ठाणे (संवाददाता): सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाकर लोगों में डर और भ्रम पैदा करने के मामले में मुंब्रा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा “रात 12 बजे से सख्त लॉकडाउन लागू होने” का दावा करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
जानकारी के अनुसार, युवक ने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उसने बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के लॉकडाउन लागू होने की बात कही। वीडियो तेजी से वायरल होते ही लोगों में भय फैल गया और कई लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए घरों से बाहर निकल पड़े, जिससे अनावश्यक भीड़ और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से वीडियो की सत्यता की जांच कर तकनीकी आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसने केवल मजाक और ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से यह वीडियो बनाया था।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, मुंब्रा पुलिस स्टेशन ने आरोपी से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाते हुए उसे भविष्य में ऐसी हरकत न दोहराने की सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। साथ ही, फर्जी संदेशों को आगे बढ़ाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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Lockdown:मुंब्रा में फर्जी लॉकडाउन की अफवाह फैलाने वाला युवक गिरफ्तार, पुलिस की सख्त कार्रवाई
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Digital Thane: ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन की नई पहचान, डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की पहल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
ठाणे (संवाददाता): महाराष्ट्र के तेजी से विकसित हो रहे ठाणे जिले में डिजिटल प्रशासन (Digital Thane) का एक नया मॉडल सामने आया है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के नेतृत्व में ‘ई-गवर्नेंस इम्प्रूवमेंट मिशन’ के तहत शुरू की गई पहलों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आम नागरिकों के लिए सुलभ बना दिया है।
‘सेवा संवाद’ और ‘डिजी संवाद’ जैसी पहलों के जरिए प्रशासन ने नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत दी है। 15 अगस्त 2025 से शुरू ‘सेवा संवाद’ के तहत जिले के 873 ‘आपले सरकार’ सेवा केंद्रों पर QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया गया है, जिससे नागरिक सीधे सेवाओं की गुणवत्ता, शुल्क और व्यवहार पर अपनी राय दर्ज कर सकते हैं। वहीं, WhatsApp आधारित ‘डिजी संवाद’ (9930001185) प्लेटफॉर्म ने 24×7 शिकायत दर्ज करने और उसे ट्रैक करने की सुविधा देकर प्रशासन को और अधिक रिस्पॉन्सिव बनाया है।
इतिहास और भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में भी ठाणे प्रशासन ने उल्लेखनीय कार्य किया है। ‘ई-संजीवन’ सिस्टम के माध्यम से 1890 से अब तक के जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड को AI और ब्लॉकचेन तकनीक से सुरक्षित किया गया है। साथ ही ‘राजभूमि’ पोर्टल के जरिए सरकारी जमीनों का जियो-रेफरेंसिंग आधारित डिजिटल मैनेजमेंट शुरू कर अवैध कब्जों और लैंड माफिया पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की सेवाओं को भी डिजिटल मैपिंग के जरिए आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाया गया है। जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी स्कूल और सड़क नेटवर्क जैसी सुविधाओं की जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध है, जिससे आपदा प्रबंधन और भविष्य की योजना अधिक वैज्ञानिक तरीके से संभव हो पाई है।इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘150 Days of e-Governance Improvement’ कार्यक्रम के अंतर्गत ठाणे जिला प्रशासन के अधिकारियों को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर Ranjit Yadav, Ashutosh Dumbre, Manisha Awhale, Dr. D. Swami और Sunil Pawar को भी सम्मानित किया गया।
ठाणे जिले में लागू यह ई-गवर्नेंस मॉडल न केवल तकनीकी बदलाव का उदाहरण है, बल्कि प्रशासनिक कार्यशैली में एक व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभरा है, जिससे आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत हो रही है। -

Gas Cylinder: गैस सिलेंडर की आपूर्ति बनाए रखने के लिए Maharashtra में कंट्रोल रूम व जिलास्तरीय समितियां गठित
मुंबई, प्रतिनिधि: ईरान-इजराइल युद्ध की पृष्ठभूमि में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर(Gas Cylinder) की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। राज्य में एलपीजी की आपूर्ति पर नजर रखने और संभावित संकट से निपटने के लिए राज्यभर में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं तथा जिलास्तर पर विशेष समितियां गठित करने का निर्णय लिया गया है।
अन्न, नागरी आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिल डिग्गीकर ने संबंधित सभी विभागों को एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रखने और आवश्यक उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से नागरिकों को भरोसा दिलाया गया है कि राज्य में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी रहेगी।
छह महीनों की तुलना में अधिक सिलेंडर उपलब्ध
विभाग के अनुसार मार्च महीने में पिछले छह महीनों की तुलना में अधिक मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। युद्ध की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलास्तर पर विशेष समितियां
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जिलास्तर पर विशेष समितियां बनाई जाएंगी। इन समितियों में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी और सरकारी गैस कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे। समितियां गैस आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी निभाएंगी।
मुंबई-ठाणे रेशनिंग क्षेत्र में नियंत्रक (रेशनिंग) के अधीन एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जिसमें पुलिस उपआयुक्त और उपनियंत्रक (रेशनिंग) शामिल होंगे। मुंबई और ठाणे शहर के उपायुक्तों के साथ सह-पुलिस आयुक्त (प्रशासन) समन्वय करेंगे।
अत्यावश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, सरकारी छात्रावासों, स्कूल-कॉलेजों की मेस, मध्यान्ह भोजन योजना और आश्रमशालाओं जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को घरेलू और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। इसके लिए विशेष प्राथमिकता सूची भी तैयार की जाएगी।
अफवाहों पर कार्रवाई
गैस आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रेडियो, एफएम, दूरदर्शन और प्रिंट मीडिया के माध्यम से नागरिकों को नियमित जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
नियंत्रण कक्ष और शिकायत व्यवस्था
राज्य, विभाग, जिला और तालुका स्तर पर नियंत्रण कक्ष शुरू किए जाएंगे। शिकायतों के समाधान के लिए व्हाट्सऐप सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। गैस बुकिंग ऐप और मिस्ड कॉल सेवाओं में आने वाली तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश तेल कंपनियों को दिए गए हैं।
राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं
महाराष्ट्र में प्रतिदिन लगभग 9,000 मीट्रिक टन एलपीजी की मांग होती है। इसे पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाकर करीब 11,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके चलते राज्य में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त साठा उपलब्ध है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी), पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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Mumbai:मुंबई में हाई अलर्ट: महाराष्ट्र विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी
बजट सत्र के बीच खाली कराया गया पूरा परिसर
मुंबई । गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब महाराष्ट्र विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने की खबर सामने आई। यह धमकी ऐसे समय आई जब महाराष्ट्र विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही जारी थी और बड़ी संख्या में मंत्री, विधायक और अधिकारी भवन परिसर में मौजूद थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे विधान भवन को तुरंत खाली करा लिया गया और इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।प्राथमिक जानकारी के अनुसार कुछ विधायकों और विधान भवन की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल भेजा गया था, जिसमें इमारत को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। जैसे ही इस मेल की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिली, तुरंत आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया और परिसर में मौजूद सभी कर्मचारियों, अधिकारियों और विधायकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्ते की जांच तेजधमकी की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस और Bomb Detection and Disposal Squad (BDDS) की टीमें तुरंत विधान भवन पहुंच गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेर लिया और चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी शुरू कर दी।विशेष उपकरणों और डॉग स्क्वॉड की मदद से भवन के हर हिस्से की जांच की जा रही है। सुरक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री मौजूद न हो। एहतियात के तौर पर पूरे परिसर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है।बजट सत्र के बीच मचा हड़कंपधमकी भरा ईमेल ऐसे समय आया जब विधान भवन में बजट सत्र की महत्वपूर्ण कार्यवाही चल रही थी। इस दौरान कई अहम विधेयकों और वित्तीय प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी। अचानक सुरक्षा अलर्ट जारी होने के बाद सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत ‘फ्लैश अलर्ट’ जारी किया, जिसके बाद सभी विधायकों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया।तकनीकी टीम ईमेल के स्रोत की जांच में जुटीधमकी देने वाले ईमेल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम भी सक्रिय हो गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह ईमेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं।फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए डिजिटल ट्रेसिंग की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जब तक पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विधान भवन परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी पाबंदी रहेगी।सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, तलाशी अभियान जारीअधिकारियों के मुताबिक अभी भी पूरे भवन परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है और हर मंजिल की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए पूरी सतर्कता बरत रही हैं।हालांकि अभी तक किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस इसे गंभीर धमकी मानते हुए हर एंगल से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विधान भवन की सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू की जाएंगी।
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LPG Cylinder: यूएस-इजरायल और ईरान तनाव के बीच भारत ने एलपीजी सप्लाई को सुरक्षित रखा लेकिन जनता कालाबाजारी से बेहाल
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नई दिल्ली/मुंबई: यूएस-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, जिससे एलपीजी (LPG Cylinder) की सप्लाई पर भी असर पड़ा। भारत सरकार ने एलपीजी की घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दावा किया है कि घरेलू डिलीवरी सामान्य समय पर ही जारी रहेगी।

लेकिन वास्तविक स्थिति जनता के लिए भयावह बनी हुई है। कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और ऊँचे होलसेल दाम आम जनता को परेशान कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार बड़े कारोबारी और डीलर एलपीजी की उपलब्धता को नियंत्रित कर उसके दाम बढ़ा रहे हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर खरीदने में मुश्किल हो रही है, और सरकारी राहत की योजनाएं प्रभावी रूप से जमीन पर नहीं पहुंच पा रही हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एलपीजी की सुरक्षित सप्लाई और नए LNG कार्गो की व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि घरेलू सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है और नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर जैसे हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को भी जरूरत के अनुसार आवंटन किया जा रहा है। वहीं एलपीजी बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
सरकार का दावा है कि घरेलू डिलीवरी सामान्य रूप से 2.5 दिन में होगी, लेकिन जनता का कहना है कि होलसेल दामों और कालाबाजारी के कारण सिलेंडर आसानी से नहीं मिल रहा। BPCL, IOC और HPCL की संयुक्त समिति मांग और आवंटन की समीक्षा कर रही है, लेकिन कई क्षेत्रों में लोग निजी डीलरों के बढ़ते दाम और काले बाजारी आपूर्ति से परेशान हैं।
केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों के डीजीपी और सचिवों से कहा है कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँ। हालांकि जनता का अनुभव बताता है कि इस दिशा में कार्रवाई पर्याप्त नहीं हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के उपायों और अतिरिक्त LNG आयात के बावजूद स्थानीय डीलरों द्वारा किए जा रहे मनमाने दामों और कालाबाजारी पर नजर रखना बेहद जरूरी है, वरना आम जनता की परेशानी और बढ़ सकती है।
सरकार का दावा और जनता का अनुभव फिलहाल आमने-सामने हैं, और एलपीजी संकट को लेकर वास्तविक राहत जनता तक पहुँचने में देरी हो रही है।
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पत्नी के अवैध संबंध के शक में प्रेमी की हत्या, आरोपी पति 4 घंटे में गिरफ्तार
ठाणे जिले के शिल-दाइघर इलाके में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी के कथित प्रेमी की लोहे के हथौड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी। पत्नी के अवैध संबंध के शक में की गई इस वारदात के बाद शिल-दाइघर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 को सुबह करीब 10 बजे से 11:40 बजे के बीच पिंपरी क्षेत्र के दाइघर गांव स्थित सर्वे नंबर 69 में किसान रामचंद्र कोडिम्बा सकपाल के धान के खेत में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान प्रकाश बीसा (40) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हसनगंज का रहने वाला था और नवी मुंबई के महापे स्थित साई प्रसाद स्नैक्स सेंटर कैंटीन में वेटर के रूप में काम करता था। इस मामले में कल्याण जिले के वडावली खुर्द निवासी होटल मालिक जितेंद्र उत्तम पाटिल की शिकायत पर शिल-दाइघर पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शिल-दाइघर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीराम पॉल के मार्गदर्शन में दो विशेष जांच दल गठित किए गए। पुलिस उपायुक्त सुभाष चंद्र बुरसे (जोन-1, ठाणे) और सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया दामाले (कलवा डिवीजन) के नेतृत्व में टीम ने गुप्त सूचना, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध रामराव दासु जाधव (39), निवासी शिलगांव, ठाणे को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी शोभाबाई के साथ मृतक प्रकाश बीसा के अवैध संबंध हैं। इसी शक के चलते आरोपी ने योजना बनाकर प्रकाश बीसा को शराब पिलाने के बहाने पिंपरी गांव के धान के खेत में बुलाया और लोहे के हथौड़े से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथौड़ा भी बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक (अपराध) गजेंद्र राउत, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रशांत खरात, अनिल राजपूत, योगेश लमखाडे, शाहजी शेल्के, संतोष चव्हाण, पुलिस उप-निरीक्षक अजय टिडके सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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Love angle: बॉयफ्रेंड ने नंबर किया ब्लॉक, प्रेमिका ने खाड़ी में लगाई छलांग; मछुआरों ने बचाई जान
नवी मुंबई | संवाददाता
नवी मुंबई के वाशी खाड़ी ब्रिज से एक युवती द्वारा खाड़ी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास करने का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। हालांकि मौके पर मौजूद स्थानीय मछुआरों की सतर्कता और बहादुरी के कारण युवती की जान बचा ली गई।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रेम संबंध में विवाद ((Love angle) के चलते युवती ने यह कदम उठाया। बताया जा रहा है कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिससे आहत होकर उसने वाशी खाड़ी पुल से खाड़ी में छलांग लगा दी।
घटना के समय आसपास मौजूद मछुआरों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए पानी में उतरकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसकी जान बचा ली।
घटना की सूचना मिलते ही वाशी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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अंबरनाथ MIDC की केमिकल कंपनी में भीषण आग, दूर-दूर तक दिखे धुएं के गुबार
अंबरनाथ: महाराष्ट्र के अंबरनाथ स्थित आनंद नगर MIDC इलाके की एक केमिकल कंपनी में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कंपनी में बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ होने के कारण आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं और मौके पर कई धमाकों की आवाज भी सुनाई दी।

आनंद नगर क्षेत्र अंबरनाथ का प्रमुख औद्योगिक इलाका माना जाता है। यहां महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) की बड़ी औद्योगिक वसाहत है, जहां करीब एक हजार से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां संचालित होती हैं। इनमें केमिकल, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल और अन्य उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। ऐसे में केमिकल कंपनी में लगी आग को गंभीर माना जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही अंबरनाथ, बदलापुर और आसपास के इलाकों से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कंपनी में मौजूद केमिकल के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हो रही है।
बताया जा रहा है कि कंपनी के अंदर मौजूद रसायन बाहर सड़क तक फैल गए, जिसके कारण कुछ जगहों पर सड़क पर भी आग की लपटें फैलती दिखाई दीं। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की कुछ सड़कों को बंद कर दिया गया है।
भीषण आग के कारण आसमान में घना काला धुआं फैल गया है, जो अंबरनाथ के साथ-साथ बदलापुर शहर तक दिखाई दे रहा है। कई किलोमीटर दूर से भी धुएं के बड़े गुबार देखे जा सकते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, हालांकि आग की तीव्रता को देखते हुए बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!
अश्विनी कुमार
मुंबई: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कुछ गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने का आरोप लग रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई जगहों पर गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने और देरी से डिलीवरी करने की कोशिश कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद भारत में भी एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बाद से कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ वितरकों ने ग्राहकों को यह कहकर परेशान करना शुरू कर दिया है कि सिलेंडर की सप्लाई कम है या देर से आएगी। इसके चलते कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग और अतिरिक्त पैसे लेने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पहले और अब सिलेंडर के दाम
सिलेंडर प्रकार पुराना रेट (मुंबई) नया रेट (मुंबई) बढ़ोतरी घरेलू LPG (14.2 किलो) ₹852.50 ₹912.50 ₹60 कमर्शियल LPG (19 किलो) लगभग ₹1,692 लगभग ₹1,836 ₹115–₹144 7 मार्च 2026 से देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹115 से अधिक बढ़ा दी गई है।
सप्लाई में देरी और इंतजार
मुंबई में कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने के बाद 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सरकार पर उठ रहे सवाल
विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि एजेंसियां ग्राहकों से अधिक पैसे वसूलती हैं या सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा करती हैं तो केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो महंगे सिलेंडर और सप्लाई की कमी का फायदा उठाकर ग्राहकों से अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार हो सकता है।
सरकार से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि कोई एजेंसी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलती है या जानबूझकर सप्लाई रोकती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस पहले ही आम लोगों के बजट पर बोझ बन चुकी है। ऐसे में अगर एजेंसियों की मनमानी बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को निगरानी बढ़ाने, शिकायत तंत्र मजबूत करने और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
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Shiv Sena:घाटकोपर श्मशान घाट में गुजराती रसीदों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) का बीजेपी पर हमला
मुंबई: महाराष्ट्र में भाषाई मुद्दे को लेकर राजनीति फिर गरमा गई है। Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) ने महानगरपालिका चुनाव में जीतने वाली महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए अपने मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय के जरिए बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

घाटकोपर श्मशान घाट का मामला
संपादकीय के अनुसार Brihanmumbai Municipal Corporation के तहत आने वाले घाटकोपर स्थित हिंदू श्मशान घाट में मृत्यु पंजीकरण की रसीदें गुजराती भाषा में जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है। जबकि महानगरपालिका के पुराने नियमों के मुताबिक ऐसे प्रमाणपत्र मराठी और अंग्रेजी में जारी किए जाने चाहिए।
लेख में दावा किया गया है कि कई दिनों से आधिकारिक चिह्नों वाली ये रसीदें वितरित की जा रही हैं, जिससे भाषाई विवाद खड़ा हो गया है। संपादकीय में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान मेयर Ritu Tawde कर रही हैं, इसलिए इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
बीजेपी पर मराठी विरोध का आरोप
सामना के संपादकीय में Bharatiya Janata Party पर आरोप लगाया गया कि चुनाव के समय मराठी प्रेम का प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन बाद में उसे भुला दिया जाता है।
लेख में यह भी कहा गया कि अगर महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य है, जैसा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में कहा था, तो श्मशान घाट में गुजराती भाषा में रसीदें जारी होना सवाल खड़ा करता है।
मराठी अस्मिता का मुद्दा
संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र में रेलवे प्लेटफॉर्म, सड़कों के नाम और अन्य सरकारी कामों में गुजराती भाषा को बढ़ावा देने की कोशिश मराठी के लिए खतरे के रूप में देखी जा रही है। हालांकि इसमें यह भी स्वीकार किया गया कि गुजराती भाषा और संस्कृति का देश के साहित्य, संगीत और राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
लेख में यह भी कहा गया कि मराठी भाषा और अस्मिता की रक्षा के लिए शिवसेना ने दशकों तक संघर्ष किया है। इसमें Chhatrapati Shivaji Maharaj, B. R. Ambedkar और Bal Thackeray की भाषा के रूप में मराठी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि महाराष्ट्र की राजधानी में मराठी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।