मुंबई: हिन्दू समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले करणी सेना के नेता अजय सिंह सेंगर ने महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय सेंगर अपने आंदोलनों के कारण कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं।(Politics)
बताया जाता है कि रानी पद्मावती फिल्म पर प्रतिबंध की मांग, नाणार प्रकल्प के समर्थन में आंदोलन, ‘पिके’ फिल्म के विरोध, जोधा-अकबर विवाद तथा कश्मीर हिन्दू बचाव अभियान जैसे मुद्दों पर उनके नेतृत्व में किए गए आंदोलनों ने उन्हें पहचान दिलाई।
नामांकन भरने के दौरान एक विवादित पहलू भी सामने आया, जब उन्होंने नाथूराम गोडसे के नाम की शपथ लेकर फॉर्म भरा। इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल, उनके इस कदम को लेकर समर्थन और विरोध दोनों ही देखने को मिल रहे हैं, जिससे आगामी चुनावी माहौल में यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।
ठाणे: शिव सेना-BJP गठबंधन ने एक बार फिर शिलफाटा इलाके में विकास के कामों की झड़ी लगा दी है। वार्ड नंबर 29 के चार गांवों में श्मशान घाटों के रेनोवेशन के काम का उद्घाटन डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे, MP डॉ. श्रीकांत शिंदे और MLA राजेश मोरे के सहयोग से किया गया। 28 अप्रैल, 2026 को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच इन कामों का शिलान्यास शिवसेना शहर प्रमुख और पूर्व डिप्टी मेयर रमाकांत मढ़वी ने किया।(Shiv Sena-BJP Alliance)
‘इन’ गांवों को मिलेगी राहत देसाई गांव, पाटिल पाड़ा, खिडकली, शिलगांव और खरडी इन चार गांवों के श्मशान घाटों की हालत खराब है। मानसून के दौरान लोगों को अंतिम संस्कार के लिए बहुत परेशानी होती थी। अब शीट शेड, बैठने की जगह, पानी की टंकी, बिजली सिस्टम और ब्यूटीफिकेशन का काम होने पर लोगों ने खुशी जताई।
शिवसेना-BJP के पार्षद एकजुट हुए बाबाजी पाटिल, BJP की पार्षद वेदिका साहिल पाटिल, शिवसेना की पार्षद अर्चना नीलेश पाटिल, साथ ही BJP के जिला अध्यक्ष इंजीनियर प्रकाश ठाणे साहिल पाटिल, BJP के सीनियर कार्यकर्ता बलराम पाटिल और दोनों पार्टियों के पदाधिकारी इकट्ठा हुए थे।
इस मौके पर डिपार्टमेंट हेड विष्णु कोटकर, नीलेश पाटिल, डिपार्टमेंट ऑर्गेनाइजर नवनाथ पाटिल, मधुकर पाटिल, सब-डिपार्टमेंट हेड दीपेश पाटिल,रोहिदास म्हात्रे, वैभव अलीमकर, ब्रांच हेड शंकर पाटिल, जयंत वालिलकर, सुदर्शन पाटिल, सुंदर अलीमकर, धोंडू निघुकर, निवृत्ति पाटिल, सुवर्णा पाटिल, सावन ठाकुर, बाबूराव पाटिल, महेश ठाकुर, राहुल पाटिल समेत बड़ी संख्या में शिवसेना-बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद थे।
‘महायुति विकास के लिए कमिटेड’ शिवसेना-बीजेपी महायुति वार्ड 29 के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए कमिटेड है। हम हमेशा नागरिकों के सुख-दुख में उनके साथ हैं, ऐसा शिवसेना कॉर्पोरेटर बाबाजी पाटिल ने कहा।
हमारा लक्ष्य श्मशानभूमि जैसे इंटीमेट मुद्दे पर महायुति सरकार के जरिए हर गांव का डेवलपमेंट करना है। अंतिम संस्कार करके हम नागरिकों की भावनाओं का सम्मान कर रहे हैं, ऐसा BJP जिला अध्यक्ष इंजीनियर प्रकाश ठाणे साहिल पाटिल ने कहा।
BJP पार्षद वेदिका साहिल पाटिल ने कहा, एक महिला होने के नाते इस काम में हिस्सा लेकर मुझे खास तौर पर खुशी हो रही है। अंतिम संस्कार के दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानी अब खत्म हो जाएगी। हम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के आभारी हैं।
गांव वाले भावुक ‘दिल की बातें सुलझाई जाएंगी हमारे गांव की दिल की बातें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और MP श्रीकांत शिंदे के ज़रिए सुलझाई जाएंगी। अब इज्ज़त के साथ अंतिम संस्कार हो सकेगा, ऐसी भावनाएं गांव वालों ने ज़ाहिर कीं।
नई दिल्ली: पांच राज्यों में असम, वेस्ट बंगाल, केरला, तमिलनाडू और पुडुचेरी के चुनावों को लेकर एग्जिट पोल के नतीजों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। 4 मई को आधिकारिक परिणाम सामने आएंगे, लेकिन उससे पहले आए अनुमानों में दिलचस्प तस्वीर उभर रही है। एग्जिट पोल के अनुसार, पांच में से तीन राज्यों—असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी—में मौजूदा सरकार की वापसी के संकेत हैं, जबकि पश्चिम बंगाल और केरल में सत्ता परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है।(Exit Poll Update)
असम: एनडीए की वापसी तय? 126 सीटों वाले असम में बहुमत का आंकड़ा 64 है। एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को 88 से 100 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस गठबंधन 24 से 36 सीटों पर सिमट सकता है। ‘पोल ऑफ पोल्स’ में एनडीए को करीब 92 सीटें और कांग्रेस को 28 सीटें मिलने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल: कांटे की टक्कर 294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। बहुमत के लिए 148 सीटें जरूरी हैं। पोल ऑफ पोल्स के अनुसार ममता बनर्जी की टीएमसी को 146 सीटें, जबकि भारतिय जनता पार्टी को 140 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 2, वाम दलों को 1 और अन्य को 5 सीटें मिलने का अनुमान है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में सत्ता बरकरार एम. के. स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु में एक बार फिर सरकार बनने के संकेत हैं। वहीं पुडुचेरी में भी एनडीए गठबंधन की वापसी की संभावना जताई गई है।
केरल में बदलाव के आसार एग्जिट पोल के मुताबिक, केरल में इस बार सत्ता परिवर्तन हो सकता है और यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है। कुल मिलाकर, एग्जिट पोल के ये आंकड़े 4 मई के नतीजों से पहले सियासी समीकरणों को लेकर तस्वीर तो पेश कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतगणना के दिन ही होगा।
मुंबई: Mumbai Metropolitan Region Development Authority (एमएमआरडीए) ने विक्रोली में प्रस्तावित 90 करोड़ रुपये के फुटओवर ब्रिज की निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी है। यह फैसला Anil Parab द्वारा लगाए गए धांधली, कार्टेलाइजेशन और रिगिंग के आरोपों के बाद लिया गया। (MMRDA)
एमएमआरडीए ने न सिर्फ टेंडर रद्द किया, बल्कि प्रक्रिया से पीछे हटने वाले बोलीदाताओं की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जब्त करने का भी निर्णय लिया है। इस कदम से परियोजना में अनियमितताओं की पुष्टि होने के संकेत मिले हैं।परब की शिकायत के बाद प्राधिकरण ने एक सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। एमएमआरडीए के प्रकल्प संचालक बसवराज एम. बी. ने पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी।
क्या थे आरोप? अनिल परब ने 10 अप्रैल 2026 को एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि विक्रोली फुटओवर ब्रिज, बीकेसी-चुनाभट्टी कनेक्टर और अटल सेतु से जुड़ी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा था कि 90 करोड़ रुपये के इस टेंडर को दो महीने तक खोला ही नहीं गया और 8 में से 6 बोलीदाताओं ने दबाव में अपने नाम वापस ले लिए, जिससे केवल 2 कंपनियां बचीं।
‘सिर्फ रद्द करना काफी नहीं’ टेंडर रद्द होने के बाद अनिल परब ने फैसले का स्वागत किया, लेकिन इसे अधूरा कदम बताया। उन्होंने मांग की कि संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
मुंबई: Maharashtra में महायुति सरकार (Mahayuti’ government) के नए फैसले ने विकास और पर्यावरण के बीच बहस को तेज कर दिया है। सरकार ने परियोजनाओं को गति देने के नाम पर पेड़ कटाई की अनुमति प्रक्रिया को आसान बना दिया है। नए नियमों के तहत पेड़ कटाई की मंजूरी की समयसीमा 30 दिनों से घटाकर 15 दिन कर दी गई है। साथ ही जरूरी दस्तावेजों की संख्या 11 से घटाकर 5 कर दी गई है, जिससे सरकारी और निजी परियोजनाओं के रास्ते में आने वाले पेड़ों को हटाना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
इस फैसले को Devendra Fadnavis की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पहल का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, इस कदम को लेकर पर्यावरणविदों और विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले ही राज्य में सड़क, मेट्रो और रियल एस्टेट परियोजनाओं के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है। ऐसे में नियमों को और आसान करना हरियाली पर गंभीर असर डाल सकता है। इससे गर्मी, प्रदूषण, जल संकट और जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं सरकार का दावा है कि सभी प्रस्तावों की जांच के बाद ही मंजूरी दी जाएगी। दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि समय और दस्तावेज कम करने से प्रक्रिया की सख्ती कम हो सकती है। इसी बीच मुख्यमंत्री ने राज्य में 300 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य भी रखा है, लेकिन विपक्ष इसे केवल कागजी घोषणा बता रहा है।
मुंबई/नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप की अपनी हालिया यात्रा के बाद केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना को सरकार “विकास” बता रही है, वह दरअसल देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के साथ एक बड़ा अन्याय है। (Rahul Gandhi Levels Serious Allegations)
राहुल गांधी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्रेट निकोबार के जंगल उनके जीवन में देखे गए सबसे अद्भुत वनों में से हैं—ऐसे पेड़ जो पीढ़ियों से खड़े हैं और ऐसी पारिस्थितिकी जो सदियों में विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी समुदाय और बसने वाले लोग बेहद सरल और सुंदर हैं, लेकिन उनसे उनका अधिकार छीना जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के तहत लाखों पेड़ों की कटाई की तैयारी है और करीब 160 वर्ग किलोमीटर वर्षावन को नष्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार, स्थानीय समुदायों की आवाज को नजरअंदाज कर उनके घर और आजीविका पर संकट खड़ा किया गया है।
राहुल गांधी ने कहा, “यह विकास नहीं है, बल्कि विकास की भाषा में छिपा विनाश है।” उन्होंने इसे देश के पर्यावरण और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े अपराधों में से एक बताते हुए कहा कि इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस मुद्दे को समझें और आवाज उठाएं, ताकि ग्रेट निकोबार की प्राकृतिक धरोहर और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
वसई : वसई तालुका के अनेक नागरिकों की जमीन मापी से संबंधित प्रकरण तकनीकी अड़चनों और प्रशासनिक विलंब के कारण लंबे समय से लंबित हैं। इन मामलों का त्वरित समाधान कर आम जनता को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से विधायक स्नेहा दुबे पंडित के पहल पर तथा भूमि अभिलेख विभाग, वसई के सहयोग से 30 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तहसीलदार कार्यालय भवन, भूतल, वसई, जिला पालघर में विशेष ‘जनसंवाद दिवस’ का आयोजन किया गया है।
इस जनसंवाद दिवस में भूमि अभिलेख विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे और नागरिकों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। जिन नागरिकों के जमीन मापी के मामले लंबित हैं, वे विधायक के नाम संबोधित अपना लिखित आवेदन (3 प्रतियों में) साथ लाएं। साथ ही पूर्व में भूमि अभिलेख विभाग को दिए गए आवेदन की छायाप्रति भी संलग्न करें। विधायक कार्यालय की ओर से सभी संबंधित नागरिकों से इस जनसंवाद दिवस में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है।
मुंबई | शिवसेना ठाकरे ग्रुप को एक और बड़ा झटका लगा है, उसके नेता शिवसेना ठाकरे ग्रुप के चीफ उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ BJP में शामिल हो गए हैं। महाविकास अघाड़ी ने लोकसभा चुनाव में अच्छी सफलता हासिल की थी, लेकिन फिर महाविकास अघाड़ी विधानसभा चुनाव में इस सफलता को बरकरार नहीं रख पाई, नहीं, महाविकास अघाड़ी को इस चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा, महायुति को इस चुनाव में बड़ी सफलता मिली। इसके बाद से ही शिवसेना ठाकरे ग्रुप में खलबली मची हुई है। कई दिग्गज नेता उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिवसेना शिंदे ग्रुप और BJP में शामिल हो गए हैं। इस बीच, उद्धव ठाकरे अभी तक इस खलबली को रोक नहीं पाए हैं। अब एक बार फिर शिवसेना ठाकरे ग्रुप को बड़ा झटका लगा है।
शिवसेना ठाकरे ग्रुप को डोंबिवली में बड़ा झटका लगा है। शहर प्रमुख प्रकाश तेलगोटे अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ BJP में शामिल हो गए हैं। कल्याण डोंबिवली में मनपा चुनाव के बाद शिवसेना ठाकरे ग्रुप के लिए यह पहला बड़ा झटका माना जा रहा है। शिवसेना ठाकरे ग्रुप के शहर प्रमुख सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं। प्रकाश तेलगोटे ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और भाजपा नगरसेवक दीपेश म्हात्रे की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा। इस बीच जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक प्रकाश तेलगोटे शिवसेना ठाकरे ग्रुप से नाखुश थे और कहा जा रहा है कि पार्टी में सीनियर नेताओं की मनमानी के कारण वे उद्धव ठाकरे को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। मनपा चुनाव में भी एक-दो मनपा को छोड़कर शिवसेना ठाकरे ग्रुप को ज्यादा सफलता नहीं मिली थी। इस चुनाव में भी भाजपा राज्य में नंबर वन पार्टी बनी रही, जबकि शिवसेना शिंदे ग्रुप को भी अच्छी सफलता मिली। उसके बाद एक बार फिर नेता दूसरी पार्टियों में शामिल होते दिख रहे हैं। पार्टी में इस लीकेज को रोकने की बड़ी चुनौती अब उद्धव ठाकरे के सामने होगी।
नई दिल्ली। घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी (LPG Price Hike) के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि महंगाई का बोझ सीधे आम लोगों पर डाला जा रहा है और इसे लेकर प्रधानमंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम परिवारों और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।
कांग्रेस का आरोप: जनता के बजट पर सीधा हमला
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर डाला है। पार्टी के अनुसार, पिछले तीन महीनों में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में कुल 307 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री ने हाल ही में दावा किया था कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को सस्ता और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है, लेकिन अगले ही दिन गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए।
खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि जो बातें मंत्री कहते हैं, उन पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है।
सरकार का पक्ष: ऊर्जा आपूर्ति में कोई कमी नहीं
इस बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को किफायती और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है।
सूत्रों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 7 मार्च से देशभर में 60 रुपये बढ़ा दी गई है, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी लागू की गई है।
पहले अप्रैल 2025 से स्थिर थे दाम
इससे पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अप्रैल 2025 से स्थिर थी। उस समय दिल्ली में गैर-सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर लगभग 853 रुपये में मिल रहा था। नई बढ़ोतरी के बाद अब घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ एलपीजी पर निर्भर छोटे व्यवसायों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।
अफवाहों पर न दें ध्यान: इंडियन ऑयल
इसी बीच Indian Oil Corporation ने सोशल मीडिया के माध्यम से पेट्रोल और डीजल की कमी से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। कंपनी ने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।
खानदेश में उबाठा को लगा बड़ा झटका, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थामा शिवसेना का भगवा
मुंबई: शिवसेना आम लोगों के साथ खड़े रहने वाली, अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली और भगवा विचारों को आगे बढ़ाने वाली पार्टी है। इसलिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। संपत्ति कितनी कमाई यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आपने कितने लोगों का दिल जीता और लोगों का कितना प्यार हासिल किया, यही सबसे ज्यादा मायने रखता है। यह बात शिवसेना के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उबाठा पर तंज कसते हुए कही। उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने आज सैकड़ों समर्थकों के साथ उपमुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शिंदे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस प्रवेश कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव, मंत्री गुलाबराव पाटील, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, सांसद मिलिंद देवरा, विधायक किशोर पाटील के साथ कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
उन्मेष पाटील(Unmesh Patil joins Shiv Sena) के साथ आज कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना में प्रवेश किया। इनमें पंचायत समिति के पूर्व सभापति दिनेश बोरसे पूर्व अध्यक्ष, बीजेपी युवा मोर्चा , पंचायत समिति के उपसभापति भाऊसाहेब पाटील, बीजेपी के पूर्व सभापति लीलाभाई पाटील, राष्ट्रवादी कांग्रेस के रवि चौधरी, बीजेपी के पूर्व नगरसेवक चंदू तायडे, पूर्व नगरसेवक चिरागउद्दीन शेख, पूर्व नगरसेवक गणेश महाले, दिपक देशमुख, सुबोध वाघमारे, गवली समाज के प्रमुख विजू गवली, ओबीसी समाज के संजय चौधरी, बाळासाहेब पाटील, अनिल चव्हाण, रोहित खैरनार, मंगेश साबळे, सोमनाथ पाटील, चंद्रकांत पाटील, रमेश पाटील, योगेश मोरे, राजेंद्र सोनावणे, महादेव गायकवाड, विलास गवली, सुनीता पवार, रत्ना पाटील सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज शिवसेना का भगवा थाम लिया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। महाराज कहा करते थे कि प्रजा की सब्जी के डंठल को भी हाथ नहीं लगाना चाहिए। आज राज्य सरकार ने राज्य के किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। जब हम मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में लाड़ली बहन योजना शुरू की गई थी। विधानसभा चुनाव में इन लाड़ली बहनों ने विपक्ष को करारा जवाब दिया। चुनाव के समय कर्ज माफी का जो वादा किया गया था, उसे आज महायुति सरकार ने पूरा कर दिखाया है। शिवसेना वह पार्टी है जो जो कहती है, वह करके भी दिखाती है। पिछले ढाई साल में किए गए कामों की वजह से इतिहास में पहली बार महायुति के २३२ विधायक चुनकर आए हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह पार्टी बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के विचारों पर आगे बढ़ रही है। इसी वजह से सोलापुर के एक गरीब परिवार की लाड़ली बहन को पार्टी ने राज्यसभा की उम्मीदवारी दी है। शिवसेना कार्यकर्ताओं की पार्टी है और कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाने वाली पार्टी है। यहां कोई मालिक या नौकर नहीं है, हम सभी साथी हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के समय महाराष्ट्र के लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया था। इसी तरह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण दुबई में फंसे सैकड़ों भारतीयों को भी दो विशेष विमानों के जरिए सुरक्षित भारत लाया गया।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि आज नारपार योजना के लिए ७००० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। चालीसगांव में किसानों को सबसे ज्यादा पशु शेड उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और किसानों के मुद्दों को उठाने का काम उन्मेष पाटील कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने गिरणा परिक्रमा भी की है। उन्होंने उन्मेष पाटील और उनके कार्यकर्ताओं से अपील की कि खानदेश में शिवसेना को घर-घर तक पहुंचाएं।
इस मौके पर पूर्व सांसद उन्मेष पाटील ने कहा कि जब उपमुख्यमंत्री शिंदे दरे गांव में खेतों में काम करते नजर आते हैं, तो राज्य के किसानों को विश्वास होता है कि एक ऐसा नेता है जो खेती और मिट्टी से जुड़ा है और किसानों के दुख-दर्द को समझता है। उन्होंने कहा कि वे सरदार बनने के लिए नहीं, बल्कि एक सैनिक के रूप में काम करने के लिए शिवसेना में आए हैं।