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  • Woman commits suicide by hanging with three daughters: महिला ने तीन बेटियों के साथ फांसी लगाकर की आत्महत्या

    Woman commits suicide by hanging with three daughters: महिला ने तीन बेटियों के साथ फांसी लगाकर की आत्महत्या

    भिवंडी: भिवंडी के फेणे गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला ने अपनी तीन बेटियों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना तब उजागर हुई, जब महिला का पति रात की पाली से काम करके सुबह घर लौटा।फेणे गांव की एक चाल में रहने वाले लालजी बनवारीलाल भारती, जो एक पावरलूम कर्मचारी हैं, अपनी पत्नी पुनीता (32 वर्ष) और तीन बेटियों—नंदिनी (12 वर्ष), नेहा (7 वर्ष) और अनु (4 वर्ष) के साथ रहते थे। लालजी रात की पाली के लिए काम पर गए थे। सुबह करीब 9 बजे घर लौटने पर उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। बार-बार खटखटाने के बावजूद दरवाजा न खुलने पर लालजी ने छोटी खिड़की से अंदर झाँका। वहाँ का दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए। अंदर छत के लोहे के एंगल से चार शव फांसी पर लटके हुए थे।लालजी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बीट मार्शल और भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी व महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुँचे। घटनास्थल का पंचनामा करने के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए स्व. इंदिरा गांधी स्मृति उपजिला अस्पताल भेजा गया।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें पुनीता ने लिखा है कि वह अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही है और इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालाँकि, आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस इस मामले की गहन जाँच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं पर विचार कर रही है।

  • जल जीवन मिशन बना भ्रष्टाचार का जलाशय: सपकाल

    Madhav Bhandari should be investigated in 26/11 case: Congress

    मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने प्रधानमंत्री मोदी के जल जीवन मिशन को निशाने पर लेते हुए कहा कि योजना का लाभ केवल अफसरों और ठेकेदारों को मिला है, जबकि माताएं-बहनें आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक नल की लागत 30,000 से बढ़कर 1.37 लाख रुपये कैसे हो गई, इसका जवाब खुद वित्त मंत्रालय मांग रहा है। सपकाल ने कहा कि यह भ्रष्टाचार अब जानलेवा हो गया है — यवतमाल की एक बच्ची की मौत और नासिक की महिलाओं की कुएं में उतरने की घटनाएं इसकी गवाह हैं। केंद्र सरकार अब इस योजना के बजट में 47% कटौती कर रही है, जिससे हालात और बदतर होंगे।

    26/11 मामले में माधव भंडारी की जांच हो: कांग्रेस
    सपकाल ने भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी के 26/11 पर दिए बयान को गंभीर बताते हुए तहव्वुर राणा के साथ भंडारी की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि उस समय कैबिनेट में शामिल रहे नेताओं में आज के मंत्री अजित पवार भी थे, इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं होती, उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।

    हिंदी थोपना भाजपा की साजिश: सपकाल
    भाषा नीति पर सपकाल ने कहा कि पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य करना मराठी और मराठी संस्कृति पर हमला है। उन्होंने इसे “बंच ऑफ थॉट्स” जैसी विचारधारा का परिणाम बताया और कहा कि अगर हिम्मत है तो पहले गुजरात में हिंदी अनिवार्य की जाए। तीन भाषाएं थोपना छात्रों पर अत्याचार है।

    संग्राम थोपटे के फैसले पर भी सवाल
    सपकाल ने संग्राम थोपटे के हालिया कदम को ‘आत्मघाती’ बताते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पद का मौका उन्होंने खुद गंवाया, अब दोष दूसरों पर मढ़ना गलत है।

  • “ईडी अब मोदी-शाह की जबरन वसूली एजेंसी बन चुकी है, कांग्रेस उनकी चार्जशीट की भीख नहीं मांगती” :पवन खेड़ा

    मुंबई। नेशनल हेराल्ड केस को लेकर ईडी द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और एआईसीसी मीडिया व प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने साफ तौर पर कहा कि यह पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसे भाजपा सरकार ने विपक्ष को बदनाम करने के इरादे से गढ़ा है।

    मुंबई के राजीव गांधी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में खेड़ा ने कहा, “ईडी अब मोदी-शाह की जबरन वसूली गैंग बन चुकी है। भाजपा ने गांधी परिवार को टारगेट करने की योजना के तहत ईडी का दुरुपयोग किया है, लेकिन कांग्रेस न तो डरती है और न ही ईडी की चार्जशीट की भीख मांगती है।”

    इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़, चरण सपरा, सुरेश चंद्र राजहंस, निज़ामुद्दीन राईन, आनंद शुक्ला, बब्बू खान और अरशद आज़मी भी मौजूद थे।

    पवन खेड़ा ने जोर देकर कहा कि नेशनल हेराल्ड एक गैर-लाभकारी संस्थान है, जिससे न किसी ने वित्तीय लाभ उठाया, न ही कोई संपत्ति स्थानांतरित की गई, फिर भी झूठे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “जिस केस में पैसा ही नहीं है, उसमें मनी लॉन्ड्रिंग कहां से हो सकती है?”

    खेड़ा ने ईडी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “ईडी की सजा दर सिर्फ 1% है, जबकि इसके 98% राजनीतिक केस विपक्षी नेताओं के खिलाफ होते हैं। मोदी सरकार ने ईडी को अपने चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।”

    उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी उतने ही भयभीत हैं जितने कभी डोनाल्ड ट्रम्प थे। यदि कोई घोटाला होता, तो सरकार एक साल तक चुप न रहती। आखिरी दिन चार्जशीट दाखिल करना इस बात का प्रमाण है कि साजिश का खेल खेला गया है।”

    खेड़ा ने भाजपा की नैतिकता पर भी करारा तंज कसते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री ने जिस नेता पर कभी ₹70,000 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था, आज उसी को वित्त मंत्री बनाकर खजाने की चाबी सौंप दी है। इससे ज़्यादा विडंबना और क्या होगी?”

    “भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, हम चुप नहीं बैठेंगे। जो डराने की कोशिश करता है, वही अंदर से डरा हुआ होता है। कांग्रेस इस साजिश का डटकर मुकाबला करेगी और अंततः सत्य की जीत होगी,” — ये कहकर पवन खेड़ा ने अपने वक्तव्य को समाप्त किया।

  • हम खतरे में है, अब चुप रहना गुनाह है : तारिक अनवर का तीखा हमला

    मुंबई: देश में मौजूदा राजनीतिक हालातों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, कार्यसमिति सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “देश को आज़ादी दिलाने वाली 80 प्रतिशत जनता अब एक बार फिर संविधान, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए स्वतंत्रता संग्राम के लिए तैयार है।”
    यह बयान उन्होंने मुंबई प्रेस क्लब, आज़ाद मैदान में ऑल इंडिया कौमी तंजीम द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र प्रदेश कौमी तंजीम के अध्यक्ष और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख मुनाफ हकीम ने की।

    तारिक अनवर, जो स्वयं ऑल इंडिया कौमी तंजीम के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहरा संकट मंडरा रहा है। उन्होंने ‘नफरत छोड़ो, भारत जोड़ो’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह वे देश के कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार सक्रिय हैं।

    वक्फ रिसर्च बिल पर तीखी आलोचना
    कार्यक्रम के दौरान सांसद अनवर ने वक्फ रिसर्च बिल को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बिल संसद में विपक्ष और जनता के विरोध के बावजूद मात्र संख्यात्मक बहुमत के बल पर पारित किया गया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
    “यह एक खतरनाक परंपरा की शुरुआत है, जहां बहुमत का दुरुपयोग कर अल्पसंख्यकों की आवाज़ दबाई जा रही है। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में संविधान के अनुसार न्याय करेगा,” अनवर ने कहा।

    सांप्रदायिक ताक़तों के खिलाफ मोर्चा
    अपने संबोधन में तारिक अनवर ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे सांप्रदायिक ताक़तों के खिलाफ संगठित होकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करें। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। हमें इन्हें घर-घर तक पहुँचाना होगा और उन ताक़तों को बेनकाब करना होगा जो देश को सामाजिक विघटन की ओर धकेल रही हैं।”

    राजनीतिक और सामाजिक समर्थन
    कार्यक्रम में मुंबई के विधायक अमीन पटेल ने भी इस संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इसके अलावा मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता निजामुद्दीन राईन, महाराष्ट्र कौमी तंजीम के महासचिव बिलकिस शेख, डॉ. आफताब शेख, डॉ. हाजी जाकिर शेख, तारिक फारूकी, एडवोकेट आसिफ हकीम, दत्ता नंदे, जुनैद पटेल, भार्गव तिवारी और अरशी आजमी समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन पदाधिकारी उपस्थित थे।

    कार्यक्रम के अंत में मुनाफ हकीम ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया और कहा कि “अब वक्त आ गया है कि हम सब मिलकर संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष करें।”

  • Six divisional presidents of BJP selected, names announced: भिवंडी शहर जिला भाजपा के छह मंडल अध्यक्षों का चयन, नामों की हुई घोषणा

    भिवंडी: भिवंडी शहर जिला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से छह मंडल अध्यक्षों का चयन किया गया है। यह चयन भाजपा संगठन की नई गाइडलाइंस के अनुसार, आंतरिक प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ।

    चयन प्रक्रिया में जिला चुनाव अधिकारी के रूप में एड. प्रेषित जयवंत की उपस्थिति रही। इस दौरान विभिन्न मंडलों के अध्यक्षों की घोषणा की गई, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

    उत्तर मंडल अध्यक्ष: भावेश पाटिल

    ग्रामीण मंडल अध्यक्ष: गजानन असवारे

    पश्चिम मंडल अध्यक्ष: प्रतीक हरिया

    मध्य-पूर्व मंडल अध्यक्ष: अनिल चिंतल

    पश्चिम-मध्य मंडल अध्यक्ष: फरहान सिद्दीकी

    दक्षिण मंडल अध्यक्ष: मोहन कोंडा

    इस अवसर पर भिवंडी शहर जिला भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट हर्षल पाटिल, महासचिव राजू गजेंगी, वरिष्ठ नेता श्रीमती कल्पना शर्मा, अविनाश सिकची, रवि सावंत, राजू चौघुले, विकास बाफना और पी.डी. यादव सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्तियां संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए की गई हैं ताकि भिवंडी शहर में भाजपा का कामकाज अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से किया जा सके।

  • गोवंश हत्या और गोमांस परिवहन के आरोप में 7 लोगों पर मामला दर्ज

    भिवंडी: भिवंडी शहर में गोवंश पशुओं की हत्या, अवैध गोमांस परिवहन और पशुओं को वध के लिए अमानवीय तरीके से बंधक बनाकर रखने के दो अलग-अलग मामलों में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। दोनों घटनाएं भोईवाडा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सामने आई हैं।

    पहली घटना: अवैध गोमांस परिवहन करते पकड़े गए चार आरोपी
    पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल की सुबह करीब 5:30 बजे, चार आरोपित — मोईनुद्दीन सलाउद्दीन शाह, सैदु, नजीर और गफू — मिलकर गोवंश की हत्या कर, उसका मांस एक रिक्शा (MH 05 DZ 8823) के माध्यम से शहर में बेचने के इरादे से ले जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें समानगर मस्जिद के पीछे बावड़ी के पास से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस कांस्टेबल नीलेश रवींद्र देवरे की शिकायत पर इन चारों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत और महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम, 1976 की धाराओं 5(अ), 5(3), 5(क), और 9 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके से गोवंश का सिर और लगभग 150 से 200 किलो गोमांस बरामद किया है, जिसकी कीमत ₹95,000 आंकी गई है।

    दूसरी घटना: 22 रेडों को वध के लिए बंधक बनाकर रखने का खुलासा
    दूसरे मामले में, आजम उस्मान सिद्दीकी (35), मुमताज कुरेशी उर्फ ‘कल्लू’, और हमजा कसाई पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर 22 गोवंश पशुओं, जिनमें 2 छोटे नर और 3 भैंसे शामिल हैं, को बिना चारा-पानी और चिकित्सा सुविधा के समानगर स्थित बावड़ी के पास व अज़हर गोट फार्म में बंधक बनाकर रखा था।

    पुलिस हेड कांस्टेबल अमोल तुलसीराम धायगुडे की शिकायत पर तीनों आरोपियों पर महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम, 1976 की धाराएं 5(अ), 5(ब) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(घ) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त किए गए पशुओं की अनुमानित कीमत ₹2.80 लाख बताई गई है।

  • बिजली चोरी का पर्दाफाश, 12 लाख की बिजली चोरी, 12 लोगों पर मामला दर्ज

    भिवंडी: गर्मी बढ़ते ही बिजली चोरी की घटनाओं में भी इज़ाफा हो गया है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) ने भिवंडी के कोनगांव क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 12 लाख रुपये की बिजली चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में 12 उपभोक्ताओं के खिलाफ शांतिनगर पुलिस स्टेशन में बिजली चोरी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

    पहला मामला: गंगाई अपार्टमेंट में तीन उपभोक्ता पकड़े गए
    महावितरण की रिपोर्ट के अनुसार, कोनगांव के गुरुकृपा नगर स्थित गंगाई अपार्टमेंट में रहने वाले विजय नारायण बटवलकर, संतोष शंकर बोरनारे, और भास्कर नानाजी मोरे ने जनवरी 2023 से दिसंबर 2024 के बीच अपने बिजली कनेक्शन महावितरण कार्यालय में जमा करा दिए थे। इसके बाद, उन्होंने सीधा खंभे से तार जोड़कर बिजली चोरी शुरू कर दी। इस दौरान इन तीनों ने कुल ₹4,82,910 की बिजली चोरी की, जिसकी जानकारी बिजली वितरण अधिकारी धनंजय पाटील द्वारा दी गई शिकायत में सामने आई।

    दूसरा मामला: 9 उपभोक्ताओं ने दो साल तक की बिजली चोरी
    इसी गांव के दूसरे हिस्से में, अनिल गुरुनाथ म्हात्रे, सुरेश सोमवार पाटील, सूर्यकांत दत्तू धुले, राकेश दत्ताराम पाटील, रमेश सोमवार पाटील, जगदीश कचरू म्हात्रे, रोशन गोपाल म्हात्रे, प्रकाश कृष्ण म्हात्रे, और सुरेश गजानन पाटिल नामक 9 उपभोक्ताओं ने भी अपने मीटर जमा कराकर बिजली आपूर्ति बंद करवा दी थी। इसके बावजूद उन्होंने अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2024 तक 31,524 यूनिट बिजली अवैध रूप से डायरेक्ट कनेक्शन के जरिए उपयोग की, जिसकी कुल कीमत ₹7,39,330 बताई गई है।

    पुलिस ने दर्ज किया मामला, बिजली अधिनियम के तहत कार्रवाई
    दोनों मामलों में महावितरण अधिकारी धनंजय पाटील की शिकायत पर शांतिनगर पुलिस ने सभी 12 आरोपियों के खिलाफ बिजली अधिनियम, 2003 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और महावितरण द्वारा आगे भी नियमित निरीक्षण कर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

  • Rickshaw stolen under influence of alcohol, AC mechanic arrested in Kalyan:दारू के नशे में रिक्षा चोरी, कल्याण में एसी मेकॅनिक गिरफ्तार

    कल्याण: शराब की लत कभी-कभी इंसान को इतना गिरा सकती है कि वह अपनी सामान्य सोच और विवेक खो बैठता है। कल्याण के कोळसेवाडी इलाके में एक ऐसे ही चौंकाने वाले मामले का सामने आया, जहां पेशे से एसी मेकॅनिक प्रांजल बर्वे ने शराब के नशे में रिक्षा चुराई, ताकि वह और शराब खरीद सके।

    चोरी की घटना: शराब की लत ने किया हैरान करने वाला कृत्य
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले रात के समय, प्रांजल बर्वे नशे की हालत में था और उसे और शराब की आवश्यकता महसूस हुई। इस दौरान, उसने अपनी इमारत के पास खड़ी रिक्षा को चालू किया और शराब खरीदने के लिए निकल पड़ा। हालांकि, कुछ दूरी पर ही रिक्षा की CNG खत्म हो गई, जिसके बाद उसने रिक्षा को विठ्ठलवाडी बस डिपो के पास छोड़ दिया और फरार हो गया।

    पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान
    रिक्षा चालक की शिकायत के बाद, कोळसेवाडी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिली कि चोरी हुई रिक्षा विठ्ठलवाडी बस डिपो के पास खड़ी है। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रिक्षा बरामद की, तो उन्होंने आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। पुलिस कर्मचारी रोहित बुधवंत ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति को पहचानते हुए आरोपी प्रांजल बर्वे को गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी का कबूलनामा और पुलिस जांच जारी
    पूछताछ में, आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया और अब वह अपने किए पर पछता रहा है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आरोपी पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

  • कल्याण में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई अधर में: भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव के आरोप

    कल्याण: कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अंकुश दुबे ने एक पत्रकार परिषद में दावा किया कि नगरपालिका अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास व्यक्तियों को बचाने में संलिप्त हैं।

    सागर नगर में अवैध निर्माणों का मामला
    दुबे ने सागर नगर परिसर का हवाला देते हुए कहा कि सागर दशरथ पावशे की तीन मंजिला और पुंडलिक तथा यशवंत पावशे की चार मंजिला इमारतें बिना किसी अधिकृत अनुमति के बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इन अवैध निर्माणों के खिलाफ कोळसेवाडी पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन और नगररचना अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

    कागजी खानापूरी और भ्रष्टाचार के आरोप
    हालांकि, इन मामलों में कार्रवाई के नाम पर अब तक केवल कागजी खानापूरी ही हुई है। दुबे ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल से सहायक आयुक्त और उपायुक्त इस मुद्दे को अनदेखा कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों—जैसे “पहले पुलिस इमारत खाली कराए” या “ऊपरी दबाव है”—यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि कहीं न कहीं कार्रवाई में भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव आड़े आ रहा है।

    प्रशासन से पारदर्शिता की मांग
    नागरिकों ने यह जानने की इच्छा जताई है कि आखिर वह ‘ऊपरी दबाव’ कौन है, जो अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में रुकावट डाल रहा है। अंकुश दुबे ने प्रशासन से अनुरोध किया कि वे ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखें और जनता को सच्चाई से अवगत कराएं।

    सहायक आयुक्त का बयान
    इस मामले में सहायक आयुक्त उमेश यमगर ने कहा, “दुबे जी की शिकायत पिछले दो साल से प्रलंबित है। हमने संबंधित इमारतों की बिजली और पानी काटने का आदेश दिया है। जैसे ही पुलिस सुरक्षा मिलेगी, हम कार्रवाई करेंगे।”

    आखिरकार, नागरिकों का विश्वास दांव पर
    दुबे ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो यह नागरिकों के विश्वास पर गंभीर आघात होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर इस मामले में कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार वे लोग होंगे जिन्होंने कानून को ताक पर रखकर अवैध निर्माणों को बढ़ावा दिया है।

  • Appeal to electricity customers to pay additional security deposit: बिजली ग्राहकों से अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि भरने की अपील

    कल्याण/वसई/पालघर: महावितरण ने कल्याण परिमंडल क्षेत्र के बिजली ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने अप्रैल या मई माह के बिजली बिल के साथ अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि भरें। इसके लिए उपभोक्ताओं को एक अलग बिल प्रदान किया जा रहा है, जिसमें राशि की जानकारी और भुगतान की प्रक्रिया दी गई है। उपभोक्ताओं को यह राशि छह समान मासिक किश्तों में अदा करने की सुविधा भी प्रदान की गई है।

    सुरक्षा जमा राशि की पुनर्गणना
    महाराष्ट्र राज्य विद्युत नियामक आयोग की विद्युत आपूर्ति संहिता 2021 के विनियमन 13.1 के अनुसार, बिजली ग्राहकों से सुरक्षा राशि ली जाती है, जो हर वर्ष उपभोक्ताओं के पिछले वित्तीय वर्ष के औसत बिजली उपयोग के आधार पर पुनर्गणना की जाती है। मासिक बिल वाले उपभोक्ताओं के लिए यह राशि औसत बिल की दो गुना और तिमाही बिल वाले उपभोक्ताओं के लिए डेढ़ गुना तक हो सकती है।

    सुरक्षा राशि पर ब्याज और वापसी
    विनियमन 13.11 के अनुसार, जमा की गई सुरक्षा राशि पर रिजर्व बैंक के दर के अनुसार ब्याज भी दिया जाता है, जिसे बाद में बिजली बिल में समायोजित कर उपभोक्ताओं को लौटाया जाता है।

    ऑनलाइन भुगतान की सुविधा
    महावितरण ने www.mahadiscom.in वेबसाइट और महावितरण मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि समय पर भरकर सहयोग प्रदान करें, जिससे बिजली आपूर्ति में कोई बाधा न आए और महावितरण की सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें।