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  • Nagpur: सतर्क टिकट परीक्षक की सजगता से लापता किशोर सुरक्षित, परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू!

    Nagpur: सतर्क टिकट परीक्षक की सजगता से लापता किशोर सुरक्षित, परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू!

    Nagpur: मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण का परिचय दिया है। टिकट जांच कर्मचारियों की सतर्कता के कारण एक असहाय किशोर को संभावित खतरे से बचाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

    जानकारी के अनुसार, 6 जून 2026 को नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ड्यूटी के दौरान मुख्य टिकट परीक्षक (हेड टीई) प्रवीण लोंडसे को एक किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में स्टेशन परिसर में घूमता हुआ दिखाई दिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मोहम्मद आसिफ तथा पिता का नाम मोहम्मद याकूब बताया। उसने स्वयं को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का निवासी बताया।

    किशोर ने रेलवे कर्मचारियों को बताया कि वह पिछले दो महीनों से रोजगार की तलाश में नागपुर में रह रहा था और उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसकी स्थिति को देखते हुए रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल उसे भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।

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    किशोर के पास उपलब्ध पारिवारिक संपर्क विवरण के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया। रेलवे कर्मचारियों ने उसके रिश्तेदारों से बातचीत कर उन्हें नागपुर पहुंचकर बच्चे को अपने संरक्षण में लेने का अनुरोध किया।

    नियमों के तहत आगे की कार्रवाई के लिए किशोर को चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है। उसके परिजनों को पूरी जानकारी देकर नागपुर बुलाया गया है। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने और किशोर के सुरक्षित रूप से परिवार से पुनर्मिलन तक उसकी देखभाल चाइल्ड केयर हेल्पलाइन की निगरानी में की जा रही है।

    मुख्य टिकट परीक्षक प्रवीण लोंडसे की सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना ने इस किशोर को संभावित खतरे से बचाने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागपुर मंडल ने उनके इस सराहनीय मानवीय कार्य और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए उन्हें बधाई दी है।

  • Mumbai-Madgaon Special Train: यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई-मडगांव के बीच चलेगी विशेष ट्रेन!

    Mumbai-Madgaon Special Train: यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई-मडगांव के बीच चलेगी विशेष ट्रेन!

    Mumbai-Madgaon Special Train: यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ और मांग को देखते हुए मध्य रेलवे ने 14 जून 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई और मडगांव के बीच एक विशेष एकतरफा ट्रेन चलाने की घोषणा की है। मध्य रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 01173 विशेष ट्रेन रविवार, 14 जून 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से सुबह 11:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन रात 1:30 बजे मडगांव पहुंचेगी।

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    यह विशेष ट्रेन दादर, ठाणे, पनवेल, पेण, रोहा, माणगांव, वीर, खेड, चिपळूण, सावर्डा, अरावली रोड, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, विलावडे, राजापुर रोड, वैभववाडी रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाळ, सावंतवाडी रोड, थिवि तथा करमळी स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन की संरचना में 3 वातानुकूलित चेयर कार, 10 द्वितीय श्रेणी चेयर कार (6 आरक्षित एवं 4 अनारक्षित), 1 द्वितीय श्रेणी बैठने की सुविधा सहित गार्ड ब्रेक वैन तथा 1 जनरेटर कार शामिल होगी।

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, विशेष शुल्क के साथ इस ट्रेन के लिए आरक्षण 8 जून 2026 से सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों तथा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू किया जाएगा। अनारक्षित डिब्बों के लिए टिकट सामान्य किराये पर यूटीएस प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध होंगे। यात्री टिकट बुकिंग के लिए RailOne ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं। मध्य रेलवे ने यात्रियों से यात्रा की योजना बनाते समय इस विशेष ट्रेन सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

  • The Maharashtra Files: काफी संघर्ष के बाद 12 जून को रिलीज़ होगी ‘द महाराष्ट्र फाइल्स’!

    The Maharashtra Files: काफी संघर्ष के बाद 12 जून को रिलीज़ होगी ‘द महाराष्ट्र फाइल्स’!

    The Maharashtra Files: सामाजिक सच्चाइयों और हाशिए पर पड़े समुदायों के न्यायपूर्ण अधिकारों के संघर्ष को केंद्र में रखकर बनाई गई मराठी फिल्म ‘द महाराष्ट्र फाइल्स’ आखिरकार 12 जून को राज्यभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। फिल्म की रिलीज़ के संबंध में मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्माता-निर्देशक संजीवकुमार राठौड़, सह-निर्माता एवं क्रिएटिव हेड शालिनी राठौड़, अभिनेता मंगेश देसाई सहित फिल्म की पूरी टीम उपस्थित रही।

    इस अवसर पर संजीवकुमार राठौड़ ने कहा कि सत्य को सामने लाने का उनका प्रयास आखिरकार सफल हुआ है। उन्होंने बताया कि यह फिल्म समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के न्याय, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई को मुखर रूप से प्रस्तुत करती है।

    राठौड़ ने कहा कि फिल्म को रिलीज़ कराने के लिए उन्हें लंबा संघर्ष करना पड़ा। प्रशासनिक अड़चनों, सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया में देरी तथा प्रमाणन के लिए लंबे इंतजार के कारण फिल्म की रिलीज़ प्रभावित हुई। उन्होंने फिल्म सेंसरशिप प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए मराठी फिल्म निर्माताओं के लिए इसे अधिक सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की।

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    फिल्म में प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर न्याय पाने के लिए एक आम व्यक्ति के संघर्ष, व्यवस्था की बाधाओं और हाशिए पर पड़े समुदायों की पीड़ा को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है। निर्माताओं का दावा है कि यह देश की पहली ऐसी फिल्म है जो बंजारा समुदाय के न्याय और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती है।

    रिलीज़ में हुई देरी से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करने का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कहा कि स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए सेंसर और प्रमाणन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जाना चाहिए। फिल्म की कलाकारों की टीम में उषा नाडकर्णी, मंगेश देसाई, वीणा जामकर, सयाजी शिंदे, नागेश भोसले, सुनील गोडसे, सनी लियोन, सपना चौधरी, आर्यन राठौड़, गौतमी पाटिल और मांगली प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत नितिन सावंत, अजीत केतकर और सिद्धार्थ कश्यप ने तैयार किया है।

    फिल्म की टीम को विश्वास है कि अपनी प्रभावशाली कहानी, दमदार अभिनय और सामाजिक सरोकारों के कारण ‘द महाराष्ट्र फाइल्स’ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दर्शकों को समाज की वास्तविकताओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करेगी। कई चुनौतियों को पार करने के बाद अब यह फिल्म 12 जून को दर्शकों के बीच पहुंचने जा रही है और इसके प्रति दर्शकों की प्रतिक्रिया को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

  • Dr. Shrikant Shinde: मतदाता सूची अभियान में जुटें शिवसैनिक, काम करने वालों को ही मिलेगा संगठन में मान-सम्मान: डॉ. श्रीकांत शिंदे

    Dr. Shrikant Shinde: मतदाता सूची अभियान में जुटें शिवसैनिक, काम करने वालों को ही मिलेगा संगठन में मान-सम्मान: डॉ. श्रीकांत शिंदे

    Dr. Shrikant Shinde: राज्य में 24 वर्षों बाद होने जा रहे मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण अभियान को गंभीरता से लेते हुए शिवसेना संसदीय दल के नेता एवं सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ इस अभियान में जुटने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन में पद और सम्मान केवल काम करने वालों को मिलेगा, सिफारिश करने वालों को नहीं।

    शिवसंवाद दौरे के तहत खानदेश पहुंचे डॉ. शिंदे ने चाळीसगाव और अमळनेर में आयोजित समीक्षा बैठकों में कहा कि आगामी तीन महीनों तक पार्टी के बीएलए और समन्वयकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने और समर्थक मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता घर-घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया पर नजर रखें।

    बैठकों में सांसद मिलिंद देवरा, मंत्री गुलाबराव पाटिल, विधायक दिलीप लांडे, किशोरअप्पा पाटिल, अमोल पाटिल, चंद्रकांत सोनावणे, चंद्रकांत पाटिल, शिवसेना सचिव भाऊसाहेब चौधरी, राज्य संगठन प्रमुख एवं पूर्व सांसद आनंद परांजपे, पूर्व विधायक शिरीष चौधरी, पूर्व सांसद उन्मेष पाटिल सहित जिले के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

    चाळीसगाव में पाचोरा, एरंडोल और चाळीसगाव विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. शिंदे ने कहा कि 30 जून से घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। ऐसे में बीएलओ के कार्यों पर बीएलए और समन्वयकों को सतर्क निगरानी रखनी होगी।

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    उन्होंने कहा कि शिवसेना में कार्य करने वालों को ही अवसर दिया जाता है। इसी सोच के तहत सामान्य परिवार से आने वाली ज्योतीताई वाघमारे को राज्यसभा भेजा गया और किसान नेता बच्चू कडू को विधान परिषद में स्थान मिला। उन्होंने कहा कि भविष्य में संगठनात्मक नियुक्तियां भी केवल कार्य और योगदान के आधार पर की जाएंगी।

    डॉ. शिंदे ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि चाळीसगाव क्षेत्र में शिवसेना का भगवा और अधिक मजबूती से लहराएगा। उन्होंने कहा कि उन्मेष पाटिल के पार्टी में आने से क्षेत्र में संगठन को नई ताकत मिली है।

    अमळनेर में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने बीएलए-1 और बीएलए-2 के कार्यों की निगरानी के लिए समन्वयक नियुक्त करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी समर्थक का नाम मतदाता सूची से छूट जाता है तो उसका तत्काल अनुसरण किया जाए। जलगांव जिले में शिवसेना का वर्चस्व बनाए रखने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा।

    इस अवसर पर पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने किसान कर्जमाफी, एनडीआरएफ नियमों में राहत तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता का विश्वास जीता है। इसी कारण महायुति को राज्य में ऐतिहासिक जनसमर्थन प्राप्त हुआ।

    दो दिनों में 19 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा
    शिवसंवाद दौरे के दौरान सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने नंदुरबार, धुले और जलगांव जिलों के कुल 19 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा की। इससे पूर्व वे मराठवाड़ा क्षेत्र के जालना, नांदेड़, परभणी, हिंगोली और बीड जिलों का भी दौरा कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा कर चुके हैं।

  • Dhurandhar 2 Controversy: खुफिया एजेंसियों के चित्रण से लेकर कॉपीराइट विवाद तक, जानिए फिल्म को लेकर क्यों मचा देशभर में बवाल!

    Dhurandhar 2 Controversy: खुफिया एजेंसियों के चित्रण से लेकर कॉपीराइट विवाद तक, जानिए फिल्म को लेकर क्यों मचा देशभर में बवाल!

    Dhurandhar 2 Controversy: रणवीर सिंह अभिनीत और आदित्य धर निर्देशित फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ रिलीज के बाद से लगातार विभिन्न विवादों में घिरी रही है। फिल्म को जहां दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, वहीं इसके कुछ दृश्यों और कथानक को लेकर कई संगठनों तथा व्यक्तियों ने आपत्ति भी जताई।

    सबसे बड़ा विवाद उस समय सामने आया जब दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर आरोप लगाया गया कि फिल्म में भारतीय खुफिया एजेंसियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां और अंडरकवर ऑपरेशन से संबंधित विवरण दिखाए गए हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं। इसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड (CBFC) से मामले की जांच करने को कहा।

    फिल्म एक अन्य कानूनी विवाद में भी फंस गई, जब 1989 की फिल्म त्रिदेव के निर्माता Trimurti Films ने आरोप लगाया कि धुरंधर 2 के गीत ‘रंग दे लाल (ओये ओये)’ में उनके लोकप्रिय गीत ‘तिरछी टोपी वाले’ के तत्वों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता (मेडिएशन) के लिए भेज दिया। हालांकि अदालत ने फिल्म की रिलीज या प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।

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    इसके अलावा फिल्म के निर्माण के दौरान भी विवाद सामने आए। मुंबई में शूटिंग के समय सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया था। आरोप था कि शूटिंग के दौरान कुछ ऐसे उपकरण और सामग्री इस्तेमाल की गईं, जिनकी अनुमति नहीं थी। इस मामले को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ संगठनों ने भी सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठाए थे।

    विवादों की सूची यहीं नहीं रुकी। फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और कुछ वास्तविक घटनाओं व व्यक्तियों के चित्रण को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गईं। वहीं एक फिल्म निर्माता ने कहानी की कथित नकल (प्लेजरिज्म) का आरोप लगाते हुए फिल्म की OTT रिलीज रोकने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पर्याप्त आधार न मिलने पर यह याचिका खारिज कर दी। तमाम विवादों के बावजूद धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही।

  • Firozpur Incident: ट्रक और पिकअप की भीषण टक्कर में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत!

    Firozpur Incident: ट्रक और पिकअप की भीषण टक्कर में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत!

    Firozpur Incident: पंजाब के फिरोजपुर जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पिकअप वाहन से जा रहे थे। रास्ते में उनकी गाड़ी की सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग वाहन के भीतर ही फंस गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस तथा एम्बुलेंस को सूचना दी। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों और मृतकों को वाहन से बाहर निकाला।

    संबंधित खबर: Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

    पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है और स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा नियमों के सख्ती से पालन की मांग की है।

  • Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    Congress Protest: कांग्रेस ने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज करने का फैसला किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और समुदायों के सदस्य शामिल होंगे।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसरों से जुड़े कई मुद्दे लगातार सामने आए हैं। पार्टी का आरोप है कि इन वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने और अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।

    संबंधित खबर: Edible Oil Standard Pack Sizes: खाद्य तेलों के पैक आकार होंगे एक समान, उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना में मिलेगी आसानी

    प्रदर्शन के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, आरक्षण व्यवस्था की सुरक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कथित भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि संविधान में दिए गए समानता और न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए आवाज उठाना आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    पार्टी ने अपने सभी प्रदेश इकाइयों और सहयोगी संगठनों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाने का प्रयास होगा। पार्टी ने कहा कि वह आने वाले समय में भी जनहित और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

  • Edible Oil Standard Pack Sizes: खाद्य तेलों के पैक आकार होंगे एक समान, उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना में मिलेगी आसानी

    Edible Oil Standard Pack Sizes: खाद्य तेलों के पैक आकार होंगे एक समान, उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना में मिलेगी आसानी

    Edible Oil Standard Pack Sizes: खाद्य तेलों की खरीदारी को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खाद्य तेलों और वसा की पैकेजिंग तथा शुद्ध मात्रा निर्धारण से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन करते हुए विभिन्न खाद्य तेलों के लिए मानक पैक आकार निर्धारित कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से उपभोक्ताओं को विभिन्न ब्रांडों के उत्पादों की कीमत और मात्रा की तुलना करने में आसानी होगी, जिससे वे अधिक सूचित और बेहतर खरीदारी निर्णय ले सकेंगे।

    विभाग के अनुसार, बाजार में लंबे समय से खाद्य तेलों के पैकेट अलग-अलग और असमान आकारों में उपलब्ध होने के कारण उपभोक्ताओं को वास्तविक कीमत और मात्रा का आकलन करने में कठिनाई होती थी। कई बार पैकेजिंग के आकार अलग होने से एक ही प्रकार के उत्पादों की तुलना करना मुश्किल हो जाता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खाद्य तेल उद्योग के प्रमुख संगठनों और हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है। नई व्यवस्था से पैकेजिंग में एकरूपता आएगी और बाजार में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

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    संशोधित नियमों के तहत पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सूरजमुखी तेल, सरसों तेल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान ऑयल, कपास बीज तेल, मक्का तेल तथा मिश्रित खाद्य तेलों के लिए 200 मिलीलीटर/ग्राम, 500 मिलीलीटर/ग्राम, 1 लीटर, 2 लीटर, 3 लीटर, 4 लीटर, 5 लीटर, 15 लीटर और 20 लीटर/किलोग्राम के मानक पैक आकार तय किए गए हैं। इसके अलावा यदि किसी उत्पाद की मात्रा लीटर या मिलीलीटर में प्रदर्शित की जाती है, तो पैकेट पर उसका समतुल्य वजन भी स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक मात्रा और कीमत को समझने में अधिक सुविधा मिलेगी।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम मात्रा वाले छोटे पैक इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे, ताकि कम आय वाले उपभोक्ताओं के लिए छोटे और किफायती पैक बाजार में उपलब्ध रह सकें। यह नियम देश में निर्मित और आयातित दोनों प्रकार के खाद्य तेलों पर समान रूप से लागू होगा। नए प्रावधानों को लागू करने के लिए निर्माताओं, पैकर्स और आयातकों को तीन महीने का संक्रमण काल दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि खाद्य तेल उद्योग में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पैकेजिंग की एकरूपता और व्यापारिक पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • Bihar Women’s Helpline: महिला सुरक्षा की मजबूत कड़ी बनी 181 हेल्पलाइन, 69 हजार से अधिक मामलों में पहुंचाई मदद!

    Bihar Women’s Helpline: महिला सुरक्षा की मजबूत कड़ी बनी 181 हेल्पलाइन, 69 हजार से अधिक मामलों में पहुंचाई मदद!

    Bihar Women’s Helpline: राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए संचालित 181 महिला हेल्पलाइन संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। यह टोल-फ्री सेवा 24 घंटे उपलब्ध है, जिसके माध्यम से महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, मानव तस्करी और अन्य शिकायतों की जानकारी देकर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

    संबंधित खबर: CJP Draws in Teenagers: सीजेपी ने किशोरों को किया आकर्षित, ‘जीवन के पहले प्रदर्शन’ में पहुंचे युवा!

    समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाया जाता है। अब तक हेल्पलाइन पर 69,101 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 58,596 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।

    हेल्पलाइन के जरिए पीड़ित महिलाओं को जरूरत के अनुसार पुलिस, वन स्टॉप सेंटर, अस्पताल, एम्बुलेंस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य सहायता एजेंसियों से जोड़ा जाता है। साथ ही उन्हें कानूनी सहायता, काउंसलिंग, सुरक्षा और आश्रय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। राज्य सरकार का कहना है कि 181 महिला हेल्पलाइन महिलाओं को त्वरित सहायता और न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा का एहसास कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

  • CJP Draws in Teenagers: सीजेपी ने किशोरों को किया आकर्षित, ‘जीवन के पहले प्रदर्शन’ में पहुंचे युवा!

    CJP Draws in Teenagers: सीजेपी ने किशोरों को किया आकर्षित, ‘जीवन के पहले प्रदर्शन’ में पहुंचे युवा!

    CJP Draws in Teenagers: सोशल मीडिया के जरिये सामने आयी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से नीट-पेपर लीक को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठा हुए। हाथ में पोस्टर-पर्चे लिये कुछ लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, तो कुछ ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को खत्म करने की मांग की।

    जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र है। सरकार की नीतियों के प्रति अपनी नाराज़गी व्यक्त करने के लिए हर शख्स एवं समूह इसकी ओर रुख करता है, हालांकि सीजेपी का यह प्रदर्शन खास था। यहां सिर्फ समाज के वरिष्ठ प्रतिभागी ही नहीं, बल्कि किशोर, यहां तक की स्कूली बच्चे भी मौजूद रहे।

    ऐसे ही एक छात्र समर्थ अपने जीवन के पहले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने जंतर-मंतर पहुंचे। बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले समर्थ की उम्र सिर्फ 17 वर्ष है लेकिन जब उसे यह पता चला कि यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा के मुद्दे पर आयोजित हो रहा है तो उसने अपनी मां से ज़िद की कि वह जंतर-मंतर जाना चाहते हैं। उसकी यह ज़िद मान ली गयी।

    समर्थन ने इस प्रदर्शन में शामिल होने के अनुभव पर यूनीवार्ता से कहा, “यह मेरे जीवन का पहला विरोध प्रदर्शन है। सालों से बहुत से ऐसे मुद्दे हैं जिनसे गुस्सा आता है। सीजेपी ने हमें एक मंच दिया जहां हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा सकते हैं। हमारी यही मांग है कि हमारा भविष्य सुरक्षित रहे और व्यवस्था साफ हो जिसमें हम ठीक तरह परीक्षा दे सकें और आगे चलकर जीवन में कुछ बन सकें। कम से कम परीक्षाएं तो ठीक से हों।”

    समर्थ ने अभी 12वीं कक्षा में प्रवेश किया है और आने वाले साल में वह बोर्ड परीक्षा देंगे। यही वजह है कि वह हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परीक्षा परिणाम में हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) संबंधी अव्यवस्था को लेकर भी चिंतित हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैं सोचूं कि इस साल मैंने बोर्ड परीक्षा नहीं दी तो मेरे लिए चिंता का विषय नहीं है, तो यह गलत होगा।

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    आने वाले साल में मुझे भी परीक्षा देनी है। सीबीएसई एक बड़ा बोर्ड है और देशभर के बच्चे इस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं। ओएसएम व्यवस्था इसलिए लायी गयी थी कि चेकिंग पारदर्शी हो। अगर यही प्रणाली ठीक से काम नहीं करेगी तो छात्रों का आक्रोशित होना लाजमी है।”

    दूसरी ओर, हंसराज कॉलेज में पढ़ने वाले 19 वर्षीय निखिल गुप्ता भी एक नयी पहल को अनुभव करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे। वह अक्सर विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं होते, लेकिन युवाओं और विद्यार्थियों से संबंधित मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हुआ तो जंतर-मंतर चले आए। उन्होंने कहा, “यह (पेपर लीक) चिंता का विषय है। सीबीएसई-नीट की परीक्षाएं ठीक से न होना देश के युवाओं को प्रभावित करता है।”

    निखिल ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तलब करने वाली सीजेपी की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह सीजेपी का घोषणा-पत्र पढ़ चुके हैं और पार्टी की मांगों से इत्तफाक भी रखते हैं। राष्ट्रीय राजधानी की चिलचिलाती गर्मी और धूप में 13 वर्षीय अपरस कौर भी शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करने जंतर-मंतर पहुंचीं। नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली अपरस के हाथ में एक बैनर था, जिस पर काले वॉटर कलर से लिखा था, ‘बच्चे कोई प्रयोग नहीं हैं।’

    उन्होंने अपनी नाराजगी को शब्दों में पिरोते हुए कहा, “मैं प्रदर्शन में आयी हूं क्योंकि हमारे साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ मेरे मन में आक्रोश है। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। अगर वह इस्तीफा नहीं दे सकते तो व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी लें। मैं बड़ी होकर एक डिजाइनर-इलस्ट्रेटर बनना चाहती हूं। वहां तक पहुंचने के लिए मुझे कई पड़ाव पार करने होंगे। अगर एक आम नागरिक की इतनी जिम्मेदारी तय की जा सकती है तो मंत्रियों की क्यों नहीं।”

    अपरस बताती हैं कि जब उन्हें पता चला कि उनके माता-पिता विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने भी साथ जाने की इच्छा जाहिर की। अपने जीवन के पहले विरोध प्रदर्शन में अपरस ने अनुभव किया कि एक लोकतंत्र का नागरिक होना कैसा है। उन्होंने कहा, “मुझे अच्छा लग रहा है कि मैं अपनी आवाज़ उठा पा रही हूं। अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी का इस्तेमाल कर रही हूं।”