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  • Railway Negligence Turns Deadly in Bengalpada, Residents Risk Their Lives Crossing Tracks Daily:”रेलवे की लापरवाही से मौत के मुहाने पर बंगालपाड़ा के नागरिक, कब जागेगा प्रशासन?

    भिवंडी (ठाणे)। खारबाव रेलवे स्टेशन के समीप स्थित बंगालपाड़ा आदिवासी पाड़ा के करीब 40 घरों में रहने वाले नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी रेलवे की घोर लापरवाही और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खतरे से घिरी हुई है। इन ग्रामीणों और उनके बच्चों को रोजाना रेलवे ट्रैक पार कर स्कूल और काम पर जाना पड़ता है – वो भी चलती ट्रेनों के बीच से या खड़ी मालगाड़ियों के नीचे से रेंगकर।

    यह स्थिति सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि सीधे मौत को दावत देने जैसी है। न कोई रेलवे फाटक, न अंडरपास और न ही फुट ओवर ब्रिज – जिसके कारण बरसात के मौसम में पानी से भरे अंधेरे रेलवे पुल के नीचे से लोगों को गुजरना पड़ता है।

    स्थानीय महिलाओं और नागरिकों ने बताया कि कई बार बीमार व्यक्तियों को कंधों पर उठाकर ट्रैक पार कराया गया है। इस भयावह स्थिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ है, लेकिन न रेलवे प्रशासन और न ही स्थानीय सरकारी तंत्र ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है।

    स्थानीय महिला हर्षदा चौधरी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जनप्रतिनिधियों से तत्काल समाधान की अपील की है। संपर्क करने पर सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस गंभीर विषय पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    लेकिन सवाल अब भी वहीं का वहीं है — क्या रेलवे किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है?
    क्या लोगों की जान को यूं ही खतरे में छोड़ देना ही नियति बन गई है?

    बंगालपाड़ा के नागरिकों की यह पुकार प्रशासन और रेलवे के लिए एक चेतावनी है — अब और देरी नहीं, समाधान चाहिए, वो भी तुरंत।

  • Shramjeevi Sanghatana’s Rasta Roko Protest Succeeds as Administration Gives Written Assurance for Road Repairs:”श्रमजीवी संगठन का रास्ता रोको आंदोलन सफल, प्रशासन ने सड़कों की मरम्मत की लिखित गारंटी दी

    श्रमजीवी संगठन के रास्ता रोको आंदोलन में चूल्हे जलाकर प्रदर्शन करते नागरिक, प्रशासन ने दी सड़कों की मरम्मत की गारंटी

    भिवंडी (ठाणे)। भिवंडी-वाडा-मनोर और खारबाव-कामण-चिंचोटी मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में श्रमजीवी संगठन द्वारा गुरुवार को शुरू किया गया रास्ता रोको आंदोलन देर रात 11:30 बजे प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। आंदोलन की व्यापकता, जनसहभागिता और शांतिपूर्ण संगठन ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।

    9 स्थानों पर एकसाथ रास्ता रोको, प्रदर्शन स्थल पर ही जलाए गए चूल्हे:
    सुबह 11 बजे शुरू हुए आंदोलन में भिवंडी, वाडा और वसई तालुका के 9 प्रमुख स्थानों — कवाड नाका, नांदीठणे, अंबाडी नाका, मालोडी, चिंचोटी, कामण, कुडूस, डाकिवली फाटा, शिरीष पाडा और खंडेश्वरी नाका — पर सैकड़ों नागरिकों, महिलाओं और छात्रों ने भाग लिया। आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर ही चूल्हे जलाकर खाना पकाया और कहा कि जब तक समाधान नहीं, आंदोलन जारी रहेगा।

    प्रशासन की घेराबंदी, 7 घंटे लंबी बैठक के बाद बनी सहमति:
    शाम 4:30 बजे आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं को अंबाडी में बुलाया गया, जहां अधीक्षक अभियंता सिद्धार्थ तांबे, कार्यकारी अभियंता सचिन पाटील, उपविभागीय अधिकारी संदीप चव्हाण, पुलिस अधिकारी राहुल झाल्टे पाटील, तहसीलदार अभिजीत खोले और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब 7 घंटे तक बैठक चली।

    प्रमुख निर्णय और प्रशासन का लिखित आश्वासन:

    • सड़कों की मरम्मत की कार्य योजना तुरंत बनाई जाएगी और शुक्रवार से काम शुरू होगा।
    • निर्माण मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय ने आंदोलन पर संज्ञान लिया है।
    • खराब कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
    • ठाणे जिलाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी और आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश।
    • सभी घोषणाएं लिखित रूप में आंदोलनकर्ताओं को सौंपी गईं।

    नेताओं की भूमिका और जनआंदोलन की ताकत:
    इस आंदोलन का नेतृत्व दत्तात्रेय कोलेकर, बाळाराम भोईर, विजय जाधव, अशोक सापटे, प्रमोद पवार और पूजा माळी सहित कई स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया। आंदोलन ने यह साबित किया कि जब जनता शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी मांग उठाती है, तो प्रशासन को सुनना ही पड़ता है।

    अब सभी की नजर इस पर है कि दिए गए लिखित आश्वासन पर ज़मीन पर कब और कैसे अमल होता है।

  • In Thane District, Shiv Sena Is the ‘Big Brother’: Bharat Gogawale:”ठाणे जिले में शिवसेना ही ‘बड़ा भाई’: भरत गोगवाले

    शिवसेना नेता भरत गोगवाले भिवंडी में कार्यकर्ता सभा को संबोधित करते हुए

    भिवंडी (ठाणे)। महाराष्ट्र सरकार में बागवानी एवं रोजगार गारंटी मंत्री भरत गोगवाले ने गुरुवार को भिवंडी तालुका के वड़पे स्थित सांग्रिला रिसॉर्ट में आयोजित शिवसेना भिवंडी लोकसभा कार्यकर्ता मार्गदर्शन सभा में कहा कि महाराष्ट्र में भले ही भाजपा ‘बड़ा भाई’ हो, लेकिन ठाणे जिला शिवसेना का गढ़ है, और यहां ‘बड़ा भाई’ सिर्फ शिवसेना ही है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवसेना नेता प्रकाश पाटील ने की। मंच पर उद्योग मंत्री उदय सामंत, विधायक शांताराम मोरे, उपनेता रूपेश म्हात्रे, जिला प्रमुख देवानंद थळे, संपर्क प्रमुख मदनबुवा नाइक सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

    सभा में भिवंडी, शाहपुर, मुरबाड़ और कल्याण तालुका से पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    मुख्य घोषणाएं व बातें:

    • ठाणे जिले में शिवसेना ही सबसे प्रभावशाली पार्टी है, यह जनता भी जानती है।
    • राजनीति में उतार-चढ़ाव होते हैं, लेकिन विकास कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।
    • भिवंडी-वाडा मार्ग पर मरीजों के लिए नई एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।
    • स्थानीय निकाय चुनावों में भगवा लहराने का लक्ष्य तय किया गया है।
    • मतदाता और पार्टी सदस्य पंजीकरण अभियान पर विशेष ध्यान।
    • हिंदी अनिवार्यता के मुद्दे पर उद्धव सरकार पर निशाना, शिंदे सरकार की मराठी भाषा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

    भरत गोगवाले ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर आगामी चुनावों में शिवसेना को ठाणे जिले में और अधिक मजबूत बनाएं, ताकि जनता को विकास और स्थिरता का लाभ मिल सके।Tools

  • State Sanitation Workers’ Commission Reviews Issues Faced by Sanitation Workers in Bhiwandi:”राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ने भिवंडी में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा की

    भिवंडी महानगरपालिका में सफाई कर्मचारी आयोग की समीक्षा बैठक, अध्यक्ष शेरसिंह डागोर द्वारा दिशा-निर्देश

    भिवंडी (ठाणे)। महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंह रुक्कनसिंह डागोर ने गुरुवार शाम भिवंडी महानगरपालिका में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पालिका सफाई कर्मचारियों की समस्याओं, सुविधाओं और उनके अधिकारों का गहराई से जायजा लिया। इस बैठक में पालिका आयुक्त अनमोल सागर सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी और सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    अध्यक्ष डागोर द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:

    • 25 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके सफाई कर्मचारियों को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर श्रमसाफल्य योजना के अंतर्गत निःशुल्क घर प्रदान किए जाएं।
    • जो कर्मचारी 35 वर्षों से सरकारी आवासों में रह रहे हैं, उन्हें स्वामित्व के पट्टे दिए जाएं।
    • सभी कर्मचारियों को हैंड ग्लव्स, मास्क, रेनकोट और अन्य सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
    • सभी सफाई कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।

    बैठक में आयुक्त अनमोल सागर द्वारा पालिका स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिस पर आयोग अध्यक्ष ने संतोष व्यक्त किया और सराहना की।

    बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त: विट्ठल डाके
    • उपायुक्त (मुख्यालय): विक्रम दराडे
    • सहायक आयुक्त (स्वास्थ्य): शैलेश दोंदे
    • शहर अभियंता: जमील पटेल
    • मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी: रामप्रसाद सोलंके
    • सहायक आयुक्त (प्रशासन): अजीत महाडीक
    • चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी: डॉ. संदीप गाडेकर

    इसके अलावा सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य कर्मचारी भी बैठक में उपस्थित थे। आयोग ने पालिका को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों की गरिमा और कल्याण से संबंधित सभी उपायों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जाए।

    इस समीक्षा बैठक के माध्यम से भिवंडी में सफाई कर्मचारियों को उनके अधिकार और सुविधाएं समय पर मिले, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

  • Grand Gyan Dindi Procession on Ashadhi Ekadashi with Participation of Century Rayon and Birla Institutions:”आषाढी एकादशी पर भव्य ज्ञान दिंडी यात्रा, सेंचुरी रेयान व बिड़ला संस्थानों की सहभागिता

    आषाढ़ी एकादशी पर कल्याण में विठ्ठल-रुक्मिणी की पालकी सहित ज्ञान दिंडी यात्रा का आयोजन

    कल्याण। आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर 6 जुलाई, रविवार को सेंचुरी रेयान, बी.के. बिड़ला महाविद्यालय, बी.के. बिड़ला रात्रिकालीन महाविद्यालय, बी.के. बिड़ला पब्लिक स्कूल और सेंचुरी रेयान हाई स्कूल द्वारा श्री विठोबा-रुक्मिणी जी की भक्ति एवं प्रकृति संरक्षण को समर्पित एक भव्य ज्ञान दिंडी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

    यह श्रद्धा और समर्पण से भरी यात्रा बी.के. बिड़ला महाविद्यालय, कल्याण के प्रांगण से प्रारंभ होकर शहाड स्थित विट्ठल मंदिर तक जाएगी। यात्रा की शुरुआत भगवान विठ्ठल की पालकी की पूजा-अर्चना के साथ होगी, जिसमें महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री ओ.आर. चितलांगे, उपाध्यक्ष श्री सुबोध दवे, शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश चंद्र, प्राचार्य डॉ. अविनाश पाटील, डॉ. हरीश दुबे सहित अनेक स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।

    ज्ञान दिंडी यात्रा में भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की भव्य रूप से सुसज्जित पालकी, आकर्षक रथ, पारंपरिक ढोल पथक, विविध शिक्षण संस्थानों के लेज़िम पथक, योग पथक की झांकियां, विद्यार्थियों की टोलियाँ तथा हजारों भक्तों की भजन मंडलियाँ यात्रा को दिव्यता प्रदान करेंगी।

    यह आयोजन वर्ष 2016 से श्री ओ.आर. चितलांगे के मार्गदर्शन में नियमित रूप से आयोजित होता आ रहा है। यात्रा का समापन शहाड स्थित विट्ठल मंदिर में महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा।

    आयोजकों की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं विठ्ठल भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे इस पुण्य अवसर पर ज्ञान दिंडी में सहभागी बनें और भक्ति, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

  • Criminals Beware, Citizens Stay Fearless: Crackdown Begins on Gambling, Betting, and Illegal Activities:”अपराधी सावधान रहें, जनता निडर रहे: जुआ-सट्टा और अवैध धंधों पर अब चलेगा कानून का डंडा”

    प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा जुआ अड्डे पर छापा, 19 आरोपी गिरफ्तार, नकद और वाहन बरामद

    अपराधी सावधान रहें, जनता निडर रहे। जुआ, सट्टा और अवैध धंधों पर अब चलेगा कानून का डंडा: पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार
    📍 प्रतापगढ़ | राष्ट्रीय स्वाभिमान संवाददाता – विकल पाण्डेय

    जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। 26 जून को कोतवाली नगर पुलिस व साइबर सेल की टीम ने सरोज चौराहा, कांशीराम कॉलोनी के पीछे स्थित एक मकान पर छापा मारकर जुआ खेलते 19 लोगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

    🔹 पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने दी सख्त चेतावनी:
    “अपराधी सावधान रहें, जनता निडर रहे। जुआ, सट्टा और अवैध धंधों पर अब कानून का डंडा चलेगा।”

    🔍 दर्ज मुकदमा:
    थाना कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 288/2021 धारा 112 बीएनएस, जुआ अधिनियम व 207 एमवी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज।

    👥 गिरफ्तार अभियुक्त:
    प्रतापगढ़, प्रयागराज व हमीरपुर के 19 आरोपी – जिनमें व्यापारी, कर्मचारी और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग भी शामिल।

    💰 बरामदगी का ब्यौरा:

    • ₹5,69,104/- नकद
    • कीमती आभूषण (सोने व चांदी की अंगूठियां, चैन, लॉकेट, कड़ा)
    • 19 एंड्रायड मोबाइल, 2 की-पैड फोन
    • 4 वाहन (Baleno, Swift, Red Bullet, बिना नंबर की Platina)
    • 4 ताश की गड्डियाँ

    🚔 टीम में शामिल अधिकारीगण:
    कोतवाली नगर पुलिस टीम: प्र0नि0 नीरज कुमार यादव, प्रभात कुमार सिंह, उपनिरीक्षक पुष्पराज सिंह, सतीश यादव, चौकी प्रभारी भगवा आदि
    साइबर सेल: प्रभारी उ0नि0 विंध्यवासिनी तिवारी, उ0नि0 अमित कुमार चौरसिया व तकनीकी स्टाफ

    📣 अपील:
    पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें।

  • Brahmin Bride-Groom Introduction Meet on June 29 in Kalyan; All Brahmin Families Invited to the Free Event:”कल्याण में 29 जून को ब्राह्मण वर-वधू परिचय सम्मेलन, निःशुल्क आयोजन में आमंत्रित हैं सभी ब्राह्मण परिवार”

    कल्याण में ब्राह्मण वर-वधू परिचय सम्मेलन के लिए जुटे समाजसेवी और प्रतिभागी, मंच पर अतिथिगण

    कल्याण:
    विश्व ब्राह्मण समाज – कल्याण और दैनिक राष्ट्रीय स्वाभिमान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 29 जून 2025 को कल्याण स्थित अग्रवाल कॉलेज ऑडिटोरियम में सरयूपारीण ब्राह्मण वर-वधू परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन पूरी तरह निःशुल्क होगा और सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा।

    संस्था के उपाध्यक्ष रामचंद्र पांडेय, महामंत्री मुरलीधर तिवारी, परामर्श मंत्री कृष्णानंद (मुन्ना) तिवारी, सहमंत्री अमित तिवारी, दर्शन तिवारी, संयुक्त मंत्री विजय त्रिपाठी, कार्यकारिणी समिति सदस्य राजेश (पप्पू) पाठक, नागेश मिश्रा और कोषाध्यक्ष जितेंद्र (कुमार) पंडित ने सभी ब्राह्मण परिवारों से सम्मेलन में उपस्थित होने की अपील की है।

    अब तक ब्राह्मण समाज द्वारा मुंबई, वसई, ठाणे, दादर, मलाड, नाला सोपारा, टिटवाला, नवी मुंबई, कल्याण आदि क्षेत्रों में 19 परिचय सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें हजारों विवाह तय हुए हैं। आयोजनों की अगुवाई करने वाले डॉ. विजय पंडित ने बताया कि इन सम्मेलनों के माध्यम से ब्राह्मण समाज की वैवाहिक समस्या के समाधान में मदद मिल रही है।

    इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों के रूप में पूर्व सांसद रमेश दूबे, राष्ट्रीय भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला, पूर्व मंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी, विधायक संजय उपाध्याय, समाजसेवक जगदंबा तिवारी, डॉ. राधेश्याम तिवारी, डॉ. हृदय नारायण मिश्रा, प्रेमशंकर मिश्रा, बृजेश रमेशचंद्र पांडेय, डॉ. पंकज उपाध्याय, नरेंद्र पाठक, एवं अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

    डॉ. विजय पंडित ने समाज से तीन-तेरह का भेद भूलकर एकजुट होने का आह्वान किया ताकि वैवाहिक समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने घोषणा की कि अगला सम्मेलन समग्र भारत के ब्राह्मणों के लिए आयोजित किया जाएगा जिसमें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत के ब्राह्मणों को एक मंच पर लाया जाएगा।

    सम्मेलन में आने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए चाय-पानी, जलपान और स्वरुचि भोजन की व्यवस्था भी निःशुल्क रखी गई है। आयोजकों ने सभी ब्राह्मण परिवारों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की है।

  • Mumbai’s Hawkers Fighting Alone for Livelihood, Struggling Against the System and BMC:”अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे मुंबई और उपनगरों के फेरीवाले, आजीविका पर मंडरा रहा संकट”

    मुंबई की सड़कों पर सामान बेचते और विरोध करते फेरीवाले, जिनकी रोजी-रोटी पर मंडरा रहा संकट

    मुंबई:
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की पहचान जहां एक ओर ऊंची इमारतें और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी है, वहीं दूसरी ओर फुटपाथों पर बैठकर जिंदगी की जंग लड़ते फेरीवाले भी इसका अभिन्न हिस्सा हैं। महज़ 5 रुपये में धनिया, मिर्ची और कड़ी पत्ता देने वाले ये फेरीवाले शहर के आमजन के जीवन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन आज ये अपने अस्तित्व और आजीविका की लड़ाई लड़ रहे हैं।

    भाजपा नेता व पूर्व उपमहापौर बाबुभाई भवानजी ने कहा कि मुंबई के फेरीवाले “क्रूरता नहीं, सहानुभूति के पात्र” हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में लगभग 3 लाख फेरीवाले हैं, जिनके परिवार सहित यह आंकड़ा 10 लाख से ऊपर जाता है। ये लाखों किसानों, फैक्ट्रियों और कामगारों के उत्पाद आम जनता तक पहुंचाते हैं, जिससे यह आंकड़ा 20–25 लाख लोगों की रोज़ी-रोटी से जुड़ जाता है।

    फेरीवालों की कमाई का बड़ा हिस्सा मनपा और पुलिस की भ्रष्ट वसूली में चला जाता है। अगर यह बंद हो जाए तो फेरीवाले और सस्ते दामों में सामान बेच सकते हैं। मनपा द्वारा दस्तावेज़ों के अभाव में लाइसेंस न देना, फुटपाथों से हटाने की कार्रवाई और पुलिस की मनमानी फेरीवालों की रोज़ी-रोटी पर संकट ला रही है।

    पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी के खिलाफ फेरीवालों की एकजुटता ने इतिहास रचा था जब उनके बयान से नाराज होकर फेरीवालों ने उन्हें हरवाया था। बाबुभाई ने कहा कि आज भी अगर फेरीवाले एकजुट हो जाएं, तो वे एक बड़ा वोट बैंक बन सकते हैं और राजनीतिक संतुलन को बदल सकते हैं।

    भवानजी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने फेरीवाला कानून बनाया और नरेंद्र मोदी सरकार ने मुद्रा लोन योजना के तहत फेरीवालों की मदद की, लेकिन मुंबई मनपा इस पर अमल नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि मनपा के कुछ लोग खुद दुकान लगवाते हैं और बाद में सामान जब्त कर लेते हैं, जिससे करोड़ों का भ्रष्टाचार होता है।

    आज जरूरत है कि फेरीवालों को डोमिसाइल जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ दिलाए जाएं, उनके लिए पुनर्वास की व्यवस्था हो और कानूनी सुरक्षा मिले, ताकि वे डर और अपमान से मुक्त होकर व्यापार कर सकें। वरना यह संकट लाखों गरीबों और आमजन के लिए भी बड़ी मुश्किलें खड़ी कर देगा।

  • Shramajeevi Sanghatana’s Road Blockade Protest on Pothole-Ridden Bhiwandi-Wada and Kharbav-Chinchoti Roads, Traffic Halted, 75 Lives Lost:”भिवंडी-वाडा और खारबाव-चिंचोटी” सड़कों पर गड्ढों के खिलाफ श्रमजीवी संगठन का रास्ता रोको आंदोलन, यातायात ठप

    भिवंडी-वाडा सड़क पर गड्ढों के विरोध में रास्ता रोको आंदोलन करते श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ता

    भिवंडी:
    भिवंडी-वाडा और मानकोली-खारबाव-चिंचोटी सड़कों की खस्ता हालत और गहरे गड्ढों के खिलाफ श्रमजीवी संगठन ने गुरुवार, 26 जून 2025 को अनिश्चितकालीन रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया। आंदोलन के कारण सैकड़ों वाहन फंसे और पूरे मार्ग पर यातायात ठप हो गया। आंदोलन का नेतृत्व संगठन के महासचिव बाळाराम भोईर, जिलाध्यक्ष अशोक सापटे और प्रदेश उपाध्यक्ष दत्तात्रय कोलेकर ने किया।

    प्रदर्शन कवाड नाका, नांदीठणे, अंबाडी नाका, मालोडी, चिंचोटी, कुडूस, शिरीषपाडा, खंडेश्वरी नाका-वाडा सहित 11 स्थानों पर किया गया। कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर तिरपाल बिछाकर, चूल्हा जलाकर विरोध दर्ज किया। इस आंदोलन को सामाजिक संगठनों, रिक्शा चालकों और आम नागरिकों का भी समर्थन मिला।

    गौरतलब है कि भिवंडी-वाडा-मनोर सड़क 2012 से जर्जर है। 392 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क पर सुप्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर टोल वसूलता था, लेकिन रखरखाव के अभाव में टोल बंद हो गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 2019 से अब तक 150 करोड़ रुपये खर्च किए, फिर भी गड्ढे जस के तस हैं। ठेकेदारों ने बिना मरम्मत किए बिल पास कराए।
    2022 से अब तक 138 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 75 लोगों की मौत और सैकड़ों घायल हुए हैं।

    18 दिसंबर 2023 को तत्कालीन निर्माण मंत्री रवींद्र चव्हाण ने विधान परिषद में जिजाऊ कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने की घोषणा की थी, लेकिन 19 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठन के प्रवक्ता प्रमोद पवार ने चेतावनी दी है कि जब तक ठेकेदारों और अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज नहीं होता और गड्ढों को कोल्ड मिक्स डामर से भरा नहीं जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

    जिलाध्यक्ष अशोक सापटे ने कहा,
    “जनप्रतिनिधियों ने जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया। अगर विधायकों ने अधिकारियों से गड्ढे भरवाए होते, तो जनता उनका सम्मान करती।”

    यह आंदोलन जनआक्रोश का प्रतीक बन गया है, जो सड़कों की दुर्दशा के खिलाफ जनता की आवाज़ बनकर उभरा है।

  • Insult to Farmers Won’t Be Tolerated, Lonikar Must Apologize or Face the Consequences: Harshavardhan Sapkal’s Attack on BJP:”शेतकरों का अपमान बर्दाश्त नहीं, लोणीकर माफी मांगे या परिणाम भुगतने को तैयार रहें: हर्षवर्धन सपकाळ का भाजपा पर हमला

    मुंबई में प्रेस को संबोधित करते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ

    मुंबई:
    भाजपा के पूर्व मंत्री बबनराव लोणीकर द्वारा किसानों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने तीखा विरोध जताते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोला। सपकाळ ने कहा, “जग के पोशिंदे किसान को गालियां देना विकृति की पराकाष्ठा है। लोणीकर ने किसानों का अपमान किया है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।”

    टिळक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सपकाळ ने कहा कि भाजपा की विचारधारा “एक भाषा, एक धर्म, एक नेता” के सिद्धांत पर आधारित है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता यह भ्रम फैलाते हैं कि सारी योजनाएं केवल नरेंद्र मोदी की देन हैं, जबकि वे जनता के पैसों से चलाई जाती हैं। “शासक जनता पर उपकार नहीं कर रहे, वे सिर्फ जनता के हक की योजनाएं लागू कर रहे हैं,” उन्होंने जोड़ा।

    शक्ति पीठ महामार्ग को लेकर भी कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा दिल्ली के इशारे पर मंजूर किया गया ताकि कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को मध्य भारत से गोवा पोर्ट तक माल ले जाने की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा, “जब राज्य के पास कर्मचारियों के वेतन, ठेकेदारों के भुगतान, किसानों की कर्जमाफी और बहनों को ₹2100 देने तक के लिए पैसे नहीं हैं, तो ऐसे में 20,000 करोड़ की परियोजना कैसे मंजूर की गई?” सपकाळ ने आशंका जताई कि यह प्रोजेक्ट अंततः 1.5 लाख करोड़ तक जाएगा और यह भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बन सकता है।

    मराठी भाषा पर हिंदी थोपने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर सपकाळ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हिंदी थोपने के खिलाफ है और महाराष्ट्र की भाषा, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए हर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करेगी। उन्होंने कहा, “यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, महाराष्ट्र की पहचान का सवाल है।”

    सपकाळ के इस आक्रामक रुख से साफ है कि कांग्रेस भाजपा के हर मोर्चे पर जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है, विशेषकर किसान, भाषा और आर्थिक नीतियों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर।