरपालिका (BMC) को पक्षकार बनाने की अनुमति दी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2025 को निर्धारित की है।


    याचिकाकर्ताओं की प्रमुख दलीलें:
    • चाल से संबंधित दस्तावेजों में स्पष्ट है कि BMC पहले ही इस भवन को “जर्जर और खतरनाक” घोषित कर चुकी है।
    • ऐसे में MHADA द्वारा जारी नोटिस क्षेत्राधिकार से बाहर नहीं माना जा सकता।
    • अधिनियम की धारा 76(d), 76(g) और 2(11) के अनुसार “सक्षम प्राधिकरण” की परिभाषा संदर्भानुसार बदल सकती है, जिससे नोटिस की वैधता प्रमाणित होती है।
    सुप्रीम कोर्ट का आदेश:
    “याचिकाकर्ताओं को BMC को उसके आयुक्त के माध्यम से पक्षकार बनाने की अनुमति दी जाती है। सभी पक्षों को नोटिस जारी किए जाएं, जिसकी वापसी तिथि 16.09.2025 तय की है। प्रतिवादी क्रमांक 1 से 3 की ओर से अधिवक्ता श्री सिद्धांत बक्सी ने नोटिस स्वीकार कर लिया है। दस्ती सेवा की भी अनुमति दी जाती है।”



    बॉम्बे हाईकोर्ट पहले ही MHADA द्वारा जारी 935 चालों के 79-A नोटिस पर गंभीर सवाल उठा चुका है। अदालत ने 28 जुलाई 2025 को कहा था कि केवल “दृष्टि निरीक्षण” के आधार पर कोई इमारत खतरनाक घोषित नहीं की जा सकती। इस आधार पर 46 नोटिस रद्द कर दिए गए और बाकी 889 चालों की पुनर्विकास प्रक्रिया को रोक दिया गया है।

    हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती
    इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में चाल मालिकों के पक्ष में फैसला दिया था, जिसे रहवासियों और MHADA ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट में मुख्य रूप से यह सवाल उठाया गया था कि क्या चाल को 79-A नोटिस देने से पहले उसे C1 कैटेगरी में घोषित किया गया था या नहीं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना कि MHADA द्वारा दिए गए नोटिस विधिक अधिकारों के तहत हैं।
    सुनवाई के दौरान लैंडलॉर्ड के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस स्वीकार किया। साथ ही कोर्ट ने दस्ती सेवा की भी अनुमति प्रदान की है ताकि प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सके। यह मामला अब मुंबई की अन्य पुरानी चालों के पुनर्विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियाँ:
    • सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया कि MHADA एक सक्षम प्राधिकरण है और उसने वैधानिक अधिकारों के तहत नोटिस जारी किया है।
    • अदालत के समक्ष BMC द्वारा 28 चालों की सूची पेश की गई है, जिन्हें पहले से ही खतरनाक घोषित किया गया था।
    • लैंडलॉर्ड (चाल मालिक) के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में नोटिस स्वीकार किया है।
    • Dasti सेवा की अनुमति देकर कोर्ट ने प्रक्रिया को तेज करने का मार्ग भी प्रशस्त किया।


    यह मामला क्यों है अहम?
    इस केस के फैसले का प्रभाव केवल एक चाल तक सीमित नहीं है। यह मुंबई की सैकड़ों पुरानी चालों के पुनर्विकास की वैधानिकता, पारदर्शिता और प्रक्रिया की वैधता पर भी असर डालेगा। यह स्पष्ट करेगा कि क्या MHADA जैसी एजेंसियां केवल दृष्टि निरीक्षण के आधार पर पुनर्विकास थोप सकती हैं या नहीं।

  • दादर तिलक ब्रिज पर 31 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

    दादर तिलक ब्रिज पर 31 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

    मुंबई। यातायात पुलिस के माटुंगा डिवीजन ने दादर (पूर्व) स्थित तिलक ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही पर 1 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसका उद्देश्य दैनिक यातायात भीड़ को कम करना और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करना है ।

    प्रतिबंध की अवधि:

    शुरुआत: रात 12:01 बजे (1 अगस्त)

    समाप्ति: रात 11:55 बजे (31 अगस्त)

    वैकल्पिक मार्ग:

    दक्षिण दिशा से आने वाले वाहन (Dr. B. A. रोड):सायन अस्पताल जंक्शन पर दाएं मुड़ें → सुलोचना शेट्टी मार्ग → कुंभारवाड़ा जंक्शन बाएं → टी. एस. कटारिया मार्ग → कटारिया पुल → शोभा होटल के पास बाएं → एल.जे. मार्ग → सेना भवन बाएं मुड़ें → एन.सी. केलकर मार्ग से प्लाज़ा सिनेमा की ओर जाते वाहन **उत्तर दिशा से आने वाले वाहन (Dr. B. A. मार्ग):**सीधे महेश्वरी सर्कल, अरोड़ा जंक्शन, फिर सायन अस्पताल जंक्शन बाएं → बाद की वैकल्पिक मार्ग वही जैसा ऊपर वर्णन है

    यह कदम भीड़-भाड़ और आपात दौरान सक्षम वाहनों की बाधित आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।तिलक ब्रिज की पुनर्निर्माण परियोजना चल रही है, लेकिन निर्माण के बावजूद ब्रिज पर क्षैतिज ट्रैफिक भार काफी अधिक है और फ्लाईओवर से गुजरना मुश्किल हो गया है । स्थानीय निवासियों ने नकली मार्गों, गलियों की संकरी चौड़ाई, और अतिक्रमण की वजह से यातायात और पैदल चलने में मुश्किलों की बात की है। अधूरे निर्माण, सीनेज और फुटपाथ अतिक्रमणों ने स्थिति और जटिल बना दी है ।

  • Ganesh Mandal Mandap fee relief 2025: गणेश मंडलों को बड़ी राहत: मंडप के लिए गड्ढा खोदने पर अब सिर्फ 2,000 रुपये शुल्क

    Ganesh Mandal Mandap fee relief 2025: गणेश मंडलों को बड़ी राहत: मंडप के लिए गड्ढा खोदने पर अब सिर्फ 2,000 रुपये शुल्क

    मुंबई, 31 जुलाई:
    मुंबई के सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों को अब मंडप निर्माण के लिए गड्ढा खोदने पर भारी दंड नहीं देना पड़ेगा। पहले यह शुल्क ₹15,000 था, जिसे अब घटाकर ₹2,000 कर दिया गया है। इस निर्णय से हजारों गणेश मंडलों को सीधा लाभ मिलेगा।

    यह निर्णय महाराष्ट्र के कॅबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा के लगातार प्रयासों और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हस्तक्षेप के बाद लिया गया। उपमुख्यमंत्री ने आज बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी को स्पष्ट निर्देश दिए कि शुल्क पूर्ववत ₹2,000 ही रखा जाए।


    30 जुलाई को मुंबई महानगरपालिका के C विभाग कार्यालय में आयोजित “राजा छत्रपति समस्या समाधान शिविर” में कई गणेश मंडलों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। वहां उनकी समस्याएं सुनते हुए मंत्री लोढा ने आश्वासन दिया था कि वे दंड कम करवाने हेतु त्वरित कार्रवाई करेंगे।

    मंत्री लोढा ने कहा था:

    “गणेशोत्सव महाराष्ट्र की संस्कृति का अभिन्न अंग है। हर किसी को इसे उल्लासपूर्वक मनाने का अधिकार है और सरकार इसमें सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।”

    आज सरकार ने यह वादा निभाया और निर्णय को अमल में लाकर गणेश मंडलों को राहत दी।

  • Aapli Chikitsa Yojana (BMC’s Public Healthcare Initiative): ‘आपली चिकित्सा योजना’ फिर से शुरू: अब मुंबई के 100 केंद्रों पर सिर्फ नाममात्र दरों में ब्लड टेस्ट की होगी सुविधा

    Aapli Chikitsa Yojana (BMC’s Public Healthcare Initiative): ‘आपली चिकित्सा योजना’ फिर से शुरू: अब मुंबई के 100 केंद्रों पर सिर्फ नाममात्र दरों में ब्लड टेस्ट की होगी सुविधा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपनी जनकल्याणकारी योजना ‘आपली चिकित्सा योजना’ को 1 अगस्त 2025 से दोबारा शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य मुंबईकर नागरिकों को नाममात्र दरों पर गुणवत्तापूर्ण रक्त जांच सेवाएं प्रदान करना है।

    यह योजना मुंबई के 100 स्वास्थ्य संस्थानों में लागू की जा रही है, और इसका विस्तार 15 अगस्त 2025 तक महानगरपालिका के सभी अस्पतालों और दवाखानों तक किया जाएगा।

    ✅ मुख्य विशेषताएं:

    • 83 प्रकार के ब्लड टेस्ट:
      • 66 मूलभूत जांच
      • 17 एडवांस टेस्ट
    • व्हाट्सऐप पर रिपोर्ट सुविधा:
      अब मरीजों को रिपोर्टें सीधे व्हाट्सऐप पर भेजी जाएंगी।
    • डिजिटल रिकॉर्ड:
      सभी मरीजों का डेटा HMIS सिस्टम में दर्ज किया जाएगा।
    • समयसीमा:
      यह सेवा 15 अगस्त 2025 तक मुंबई के सभी पालिका अस्पतालों और दवाखानों में कार्यान्वित होगी।

    🏥 सेवा स्थान:

    • उपनगरीय अस्पताल
    • पालिका प्रसूतिगृह
    • विशेष अस्पताल
    • ‘आपला दवाखाना’
    • पॉलिक्लिनिक
    • कूपर अस्पताल (विलेपार्ले)
    • एचएचबीटी ट्रॉमा केयर अस्पताल (जोगेश्वरी)

    सेवा प्रदाता: लाइफनिटी हेल्थ (निविदा प्रक्रिया जून 2025 में पूर्ण)

  • “Mumbai will now be free of junk vehicles”: मुंबईकरों को मिली बड़ी राहत: सिर्फ एक कॉल या व्हाट्सऐप से अब सड़कों पर खड़े भंगार वाहनों की करें शिकायत

    “Mumbai will now be free of junk vehicles”: मुंबईकरों को मिली बड़ी राहत: सिर्फ एक कॉल या व्हाट्सऐप से अब सड़कों पर खड़े भंगार वाहनों की करें शिकायत

    मुंबई: शहर की सड़कों पर जर्जर और परित्यक्त वाहनों की वजह से नागरिकों को ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अब नागरिकों को एक सरल और तेज शिकायत तंत्र प्रदान किया है।

    अब आप इन तीन माध्यमों से भंगार वाहनों की शिकायत कर सकते हैं:

    • बीएमसी हेल्पलाइन नंबर: 1916
    • बीएमसी वेबसाइट: https://www.mcgm.gov.in
    • व्हाट्सऐप पर शिकायत के लिए क्षेत्रीय नंबर:
      • शहर विभाग: 📱 7505123456
      • पूर्व उपनगर: 📱 9819543092
      • पश्चिम उपनगर: 📱 8828896903

    शिकायत करते समय वाहन की फोटो और गूगल लोकेशन भेजना जरूरी है, जिससे टीम आसानी से कार्रवाई कर सके।


    कार्यप्रणाली और नियम

    बीएमसी प्रशासन ने इसके लिए अधिकृत ठेकेदार नियुक्त किए हैं जो बेवारस वाहनों की पहचान कर उन्हें हटाते हैं।

    • नोटिस के 72 घंटे के भीतर वाहन न हटाने पर उसे टो करके यार्ड में ले जाया जाएगा।
    • 30 दिनों के भीतर यदि वाहन मालिक दंड नहीं भरता, तो वाहन को नीलाम या स्क्रैप किया जाएगा।
    • यह प्रक्रिया नगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 314 के तहत लागू की गई है।

    उद्देश्य

    यह पहल केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि शहर को अतिक्रमण मुक्त और नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए है।

    मुंबईकरों से अपील:
    यदि आप अपने आसपास किसी सार्वजनिक सड़क पर लंबे समय से खड़ा कोई परित्यक्त वाहन देखें, तो तुरंत उपरोक्त नंबरों पर शिकायत भेजें।

  • ACB की कार्रवाई में अन्न आपूर्ति विभाग का मुख्य निरीक्षक विनायक निकम ₹1.75 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

    ACB की कार्रवाई में अन्न आपूर्ति विभाग का मुख्य निरीक्षक विनायक निकम ₹1.75 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। शिवदिनेश शर्मा
    मुंबई। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अन्न व नागरी पुरवठा विभाग के मुख्य निरीक्षक विनायक वसंत निकम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निकम पर कांदिवली और ठाणे की गैस एजेंसियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को रोकने के एवज में ₹2.5 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की कांदिवली और ठाणे में गैस एजेंसियाँ हैं। आरोपी अधिकारी ने अक्तूबर 2024 में कांदिवली और अगस्त 2024 में ठाणे की एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद आरोपी ने आगे कोई कार्रवाई न करने और व्यवसाय में बाधा न डालने के बदले ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

    शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और 29 जुलाई को विनायक निकम को ₹1.75 लाख की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।

    सूत्रों के अनुसार, आरोपी के बैग से अतिरिक्त ₹10 लाख नकद मिलने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    यह कार्रवाई एसीबी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनिल घेरडीकर और राजेंद्र सांगले के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक सुनीता दिघे व ACB मुंबई टीम द्वारा की गई।

  • Spiritual celebration at its peak in Borivali:फिल्मी हस्तियों ने चातुर्मास्य महामहोत्सव में लिया शंकराचार्य का आशीर्वाद, बोरीवली में आध्यात्मिक उत्सव चरम पर

    Spiritual celebration at its peak in Borivali:फिल्मी हस्तियों ने चातुर्मास्य महामहोत्सव में लिया शंकराचार्य का आशीर्वाद, बोरीवली में आध्यात्मिक उत्सव चरम पर

    सत्य पर अडिग रहो, दुख से न घबराओ : शंकराचार्य का प्रेरक संदेश

    मुंबई, बोरीवली स्थित कोराकेंद्र ग्राउंड पर चल रहे चातुर्मास्य महामहोत्सव में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के दर्शन व आशीर्वाद लेने पहुंचे फिल्म जगत की नामचीन हस्तियां। सुप्रसिद्ध नृत्यांगना व अभिनेत्री सुधाचंद्रन, ‘गदर’ फिल्म की अभिनेत्री सिमरन कौर तथा श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्यों ने जगद्गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    इस अवसर पर शंकराचार्य जी ने कहा, “जीवन में जब भी दु:ख आए तो घबराना नहीं चाहिए। सत्य पर अडिग रहना चाहिए, क्योंकि अंततः सत्य की ही विजय होती है।” कोराकेंद्र ग्राउंड पर 108 कुंडों में जारी 33 करोड़ गांव प्रतिष्ठा महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देशभर से आए गुरुकुलम के विद्यार्थी वैदिक क्रियाओं व मंत्रोच्चार से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे हैं।

    वर्धांति महोत्सव के अंतर्गत आदि शंकराचार्य जी की भव्य प्रतिमा का भी अनावरण किया गया, जिसे आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु पूजा पंडाल में स्थापित किया गया है। आयोजकों ने मुंबईवासियों से इस ऐतिहासिक धार्मिक अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

    श्रावण मास में प्रतिदिन रुद्राभिषेक के अवसर भी आमजनों के लिए खुले हैं।

  • The voice of justice for every citizen will now rise stronger and clearer: विष्णु कांत त्रिपाठी को मिली अहम जिम्मेदारी, बने राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के मध्य प्रदेश अध्यक्ष

    The voice of justice for every citizen will now rise stronger and clearer: विष्णु कांत त्रिपाठी को मिली अहम जिम्मेदारी, बने राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के मध्य प्रदेश अध्यक्ष

    #HumanRights #VishnuTripathi #MadhyaPradesh #NHRF

    भोपाल। राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ने श्री विष्णु कांत त्रिपाठी को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राज्य के विभिन्न जिलों में उनके सामाजिक कार्यों, पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रयासों और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए की गई है।

    प्रदेश अध्यक्ष के रूप में श्री त्रिपाठी को संगठनात्मक विस्तार की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसमें प्रदेश कार्यकारिणी का गठन, जिला अध्यक्षों की नियुक्ति, प्रदेश महासचिव एवं अन्य पदाधिकारियों का चयन, महिला प्रकोष्ठ का गठन, मीडिया प्रभारी और लीगल एडवाइज़र की नियुक्ति जैसे कार्य शामिल हैं।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजय कुमार सिंह ने कहा,
    “श्री त्रिपाठी ने मानवाधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में जो सक्रियता और जागरूकता दिखाई है, वह अनुकरणीय है। हमें विश्वास है कि वे अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा और समर्पण से निभाएंगे।”

    अब तक श्री त्रिपाठी ने राज्य के कई जिलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मानवाधिकारों के प्रति जनजागरूकता फैलाने जैसे उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

    संस्था को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश में मानवाधिकार संरक्षण के प्रयास और अधिक प्रभावी, संगठित और सशक्त रूप से आगे बढ़ेंगे।

    📌 #HumanRights #VishnuTripathi #MadhyaPradesh #NHRF