‘शक्ति कानून’ लागू करने की मांग: पुर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख
दुष्कर्मी को जल्दी फांसी दी जाय: सांसद वर्षा गायकवाड
मुंबई। पुणे जिले(Pune) के नसरापुर (भोर) और चाकण में मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं से महाराष्ट्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता व पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि 24 घंटे के भीतर ऐसी दो घटनाएं होना दर्शाता है कि राज्य में कानून का डर खत्म हो चुका है। उन्होंने ‘शक्ति कानून’ को तुरंत लागू करने की मांग करते हुए कहा कि यह कानून अभी भी केंद्र की गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के पास लंबित है। उनके अनुसार, यदि यह कानून लागू होता तो दोषियों को 21 दिनों के भीतर फांसी की सजा मिल सकती थी और अपराधियों में डर पैदा होता।
वहीं, मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घटना मानवता पर कलंक है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हर घटना के बाद केवल बयान दिए जाते हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं बचा है।
दोनों नेताओं ने नसरापुर और चाकण मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर जल्द से जल्द दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है। साथ ही राजनीतिक मतभेद भुलाकर ‘शक्ति कानून’ को तत्काल लागू करने पर जोर दिया है।इन घटनाओं के बाद पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश का माहौल है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

