Category: Uttar Pradesh

  • वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी कफ सिरप केस में नया मोड़: भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला पर गंभीर आरोप, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने जांच की मांग

    वाराणसी। वाराणसी में कफ सिरप किंगपिन शुभम जायसवाल प्रकरण में अब भाजपा नेता अम्बरीश सिंह भोला का नाम सुर्खियों में है। पूर्व IPS और आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि भोला का संबंध शुभम जायसवाल से काफी नजदीकी था और उनसे हर महीने मोटी रकम मिलती थी।

    अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में दो वीडियो जारी करते हुए यूपी पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजा है। ठाकुर ने कहा कि:

    “पहला मामला लीपापोती के साथ बंद कर दिया गया। अब नए तथ्य सामने आ रहे हैं, इसलिए तत्काल जांच जरूरी है।”

    उनका आरोप है कि जब कफ सिरप घोटाले की बात उठी, तब कुछ लोगों ने हाई-प्रोफाइल पब्लिसिटी हासिल करके केस को सस्पेंस स्टोरी जैसा बना दिया।
    लेकिन अब जांच की मांग तेज हो गई है।

    ठाकुर ने कहा कि पूरा मामला केवल कहानी नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क का संकेत देता है, जिसकी तहकीकात होना आवश्यक है।इस ताजा मांग के बाद कफ सिरप केस फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है।

  • श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सुगम दर्शन के नाम पर वसूली, 12 गिरफ्तार

    वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं से रुपये लेकर सुगम दर्शन कराने के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई दो जगहों पर की गई — मंदिर के गेट नंबर-4 से पाँच लोगों को और बांसफाटक के पास से सात लोगों को हिरासत में लिया गया।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई
    एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतों के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध गतिविधियाँ सामने आने पर टीम ने मौके पर पहुँचकर इन लोगों को पकड़ा। पूछताछ में सभी ने पैसे लेकर सुगम दर्शन कराने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया।

    गिरफ़्तार किए गए लोगों के नाम
    दशाश्वमेध पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • गणेश जयसवाल
    • अमन कुमार
    • कैलाशनाथ पांडेय
    • रितेश पांडेय
    • वहीद अहमद
    • रामबली बिन्द
    • रवि पांडेय

    चौक पुलिस द्वारा गिरफ्तार:

    • प्रदीप कुमार पटेल
    • किशन श्रीवास्तव
    • शैलेन्द्र नारायण पाठक
    • प्रवीन ठाकुर
    • प्रिंश चौहान

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि मंदिर परिसर में किसी भी तरह की दलाली या वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • यूपी पंचायत चुनाव 2026: कांग्रेस ने सपा से किया किनारा, अकेले लड़ने का ऐलान

    यूपी पंचायत चुनाव 2026: कांग्रेस ने सपा से किया किनारा, अकेले लड़ने का ऐलान

    उत्तर प्रदेश: आगामी पंचायत चुनाव 2026 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी का उद्देश्य अपने जमीनी संगठन को मजबूत करना और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करना है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को अगले विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस यह निर्णय इसलिए कर रही है ताकि पार्टी जनाधार का सही अंदाजा लगा सके और संगठनात्मक मजबूती बढ़ा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व लेगा। फिलहाल यूपी में कांग्रेस अपने 403 विधानसभा सीटों पर संगठन सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    यूपी कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने भी पुष्टि की कि पार्टी इस बार सपा के साथ नहीं जाएगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि पंचायत स्तर पर पार्टी का सक्रिय होना और कार्यकर्ताओं को टिकट देना कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर मजबूती देने के साथ-साथ सपा पर दबाव बनाने में भी मदद करेगा।

    पिछली लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस-सपा गठबंधन ने बीजेपी को बहुमत से रोकने में सफलता हासिल की थी। अब पार्टी इसी रणनीति के तहत पंचायत चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रही है। इस कदम से कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों में रणनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • कफ सिरप कांड: 2000 करोड़ का अवैध कारोबार, ईडी की जांच से हिल गया नेटवर्क; कई सफेदपोश निगरानी में

    कफ सिरप कांड: 2000 करोड़ का अवैध कारोबार, ईडी की जांच से हिल गया नेटवर्क; कई सफेदपोश निगरानी में

    आशुतोष मिश्रा

    लखनऊ। नशीले कफ सिरप की तस्करी करने वाला यूपी आधारित एक बड़ा सिंडीकेट करीब 2000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार कर चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क की जड़ें इतनी गहरी हैं कि अधिकारी भी हैरान हैं। अब ईडी इस पूरे रैकेट को जोड़कर उन बाहुबलियों और सफेदपोश चेहरों को बेनकाब करने की तैयारी में है, जिनके संरक्षण में यह अवैध धंधा फलता-फूलता रहा।


    तीन राज्यों और विदेश तक फैला नेटवर्क

    सूत्रों की मानें तो ईडी ने एसटीएफ, एसआईटी, जिला पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अब तक की कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड जुटा लिया है। जांच में सामने आया कि इस सिंडीकेट ने तीन राज्यों और विदेश में करीब 2000 करोड़ रुपये की नशीली कफ सिरप की तस्करी की है।

    जांच एजेंसियां फर्जी फर्मों, शेल कंपनियों और आरोपियों की संपत्तियों की पड़ताल में जुटी हैं। कई संदिग्ध बैंक खातों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ मिली हैं, जिनका लिंक इस अवैध कारोबार से जोड़ा जा रहा है।


    बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की तलाश, लुकआउट नोटिस जारी

    कफ सिरप रैकेट में आरोपी बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। लगातार छापेमारी के बावजूद एसटीएफ अब तक उसके किसी ठिकाने तक नहीं पहुंच सकी है।

    सूत्रों के मुताबिक आलोक सिंह ने चार दिन पहले राजधानी की एक अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी भी दी है। वह गाजियाबाद की एफआईआर में नामजद है, जबकि लखनऊ में दर्ज केस की विवेचना में उसका नाम बढ़ाया गया है।


    माफिया की भूमिका पर सवाल, एसटीएफ की जांच भी कटघरे में

    इस रैकेट को संरक्षण देने वाले एक बाहुबली माफिया से भी अब तक पूछताछ न होने पर एसटीएफ की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि आरोपी माफिया की आरोपियों से गहरी सांठगांठ है, लेकिन फिर भी उसे तलब नहीं किया गया।


    दुबई कनेक्शन: विशाल सिंह की तलाश तेज

    जांच एजेंसियां उन कड़ियों को भी जोड़ रही हैं, जिनके जरिए आरोपी अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह को दुबई ले जाया गया था। इस कड़ी में जौनपुर निवासी विशाल सिंह की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि विशाल सिंह एक पूर्व आईएएस अधिकारी का करीबी है और लखनऊ में रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार करता है।

    सूत्रों के अनुसार, वह बाहुबली नेटवर्क की मदद से सुल्तानपुर रोड पर जमीनों की खरीद-फरोख्त करता है। ईडी और एसटीएफ को उससे दुबई कनेक्शन से जुड़ी अहम जानकारियों की उम्मीद है।


    जांच तेज, कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की संभावना

    ईडी की लखनऊ और प्रयागराज टीमें इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही कई बड़े नाम—राजनीति, पुलिस और कारोबार जगत—इस जांच की आंच में आ सकते हैं।

    कफ सिरप कांड सिर्फ एक अवैध दवा कारोबार नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित अपराध की ओर इशारा करता है, जिसके पीछे ताकतवर संरक्षण और करोड़ों की समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हुई है।

  • Asaram bail cancellation Supreme Court Petition:आसाराम की जमानत रद्द करने की मांग: दुष्कर्म पीड़िता के पिता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

    Asaram bail cancellation Supreme Court Petition:आसाराम की जमानत रद्द करने की मांग: दुष्कर्म पीड़िता के पिता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

    शाहजहांपुर दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की इंटरिम बेल रद्द कराने की मांग को लेकर पीड़िता के पिता अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। मामले में शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

    पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम के जेल से बाहर आने के बाद परिवार को जान का गंभीर खतरा है। उनके अनुसार, आसाराम के करीबी गुर्गे शहर में सक्रिय हैं और अक्सर धमकी भरे फोन कर रहे हैं।


    क्यों मांगी गई जमानत रद्द?

    शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता ने आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
    हाल ही में आसाराम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 6 महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया।

    पीड़िता के पिता का कहना है—

    • “आसाराम पूरी तरह स्वस्थ है, घूम-फिर रहा है।”
    • “बीमारी का बहाना करके जमानत ली गई है।”
    • “उपचार कराना है तो जेल में भी कराया जा सकता है।”

    उनका कहना है कि दो वकील सुप्रीम कोर्ट में उनकी पैरवी करेंगे और वे अदालत से आसाराम की बेल निरस्त करने की मांग करेंगे।


    शहर में आसाराम के गुर्गे सक्रिय?

    पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि—

    • आसाराम के समर्थक शहर में कई जगह ठिकाने बनाकर सक्रिय हैं
    • वे लगातार फोन पर धमकियां दे रहे हैं
    • कई बार आसपास नजर भी आते हैं

    परिवार को आशंका है कि आसाराम के बाहर रहने से उनकी सुरक्षा को बड़ा खतरा है।


    पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था

    परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर पर चार सिपाही तैनात हैं।
    पीड़िता के पिता के साथ दो गनर चलते हैं।
    एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया—

    “परिवार की सुरक्षा का पूरा इंतजाम है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।”

  • Bhadohi News: भदोही जनपद भाजपा के प्रवासी पद की जिम्मेदारी रामविलास पाल को मिली

    Bhadohi News: भदोही जनपद भाजपा के प्रवासी पद की जिम्मेदारी रामविलास पाल को मिली

    ठाणे: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन विस्तार और जनसंपर्क को मज़बूती देने के उद्देश्य से भदोही जनपद में प्रवासी पद की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता रामविलास पाल को सौंपी है।

    रामविलास पाल वर्ष 1991 से 1998 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ग्राम प्रधान के रूप में की थी।

    इसके बाद पार्टी संगठन में लगातार सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्ष 2019 से 2025 तक वे जौनपुर जिला भाजपा अध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहे और संगठन को मज़बूती प्रदान की।

    अब पार्टी ने उन्हें भदोही जनपद में प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क अभियान को सशक्त करने के लिए प्रवासी पद की कमान सौंपी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, रामविलास पाल के अनुभव और नेतृत्व से स्थानीय संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

  • Transfer Politics: यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव

    Transfer Politics: यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव

    यूपी में 46 आईएएस के बाद 27 पीसीएस अफसरों के तबादले, वाराणसी में बड़े बदलाव

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्यभर में 27 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इससे पहले 46 आईएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। दोनों स्तरों के तबादलों में वाराणसी, अयोध्या, मुरादाबाद और लखनऊ सहित कई जिलों में अहम बदलाव किए गए हैं।

    वाराणसी में तीन वरिष्ठ अधिकारियों — मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम (फाइनेंस) और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष — को बदला गया है। साथ ही एएसडीएम, अपर नगर आयुक्त और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं।

    प्रमुख तबादले

    सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार:

    — अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) बाराबंकी से अब मुरादाबाद मंडल के अपर आयुक्त बनाए गए हैं। — दिलीप कुमार श्रीवास्तव को मेरठ से वाराणसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। — गोविंद मौर्य को राजस्व परिषद, लखनऊ से वाराणसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। — अमित कुमार, उप जिलाधिकारी वाराणसी, को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी का कार्यभार सौंपा गया है। — श्रद्धा चौधरी, उप जिलाधिकारी वाराणसी, को सहायक निदेशक, दुग्ध समिति लिमिटेड, लखनऊ के रूप में स्थानांतरित किया गया है।

    अन्य जिलों में फेरबदल

    इसके अलावा अयोध्या, मथुरा, बागपत, जालौन, शाहजहांपुर, हापुड़, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, कन्नौज, मेरठ और गोरखपुर जिलों में भी कई अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

    अयोध्या में रविशंकर कुमार को अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन) बनाया गया है, जबकि सरजमी हैदर को विन्ध्याचल मंडल, मीरजापुर में अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, बागपत के मनोज वर्मा को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है।

    प्रशासनिक दृष्टि से अहम कदम

    मुख्य सचिव कार्यालय के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और आगामी विधानसभा उपचुनावों व त्योहारों के दौरान सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां तत्परता से संभालने के निर्देश दिए हैं।

    इससे पहले सोमवार देर रात जारी आदेश में 46 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए थे, जिनमें तीन मंडलायुक्त, दस जिलों के जिलाधिकारी और कई नगर आयुक्त शामिल थे। मंगलवार को पीसीएस अधिकारियों की सूची जारी होने के साथ यह प्रशासनिक पुनर्गठन और व्यापक हो गया है।

    सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सचिवालय और विभागीय स्तर पर भी कुछ और बदलाव संभव हैं।

  • His personality is very attractive: “शख्सियत”

    His personality is very attractive: “शख्सियत”

    धर्म, समाज और कर्म का संगम ही जीवन का सच्चा अर्थ है: सौरभ सिंह

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। प्रेम चौबे

    जब संस्कारों की जड़ें गहरी हों और कर्मभूमि पर सेवा का बीज बोया जाए, तब जीवन केवल सफलता की कहानी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा बन जाता है।
    ऐसे ही एक प्रेरक युवा हैं सौरभ सिंह, जिनकी सोच में आध्यात्मिकता की गहराई और कर्म में समाजसेवा की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

    प्रश्न 1: सौरभ जी, अपने परिवार और प्रारंभिक जीवन के बारे में कुछ बताइए।

    उत्तर:
    मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मड़ियाहूं क्षेत्र के कोरा बीर गांव में वर्ष 1997 में हुआ। मेरे पिता श्री प्रभात सिंह ‘बबलू’ और माता श्रीमती पुष्पा सिंह ने बचपन से ही हमें सेवा, धर्म और संस्कार का मूल्य सिखाया।
    प्रारंभिक शिक्षा जौनपुर में प्राप्त करने के बाद मैंने ग्रेजुएशन और फार्मेसी की पढ़ाई अपनी कर्मभूमि वसई-विरार (महाराष्ट्र) में पूरी की।
    मेरे पिता स्वयं एक समाजसेवी हैं — उन्होंने मानिकपुर क्षेत्र में समाजसेवा की जो परंपरा शुरू की, वही आज मेरी प्रेरणा है।

    प्रश्न 2: आपके जीवन में आध्यात्मिकता की भूमिका क्या है?

    उत्तर:
    हमारा परिवार वसई तालुका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित कांवड़ यात्रा का आयोजन करता है। यह यात्रा केवल भक्ति का नहीं, बल्कि सेवा और अनुशासन का प्रतीक है।
    मुझे लगता है कि समाजसेवा तभी सार्थक होती है जब उसमें ईश्वर के प्रति आस्था और मानवता के प्रति करुणा जुड़ी हो।
    भक्ति और सेवा — यही मेरे जीवन के दो आधार हैं।

    प्रश्न 3: कोरोना काल में आपके परिवार की भूमिका को समाज ने बहुत सराहा, उस अनुभव को कैसे देखते हैं?

    उत्तर:
    कोविड-19 महामारी के समय स्थिति बहुत कठिन थी। लोग भय और असहायता में थे।
    तब मेरे पिता ने मित्रों के सहयोग से जौनपुर जिले के लोगों की मदद के लिए दो विशेष ट्रेनें रवाना करवाने की पहल की।
    वह पल मेरे जीवन का turning point था, मैंने समझा कि सेवा किसी पद या पहचान से नहीं, बल्कि संवेदना से शुरू होती है।

    प्रश्न 4: आप राजनीति में आने की तैयारी कर रहे हैं। राजनीति को कैसे देखते हैं?

    उत्तर:
    मेरी दृष्टि में राजनीति केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाजसेवा का सबसे बड़ा मंच है।
    मेरे राजनीतिक प्रेरणास्रोत महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह जी हैं। उनसे मैंने सीखा कि राजनीति धर्म और नैतिकता के आधार पर चलनी चाहिए।
    धर्म हमारे खून में है, इसलिए राजनीति को मैं धर्म की तरह ही सेवा का साधन मानता हूँ, न कि व्यक्तिगत लाभ का।

    प्रश्न 5: युवा पीढ़ी के लिए आपका संदेश क्या है?

    उत्तर:
    आज के युवा को यह समझना होगा कि आधुनिकता और संस्कार एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।
    अगर हम अपने धर्म, संस्कृति और परिवार से जुड़कर समाज के लिए कार्य करें, तो यही सच्ची देशभक्ति है।
    मैं मानता हूँ कि “धर्म मनुष्य को जोड़ता है, और राजनीति अगर धर्म के साथ चले तो समाज को ऊँचाई देती है।”

    सौरभ सिंह की यह यात्रा यह दर्शाती है कि भक्ति और कर्म, परंपरा और आधुनिकता, समाज और आत्मा सबका संगम एक युवा मन में संभव है। वे उस नई पीढ़ी का चेहरा हैं जो व्यवसाय में सफल होकर भी समाज से जुड़े रहना चाहती है, और जो राजनीति को सुधार और सेवा का माध्यम मानती है।

  • Astrology Science Society :आचार्य पवन त्रिपाठी को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में किया गया सम्मानित

    Astrology Science Society :आचार्य पवन त्रिपाठी को राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में किया गया सम्मानित

    रिपोर्ट: शिवदिनेश शर्मा

    वाराणसी। देश की प्राचीन और प्रतिष्ठित संस्था ज्योतिष विज्ञान समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में मुंबई के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी को विशेष सम्मान से नवाजा गया।

    यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आर.के. ग्रैंड होटल, सिगरा, वाराणसी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री बिहारी लाल शर्मा, समिति के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय, प्रो. रामचंद्र पांडेय, श्री कामेश्वर उपाध्याय, प्रो. विनय पांडेय, प्रो. चंद्रमा पांडेय, प्रो. सदानंद शुक्ल, प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, और राजीव नारायण पांडेय जैसे विद्वानों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया।

    आचार्य त्रिपाठी, ‘एस्ट्रोलॉजी टुडे’ पत्रिका के संपादक हैं, साथ ही मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष और कई आध्यात्मिक पुस्तकों के लेखक भी हैं।

    सम्मेलन के दौरान आयोजित परिचर्चा “ज्योतिष शास्त्र के आलोक में भारत का भविष्य एवं उसका वैश्विक प्रभाव” में वक्ता के रूप में आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा—

    “काशी में सम्मानित होना मेरे जीवन का सौभाग्य है। यह भूमि ज्ञान, संस्कृति और ज्योतिष की जननी रही है। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन होता था। यह विशुद्ध वैदिक विज्ञान है जिसने सदियों से मानव सभ्यता को दिशा दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे योग को आज दुनिया ने अपनाया है, वैसे ही एक दिन ज्योतिष भी वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित होगा।”

    आचार्य त्रिपाठी ने कहा कि ज्योतिष न केवल धर्म या परंपरा का प्रतीक है बल्कि यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जीवन का मार्गदर्शक विज्ञान भी है — जो शुभ कार्यों के आरंभ से लेकर जीवन के हर महत्वपूर्ण निर्णय में दिशा प्रदान करता है।

  • Uttar Pradesh News(Meerut): गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी शिव बारात: फलावदा में ऐतिहासिक आयोजन

    Uttar Pradesh News(Meerut): गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी शिव बारात: फलावदा में ऐतिहासिक आयोजन

    मेरठ (फलावदा): आदर्श रामलीला समिति द्वारा आयोजित शिव बारात ने धार्मिक समरसता और सांस्कृतिक एकता की अनूठी मिसाल पेश की। प्राचीन बूढ़ा शिव मंदिर से शुरू हुई इस बारात का शुभारंभ परमप्रज्ञ जगदगुरु प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम जी महाराज के करकमलों से हुआ, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की।

    गुरुदेव ने अपने संबोधन में कहा, “शिव बारात विविधता में एकता का प्रतीक है, जहाँ देवता, असुर, भूत-प्रेत, ऋषि-मुनि और सामान्य जन सभी सम्मिलित होकर सनातन धर्म की समरसता को दर्शाते हैं।” उन्होंने भगवान शिव को आशुतोष बताते हुए समाज में सहयोग, सामंजस्य और समानता का संदेश देने की बात कही।

    बारात में नृत्य, गान और उल्लास के बीच गुरुदेव के मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो गया। पंचदीप प्रज्वलन कर उन्होंने सनातन परंपरा का गौरव बढ़ाया।

    इस आयोजन की विशेष बात रही मुस्लिम समुदाय के नेताओं द्वारा हिंदू धर्मगुरु का स्वागत — अटल चौक से शुरू हुआ यह स्वागत जुलूस मुख्य बाज़ार होते हुए बूढ़ा शिव मंदिर तक पहुँचा, जिसने गंगा-जमुनी तहज़ीब की भावना को सजीव कर दिया।

    कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष अशोक सैनी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और रामलीला समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    शिव बारात: एकता और समरसता का उत्सव

    • स्थान: फलावदा, मेरठ
    • आयोजनकर्ता: आदर्श रामलीला समिति
    • शुभारंभ: प्राचीन बूढ़ा शिव मंदिर से, जगदगुरु प्रो. पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम जी महाराज के करकमलों द्वारा
    • मुख्य संदेश:
      • शिव बारात में देवता, असुर, भूत-प्रेत, ऋषि-मुनि और आमजन की भागीदारी विविधता में एकता का प्रतीक है
      • भगवान शिव की बारात सहयोग, सामंजस्य और समानता का संदेश देती है
      • पंचदीप प्रज्वलन और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना

    गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल

    • विशेष पहल: मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने हिंदू धर्मगुरु का स्वागत कर सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया
    • स्वागत जुलूस: अटल चौक से बूढ़ा शिव मंदिर तक, मुख्य बाज़ार होते हुए
    • उपस्थिति: नगर परिषद अध्यक्ष अशोक सैनी और अन्य गणमान्य व्यक्ति