मुंबई। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से फिनटेक प्लेटफॉर्म NagadPe का रविवार को मुंबई में शुभारंभ किया गया। यह ऐप खासतौर पर दूध विक्रेताओं, अख़बार वितरकों और छोटे दैनिक कमाई करने वाले कामगारों के लिए तैयार किया गया है।इस ऐप के जरिए उपयोगकर्ता डिजिटल चालान बना सकते हैं, समय पर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं और अपनी एक विश्वसनीय वित्तीय पहचान विकसित कर सकते हैं। इससे उन्हें भविष्य में ऋण और अन्य औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी।
भारत में आज भी लाखों छोटे कामगार कागज़ी हिसाब-किताब और महीने के अंत में नकद भुगतान पर निर्भर हैं, जिससे देरी और लेनदेन संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं। NagadPe इस पारंपरिक व्यवस्था को बदलने का प्रयास करता है, जहां भुगतान संग्रह, ग्राहक प्रबंधन और बहीखाते की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
कंपनी के सह-संस्थापक गजेंद्र गर्ग ने कहा कि “देश की रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था इन छोटे कामगारों पर टिकी है, लेकिन उनकी वित्तीय व्यवस्था अब भी पुरानी है। हमारा लक्ष्य उन्हें सरल और पारदर्शी डिजिटल समाधान देकर सशक्त बनाना है।”इस प्लेटफॉर्म की खासियतों में आसान ऑनबोर्डिंग, तकनीकी ज्ञान की जरूरत न होना और जल्द ही स्थानीय भाषाओं का समर्थन शामिल है। मुंबई से शुरू हुआ यह ऐप जल्द ही महाराष्ट्र और देश के अन्य शहरों में विस्तार करेगा।
NagadPe फिलहाल एंड्रॉइड पर उपलब्ध है और दूध वितरण, अख़बार सप्लाई, लॉन्ड्री, छोटे दुकानदारों सहित नियमित नकद लेनदेन करने वाले कामगारों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

