Category: Religion

  • NewMumbai:सिडको की ‘शिल्पकार’ छवि पर सवाल: नेरूल के आगरी कोळी भवन की बदहाली ने खोली पोल

    आर. एस. नेटवर्क। ज्योति दुबे
    नवी मुंबई (NewMumbai)। खुद को शहर का ‘शिल्पकार’ बताने वाली सिडको(CIDCO) की कार्यशैली एक बार फिर कटघरे में है। नेरूल स्थित आगरी कोळी भवन, जिसे स्थानीय आगरी-कोळी समाज की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र माना जाता था, आज अव्यवस्था, लापरवाही और कथित मनमानी वसूली का उदाहरण बन चुका है।

    हाल ही में यहां कार्यक्रम आयोजित करने वाली एक संस्था ने भवन की दुर्दशा को उजागर किया। मौके पर की गई पड़ताल में जो तस्वीर सामने आई, वह सिडको के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।

    25 हजार रुपए किराया, लेकिन टूटी कुर्सियां और जर्जर हाल

    तीन घंटे के लिए ऑडिटोरियम का किराया करीब 25,000 रुपए वसूला जाता है। 550 सीटों वाले सभागार में लगभग 180 कुर्सियां टूटी या जर्जर हालत में हैं। आयोजकों को मजबूरन बाहर से प्लास्टिक कुर्सियां मंगवानी पड़ती हैं, जिस पर प्रति कुर्सी 30–40 रुपए का अतिरिक्त खर्च आता है। यानी कार्यक्रम के नाम पर हजारों रुपये की अतिरिक्त मार।

    इतना भारी किराया लेने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं होना सीधे-सीधे प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है।

    अंदर की सामग्री पर भी मनमानी वसूली

    हॉल के अलावा अन्य सामान के नाम पर भी ‘अव्वा के सव्वा’ दर वसूले जा रहे हैं—

    • एक समय (सामान) के लिए 1,200 रुपए तक
    • टेबल व झालर के लिए 200 रुपए
    • पूरे कार्यक्रम में केवल एक कॉर्डलेस माइक
    • लाइटिंग व्यवस्था भी बेहद सामान्य

    सवाल उठता है कि जब सुविधाएं न्यूनतम हैं, तो शुल्क आसमान छू क्यों रहे हैं?

    सुरक्षा से समझौता, सीढ़ियां बनीं कबाड़घर

    भवन की साफ-सफाई की स्थिति दयनीय है। सीढ़ियों और सार्वजनिक मार्गों पर कबाड़ का ढेर लगा है। आपात स्थिति में यह अवरोध जानलेवा साबित हो सकता है। क्या सिडको को किसी बड़े हादसे का इंतजार है?

    अजीब नियम, जनता से दूरी

    तीन मंजिला इमारत होने के बावजूद शादी या बड़े आयोजनों में भोजन पकाने पर रोक है। वहीं ‘वीआईपी रूम’ आम नागरिकों के लिए बंद है और कथित तौर पर केवल नेताओं व अधिकारियों तक सीमित है। मुख्य ऑडिटोरियम तीसरी मंजिल पर और वीआईपी कक्ष भूतल पर — यह भवन नियोजन की गंभीर खामी को दर्शाता है।

    पार्किंग और कैंटीन तक नहीं

    आश्चर्यजनक रूप से इतने बड़े सांस्कृतिक भवन में समुचित पार्किंग और कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। आगरी-कोळी संस्कृति के संरक्षण के नाम पर बने कक्ष में समाज की परंपराओं का प्रदर्शन भी नगण्य है।

    नागरिकों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

    स्थानीय नागरिकों और आगरी-कोळी समाज में भारी रोष है। ‘सजग नागरिक मंच’ के सुधीर दाणी ने आरोप लगाया कि जवाबदेही की कमी और प्रशासनिक उदासीनता ने सिडको को आर्थिक लूट का केंद्र बना दिया है। अधिकारी औपचारिक बयानबाजी छोड़कर खुद स्थल का निरीक्षण करें और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं। अन्यथा आंदोलन की राह अपनाने की चेतावनी दी गई है।

    अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सिडको सिर्फ इमारतें बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है, या उनकी देखरेख और जनता को बेहतर सुविधा देना भी उसकी प्राथमिकता में है? नेरूल का आगरी कोळी भवन आज इसी सवाल का जवाब मांग रहा है।

  • Nashik Singhastha Kumbh:कुंभ से पहले प्रशासन की रफ्तार ढीली, साधु ग्राम को लेकर संतों ने छेड़ा संघर्ष

    Nashik Singhastha Kumbh:कुंभ से पहले प्रशासन की रफ्तार ढीली, साधु ग्राम को लेकर संतों ने छेड़ा संघर्ष

    नासिक। आगामी सिंहस्थ कुंभ (Nashik Singhastha Kumbh) मेला की आहट के साथ शहर में तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। सड़कों के चौड़ीकरण, बिजली और पानी आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे के कार्य कई हिस्सों में शुरू हो चुके हैं।

    लेकिन कुंभ मेले के मुख्य केंद्र तपोवन क्षेत्र स्थित साधु ग्राम में अब तक निर्माण कार्य शुरू न होने से साधु-संतों में भारी नाराजगी है।

    अखाड़ा परिषद ने उठाए सवाल

    अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर के अन्य इलाकों में काम दिखाई दे रहा है, तो साधु ग्राम को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?

    संतों ने स्पष्ट किया कि साधु ग्राम के लिए आरक्षित जमीन का अधिग्रहण करने से पहले संबंधित किसानों को तत्काल और उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।


    प्रमुख मांगें

    1️⃣ मुआवजा:
    भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को तुरंत आर्थिक भुगतान।

    2️⃣ निर्माण कार्य:
    साधु ग्राम में बुनियादी सुविधाओं का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।

    3️⃣ संरक्षण:
    स्थानीय आश्रमों और मठों की मौजूदा व्यवस्था को कोई नुकसान न पहुंचे।

    4️⃣ समन्वय:
    प्रशासन और संतों के बीच नियमित संवाद और पारदर्शी योजना बने।


    संतों की चेतावनी

    तीनों प्रमुख अखाड़ों — दिगंबर, निर्वाणी और निर्मोही — के संतों ने हाल ही में गोवा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
    राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत भक्ति चरणदास महाराज ने कहा कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो साधु-संत सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

    संतों का कहना है कि कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों का आगमन होता है और उनके ठहरने की व्यवस्था साधु ग्राम में ही की जाती है। यदि समय पर कार्य पूरे नहीं हुए, तो मेले के सफल आयोजन पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।

  • Shivaji Maharaj Jayanti: शिवनेरी किला पर शिवजयंती के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, बड़ा हादसा टला

    Shivaji Maharaj Jayanti: शिवनेरी किला पर शिवजयंती के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, बड़ा हादसा टला

    छत्रपति शिवाजी महाराज ( shivaji Maharaj Jayanti) के जन्मस्थान शिवनेरी किले पर शिवजयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भारी जनसैलाब और संकरे रास्तों के कारण किला परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। प्रशासन की ढीली व्यवस्थाओं और पर्याप्त पुलिस बल की कमी को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका में स्थित इस ऐतिहासिक किले पर इस वर्ष शिवजयंती के मौके पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचे थे। रात से ही शिवज्योत लेकर आए युवा, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और दर्शनार्थी किले में एकत्र होने लगे थे। सुबह होते-होते किला परिसर खचाखच भर गया और आवाजाही अनियंत्रित होने लगी।

    संकरे रास्ते बने मुख्य कारण

    हादसे की मुख्य वजह किले के तंग और घुमावदार रास्ते रहे। अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अचानक भीड़ का अत्यधिक दबाव बन गया। पहले से सीमित चौड़ाई वाले इन रास्तों पर जब एक साथ बड़ी संख्या में लोग आगे बढ़ने लगे तो हालात बेकाबू हो गए और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

    महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

    धक्का-मुक्की के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को झेलनी पड़ी। अफरा-तफरी में कुछ महिलाएं और बच्चे नीचे गिर पड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल

    इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। भीड़ प्रबंधन के लिए स्पष्ट एंट्री-एग्जिट प्लान, बैरिकेडिंग और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था का अभाव साफ दिखाई दिया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष शिवजयंती पर भारी भीड़ उमड़ती है, इसके बावजूद इस बार भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी योजना नहीं बनाई गई। अब मांग उठ रही है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए अग्रिम पंजीकरण, सीमित प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा दल की स्थायी तैनाती जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि आस्था के इस महापर्व पर किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

  • Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    Bhajan Sandhya: बोरीवली में 3 मार्च को होगा भव्य ‘भजन जामिंग’ कार्यक्रमराधे माँ रहेंगी प्रमुख आकर्षण

    मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के पावन अवसर पर 3 मार्च 2026 को मुंबई के बोरीवली (पूर्व) स्थित देविपाड़ा मैदान में एक भव्य ‘भजन जामिंग’(Bhajan jamming) कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा।

    कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण के रूप में राधे माँ की उपस्थिति रहेगी। आयोजन में भक्ति संगीत और भजनों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ भक्तिमय माहौल बनाया जाएगा।इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी, जिनमें मनोज तिवारी , शेखर जायसवाल और प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस में डूबने का विशेष अवसर होगा।

    कार्यक्रम का आयोजन देविपाड़ा मैदान, देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के सामने, बोरीवली (पूर्व), मुंबई – 400066 में किया जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।पास एवं अन्य जानकारी के लिए सेवादार टल्ली बाबा से मो. 98209 69020 पर संपर्क कर सकते हैं।

  • DALAI LAMA IN JEFFRY EDWARD EPSTEIN FILE : दलाई लामा का जेफरी एपस्टीन से कोई संबंध नहीं, कार्यालय ने खबरों को बताया झूठा और बेबुनियाद

    DALAI LAMA IN JEFFRY EDWARD EPSTEIN FILE : दलाई लामा का जेफरी एपस्टीन से कोई संबंध नहीं, कार्यालय ने खबरों को बताया झूठा और बेबुनियाद

    14वें दलाई लामा के कार्यालय ने विवादित अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एडवर्ड एपस्टीन(JEFFRY EDWARD EPSTEIN) से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है। रविवार को जारी बयान में हाल की मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट को “झूठा, बेबुनियाद और गुमराह करने वाला” बताया गया, जिनमें तिब्बती आध्यात्मिक नेता को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी।

    दलाई लामा(DALAI LAMA) के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि परम पावन कभी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति को अपनी ओर से एपस्टीन से मिलने या बातचीत करने के लिए अधिकृत किया। बयान में कहा गया कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के मनगढ़ंत संबंध बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।

    दलाई लामा के कार्यालय ने कहा कि इन दावों का कोई तथ्यात्मक या दस्तावेजी आधार नहीं है।

    अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जताई नाराज़गी

    इस मुद्दे पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू(PEMA KHANDU) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “दलाई लामा की पूजनीय संस्था” को निराधार आरोपों और दुर्भावनापूर्ण अटकलों में घसीटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री खांडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा,
    “गलत सूचना के जरिए एक पवित्र आध्यात्मिक संस्था को बदनाम करने के प्रयास बेहद गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय हैं।”

    उन्होंने उन खबरों की आलोचना की, जिनमें दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ में सामने आया है।

    क्या हैं एपस्टीन फाइल्स

    हाल ही में अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों के मुताबिक, एफबीआई ने जुलाई 2006 में एपस्टीन के खिलाफ जांच शुरू की थी। अगस्त 2019 में, अभियोग लगने के एक महीने बाद, एपस्टीन ने न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी।

    जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया था कि वह एपस्टीन मामले से जुड़ी दो दशकों से अधिक समय की जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री को सार्वजनिक करेगा। इसमें करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, 2,000 से अधिक वीडियो और लगभग 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं।

    ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम के तहत सार्वजनिक किए गए हैं, जो लंबे समय से चले आ रहे सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू किया गया कानून है।

    घिसलेन मैक्सवेल का मामला

    एपस्टीन की करीबी सहयोगी और पूर्व प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने यौन तस्करी का दोषी ठहराया था। उस पर नाबालिग लड़कियों की भर्ती में मदद करने का आरोप सिद्ध हुआ था। मैक्सवेल फिलहाल 20 साल की सजा काट रही है, हालांकि उसने किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार किया है।

  • Birth Day: एकनाथ शिंदे के जन्मदिन पर ‘लाड़ली बहनों’ द्वारा 9 फरवरी को राज्यभर के प्रमुख मंदिरों में होगी देवताओं की महाआरती

    Birth Day: एकनाथ शिंदे के जन्मदिन पर ‘लाड़ली बहनों’ द्वारा 9 फरवरी को राज्यभर के प्रमुख मंदिरों में होगी देवताओं की महाआरती

    मुंबई: शिवसेना के मुख्य नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath shinde birthday) के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार, 9 फरवरी 2026 को राज्यभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ‘लाड़ली बहनों’ की ओर से सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री शिंदे के स्वस्थ, दीर्घायु और ऊर्जावान जीवन की कामना की जाएगी।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 9 फरवरी को अपने 62वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उनके जनकल्याणकारी कार्यों को निरंतर शक्ति मिले और वे इसी तरह राज्य की सेवा करते रहें, इस भावना के साथ लाखों लाडकी बहनें मंदिरों में प्रार्थना करेंगी।

    शिवसेना की उपनेता और प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के प्रमुख मंदिरों में शाम 7 बजे एक साथ महाआरती की जाएगी। इनमें श्री क्षेत्र पंढरपुर का विठ्ठल मंदिर, देहू, आलंदी, तुलजापुर का तुलजाभवानी मंदिर, कोल्हापुर का अंबाबाई मंदिर और ज्योतिबा मंदिर, शिरडी का साईं बाबा मंदिर, अक्कलकोट का स्वामी समर्थ समाधि स्थल, श्री क्षेत्र जेजुरी, त्र्यंबकेश्वर, कालाराम मंदिर, शेगांव का गजानन महाराज मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिर शामिल हैं।

    शीतल म्हात्रे ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हमेशा अपने वचनों पर खरे उतरते आए हैं। ‘लाडकी बहन योजना’ के माध्यम से उन्होंने राज्य की लगभग ढाई करोड़ महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस योजना से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है। इसी कृतज्ञता भाव से लाडकी बहनें उनके लिए प्रार्थना करेंगी।

    उन्होंने यह भी बताया कि लाडकी बहनों ने विधानसभा, नगरपालिका और महापालिका चुनावों में शिवसेना और महायुति को भरपूर समर्थन दिया है। वहीं, महायुति के सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के कारण इस वर्ष उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना जन्मदिन सार्वजनिक रूप से न मनाने का निर्णय लिया है।

    इसके बावजूद, राज्यभर की लाडकी बहनें श्रद्धा और आस्था के साथ मंदिरों में महाआरती कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेंगी।

  • Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    Bhiwandi Haj Yatri: हज यात्रियों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू, 700 से अधिक जायरीन लाभान्वित

    भिवंडी (Bhiwandi)।
    मुस्लिम धर्म की पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले जायरीन की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अब तक जिले के 700 से अधिक हज यात्रियों (Bhiwandi Haj Yatri) को आवश्यक रोग-प्रतिरोधक टीके लगाए जा चुके हैं।

    भिवंडी ऐसा एकमात्र केंद्र है, जहाँ पिछले चार वर्षों से हज यात्रियों के लिए लगातार यह विशेष टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ केवल भिवंडी शहर के ही नहीं, बल्कि भिवंडी ग्रामीण, कल्याण, मुंब्रा और ठाणे से आने वाले हज यात्री भी उठा रहे हैं।

    शुक्रवार से शुरू हुए इस अभियान में अब तक कुल 702 हज यात्रियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी के अनुसार, आने वाले दिनों में करीब 300 और हज यात्रियों के टीकाकरण की उम्मीद है।

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा अधिकारी डॉ. आयशा, फार्मासिस्ट आसिफ अंसारी, पंकज सिंह, राजश्री दाभाडे सहित नर्सिंग स्टाफ की पूरी टीम विशेष मेहनत कर रही है।

    प्रशासनिक टीम ने बताया कि,

    “हज यात्रियों की सेहत और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन यहां आकर टीकाकरण करवा रहे हैं, जो इस केंद्र की विश्वसनीयता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाता है।”

    भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी हज यात्रियों को समय पर आवश्यक टीके, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ हज यात्रा पूरी कर सकें।

  • RSS News :आरएसएस 100 वर्ष कार्यक्रम में मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश-                                                                 संघ न तो पैरामिलिट्री है, न राजनीतिक पार्टी

    RSS News :आरएसएस 100 वर्ष कार्यक्रम में मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश- संघ न तो पैरामिलिट्री है, न राजनीतिक पार्टी

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “संघ यात्रा के 100 वर्ष–नए क्षितिज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की भूमिका और विचारधारा को लेकर उठने वाली भ्रांतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संघ को दूर से देखने पर गलतफहमी हो सकती है, इसलिए संघ को समझने के लिए उसकी शाखाओं और स्वयंसेवकों के जीवन को देखना जरूरी है।

    मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ के स्वयंसेवक रूट मार्च करते हैं, लाठी-काठी सीखते हैं और घोष की धुन बजती है, लेकिन संघ न तो कोई पैरामिलिट्री संगठन है, न अखाड़ा और न ही संगीतशाला। उन्होंने कहा कि संघ में राजनीति से जुड़े स्वयंसेवक जरूर हैं, लेकिन संघ स्वयं कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ का काम अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए है। संघ न तो किसी के विरोध में बना है और न ही किसी से प्रतिस्पर्धा के लिए। संघ को न लोकप्रियता चाहिए और न सत्ता, उसका उद्देश्य केवल समाज को संगठित करना है।

    “संघ को समझना है तो शाखा देखिए”
    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ को समझने के लिए उसकी शाखाओं, कार्यकर्ताओं के परिवारों और उनके सामाजिक व्यवहार को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का उत्थान या पतन समाज की एकता पर निर्भर करता है, इसका उदाहरण अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और जर्मनी जैसे देशों के इतिहास से लिया जा सकता है।

    हिंदू शब्द और समाज पर विचार
    मोहन भागवत ने कहा कि ‘हिंदू’ को केवल धर्म या पूजा-पद्धति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसी एक समुदाय का नाम नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। उन्होंने कहा कि भारत धर्म-प्राण देश है, जहां सबको साथ लेकर चलने की परंपरा रही है।

    बीजेपी और संघ पर टिप्पणी
    संघ प्रमुख ने साफ किया कि बीजेपी संघ की पार्टी नहीं है, हालांकि संघ के स्वयंसेवक उसमें कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ का एकमात्र उद्देश्य संपूर्ण समाज को संगठित करना है।

    अपने संबोधन के अंत में मोहन भागवत ने कहा कि भारत का स्वभाव सनातन है और “सबका सम्मान, सबका स्वीकार” ही हमारी संस्कृति की मूल भावना है। सबको साथ लेकर चलना ही देश की ताकत है।

  • Spring Festival 2026: मुंबई में राष्ट्रीय हिंदी साहित्य अधिवेशन ‘बसंतोत्सव 2026’ का होगा आयोजन

    Spring Festival 2026: मुंबई में राष्ट्रीय हिंदी साहित्य अधिवेशन ‘बसंतोत्सव 2026’ का होगा आयोजन

    मुंबई: पूर्वांचल मानस मंडल के तत्वावधान में राष्ट्रीय हिंदी साहित्य अधिवेशन ‘बसंतोत्सव 2026’ आज आयोजित किया जा रहा है। यह साहित्यिक अधिवेशन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक शारदा इंटरनेशनल स्कूल सभागार, दत्त मंदिर रोड, मलाड पूर्व, मुंबई में संपन्न होगा।

    अधिवेशन की अध्यक्षता डॉ. भगवान तिवारी करेंगे। कार्यक्रम के कार्याध्यक्ष रामकृष्ण सहस्रबुद्धे और स्वागताध्यक्ष देवेंद्र तिवारी होंगे।

    इस अवसर पर हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को जवाहर लाल ‘निर्झर’ शब्द साधक सम्मान 2026 और भारतीय जनभाषा प्रचार समिति – साहित्य सेवा सम्मान 2026 से सम्मानित किया जाएगा।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 से 9.30 बजे पंजीकरण से होगी, इसके बाद माता सरस्वती पूजन किया जाएगा। अधिवेशन को तीन सत्रों में आयोजित किया गया है:

    • प्रथम सत्र: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक
    • द्वितीय सत्र: दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक
    • तृतीय सत्र: शाम 5.30 बजे से रात 8.30 बजे तक

    इन सत्रों में देशभर से आए कवि, लेखक, पत्रकार और साहित्यकार अपने विचार साझा करेंगे।

    कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद (मुंबई), संगीत साहित्य मंच सहित कई सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं का सहयोग प्राप्त है। अधिवेशन के निमंत्रक राजेश दुबे ‘अल्हड़ असरदार’ और सदाशिव चतुर्वेदी हैं। आयोजकों ने साहित्यप्रेमियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।

  • Religion News: बद्रीनाथ–केदारनाथ में मोबाइल पर नो-एंट्री? गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक

    Religion News: बद्रीनाथ–केदारनाथ में मोबाइल पर नो-एंट्री? गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक

    देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 से पहले बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध और गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सख्त नियम लागू करने पर विचार कर रही है। (BKTC) आगामी चारधाम यात्रा सीजन के लिए श्रद्धालुओं पर कड़े नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों में मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक जैसे अहम बिंदु शामिल हैं।

    ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान’ फोटो

    समिति का कहना है कि इन प्रस्तावों का मुख्य उद्देश्य मंदिरों की पवित्रता बनाए रखना और हाल के वर्षों में मंदिर परिसर में बढ़ती वीडियोग्राफी, रील्स और ब्लॉगिंग की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, इन नियमों को लेकर जल्द होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

    हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल का उपयोग करते हुए पाया गया, तो मोबाइल जब्त किया जा सकता है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

    इसके अलावा, भविष्य में मंदिर परिसर में ब्लॉगिंग, शूटिंग या फिल्मिंग के लिए बीकेटीसी या जिला प्रशासन से लिखित पूर्व-अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति शूटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समिति का मानना है कि इससे न केवल अनुशासन बना रहेगा, बल्कि भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

    समिति सूत्रों के मुताबिक, चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सोशल मीडिया गतिविधियों को देखते हुए यह कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।