Category: Politics

Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    उल्हासनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार रात उल्हासनगर में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव के लिए महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया। आठवले ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा और आरपीआई को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि महायुति साथ आती है तो उल्हासनगर नगर निगम का महापौर निश्चित रूप से महायुति का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई को कम से कम 15 सीटें मिलनी चाहिए।

    आठवले ने उल्हासनगर की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका पर बोलते हुए कहा कि यह शहर कभी दलित आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब आरपीआई सभी समुदायों के साथ चल रही है। उन्होंने सिंधी, मुस्लिम, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय सहित विभिन्न समुदायों के सहअस्तित्व का उल्लेख किया। आठवले ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने सिंधी समुदाय से पप्पू कलानी को टिकट दिया था और वे विधायक निर्वाचित हुए थे।

    बैठक के दौरान उन्होंने कोंकण के हापुस आम की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलसाड में उगाए जाने वाले आमों को हापुस नाम देने का प्रयास गलत है और कोंकण का हापुस आम नंबर वन है और वही रहना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणियों के बीच आठवले ने कांग्रेस द्वारा “संविधान खतरे में है” कहे जाने को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान अभी भी सुरक्षित है। उन्होंने दलित समुदाय के अत्याचार के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ हमेशा लड़ती रहेगी।

    कार्यक्रम में आरपीआई नगर अध्यक्ष नाना बागुल, शिवसेना कल्याण ज़िला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, विधायक कुमार अयलानी, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश वधारिया, आरपीआई नेता शांताराम निकम समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

  • Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    Uttar Bhartiya Mahasammelan: उत्तर भारतीय महासम्मेलन में रविवार को होगा बिरहा का जंगी मुकाबला

    मुंबई: शैलेश यादव

    मुंबई। हिंदी भाषी महासंघ मुंबई के तत्वाधान में कालवा देवी रोड, मुंबा देवी कंपाउंड में दिनांक 7 दिसंबर 2025, रविवार, सायं 4.30 बजे उत्तर भारतीय समाज की मांग पर “उत्तर भारतीय महासम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा।

    इस अवसर पर सांस्कृतिक विरासत और लोककला को समर्पित बिरहा का जंगी मुकाबला भी आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में गंगा चैनल के सुपरस्टार पप्पू यादव (वाराणसी) और प्रसिद्ध बिरहा गायिका तथा रेडियो कलाकार सरोज त्यागी (मिर्जापुर) के बीच रोमांचक बिरहा मुकाबला प्रस्तुत किया जाएगा।

    उत्तर भारतीय समाज की एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में आगंतुकों के लिए जलपान और खिचड़ी की विशेष व्यवस्था की गई है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष राज के. पुरोहित तथा भाजपा नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री अमरजीत मिश्रा होंगे। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व नगरसेवक आकाश राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।

    मुख्य आयोजक एवं वरिष्ठ समाजसेवक नत्थू लाल चौरसिया ने कहा कि यह आयोजन हिंदी भाषी समाज की पहचान और सम्मान को सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

  • मदरसों और मस्जिदों में भी लगाए जाएं सीसीटीवी कैमरे: अरुण गोविल ने संसद में जोरदार अपील की

    मदरसों और मस्जिदों में भी लगाए जाएं सीसीटीवी कैमरे: अरुण गोविल ने संसद में जोरदार अपील की

    नई दिल्ली: सांसद और टीवी के सुपरहिट सीरियल रामायण में भगवान राम का किरदार निभा चुके अरुण गोविल ने संसद में सुरक्षा और सार्वजनिक निगरानी को लेकर अहम सुझाव पेश किया। उन्होंने कहा कि देशभर के मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च, स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों में जहां पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं, वहीं मदरसों और मस्जिदों में भी आधुनिक सुरक्षा मानकों के तहत कैमरे लगाना अत्यंत आवश्यक है।

    अरुण गोविल ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि मस्जिदें भी सार्वजनिक स्थल हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से इन धार्मिक स्थलों पर निगरानी प्रणाली अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देशों में धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लागू की जाती है।

    गोविल ने कहा, “जब सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए अनिवार्य हैं, तो मदरसों और मस्जिदों को इस दिशा में पीछे क्यों रहना चाहिए? सुरक्षा, पारदर्शिता और निगरानी हर सार्वजनिक स्थल का मूलभूत अधिकार होना चाहिए।”

    सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह देशव्यापी सुरक्षा नीति के तहत सभी सार्वजनिक धार्मिक स्थलों पर आधुनिक सुरक्षा मानक लागू करने के लिए कदम उठाए। उनका मानना है कि ऐसा करने से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना या आपराधिक गतिविधि की जांच और रोकथाम भी तेज होगी।

    गोविल ने यह भी सुझाव दिया कि सभी धर्मों के सार्वजनिक स्थलों पर समान सुरक्षा मानक लागू किए जाएं, ताकि कोई भेदभाव न हो और देशवासियों का विश्वास बढ़े। उनके अनुसार, यह कदम न केवल सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा और मन की शांति सुनिश्चित करेगा।

  • प्रजा फाउंडेशन ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए जारी किया नागरिक घोषणापत्र

    प्रजा फाउंडेशन ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए जारी किया नागरिक घोषणापत्र

    मुंबई। प्रजा फाउंडेशन ने 2 दिसंबर, 2025 को महाराष्ट्र नगरपालिकाओं के आगामी चुनाव 2025 के लिए नागरिक घोषणापत्र का जारी किया। यह घोषणापत्र सेवा वितरण में सुधार, पारदर्शी शासन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक भागीदारी और नगरपालिका क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

    घोषणापत्र में नगर निगमों को पूर्ण अधिकार देने, सेवा मानक तय करने, वास्तविक पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नागरिकों की आवाज़ को सक्षम बनाने और डिजिटल रूप से सशक्त वार्ड समितियों के साथ प्रशासनिक सुधार लागू करने जैसी पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया है।

    प्रजा फाउंडेशन के संस्थापक निताई मेहता और सी.ई.ओ. मिलिंद म्हस्के ने बताया कि यह घोषणापत्र पारदर्शी और जिम्मेदार स्थानीय शासन को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए एक प्रतिज्ञा है। अनुसंधान प्रबंधक आसिफ खान ने कहा कि इसमें सेवा स्तर, त्रैमासिक रिपोर्ट, अपशिष्ट प्रबंधन और मानसून भेद्यता मानचित्रण जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने की रूपरेखा दी गई है।

  • सालेकसा में EVM का सील खुला तो मचा हंगामा, क्लोज बटन की जांच के लिए हटाया गया था सील

    सालेकसा में EVM का सील खुला तो मचा हंगामा, क्लोज बटन की जांच के लिए हटाया गया था सील

    सालेकसा: सालेकसा नगर पंचायत के चुनाव 2 दिसंबर को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। मतदान के बाद केंद्राध्यक्षों ने सीलबंद ईवीएम मशीनें चुनाव निर्णय अधिकारी को सौंप दी थीं। लेकिन जब इन मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में रखने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो कंट्रोल यूनिट के क्लोज बटन की जांच (शहानिशा) के लिए चुनाव निर्णय अधिकारी मोनिका कांबळे ने ईवीएम का सील हटाने के निर्देश दिए।

    जैसे ही यह जानकारी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों तक पहुँची, उन्होंने बुधवार (3 दिसंबर) को तहसील कार्यालय पहुँचकर गंभीर आपत्ति जताई और ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। इस विवाद के चलते कार्यालय में देर शाम तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

    राजनीतिक दलों ने सवाल उठाया कि यदि क्लोजर बटन की जांच आवश्यक थी, तो इसे पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और चुनाव निर्णय अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की।

    स्थिति बिगड़ने पर तहसील कार्यालय में हंगामा बढ़ गया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया और भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए।

    अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया नियमों के तहत ही की गई, जबकि राजनीतिक दल इस पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मामला फिलहाल जांच के दायरे में है।

  • नगरपालिकाओं के चुनाव आगे बढ़ाने के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार की नाराज़गी, मंत्री बावनकुळे का चुनाव आयोग पर हमला

    नगरपालिकाओं के चुनाव आगे बढ़ाने के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार की नाराज़गी, मंत्री बावनकुळे का चुनाव आयोग पर हमला

    नागपुर। महाराष्ट्र में कुछ नगरपालिका और नगर पंचायतों के चुनाव मतदान से एक दिन पहले ही आगे बढ़ाने के चुनाव आयोग के निर्णय पर राज्य सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने स्पष्ट कहा कि सरकार आयोग के इस कदम से सहमत नाहीं है और यह फैसला पूरी तरह गलत है।

    बावनकुळे ने बताया कि सरकार ने चुनाव आगे न बढ़ाने के लिए आयोग को चार बार पत्र भेजे थे, लेकिन इसके बावजूद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता नाना पटोले पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हर मुद्दे में सिर्फ राजनीति ही दिखाई देती है।

    मंत्री ने यह भी कहा कि कामठी नगर परिषद चुनाव रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर करना हर नागरिक का अधिकार है और अंतिम फैसला न्यायालय ही करेगा।

    स्थानीय स्तर पर महायुती में हुई नाराज़गी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका गठबंधन की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का 2 दिसंबर वाला अल्टीमेटम केवल स्थानीय चुनावों के संदर्भ में था, राज्य की महायुती सरकार से उसका कोई संबंध नहीं है।

  • Election News:बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में हड़कंप: दो फर्जी मतदाता पकड़े गए, घाटाखाल से गाड़ियों में भरकर लाए जाने का आरोप

    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होते ही फर्जी मतदान का मामला सामने आ गया। मतदान शुरू हुए मुश्किल से डेढ़ घंटा भी नहीं बीता था कि प्रभाग क्रमांक 15 के गांधी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दो बोगस मतदाता पकड़े गए।

    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में दो फर्जी मतदाता गिरफ्तार, घाटाखाल से गाड़ियों में भरकर लाए जाने का आरोप
    बुलढाणा नगरपालिका चुनाव में मतदान शुरू होते ही बड़ा विवाद सामने आया। प्रभाग 15 के गांधी प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर दो बोगस मतदाता रंगेहाथ पकड़े गए। आरोप है कि कोथळी और इब्राहिमपुर से गाड़ियों में भरकर फर्जी मतदाता बुलढाणा लाए गए। कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, कोथळी (ता. मोताळा) के एक व्यक्ति ने वैभव देशमुख नामक वोटर की जगह मतदान किया, जिसके तुरंत बाद उसे रंगेहाथ दबोचा गया। उसके साथ एक और व्यक्ति मिला, जो कथित रूप से फर्जी मतदान के लिए आया था। बताया जा रहा है कि कोथळी और इब्राहिमपुर से और भी लोगों को फर्जी मतदाता बनाकर बुलढाणा लाया गया है।

    स्थानीय सूत्रों का दावा है कि घाटाखाल क्षेत्र से करीब दो गाड़ियाँ भरकर फर्जी मतदाताओं को शहर में लाया गया। इस गंभीर प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और पूरे मामले की सख्त दखल लेने की मांग की है।

  • Maharashtra News:भंडारा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा को भाजपा दुपट्टा-टोपी पहनाने पर विवाद, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे का भाजपा पर तीखा हमला

    Maharashtra News:भंडारा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा को भाजपा दुपट्टा-टोपी पहनाने पर विवाद, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे का भाजपा पर तीखा हमला

    मुंबई। भंडारा नगरपालिका चुनाव के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रभाग संख्या दो से भाजपा उम्मीदवार चंद्रकला भोपे ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को भाजपा का दुपट्टा और पार्टी की टोपी पहनाई। इस घटना के फोटो और वीडियो खुद उम्मीदवार ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो गए।

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि रयते के राजे छत्रपति शिवाजी महाराज का इस तरह राजनीतिक दुरुपयोग करना बेहद आपत्तिजनक है। लोंढे के अनुसार भाजपा नेताओं द्वारा शिवाजी महाराज की प्रतिमा के साथ ऐसा व्यवहार जनता की भावनाओं को आहत करने वाला है और इससे लोगों में तीव्र रोष फैल गया है।

    स्थानीय नागरिकों में भी इस घटना को लेकर गुस्सा पनप रहा है। भंडारा में यह मुद्दा अब राजनीतिक गरमाहट पैदा कर रहा है और चुनावी माहौल और भी तीखा होता दिखाई दे रहा है।

  • चुनावी ‘लुभावने वादों’ पर कार्रवाई की आहट: शिंदे–अजित पवार समेत 20 नेताओं पर निर्वाचन आयोग की नजर, DM से मांगी रिपोर्ट

    चुनावी ‘लुभावने वादों’ पर कार्रवाई की आहट: शिंदे–अजित पवार समेत 20 नेताओं पर निर्वाचन आयोग की नजर, DM से मांगी रिपोर्ट

    महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए लुभावने, भ्रामक और संभावित रूप से आचार संहिता के उल्लंघन वाले बयानों पर अब बड़ी कार्रवाई का संकेत मिल रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री गुलाबराव पाटिल, विधायक चित्रा वाघ समेत 20 नेताओं के खिलाफ जिलाधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।

    इन नेताओं के भाषणों के वीडियो और बयान वायरल होने के बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


    किस बयान पर फंसे कौन नेता?

    शिंदे का ‘खजाने की चाबी’ बयान बना परेशानी

    चुनावी सभा में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था,
    “राज्य का खजाना हमारे पास है।”
    विपक्ष ने इस बयान को सत्ता के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रलोभन देने के तौर पर पेश किया था। अब आयोग ने इस पर भी रिपोर्ट तलब की है।


    गुलाबराव पाटिल का ‘लक्ष्मी दर्शन’ बयान

    सरकारी मंत्री गुलाबराव पाटिल ने मतदाताओं से कहा था—
    “लक्ष्मी आने वाली है, इसलिए बाहर खाट पर सोएं।”
    विपक्ष ने इसे चुनाव में धन वितरण का इशारा बताते हुए शिकायत की थी।


    चित्रा वाघ: ‘नमक कोई भी खा लें, बटन कमल का दबेगा’

    विधायक चित्रा वाघ के बयान को भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है। आयोग ने यह भी पूछा है कि क्या बयान मतदाताओं पर दबाव या दुष्प्रचार का हिस्सा था।


    अजित पवार के भाषण भी हो सकते हैं जांच के दायरे में

    डिप्टी सीएम अजित पवार ने कई सभाओं में मतदाताओं को रिझाने वाले वादे और राजनीतिक संकेत दिए थे। आयोग ने संबंधित जिलाधिकारियों से उनके बयानों की पूरी रिपोर्ट मांगी है।


    DM को क्यों भेजा गया नोटिस?

    निर्वाचन आयोग ने उन सभी जिलाधिकारियों (District Magistrates) से फील्ड रिपोर्ट मांगी है जहां ये बयान दिए गए थे।
    रिपोर्ट में यह जानकारी मांगी गई है—

    • क्या बयान आचार संहिता का उल्लंघन है?
    • क्या मतदाताओं को प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से लुभाया गया?
    • क्या प्रशासन को शिकायतें मिलीं?
    • क्या सभा रिकॉर्डिंग और साक्ष्य उपलब्ध हैं?

    आगे क्या हो सकता है?

    सूत्रों के मुताबिक, आयोग रिपोर्ट मिलने के बाद नोटिस, चेतावनी या केस दर्ज करने जैसा कठोर कदम भी उठा सकता है। चुनावी माहौल में यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से बड़ा असर डाल सकती है क्योंकि लगभग हर बड़े गुट के नेता इसके दायरे में आते हैं।