Hindi Sahityakar:अदब की महफिल में गूंजे शब्द, ‘हमारा समाज’ और ‘अर्थबोध’ पर हुए गंभीर संवाद

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मीरा रोड (मुंबई)। शनिवार को मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन हुआ, जहां कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों में‘अर्थबोध के सान्निध्य में’ और ‘हमारा समाज और हम’ का लोकार्पण किया गया। यह आयोजन जनवादी लेखक संघ, ‘अनभै’ पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम (Hindi Sahityakar) की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि-आलोचक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की संवेदनशील लेखन शैली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं स्त्री मन की गहराइयों और सामाजिक यथार्थ को प्रभावशाली ढंग से सामने लाती हैं। कार्यक्रम का संचालन कवि रमन मिश्रा ने किया, जिन्होंने अपनी सधी हुई प्रस्तुति से श्रोताओं को अंत तक जोड़े रखा।

काव्य संग्रह ‘अर्थबोध के सान्निध्य में’ पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडे ने कहा कि रीता दास की कविताएं व्यक्तिगत अनुभवों से निकलकर व्यापक सामाजिक सरोकारों तक पहुंचती हैं। वहीं प्रशांत जैन और संध्या यादव ने संग्रह की विषयवस्तु और सामाजिक दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

लेख संग्रह ‘हमारा समाज और हम’ पर अनिल गौर की समीक्षा (जिसका वाचन राकेश शर्मा ने किया) में समाज की जटिलताओं को गहराई से समझने की बात कही गई। अवधेश राय ने इन लेखों को सामाजिक वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।

इस अवसर पर विनोद दास, अनुप सेठी, हृदयेश मयंक, शैलेश सिंह और अभिलाष अवस्थी सहित कई साहित्यकारों ने लेखिका की रचनात्मकता और सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना की।समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों और लेखिका के परिजनों की उपस्थिति रही।यह आयोजन केवल पुस्तकों के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक सार्थक और गंभीर संवाद का मंच भी बना।

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