Tag: Artificial Intelligence

  • Maha AI initiative: महाराष्ट्र की ‘महा AI’ पहल देश में इनोवेटिव होगी; अब सरकारी काम में आएगी स्पीड और ट्रांसपेरेंसी!

    Maha AI initiative: महाराष्ट्र की ‘महा AI’ पहल देश में इनोवेटिव होगी; अब सरकारी काम में आएगी स्पीड और ट्रांसपेरेंसी!

    Maha AI initiative: राज्य सरकार के डिपार्टमेंट्स के काम को ज़्यादा एफिशिएंट, सिक्योर और पीपल-ओरिएंटेड बनाने के लिए, ‘महा AI’ – एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ‘महाराष्ट्र हब’, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित देश की पहली इनोवेटिव पहल, डेवलप की गई है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।

    यह पहल जल्द ही राज्य के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में लागू की जाएगी और इसके ज़रिए सरकारी काम में कॉरेस्पोंडेंस, नोट्स, रिपोर्ट्स तैयार करना, सरकारी कामों का ट्रांसलेशन, डॉक्यूमेंट्स की समरी और सरकारी नॉलेज बेस में जानकारी सर्च करने जैसे काम ज़्यादा तेज़ी से और सही तरीके से किए जा सकेंगे, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधान भवन में महा AI प्लेटफॉर्म पर एक मीटिंग में बोल रहे थे। इस मौके पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे, डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर गिरीश महाजन, चीफ मिनिस्टर के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी लोकेश चंद्र, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी असीम कुमार गुप्ता, फाइनेंस डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विकास चंद्र रस्तोगी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ. श्रीकर परदेशी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवीन सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह, महाIT की डायरेक्टर भुवनेश्वरी एस, स्टेट इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर और डिप्टी डायरेक्टर जनरल सपना कपूर मौजूद थे।

    चीफ मिनिस्टर फडणवीस ने कहा कि ‘महा AI’ राज्य में सरकारी सिस्टम में मॉडर्न टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करके एडमिनिस्ट्रेशन को और असरदार बनाने में अहम रोल निभाएगा। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर ने महाराष्ट्र के लिए यह सिस्टम डेवलप किया है और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट द्वारा दिए गए महाराष्ट्र स्टेट डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लागू किया गया है। इससे सरकारी जानकारी की सॉवरेनिटी, कॉन्फिडेंशियलिटी और सिक्योरिटी पक्की होगी।

    सभी सेंसिटिव सरकारी जानकारी सरकार के ही कंट्रोल में रहेगी, और जानकारी को राज्य सरकार के सिक्योर इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टोर और प्रोसेस किया जाएगा। ‘महा AI’ सिस्टम से ऑफिशियल लेटर, ई-मेल, नोट्स, डॉक्यूमेंट समराइज़ेशन, क्लैरिफिकेशन और ट्रांसलेशन बनाने, सरकारी नियमों, एक्ट, सरकारी फैसलों और सर्कुलर पर कॉन्टेक्स्टुअल जानकारी खोजने और नेचुरल भाषा में रिपोर्ट बनाने में मदद मिलेगी।

    बेनिफिशियरी के डुप्लीकेशन से बचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन की सुविधा भी मिलेगी। यह सिस्टम अलग-अलग AI मॉडल चुनने, इमेज और डॉक्यूमेंट अपलोड करने की सुविधा देता है। इस सिस्टम में यूज़र-वाइज़ सिक्योर लॉगिंग, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, पोजीशन-वाइज़ एक्सेस कंट्रोल जैसे सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए गए हैं, ताकि सरकारी डॉक्यूमेंट्स और जानकारी की कॉन्फिडेंशियलिटी बनी रहे।

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भविष्य में, ‘महा AI’ का इस्तेमाल सभी सरकारी डिपार्टमेंट में एक यूनिफॉर्म AI प्लेटफॉर्म के तौर पर किया जाएगा। साथ ही, इसे ई-ऑफिस, RTI, ई-HRMS, आपले सरकार जैसे अलग-अलग ई-गवर्नेंस सिस्टम से जोड़कर ड्राफ्टिंग, ट्रांसलेशन, समराइज़ेशन, नॉलेज कलेक्शन और बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं को और भी बेहतर बनाया जाएगा।

    इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह और स्टेट इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर और नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर की डिप्टी डायरेक्टर जनरल सपना कपूर ने महा AI प्लेटफॉर्म पर एक प्रेजेंटेशन दिया।

  • Jitin Prasada: सेमीकंडक्टर और एआई मिशन भारत में नवाचार आधारित विकास को दे रहे नई गति

    Jitin Prasada: सेमीकंडक्टर और एआई मिशन भारत में नवाचार आधारित विकास को दे रहे नई गति

    Jitin Prasada: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री Jitin Prasada ने कहा है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इंडिया एआई मिशन जैसी पहलें देश में अनुसंधान, विनिर्माण और नवाचार आधारित आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, कारोबार में सुगमता बढ़ाने और उन्नत तकनीकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

    संबंधित खबर: Plastic Currency Notes: प्लास्टिक के नोटों पर विचार जारी, आरबीआई ने कहा- अभी शुरुआती चरण में है प्रस्ताव

    सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित ‘एसटीपीआई टेक समिट 2026: इंडियाज़ नेक्स्ट लीप’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 35 वर्षों में एसटीपीआई ने भारत को वैश्विक डिजिटल शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा एसटीपीआई जैसे संस्थान स्टार्टअप्स और उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने भी तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और आईटी निर्यात में एसटीपीआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर एसटीपीआई की 35 वर्ष की यात्रा पर आधारित स्मारक संकलन जारी किया गया, अग्रणी आईटी निर्यातकों को सम्मानित किया गया तथा नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए वाधवानी फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया।

  • AI and Robotics Lab: मुंबई के मारवाड़ी कामर्शियल विद्यालय में ए.आई. एवं रोबोटिक्स लैब का हुआ उद्घाटन

    AI and Robotics Lab: मुंबई के मारवाड़ी कामर्शियल विद्यालय में ए.आई. एवं रोबोटिक्स लैब का हुआ उद्घाटन

    AI and Robotics Lab: विद्यार्थियों को 21वीं सदी के तकनीकी कौशल से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुंबई के कालबादेवी क्षेत्र स्थित मारवाड़ी कामर्शियल हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज में अत्याधुनिक ए.आई. एवं रोबोटिक्स लैब का भव्य उद्घाटन किया गया। इस आधुनिक लैब की स्थापना इनर व्हिल क्लब ऑफ बॉम्बे क्वीन्स टियारा, चिंगारी शक्ति फाउंडेशन तथा टीम सिग्मा #9692 आरएफएल अकेडमी के संयुक्त सहयोग से संभव हो सकी।

    उद्घाटन समारोह में इनर व्हील क्लब की अध्यक्षा गोपिका दोशी, चिंगारी शक्ति फाउंडेशन की संस्थापिका पिंकी राजगढ़िया तथा टीम सिग्मा की तकनीकी टीम के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि चिंगारी शक्ति फाउंडेशन द्वारा स्थापित यह 26वीं ए.आई. एवं रोबोटिक्स प्रयोगशाला है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र गाडिय़ा एवं सचिव पारस जैन ने इस पहल को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शुभकामनाएं दीं।

    संबंधित खबरें: Illegal Slaughterhouse in Shilphata: शिलफाटा में अवैध पशु वधशाला – 7 लोग गिरफ्तार 500 किलोग्राम मांस और वाहन जब्त!

    इस अवसर पर गोपिका दोशी ने कहा, “प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा ही विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर सकती है। हमें विश्वास है कि यह लैब मुंबई के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी।” वहीं पिंकी राजगढ़िया ने कहा, “हमारा उद्देश्य वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भी ए.आई. और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ सकें।”

    विद्यालय की प्राचार्य कुसुम विजय पाठक ने बताया कि इस लैब के माध्यम से विद्यालय के 450 से अधिक विद्यार्थियों को अब कोडिंग, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। उद्घाटन के दौरान विद्यार्थियों ने रोबोट निर्माण एवं प्रोग्रामिंग की डेमो प्रस्तुति भी दी, जिसे देखकर अतिथिगण अत्यंत प्रभावित हुए।

    कार्यक्रम का समापन आभार प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय प्रशासन ने सभी सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना की। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में मारवाड़ी कामर्शियल स्कूल एंड जूनियर कॉलेज का यह प्रयास कालबादेवी क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

  • India US Relations: 23 मई से भारत दौरे पर रहेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, परमाणु ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोर!

    India US Relations: 23 मई से भारत दौरे पर रहेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, परमाणु ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोर!

    India US Relations: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत की यात्रा पर आएंगे। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा, व्यापार, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि नागरिक परमाणु ऊर्जा साझेदारी इस दौरे का प्रमुख विषय रहेगी।

    हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग को दोनों देशों के रिश्तों के अगले महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है। रुबियो की यात्रा से पहले नाभिकीय ऊर्जा संस्थान (NEI) और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के प्रतिनिधियों ने मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।

    अमेरिकी अधिकारियों ने इस पहल को “भारत में अमेरिकी परमाणु कार्यकारी मिशन” का नाम दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मार्को रुबियो अपने भारत दौरे के दौरान कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का भी दौरा करेंगे।

    संबंधित ख़बरें: Modi-Christodoulides Meeting: मोदी के साथ कल वार्ता करेंगे साइप्रस के राष्ट्रपति, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर होगी बात!

    भारत यात्रा से पहले अमेरिकी दूतावास ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ ऐसे समय मना रहा है जब वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है।

    अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी कंपनियां भारत को वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। बयान में कहा गया कि अमेरिकी विशेषज्ञता और निजी क्षेत्र की भागीदारी से भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को गति मिलेगी।

    इसी बीच परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ बैठक कर जैव प्रौद्योगिकी, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और परमाणु चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने “यूएस-इंडिया ट्रस्ट इनिशिएटिव” के तहत एआई, सेमीकंडक्टर, बायोटेक और स्पेस टेक्नोलॉजी में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

  • AM Intelligence Labs Investment Agreement: डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहल से महाराष्ट्र में ₹1.14 लाख करोड़ का निवेश, ग्रीन एआई कंप्यूट हब बनेगा

    AM Intelligence Labs Investment Agreement: डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहल से महाराष्ट्र में ₹1.14 लाख करोड़ का निवेश, ग्रीन एआई कंप्यूट हब बनेगा

    AM Intelligence Labs Investment Agreement: महाराष्ट्र में डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र को बड़ी मजबूती देते हुए AM Intelligence Labs के साथ ₹1.14 लाख करोड़ के निवेश का समझौता हुआ है। यह निवेश मुंबई महानगर क्षेत्र में 500 मेगावाट क्षमता के ग्रीन एआई कंप्यूट हब और डेटा सेंटर पार्क के निर्माण के लिए किया जाएगा।

    डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहल से इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र लाने में सफलता मिली। उदय सामंत ने बताया कि डॉ. शिंदे ने मुंबई और दिल्ली में कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं, जिसके बाद यह बड़ा निवेश राज्य को मिला।

    संबंधित ख़बरें: Standard Engineering Technology Q4 FY26: स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलोजी लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन!

    उदय सामंत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार नई तकनीक और एआई आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन दे रही है। इसी दिशा में यह समझौता राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से 2000 से 3000 तकनीकी दक्ष युवाओं को रोजगार मिलेगा।

    यह ग्रीन एआई कंप्यूट हब मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। परियोजना पूरी तरह सौर और पवन ऊर्जा आधारित होगी, जिससे पर्यावरण पर असर कम होगा और 24 घंटे ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

    मंत्री ने कहा कि यह निवेश महाराष्ट्र को देश की डिजिटल और एआई राजधानी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना से भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

  • Artificial Intelligence: अब एआई बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं, 40 साल पुरानी रेलवे आरक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव!

    Artificial Intelligence: अब एआई बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं, 40 साल पुरानी रेलवे आरक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव!

    Artificial Intelligence: भारतीय रेलवे का 40 साल पुराना यात्री आरक्षण प्रणाली पूरी तरह से बदल जाएंगी और नयी प्रणाली आपको कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की मदद से बताने लगेगी कि आपका वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। इस सिलसिले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यहां स्थित रेल भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस बात का ख्याल रखें कि उन्नत प्रणाली पर गाड़ियों के स्थानांतरण के समय यात्रियों को परेशानी न हो।

    इस बैठक में रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू भी उपस्थित थे। रेलवे की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार 1986 में शुरू हुई इस प्रणाली में पिछले 40 साल में कई छोटे बदलाव किए गये हैं, लेकिन अब इसमें आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इसके क्षमता का विस्तार किया गया है।

    रेलवे के अनुसार रेल आरक्षण प्रणाली ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं। वर्ष 2002 में भारतीय रेलवे ने टिकटिंग में इंटरनेट का प्रयोग शुरू किया। आज यह प्रणाली इतनी लोकप्रिय है कि देश की ज्यादातर आबादी खिड़की की ओर रुख नहीं करती। मौजूदा समय में देश में लगभग 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किये जाते हैं।

    संबंधित खबरें: Assam Spices: असम के मसालों से आएगी गुजराती मसालों की खुशबू, महेसाणा से अजारा के लिए रवाना हुई पहली मालगाड़ी!

    वहीं, भारतीय रेल का मोबाइल ऐप रेलवन यात्रियों के बीच बड़ी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। एक साल से कम समय में ही देशभर में अब तक 3.5 करोड़ लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं। रेलवे ने कहा है कि आज जब आप अपनी टिकट बनाते हैं, तो रेलवन ऐप आपको यह बताता है कि आपकी वेटिंग में दिख रही टिकट कन्फर्म होगी या नहीं।

    टिकट के कन्फर्म होने की सटीक संभावना भी अब आपको एआई के माध्यम से रेलवन ऐप बताने लगेगा। यह नई सुविधा इस साल की शुरुआत से ही लागू की गई है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। रेलवन ऐप पर वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने के अनुमान की सटीकता पहले के 53 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

    यह ऐप आपको यह विकल्प देता है कि आपकी सीट तक आपका मनपसंद खाना पहुँच सके। आरामदायक एवं सेवापरक सुविधाओं से लैस यह रेलवन ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रेलवे ने कहा है कि रोज़ाना इस ऐप के माध्यम से देशभर में 9.29 लाख टिकटें बुक हो रही हैं। इनमें 7.2 लाख टिकटें अनारक्षित तथा अन्य 2.09 लाख आरक्षित टिकटें हैं।

    अनारक्षित टिकटों में प्लेटफॉर्म टिकट भी शामिल है। एंड्रॉयड तथा आईओएस पर रेलवन ऐप को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। जहाँ 3 करोड़ 16 लाख लोगों ने इसे गूगल प्ले स्टोर से अब तक डाउनलोड किया है, वहीं 33.17 लाख लोगों ने इसे ऐपल फोन में डाउनलोड किया है।

    रेलवे के अनुसार देश में यात्रियों के लिए भारतीय रेल एक जीवन रेखा है। भारतीय रेल ने 2024–25 में यात्रियों के टिकटों पर 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। यह रेलवे पर यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 43 प्रतिशत की छूट के बराबर है। दूसरे शब्दों में, यदि सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है, तो टिकट की कीमत केवल 57 रुपये है।