AI and Robotics Lab: मुंबई के मारवाड़ी कामर्शियल विद्यालय में ए.आई. एवं रोबोटिक्स लैब का हुआ उद्घाटन

AI and Robotics Lab

Written by

in

AI and Robotics Lab: विद्यार्थियों को 21वीं सदी के तकनीकी कौशल से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुंबई के कालबादेवी क्षेत्र स्थित मारवाड़ी कामर्शियल हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज में अत्याधुनिक ए.आई. एवं रोबोटिक्स लैब का भव्य उद्घाटन किया गया। इस आधुनिक लैब की स्थापना इनर व्हिल क्लब ऑफ बॉम्बे क्वीन्स टियारा, चिंगारी शक्ति फाउंडेशन तथा टीम सिग्मा #9692 आरएफएल अकेडमी के संयुक्त सहयोग से संभव हो सकी।

उद्घाटन समारोह में इनर व्हील क्लब की अध्यक्षा गोपिका दोशी, चिंगारी शक्ति फाउंडेशन की संस्थापिका पिंकी राजगढ़िया तथा टीम सिग्मा की तकनीकी टीम के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि चिंगारी शक्ति फाउंडेशन द्वारा स्थापित यह 26वीं ए.आई. एवं रोबोटिक्स प्रयोगशाला है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र गाडिय़ा एवं सचिव पारस जैन ने इस पहल को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए शुभकामनाएं दीं।

संबंधित खबरें: Illegal Slaughterhouse in Shilphata: शिलफाटा में अवैध पशु वधशाला – 7 लोग गिरफ्तार 500 किलोग्राम मांस और वाहन जब्त!

इस अवसर पर गोपिका दोशी ने कहा, “प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा ही विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर सकती है। हमें विश्वास है कि यह लैब मुंबई के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी।” वहीं पिंकी राजगढ़िया ने कहा, “हमारा उद्देश्य वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भी ए.आई. और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ सकें।”

विद्यालय की प्राचार्य कुसुम विजय पाठक ने बताया कि इस लैब के माध्यम से विद्यालय के 450 से अधिक विद्यार्थियों को अब कोडिंग, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। उद्घाटन के दौरान विद्यार्थियों ने रोबोट निर्माण एवं प्रोग्रामिंग की डेमो प्रस्तुति भी दी, जिसे देखकर अतिथिगण अत्यंत प्रभावित हुए।

कार्यक्रम का समापन आभार प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय प्रशासन ने सभी सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना की। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में मारवाड़ी कामर्शियल स्कूल एंड जूनियर कॉलेज का यह प्रयास कालबादेवी क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *