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  • Youth Arrested in Vartaknagar: वर्तकनगर इलाके में साढ़े तीन किलो गांजा के साथ एक युवक गिरफ्तार!

    Youth Arrested in Vartaknagar: वर्तकनगर इलाके में साढ़े तीन किलो गांजा के साथ एक युवक गिरफ्तार!

    Youth Arrested in Vartaknagar: वर्तकनगर पुलिस ने वागले एस्टेट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत लुइसवाड़ी निवासी गणेश दिलीप मोरे (30) को तीन किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। वह ग्राहकों को गांजा बेच रहा था। वर्तकनगर पुलिस ने गांजा और 41 लाख रुपये मूल्य का एक वाहन जब्त किया है।

    24 तारीख की दोपहर गश्त के दौरान, वर्तकनगर पुलिस स्टेशन के कांस्टेबल दीपक जाधव के नेतृत्व में एक टीम ने टीसीएस कंपनी से लेकशोर मॉल की ओर जाने वाली सड़क पर संदिग्ध रूप से खड़ी एक चार पहिया गाड़ी देखी। पुलिस को देखकर चालक भागने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। उस पर नशीले पदार्थों के होने का संदेह था, इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।

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    पुलिस निरीक्षक मलहारी कोकरे की उपस्थिति में आरोपी की तलाशी ली गई। शुरू में तलाशी में कुछ नहीं मिला। हालांकि, जब उसके कब्जे वाली चार पहिया गाड़ी की जांच की गई, तो पिछली सीट पर और सीएनजी टैंक के पास रखे कपड़े के थैलों में गांजा बरामद हुआ।

    एक थैले में प्लास्टिक टेप में लिपटा हुआ 1 किलो 180 ग्राम गांजा था, जबकि दूसरे थैले में छोटे पैकेटों में पैक किया हुआ 2 किलो गांजा था।पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह गांजा लोखंडे और गायकवाड़ नाम के व्यक्तियों से खरीदा था और बेचने के लिए रखा था।

    इस अभियान में पुलिस ने गांजा, बैग और एक चार पहिया वाहन समेत कुल 4 लाख 10 हजार रुपये मूल्य की कीमती वस्तुएं जब्त की हैं। वर्तकनगर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रवीण माने के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।

  • Bhiwandi Crime: कोयता लेकर स्कूटी पर घूम रहे दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़े!

    Bhiwandi Crime: कोयता लेकर स्कूटी पर घूम रहे दो युवक पुलिस के हत्थे चढ़े!

    Bhiwandi Crime: नारपोली पुलिस ने गश्त के दौरान स्कूटी पर हथियार लेकर घूम रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लोहे का कोयता बरामद किया है।

    पुलिस के अनुसार, अंजुरफाटा से वलपाड़ा जाने वाले मार्ग पर गश्त के दौरान सफेद रंग की स्कूटी क्रमांक MH-04-LC-0871 पर सवार दो युवक संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस ने वाहन रोककर तलाशी ली तो पीछे बैठे पिंकेश हनुमान पाटील (28) के पास से लोहे का कोयता बरामद हुआ। आरोपी गुंदवली गांव का निवासी बताया गया है।

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    स्कूटी चला रहे धिरेन दुर्गा माजी (26) को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से करीब 500 रुपये कीमत का लोहे का कोयता जब्त किया गया। दोनों आरोपी ठाणे पुलिस आयुक्त द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक स्थान पर हथियार लेकर घूम रहे थे।

    नारपोली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 4 और 25 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1) और 135 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस हवलदार हुंडेकरी कर रहे हैं।

  • Electricity Theft in Bhiwandi: भिवंडी में 6.10 लाख की बिजली चोरी पकड़ी गई, दो लोगों पर मामला दर्ज!

    Electricity Theft in Bhiwandi: भिवंडी में 6.10 लाख की बिजली चोरी पकड़ी गई, दो लोगों पर मामला दर्ज!

    Electricity Theft in Bhiwandi: शांतीनगर थाना क्षेत्र के काल्हेर इलाके में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। टोरेन्ट पावर कंपनी की जांच में करीब 6.10 लाख रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई, जिसके बाद दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, काल्हेर स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के पास रहने वाले पैरीस प्रकाश पाटील और आदेश प्रकाश पाटील ने अवैध तरीके से बिजली कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ट्रांसफॉर्मर से सीधे तीन वायर जोड़कर बिना मीटर बिजली इस्तेमाल की।

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    बताया गया कि फरवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच आरोपियों ने करीब 24,290 यूनिट बिजली का अवैध उपयोग किया, जिससे कंपनी को 6,10,523 रुपये का नुकसान हुआ।

    शांतीनगर पुलिस ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अरुण घोलप कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी फिलहाल फरार हैं।

  • Pradeep Singh’s Decisive Action: खेतासराय थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह का बड़ा एक्शन, दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी ढेर!

    Pradeep Singh’s Decisive Action: खेतासराय थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह का बड़ा एक्शन, दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी ढेर!

    Pradeep Singh’s Decisive Action: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में चर्चित दूल्हा हत्याकांड के मुख्य आरोपी रवि यादव के इनकाउंटर ने यह साबित कर दिया कि अपराध कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून के हाथ उससे बड़े होते हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस, विशेषकर खेतासराय थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह की पैनी नज़र ने जिस तेजी, रणनीति और साहस के साथ कार्रवाई की, वह सराहनीय है।

    1 मई को दूल्हे आजाद बिंद की दिनदहाड़े हत्या से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव था लेकिन खेतासराय व जौनपुर पुलिस ने केवल बयानबाजी नहीं की बल्कि अपराधियों को जमीन से खींचकर बाहर निकालने का काम किया। बताया जा रहा है कि एक लाख के इनामी रवि यादव की लोकेशन 25 मई को मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की।

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    बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमें एक पुलिस अधिकारी घायल भी हुए लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी। जवाबी कार्रवाई में रवि यादव मारा गया। यह मुठभेड़ बताती है कि पुलिस अब अपराधियों के सामने झुकने वाली नहीं है। खेतासराय थानाध्यक्ष की सूझबूझ व एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने जनता में यह भरोसा मजबूत किया है कि कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से मैदान में है।

    जिस तरह से पुलिस ने लगातार दबिश, निगरानी और तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल किया, वह अपराधियों के लिए साफ संदेश है, अपराध करोगे तो बचोगे नहीं। प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त नीति का यह एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। आम जनता भी पुलिस की इस कार्रवाई की खुलकर प्रशंसा कर रही है और इसे पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

  • ₹10 Crore Scam: सुरक्षा रक्षक पंजीकरण में ₹10 करोड़ के घोटाले का आरोप, ACB जांच की मांग से मचा हड़कंप!

    ₹10 Crore Scam: सुरक्षा रक्षक पंजीकरण में ₹10 करोड़ के घोटाले का आरोप, ACB जांच की मांग से मचा हड़कंप!

    ₹10 Crore Scam: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और सुरक्षा रक्षक मंडल (बृहन्मुंबई एवं ठाणे जिला) के माध्यम से सुरक्षा रक्षकों के पंजीकरण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, आर्थिक अनियमितता और न्यायालय को गुमराह करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में सुरक्षा रक्षक मंडल के अध्यक्ष अशोक डोके सहित संबंधित अधिकारियों की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से विस्तृत जांच कराने की मांग सामाजिक कार्यकर्ता तथा फाइट फॉर राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद पांडुरंग घोलप ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, श्रम मंत्री आकाश फुंडकर और श्रम विभाग के प्रधान सचिव को लिखित शिकायत देकर की है।

    शिकायत के अनुसार, 4 अप्रैल 2022 को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के तत्कालीन उपायुक्त मारुति पांडुरंग गायकवाड ने मे. सैनिक इंटेलिजेंस सिक्युरिटी प्रा. लि. नामक ठेकेदार कंपनी के माध्यम से कार्यरत सुरक्षा रक्षकों के पंजीकरण के लिए पत्र जारी किया था। हालांकि, संबंधित सुरक्षा रक्षक वास्तव में कहां, कितने समय से और किस विभाग में कार्यरत थे, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

    मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया गया है कि उच्च न्यायालय में केवल 161 सुरक्षा रक्षकों के पंजीकरण से संबंधित याचिका लंबित होने के बावजूद लगभग 490 अतिरिक्त सुरक्षा रक्षकों का पंजीकरण किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इसे न्यायालय के आदेश की अवमानना और प्रशासन द्वारा न्यायालय को गुमराह करने का मामला बताया है।

    शिकायत में आगे कहा गया है कि न्यायालय में दायर शपथपत्र में तत्कालीन उपायुक्त मारुति गायकवाड ने लगभग 650 सुरक्षा रक्षकों की कोई जानकारी महानगरपालिका के पास उपलब्ध नहीं होने की बात कही थी, जबकि इससे पहले उन्हीं अधिकारियों द्वारा पंजीकरण के लिए अनुशंसा पत्र जारी किया गया था। इससे शासन और न्यायालय को विरोधाभासी जानकारी देने का आरोप और गंभीर हो गया है।

    इसके अलावा, संबंधित सुरक्षा रक्षकों से पंजीकरण खर्च के नाम पर ₹1 लाख से ₹1.50 लाख तक की राशि अग्रिम कर्ज के रूप में लेकर उनके वेतन से कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे सुरक्षा रक्षकों के आर्थिक शोषण और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार का संकेत बताया है।

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    वहीं सुरक्षा रक्षक मंडल के निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में संबंधित 650 सुरक्षा रक्षकों को पिछले 15 वर्षों से कार्यरत बताते हुए उनके पंजीकरण पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कही गई है। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खाती और शासन व न्यायालय को गुमराह करने के उद्देश्य से गलत जानकारी प्रस्तुत की गई है।

    उल्लेखनीय है कि तत्कालीन उपायुक्त मारुति गायकवाड बाद में नवी मुंबई महानगरपालिका में कार्यरत रहते हुए भ्रष्टाचार के एक मामले में ACB द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इससे पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

    शिकायतकर्ता विनोद घोलप ने इस पूरे मामले में ₹10 करोड़ से अधिक के आर्थिक घोटाले का दावा करते हुए अवैध पंजीकरण तत्काल रद्द करने, सुरक्षा रक्षकों से वसूली गई राशि वापस करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

    इन आरोपों के बाद मीरा-भाईंदर महानगरपालिका और सुरक्षा रक्षक मंडल का कामकाज एक बार फिर विवादों में आ गया है। अब राज्य सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। “यदि सुरक्षा रक्षकों को न्याय नहीं मिला तो तीव्र जन आंदोलन किया जाएगा,” ऐसा इशारा शिकायतकर्ता विनोद घोलप ने दिया है।

  • Spa Center Raided: ठाणे में स्पा सेंटर पर छापा, 5 महिलाओं को कराया गया मुक्त, एक महिला आरोपी गिरफ्तार!

    Spa Center Raided: ठाणे में स्पा सेंटर पर छापा, 5 महिलाओं को कराया गया मुक्त, एक महिला आरोपी गिरफ्तार!

    Spa Center Raided: अनैतिक मानवीय तस्करी प्रतिबंध कक्ष को मिली गुप्त सूचना के आधार पर डोंबिवली पूर्व स्थित निळजे, कल्याण-शीळ रोड पर आर.आर. बिल्डिंग के शॉप नंबर 1 में संचालित “आयुररोग्यम आयुर्वेदा स्पा” पर छापा मारा गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में ग्राहकों को पैसों के बदले महिलाओं की व्यवस्था कर अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

    पुलिस ने 25 मई 2026 को जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर पर छापा मारा, जहां से एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया तथा 5 पीड़ित महिलाओं को मुक्त कराया गया। आरोपी महिला को शाम 5:30 बजे गिरफ्तार कर रिपोर्ट सहित मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में पेश किया गया।

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    इस मामले में स्पा मैनेजर सहित अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 143(1), 143(3), 3(5) तथा अनैतिक व्यापार (प्रतिबंध) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में सी.आर. नंबर 461/2026 के तहत 26 मई 2026 को सुबह 5:53 बजे अपराध दर्ज किया गया।

    मुक्त कराई गई 5 महिलाओं को सुरक्षा के मद्देनजर शांतिसदन, उल्हासनगर-5 स्थित सुरक्षा गृह में रखा गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वपोनि वैशाली गौरडे, सपोनि शिंदे, PSI वालगुडे, ASI विजय पाटील व अन्य पुलिस कर्मियों की टीम ने अंजाम दी।

  • Vartaknagar Ganja Smuggling: वर्तकनगर इलाके में साढ़े तीन किलो गांजा के साथ एक युवक गिरफ्तार!

    Vartaknagar Ganja Smuggling: वर्तकनगर इलाके में साढ़े तीन किलो गांजा के साथ एक युवक गिरफ्तार!

    Vartaknagar Ganja Smuggling: वर्तकनगर पुलिस ने वागले एस्टेट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत लुइसवाड़ी निवासी गणेश दिलीप मोरे (30) को तीन किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। वह ग्राहकों को गांजा बेच रहा था। वर्तकनगर पुलिस ने गांजा और 41 लाख रुपये मूल्य का एक वाहन जब्त किया है।

    24 तारीख की दोपहर गश्त के दौरान, वर्तकनगर पुलिस स्टेशन के कांस्टेबल दीपक जाधव के नेतृत्व में एक टीम ने टीसीएस कंपनी से लेकशोर मॉल की ओर जाने वाली सड़क पर संदिग्ध रूप से खड़ी एक चार पहिया गाड़ी देखी। पुलिस को देखकर चालक भागने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। उस पर नशीले पदार्थों के होने का संदेह था, इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।

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    पुलिस निरीक्षक मलहारी कोकरे की उपस्थिति में आरोपी की तलाशी ली गई। शुरू में तलाशी में कुछ नहीं मिला। हालांकि, जब उसके कब्जे वाली चार पहिया गाड़ी की जांच की गई, तो पिछली सीट पर और सीएनजी टैंक के पास रखे कपड़े के थैलों में गांजा बरामद हुआ। एक थैले में प्लास्टिक टेप में लिपटा हुआ 1 किलो 180 ग्राम गांजा था, जबकि दूसरे थैले में छोटे पैकेटों में पैक किया हुआ 2 किलो गांजा था।

    पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह गांजा लोखंडे और गायकवाड़ नाम के व्यक्तियों से खरीदा था और बेचने के लिए रखा था। इस अभियान में पुलिस ने गांजा, बैग और एक चार पहिया वाहन समेत कुल 4 लाख 10 हजार रुपये मूल्य की कीमती वस्तुएं जब्त की हैं। वर्तकनगर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रवीण माने के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।

  • Illegal Slaughterhouse in Shilphata: शिलफाटा में अवैध पशु वधशाला – 7 लोग गिरफ्तार 500 किलोग्राम मांस और वाहन जब्त!

    Illegal Slaughterhouse in Shilphata: शिलफाटा में अवैध पशु वधशाला – 7 लोग गिरफ्तार 500 किलोग्राम मांस और वाहन जब्त!

    Illegal Slaughterhouse in Shilphata: ठाणे कमिश्नरेट के अंतर्गत शिलफाटा इलाके में बकरी ईद के लिए पशुओं की बलि देकर मुस्लिम नागरिकों को मांस की आपूर्ति करने हेतु एक अवैध बूचड़खाना स्थापित किए जाने की सूचना मिलने पर, शिलदाईघर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    उन्होंने बूचड़खाने से 500 किलोग्राम मांस और मांस ले जा रहे वाहन को भी जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए सात लोगों के नाम हैं: हैदर अली कुरैशी, मदार कुरैशी, फिरोज कुरैशी, अरशद कुरैशी, मोहम्मद जफर पठान, निजाम शेख और हारून उर्फ ​​मुन्ना कुरैशी।

    शिल दाइघर पुलिस स्टेशन के अपराध जांच दस्ते के कांस्टेबल सचिन कोली, सहायक पुलिस निरीक्षक राजपूत, सब-इंस्पेक्टर शिरस्कर और अन्य कर्मी 24 मई की सुबह मुस्लिमों के बकरी ईद त्योहार के मद्देनजर गश्त कर रहे थे। उसी समय, नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि ठाकुरपाड़ा, गणेश कंपाउंड क्षेत्र में मवेशियों की हत्या की जा रही है। इसके बाद, पुलिस ने तुरंत ब्लू मून कंपाउंड स्थित एक कागज के गोदाम पर छापा मारा।

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    जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कुछ नागरिकों ने सात संदिग्धों को घेर रक्खा था। भीड़ द्वारा पीटे गए सातों लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और चिकित्सा उपचार के लिए भेज दिया। इसके बाद, गोदाम की तलाशी लेने पर, बड़ी मात्रा में मवेशियों के अंग, कटे हुए धड़, टांगें, खोपड़ियाँ और मांस के टुकड़े बरामद हुए। मौके से दो नुकीले लोहे के खंभे, दो तेज चाकू, एक लकड़ी की कुल्हाड़ी और एक डिजिटल तराजू भी जब्त किया गया।

    1.5 लाख रुपये का मांस और वाहन जब्त
    जांच के दौरान लगभग 500 किलोग्राम गोमांस व वाहन जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये बताई गई। गोदाम में दो जीवित बैल भी बंधे हुए पाए गए। पुलिस ने गो वंश को छुड़ाकर गौशाला भेज दिया। इसके अलावा, मौके से एक दोपहिया वाहन, एक रिक्शा और एक चार पहिया वाहन जब्त किया गया। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि रिक्शा और चार पहिया वाहन में गोमांस के टुकड़े भी मिले हैं।

    पुलिस जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ पहले भी विभिन्न अपराधों के लिए दर्ज हैं। जांच में पता चला है कि वे अवैध रूप से गोमांस व पशुओं का परिवहन, भंडारण और वध करके लाभ कमाते हैं और मांस बेचते हैं। इस बीच, मौके पर मौजूद मोतीराम गोंधली ने दावा किया कि उनके भाई का लाल बैल चोरी हो गया था और उसी बैल का शव गोदाम में मिला।

    इस मामले में पुलिस कांस्टेबल सचिन वसंत कोली (उम्र 42) की शिकायत के आधार पर शिल दाइघर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीराम पोल के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।

  • Modi Desai Creek Distillery: मोधी देसाई क्रीक स्थित हाथ से चलने वाले भट्ठे पर पुलिस की छापेमारी – 1.20 लाख रुपये का सामान जब्त!

    Modi Desai Creek Distillery: मोधी देसाई क्रीक स्थित हाथ से चलने वाले भट्ठे पर पुलिस की छापेमारी – 1.20 लाख रुपये का सामान जब्त!

    Modi Desai Creek Distillery: ठाणे कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाली दाइघर पुलिस की एक टीम ने सूचना मिलने पर मोदी देसाई क्रीक में अवैध शराब बनाने की भट्टी पर छापा मारा। पुलिस ने 1,20,600 रुपये मूल्य की शराब बनाने की सामग्री जब्त की और भट्टी को ध्वस्त कर दिया।

    शिल दाइघर पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल राजपूत को 22 मई को एक गुप्त सूचना मिली कि मोती देसाई क्रीक क्षेत्र के मैंग्रोव वन में देसी शराब बनाई और जमा की जा रही है। सूचना की पुष्टि करने के बाद, पुलिस ने तुरंत निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के लिए एक टीम का गठन किया।

    संबंधित खबरें: DM Directs Strict Action: 46.5 लाख ज़ब्त, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश!

    सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल राजपूत, सहायक पुलिस उप-निरीक्षक शांताराम सावंत, पुलिसकर्मी सचिन कोली, विक्रांत कांबले, तेजस परब, जयेश येल्वे और उनके साथ एक पंच सरकारी वाहन से कल्याण-शिल होते हुए पाडे गांव से मोती देसाई खाड़ी क्षेत्र पहुंचे।

    रात करीब 12:30 बजे खाड़ी के किनारे मैंग्रोव वन में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पानी में झाड़ियों में गांव की पारंपरिक शराब बनाने के लिए आवश्यक सामग्री लावारिस हालत में मिली। जब मालिक की तलाश की गई तो वहां कोई नहीं मिला। पुलिस ने मौके से 12 नीले प्लास्टिक के ड्रम जब्त किए।

    प्रत्येक ड्रम में लगभग 220 लीटर गुड़ और नवसागर मिला हुआ एक रासायनिक पदार्थ (वॉश) भरा हुआ था। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक ढोल और एक सते भी जब्त किया गया। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य 1 लाख 20 हजार 600 रुपये है। इस मामले में निषेध अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • DM Directs Strict Action: 46.5 लाख ज़ब्त, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश!

    DM Directs Strict Action: 46.5 लाख ज़ब्त, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश!

    DM Directs Strict Action: ठाणे सिटी क्राइम ब्रांच यूनिट-1 और राशन डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट की जॉइंट टीम ने मुंबई-नासिक हाईवे पर खारेगांव टोल प्लाजा के पास एक बड़ी और बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने खाने के तेल के नाम पर डीज़ल जैसा ज्वलनशील पदार्थ गैर-कानूनी तरीके से ले जा रहे एक बड़े टैंकर को ज़ब्त किया है और इस कार्रवाई में 46 लाख 50 हज़ार रुपये का भारी मात्रा में सामान ज़ब्त किया गया है।

    लोगों को गुमराह करने के लिए जिस टैंकर की बात हो रही है, उस पर ‘खाने का तेल’ लिखा हुआ था। इस मामले में मुख्य आरोपी ड्राइवर समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ कलवा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-1 को मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर, खारेगांव टोल प्लाजा से पहले मुंब्रा टर्नपाइक रोड के पास जाल बिछाया गया। जब इस जगह पर एक संदिग्ध टाटा कंपनी के टैंकर (सीरियल नंबर MH-46-BB-7134) को रोककर जांच की गई, तो उसमें बड़ी मात्रा में ज्वलनशील लिक्विड मिला।

    टैंकर ड्राइवर के पास इस डीजल जैसे पदार्थ को ले जाने के लिए कोई लाइसेंस, खरीद बिल या वैध दस्तावेज नहीं थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, राशन वितरण विभाग, ठाणे के डिप्टी कंट्रोलर के आदेश पर, राशन वितरण अधिकारी सुभाष रामनाथ डुंबरे और उनकी टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। इस संयुक्त जांच के दौरान, टैंकर के 5 डिब्बों में कुल 25,000 लीटर अवैध डीजल जैसा पदार्थ मिला। जब्त किए गए सामान में 24.50 लाख रुपये कीमत का 25,000 लीटर डीजल जैसा पेट्रोलियम प्रोडक्ट और 22 लाख रुपये कीमत का एक टाटा टैंकर शामिल है।

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    नियमों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने केमिकल टेस्टिंग के लिए मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं और टैंकर और दूसरा सामान पुलिस को सौंप दिया है। शुरुआती जांच में यह ज़रूरी जानकारी सामने आई है कि सभी आरोपियों ने अपने फायदे के लिए मिलीभगत करके विरार खाड़ी के किनारे नाव से लाए गए डीज़ल को टैंकर में लोड किया था और वे इसे नासिक ले जाने की प्लानिंग कर रहे थे। आरोपियों ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ट्रांसपोर्ट के लिए किसी भी सही नियम का पालन किए बिना एक नॉर्मल टैंकर में इतना खतरनाक सामान ट्रांसपोर्ट करके लोगों की जान को बहुत बड़ा खतरा पैदा करने का काम किया है।

    इस मामले में मुख्य आरोपी ड्राइवर धर्मेंद्र कुमार श्यामलाल पटेल (उम्र 37, वाशी, नवी मुंबई का रहने वाला) को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही, टैंकर मालिक रितेश अभय नारायण सिंह (निवासी दिवा, ठाणे) और पालघर और सूरत के 7 अन्य साथियों, रोशन शिरोडकर, नितिन कोली, राजू पंडित, दीपक पवार, सागर पाटिल और अनिल सूरत के नाम भी सामने आए हैं। राशन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर सुभाष रामनाथ डुंबरे की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955, मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल ऑर्डर 2005 और बायोडीजल पॉलिसी 2021 की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और पुलिस इंस्पेक्टर अशोक रावजी उटेकर मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।

    इस बड़े ऑपरेशन के बैकग्राउंड में, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर सरजेराव मस्के-पाटिल ने ठाणे जिले के लोगों से पब्लिकली अपील की है कि जिले में डीजल और इसी तरह के फ्यूल का काफी स्टॉक मौजूद है और लोगों को घबराने की कोई बात नहीं है। लोगों को कोई एक्स्ट्रा फ्यूल जमा नहीं करना चाहिए और फ्यूल की कमी की किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने यह भी चेतावनी दी है कि गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।