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  • Rahul Gandhi का केंद्र पर हमला: ‘NEET से CUET तक, कोई परीक्षा ईमानदारी से नहीं हुई’

    Rahul Gandhi का केंद्र पर हमला: ‘NEET से CUET तक, कोई परीक्षा ईमानदारी से नहीं हुई’

    CUET-UG 2026 परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी के बाद कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि NEET, SSC, CBSE और अब CUET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, छात्रों को हर साल नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के अपने दावों पर खरी नहीं उतर रही है।

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    उन्होंने कहा कि लाखों छात्र कठिन मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन तकनीकी खामियों, पेपर लीक और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी घटनाएं उनके सपनों को प्रभावित करती हैं। राहुल गांधी ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए और छात्रों को होने वाली परेशानियों को गंभीरता से लिया जाए।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब CUET-UG 2026 के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा प्रभावित हुई। NTA ने स्वीकार किया कि कुछ केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी हुई थी और प्रभावित छात्रों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    विपक्षी दलों का आरोप है कि लगातार सामने आ रही परीक्षागत समस्याएं शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं। वहीं, सरकार और NTA का कहना है कि प्रभावित छात्रों को पूरा अवसर दिया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • CUET-UG CANCELLED: CUET-UG एग्जाम में सर्वर फेल, NTA ने प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम का किया ऐलान!

    CUET-UG CANCELLED: CUET-UG एग्जाम में सर्वर फेल, NTA ने प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम का किया ऐलान!

    CUET-UG Cancelled: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल CUET-UG 2026 एक बार फिर विवादों में आ गई है। शुक्रवार को देशभर के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा प्रभावित हुई, जिससे हजारों छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी, जबकि कुछ जगहों पर छात्रों को घंटों इंतजार करने के बाद बिना परीक्षा दिए वापस भेज दिया गया।

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA ने स्वीकार किया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TCS की ओर से तकनीकी समस्या सामने आई थी, जिसके कारण परीक्षा प्रक्रिया बाधित हुई। एजेंसी ने कहा कि समस्या को बाद में ठीक कर लिया गया, लेकिन तब तक कई केंद्रों पर अव्यवस्था फैल चुकी थी।

    छात्रों के अनुसार सुबह से ही सर्वर डाउन, लॉगिन फेल और प्रश्नपत्र डाउनलोड न होने जैसी समस्याएं सामने आने लगी थीं। नोएडा समेत कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों को घंटों बैठाकर रखा गया और बाद में उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि आगे की जानकारी NTA द्वारा दी जाएगी।

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    तकनीकी गड़बड़ी के कारण NTA को दोपहर की परीक्षा का समय भी बदलना पड़ा। एजेंसी ने प्रभावित छात्रों को पूरा परीक्षा समय देने का आश्वासन दिया और बाद में कहा कि जिन उम्मीदवारों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। लगभग 3,700 प्रभावित छात्रों को री-एग्जाम का मौका दिया जाएगा।

    इस घटना के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार और NTA पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने कहा कि NEET, SSC, CBSE और अब CUET जैसी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। परीक्षा केंद्रों पर मौजूद छात्रों और अभिभावकों ने भी अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।

    कई छात्रों ने बताया कि उन्हें पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा संबंधी स्पष्ट जानकारी तक नहीं मिली। फिलहाल NTA ने प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा का मौका देने का आश्वासन दिया है और नई तारीख जल्द घोषित करने की बात कही है। हालांकि, लगातार सामने आ रही तकनीकी और प्रशासनिक खामियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • Rajasthan Illegal Water Connection: अवैध जल कनेक्शन रोकने गए कनिष्ठ अभियंता से हाथापाई!

    Rajasthan Illegal Water Connection: अवैध जल कनेक्शन रोकने गए कनिष्ठ अभियंता से हाथापाई!

    Rajasthan Illegal Water Connection: राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर में एक कबाड स्टोर के मालिक और उसके साथियों द्वारा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के कनिष्ठ अभियंता और उनके साथ आए कर्मचारियों से हाथापाई, मारपीट करने का मामला सामने आया है।

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    पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कनिष्ठ अभियंता हेमराज बरोलिया (29) की शिकायत के आधार पर गौशाला के नजदीक जयदेव कबाड स्टोर के मालिक और उसके चार-पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप भी लगाया गया है।

    रिपोर्ट में हेमराज ने बताया है कि वह उक्त कबाड़ स्टोर का निरीक्षण करने के लिए गया था। कबाड स्टोर के मालिक ने सरकारी पाइप लाइन में अपने स्तर पर अवैध/अनियमित आकार का जल कनेक्शन किया जा रहा था। उसे जब घरेलू जल कनेक्शन को व्यावसायिक जल कनेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने से रोका गया तो उसने और उसके चार-पांच साथियों ने हाथापाई और मारपीट की।

  • Chhattisgarh Strict Guidelines: छत्तीसगढ़ में बकरीद पर सख्त गाइडलाइन लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश!

    Chhattisgarh Strict Guidelines: छत्तीसगढ़ में बकरीद पर सख्त गाइडलाइन लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश!

    Chhattisgarh Strict Guidelines: छत्तीसगढ़ में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को लेकर प्रशासन और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से राज्यभर में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसकी जानकारी बुधवार को मीडिया को दी गयी। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देश के तहत खुले स्थानों पर कुर्बानी, निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि में डीजे संचालन तथा नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    वक्फ बोर्ड के निर्देशानुसार सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, मैदानों और खुले क्षेत्रों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस अथवा निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था स्वच्छता बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके लिए नगर निगमों को विशेष सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि पिछले वर्ष से ही नमाज शिफ्ट के आधार पर अदा कराई जा रही है। उन्होंने कहा, “वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है। छत्तीसगढ़ में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जा रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

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    डॉ. राज के अनुसार डीजे और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर निगरानी रखी जाएगी तथा निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज सुबह छह बजे से 11 बजे के बीच विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि समय निर्धारण से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा होगी।

    इस बीच रायगढ़ जिले में बकरीद को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक से डेढ़ लाख रुपए तक कीमत वाले बकरों की खरीदारी की है। पंजाब, ओडिशा और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में बकरे मंगाए गए हैं। बीड़पारा निवासी शानू खान ने बताया कि उन्होंने लगभग छह महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का महंगा बकरा मंगाया था। उन्होंने कहा कि उनके पास अन्य बड़े नस्ल के बकरे भी हैं, जिनकी विशेष देखभाल की जा रही है।

    गर्मी को देखते हुए बकरों के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है तथा उन्हें हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा दिया जा रहा है। वहीं बीड़पारा के फैज अहमद ने बताया कि वे ओडिशा से बड़े नस्ल के बकरे लेकर आए हैं, जिनमें दो बकरों की कीमत लगभग 55 से 60 हजार रुपए है। उन्होंने कहा कि इन बकरों की विशेष देखरेख की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में 20 से 30 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक कीमत वाले बकरों की खरीदारी हुई है और त्योहार नजदीक आने के साथ ही आसपास के इलाकों से बकरों की खरीद अभी भी जारी है।

  • Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप!

    Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप!

    Uproar at BHU’s Dalmia Hostel: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डालमिया छात्रावास में बुधवार को मेस की सब्जी में छिपकली मिलने से छात्रों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    छात्रों का आरोप है कि मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सब्जी में छिपकली मिलने की सूचना के बाद कई छात्र मानसिक रूप से परेशान दिखाई दिए और उन्होंने मेस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

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    छात्रों ने कहा कि छात्रावास में केवल भोजन की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि पानी की आपूर्ति की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि मेस में इस्तेमाल किया गया तेल बार-बार प्रयोग किया जाता है, बर्तनों की ठीक से सफाई नहीं होती और शौचालयों की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है।

    घटना की सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और छात्रावास के वार्डन मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का प्रयास करते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या होती है तो तत्काल सूचना दी जाए, ताकि आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

  • Tasleem Merchant Case: राष्ट्रीय स्वाभिमान में प्रकाशित खबर का हुआ असर; तसलीम मर्चेंट केस पर हुआ बड़ा खुलासा!

    Tasleem Merchant Case: राष्ट्रीय स्वाभिमान में प्रकाशित खबर का हुआ असर; तसलीम मर्चेंट केस पर हुआ बड़ा खुलासा!

    Tasleem Merchant Case: मुंब्रा 24 मई 2026 को राष्ट्रीय स्वाभिमान में प्रकाशित खबर के बाद मामले की गंभीरता और विभिन्न दावों की सत्यता को समझने के उद्देश्य से तसलीम मर्चेंट द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की कड़ियों की पड़ताल की गई। इसी क्रम में तसलीम मर्चेंट द्वारा मुंब्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0688/2026 के जांच अधिकारी (I.O.) विनायक शामराव माने से मुलाकात कर मामले के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली गई।

    मुंब्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0688/2026 को लेकर सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में चल रही चर्चाओं के बीच मुंब्रा पुलिस ने मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि तसलीम मर्चेंट द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत तथा नदीम मर्चेंट उर्फ ‘नदीम चिकना’ की गिरफ्तारी, दोनों अलग-अलग कानूनी मामले हैं और इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

    जांच अधिकारी विनायक शामराव माने के अनुसार, तसलीम मर्चेंट की शिकायत पर मुंब्रा पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्रमांक 0688/2026 दर्ज की गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 79, 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मामले में नामजद सना मेमन को नियमानुसार नोटिस जारी किया जा चुका है तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट माध्यमों में तसलीम मर्चेंट द्वारा लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि जांच अभी जारी है। I.O. माने के अनुसार, किसी भी मामले में जांच पूरी होने से पहले आरोपों को सिद्ध नहीं माना जा सकता और पुलिस को कानून व प्रक्रिया के दायरे में रहकर ही कार्य करना पड़ता है। इसी बीच, मुंब्रा पुलिस ने स्पष्ट किया कि नदीम मर्चेंट उर्फ ‘नदीम चिकना’ को एक अलग आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया है।

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    पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 69/2026 दर्ज है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(2), 311, 206(5), 304(1), 352 और 351 के तहत मामला दर्ज है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 19 मई 2026 को मुंब्रा के दरगाह रोड क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए API तेजस सावंत और उनकी टीम ने नदीम मर्चेंट उर्फ ‘नदीम चिकना’ को हिरासत में लिया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी दी गई। पूछताछ के उपरांत आरोपी को पुनः अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत (जेल कस्टडी) में भेज दिया गया। I.O. माने ने कहा कि यदि किसी आरोपी को किसी अन्य मामले में हिरासत में लिया जाता है, तो उससे जुड़े अन्य मामलों और शिकायतों पर भी पुलिस की नजर रहती है, लेकिन हर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया, उपलब्ध साक्ष्य और अधिकार क्षेत्र के अनुसार ही की जाती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के कार्य की एक विधिक सीमा होती है और जांच के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य है। मुंब्रा पुलिस ने पुलिस विभाग में शिकायत दर्ज कराने वाले सभी शिकायतकर्ताओं से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया, समाचार अथवा अन्य प्रिंट मीडिया माध्यमों से ऐसी जानकारी प्रसारित न करें, जिससे जांच प्रक्रिया या पुलिस की छवि प्रभावित हो।

    यदि किसी पक्ष को किसी प्रकार की शिकायत है, तो उसके लिए न्यायिक प्रक्रिया एवं कानूनी उपाय उपलब्ध हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से फरार आरोपी नदीम मर्चेंट उर्फ ‘नदीम चिकना’ की गिरफ्तारी को मुंब्रा पुलिस की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।

  • Nauheera Shaik Arrested: शरिया कानून के नाम पर हजारों करोड़ के कथित घोटाले में हीरा ग्रुप प्रमुख नौहेरा शेख गिरफ्तार!

    Nauheera Shaik Arrested: शरिया कानून के नाम पर हजारों करोड़ के कथित घोटाले में हीरा ग्रुप प्रमुख नौहेरा शेख गिरफ्तार!

    Nauheera Shaik Arrested: शरिया सिद्धांतों पर आधारित निवेश योजना के नाम पर लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर कथित आर्थिक धोखाधड़ी करने के मामले में हीरा ग्रुप ऑफ कंपनी की प्रमुख Nauheera Shaik (नौहेरा शेख) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया है। मामले में उनसे पूछताछ जारी है और बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

    कानूनी सूत्रों के अनुसार, संबंधित कंपनियों द्वारा शरिया सिद्धांतों का पालन करने वाली निवेश योजनाओं का दावा करते हुए देशभर के लोगों से धन एकत्र किया गया था। निवेश पर आकर्षक रिटर्न का वादा किए जाने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने इन योजनाओं में पैसा लगाया। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान किए जाने से लोगों का भरोसा बढ़ा और बाद में भारी रकम जुटाए जाने का आरोप जांच एजेंसियों द्वारा लगाया गया है।

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    हालांकि, समय बीतने के साथ कई निवेशकों को उनकी मूल राशि और वादा किया गया लाभ नहीं मिलने पर मामले को लेकर सवाल उठने लगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों में शिकायतें दर्ज हुईं और जांच एजेंसियों ने आर्थिक अनियमितताओं की जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में हजारों करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच की जा रही है।

    तफ्तीश के दौरान ईडी ने आरोपियों से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए कुछ परिसंपत्तियां जब्त की हैं। प्रभावित निवेशकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से जब्त संपत्तियों से संबंधित प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • NEET Exam 2026: सरकार से आर्थिक सहायता पाने के इरादे से लगाए गए झूठे आरोप: सेंगर

    NEET Exam 2026: सरकार से आर्थिक सहायता पाने के इरादे से लगाए गए झूठे आरोप: सेंगर

    NEET Exam 2026: NEET परीक्षा 2026, जो मेडिकल प्रवेश के लिए देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रश्नपत्र लीक होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

    इसी बीच कुछ छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि परीक्षा रद्द होने के सदमे में छात्रों ने यह कदम उठाया। हालांकि महाराष्ट्र करणी सेना के प्रमुख अजय सिंह सेंगर ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इन आत्महत्याओं का कारण NEET परीक्षा रद्द होना नहीं था।

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    सेंगर का आरोप है कि अधिकांश मामलों में आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत कारण, जैसे प्रेम संबंधों में तनाव या दिल टूटने जैसी परिस्थितियाँ जिम्मेदार थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ परिजन सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से परीक्षा रद्द होने को कारण बताकर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार के भ्रामक दावे सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सेंगर ने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस और जांच एजेंसियां मृतक छात्रों एवं उनके परिजनों के कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा सकती हैं।

    करणी सेना प्रमुख ने विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें इन घटनाओं का इस्तेमाल कर केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। सेंगर ने मांग की कि इन आत्महत्या के मामलों की भी सीबीआई अथवा किसी विशेष जांच दल से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।