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  • Smuggling Racket Busted: 13 लाख की चरस के साथ एक गिरफ्तार, पुलिस की सटीक कार्रवाई से भिवंडी में नशा तस्करी का भंडाफोड़

    भिवंडी | भिवंडी शहर में चरस और गांजा जैसे नशीले पदार्थों की चोरी-छिपे हो रही बिक्री ने स्थानीय युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। इन अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे और सह पुलिस आयुक्त डॉ. ज्ञानेश्वर चव्हाण के मार्गदर्शन में पुलिस तंत्र सक्रिय हो चुका है। भिवंडी अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जनार्दन सोनावणे को सूचना मिली कि निजामपुरा के 32 क्वार्टर, राशनिंग ऑफिस के पास एक व्यक्ति चरस बेचने आने वाला है। इस सूचना के आधार पर उन्होंने एक विशेष पुलिस दल के साथ इलाके में जाल बिछाया और मेहबूब उर्फ पप्पू अब्दुलहक खान (उम्र 55, निवासी आंबेडकर चाल, टिटवाला) को रंगेहाथ पकड़ लिया। पुलिस ने उसके पास से 435 ग्राम चरस जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 13 लाख 5 हजार रुपये आंकी गई है।

    पुलिस की विशेष टीम की कार्रवाई
    इस कार्रवाई का नेतृत्व डीसीपी अमरसिंह जाधव और एसीपी शेखर बागडे के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें सपोनि धनराज केदार, पोउनि रविंद्र पाटिल, सुधाकर चौधरी, पोहवा निलेश बोरसे, सुनील सालुंखे, वामन भोईर, साबिर शेख, सचिन जाधव, रंगनाथ पाटिल, सुदेश घाग, माया डोंगरे, उमेश ठाकुर, रविंद्र सालुंखे जैसे कई अधिकारी शामिल थे। इस मामले में निजामपुरा पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र पाटिल द्वारा की जा रही है।

  • Illegal Water Connection: अनधिकृत नल कनेक्शन से पानी बेचने वाले के खिलाफ मामला दर्ज

    भिवंडी | शहर में भीषण जल संकट के बीच, अवैध नल कनेक्शन के कारण कई इलाकों में पानी की अनियमित आपूर्ति की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महानगरपालिका आयुक्त अनमोल सागर ने जल आपूर्ति विभाग को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत जल आपूर्ति विभाग के फ्लाइंग स्क्वाड प्रमुख विराज भोईर के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अनधिकृत नल कनेक्शन के माध्यम से पानी चुराकर बेचने का मामला उजागर हुआ है। कामतघर के फेणे गांव रोड इलाके में रहने वाला दीपक टाकुडके नामक व्यक्ति नगर निगम की मुख्य जल आपूर्ति लाइन में बिना अनुमति छेद करके एक अवैध नल कनेक्शन स्थापित किया था। इस कनेक्शन से वह 5,000 लीटर क्षमता के टैंक में पानी जमा करता था और पास की चॉल में अवैध रूप से पानी बेचता था।

    40,000 रुपये का नुकसान
    इस गैरकानूनी गतिविधि से जल लाइन को नुकसान पहुंचा और नगर निगम को लगभग ₹40,000 का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस मामले में भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ जल चोरी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में अब कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और जल चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • Maharashtra Ratna Award: डॉ. पारसनाथ तिवारी को “महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा

    पुणे: सामाजिक, शिक्षा, संस्कृति, धर्म और राजनीति जैसे विविध क्षेत्रों में निरंतर कार्यरत एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. पारसनाथ तिवारी को इस वर्ष “महाराष्ट्र रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।

    यह पुरस्कार सांस्था अखिल भारतीय द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान महासम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा, जो 20 अप्रैल 2025, रविवार को पिंपरी चिंचवड के प्रतिष्ठित आचार्य अत्रे रंगमंदिर में संपन्न होगा। देशभर से कई गणमान्य अतिथि और विशिष्ट जन इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

    डॉ. तिवारी ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जो कार्य किए हैं, वे प्रेरणास्रोत माने जाते हैं। उनके कार्यों में शिक्षा का प्रसार, सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और जनसेवा को प्राथमिकता दी गई है। यही कारण है कि उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

    आयोजन समिति का कहना है कि यह सम्मान देशभर के उन विभूतियों को समर्पित है जो अपने क्षेत्र में विशेष पहचान बनाकर समाज के लिए कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में अन्य विभूतियों को भी सम्मानित किया जाएगा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आकर्षण का केंद्र होंगी।

  • विले पार्ले में जैन मंदिर ध्वस्तीकरण का विरोध:राजनीतिक दलों की आई प्रतिक्रियाएँ और जैन समाज ने दर्ज कराया विरोध Protest against demolition of Jain temple in Vile Parle

    
    
    
    
    

    मुंबई: विले पार्ले (पूर्व) में 90 साल पुराने श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 16 अप्रैल 2025 को ध्वस्त कर दिया। BMC ने इसे अवैध निर्माण बताते हुए कार्रवाई की, लेकिन जैन समुदाय और कई राजनीतिक दलों ने इसकी कड़ी निंदा की है। इस घटना ने धार्मिक और राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, जिसमें विभिन्न दलों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। नीचे ताज़ा अपडेट और सभी संबंधित जानकारी दी गई है:
    मंदिर ध्वस्तीकरण का विवरण
    स्थान और तारीख: विले पार्ले (पूर्व) में नेमिनाथ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को 16 अप्रैल 2025 को BMC ने बुलडोजर से ध्वस्त किया।

    BMC का दावा: BMC ने मंदिर को अवैध निर्माण बताते हुए कहा कि यह एक मनोरंजन मैदान (RG) के लिए आरक्षित भूखंड पर था। BMC ने दावा किया कि मंदिर को हटाने से पहले कई नोटिस जारी किए गए थे।

    जैन समुदाय का आरोप: मंदिर के ट्रस्टी अनिल शाह और जैन समुदाय ने आरोप लगाया कि BMC ने जल्दबाजी में कार्रवाई की, जबकि मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में विचाराधीन था। समुदाय ने यह भी दावा किया कि ध्वस्तीकरण के दौरान पवित्र मूर्तियों, ग्रंथों और धार्मिक वस्तुओं का अपमान किया गया।

    कोर्ट की स्थिति: मंदिर के प्रबंधन ने BMC के नोटिस के खिलाफ सिटी सिविल कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 8 अप्रैल को खारिज कर दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने हाईकोर्ट में अपील के लिए मौखिक स्थगन आदेश दिया था। जैन समुदाय का दावा है कि BMC ने इस आदेश की अनदेखी की। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अब आगे की ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है।

    जैन समुदाय का विरोध प्रदर्शन: 19 अप्रैल 2025 को विले पार्ले (पूर्व) में हजारों जैन समुदाय के सदस्यों ने विशाल विरोध रैली निकाली।

    मांगें: समुदाय ने मांग की है कि मंदिर को उसी स्थान पर पुनर्निर्माण किया जाए और ध्वस्तीकरण में शामिल BMC अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

    नेतृत्व: दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमनालाल हापावत के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति इस मामले को आगे बढ़ा रही है।

    राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ

    भारतीय जनता पार्टी (BJP):
    BJP के वरिष्ठ नेता और कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, जो जैन समुदाय से हैं, ने विरोध रैली में हिस्सा लिया और मंदिर को 10 दिनों के भीतर उसी स्थान पर पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया।

    विले पार्ले के BJP विधायक पराग अलवानी और घाटकोपर के विधायक पराग शाह ने भी प्रदर्शन में भाग लिया और BMC की कार्रवाई की निंदा की।

    हालांकि, कुछ X पोस्ट और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP के दबाव में ही BMC ने यह कार्रवाई की, जिसे BJP ने खारिज किया है।

    समाजवादी पार्टी (SP):
    SP अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंदिर ध्वस्तीकरण की निंदा करते हुए BJP पर जैन समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे BJP शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों पर हमले का हिस्सा बताया।

    यादव ने कहा कि जैन समुदाय संख्यात्मक रूप से छोटा हो सकता है, लेकिन यह उनके PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठबंधन का हिस्सा है। उन्होंने BJP पर जैन संपत्तियों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

    कांग्रेस:

    सांसद वर्षा गायकवाड़ ने विरोध रैली में हिस्सा लिया और जैन समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की। कांग्रेस ने इस मुद्दे को धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ के रूप में उठाया और BMC की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताया।

    विश्व हिंदू परिषद (VHP):
    VHP ने भी जैन समुदाय के साथ एकजुटता दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की।

    अन्यों की प्रतिक्रिया
    >कुछ स्थानीय नेताओं और संगठनों ने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण एक स्थानीय होटल व्यवसायी के दबाव में किया गया, जिसे मंदिर की जगह होटल बनाने की योजना थी।

    > X कई यूजर्स ने BJP पर धार्मिक विवाद को भड़काने का आरोप लगाया, जबकि कुछ ने इसे BMC की प्रशासनिक विफलता बताया।

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंदिर के शेष हिस्से के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। जैन समुदाय ने मांग की है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस दोषी BMC अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। BJP नेता मंगल प्रभात लोढ़ा ने मंदिर पुनर्निर्माण का वादा किया है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया है।

    BMC अधिकारी नवनाथ गाडगे पर कार्रवाई की मांग तेज हो रही है। जैन समुदाय का आरोप है कि BMC ने कोर्ट के मौखिक स्थगन आदेश की अनदेखी कर ध्वस्तीकरण किया, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम है। विपक्षी दल इसे BJP की अल्पसंख्यक-विरोधी नीति का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि BJP ने मंदिर पुनर्निर्माण का वादा कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। X पर मिली प्रतिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि जनता इस मुद्दे को धार्मिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से देख रही है।

  • क्या महाराष्ट्र की राजनीति में होगा ‘ठाकरे मिलन’? राज ठाकरे ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, बोले – अब निजी लड़ाइयों से ऊपर उठने का वक्त है

    Raj Thackeray extended the hand of friendship

    अश्विनी कुमार दुबे। राष्ट्रीय स्वाभिमान
    मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर करवट लेने को तैयार दिख रही है। शिवसेना से अलग होकर अपनी राह चुनने वाले राज ठाकरे ने अब उद्धव ठाकरे के साथ संभावित एकता की बड़ी झलक दे दी है। राज ठाकरे ने कहा है कि “हमारे मतभेद, झगड़े और वैचारिक टकराव अपनी जगह हैं, लेकिन महाराष्ट्र के हित के सामने यह सब बौना है।”

    यह बयान उन्होंने फिल्म निर्माता महेश मांजरेकर के यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू के दौरान दिया, जिसमें महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीति, शिवसेना से रिश्ता और भाजपा के साथ संभावित समीकरणों पर खुलकर चर्चा हुई।

    “साथ आना मुश्किल नहीं, बस इच्छाशक्ति होनी चाहिए”: राज ठाकरे
    राज ठाकरे ने संकेत दिया कि अगर राज्य का हित सर्वोपरि हो, तो पुराने विवादों को भुलाकर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि एक साथ आना और एक साथ रहना कोई कठिन बात है। ये निजी इच्छा या राजनीतिक स्वार्थ का मामला नहीं है — सवाल सिर्फ इच्छाशक्ति का है।” उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी मराठी समर्थक ताकतें एकजुट होकर एक मंच पर आएं। उनका इशारा साफ था — क्षेत्रीय अस्मिता को बचाने के लिए राजनीतिक पार्टियों को अपने मतभेद भुलाकर साथ आना चाहिए।

    उधर, उद्धव ठाकरे ने भी नरम रुख दिखाते हुए कहा कि “मेरी तरफ से कभी कोई झगड़ा नहीं था”, जिससे इस संभावित मेल की अटकलों को और बल मिला है। राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे और भाजपा से जुड़े सवालों पर भी खुलकर राय रखी। उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने शिवसेना छोड़ी थी, तो कई विधायक और सांसद उनके संपर्क में आए थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी के अधीन काम करने का विचार नहीं किया। बालासाहेब को छोड़ने का मतलब था स्वतंत्र राह अपनाना। इसलिए मैंने किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं किया।

    भाजपा के साथ संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि, “मेरी विचारधारा भाजपा से मेल नहीं खाती। लेकिन राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। मैं जो भी करूंगा, महाराष्ट्र और मराठी मानुस के हित में करूंगा।”

    क्या ठाकरे बंधुओं की एकता से बदलेगा महाराष्ट्र का राजनीतिक संतुलन?
    विश्लेषकों का मानना है कि अगर उद्धव और राज ठाकरे एक साथ आते हैं, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। एक ओर जहां शिवसेना (उद्धव गुट) को अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ रही है, वहीं मनसे को भी राजनीतिक मुख्यधारा में वापसी की तलाश है। ऐसे में अगर दोनों ‘ठाकरे’ एकजुट होते हैं, तो यह न सिर्फ मराठी अस्मिता की राजनीति को मजबूती देगा, बल्कि महा विकास आघाड़ी (MVA) के समीकरणों को भी नया जीवन दे सकता है।

  • पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद का भिवंडी में प्रदर्शन

    भिवंडी | पश्चिम बंगाल में पिछले कई वर्षों से हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से भिवंडी में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन बजरंग दल के कोंकण प्रांत मंत्री संदीप भगत के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।प्रदर्शनकारियों ने भिवंडी प्रांत कार्यालय के सामने धरना देकर केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। साथ ही, वहां हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोकने की भी अपील की गई।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो बजरंग दल उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस प्रदर्शन में वैभव महाडिक, दादा गोसावी सहित कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

    मुख्य मांगें:

    >पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए
    >हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों पर तत्काल रोक लगे
    >दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए”
    यह आंदोलन सरकार और प्रशासन को एक कड़ा संदेश देता है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका विरोध पूरे देशभर में फैल सकता है।

  • “Promotion Scam in Navi Mumbai Municipal Corporation”नवी मुंबई महापालिका में पदोन्नति घोटाला: “पैसे दो, पद पाओ” का नया फॉर्मूला उजागर

    14 जूनियर इंजीनियरों से करोड़ों की वसूली का आरोप, व्हाट्सऐप चैट ने खोली पोल, एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच की मांग तेज़

    ज्योति दुबे | राष्ट्रीय स्वाभिमान
    नवी मुंबई। नवी मुंबई महापालिका में भ्रष्टाचार का एक और चौंकाने वाला चेहरा सामने आया है। इस बार मामला सिर्फ फाइलों में दबे भ्रष्टाचार का नहीं है—बल्कि यह खुलासा एक ऐसे व्हाट्सऐप चैट से हुआ है जिसने पूरे सिस्टम की सच्चाई सामने रख दी है।

    आरोप है कि 14 कनिष्ठ अभियंताओं (जूनियर इंजीनियरों) को पदोन्नति दिलवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की उगाही की गई। ये आरोप केवल हवा में नहीं हैं, बल्कि व्हाट्सऐप चैट में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है:

    “काम हो गया है, सभी लोग पैसे दें। पैसे प्रशासन विभाग में देने हैं।” इस एक लाइन ने महापालिका के प्रशासनिक तंत्र की सड़ांध को उजागर कर दिया है।

    प्रशासन विभाग के अधिकारी निशाने पर
    विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस घोटाले में प्रशासन विभाग के दो अधिकारियों और एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पदोन्नति की प्रक्रिया को कथित रूप से “बिकाऊ” बना दिया गया — जहां योग्यताओं से अधिक बोली की कीमत मायने रखती है।

    आंतरिक जांच और फॉरेंसिक एग्ज़ामिनेशन की तैयारी
    महापालिका सूत्रों के अनुसार इस घोटाले की आंतरिक जांच जल्द शुरू हो सकती है और व्हाट्सऐप चैट की फॉरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी ताकि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की पुष्टि हो सके।

    अब निगाहें महापालिका आयुक्त पर
    सवाल यह है कि क्या महापालिका आयुक्त इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करेंगे? या फिर यह मामला भी बाकी घोटालों की तरह “फाइलों में दफन” कर दिया जाएगा?

    प्रशासनिक तंत्र पर उठते सवाल
    नवी मुंबई महापालिका जैसी संस्था, जो करोड़ों के बजट और हजारों नागरिकों की ज़िम्मेदारी उठाती है, यदि इसी तरह अंदर से सड़ चुकी है, तो आम नागरिक किससे न्याय की उम्मीद करें?

    क्या सरकारी पदोन्नति अब एक व्यापार बन चुका है? क्या यह प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह पारदर्शिता सुनिश्चित करे और दोषियों को बिना देरी सजा दिलवाए?

    राष्ट्रीय स्वाभिमान की यह रिपोर्ट प्रशासन से मांग करती है कि

    >तुरंत प्रभाव से आरोपी अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

    >सीबीआई या एंटी करप्शन ब्यूरो जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।

    >जांच पूरी होने तक सभी संबंधित प्रमोशनों को स्थगित किया जाए।

    “अगर न्याय प्रणाली भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेक दे, तो लोकतंत्र की आत्मा मर जाती है।”

  • RTO & Traffic Cops Accused of Backing Illegal Truck Activity: ट्रैफिक पुलिस और RTO की मिलीभगत से चल रहा अवैध लोडिंग-अनलोडिंग का खेल,मुंबई में नियमों की उड़ रही धज्जियाँ

    मुंबई में नियमों की उड़ रही धज्जियाँ: ट्रैफिक पुलिस और RTO की मिलीभगत से चल रहा अवैध लोडिंग-अनलोडिंग का खेल?

    मुंबई | ग्रांट रोड पूर्व (डी.बी. मार्ग) — देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में कानून का मज़ाक किस हद तक उड़ाया जा रहा है, इसका ताज़ा उदाहरण ग्रांट रोड (पूर्व) स्थित डी.बी. मार्ग पर देखा जा सकता है, जहाँ BVC Logistic की 9 से 10 भारी वाहन (हैवी व्हीकल्स) रोज़ाना खुलेआम खड़े रहते हैं और लोडिंग-अनलोडिंग करते हैं।

    समाजसेवक विक्रम कांबले का कहना है कि वे 2022 से लगातार पुलिस और RTO अधिकारियों को शिकायत दे रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल झूठे आश्वासन और औपचारिक जवाब ही मिलते हैं।

    “फाइन मार दिया” – क्या ये नया लाइसेंस बन गया है नियम तोड़ने का?

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस अक्सर यही जवाब देती है — “हमने जुर्माना लगा दिया है।”
    पर सवाल उठता है कि क्या जुर्माना भरना अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की वैध अनुमति बन चुका है?

    एक नागरिक ने पूछा:

    “अगर सुबह 7 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों को लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति नहीं है, तो ये वाहन पूरे दिन सड़क पर क्यों खड़े रहते हैं? क्या यह सीधा भ्रष्टाचार नहीं है?”

    सूचना के अधिकार (RTI) ने खोली पोल:

    वरळी पुलिस स्टेशन द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दी गई जानकारी के अनुसार:

    “सुबह 7 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों को लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति नहीं है।”

    फिर भी, वास्तविकता में BVC Logistic के वाहन इस नियम की खुलेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं।

    RTO और पुलिस की चुप्पी पर सवाल:

    • क्या RTO और ट्रैफिक विभाग की मिलीभगत से यह पूरा सिस्टम चल रहा है?
    • क्या जुर्माने के नाम पर केवल औपचारिकता निभाकर बड़े लॉजिस्टिक नेटवर्क को ‘फ्री पास’ दिया जा रहा है?

    सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़:

    न केवल यह नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भारी वाहनों की यह अवैध पार्किंग पैदल यात्रियों, स्कूली बच्चों और अन्य वाहनों की आवाजाही में भी बाधा बन रही है।

    जनता की माँग:

    विक्रम कांबले और स्थानीय नागरिकों की माँग है:

    • इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
    • ट्रैफिक पुलिस और RTO अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
    • संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    क्या मुंबई प्रशासन जागेगा? या फिर यह ‘फाइन’ सिस्टम भ्रष्टाचार की नई चाभी बना रहेगा?

  • डोंबिवली को गर्व: पवन भोईर को ‘द्रोणाचार्य’, राही पाखले और आदर्श भोईर को ‘शिवछत्रपती’ पुरस्कार

    कल्याण/डोंबिवली: महाराष्ट्र राज्य के खेल क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘शिवछत्रपती पुरस्कार’ और ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’इस वर्ष डोंबिवली के नाम रहा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे शहर को गर्व से भर दिया है। डोंबिवली के तीन होनहारों ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सम्मान अर्जित किया है। इनका सम्मान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और डोंबिवली के विधायक रविंद्र चव्हाण ने किया, जिन्होंने इसे “डोंबिवली का गौरवमयी क्षण” बताया।

    समर्पण का प्रतीक: पवन मुकुंद भोईर को ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’
    भोईर जिमखाना के संस्थापक और विख्यात जिम्नास्टिक कोच पवन मुकुंद भोईर को जिम्नास्टिक में उनके वर्षों के समर्पण और उत्कृष्ट कोचिंग के लिए ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान उन प्रशिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने खिलाड़ियों के जीवन में परिवर्तन लाने और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।

    होनहार शिष्य: राही पाखले और आदर्श भोईर को ‘शिवछत्रपती पुरस्कार’
    पवन भोईर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित दो युवा जिमनास्ट — राही नितीन पाखले और आदर्श अनिल भोईर — को ‘शिवछत्रपती पुरस्कार’ के लिए चुना गया है। ये दोनों खिलाड़ी जिम्नास्टिक के ट्रॅम्पोलीन इवेंट में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए यह सम्मान प्राप्त करेंगे।

    यह पुरस्कार वितरण समारोह 18 अप्रैल को पुणे के म्हाळुंगे-बालेवाडी क्रीड़ा संकुल में आयोजित होगा, जहाँ माननीय राज्यपाल के करकमलों से पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

    सम्मान और भावना से भरा क्षण
    इस गौरवपूर्ण क्षण को और खास बनाते हुए रविंद्र चव्हाण स्वयं पवन भोईर के निवास स्थान पहुँचे और उन्हें तथा उनके शिष्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि डोंबिवली की खेल संस्कृति की जीत है। यह हमारे संस्कारों की पहचान है।” चव्हाण ने भावुक होते हुए स्वर्गीय सुरेंद्र वाजपेयी सर को भी याद किया, जिन्होंने डोंबिवली में खेल संस्कृति की नींव रखी थी। उन्होंने कहा, “वाजपेयी सर ने सपना देखा था कि हमारे समाज से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलें। आज पवन भोईर और उनके शिष्य उस सपने को साकार कर रहे हैं।”
    पुरस्कार से सम्मानित हो रहे तीनों प्रतिभागियों के परिवारों ने इसे “भावुक और अविस्मरणीय क्षण” बताया। वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का फल अब मिल रहा है। राही पाखले और आदर्श भोईर जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत है।

    “माझे डोंबिवलीकर, माझा अभिमान!”
    अंत में विधायक चव्हाण ने अपने अभिवादन में गर्व से दोहराया कि “माझे डोंबिवलीकर, माझा अभिमान!”, उन्होंने सरकार और समाज से अपील की कि वे ऐसे होनहार खिलाड़ियों के पीछे मजबूती से खड़े रहें। यह सम्मान सिर्फ तीन व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे डोंबिवली का है कि एक ऐसा शहर जहाँ खेल सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक संस्कार है।