मुंबई: व्हाट्सएप ने अपने यूजर्स की सुविधा के लिए एक नया और बेहद उपयोगी फीचर पेश किया है। अब आप बिना किसी नंबर को सेव किए सीधे व्हाट्सएप से कॉल कर सकते हैं। पहले, कॉल करने के लिए नंबर सेव करना अनिवार्य था, लेकिन कंपनी के नए फोन डायलर फीचर से यह परेशानी खत्म हो गई है। आइए जानें इस फीचर का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है और इसके क्या फायदे हैं।
व्हाट्सएप ने हाल ही में अपनी ऐप में फोन डायलर फीचर जोड़ने का ऐलान किया था, जो अब धीरे-धीरे यूजर्स तक पहुंच रहा है। यदि आप भी इस फीचर का फायदा उठाना चाहते हैं, तो व्हाट्सएप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट कर लें। इस फीचर से आप बिना नंबर सेव किए भी व्हाट्सएप कॉल कर पाएंगे।
कैसे करें इस्तेमाल?
व्हाट्सएप ओपन करें: सबसे पहले ऐप को खोलें और कॉल्स टैब पर जाएं।
डायलर का उपयोग करें: कॉल्स टैब में ऊपर ‘क्रिएट कॉल’ या प्लस (+) आइकन पर टैप करें।
नंबर डायल करें: अब ‘कॉल ए नंबर’ ऑप्शन पर टैप करें, जिससे व्हाट्सएप में फोन डायलर खुल जाएगा।
कॉल करें: उस व्यक्ति का नंबर डायल करें जिसे कॉल करना चाहते हैं।व्हाट्सएप यह चेक करेगा कि उस नंबर पर अकाउंट है या नहीं।
ध्यान दें, इस फीचर से आप केवल उन्हीं नंबरों पर कॉल कर सकते हैं, जिनका व्हाट्सएप अकाउंट एक्टिव है।
फीचर के फायदे
नंबर सेव करने की जरूरत नहीं: अब किसी अनजान व्यक्ति को कॉल करने के लिए नंबर सेव करने का झंझट खत्म हो गया है।
अकाउंट जानकारी: कॉल करने से पहले व्हाट्सएप उस नंबर से जुड़े अकाउंट की जानकारी भी दिखाएगा।
सुविधा और स्पीड: डायलर फीचर से कॉलिंग प्रोसेस तेज और आसान हो गया है।
व्हाट्सएप का यह नया अपडेट कॉलिंग अनुभव को पहले से बेहतर बनाएगा और यूजर्स को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगा।
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व्हाट्सएप पर अब नंबर सेव किए बिना भी कर सकेंगे कॉल, आ रहा नया फीचर
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पुल से फेंके गए कृष्णा के लिए ठाणे सिविल अस्पताल बना देवदूत
ठाणे | राष्ट्रीय स्वाभिमान संवाददाता
पंद्रह वर्षीय कृष्णा मुकने के लिए ठाणे का सिविल अस्पताल किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुआ, जब उसे पुल से नीचे फेंकने के बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में वहां लाया गया। समृद्धि महामार्ग पर स्थित एक पुल से कुछ अज्ञात नशेड़ियों द्वारा कृष्णा को नीचे फेंक दिया गया, जिससे उसके दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हो गया।🧒🏼 कृष्णा पर बेरहमी से किया गया हमला
खर्डी रेलवे स्टेशन के पास रहने वाला कृष्णा शाम के समय अपनी दादी के पास जा रहा था। पुल पार करते समय कुछ शराबी युवकों ने उसे बिना किसी कारण के उठा कर पुल से नीचे फेंक दिया। गिरते ही कृष्णा दर्द से कराहने लगा और उठ भी नहीं सका। संयोग से पास में काम कर रहे मजदूरों ने उसे देखा और परिजनों को सूचित किया।
🏥 सिविल अस्पताल की जोखिम भरी लेकिन सफल सर्जरी
गंभीर हालत में कृष्णा को ठाणे सिविल अस्पताल लाया गया। दोनों पैरों की एड़ियों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह सर्जरी काफी जटिल और जोखिम भरी थी, लेकिन फिर भी डॉक्टरों ने चुनौती स्वीकार की।
डॉ. कैलाश पवार (जिला सर्जन) और डॉ. धीरज महांगड़े (अतिरिक्त जिला सर्जन) के मार्गदर्शन में अब तक तीन सफल सर्जरी की जा चुकी हैं, जिनमें से एक सर्जरी तकनीकी कारणों से फिलहाल टाली गई है।
👩⚕️ समर्पित टीम ने निभाई ज़िम्मेदारी
कृष्णा की सर्जरी में निम्नलिखित डॉक्टरों और कर्मचारियों ने विशेष भूमिका निभाई:
- हड्डी रोग विशेषज्ञ: डॉ. विलास सालवी, डॉ. अजीत भुसागरे, डॉ. मयूर नागरगोजे, डॉ. दीपेश पाटिल, डॉ. रूपाली यादव
- नर्सिंग स्टाफ: सिस्टर गायकर, पाटिल सिस्टर, राणे सिस्टर, भक्ति सिस्टर
- सहयोगी स्टाफ: ठाकरे मामा, मिलिंद मामा, मदन मामा, नितिन मामा
🗣️ परिजनों की प्रतिक्रिया
दिलीप मुकने, कृष्णा के पिता ने कहा,
“हमारे बच्चे को पुल से नीचे फेंक दिया गया, हम घबरा गए थे। लेकिन सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने जो सेवा की, वह अविश्वसनीय है।”
🩺 सर्जन का वक्तव्य
डॉ. कैलाश पवार, सिविल सर्जन ने कहा,
“कृष्णा की तरह कई ऐसे केस होते हैं जो निजी अस्पतालों में लाखों रुपये में होते हैं। परंतु सरकारी सिविल अस्पताल में यह सुविधाएं निःशुल्क और समर्पण के साथ दी जाती हैं। डॉक्टर और स्टाफ हर मरीज के लिए देवदूत की तरह कार्य करते हैं।”

🔗 ठाणे सिविल अस्पताल (Thane Civil Hospital) – आधिकारिक वेबसाइट / संपर्क पेज
👉 https://www.thane.nic.in/en/public-utility/civil-hospital-thane/🔗 महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग – Directorate of Health Services
👉 https://arogya.maharashtra.gov.in
(राज्य के सभी सिविल अस्पतालों, स्वास्थ्य नीतियों और सर्जरी संबंधित अपडेट के लिए)🔗 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), महाराष्ट्र
👉 https://nhm.gov.in
(सरकारी अस्पतालों की सुविधा, उपकरण, सर्जरी कार्यक्रम और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी)🔗 महिला और बाल विकास मंत्रालय (बाल संरक्षण व हिंसा रिपोर्टिंग हेतु)
👉 https://wcd.nic.in
(बच्चों पर हिंसा की रिपोर्टिंग और पुनर्वास से संबंधित सरकारी योजनाएं)🔗 ठाणे पुलिस (Thane Police) – अपराध रिपोर्टिंग के लिए
👉 https://thanepolice.gov.in
(कृष्णा के मामले जैसे मामलों की शिकायत या FIR संबंधित जानकारी) -
कर्मदीप सम्मान 2025 से सम्मानित हुए डॉ. पारसनाथ तिवारी ; रज़ा मुराद के कर-कमलों से मिला यह गौरव



मुंबई | राष्ट्रीय स्वाभिमान
समाजसेवा, उद्योग और मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. पारसनाथ तिवारी को “कर्मदीप सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 16 जून को मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता रज़ा मुराद के कर-कमलों से प्रदान किया गया।कार्यक्रम का आयोजन वास्तु डायरेक्शन और सिने स्टार संस्था द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस गरिमामय अवसर पर फिल्म, मीडिया, सामाजिक संगठनों और उद्यम जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ मौजूद रहीं।
🏅 डॉ. तिवारी को मिल चुके हैं कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान:
- 🇺🇸 सेडर ब्रोक यूनिवर्सिटी, USA द्वारा “डॉक्टरेट ऑफ सोशल वर्क (Ph.D.)” की मानद उपाधि – उनके सामाजिक कार्यों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता।
- 🌟 विज़नरी इंडियन अवार्ड 2025 – दिल्ली के आकाशवाणी भवन में अभिनेत्री पूनम ढिल्लों के कर-कमलों से प्राप्त।
- 🎬 दादासाहेब फाल्के अवार्ड्स 2025 – पुणे में महामंडलेश्वर कालीदास महाराज द्वारा सम्मान।
- 🏆 स्वर्ण भारत सम्मान 2025 – नई दिल्ली के मुक्तधारा ऑडिटोरियम में इंडिया प्राउड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा।
- 🥇 महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार – पुणे में सामाजिक मंच से उनके परोपकारी कार्यों के लिए।
🌟 सेवा, समर्पण और सफलता का परिचायक: डॉ. पारसनाथ तिवारी
डॉ. तिवारी एक सफल उद्योगपति होते हुए भी अपने जीवन का ध्येय निस्वार्थ समाजसेवा को बना चुके हैं। वह न केवल ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणा-स्त्रोत भी बन चुके हैं।
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि जब उद्योग और सेवा भावना का संगम होता है, तो समाज को एक सच्चा नेतृत्व मिलता है।
🙏 राष्ट्रीय स्वाभिमान परिवार की ओर से अधिवक्ता अशोक दुबे और डॉ. पारसनाथ तिवारी को हार्दिक शुभकामनाएं!
यह तो केवल शुरुआत है, अभी बुलंदियों की नई उड़ान बाकी है।कर्मदीपसम्मान2025
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मराठी बनाम हिंदी का मुद्दा चुनावी चाल: पटोले बोले—GR के पीछे फडणवीस-राज ठाकरे की साठगांठ
हिंदी भाषा विवाद के पीछे राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की मिलीभगत: नाना पटोले का आरोप
मुंबई: वरिष्ठ कांग्रेस नेता नाना पटोले ने महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लेकर जारी विवाद को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की मुलाकात के बाद ही सरकार ने हिंदी को लेकर विवादित सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया।
नाना पटोले ने कहा कि राज्य में अभी कई ज्वलंत मुद्दे हैं जिनसे जनता परेशान है, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर हिंदी भाषा का मुद्दा उछाल रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, कर्जमाफी की मांग जोर पकड़ रही है, बहनों को ₹2100 की सहायता की भी मांग है, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, और सरकार के पास न तो इन सवालों का जवाब है और न ही समाधान।
पटोले ने आरोप लगाया कि ऐसे हालात में जनता का ध्यान भटकाने के लिए ही यह हिंदी भाषा का विवाद खड़ा किया गया है, जिसमें राज ठाकरे और फडणवीस दोनों की मिलीभगत है। उनका यह भी कहना है कि इन दोनों नेताओं का छात्रों की शिक्षा या भाषा के हितों से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कुछ दिन पहले सरकार ने कहा था कि पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा, तो राज ठाकरे से मुलाकात के बाद अचानक यह विवादित आदेश कैसे जारी हो गया?
पटोले ने आरोप लगाया कि मुंबई महानगरपालिका और राज्य की अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव जल्द होने वाले हैं और इन चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह मुद्दा जानबूझकर उठाया गया है ताकि मतों का ध्रुवीकरण हो और भाजपा तथा मनसे को राजनीतिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि मराठी भाषा और संस्कृति को बचाना आवश्यक है और छात्रों पर पहली कक्षा से हिंदी का बोझ नहीं डालना चाहिए, लेकिन इस शैक्षणिक विषय को राजनीतिक रंग देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
नाना पटोले ने इस विवाद को “मैं मारने का नाटक करता हूं, तू रोने का नाटक कर” जैसी साजिश बताया और कहा कि इसका मकसद सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना है।

- 🔗 महाराष्ट्र सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग (GR/सरकारी आदेशों के लिए):
https://www.maharashtra.gov.in - 🔗 राज ठाकरे (मनसे) की आधिकारिक वेबसाइट:
https://www.manase.org - 🔗 देवेंद्र फडणवीस की प्रोफाइल / भाजपा महाराष्ट्र:
https://www.bjpmaharashtra.org - 🔗 कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र (नाना पटोले की प्रेस रिलीज़ के लिए):
https://www.inc.in/en/maharashtra - 🔗 BMC चुनावों से जुड़ी जानकारी (चुनाव आयोग):
https://ceo.maharashtra.gov.in - 🔗 शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार (भाषा और पाठ्यक्रम संबंधित नीतियां):
https://www.education.gov.in
GR वाले संदर्भ में महाराष्ट्र सरकार की लिंक
राज ठाकरे/फडणवीस के उल्लेख पर उनकी पार्टी साइट
कांग्रेस नेता के बयान पर कांग्रेस की ऑफिशियल साइट
- 🔗 महाराष्ट्र सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग (GR/सरकारी आदेशों के लिए):
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सांसद बाल्या मामा की अपील: बिजली ग्राहकों से अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि न देने का आग्रह, टोरेंट पावर पर फिर उठे सवाल
भिवंडी | राष्ट्रीय स्वाभिमान
भिवंडी लोकसभा क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। टोरेंट पावर कंपनी द्वारा हाल ही में बिजली ग्राहकों को बिजली बिल के साथ अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि (Additional Security Deposit) भरने के लिए नोटिस भेजे गए हैं, जिस पर सांसद बाल्या मामा ने कड़ा ऐतराज़ जताया है।सांसद ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी करते हुए बिजली ग्राहकों से इस राशि का भुगतान न करने की अपील की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई विभाग या टोरेंट अधिकारी जबरन यह राशि वसूलने का प्रयास करता है, तो ग्राहक सीधे उनसे या उनके कार्यालय से संपर्क करें।
🗣️ “टोरेंट हटाओ” आंदोलन अब भी जारी है: बाल्या मामा
सांसद ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि “टोरेंट हटाओ” उनके लोकसभा चुनाव का एक आंदोलनकारी वादा था और वह आज भी उस लड़ाई को नहीं भूले हैं। उन्होंने कहा कि टोरेंट पावर द्वारा उपभोक्ताओं पर जबरन अतिरिक्त भार डालना अस्वीकार्य है।
🏢 कंपनी का पक्ष: नियामक के नियमों के तहत है मांग
इस विषय पर जब टोरेंट पावर कंपनी से संपर्क किया गया, तो कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी चेतन बदयानी ने बताया कि यह राशि महाराष्ट्र राज्य विद्युत नियामक आयोग (MERC) के आपूर्ति संहिता नियम 2021 और बिजली अधिनियम 2003 की धारा 47 के अंतर्गत ली जा रही है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा जमा राशि का निर्धारण पिछले 12 महीनों के औसत बिजली बिल के आधार पर किया जाता है, और यह राशि हर साल पुनः गणना की जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह राशि महावितरण (MSEDCL) के पास जमा होती है और इस पर ग्राहकों को भारतीय रिज़र्व बैंक की बैंक दर के अनुसार ब्याज भी दिया जाता है।
⚖️ ग्राहकों में असमंजस और विरोध
भिवंडी क्षेत्र में टोरेंट पावर पहले ही अपनी बिलिंग प्रक्रिया और वितरण प्रणाली को लेकर विवादों में रहा है। ऐसे में अतिरिक्त राशि की मांग ने ग्राहकों में नाराज़गी और भ्रम उत्पन्न कर दिया है। सांसद के बयान के बाद अब यह मामला राजनीतिक और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

https://www.merc.gov.in, https://www.indiacode.nic.in
भिवंडीसमाचार, बाल्यामामा, टोरेंटपावर, सुरक्षाजमाराशि, बिजलीविवाद, उपभोक्ता_अधिकार
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रघु वामसी ग्रुप ने पेरिस एयर शो में पेश की भारत की रक्षा तकनीक, ‘एस्ट्रा 100’ और माइक्रो टर्बोजेट इंजन का अनावरण
मुंबई | राष्ट्रीय स्वाभिमान
भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करते हुए, हैदराबाद स्थित रघु वामसी एरोस्पेस ग्रुप ने 55वें पेरिस एयर शो में दो उन्नत तकनीकों का अनावरण किया। इनमें प्रमुख हैं:
- 40 केजीएफ माइक्रो टर्बोजेट इंजन
- कमिकाज़े यूएवी ‘एस्ट्रा 100’
इन दोनों प्रणालियों को पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को मजबूती देते हैं। माइक्रो टर्बोजेट इंजन का परीक्षण DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) की निगरानी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है।
‘एस्ट्रा 100‘ एक उन्नत स्वदेशी कमिकाज़े यूएवी (Unmanned Aerial Vehicle) है, जिसकी रेंज 200 किलोमीटर और उड़ान गति 450 किमी/घंटा है। यह यूएवी आधुनिक युद्ध प्रणाली के लिए डिज़ाइन किया गया है और विशेष रूप से सर्जिकल स्ट्राइक, उच्च जोखिम वाले मिशन और लक्ष्यभेदी अभियानों में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
रघु वामसी ग्रुप ने हाल ही में अमेरिका की डब्ल्यूएमटी प्रेसीज़न एलएलसी और यूके की पीएमसी ग्रुप का अधिग्रहण किया है। यह अधिग्रहण कंपनी को सिर्फ एयरोस्पेस ही नहीं, बल्कि तेल और गैस क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगा।
इसके अतिरिक्त, कंपनी हैदराबाद में 2.5 लाख वर्गफीट में फैली एक नई अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य न केवल भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि भारत को ग्लोबल डिफेंस सप्लाई चेन में एक विश्वसनीय और रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करना भी है।
इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं, बल्कि एक दृढ़ और नवोन्मेषी रक्षा उत्पादक राष्ट्र के रूप में भी उभर रहा है।

https://www.drdo.gov.in – DRDO की आधिकारिक साइट
https://www.paris-air-show.com – पेरिस एयर शो की वेबसाइट
“DRDO द्वारा विकसित अन्य स्वदेशी तकनीकों की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें”
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पंढरपुर यात्रा हेतु वसई से भेजी गई दवाइयों की खेप; विश्व हिंदू परिषद व श्रीराम मित्र मंडल का सेवाभावी उपक्रम
पंढरपुर/वसई:
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पंढरपुर में आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर आयोजित होने वाली वारकरी संप्रदाय की ऐतिहासिक दिंडी यात्रा में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान वारकरी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु विश्व हिंदू परिषद, वसई और जय श्रीराम मित्र मंडल ने एक सेवाभावी पहल करते हुए इस वर्ष भी दवाइयों की एक विशेष खेप पंढरपुर भेजी है।यह खेप पंढरपुर में लगाए जाने वाले नि:शुल्क मेडिकल शिविर के माध्यम से लाखों वारकरी श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहयोग करेगी। यह सेवा डॉ. मनोज शुक्ला, डॉ. कृष्णा गुप्ता, डॉ. विद्या सावंत (विजयालक्ष्मी हॉस्पिटल) और फार्मा काइंड के अभिराम कामत के सहयोग से संपन्न हुई।
इस पुनीत कार्य का नेतृत्व वसई जिला मंत्री देवेंद्र जेना ने किया, जबकि संचालन में श्रीराम मित्र मंडल के अध्यक्ष हितेश दुबे के साथ हरिकेश तिवारी, प्रदीप मिश्रा, आशुतोष तिवारी, राजेश तिवारी, हेमंत पांडेय, रोहित पांडेय, विनीत तिवारी, दीपक दुबे, संदीप सिंह ‘सिंपल’, धीरेश उपाध्याय और शिवम् मिश्रा ‘प्रधान’ का योगदान रहा।
विश्व हिंदू परिषद हर वर्ष की तरह इस बार भी मेडिकल शिविर के माध्यम से श्रद्धालुओं की सेहत की सेवा में लगा रहेगा। वसई से भेजी गई दवाइयां इस शिविर को और अधिक सक्षम बनाएंगी।

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सूदखोरों ने ली फूलगेन सिंह (किन्नर) की जान, योगी सरकार के बुलडोजर का डर खत्म, वाराणसी में शुरु हुई किसानों की हत्या, पुलिस बनी मूकदर्शक

विधायक और प्रधान पति की शह पर बेखौफ माफिया का आतंक
📍 चोलापुर में प्रशासन की नाकामी, परंशु सिंह की न्याय की पुकार


राष्ट्रीय स्वाभिमान





वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सूदखोर माफिया बेलगाम हो चुके हैं। ताजा मामला वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहियां गांव का है, जहां 23 मई 2025 को गांव निवासी फूलगेन सिंह ने सूदखोरों से परेशान होकर फांसी लगा ली। परिवार का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, क्योंकि आरोपी माफियाओं को सत्ताधारी नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।
❗ क्या है पूरा मामला?
🔸 सूदखोरों का जाल:
फूलगेन सिंह ने संजीव कुमार सिंह और रिंकू सिंह उर्फ अजीत सिंह से 1 लाख रुपये कर्ज लिया था। ब्याज के नाम पर रकम 3.5 लाख रुपये पहुंच गई। परिवार अब तक 7.5 लाख रुपये लौटा चुका था, फिर भी प्रताड़ना जारी रही।🔸 जमीन पर कब्जा:
1 फरवरी 2022 को दोनों आरोपियों ने फूलगेन और उनकी पत्नी को पिंडरा तहसील ले जाकर उनकी पैतृक जमीन (आराजी संख्या 2050) का रजिस्टर्ड सट्टा जबरन अपने नाम कराया और 3 लाख रुपये का चेक लिखवा लिया।🔸 गाली-गलौज और धमकी:
लगातार बेदखली की धमकी दी गई। सुसाइड नोट में फूलगेन सिंह ने इन उत्पीड़नों का उल्लेख कर दोषियों के नाम लिखे हैं।🔸 पुलिस की निष्क्रियता:
24 मई को मृतक के बेटे परंशु सिंह ने चोलापुर थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज ने FIR दर्ज नहीं की। उल्टे उन्हें ही समझौते के लिए दबाव डाला गया।❓ योगी सरकार पर सवाल
🔹 “जीरो टॉलरेंस” का दावा खोखला?:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माफियाओं पर सख्ती के दावे करते हैं, लेकिन चोलापुर में पुलिस सूदखोरों और नेताओं के दबाव में मूकदर्शक बनी है।🔹 राजनीतिक संरक्षण का आरोप:
परिवार का आरोप है कि चोलापुर के भाजपा विधायक डॉ. अवधेश सिंह और ग्राम प्रधान पति संदीप सिंह के संरक्षण में सूदखोर कानून से ऊपर हैं।🔹 परंशु सिंह का दर्द:
“मेरे पिता को सूदखोरों ने मारा, जमीन हड़प ली, और अब पुलिस हमें ही परेशान कर रही है। योगी जी, क्या यही है आपके ‘रामराज्य’ का सच?”
⚖️ कानूनी विशेषज्ञों की राय
🔸 BNS धारा 306: आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला।
🔸 BNS धारा 384, 420, 506, 441: उगाही, धोखाधड़ी, धमकी और कब्जा।
🔸 CrPC धारा 154: FIR दर्ज न करना कानून का उल्लंघन।इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता बताते हैं:
“यह आपराधिक मामला है। FIR दर्ज न होना सीधा न्याय का हनन है। पीड़ित परिवार हाईकोर्ट या NHRC में याचिका दाखिल कर सकता है।”
😡 जनता में आक्रोश, सोशल मीडिया पर उबाल
🔸 #JusticeForPhoolgenSingh ट्रेंड कर रहा है।
🔸 गांव में प्रदर्शन की चेतावनी, स्थानीय लोग लामबंद।
🔸 PM मोदी और CM योगी से न्याय की अपील।
🔸 मानवाधिकार उल्लंघन: NHRC से हस्तक्षेप की मांग।📢 परंशु सिंह की अपील
“हमने सबकुछ खो दिया — पिता, जमीन और अब भरोसा भी। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हम कोर्ट और सड़क दोनों पर लड़ाई लड़ेंगे।”परिवार ने अब NHRC, मुख्यमंत्री पोर्टल, और हाईकोर्ट में जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
🧾 जनता की चार मांगें
FIR दर्ज कर संजीव कुमार सिंह और रिंकू सिंह की गिरफ्तारी हो।विधायक और ग्राम प्रधान पति पर लगे दबाव के आरोपों की CBI जांच हो।
चोलापुर पुलिस पर लापरवाही की जांच और निलंबन।
जिले में सूदखोरों के खिलाफ विशेष अभियान।
🧭 मुख्यमंत्री योगी से सवाल
क्या सूदखोर माफियाओं पर कोई कार्यवाही होगी?क्या प्रभावशाली नेताओं पर जांच होगी?
क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या यह केस भी दफन हो जाएगा?
क्या वाराणसी में कानून व्यवस्था नेताओं की मर्जी से चलेगी?
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NACIN वडोदरा: एनडीपीएस एक्ट और कस्टम्स कानून पर IRS अधिकारी समीर वानखेड़े का प्रेरक व्याख्यान

नव-नियुक्त अधिकारियों को सिखाया आधुनिक तस्करी से निपटने का हुनर
एनडीपीएस एक्ट और कस्टम्स कानून पर IRS अधिकारी समीर वानखेड़े का प्रेरक व्याख्यान
नव-नियुक्त अधिकारियों को सिखाया आधुनिक तस्करी से निपटने का हुनर
रिपोर्ट: शिवदिनेश शर्मा | मुंबई
वडोदरा (गुजरात): देश के चर्चित IRS अधिकारी और नशे के विरुद्ध निर्णायक जंग के प्रतीक समीर वानखेड़े ने हाल ही में वडोदरा स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ कस्टम्स, इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड नारकोटिक्स (NACIN) में नव-नियुक्त अधिकारियों को एक विशेष व्याख्यान दिया। विषय था – NDPS एक्ट, 1985 और कस्टम्स एक्ट, 1962 के अंतर्गत तस्करी और करचोरी के बदलते स्वरूप।
इस विशेष सत्र में वानखेड़े ने ड्रग तस्करी के आधुनिक तरीकों, जैसे – सोशल मीडिया, क्रिप्टोकरेंसी, डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क्स के उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी हकीकतों, केस स्टडीज और अपने अनुभवों के माध्यम से सिखाया कि किस प्रकार आज की तकनीक-संपन्न दुनिया में अपराधी सिस्टम को चकमा देने की कोशिश करते हैं।
“ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई समाज और भविष्य की रक्षा का कर्तव्य है” – समीर वानखेड़े
अपने भावपूर्ण संबोधन में वानखेड़े ने कहा –
“ड्रग्स के खिलाफ हमारी लड़ाई केवल कानून लागू करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज, हमारे युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का कर्तव्य भी है।”
वानखेड़े, जिन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में अहम भूमिका निभाई है, सतर्कता, निष्ठा और नैतिक साहस के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने युवा अधिकारियों से कहा कि वे अपने कर्तव्य को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा समझें।
प्रेरणा का स्रोत बने समीर वानखेड़े
NACIN के अधिकारियों और प्रशिक्षणार्थियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। एक अधिकारी ने कहा,
“समीर सर की बातों ने हमें न केवल कानून की बारीकियों से रूबरू कराया, बल्कि यह भी सिखाया कि एक अधिकारी का नजरिया, संवेदनशीलता और साहस किस तरह एक बड़ा बदलाव ला सकता है।”
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दान की गई संपत्ति पर सरकार का हस्तक्षेप गलत : जितेंद्र आव्हाड
भिवंडी। पूर्व मंत्री और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने रविवार देर शाम शांतिनगर मैदान, भिवंडी में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (भिवंडी शाखा) द्वारा आयोजित ‘तहफ्फुज-ए-अवकाफ’ सम्मेलन में कहा कि वक्फ का अर्थ होता है ‘दान’, और एक बार दान दी गई संपत्ति को वापस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म के लिए दान की गई जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेचने की जो योजना बना रही है, वह पूरी तरह से गलत है और संविधान के खिलाफ है।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना महमूद अहमद खान ने की, जो तहफ्फुज-ए-अवकाफ कमेटी, महाराष्ट्र के प्रमुख हैं।सभा में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास, सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा, मालेगांव के विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी, भिवंडी पूर्व के विधायक रईस शेख, मुंबई के विधायक अमीन पटेल, मौलाना जहीर अब्बास रिजवी, मौलाना अब्दुल जब्बार महीरुल कादरी सहित कई राजनीतिक और सामाजिक नेता उपस्थित थे।जितेंद्र आव्हाड ने आगे कहा, “दान सभी धर्मों में होता है – जैसे हिंदुओं में भी। एक बार दान दी गई वस्तु उस धर्म की संपत्ति हो जाती है। अगर धर्म के लिए दी गई जमीन का दुरुपयोग हो रहा है, तो दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार को उसे कब्जे में लेने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि “आज मुसलमानों पर संकट है, कल यह अन्य धर्मों पर भी आ सकता है। बिहार के बोधगया में भी ऐसा ही हो रहा है।”सांसद सुरेश म्हात्रे ने कहा, “वक्फ विधेयक पर लोकसभा में बहस के दौरान मैं अनुपस्थित था, जिसके लिए मैंने समाज से माफी मांगी। लेकिन संयुक्त संसदीय समिति में मैंने इस विधेयक के खिलाफ रुख अपनाया था और आज भी इस बिल का विरोध करता हूँ।”विधायक रईस शेख ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं और हमें न्याय की उम्मीद है, लेकिन समाज को भी इस मुद्दे पर जागरूक होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान उर्दू में हर घर में पढ़ा जाना चाहिए।इस अवसर पर विधायक अमीन पटेल, मुफ्ती इस्माइल कासमी और डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने भी मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में मौलाना औसाफ फलाही, मुफ्ती हुजेफा, जावेद आजमी और शादाब उस्मानी ने विशेष योगदान दिया।