Nashik Singhastha Kumbh:कुंभ से पहले प्रशासन की रफ्तार ढीली, साधु ग्राम को लेकर संतों ने छेड़ा संघर्ष

नासिक में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बीच साधु ग्राम में निर्माण कार्य शुरू न होने से संतों में नाराजगी, अखाड़ा परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी।

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नासिक। आगामी सिंहस्थ कुंभ (Nashik Singhastha Kumbh) मेला की आहट के साथ शहर में तैयारियां तेज होती नजर आ रही हैं। सड़कों के चौड़ीकरण, बिजली और पानी आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे के कार्य कई हिस्सों में शुरू हो चुके हैं।

लेकिन कुंभ मेले के मुख्य केंद्र तपोवन क्षेत्र स्थित साधु ग्राम में अब तक निर्माण कार्य शुरू न होने से साधु-संतों में भारी नाराजगी है।

अखाड़ा परिषद ने उठाए सवाल

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर के अन्य इलाकों में काम दिखाई दे रहा है, तो साधु ग्राम को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है?

संतों ने स्पष्ट किया कि साधु ग्राम के लिए आरक्षित जमीन का अधिग्रहण करने से पहले संबंधित किसानों को तत्काल और उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।


प्रमुख मांगें

1️⃣ मुआवजा:
भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को तुरंत आर्थिक भुगतान।

2️⃣ निर्माण कार्य:
साधु ग्राम में बुनियादी सुविधाओं का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।

3️⃣ संरक्षण:
स्थानीय आश्रमों और मठों की मौजूदा व्यवस्था को कोई नुकसान न पहुंचे।

4️⃣ समन्वय:
प्रशासन और संतों के बीच नियमित संवाद और पारदर्शी योजना बने।


संतों की चेतावनी

तीनों प्रमुख अखाड़ों — दिगंबर, निर्वाणी और निर्मोही — के संतों ने हाल ही में गोवा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत भक्ति चरणदास महाराज ने कहा कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो साधु-संत सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

संतों का कहना है कि कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों का आगमन होता है और उनके ठहरने की व्यवस्था साधु ग्राम में ही की जाती है। यदि समय पर कार्य पूरे नहीं हुए, तो मेले के सफल आयोजन पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।

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