Category: TMC

  • Talent Hunt 2026: कांग्रेस ने शुरू किया ‘प्रतिभा खोज’ अभियान, विशेषज्ञों को मिलेगा पार्टी में जुड़ने का अवसर

    Talent Hunt 2026: कांग्रेस ने शुरू किया ‘प्रतिभा खोज’ अभियान, विशेषज्ञों को मिलेगा पार्टी में जुड़ने का अवसर

    मुंबई: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने नई और विशेषज्ञ प्रतिभाओं को अवसर देने के उद्देश्य से ‘प्रतिभा खोज’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत देशभर के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को कांग्रेस पार्टी में काम करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व विधायक हरि शंकर गुप्ता ने पत्रकार परिषद में दी।

    हरि शंकर गुप्ता ने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन 15 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद इन आवेदनों की छानबीन की जाएगी और वरिष्ठ नेताओं, अनुभवी पत्रकारों और समाज के विशेषज्ञों की समिति द्वारा प्रत्यक्ष साक्षात्कार लिया जाएगा। साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।

    गुप्ता ने कहा कि इस अभियान से चयनित लोगों को कांग्रेस पार्टी के साथ काम करने का मौका मिलेगा। उन्हें प्रवक्ता, सोशल मीडिया और शोध कार्यों में योगदान देने का अवसर मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को देशभर में पहुंचाना और पार्टी में नए, ताजगी भरे चेहरों को जोड़ना है।

    मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने बताया कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्षा वर्षाताई गायकवाड़ के नेतृत्व में टैलेंट हंट कमिटी बनाई गई है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने और सभी जिलों में समन्वय स्थापित करने का काम कमिटी द्वारा किया जाएगा। राजहंस ने कहा कि यह अभियान कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी के विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस के अन्य नेता निजामुद्दीन राईन, शकील चौधरी और अनुसूचित जाति विभाग मुंबई अध्यक्ष सुभाष भालेराव भी उपस्थित थे।

  • Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    मुंबई | विशेष प्रतिनिधि
    महाराष्ट्र में चुनावी ज़मीन कमजोर पड़ते ही भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश से नेताओं, प्रचार गाड़ियों और सामग्री का आयात शुरू कर दिया है। जिस ईडी–सीबीआई के डर के सहारे भाजपा उत्तर भारत में राजनीतिक बढ़त बनाती रही, वही दबाव की राजनीति महाराष्ट्र में कारगर नहीं हो पा रही है। नतीजतन अब भाजपा को प्रचार के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त वाहन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे, और मजबूरी में यूपी से गाड़ियाँ मंगाई जा रही हैं।


    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन सभी प्रचार वाहनों की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई है? या फिर भाजपा चुनाव आयोग की आंखों में धूल झोंककर बाहरी राज्यों से संसाधन लाकर खुलेआम आचार संहिता की धज्जियाँ उड़ा रही है?
    जानकारों के मुताबिक, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार हर प्रचार वाहन, उसका नंबर, मालिकाना हक, खर्च और उपयोग की पूरी जानकारी आयोग के पास दर्ज होना अनिवार्य है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि महाराष्ट्र की सड़कों पर यूपी नंबर की प्रचार गाड़ियाँ धड़ल्ले से घूम रही हैं, जिनका न तो स्थानीय स्तर पर कोई लेखा-जोखा दिख रहा है और न ही सार्वजनिक रूप से उनकी अनुमति स्पष्ट है।


    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा को महाराष्ट्र में जनाधार की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर भारतीय वोट बैंक को साधने के लिए बाहरी चेहरों को मैदान में उतारा जा रहा है, लेकिन यह प्रयास भी स्थानीय मतदाताओं को रास नहीं आ रहा। सवाल उठता है कि जब महाराष्ट्र में भाजपा के पास पर्याप्त संगठनात्मक ताकत और संसाधन हैं, तो प्रचार के लिए दूसरे राज्य पर निर्भरता क्यों?
    विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के मामले में चयनात्मक चुप्पी साधे हुए है। आम उम्मीदवारों और छोटे दलों पर सख्ती से नियम लागू किए जाते हैं, लेकिन सत्ताधारी दल द्वारा नियमों के संभावित उल्लंघन पर आयोग की निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
    – अब मांग उठ रही है कि चुनाव आयोग यह स्पष्ट करे कि
    – महाराष्ट्र में भाजपा के लिए कितनी प्रचार गाड़ियाँ पंजीकृत हैं?
    – यूपी से आई गाड़ियों की अनुमति किस आधार पर दी गई?
    – उनके खर्च का लेखा-जोखा किस खाते में दर्ज है?
    अगर इन सवालों के जवाब नहीं दिए गए, तो यह साफ माना जाएगा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आंच आई है। लोकतंत्र में चुनाव सिर्फ वोट से नहीं, नियमों की समानता से भी लड़े जाते हैं—और यही कसौटी आज भाजपा और चुनाव आयोग दोनों के सामने खड़ी है।

  • Maharashtra Political News: ठाणे में पानी-कचरे की समस्या जस की तस, महायुति के ‘सभ्य शहर’ दावे पर सुप्रिया सुले का हमला

    Maharashtra Political News: ठाणे में पानी-कचरे की समस्या जस की तस, महायुति के ‘सभ्य शहर’ दावे पर सुप्रिया सुले का हमला

    ठाणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने ठाणे की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ठाणे को “सभ्य शहर” बताने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां आज भी पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और नागरिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

    नगर निकाय चुनाव से पहले एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सुले ने कहा कि ठाणे कभी छोटा शहर था, जहां बेहतर जीवन की उम्मीद में देश-प्रदेश से लोग आए। लेकिन आज वही लोग बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहे हैं।

    सुले ने विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर धन स्वीकृत किए जाने के सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर वाकई इतना पैसा आया है तो पानी, कचरा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं अब तक क्यों नहीं सुलझीं। उन्होंने मतदाताओं से “बदलाव की भाषा” बोलने और निकाय चुनाव में सत्ताधारियों को जवाब देने की अपील की।

  • मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    ठाणे। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के एनडीपीएस पथक को नशा विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहां 2 किलो 205 ग्राम चरस बरामद की गई जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 25 हजार रुपये आंकी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे के निर्देश पर सपोनि रोहित केदार और सपोनि गणेश जाधव की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी कौसा, एरोली–मुंब्रा ब्रिज टनेल के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। पंचों की मौजूदगी में तलाशी के दौरान पिशवी में छिपाकर रखी गई चरस बरामद हुई, जिसके बाद आरोपी मोहम्मद हारून हसरत अली सिद्दीकी (42), निवासी मुंब्रा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20 (ब) II (क), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है और न्यायालय ने उसे 8 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पूछताछ में सामने आया कि वह चरस जम्मू-कश्मीर से मंगवाकर ठाणे और आसपास के इलाकों में बेचता था और उसके खिलाफ अजमेर में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, सप्लाई चैन और संपर्कों की जांच कर रही है। मुंब्रा एनडीपीएस टीम की लगातार कार्रवाई में अब तक 324 नशा सेवनकर्ताओं पर कार्रवाई और 27 तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कुल ₹3.41 करोड़ मूल्य का माल बरामद किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस अधिकारी और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • Solapur Matter:अजितदादा पर टीका करने से पहले उद्धव ठाकरे अपना गिरेबान में झांके : आनंद परांजपे

    Solapur Matter:अजितदादा पर टीका करने से पहले उद्धव ठाकरे अपना गिरेबान में झांके : आनंद परांजपे

    मुंबई: राज्य में अजितदादा पवार पर बिना टीका किए कोई चर्चा नहीं करना चाहने वाले विपक्ष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने हमला किया। उन्होंने कहा कि उबठा गुट के नेता शरद कोळी को पहले मातोश्री जाकर यह पूछना चाहिए कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अजितदादा को अर्थ मंत्रालय क्यों दिया और कोविड के दौरान राज्य का बजट कुशलतापूर्वक कैसे संभाला गया।परांजपे ने कहा कि विपक्ष के पास अजितदादा पर टीका करने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। सोलापूर प्रकरण में अजितदादा ने कानून और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया था, न कि किसी गैरकानूनी कार्य में। इसी कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस इस विषय पर आगे नहीं बोलना चाहती।

    दसरा मेले और महायुती सरकार की उपलब्धियाँ

    परांजपे ने कहा कि दसरा मेले में दोनों ठाकरे भाईयों का एक साथ आना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने महायुती सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्य प्रभावी ढंग से चल रहा है।

    कानून, सुव्यवस्था और ओबीसी संवेदनशीलता

    परांजपे ने कहा कि राज्य में कानून और सुव्यवस्था पूर्ण रूप से लागू है। रोहित पवार के प्रत्येक सवाल का उत्तर देना आवश्यक नहीं है। पुणे की घटना की स्वतंत्र जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।महायुती सरकार ओबीसी समाज के प्रति संवेदनशील है। कैबिनेट ने ओबीसी उपसमिति बनाई है, जिसमें सभी महायुती घटक शामिल हैं, ताकि किसी भी अन्याय से बचा जा सके।

  • ठाणे मनपा आयुक्त ने 37 खतरनाक इमारतों को निवासियों से बातचीत के बाद तुरंत खाली करवाने के दिए निर्देश

    ठाणे मनपा आयुक्त ने 37 खतरनाक इमारतों को निवासियों से बातचीत के बाद तुरंत खाली करवाने के दिए निर्देश

    ठाणे। विरार में हाल ही में हुई इमारत दुर्घटना के बाद ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव ने निर्देश दिए हैं कि मनपा क्षेत्र की 37 अत्यधिक खतरनाक इमारतों को निवासियों से बातचीत कर तुरंत खाली करवाया जाए।
    समीक्षा और बैठक
    शुक्रवार (29 अगस्त) शाम को हुई समीक्षा बैठक में आयुक्त राव ने स्पष्ट किया कि:
    • निवासियों को इमारतों के खतरों के बारे में जानकारी दी जाए।
    • सभी सहायक आयुक्त और मंडल उपायुक्त इमारतों में जाकर निवासियों से संपर्क करें।
    • सी1 श्रेणी की इमारतों को पूरी तरह खाली कराया जाए।
    • सी2ए और बी श्रेणी की इमारतों में बड़े पैमाने पर मरम्मत की जाए और मरम्मत अवधि में कोई भी नहीं रहे।
    वर्तमान स्थिति
    • ठाणे मनपा क्षेत्र में कुल 93 अत्यधिक खतरनाक इमारतें हैं।
    • इनमें से 56 इमारतें पहले ही खाली कराई जा चुकी हैं।
    • शेष 37 इमारतों में कुल 191 परिवार निवासरत हैं।
    • मानसून से पहले इन इमारतों पर सूचना पट्ट और पर्चे लगाकर नागरिकों को सतर्क किया गया।
    निर्देश और सुरक्षा उपाय
    • निवासियों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जानकारी साझा की जाए।
    • किसी भी मरम्मत कार्य के लिए नगर निगम की अनुमति आवश्यक होगी।
    • संबंधित इमारतों पर सुरक्षा संकेत और चेतावनी पुनः लगाए जाएँ।
    • अत्यधिक खतरनाक इमारतों में रहना जानलेवा हो सकता है।
    आयुक्त राव ने बैठक में उपस्थित सभी सहायक आयुक्तों, मंडल उपायुक्तों, नगर नियोजन के अधिकारी और कार्यकारी अभियंताओं को लगातार निवासियों से संपर्क में रहने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

  • दिवा में भारी बारिश के बीच नागरिकों का सफल बचाव, संजय केतकर की टीम ने दिखाई बहादुरी

    दिवा में भारी बारिश के बीच नागरिकों का सफल बचाव, संजय केतकर की टीम ने दिखाई बहादुरी

    ठाणे । ठाणे जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे दिवा, मुंब्रा और शिलफाटा के कई इलाके जलमग्न हो गए। इस कठिन समय में आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ संजय केतकर के नेतृत्व में बचाव दल ने कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
    टीम में सिद्धाचल कॉम्प्लेक्स निवासी योगेश चव्हाण, साक्षी गुप्ता और सुरक्षा गार्ड शिवपूजन यादव शामिल थे। 20 अगस्त दोपहर करीब 12 बजे, टीडीआरएफ कमांडो सचिन दुबे ने केतकर को जलभराव वाले दातिवली, गोपालधाम अपार्टमेंट और शिलफाटा, शिबली नगर इलाकों में फंसे परिवारों की जानकारी दी।
    64 वर्षीय केतकर ने टीम का नेतृत्व करते हुए फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। बिजली आपूर्ति बाधित थी और कई घर पानी में डूबे हुए थे, लेकिन टीम ने सावधानीपूर्वक मार्ग निकालकर सभी को सुरक्षित निकाला।
    संजय केतकर ने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण लें और प्रशासन के साथ मिलकर ऐसे संकट में मदद करें। 4–5 घंटे चले इस अभियान में टीम ने साहस और समर्पण का परिचय दिया, जिसे स्थानीय नागरिकों ने सराहा।
    यह बचाव अभियान सरकार और नागरिकों की साझेदारी का प्रेरक उदाहरण साबित हुआ।

  • वन मंत्री गणेश नाईक ने गणेशोत्सव से पहले सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए

    वन मंत्री गणेश नाईक ने गणेशोत्सव से पहले सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए

    ठाणे। राज्य के वन मंत्री और पालघर के पालक मंत्री गणेश नाईक ने गणेशोत्सव से पहले सड़कों के गड्ढे भरने और मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
    मंत्री नाईक की अध्यक्षता में राम गणेश गडकरी रंगायतन में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों ने 200 से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए। ठाणे मनपा, जिला कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग, महावितरण, महानगर गैस, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
    जनता दरबार में घोड़बंदर मार्ग और अन्य स्थानों की क्षतिग्रस्त सड़कों, वाहनों की बढ़ती संख्या और यातायात जाम जैसी समस्याओं पर चर्चा हुई। मंत्री नाईक ने मनपा, लोक निर्माण विभाग और राज्य सड़क विकास निगम के अधिकारियों को गणेशोत्सव से पहले सभी सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने के आदेश दिए।
    साथ ही, गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब बनाने और सुविधाजनक स्थानों पर विसर्जन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। ठाणे परिवहन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद बकाया राशि संबंधी शिकायतों का समाधान भी मंत्री नाईक ने अधिकारियों को कराने का निर्देश दिया।
    मंत्री ने कहा कि शहर में बढ़ती जनसंख्या और वाहनों की संख्या को देखते हुए एलिवेटेड रोड और नई सड़क निर्माण परियोजनाओं के माध्यम से यातायात जाम की समस्या का समाधान किया जाएगा।

  • Har Har Ghar Tiranga: हर घर तिरंगा सिर्फ़ अभियान नहीं, बल्कि देशभक्तों के प्रति सम्मान का प्रतीक

    Har Har Ghar Tiranga: हर घर तिरंगा सिर्फ़ अभियान नहीं, बल्कि देशभक्तों के प्रति सम्मान का प्रतीक

    ठाणे। हर घर तिरंगा अभियान के अवसर पर ठाणे ज़िला प्रशासन ने एक सराहनीय और प्रेरक पहल की। इस विशेष अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों, शहीद सैनिकों, पूर्व सैनिकों और आपातकाल विरोधी सत्याग्रहियों के बलिदान के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करना था। जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने देशभक्ति की भावना को और प्रखर किया।

    शहीद परिवारों को सम्मान

    जिलाधिकारी डॉ. पांचाल स्वयं शहीद हवलदार सुधीर धोंडू आम्ब्रे की वीर पत्नी सुप्रिया सुधीर आम्ब्रे के घर पहुंचे और उन्हें धन्यवाद पत्र देकर सम्मानित किया। 17 सितंबर 2001 को जम्मू-कश्मीर के राजौरी में हुए आतंकवादी हमले में हवलदार सुधीर आम्ब्रे ने सर्वोच्च बलिदान दिया था।

    इसी तरह जिले की सभी तहसीलों में तहसीलदारों और कर्मचारियों ने शहीद सैनिकों के माता-पिता और पत्नियों के घर जाकर उन्हें सम्मानित किया और धन्यवाद पत्र सौंपे।

    पूर्व सैनिकों और सत्याग्रहियों को भी नमन

    पूर्व सैनिकों के योगदान को मान्यता देते हुए जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित प्रशंसा पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से 10,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को भेजे गए।

    इसके अतिरिक्त, 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले 129 सत्याग्रहियों को भी जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित प्रशंसा पत्र तहसीलदारों के माध्यम से प्रदान किए गए।

    प्रशासन का व्यापक सहयोग

    इस अभिनव पहल को सफल बनाने में अतिरिक्त जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल, निवासी उपजिलाधिकारी डॉ. संदीप माने, उपजिलाधिकारी रूपाली भालके, तहसीलदार सचिन चौधरी, तहसीलदार उमेश पाटील सहित सभी प्रांतीय अधिकारी, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, कर्मचारी और ठाणे जिला सूचना कार्यालय ने सक्रिय भूमिका निभाई।

    सामाजिक जागरूकता का संदेश

    2 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के तहत चलाई गई इस पहल ने समाज में एक नया संदेश दिया कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान का हकदार है। यह पहल न केवल एक अभियान रही बल्कि बलिदानियों को स्मरण कर उनके प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक बनी।

  • स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर CSMT में ऑपरेशन सिंदूर को श्रद्धांजलि, RPF बैंड का देशभक्ति प्रदर्शन

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर CSMT में ऑपरेशन सिंदूर को श्रद्धांजलि, RPF बैंड का देशभक्ति प्रदर्शन

    मुंबई। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार मध्य रेलवे ने स्वतंत्रता दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक CSMT हेरिटेज बिल्डिंग में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बैंड ने देशभक्ति धुनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। यह आयोजन पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सैनिकों की वीरता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से किया गया था।

    देशभक्ति के रंग में रंगा CSMT

    CSMT का परिसर तिरंगे की रोशनी से जगमगाता दिखा और जैसे ही RPF बैंड ने राष्ट्रभक्ति गीतों की धुन बजानी शुरू की, वहां मौजूद हर शख्स राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना से अभिभूत हो गया। दर्शकों ने तिरंगा लहराया और संगीत की लय पर देशभक्ति गीत गुनगुनाए। पूरा वातावरण “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

    आम जनता की उत्साही भागीदारी

    यह कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला था और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। न केवल रेलवे अधिकारी और कर्मचारी, बल्कि मुंबईकरों ने भी तिरंगा लहराते हुए और धुनों पर तालियां बजाते हुए कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

    प्रमुख अतिथि और संबोधन

    इस अवसर पर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक धर्मवीर मीना, आईजी विवेक सागर, डीआईजी हेमंत कुमार, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि कुमार शुक्ला, सुरक्षा आयुक्त प्रतीक्षा सिंह और सहायक सुरक्षा आयुक्त रंजीत कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    महाप्रबंधक धर्मवीर मीना ने दर्शकों के बीच खड़े होकर तिरंगा लहराया और अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा—“ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान का प्रतीक है। हम उन शहीदों के प्रति कृतज्ञ हैं जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।” उन्होंने RPF बैंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भी सराहना की।

    श्रद्धांजलि का काव्यात्मक स्पर्श

    कार्यक्रम के अंत में एक भावपूर्ण काव्यात्मक श्रद्धांजलि प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित लोगों के हृदय को छू लिया। यह प्रस्तुति राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदानों और देशभक्ति की अमर भावना का सशक्त स्मरण थी।

    कार्यक्रम का महत्व

    इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं बल्कि उन वीरों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने भारत की रक्षा के लिए बलिदान दिया। RPF बैंड की धुनों और जनता की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।