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  • Municipal Corporation: आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; कई चालें ध्वस्त, सैकड़ों परिवार सड़क पर..

    Municipal Corporation: आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; कई चालें ध्वस्त, सैकड़ों परिवार सड़क पर..

    Municipal Corporation : भिवंडी शहर के टेमघरइलाके में नगर निगम की आरक्षित भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण (Illegal Encroachment) के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। प्रभाग समिति क्रमांक 2 के सहायक आयुक्त विनोद मनोरे ने अतिक्रमण विरोधी दस्ते और जेसीबी की मदद से अवैध रूप से बनाई गई चालों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। टेमघर स्थित (Temghar area of ​​Bhiwandi) सर्वे नंबर 19 की चरागाह भूमि नगर निगम के विकास योजना में स्कूल और खेल के मैदान के लिए आरक्षित थी। इस जमीन पर पिछले कई वर्षों से स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण कर चालें बना ली थीं। नगर नियोजन विभाग (Town Planning Department) द्वारा जमीन की पैमाइश पूरी होने के बाद, संबंधित निवासियों को नोटिस जारी किया गया था और मंगलवार को यह कार्रवाई की गई। (Municipal Corporation)

    सहायक आयुक्त विनोद मनोरे ने जानकारी दी कि इस अभियान के दौरान लगभग 100 घरों को तोड़ दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया (Major Action by the Municipal Corporation)। निवासियों ने नगर निगम पर जानबूझकर उन्हें बर्बाद करने का आरोप लगाया है। स्थानीय निवासी विल्सन ठाकुर का कहना है कि “यह जमीन हमारे परिवार की निजी संपत्ति है। नगर निगम ने हमें नोटिस तो दिया, लेकिन नियमानुसार जमीन की पैमाइश हमारे सामने होनी चाहिए थी। प्रशासन ने हमें अंधेरे में रखकर गुपचुप तरीके से मैपिंग की और कार्रवाई कर दी।”

    कुंता पाटिल नमक महिला का आरोप है कि “हम पिछले 10 वर्षों से यहां अपने घरों में रह रहे हैं। अगर यह जमीन आरक्षित थी, तो नगर निगम ने हमें निर्माण के समय क्यों नहीं रोका? आज अचानक प्रशासन को कैसे याद आया कि यह गुरुचरण जमीन है?

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दबाव में हमारी जमीन हड़पने के लिए यह जबरन कार्रवाई की गई है।” पिछले एक दशक से यहाँ रह रहे कई परिवारों का संसार इस कार्रवाई के कारण उजाड़ हो गया है। सामान सड़क पर पड़ा होने के कारण लोग बेबस नजर आए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

  • Bhiwandi incident: श्वान नसबंदी केंद्र में स्वच्छता का अभाव; पशु प्रेमियों ने नगर निगम प्रशासन पर जताई नाराजगी!

    Bhiwandi incident: श्वान नसबंदी केंद्र में स्वच्छता का अभाव; पशु प्रेमियों ने नगर निगम प्रशासन पर जताई नाराजगी!

    भिवंडी: शहर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है और विभिन्न इलाकों में इनकी संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण शहर में आवारा कुत्तों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शहर के ईदगाह, शांतिनगर, कामतघर, नागाव, गायत्रीनगर, निजामपुर और कोंबडपाडा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते मौजूद हैं, जिनका प्रबंधन करने में नगर निगम प्रशासन का सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग विफल साबित हुआ है। इससे नागरिकों, विशेषकर छोटे बच्चों में दहशत का माहौल है।

    नगर निगम ने कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए 12 वर्षों से बंद पड़े श्वान नसबंदी केंद्र को 11 नवंबर 2024 को दोबारा शुरू किया। इस काम का जिम्मा ‘व्हेट्स सोसाइटी फॉर एनिमल वेलफेयर एंड रुरल डेवलपमेंट’ नामक संस्था को सौंपा गया है, जिसे प्रति कुत्ता नसबंदी के लिए 1440 रुपये दिए जाते हैं। शहर में लगभग 24 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं, जिनमें से अब तक करीब 7 से 9 हजार कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी की जा चुकी है।(Bhiwandi incident)

    पशु प्रेमी दीप्ति देशमुख ने जानकारी दी है कि नगर निगम द्वारा शुरू किए गए इस नसबंदी केंद्र में भारी गंदगी फैली हुई है। संस्था और प्रशासन की अनदेखी के कारण बेजुबान जानवरों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है। नसबंदी के बाद कुत्तों को जिस शेल्टर में रखा जाता है, वहां मल-मूत्र और उल्टी की सफाई नहीं की जाती। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। एक ही पिंजरे या जाल में 5-5 कुत्तों को रखा जा रहा है। सर्जरी के बाद कमजोर कुत्ते आपस में लड़ते हैं, जिससे वे दोबारा घायल हो रहे हैं। नियमानुसार, कुत्ते को जिस इलाके से पकड़ा गया है, नसबंदी के बाद उसे वहीं छोड़ना अनिवार्य है।

    लेकिन शिकायत है कि कुत्तों को दूसरे इलाकों में छोड़ दिया जाता है। नए इलाके में छोड़े जाने के कारण वहां के पुराने कुत्ते इन्हें स्वीकार नहीं करते, जिससे उनके बीच हिंसक लड़ाइयां होती हैं। साथ ही, भोजन न मिलने के कारण ये कुत्ते अधिक आक्रामक और चिड़चिड़े हो रहे हैं। पशु प्रेमी दीप्ति देशमुख का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं, लेकिन प्रशासन और ठेकेदार संस्था जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

  • Forest and Government Land Encroachment: भिवंडी के ग्रामीण क्षेत्रों में वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण; कार्रवाई हुई शुरू!

    Forest and Government Land Encroachment: भिवंडी के ग्रामीण क्षेत्रों में वन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण; कार्रवाई हुई शुरू!

    भिवंडी: भिवंडी तालुका में हो रहे नए विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और व्यावसायिक प्रगति हो रही है। हालांकि, एमएमआरडीए के तहत सुनियोजित विकास के बजाय, रसूखदार लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर लिया है और पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नालों और छोटे नालों को भी बंद करने का प्रयास किया है। इसके परिणामस्वरूप, मानसून के दौरान कई गांवों की सीमाओं और परिवहन मार्गों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे यातायात में भारी बाधा उत्पन्न होती है। (Forest and Government Land Encroachment)

    हैरानी की बात यह है कि जिलाधिकारी कार्यालय, जिला परिषद, पंचायत समिति का निर्माण एवं सिंचाई विभाग और राज्य का सार्वजनिक निर्माण विभाग इस ओर कोई ठोस कार्रवाई न करते हुए केवल मूकदर्शक बने हुए हैं। मुंबई-नासिक राजमार्ग के पास ग्रुप ग्राम पंचायत कुरुंद के अंतर्गत मौजे वाहुली गाँव में वन विभाग और चरागाह की भूमि पर हुए अतिक्रमण के कारण बारिश के पानी की निकासी रुक गई है। इस संबंध में संयुक्त वन प्रबंधन समिति और वाहुली गाँव विकास प्रतिष्ठान ने हाल ही में वन मंत्री गणेश नाईक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।(Forest and Government Land Encroachment)

    यदि आगामी मानसून से पहले जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका खामियाजा वाहुली, कुरुंद और आसपास के ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। कुरुंद ग्रुप ग्राम पंचायत के वाहुली गाँव और आसपास के विस्तृत वन क्षेत्र की सुरक्षा वर्ष 2095 से ‘संयुक्त वन प्रबंधन समिति’ और ‘वाहुली गाँव विकास प्रतिष्ठान’ द्वारा की जा रही है। इसके लिए संस्था ने निजी खर्च पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए हैं। वर्ष 2007-08 से इस क्षेत्र में विकास कार्यों ने गति पकड़ी और धान के खेतों की जगह बड़े पैमाने पर गोदाम बनाने का व्यवसाय फलने-फूलने लगा।

    आरोप है कि इन गोदामों के निर्माण के दौरान उद्यमियों ने वन विभाग की भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया। स्थानीय नागरिकों ने जंगल और चरागाह क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण के खिलाफ कई शिकायतें कीं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया। व्यवसायियों ने नदी, नाले, कुएं और बोरवेल जैसे जल स्रोतों के सूखने के बाद उन जगहों पर भी कब्जा कर लिया है और यहाँ तक कि ग्रामीणों के पैदल रास्तों को भी नहीं छोड़ा।

    वन विभाग को बार-बार सबूत देने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसके अलावा, अवैध खनिज ले जाने वाले वाहनों ने भी वन क्षेत्र के पेड़ों को काटकर अपना रास्ता बना लिया है। स्थानीय सामाजिक संस्थाओं ने कुरुंद वाहुली के गुरचरण सर्वे नंबर 71/6, 77/16, 65/8 और 20 में हुए अतिक्रमण के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब स्थानीय लोग इस वन कटाई के खिलाफ एकजुट हो गए हैं और वन मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

    वन मंत्री के पास ज्ञापन पहुँचने के बाद इसे ठाणे और पडघा वन मंडल कार्यालय भेजा गया। इसके बाद पडघा के वन परिक्षेत्र अधिकारी रमेश रसाळ ने अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारी ने वन विभाग के संरक्षित क्षेत्र (सर्वे नंबर 52) के पास सुरक्षा दीवार बनाने वाले सर्वे नंबर 58/1 के मालिक राजेश देशपांडे को लिखित पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि वे भिवंडी तालुका भूमि अभिलेख कार्यालय से तत्काल भूमि की सीमा निश्चित कराएं। इस प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के सर्वेयर भी उपस्थित रहेंगे। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।

  • Bhiwandi Manpa Retirement Ceremony-2025 : भिवंडी मनपा ने सात सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी भावभीनी विदाई,हुई सेवाकाल की सराहना

    Bhiwandi Manpa Retirement Ceremony-2025 : भिवंडी मनपा ने सात सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी भावभीनी विदाई,हुई सेवाकाल की सराहना

    भिवंडी: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका (मनपा) द्वारा अपनी सेवा पूरी कर चुके और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कुल 7 कर्मचारियों को एक विशेष समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। यह आयोजन मनपा आयुक्त तथा प्रशासक अनमोल सागर (आई.ए.एस.) के निर्देश पर नई प्रशासनिक इमारत के तीसरे तल स्थित स्व. विलासराव देशमुख सभागृह में संपन्न हुआ।

    समारोह में उपायुक्त (मुख्यालय) विक्रम दराडे ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शॉल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया और उनकी वर्षों की समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कर्मचारियों के अनुभव और निष्ठा को भिवंडी मनपा की सफलता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।

    सम्मानित सेवानिवृत्त कर्मचारी इस प्रकार हैं:

    • रमेश बंडु थोरात – सहायक आयुक्त (शिक्षा) – स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
    • गोपाल एस. सिंह – फार्मासिस्ट
    • रतन दत्तात्रेय गोसावी – वाहन चालक
    • इमरान सिकंदर खतीब – वाहन चालक
    • मालू धाको मोरघे – रोड मुकादम
    • कैलाश बाळीकराम तेलवणे – सफाई कर्मचारी
    • अख्तरअली मोह. शरीफ – सफाई कर्मचारी

    कार्यक्रम में मनपा अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। यह समारोह कर्मचारियों की निष्ठा, सेवाभाव और प्रतिबद्धता को सम्मानित करने का एक भावनात्मक और गरिमामय अवसर रहा।

  • Congress Stages Protest at Dugad Fata Against the Deterioration of Bhiwandi-Wada Road”:भिवंडी-वाडा सड़क की दुर्दशा के खिलाफ कांग्रेस का दुगाड फाटा में विरोध प्रदर्शन

    कांग्रेस नेताओं द्वारा दुगाड फाटा में भिवंडी-वाडा सड़क की खराब हालत के खिलाफ किया गया विरोध प्रदर्शन।

    भिवंडी।
    कई वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद भिवंडी-वाडा राज्य राजमार्ग की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। खराब गुणवत्ता के निर्माण कार्यों के चलते यह मार्ग अब “मौत और भ्रष्टाचार का राजमार्ग” बन गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी द्वारा दुगाड फाटा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

    ठाणे जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष दयानंद चोरघे ने कहा कि पिछले पंद्रह वर्षों में इस सड़क पर भारी भरकम बजट खर्च हुआ है, लेकिन सड़क की हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है। उन्होंने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, जिले के पालक मंत्री और केंद्र सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस तीव्र आंदोलन करेगी।

    प्रदर्शन के दौरान सड़क के गड्ढों में ‘बेशर्म’ प्रजाति के पौधे लगाकर प्रतीकात्मक विरोध किया गया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी हुई।

    इस विरोध कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता शरद ठाकरे, नीलेश भोईर, सोहेल खान, पूर्व उपसभापति महेश धानके, शाहपुर तालुका अध्यक्ष जितेश विशे, कल्पेश पाटील, संदेश वखारे, मुदसशील पटेल, सदानंद शेळके, संजय गायकवाड़ आदि उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

    मौके पर भिवंडी सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस का ज्ञापन स्वीकार किया।

  • Oath-taking Ceremony of the Women Executive Committee of the North Indian Social Service Organization Concludes in Bhiwandi:”उत्तर भारतीय समाज सेवा संस्था महिला कार्यकारिणी का पद वितरण समारोह भिवंडी में संपन्न”

    भिवंडी।
    उत्तर भारतीय समाज सेवा संस्था, भिवंडी की महिला इकाई द्वारा आयोजित पद वितरण समारोह बीएमपीए हाल में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भाजपा भिवंडी शहर जिला अध्यक्ष रविकांत सावंत ने कहा कि भिवंडी के विकास में उत्तर भारतीय समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भिवंडी पश्चिम से भाजपा विधायक महेश चौघुले की हैट्रिक जीत में उत्तर भारतीय समाज की भूमिका सराहनीय रही है। भाजपा हर परिस्थिति में उत्तर भारतीय समाज के साथ खड़ी है।

    कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं नागरिक सहकारी बैंक भिवंडी की संचालिका तथा पूर्व नगरसेविका कल्पना शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा, “नारी शक्ति के सशक्त होने से राष्ट्र और समाज सशक्त होता है। महिला सशक्तिकरण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।“

    कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल सिंह (दादा ठाकुर) ने की। महिला इकाई की अध्यक्ष डॉ. स्वाति सिंह ने अपने प्रस्तावना भाषण में महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु संस्था की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

    मुख्य मंचासीन अतिथियों में शामिल रहे:

    • रविकांत सावंत (जिला अध्यक्ष, भाजपा)
    • कल्पना शर्मा (पूर्व नगरसेविका)
    • डॉ. सरोज भदौरिया (प्रख्यात दंत रोग विशेषज्ञ)
    • राजू चौघुले (अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा भिवंडी)
    • डॉ. शमशेर सिंह

    कार्यक्रम में महिला इकाई की नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को अतिथियों के करकमलों द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए:

    पदाधिकारियों की सूची:

    • उपाध्यक्ष: ज्योति मिश्रा, रागिनी मिश्रा, शालिनी प्रजापति
    • महासचिव (जनरल सेक्रेटरी): ऐश्वर्या गुप्ता, उमा सिंह
    • कार्यकारिणी सदस्य: डॉ. सेजल शुक्ला, वंदना देवी मौर्या, रीता यादव, रेखा मिश्रा, सीता शर्मा

    इस अवसर पर संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी एडवोकेट प्रवीण मिश्रा, मनोज सिंह, राम शंकर केसरवानी, सदा सिंह, जितेंद्र तिवारी, बालमुकुंद शुक्ला, पी. डी. यादव, अजीत ठाकुर, प्रेम तिवारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और समाजसेवी उपस्थित रहीं।

    कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्था के कार्याध्यक्ष एड. प्रवीण मिश्रा ने किया।