Tag: Business news

  • RBI Warning: पश्चिम एशिया संकट और महंगे कच्चे तेल से भारत की विकास दर व महंगाई पर खतरा!

    RBI Warning: पश्चिम एशिया संकट और महंगे कच्चे तेल से भारत की विकास दर व महंगाई पर खतरा!

    RBI Warning: Reserve Bank of India ने शुक्रवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। आरबीआई के अनुसार, इन परिस्थितियों का असर आर्थिक विकास दर और महंगाई दोनों पर पड़ने की आशंका है।

    रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं, वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और मौसम से जुड़ी चिंताएं निकट भविष्य में आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में अनिश्चितता भी चिंता का विषय बनी हुई है।

    केंद्रीय बैंक ने चेतावनी दी कि इन परिस्थितियों का असर कॉर्पोरेट आय और बैंकों के ऋण पोर्टफोलियो पर भी पड़ सकता है। हालांकि आरबीआई ने यह भी कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली की स्थिति मजबूत बनी हुई है और देश की वित्तीय व्यवस्था प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है।

    संबंधित ख़बरें: IndiGo Q4 Results: इंडिगो को चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का भारी नुकसान!

    रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय पर लगातार जोर, कॉर्पोरेट और बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट तथा प्रमुख देशों के साथ व्यापार समझौते निवेश और विकास को समर्थन देंगे।

    आरबीआई ने यह भी कहा कि सरकार की राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की प्रतिबद्धता और केंद्रीय बैंक के तरलता बढ़ाने के कदम बॉन्ड यील्ड पर दबाव कम करने में मददगार साबित होंगे।

    हाल ही में Nirmala Sitharaman ने भी कहा था कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल, उर्वरक और सोने की कीमतों में तेजी से भारत के विदेशी मुद्रा व्यय पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन जरूरी आयातों का भुगतान विदेशी मुद्रा में करना पड़ता है, जिससे आर्थिक चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।

  • IndiGo Q4 Results: इंडिगो को चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का भारी नुकसान!

    IndiGo Q4 Results: इंडिगो को चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का भारी नुकसान!

    IndiGo Q4 Results: देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी IndiGo को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि विदेशी मुद्रा प्रभाव और विशेष मदों को हटाने पर कंपनी ने लाभ दर्ज किया है।

    प्रमुख एयरलाइन कंपनी IndiGo ने शुक्रवार को अपने चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी को समेकित आधार पर 2,537 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कंपनी के निदेशक मंडल ने बैठक में इन परिणामों को मंजूरी दी।

    हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि विदेशी मुद्रा विनिमय प्रभाव और विशेष मदों को अलग कर दिया जाए, तो चौथी तिमाही में उसे 1,921 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है।

    पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में इंडिगो को 3,068 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। वहीं विशेष मदों और मुद्रा विनिमय प्रभाव को हटाने पर लाभ 2,981 करोड़ रुपये रहा था।

    संबंधित ख़बरें: Weak Monsoon Forecast Hits Market: कमजोर मानसून की आशंका से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1092 अंक टूटा!

    कंपनी के अनुसार, मार्च महीने में पश्चिम एशिया संकट के कारण विमान सेवाओं पर असर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उसकी उपलब्ध क्षमता में सालाना 3.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़कर 43.6 अरब सीट-किलोमीटर तक पहुंच गई।

    हालांकि यात्रियों की संख्या में 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 3.16 करोड़ रह गई। दूसरी ओर परिचालन से मिलने वाला राजस्व 1.3 प्रतिशत बढ़कर 22,438 करोड़ रुपये पहुंच गया।

    कंपनी ने बताया कि विमान ईंधन की औसत लागत सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत घटकर 1.53 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति सीट रही, जबकि अन्य परिचालन खर्च 7.3 प्रतिशत बढ़ गए। प्रति सीट प्रति किलोमीटर कमाई में भी 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इंडिगो को 2,394 करोड़ रुपये का कुल नुकसान हुआ। हालांकि विशेष मदों और विदेशी मुद्रा प्रभाव को हटाने पर कंपनी ने 7,503 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक Rahul Bhatia ने कहा कि बीता वित्त वर्ष एयरलाइन उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जिससे मुनाफे पर असर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहा और कुल आय में छह प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

  • NTPC’s Q4 Profit: एनटीपीसी का चौथी तिमाही का मुनाफा 34 प्रतिशत बढ़कर 10,615 करोड़ पर!

    NTPC’s Q4 Profit: एनटीपीसी का चौथी तिमाही का मुनाफा 34 प्रतिशत बढ़कर 10,615 करोड़ पर!

    NTPC’s Q4 Profit: सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में समेकित आधार पर 10,615 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जो सालाना आधार पर 34 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के निदेशक मंडल की शनिवार को हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी।

    संबंधित खबरें: India-Canada Trade Agreement: व्यापार समझौते को लेकर भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगी बातचीत!

    एकल आधार पर एनटीपीसी को चौथी तिमाही में 8,747 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ जो सालाना 15 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। सहयोगी कंपनियों से मुनाफे में हिस्सेदारी 870 रुपये रही जबकि संयुक्त उद्यमों से प्राप्त हिस्सेदारी 1,194 करोड़ रुपये रही

    तिमाही में कंपनी का एकल परिचालन राजस्व 43,904 करोड़ रुपये से घटकर 43,111 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एनटीपीसी का एकल शुद्ध मुनाफा 23,162 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 19,649 करोड़ रुपये था। हालांकि इस दौरान परिचालन राजस्व 1,70,037 करोड़ रुपये से घटकर 1,65,494 करोड़ रुपये रहा गया।

  • India-Canada Trade Agreement: व्यापार समझौते को लेकर भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगी बातचीत!

    India-Canada Trade Agreement: व्यापार समझौते को लेकर भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगी बातचीत!

    India-Canada Trade Agreement: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल देश के व्यापार और उद्योग जगत के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को कनाडा की यात्रा के लिए प्रस्थान कर रहे हैं और इस दौरान वहां अपने समकक्ष वाणिज्य मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ बैठक और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी मिलेंगे।

    गोयल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत कहा कि उनके साथ कनाडा जा रहे व्यावसायिक शिष्टमंडल में करीब स्थानीय व्यापार एवं उद्योग जगत के करीब 150 प्रतिनिधि शामिल हैं। गोयल ने कहा कि इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री श्री कार्नी से भी मुलकात होगी जिन्होंने इस यात्रा को विशेष महत्व देते हुए इस मुलाकात के लिए समय रखा है।

    गोयल ने उम्मीद जतायी कि इस यात्रा से भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सेपा) के लिए चल रही वार्ता को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार को पांच साल में सालाना 50 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर ले जाने का लक्ष्य है। कनाडा को भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार और निवेश का स्रोत बताते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे के पूरक है।

    संबंधित खबरें: Bhavya Scheme Guidelines: केंद्र सरकार की ‘भव्य’ योजना को मिली रफ्तार, 50 इंडस्ट्रियल पार्क पर फोकस!

    कनाडा खनिज ईंधन और यूरेनियम का प्रमुख उत्पादक देश है और उन्नत प्रौद्योगिकी और निवेश का स्रोत रहा है। वहां की 600 कंपनियां भारत में काम कर रही है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत कौशल और प्रतिभाओं का प्रमुख स्रोत है। इस तरह दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे की पूरक हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा के दौरान 25 मई को ओटावा में बैठकें होंगी और 26 से 27 मई तक टोरंटो में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    यह यात्रा मार्च में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों द्वारा दिए गए निर्देशों को आगे बढ़ाती है। इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति प्रदान करना है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु सेपा पर चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाना है। इस समझौते के लिए ‘नियम और शर्तें’ मार्च में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित की गई थीं।

    वार्ताओं का पहला दौर मार्च में वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था, और दूसरा दौर 8 मई को संपन्न हुआ। इस यात्रा के दौरान, 25 से 29 मई तक ओटावा में वार्ताओं का एक और दौर आयोजित किया जाएगा। दोनों पक्ष 2026 के अंत तक एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी सीईपीए को शीघ्रता से अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर था। दोनों पक्षों का माना है कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

  • Bhavya Scheme Guidelines: केंद्र सरकार की ‘भव्य’ योजना को मिली रफ्तार, 50 इंडस्ट्रियल पार्क पर फोकस!

    Bhavya Scheme Guidelines: केंद्र सरकार की ‘भव्य’ योजना को मिली रफ्तार, 50 इंडस्ट्रियल पार्क पर फोकस!

    Bhavya Scheme Guidelines: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने देशभर में निवेश-तैयार एवं विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए मार्च में मंजूर ‘भव्य’ योजना के कार्यान्वयन हेतु विस्तृत परिचालन दिशा-निर्देश जारी किए कर दिये हैं और चार महीने में 50 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव को मंजूरी देने का लक्ष्य है।

    इस योजना के तहत पूरे देश में 100 औद्योगिक पार्कों की स्थापना का लक्ष्य है जो 100 एकड़ से 1000 एकड़ तक के हो सकते हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्यों में हम 25 एकड़ के पार्क को भी मंजूरी दे सकते हैं। दिशानिर्देशों के तहत केंद्र सरकार भव्य के तहत राज्यों को प्रति पार्क प्रति एकड़ जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए एक करोड़ रुपये या जमीन की प्रति एकड़ बाजार दर में से जो भी कम होगा, उसके बाराबर सहायता देगी।

    मंत्रिमंडल की मंजूरी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों की अवधि में 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए लगभग 33,660 करोड़ रुपये का कुल वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। पहले चरण में राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा के आधार पर चयन प्रक्रिया के माध्यम से 50 तक औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक पार्क के लिए राज्यों को विशेष प्रयोजन इकाई का गठन करना होगा जो इन औद्योगिक पट्टियों में बुनियादी सुविधाओं का प्रबंधन करेगी।

    गोयल ने कहा, ‘सरकार इस योजना को लेकर कितनी सक्रियता से काम कर रही है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी गत 18 मार्च को मिली थी और इसे अप्रैल में अधिसूचित कर दिया गया था। अब इसके दिशा निर्देश जारी कर दिये गये हैं तथा चार महीने में 50 औद्योगिक पार्क मंजूर करने की तैयारी है।’

    संबंधित खबरें: Railway Minister Ashwini Vaishnaw: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जालोर–दिल्ली नई रेल सेवा को दिखाई हरी झंडी!

    गोयल ने कहा कि इस चार महीने को भी दो भागों में बांट दिया गया है और पहले दो महीनों में 20 पार्क मंजूर कर दिये जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की सरकारें इस योजना के लिए प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत कर सकती है।

    उन्होंने बताया कि भव्य योजना का उद्देश्य “मेक इन इंडिया”, “पीएम गति शक्ति” तथा भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनाने की सरकार की व्यापक दृष्टि के अनुरूप एकीकृत औद्योगिक अवसंरचना का विकास कर भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।

    भव्य के लिए जारी दिशा-निर्देशों में पार्कों की पात्रता के मानदंड, परियोजना की चयन प्रक्रिया, वित्तपोषण संरचना, प्रशासनिक ढांचा, निगरानी प्रणाली तथा कार्यान्वयन व्यवस्था सहित विस्तृत रूपरेखा प्रदान की गई है।

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य “निवेश-तैयार” औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिसमें प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, विश्वसनीय उपयोगिता सेवाएं, श्रमिक सहायता अवसंरचना, डिजिटल शासन प्रणाली तथा सतत विकास संबंधी सुविधाएं शामिल होंगी।

    दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्रीनफील्ड तथा पात्र ब्राउनफील्ड औद्योगिक पार्कों दोनों का विकास किया जा सकेगा। गैर-पहाड़ी राज्यों के लिए न्यूनतम 100 एकड़ भूमि तथा पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों के लिए न्यूनतम 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है। योजना के अंतर्गत 1000 एकड़ तक के बड़े औद्योगिक पार्कों पर भी विचार किया जा सकेगा।

    चुनौती-आधारित चयन प्रक्रिया के तहत प्रस्तावों का मूल्यांकन मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, स्थल की उपयुक्तता, अवसंरचना की गुणवत्ता, औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती, नीतिगत सुविधा, डिजिटल शासन की तैयारी तथा दीर्घकालिक स्थिरता जैसे वस्तुनिष्ठ मानकों के आधार पर किया जाएगा।

    दिशा-निर्देशों में भूमिगत उपयोगिता प्रणाली, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट सिस्टम, नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना, श्रमिक आवास, परीक्षण प्रयोगशालाएं, डिजिटल सिंगल-विंडो प्रणाली, कौशल विकास सुविधाएं तथा एकीकृत साझा अवसंरचना जैसे घटकों की गुणवत्ता के मूल्यांकन का भी प्रावधान किया गया है।

    योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का कार्यान्वयन कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत गठित एसपीवी के माध्यम से किया जाएगा। ये एसपीवी परियोजना की योजना, विकास, संचालन, प्रबंधन, निवेशक सुविधा तथा दीर्घकालिक रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगी।

    राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम (एनआईसीडीसी) को योजना के कार्यान्वयन एवं निगरानी के लिए परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) नियुक्त किया गया है। दिशा-निर्देशों में निजी डेवलपर्स की भागीदारी हेतु परियोजना-विशिष्ट एसपीवी के माध्यम से औद्योगिक पार्क विकास का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें स्पष्ट प्रशासनिक ढांचा, पारदर्शिता सुरक्षा उपाय और जवाबदेही तंत्र निर्धारित किए गए हैं।

    योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देशों में जीआईएस-आधारित निगरानी प्रणाली, समय-समय पर प्रगति रिपोर्टिंग, ऑडिट व्यवस्था तथा डीपीआईआईटी सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय स्तरीय संचालन समिति द्वारा निगरानी का प्रावधान शामिल किया गया है। योजना के दिशा-निर्देशों में लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, उपयोगिता अवसंरचना तथा औद्योगिक विकास से संबंधित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ समन्वय का भी प्रावधान किया गया है।

  • India-Cyprus Agreement: भारत और साइप्रस ने रक्षा, साइबर सुरक्षा सहित छह क्षेत्रों में समझौते किये, आठ घोषणाएं भी की!

    India-Cyprus Agreement: भारत और साइप्रस ने रक्षा, साइबर सुरक्षा सहित छह क्षेत्रों में समझौते किये, आठ घोषणाएं भी की!

    India-Cyprus Agreement: भारत और साइप्रस ने द्विपक्षीय संबंधों को “रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत करने के साथ-साथ रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और समुद्री सहयोग समेत छह क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किये और संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में आठ घोषणाएं भी की। भारत की तीन दिन की यात्रा पर आये साइप्रस के राष्ट्रपति महामहिम निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ शुक्रवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विवपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

    विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच जिन छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए उनमें आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह की स्थापना, वर्ष 2026-2031 के लिए रक्षा सहयोग रोडमैप, साइप्रस के अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल नीति उप मंत्रालय तथा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग संबंधी समझौता शामिल है।

    संबंधित खबरें: UP Scorching Heat: यूपी में तपिश से बेहाल लोग, ‘लू’ का खतरा अभी बरकरार!

    भारत और साइप्रस ने साइबर सुरक्षा संवाद और कांसुलर संवाद शुरू करने पर भी सहमति जताई, जबकि साइप्रस के लारनाका संयुक्त बचाव समन्वय केंद्र और भारत के रक्षा मंत्रालय के बीच खोज एवं बचाव सहयोग को लेकर तकनीकी व्यवस्था पर भी हस्ताक्षर किये गये। यात्रा के दौरान कूटनीतिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान, तथा वर्ष 2026-2030 के लिए सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े समझौते भी किए गए।

    एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक कदम के तहत साइप्रस ने “व्यापार, संपर्क और समुद्री परिवहन” स्तंभ के अंतर्गत भारत की हिन्द प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की घोषणा की। भारत ने साइप्रस को “भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग, हित एवं मैत्री (भीष्म) क्यूब” उपहार स्वरूप देने की घोषणा की। दोनों देशों ने 18 मई को पहली बार “भारत-साइप्रस अंतरिक्ष दिवस” मनाकर अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को भी रेखांकित किया।

    इसके साथ ही साइप्रस ने व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में “साइप्रस ट्रेड सेंटर” खोलने की मंशा जाहिर की। राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स की इस यात्रा को भारत और साइप्रस के बीच रणनीतिक, प्रौद्योगिकी और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

  • Modi-Christodoulides Meeting: मोदी के साथ कल वार्ता करेंगे साइप्रस के राष्ट्रपति, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर होगी बात!

    Modi-Christodoulides Meeting: मोदी के साथ कल वार्ता करेंगे साइप्रस के राष्ट्रपति, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर होगी बात!

    Modi-Christodoulides Meeting: तीन दिन की भारत यात्रा पर आए साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस गुरुवार शाम मुंबई से नई दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है और शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी।

    राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इसमें विदेश मंत्री डॉ. कॉन्स्टैन्टिनोस कॉम्बोस, परिवहन, संचार और निर्माण मंत्री एलेक्सिस वाफेयाडेस, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं। राष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है।

    यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15-16 जून 2025 की साइप्रस यात्रा के लगभग एक वर्ष बाद हो रहा है। वह यात्रा दो दशकों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा थी। यूरोपीय संघ परिषद की साइप्रस की मौजूदा अध्यक्षता के कारण यह यात्रा और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    संबंधित ख़बरें: NEET Controversy: विवाद पर संसदीय समिति सख्त, एनटीए अधिकारियों से पूछे गए तीखे सवाल!

    यात्रा के दौरान दोनों नेता व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति, रक्षा, सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अतिथि के सम्मान में भोज का आयोजन करेंगे।

    साइप्रस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे, जो उनके सम्मान में राजकीय भोज देंगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस से भेंट करेंगे। भारत और साइप्रस के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद संबंध रहे हैं। दोनों देश अगले वर्ष 10 फरवरी को राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएंगे।

  • Indo National Limited: इंडो नेशनल ने प्रीमियम बैटरी बाजार में उतारी ‘निप्पो ठौर मैक्स’!

    Indo National Limited: इंडो नेशनल ने प्रीमियम बैटरी बाजार में उतारी ‘निप्पो ठौर मैक्स’!

    Indo National Limited: इंडो नेशनल लिमिटेड ने अपनी प्रमुख ब्रांड निप्पो के तहत नई प्रीमियम अल्कलाइन बैटरी निप्पो ठौर मैक्स लॉन्च की है। कंपनी ने इसे प्रीमियम बैटरी सेगमेंट में अपनी रणनीतिक एंट्री बताया है। यह बैटरी खास तौर पर हाई-ड्रेन डिवाइसेस जैसे गेमिंग कंट्रोलर्स, स्मार्ट होम डिवाइसेस, खिलौनों और वायरलेस एक्सेसरीज़ के लिए तैयार की गई है।

    संबंधित ख़बरें: Kia India: किआ इंडिया बनी टेनिस प्रीमियर लीग की एक्सक्लूसिव स्पॉन्सर!

    नई ठौर मैक्स अत्याधुनिक केओएच तकनीक से विकसित की गई है और कंपनी का दावा है कि यह प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक लंबा प्रदर्शन देती है। साथ ही इसमें 10 वर्षों की शेल्फ लाइफ दी गई है, जिससे यह लंबे समय तक उपयोग के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। कंपनी ने इसे “भारत की सबसे शक्तिशाली अल्कलाइन बैटरी” के रूप में पेश किया है।

    इंडो नेशनल लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार बीवीएस ने कहा कि ठौर मैक्स का लॉन्च कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की जरूरतें तेजी से हाई-परफॉर्मेंस डिवाइसेस की ओर बढ़ रही हैं, ऐसे में अधिक शक्तिशाली और भरोसेमंद ऊर्जा समाधान की मांग बढ़ी है। ठौर मैक्स के जरिए कंपनी केवल प्रीमियम अल्कलाइन सेगमेंट में प्रवेश नहीं कर रही, बल्कि तकनीक आधारित नई पहचान भी बना रही है।

  • Kia India: किआ इंडिया बनी टेनिस प्रीमियर लीग की एक्सक्लूसिव स्पॉन्सर!

    Kia India: किआ इंडिया बनी टेनिस प्रीमियर लीग की एक्सक्लूसिव स्पॉन्सर!

    Kia India: किआ इंडिया ने टेनिस प्रीमियर लीग (टीपीएल) के साथ तीन साल की बड़ी साझेदारी की घोषणा की है। इस समझौते के तहत कंपनी लीग की एक्सक्लूसिव स्पॉन्सर बनेगी और सभी आठ फ्रेंचाइजी टीमों की जर्सी के फ्रंट पर उसका लोगो दिखाई देगा। यह साझेदारी भारतीय टेनिस के जमीनी ढांचे को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

    टीपीएल के ऐप, टूर्नामेंट और जमीनी स्तर की पहलों में भी किआ इंडिया सक्रिय भागीदारी निभाएगी। लीग की “रेस टू गोल्ड स्कॉलरशिप” योजना के जरिए पिछले दो वर्षों में 80 से अधिक युवा खिलाड़ियों को सहयोग दिया गया है। अब इस साझेदारी के बाद अगले वर्षों में 120 से ज्यादा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 2036 ओलंपिक के लिए मजबूत भारतीय टेनिस खिलाड़ी विकसित किए जा सकें।

    संबंधित ख़बरें: Mukesh Sarwan’s Appeal: मुकेश सारवान की मनपा से अपील; सफाई कर्मचारियों के लिए बनाई गई योजनाओं को अपनाए!

    अतुल सूद ने कहा कि खेल लोगों की आकांक्षाओं को प्रेरित करते हैं और टेनिस की युवा ऊर्जा व वैश्विक पहचान किआ इंडिया की ब्रांड सोच से मेल खाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी देश में टेनिस को नई पीढ़ी के बीच अधिक लोकप्रिय बनाएगी।

    कुनाल ठक्कर और मृणाल जैन ने कहा कि किआ इंडिया जैसे वैश्विक ब्रांड के साथ जुड़ना टीपीएल के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिससे भारतीय टेनिस के भविष्य को नई दिशा मिलेगी। भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कहा कि टीपीएल ने जमीनी स्तर से पेशेवर मंच तक खिलाड़ियों को अवसर देने का मजबूत मंच बनाया है और इस तरह की साझेदारियां भारतीय टेनिस के भविष्य को नई मजबूती देंगी।

  • Amazon India Mini Electric Trucks: अमेजॉन इंडिया परिवहन के काम में जोड़ेगी 1000 मिनी इलेक्ट्रिक ट्रक!

    Amazon India Mini Electric Trucks: अमेजॉन इंडिया परिवहन के काम में जोड़ेगी 1000 मिनी इलेक्ट्रिक ट्रक!

    Amazon India: ऑनलाइन बाजार मंच कंपनी अमेजॉन इंडिया ने अपने परिचालन में विद्युत बैटरी चालित ट्रकों का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए वोल्वो-आयशर कामर्शियल वेहिकल्स (वीईसीवी) के आयशर ट्रक्स एंड बसेज डिवीजन के साथ मिलकर विकसित लगभग 1,000 इलेक्ट्रिक ट्रक लगाने की घोषणा की है।

    अमेजॉन इंडिया की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इससे कंपनी की परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण की दृष्टि से स्वस्थ बनाने के प्रयास में मदद मिलेगी। इसके लिए वीईसीवी ने आयशर प्रो- एक्स नाम से छोटा ट्रक विकसित किया है। कंपनी ने कहा है कि 2028 तक उसके बेड़े में ऐसे वाहनों की संख्या बढ़ कर 1,000 से ज़्यादा हो जाएगी। इन ट्रकों से अलग अलग केंद्रो पर दैनिक 100–180 कि.मी. तक माल लाने लेजाने का काम किया जाएगा। इनकी बैटरी लगभग 50 मिनट में चार्ज की जा सकेगी।

    संबंधित ख़बरें: Piyush Goyal: निर्यात में वृद्धि आत्मनिर्भरता की पहचान, पांच साल में सालाना 2000 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य!

    कंपनी ने इसकी शुरुआत दिल्ली-आस पास, बेंगलुरु और मुंबई से शुरू करेगी और 100 शहरों तक ले जाएगी। अमेजॉन इंडिया और आस्ट्रेलिया के परिचालन के प्रभारी उपाध्यक्ष (वीपी) अभिनव सिंह ने कहा, “हमने हमेशा अपने कारोबार को पारिस्थितिकी के हिसाब से अधिक स्वस्थ बनाने पर ध्यान दिया है और अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल का लगातार विस्तार किया है, जिसके तहत पूरे भारत में पहले ही 12,000 से ज़्यादा ईवी तैनात की जा चुकी हैं।

    लगभग 1,000 खास तौर पर बनाए गए वोल्वो-आयशर इलेक्ट्रिक ट्रक तैनात करने की हमारी योजना इसी दिशा में उठाया गया एक और कदम है।” वीईसीवी के मुख्य वाणिज्य अधिकारी एसएस गिल ने कहा,”आयशर प्रो एक्स इलेक्ट्रिक छोटा ट्रक अमेजॉन की ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स ऑपरेशन्स की खास ज़रूरतों को पूरा करने पर खास ध्यान देते हुए बनाया गया है।” दोनों कंपनियां ऐसे ट्रक बनाने के लिए 2022 से साथ मिलकर काम कर रही हैं।