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  • SP Seeks Easier Voter Revision Rules: मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर सपा की चुनाव आयोग से अपील, दस्तावेज़ी नियम सरल बनाने और समय-सीमा बढ़ाने की मांग

    SP Seeks Easier Voter Revision Rules: मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर सपा की चुनाव आयोग से अपील, दस्तावेज़ी नियम सरल बनाने और समय-सीमा बढ़ाने की मांग

    भिवंडी। महाराष्ट्र में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए दस्तावेज़ी प्रक्रिया को सरल बनाने, अभियान की समय-सीमा बढ़ाने तथा पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न हटाए जाने की मांग की है।(SP Seeks Easier Voter Revision Rules) पार्टी का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया के कारण गरीब, मजदूर, ग्रामीण और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आवश्यक दस्तावेज़ जुटाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी, भिवंडी शहर (जिला) अध्यक्ष मोहम्मद अनस अंसारी, मौलाना इम्तियाज फलाही, मौलाना औसाफ फलाही, मोहम्मद नईम अंसारी, मोहम्मद ज़मा अंसारी तथा पूर्व नगरसेविका रुखसाना सिद्दीकी ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर मांग की कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में वर्ष 2002 से पहले सरकारी अभिलेखों में दर्ज बस्तियों, गांवों और पाड़ों के निवासियों के लिए उन्हीं अभिलेखों को वैध प्रमाण मानने की मांग की गई है। साथ ही स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र, घरपट्टी, असेसमेंट उतारा, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज़ों को भी स्वीकार करने का आग्रह किया गया है।

    भिवंडी शहर (जिला) अध्यक्ष मोहम्मद अनस अंसारी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाने से मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने पूरे राज्य में एक समान प्रक्रिया लागू करने और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। ज्ञापन में वर्ष 2002 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं के पुराने और वर्तमान EPIC नंबर का मिलान करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि तकनीकी कारणों से किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो।

    समाजवादी पार्टी ने सभी मतदाताओं के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, फॉर्म मराठी के साथ हिंदी और अन्य भाषाओं में उपलब्ध कराने तथा बीएलओ को पर्याप्त प्रशिक्षण देने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि कई बीएलओ स्वयं प्रक्रिया को लेकर असमंजस में हैं, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    पार्टी ने बीएलओ पर बढ़ते कार्यभार को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति तथा स्कूल शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी न डालने की भी मांग की है। साथ ही, बारिश और बाढ़ की मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए 29 जुलाई 2026 तक निर्धारित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) की समय-सीमा कम से कम दो महीने बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

  • Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback: MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तुरंत रद्द करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाल

    Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback: MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तुरंत रद्द करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाल

    कांग्रेस का बेलापुर में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, CBT और Normalization खत्म करने की मांग; राम मंदिर दान चोरी मामले पर भी सरकार को घेरा

    मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एमपीएससी (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मध्य प्रदेश के व्यापम भर्ती घोटाले से भी बड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन को तत्काल रद्द कर ऑफलाइन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन तेज करेगी।

    Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback

    बेलापुर में एमपीएससी की CBT (Computer Based Test) और Normalization के विरोध में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पहुंचे हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एमपीएससी की पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो चुकी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है और ऑनलाइन परीक्षा का ठेका निजी कंपनियों को देकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म कर दी गई है। उनके अनुसार, छात्रों का ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं रह गया है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका लगातार बनी हुई है।

    सपकाल ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर कई बार लीक हो चुका है और सरकार एक भी परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार या एमपीएससी का कोई अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा है।

    राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सिद्धिविनायक मंदिर चोरी का मामला उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की दान राशि और चढ़ावे में हुई कथित चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में आंदोलन चला रही है।

  • Doctors Protest, Seek Corporator’s Removal: डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध, नगरसेवक रमेश म्हात्रे का पद रद्द करने की मांग

    Doctors Protest, Seek Corporator’s Removal: डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध, नगरसेवक रमेश म्हात्रे का पद रद्द करने की मांग

    डॉक्टरों पर हमले के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों का प्रदर्शन; उपचार जारी, अस्पताल प्रशासन ने कहा— इलाज करना हमारा कर्तव्य

    ठाणे। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में महिला डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को सीने में दर्द की शिकायत के बाद ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल ऑफिसरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और उनका नगरसेवक पद रद्द करने की मांग उठाई।

    Doctors Protest, Seek Corporator’s Removal

    शास्त्री नगर अस्पताल में हुई घटना के बाद चिकित्सा समुदाय में भारी नाराजगी है। मामले में मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने “डॉक्टरों पर हमले बंद करो” और “स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जो जनप्रतिनिधि डॉक्टरों पर हाथ उठाता है, उसे जनप्रतिनिधि बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने रमेश म्हात्रे का नगरसेवक पद तत्काल रद्द करने की मांग की।

    अतिरिक्त सिविल सर्जन डॉ. धीरज एस. महानगड़े ने कहा कि डॉक्टर होने के नाते हर मरीज का उपचार करना उनका कर्तव्य है और रमेश म्हात्रे का आवश्यक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार्य नहीं है और इसका किसी भी स्तर पर समर्थन नहीं किया जा सकता।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रमेश म्हात्रे फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी एक ही किडनी है और वे उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि उनकी हालत स्थिर रहती है तो उन्हें आज शाम या कल सुबह तक अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।

  • Sneha Dubey-Pandit Raises Vasai Flood Issue:वसई-विरार की बाढ़ समस्या को लेकर विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने देवेंद्र फडणवीस से की मुलाकात

    Sneha Dubey-Pandit Raises Vasai Flood Issue:वसई-विरार की बाढ़ समस्या को लेकर विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने देवेंद्र फडणवीस से की मुलाकात

    आर एस नेटवर्क: प्रेम चौबे

    वसई। वसई-विरार में लगातार हो रही भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति और उससे प्रभावित जनजीवन को लेकर वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    विधायक ने मुख्यमंत्री से राजस्व, नगर विकास, लोक निर्माण विभाग (PWD), एमएसआरडीसी, भारतीय रेल, वसई-विरार महानगरपालिका तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त विशेष बैठक बुलाकर बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए जल्द संयुक्त बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया।

    स्थायी समाधान के लिए संयुक्त बैठक बुलाने की मांग, रेल सेवाएं प्रभावित होने पर कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए विशेष सवेतन अवकाश की भी उठाई मांग (Sneha Dubey-Pandit Raises Vasai Flood Issue)

    मुलाकात के दौरान विधायक ने लगातार बारिश के कारण बाधित रेल सेवाओं से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं को हो रही कठिनाइयों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों और शिक्षकों को कम से कम चार दिनों का विशेष सवेतन अवकाश देने की मांग भी राज्य सरकार के समक्ष रखी।

    स्नेहा दुबे-पंडित ने कहा कि वसई-विरार के नागरिकों को हर वर्ष बाढ़ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से दीर्घकालिक और प्रभावी योजना लागू कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।

  • Murji Patel Raises Marol Police Housing Issue: मरोल पुलिस कैंप के जर्जर आवासों पर एक्शन, विधायक मुरजी पटेल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    Murji Patel Raises Marol Police Housing Issue: मरोल पुलिस कैंप के जर्जर आवासों पर एक्शन, विधायक मुरजी पटेल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश, पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुंबई। अंधेरी स्थित मरोल पुलिस कैंप में पुलिसकर्मियों के जर्जर और खतरनाक आवासों का मामला अब राज्य सरकार तक पहुंच गया है। अंधेरी के विधायक मुरजी पटेल (काका) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर पुलिस आवासों की बदहाल स्थिति से उन्हें अवगत कराया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    मुलाकात के दौरान विधायक मुरजी पटेल ने मुख्यमंत्री को क्षतिग्रस्त छतों, जर्जर भवनों और हाल ही में हुई घटनाओं के फोटो दिखाए। उन्होंने बताया कि जनता की सुरक्षा में दिन-रात तैनात पुलिसकर्मी और उनके परिवार असुरक्षित भवनों में रहने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।

    Murji Patel Raises Marol Police Housing Issue

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक के दौरान ही मुंबई के पुलिस आयुक्त देवेन भारती से दूरभाष पर चर्चा की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाने के निर्देश दिए तथा शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया।

    विधायक मुरजी पटेल ने बताया कि इससे पहले उन्होंने राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश रामदास कदम को भी मरोल पुलिस कैंप की स्थिति से अवगत कराया था। गृह राज्यमंत्री ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

    विधायक ने कहा कि वह स्वयं भी मुंबई पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर इस मामले की प्रगति की समीक्षा करेंगे, ताकि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को जल्द सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।

  • Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis:भारी बारिश के बीच जनता के साथ खड़े दिखे नगरसेवक पंकज देशमुख

    Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis:भारी बारिश के बीच जनता के साथ खड़े दिखे नगरसेवक पंकज देशमुख

    नालासोपारा। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नालासोपारा के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे हजारों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया।(Pankaj Deshmukh Steps In During Rain Crisis)

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरसेवक पंकज देशमुख तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी।

    बिजली आपूर्ति बहाल होने में हो रही देरी को देखते हुए पंकज देशमुख ने नागरिकों की सुविधा के लिए उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर मंगवाने की व्यवस्था भी कराई, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली बहाल की जा सके।

    पंकज देशमुख ने कहा कि जनता की सेवा करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि हर संकट की घड़ी में वे जनता के साथ खड़े रहेंगे।

    गौरतलब है कि इससे पहले भी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच उन्होंने लोगों को सही जानकारी देकर अनावश्यक परेशानियों से राहत दिलाने का प्रयास किया था।

    आपातकालीन स्थिति में नगरसेवक की सक्रियता और त्वरित पहल की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की।

  • Rajan Naik Seeks Right to Challenge Maintenance Bills: मेंटेनेंस बिल पर शिकायत का अधिकार मिले, विधानसभा में विधायक राजन नाईक ने पेश किया निजी विधेयक

    Rajan Naik Seeks Right to Challenge Maintenance Bills: मेंटेनेंस बिल पर शिकायत का अधिकार मिले, विधानसभा में विधायक राजन नाईक ने पेश किया निजी विधेयक

    हाउसिंग सोसायटी के सदस्यों को रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का मिलेगा अधिकार, छोटे विवादों का स्थानीय स्तर पर होगा समाधान

    वसई। हाउसिंग सोसायटी के सदस्यों को अनुचित मेंटेनेंस और मरम्मत बिलों के खिलाफ रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का अधिकार देने की मांग को लेकर विधायक राजन बालकृष्ण नाईक ने महाराष्ट्र विधानसभा में महाराष्ट्र सहकारी संस्था (संशोधन) विधेयक-2026 के तहत एक निजी विधेयक पेश किया है।

    प्रस्तावित विधेयक में महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 की धारा 154-बी-29 में संशोधन कर नया उपबंध (1-ए) जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान व्यवस्था में हाउसिंग सोसायटी को बकाया मेंटेनेंस की वसूली के लिए रजिस्ट्रार के समक्ष जाने का अधिकार है, लेकिन यदि किसी सदस्य से नियमों के विपरीत या अनुचित तरीके से मेंटेनेंस बिल वसूला जाता है, तो उसके पास रजिस्ट्रार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का स्पष्ट कानूनी अधिकार नहीं है।

    प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, नया प्रावधान लागू होने पर कोई भी सदस्य रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। रजिस्ट्रार दोनों पक्षों को सुनने और मामले की जांच करने के बाद आवश्यक होने पर संबंधित मेंटेनेंस बिल में संशोधन करने या उसे निरस्त करने का आदेश दे सकेंगे।

    विधायक राजन नाईक ने कहा कि इस संशोधन से 10 हजार से 50 हजार रुपये तक के छोटे-छोटे मेंटेनेंस विवादों के लिए लोगों को सहकारी न्यायालय का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कम समय और कम खर्च में न्याय मिलने से आम नागरिकों को राहत मिलेगी और सहकारी न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।

    उन्होंने कहा कि यह विधेयक कोई नया अधिकार देने के लिए नहीं, बल्कि कानून में मौजूद व्यावहारिक विसंगतियों को दूर कर सहकारी क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सदस्य हितैषी बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। फिलहाल यह निजी विधेयक विधानसभा की आगे की प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।

  • Bhiwandi House Partially Collapses: भिवंडी में एक मंजिला मकान का छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला

    Bhiwandi House Partially Collapses: भिवंडी में एक मंजिला मकान का छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला

    अंसार मोहल्ला में सुबह हुआ हादसा, एक व्यक्ति घायल; निगम ने आसपास के खतरनाक मकान खाली कराने के दिए निर्देश

    भिवंडी। भिवंडी में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर भवनों के गिरने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे शहर के खंडूपाड़ा स्थित अंसार मोहल्ला में एक मंजिला लोड-बेयरिंग मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया (Canopy Collapse, Major Tragedy Averted)। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि एक व्यक्ति को मामूली चोटें आई हैं।

    नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, अंसार मोहल्ला स्थित मकान नंबर 144/5/1/जी-1 कलीम अंसारी का है। मकान के भूतल पर किराना दुकान संचालित होती है, जबकि पहली मंजिल पर कलीम अंसारी अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं। शुक्रवार सुबह मकान के सामने वाले हिस्से का ग्राउंड फ्लोर का छज्जा गिरने से पहली मंजिल की टीन की छत और दीवारों का हिस्सा भी ढह गया।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रभाग समिति क्रमांक-1 के सहायक आयुक्त मक्सूम शेख, दमकल विभाग तथा आपातकालीन कक्ष की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तत्काल शुरू किया गया।

    इसके बाद नगर निगम की उपायुक्त सपना वसावा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त मकान के आसपास स्थित घरों को एहतियातन खाली कराने के निर्देश दिए तथा क्षेत्र के अन्य जर्जर और खतरनाक मकानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।

    बारिश के मौसम में भिवंडी में जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में नगर निगम ने नागरिकों से खतरनाक भवनों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

  • Khadse’s Matoshree Visit: एकनाथ खडसे की ‘मातोश्री’ पर उद्धव ठाकरे से मुलाकात; राजनीतिक अटकलें तेज

    Khadse’s Matoshree Visit: एकनाथ खडसे की ‘मातोश्री’ पर उद्धव ठाकरे से मुलाकात; राजनीतिक अटकलें तेज

    अमृत महोत्सव (75वें जन्मोत्सव) का निमंत्रण देने पहुंचे थे खडसे

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके निवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सांसद संजय राउत भी मौजूद थे। हाल ही में भाजपा नेता विनोद तावड़े से मुलाकात के बाद एकनाथ खडसे की भाजपा में वापसी की अटकलें तेज हो गई थीं। ऐसे में उद्धव ठाकरे से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।

    हालांकि, एकनाथ खडसे ने इस मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगले महीने उनका अमृत महोत्सव (75वां जन्मोत्सव) कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसी कार्यक्रम का निमंत्रण देने के लिए वे उद्धव ठाकरे से मिलने ‘मातोश्री’ पहुंचे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

    गौरतलब है कि एकनाथ खडसे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का दामन थाम लिया था। उनकी पुत्रवधू रक्षा खडसे केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में समय-समय पर खडसे की भाजपा में संभावित ‘घर वापसी’ को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं।

    इस बीच, कुछ दिन पहले एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर का नाम पुणे में कथित रेव पार्टी मामले में सामने आया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उन्हें हिरासत में लिया था। बताया गया था कि जिस स्थान पर पार्टी आयोजित की गई थी, उसकी बुकिंग प्रांजल खेवलकर के नाम पर थी। इस मामले के बाद खडसे परिवार सुर्खियों में आ गया था। खडसे की बेटी और नेता रोहिणी खडसे ने सार्वजनिक रूप से अपने पति का समर्थन किया था और न्यायालय में भी उनके साथ मौजूद रही थीं।

    फिलहाल, उद्धव ठाकरे और एकनाथ खडसे की इस मुलाकात ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि खडसे ने साफ कर दिया है कि यह केवल उनके अमृत महोत्सव समारोह का निमंत्रण देने के उद्देश्य से हुई शिष्टाचार भेंट थी और इसका किसी राजनीतिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।

  • FSSAI Notice Lotte, FNP & Kubera foods: भ्रामक दावों पर FSSAI सख्त, लोट्टे इंडिया, फर्न्स एन पेटल्स और कुबेरा फूड्स को नोटिस

    FSSAI Notice Lotte, FNP & Kubera foods: भ्रामक दावों पर FSSAI सख्त, लोट्टे इंडिया, फर्न्स एन पेटल्स और कुबेरा फूड्स को नोटिस

    New Delhi:देश में खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और भ्रामक दावों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त रुख अपनाया है। नियामक संस्था ने लोट्टे इंडिया, फर्न्स एन पेटल्स और कुबेरा फूड्स(FSSAI Notice Lotte, FNP & Kubera foods) को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। एफएसएसएआई का आरोप है कि इन कंपनियों के कुछ खाद्य उत्पादों पर ऐसे दावे किए गए हैं, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं और कई मामलों में लेबलिंग नियमों का भी उल्लंघन हुआ है।

    एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संस्था का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को उत्पादों की सही और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

    जांच में लोट्टे इंडिया के कई उत्पादों पर नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई। कंपनी पर पुराने प्री-प्रिंटेड लेबल बिना अनुमति इस्तेमाल करने, लोट्टे चॉको पाय पर “100 प्रतिशत शाकाहारी” जैसा भ्रामक दावा करने, पीईपीईआरओ बिस्किट स्टिक्स पर निर्धारित प्रारूप में पोषण संबंधी जानकारी न देने और लॉली ब्लिस लॉलीपॉप में विटामिन संबंधी मानकों का पालन नहीं करने के आरोप हैं। इसके अलावा कुछ उत्पादों की पैकेजिंग से फल होने का आभास दिया गया, जबकि उनमें फल मौजूद नहीं थे और पैक के सामने अनिवार्य डिस्क्लेमर भी नहीं दिया गया।

    कुबेरा फूड्स के ‘सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल’ उत्पाद पर “100 प्रतिशत प्राकृतिक”, “नो प्रिजरवेटिव्स” और “नो कलर्स एंड फ्लेवर्स” जैसे दावे किए गए, जबकि उत्पाद के लेबल पर प्रिजर्वेटिव, सिंथेटिक रंग और फ्लेवरिंग एजेंट का उल्लेख मिला। एफएसएसएआई के अनुसार, ऐसे दावे नियमों के विपरीत हैं।

    वहीं, फर्न्स एन पेटल्स के ‘रोस्टेड ऑलमंड चॉकलेट’ पर “प्रीमियम चॉकलेट” लिखा गया था, जबकि उसमें हाइड्रोजेनेटेड फैट का इस्तेमाल पाया गया। एफएसएसएआई का कहना है कि उत्पाद के दावों और उसकी वास्तविक सामग्री में अंतर होने से उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं।

    एफएसएसएआई ने कहा कि वह उपभोक्ताओं की शिकायतों और स्वतः संज्ञान के आधार पर ऐसे मामलों की लगातार जांच कर रहा है। हाल ही में ‘फ्रेश पनीर’ जैसे दावे को लेकर भी एक अन्य कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। संस्था अब सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर रही है और खाद्य उत्पादों पर भ्रामक दावों के खिलाफ सख्त निगरानी जारी रखेगी।