Tag: ठाणे जिला

  • Marathi Language Made Mandatory: मराठी का अभिमान अक्षुण्ण… परंतु जबरदस्ती नहीं , समझदारी जरूरी… संजय निरुपम

    Marathi Language Made Mandatory: मराठी का अभिमान अक्षुण्ण… परंतु जबरदस्ती नहीं , समझदारी जरूरी… संजय निरुपम

    Sanjay Nirupam on the Marathi Language : रिक्शा एवं टैक्सी चालकों (Mumbai’s Rickshaw and Taxi Drivers) पर मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय के संदर्भ में शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) ने आज मीडिया के माध्यम से अत्यंत भावनात्मक और स्पष्ट रुख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “मराठी हमारी अस्मिता की पहचान, संस्कृति की सांस और महाराष्ट्र का गौरव (pride of Maharashtra) है। लेकिन यह भाषा प्रेम से सिखाई जानी चाहिए, न कि जबरदस्ती से!”

    इस मुद्दे पर शिवसेना में किसी प्रकार का कोई मतभेद या गुट नहीं है।
    शिवसेना हमेशा मराठी भाषा के सम्मान के लिए अग्रणी रही है। शिवसेना के निरंतर प्रयासों से ही मराठी भाषा को देश में ‘अभिजात’ दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। इसलिए मराठी के सम्मान के विषय में शिवसेना कभी समझौता नहीं करेगी, परंतु मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही आवश्यक है।

    वर्तमान में लागू किए जा रहे मराठी भाषा अनिवार्यता के निर्णय के कारण हजारों रिक्शा एवं टैक्सी चालकों में भय और अस्थिरता का वातावरण पैदा हो गया है। मुंबई जैसे महानगर में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों के चालक कार्यरत हैं, जो मराठी सीखने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त समय और अवसर दिया जाना आवश्यक है।

    इसी पृष्ठभूमि में शिवसेना की स्पष्ट मांग है
    संबंधित शासकीय निर्णय (GR) को कम से कम एक वर्ष के लिए स्थगित (postpone) किया जाए। इस अवधि में चालकों को मराठी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहन और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इस विषय को जबरदस्ती के बजाय समझदारी और संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए।

    “प्रेम से सीखी गई भाषा जीवनभर साथ रहती है…
    लेकिन भय से सीखी गई भाषा कभी दिल में स्थान नहीं बना पाती!” शिवसेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि मराठी का सम्मान बनाए रखते हुए आम मेहनतकश जनता के हितों की रक्षा करना ही उनकी सच्ची भूमिका है। इसके लिए सरकार को सकारात्मक निर्णय लेते हुए हजारों परिवारों को राहत प्रदान करनी चाहिए। “मराठी का सम्मान करें… लेकिन इंसानियत को भी जीवित रखे”

  • Jaunpur:जौनपुर के सरावां बडेरी निवासी विजय कांत मिश्रा (सच्चन) का मुंबई में निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

    Jaunpur:जौनपुर के सरावां बडेरी निवासी विजय कांत मिश्रा (सच्चन) का मुंबई में निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

    कल्याण। जौनपुर (Jaunpur) जनपद के सरावां बडेरी निवासी एवं वर्तमान में मुंबई में निवास कर रहे विजय कांत मिश्रा (सच्चन) का 13 फरवरी को उनके मुंबई स्थित निवास पर अल्प बीमारी के चलते निधन हो गया।

    उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, मित्रों और समाज में गहरा शोक व्याप्त हो गया।बताया जाता है कि विजय कांत मिश्रा अपने सरल, मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के कारण समाज में विशेष पहचान रखते थे। वे बच्चों के साथ बच्चों की तरह घुल-मिल जाते थे और अपने हमउम्र लोगों के साथ भी बेहद आत्मीयता से व्यवहार करते थे। उनके इसी स्नेहपूर्ण स्वभाव के कारण वे सभी के प्रिय थे।

    परिवारिक सूत्रों के अनुसार उनके परिवार में चार बेटियाँ, एक पुत्र तथा पोती-पोते हैं। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है।दिवंगत विजय कांत मिश्रा का अंतिम संस्कार मुंबई के विट्ठलवाड़ी श्मशान घाट में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ, जहाँ उनके पुत्र अरुण मिश्रा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवारजन, रिश्तेदार और समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।शोक व्यक्त करने वालों में उनके भाई चंद्रकांत मिश्रा, विनोद मिश्रा, बबलू मिश्रा सहित समाज के अनेक लोगों ने गहरा दुःख प्रकट किया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगे की सभी धार्मिक विधियाँ मुंबई के कल्याण स्थित निवास पर संपन्न की जाएंगी।

  • धसाई के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम की समीक्षा और “निक्षय पोषण किट” वितरण की शुरुआत

    धसाई पीएचसी में टीबी कार्यक्रम की समीक्षा और निक्षय पोषण किट वितरण करते स्वास्थ्य अधिकारी

    ठाणे। मुरबाड तहसील स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, धसाई में दिनांक 15 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अलका परगे ने दौरा कर कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की तथा क्षय रोग नियंत्रण के लिए चल रहे उपायों पर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

    कार्यक्रम में डॉ. परगे की उपस्थिति में “निक्षय पोषण किट वितरण” नामक एक नई पहल की शुरुआत भी की गई। यह पहल एक गैर-सरकारी संगठन वेलफेयर सोसाइटी फॉर डेस्टिट्यूट चिल्ड्रन, एकलहरे के सहयोग से चलाई जा रही है, जिसके तहत मुरबाड तहसील के सभी सक्रिय टीबी रोगियों को नियमित पोषण किट वितरित की जाएगी।

    इस मौके पर तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बनसोडे ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और क्षय रोग की रोकथाम तथा उपचार से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सामाजिक सहभागिता और जनजागरूकता पर ज़ोर देते हुए इस पहल की सराहना की।

    कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंदकिशोर गोर्डे, स्वास्थ्य सहायक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    डॉ. परगे ने कहा कि, “यह पहल ना सिर्फ़ दवाओं तक सीमित है, बल्कि टीबी रोगियों के पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।”

  • Bhiwandi Receives the Gift of a Flyover and Ring Road Project Along with Underground Metro:”भूमिगत मेट्रो के साथ भिवंडी को मिला फ्लाईओवर और रिंग रोड प्रोजेक्ट का तोहफा

    भिवंडी मेट्रो फ्लाईओवर और रिंग रोड प्रोजेक्ट की घोषणा करती हुई उच्चस्तरीय बैठक

    भिवंडी (ठाणे)। ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो-5 परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भिवंडी शहर के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में धामनकर नाका से रांजणोली बाईपास तक के मेट्रो मार्ग को भूमिगत (Underground) बनाने का निर्णय लिया गया, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्र में यातायात और संरचना पर असर कम होगा।

    विधायक महेश चौघुले ने बैठक में नागपुर मॉडल के आधार पर मेट्रो और फ्लाईओवर को एक साथ बनाने का सुझाव रखा, जिससे लागत और समय की बचत के साथ-साथ नागरिकों को भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने 7-8 वर्षों से लंबित रिंग रोड परियोजना को शीघ्र शुरू करने की पुरजोर मांग की।

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए मेट्रो और फ्लाईओवर के एकीकृत क्रियान्वयन को मंजूरी दी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। इसके साथ ही रिंग रोड परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई और तत्काल कार्यवाही के आदेश दिए गए।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में एमएमआरडीए, नगर विकास विभाग, वित्त विभाग, भिवंडी महानगरपालिका आयुक्त, ठाणे जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    इन विकासात्मक निर्णयों से भिवंडी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और नागरिकों को वर्षों पुरानी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह कदम भिवंडी को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।

  • Shramjeevi Sanghatana’s Rasta Roko Protest Succeeds as Administration Gives Written Assurance for Road Repairs:”श्रमजीवी संगठन का रास्ता रोको आंदोलन सफल, प्रशासन ने सड़कों की मरम्मत की लिखित गारंटी दी

    श्रमजीवी संगठन के रास्ता रोको आंदोलन में चूल्हे जलाकर प्रदर्शन करते नागरिक, प्रशासन ने दी सड़कों की मरम्मत की गारंटी

    भिवंडी (ठाणे)। भिवंडी-वाडा-मनोर और खारबाव-कामण-चिंचोटी मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में श्रमजीवी संगठन द्वारा गुरुवार को शुरू किया गया रास्ता रोको आंदोलन देर रात 11:30 बजे प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। आंदोलन की व्यापकता, जनसहभागिता और शांतिपूर्ण संगठन ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।

    9 स्थानों पर एकसाथ रास्ता रोको, प्रदर्शन स्थल पर ही जलाए गए चूल्हे:
    सुबह 11 बजे शुरू हुए आंदोलन में भिवंडी, वाडा और वसई तालुका के 9 प्रमुख स्थानों — कवाड नाका, नांदीठणे, अंबाडी नाका, मालोडी, चिंचोटी, कामण, कुडूस, डाकिवली फाटा, शिरीष पाडा और खंडेश्वरी नाका — पर सैकड़ों नागरिकों, महिलाओं और छात्रों ने भाग लिया। आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर ही चूल्हे जलाकर खाना पकाया और कहा कि जब तक समाधान नहीं, आंदोलन जारी रहेगा।

    प्रशासन की घेराबंदी, 7 घंटे लंबी बैठक के बाद बनी सहमति:
    शाम 4:30 बजे आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं को अंबाडी में बुलाया गया, जहां अधीक्षक अभियंता सिद्धार्थ तांबे, कार्यकारी अभियंता सचिन पाटील, उपविभागीय अधिकारी संदीप चव्हाण, पुलिस अधिकारी राहुल झाल्टे पाटील, तहसीलदार अभिजीत खोले और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब 7 घंटे तक बैठक चली।

    प्रमुख निर्णय और प्रशासन का लिखित आश्वासन:

    • सड़कों की मरम्मत की कार्य योजना तुरंत बनाई जाएगी और शुक्रवार से काम शुरू होगा।
    • निर्माण मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय ने आंदोलन पर संज्ञान लिया है।
    • खराब कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
    • ठाणे जिलाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी और आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश।
    • सभी घोषणाएं लिखित रूप में आंदोलनकर्ताओं को सौंपी गईं।

    नेताओं की भूमिका और जनआंदोलन की ताकत:
    इस आंदोलन का नेतृत्व दत्तात्रेय कोलेकर, बाळाराम भोईर, विजय जाधव, अशोक सापटे, प्रमोद पवार और पूजा माळी सहित कई स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया। आंदोलन ने यह साबित किया कि जब जनता शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी मांग उठाती है, तो प्रशासन को सुनना ही पड़ता है।

    अब सभी की नजर इस पर है कि दिए गए लिखित आश्वासन पर ज़मीन पर कब और कैसे अमल होता है।

  • In Thane District, Shiv Sena Is the ‘Big Brother’: Bharat Gogawale:”ठाणे जिले में शिवसेना ही ‘बड़ा भाई’: भरत गोगवाले

    शिवसेना नेता भरत गोगवाले भिवंडी में कार्यकर्ता सभा को संबोधित करते हुए

    भिवंडी (ठाणे)। महाराष्ट्र सरकार में बागवानी एवं रोजगार गारंटी मंत्री भरत गोगवाले ने गुरुवार को भिवंडी तालुका के वड़पे स्थित सांग्रिला रिसॉर्ट में आयोजित शिवसेना भिवंडी लोकसभा कार्यकर्ता मार्गदर्शन सभा में कहा कि महाराष्ट्र में भले ही भाजपा ‘बड़ा भाई’ हो, लेकिन ठाणे जिला शिवसेना का गढ़ है, और यहां ‘बड़ा भाई’ सिर्फ शिवसेना ही है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवसेना नेता प्रकाश पाटील ने की। मंच पर उद्योग मंत्री उदय सामंत, विधायक शांताराम मोरे, उपनेता रूपेश म्हात्रे, जिला प्रमुख देवानंद थळे, संपर्क प्रमुख मदनबुवा नाइक सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

    सभा में भिवंडी, शाहपुर, मुरबाड़ और कल्याण तालुका से पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    मुख्य घोषणाएं व बातें:

    • ठाणे जिले में शिवसेना ही सबसे प्रभावशाली पार्टी है, यह जनता भी जानती है।
    • राजनीति में उतार-चढ़ाव होते हैं, लेकिन विकास कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।
    • भिवंडी-वाडा मार्ग पर मरीजों के लिए नई एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।
    • स्थानीय निकाय चुनावों में भगवा लहराने का लक्ष्य तय किया गया है।
    • मतदाता और पार्टी सदस्य पंजीकरण अभियान पर विशेष ध्यान।
    • हिंदी अनिवार्यता के मुद्दे पर उद्धव सरकार पर निशाना, शिंदे सरकार की मराठी भाषा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

    भरत गोगवाले ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर आगामी चुनावों में शिवसेना को ठाणे जिले में और अधिक मजबूत बनाएं, ताकि जनता को विकास और स्थिरता का लाभ मिल सके।Tools