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  • MPSC Appointment:महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा अनुकंपा के आधार पर 530 लिपिक टाइपिस्ट नियुक्त, ठाणे में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सम्पन्न

    MPSC Appointment:महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा अनुकंपा के आधार पर 530 लिपिक टाइपिस्ट नियुक्त, ठाणे में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सम्पन्न

    ठाणे। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के माध्यम से और अनुकंपा के आधार पर चयनित 530 लिपिक टाइपिस्टों को सरकारी सेवा में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने नव-नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए “विकसित महाराष्ट्र 2047” के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया।

    ठाणे जिला योजना समिति हॉल में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में विधायक संजय केलकर, विधायक सुलभा गायकवाड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहन घुगे, पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. स्वामी, निवासी उप जिलाधिकारी डॉ. संदीप माने समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान मुंबई के यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले का सीधा प्रसारण भी किया गया।

    जिलाधिकारी पांचाल ने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी 45 सरकारी निर्णयों पर विचार करने के बाद, दस्तावेज़ सत्यापन की जटिल प्रक्रिया को केवल ढाई महीने में पूर्ण किया गया। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखते हुए पात्र उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया।

    कार्यक्रम में विधायक संजय केलकर ने इसे “रोजगार का उत्सव” करार दिया और कहा कि सुशासन तब संभव होता है जब सरकार और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं। उन्होंने महिला अधिकारियों के योगदान की विशेष सराहना की जिन्होंने इस प्रक्रिया को सफल बनाने में अतिरिक्त समय दिया।

    राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक रोजगार मेले के तहत एक ही दिन में महाराष्ट्र भर में 10,000 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें से 5,000 से अधिक उम्मीदवार अनुकंपा के आधार पर नियुक्त किए गए हैं। ठाणे ज़िले में कुल 530 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिनमें से 257 अनुकंपा और 273 एमपीएससी के माध्यम से चुने गए हैं।

    राज्य में कुल 10,309 नियुक्तियों में सबसे अधिक 3,078 उम्मीदवार कोंकण क्षेत्र से हैं, जबकि विदर्भ से 2,597, पुणे से 1,674, नासिक से 1,250 और मराठवाड़ा से 1,710 उम्मीदवार नियुक्त हुए हैं।

    कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और राज्यगान से हुई तथा अंत में गणमान्य अतिथियों ने नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

  • Christian Missionary: पालघर में आदिवासी संगठनों का विरोध, ख्रिश्चन मिशनरियों पर संस्कृति तोड़ने का आरोप

    Christian Missionary: पालघर में आदिवासी संगठनों का विरोध, ख्रिश्चन मिशनरियों पर संस्कृति तोड़ने का आरोप

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। अखिलेश चौबे
    पालघर। जिले में आदिवासी संस्कृति पर हो रहे कथित हमलों को लेकर स्थानीय संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संस्कृति रक्षण समिति, उलगुलान ब्रिगेड और आदिवासी एकता मित्र मंडळ समेत कई संगठनों ने एकजुट होकर पालघर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय को निवेदन सौंपा।

    संगठनों का आरोप है कि ख्रिश्चन मिशनरियाँ आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति पर आघात कर रही हैं, जबकि प्रशासन इन गतिविधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। निवेदन में कहा गया है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण जिले में 200 से अधिक अनधिकृत प्रार्थना स्थल बन चुके हैं, जहाँ बिना अनुमति धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    आदिवासी संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी आदिवासी समाज अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए आवाज उठाता है, तो पुलिस प्रशासन उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई करता है।
    संगठनों ने उदाहरण देते हुए बताया कि 1 अक्टूबर 2025 को विक्रमगड तहसील के वेढे गांव निवासी गणेश पांडुरंग दुमाडा सहित 13 आदिवासियों पर झूठे आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जो कथित रूप से मिशनरियों के दबाव में हुए। इसी तरह की घटनाएँ मोडगांव, नवी दापचरी, कासा बु., जामशेत, बांधण, आंबिस्ते जैसे गांवों में भी सामने आई हैं।

    संगठनों ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं —
    1️⃣ आदिवासी संस्कृति की रक्षा में लगे कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाएं।
    2️⃣ प्रशासन ऐसे कार्यकर्ताओं को संरक्षण प्रदान करे जो परंपराओं को बचाने के लिए सक्रिय हैं।
    3️⃣ जिले में मौजूद 200 से अधिक अनधिकृत ख्रिश्चन प्रार्थना स्थलों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

    इन मांगों को लेकर संगठन 10 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को पालघर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर ठिय्या आंदोलन और मोर्चा निकालेंगे।

    शनिवार, 4 अक्टूबर को यह निवेदन जिला पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख को आदिवासी एकता मित्र मंडळ के संस्थापक अध्यक्ष संतोष जनाठे के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान वेढे, नवी दापचरी, सावरखंड, बांधण, मनोर, सफाले, धुकटन, धांगडपाडा, नंदोरे और टाकवाल सहित कई गांवों के नागरिक उपस्थित रहे।

    आदिवासी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा सामाजिक असंतोष का रूप लेने लगा है।

  • Cricket Acadmy: मुंब्रा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एमसीए बनाएगा निःशुल्क क्रिकेट अकादमी

    Cricket Acadmy: मुंब्रा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एमसीए बनाएगा निःशुल्क क्रिकेट अकादमी

    ठाणे। मुंब्रा के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) अब मुंब्रा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट अकादमी और स्टेडियम बनाने जा रहा है। इसके लिए ठाणे महानगरपालिका ने एमसीए को पाँच एकड़ का भूखंड आवंटित किया है। जल्द ही इस अकादमी का शिलान्यास राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में किया जाएगा।

    इस निर्णय की जानकारी पूर्व मंत्री डॉ. जितेंद्र आव्हाड और एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी। डॉ. आव्हाड ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से ठाणे में क्रिकेट अकादमी शुरू करने का प्रयास किया जा रहा था। अब ठाणे मनपा और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद यह सपना साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भूखंड एमसीए को मुफ्त में नहीं दिया गया है, बल्कि इसके लिए करीब ₹7.5 करोड़ का किराया तय हुआ है और पंजीकरण के लिए ₹40 लाख का भुगतान किया गया है।

    एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि ठाणे, मुंब्रा, कल्याण और अंबरनाथ के क्रिकेटरों को अब मुंबई आने की जरूरत नहीं होगी। यहाँ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ — जैसे ड्रेसिंग रूम, जिम, स्विमिंग पूल और टेनिस क्रिकेट हॉल — उपलब्ध कराई जाएँगी। यह पूरी अकादमी चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में संचालित होगी और प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा।

    ठाणे स्पोर्ट्स क्लब के महासचिव विकास रेपाले ने बताया कि यह संरचना वानखेड़े स्टेडियम जैसी होगी और यहाँ से भविष्य में कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि “यह ठाणे और मुंब्रा के युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर है। राजनीति से ऊपर उठकर इस पहल की सराहना की जानी चाहिए।”

  • Marathwada Flood Relief Fund Politics: किसानों को राहत दिलाने के लिए उद्धव ठाकरे की अगुवाई में मराठवाड़ा में गरजेगी शिवसेना

    Marathwada Flood Relief Fund Politics: किसानों को राहत दिलाने के लिए उद्धव ठाकरे की अगुवाई में मराठवाड़ा में गरजेगी शिवसेना

    मुंबई। अतिवृष्टि (अधिक वर्षा) से बर्बाद हुए किसानों को कर्जमाफी और प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता देने की मांग को लेकर शिवसेना (ठाकरे गुट) ने मराठवाड़ा में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। इस आंदोलन की घोषणा पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने दसरा मेळावे (दशहरा रैली) में संकेत रूप में दी थी, जिसके तुरंत बाद ठाकरे गुट ने इसे अमल में लाने का निर्णय लिया। 5 से 11 अक्टूबर तक मराठवाड़ा क्षेत्र में यह आंदोलन चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत विभागीय आयुक्त और तहसीलदार कार्यालयों पर “हंबरडा मोर्चा” (आवाज़ उठाने वाला मोर्चा) निकाला जाएगा।

    महाराष्ट्र का किसान, जो पूरे देश को अन्न देता है, अतिवृष्टि से पूरी तरह तबाह हो गया है। उसकी खेती और जीवन दोनों ही जलमग्न हो गए हैं। सहायता की आस में किसान सरकार से गुहार लगा रहा है, लेकिन महायुति सरकार उसकी पुकार सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में शिवसेना (ठाकरे) किसानों की मदद के लिए सड़कों पर उतर आई है। किसानों की आवाज बहरी सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर को मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर में विभागीय आयुक्त कार्यालय पर विराट हंबरडा मोर्चा निकाला जाएगा।

    इस आंदोलन का नेतृत्व स्वयं उद्धव ठाकरे करेंगे। शिवसेना (ठाकरे) नेता अंबादास दानवे ने बताया कि यह आंदोलन किसानों की तत्काल आर्थिक सहायता, संपूर्ण कर्जमाफी, पंजाब सरकार की तर्ज पर प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की मदद, फसल बीमा के पुराने नियमों की बहाली और घर व पशुधन के नुकसान की भरपाई की मांगों को लेकर किया जा रहा है।

    5 से 7 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं, गांव-गांव बैठकों और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की आवाज जुटाई जाएगी। 8 अक्टूबर को तहसील और जिलाधिकारी कार्यालयों पर धरना और प्रदर्शन किए जाएंगे, जबकि 11 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर में विभागीय आयुक्त कार्यालय पर विराट हंबरडा मोर्चा निकाला जाएगा, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।

  • Politics on Ratnagiri Development:रत्नागिरी की टूटी सड़कों पर UBT शिवसेना का हल्लाबोल,भाजपा सरकार पर भड़की सेना

    Politics on Ratnagiri Development:रत्नागिरी की टूटी सड़कों पर UBT शिवसेना का हल्लाबोल,भाजपा सरकार पर भड़की सेना

    उबाठा नेताओं ने बोला, “जनता अब गड्ढों और झूठे वादों से तंग आ चुकी है”

    रत्नागिरी। महाराष्ट्र की महायुति सरकार और पालकमंत्री उदय सामंत के खिलाफ शिवसेना (ठाकरे गुट) का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। रत्नागिरी की खस्ताहाल सड़कों, जगह-जगह बने गड्ढों और प्रशासन की उदासीनता से त्रस्त नागरिकों ने शुक्रवार को शिवसेना (ठाकरे गुट) के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। मारुति मंदिर परिसर में आयोजित इस आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 15 मिनट का प्रतीकात्मक चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    पूरा परिसर “डांबरचोर पालकमंत्री हाय हाय”, “आधी रस्ते पाहिजेत, अच्छे दिन नको” और “रस्ते नाही, फक्त खड्डे आणि वेदना” जैसे नारों से गूंज उठा। शिवसैनिकों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ ने भाजपा सरकार के खिलाफ रोष जताया। आंदोलन का नेतृत्व शिवसेना (ठाकरे गुट) के उपनेता बाल माने ने किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है।

    बाल माने ने फडणवीस सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “रत्नागिरी की सड़कें मौत का जाल बन चुकी हैं। हर दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन भाजपा के पालकमंत्री उदय सामंत जनता की पीड़ा सुनने के बजाय विदेश दौरों में व्यस्त हैं।” उन्होंने तीखी चेतावनी दी, “अगर 15 दिनों में सड़कें दुरुस्त नहीं की गईं, तो 16वें दिन शिवसेना (ठाकरे) उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।”

    आंदोलन के दौरान पुलिस ने भारी बंदोबस्त किया था, जिस पर नाराज़गी जताते हुए माने ने कहा, “क्या हम शहरी नक्सलवादी हैं, जो इतनी पुलिस लगाई गई? हम लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठा रहे हैं, सरकार हमें डराकर चुप नहीं करा सकती।”

    शिवसेना नेताओं ने बताया कि रत्नागिरी नगरपालिका के अंतर्गत करीब 95 किलोमीटर लंबे रस्तों में से अधिकतर जर्जर हो चुके हैं। स्मार्ट सिटी और एमआईडीसी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नतीजे शून्य हैं। जनता बारिश में कीचड़ और गड्ढों में गिरकर परेशान है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है।

    बाल माने ने अंत में कहा, “यह आंदोलन जनता के सब्र का इम्तिहान नहीं, सरकार की नींद तोड़ने की कोशिश है। अगर भाजपा सरकार ने अब भी रत्नागिरी की जनता की आवाज नहीं सुनी, तो शिवसेना (ठाकरे गुट) सड़कों से लेकर विधान भवन तक हल्लाबोल करेगी।”

  • NaviMumbai Airport Naming Dispute: नवी मुंबई एयरपोर्ट को ‘डी.बी. पाटिल’ के नाम पर रखने के मुद्दे पर आगरी समाज में असमंजस

    NaviMumbai Airport Naming Dispute: नवी मुंबई एयरपोर्ट को ‘डी.बी. पाटिल’ के नाम पर रखने के मुद्दे पर आगरी समाज में असमंजस

    फडणवीस सरकार पर भड़क उठा असंतोष, उद्धव गुट ने कहा “समाज की भावनाओं से खिलवाड़”

    अश्विनी कुमार दुबे

    नवी मुंबई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NaviMumbaiAirport) के उद्घाटन से पहले ही उसके नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हवाई अड्डे का नाम स्व. डी.बी. पाटिल (DBPatil) के नाम पर रखने के निर्णय ने जहां एक वर्ग में खुशी जगाई है, वहीं आगारी समाज के भीतर गहरा असमंजस और असंतोष फैल गया है। समाज के कुछ वर्गों का कहना है कि “सरकार ने यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया है, जबकि नामकरण प्रक्रिया पर पारदर्शिता नहीं रखी गई।”

    आगारी समाज में मतभेद, सरकार पर अविश्वास (Airport Naming Dispute)

    आगारी समाज के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार ने समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की है। एक वर्ग का कहना है कि “डी.बी. पाटिल हमारे समाज के गौरव हैं, लेकिन उनके नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।” वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि “सरकार सिर्फ नाम बदलने में रुचि रखती है, न कि समाज के विकास में।”

    शिवसेना (ठाकरे गुट) ने बोला हमला
    शिवसेना (ठाकरे गुट) (Shivsena UBT) के नेताओं ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “भाजपा विकास नहीं, भावनाओं की राजनीति कर रही है। नवी मुंबई एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले नामकरण की घोषणा जानबूझकर विवाद भड़काने के लिए की गई है।” पार्टी नेताओं ने कहा कि “फडणवीस सरकार यह दिखाना चाहती है कि उसने जनता की मांग मानी है, जबकि असलियत यह है कि उसने आगारी समाज के बीच भ्रम और विभाजन पैदा कर दिया है।”

    स्थानीय नागरिकों का विरोध (LocalSentiment)
    नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि “नामकरण से ज्यादा ज़रूरत इस बात की थी कि विस्थापितों को न्याय मिले।” कई लोगों ने आरोप लगाया कि अब भी पुनर्वास योजनाएं अधूरी हैं, मुआवज़ा लंबित है और जिनके घर-खेत अधिग्रहित हुए, उन्हें अभी तक स्थायी समाधान नहीं मिला।


    आगारी समाज (Agari Samaj) के कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार ने समाज की एकता को तोड़ने की कोशिश की है। एक वर्ग का कहना है कि “डी.बी. पाटिल हमारे समाज के गौरव हैं, लेकिन उनके नाम का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।” वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय संगठनों का कहना है कि “सरकार सिर्फ नाम बदलने में रुचि रखती है, न कि समाज के विकास में।

    राजनीति बनाम सम्मान का टकराव
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डी.बी. पाटिल का नाम सम्मान से जुड़ा हुआ है, लेकिन जब इसका उपयोग राजनीतिक प्रचार के तौर पर होता है, तो इसका असर समाज की एकता पर पड़ता है। उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ताओं ने कहा, “सरकार ने अगर नामकरण में जल्दबाज़ी न की होती, तो आज यह मुद्दा सम्मान का प्रतीक होता, विवाद का नहीं।”

    उद्घाटन से पहले विवाद की लहर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन से पहले यह नामकरण विवाद सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि “हवाई अड्डे का नाम किसी नेता या पार्टी की इच्छा से नहीं, बल्कि जनता की राय से तय होना चाहिए था।”

    समाज की एकता पर मंडराता संकट
    आगारी समाज के भीतर बढ़ते मतभेदों ने राजनीतिक दलों (MaharashtraPolitics) को चिंतित कर दिया है। कई संगठनों ने सरकार से मांग की है कि “नामकरण पर पुनर्विचार किया जाए और समाज की सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाए।”
    यदि सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो आगारी समाज के एक बड़े वर्ग द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।

  • BJP News: भिवंडी भाजपा जिला द्वारा आयोजित मुफ्त आरोग्य शिविर का सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ

    BJP News: भिवंडी भाजपा जिला द्वारा आयोजित मुफ्त आरोग्य शिविर का सैकड़ों लोगों ने लिया लाभ

    भिवंडी। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत भिवंडी भाजपा जिला की ओर से मुफ्त स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन रावजी नगर स्थित भाजपा जिला सचिव बालमुकुंद शुक्ला के जनसंपर्क कार्यालय में किया गया। यह शिविर बालमुकुंद शुक्ला के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
    शिविर में मधुमेह, रक्तचाप, ईसीजी, नेत्र-जांच सहित विभिन्न रोगों की जांच की गई। आंखों की जांच के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त एक्स-रे कराया गया। साथ ही सामान्य बीमारियों से पीड़ित नागरिकों को दवाइयां भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं।
    इस आरोग्य शिविर का लाभ लेने के लिए सैकड़ों महिला एवं पुरुषों ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष रविकांत सावंत ने किया।
    इस अवसर पर भाजपा जिला महासचिव एडवोकेट प्रवीण मिश्रा, उद्योग विभाग जिला अध्यक्ष उदय राज सिंह, विकास बाफना, प्रदीप पाटील, मारुति देशमुख, अनिल चिंतल, पत्रकार संजय दुबे, ध्रुव मिश्रा, सुनील पांडे, राजेश पांडे, नवीन शुक्ला, आनंद शुक्ला तथा संतोष पांडे सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • Navratri 2025: नवरात्रि के पावन पर्व पर नारी शक्ति और बाल प्रतिभाओं का सम्मान

    Navratri 2025: नवरात्रि के पावन पर्व पर नारी शक्ति और बाल प्रतिभाओं का सम्मान

    मुंबई। राजभवन नवरात्रोत्सव मंडल ने इस वर्ष अपना 63वां नवरात्रोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। माँ दुर्गा की भक्ति और आराधना के साथ-साथ नारी शक्ति का सम्मान और बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।


    राजभवन संकुल में आयोजित इस कार्यक्रम में जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान के उपाध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह और अल्पा संजय शाह ने महिलाओं और बाल कलाकारों को सम्मानित किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए और सभी को माँ जगदंबा के आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का संकल्प दिलाया गया।
    इस अवसर पर संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि नवरात्रि का पर्व नारी शक्ति, एकता और प्रेरणा का प्रतीक है। समाज में महिलाओं के सम्मान और बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना ही इस आयोजन का उद्देश्य है।


    कार्यक्रम में राज्यपाल के जनसंपर्क अधिकारी उमेश काशीकर, मंडल अध्यक्ष शैलेश बेंद्रे, मंडल कार्यकर्ता शुभम बेंद्रे सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। नवरात्रोत्सव मंडल की ओर से सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ और बधाई दी गई।

  • Noice Polution: नवरात्रि मेला में शांति भंग करने वाले 06 बदमाशों पर पुलिस की कार्रवाई

    हेमंत वर्मा
    राजनांदगांव। डोंगरगढ़ में क्वांर नवरात्रि पर्व 2025 के अवसर पर माँ बम्लेश्वरी मंदिर के दर्शन और मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों की ड्यूटी लगाई है तथा पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव मोहित गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा और एसडीओपी डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह अपनी टीम के साथ लगातार गश्त और पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
    इसी क्रम में 27 सितम्बर की रात मेला मैदान में छह बदमाश अलग-अलग जगहों पर वाद-विवाद कर रहे थे और दर्शनार्थियों, दुकानदारों एवं मेले का आनंद लेने आए लोगों को परेशान कर रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची, लेकिन समझाइश देने के बाद भी आरोपी नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक कुमार उर्फ बिहरवा साव, संतोष यादव, अविनाश टाड़ी, रोहित कुमार, जुबैद मिर्जा और देवेंद्र सोरी को पकड़कर उनके विरुद्ध धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए एसडीएम न्यायालय में पेश किया।

  • NIA: छत्तीसगढ़ में माओवादी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, एनआईए ने चार और आरोपियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट

    NIA: छत्तीसगढ़ में माओवादी फंडिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, एनआईए ने चार और आरोपियों के खिलाफ दायर की चार्जशीट

    छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की आतंकवादी गतिविधियों को आर्थिक रूप से समर्थन देने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार और आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। यह मामला राज्य में माओवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए धन जुटाने, उसे संग्रहित करने और वितरित करने से जुड़ा है।

    🔍 चार्जशीट में शामिल आरोपी

    • सुनीता पोटाम, शंकर मुचाकी, और दशरथ उर्फ दसरू मोडियम — ये तीनों मूलवासी बचाओ मंच (MBM) के पदाधिकारी थे, जो CPI (माओवादी) का एक प्रमुख फ्रंटल संगठन है।
    • मल्लेश कुंजाम — CPI (माओवादी) का सशस्त्र कार्यकर्ता है, जो अभी फरार है।

    NIA की जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी माओवादी संगठन के लिए धन संग्रह, भंडारण और वितरण जैसी गतिविधियों में शामिल थे। यह धन लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार और राज्य की विकास योजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था।

    🚫 प्रतिबंधित संगठन MBM की भूमिका

    • MBM को छत्तीसगढ़ सरकार ने अक्टूबर 2024 में छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 की धारा 3(1) के तहत प्रतिबंधित कर दिया था।
    • यह संगठन CPI (माओवादी) के लिए फंडिंग और जन समर्थन जुटाने का माध्यम बन चुका था।

    🕵️‍♂️ पहले की कार्रवाई और बरामदगी

    • नवंबर 2023 में बीजापुर पुलिस ने गजेंद्र माडवी और लक्ष्मण कुंजम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
    • मई 2023 में इन दोनों से ₹6 लाख की नकदी बरामद की गई थी, जिसे वे CPI (माओवादी) नेताओं के निर्देश पर विभिन्न बैंक खातों में जमा करने जा रहे थे।
    • फरवरी 2024 में NIA ने केस को अपने हाथ में लिया और अगस्त 2025 में पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें रघु मिदियामी को भी आरोपी बनाया गया।

    📁 केस डिटेल्स

    • मामला संख्या: RC-02/2023/NIA/RPR
    • अब तक गिरफ्तार आरोपी: 6
    • कुल चार्जशीटेड आरोपी: 7 (जिसमें एक फरार)

    NIA इस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है और माओवादी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। यह कार्रवाई राज्य में उग्रवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे माओवादी संगठनों की आर्थिक रीढ़ को कमजोर किया जा सके।

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