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  • Dhurandhar 2 Controversy: खुफिया एजेंसियों के चित्रण से लेकर कॉपीराइट विवाद तक, जानिए फिल्म को लेकर क्यों मचा देशभर में बवाल!

    Dhurandhar 2 Controversy: खुफिया एजेंसियों के चित्रण से लेकर कॉपीराइट विवाद तक, जानिए फिल्म को लेकर क्यों मचा देशभर में बवाल!

    Dhurandhar 2 Controversy: रणवीर सिंह अभिनीत और आदित्य धर निर्देशित फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ रिलीज के बाद से लगातार विभिन्न विवादों में घिरी रही है। फिल्म को जहां दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, वहीं इसके कुछ दृश्यों और कथानक को लेकर कई संगठनों तथा व्यक्तियों ने आपत्ति भी जताई।

    सबसे बड़ा विवाद उस समय सामने आया जब दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर आरोप लगाया गया कि फिल्म में भारतीय खुफिया एजेंसियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां और अंडरकवर ऑपरेशन से संबंधित विवरण दिखाए गए हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं। इसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड (CBFC) से मामले की जांच करने को कहा।

    फिल्म एक अन्य कानूनी विवाद में भी फंस गई, जब 1989 की फिल्म त्रिदेव के निर्माता Trimurti Films ने आरोप लगाया कि धुरंधर 2 के गीत ‘रंग दे लाल (ओये ओये)’ में उनके लोकप्रिय गीत ‘तिरछी टोपी वाले’ के तत्वों का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता (मेडिएशन) के लिए भेज दिया। हालांकि अदालत ने फिल्म की रिलीज या प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।

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    इसके अलावा फिल्म के निर्माण के दौरान भी विवाद सामने आए। मुंबई में शूटिंग के समय सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया था। आरोप था कि शूटिंग के दौरान कुछ ऐसे उपकरण और सामग्री इस्तेमाल की गईं, जिनकी अनुमति नहीं थी। इस मामले को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ संगठनों ने भी सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल उठाए थे।

    विवादों की सूची यहीं नहीं रुकी। फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और कुछ वास्तविक घटनाओं व व्यक्तियों के चित्रण को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गईं। वहीं एक फिल्म निर्माता ने कहानी की कथित नकल (प्लेजरिज्म) का आरोप लगाते हुए फिल्म की OTT रिलीज रोकने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पर्याप्त आधार न मिलने पर यह याचिका खारिज कर दी। तमाम विवादों के बावजूद धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही।

  • Varun Dhawan: वरुण धवन पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, नाम और तस्वीर के गलत इस्तेमाल पर मांगी कानूनी सुरक्षा

    Varun Dhawan: वरुण धवन पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, नाम और तस्वीर के गलत इस्तेमाल पर मांगी कानूनी सुरक्षा

    Varun Dhawan: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने अपने नाम, तस्वीर, आवाज और डिजिटल पहचान के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिनेता ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनकी अनुमति के बिना उनके व्यक्तित्व से जुड़े किसी भी तत्व का व्यावसायिक या भ्रामक उपयोग रोका जाए।

    याचिका में कहा गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के दौर में किसी सेलिब्रिटी की पहचान का दुरुपयोग करना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। ऐसे में उनकी छवि, नाम और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए कानूनी संरक्षण आवश्यक है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिनेता को अंतरिम राहत देने की संभावना जताई। कोर्ट ने यह भी माना कि किसी व्यक्ति, विशेषकर सार्वजनिक हस्ती, की पहचान और छवि का अनधिकृत उपयोग उसके अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।

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    हाल के वर्षों में कई प्रसिद्ध कलाकारों ने भी अपने पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अदालत का रुख किया है। मनोरंजन उद्योग में यह मुद्दा तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि AI आधारित सामग्री, डीपफेक वीडियो और फर्जी विज्ञापनों में सेलिब्रिटीज की तस्वीरों और आवाजों का उपयोग बढ़ रहा है।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत इस मामले में व्यापक दिशा-निर्देश जारी करती है, तो यह अन्य कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पहचान के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिल सकती है।

    फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और मनोरंजन जगत की नजरें इस पर टिकी हुई हैं। यह मामला डिजिटल युग में सेलिब्रिटी अधिकारों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी बहस का हिस्सा बन गया है।

  • Jantar Mantar Bungalow Sale: दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र, दिल्ली सरकार से मांगा जवाब!

    Jantar Mantar Bungalow Sale: दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र, दिल्ली सरकार से मांगा जवाब!

    Jantar Mantar Bungalow Sale: दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कांग्रेस द्वारा दायर एक याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। इस याचिका में कांग्रेस ने 7, जंतर-मंतर रोड स्थित बंगले की ‘सेल डीड’ (बिक्री विलेख) उसके पक्ष में निष्पादित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

    कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और प्रशांतो सेन अदालत में पेश हुए, जबकि केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व स्थायी वकील आशीष दीक्षित ने किया। सुनवाई के दौरान सिंघवी ने अदालत से सरकार को यह संपत्ति किसी तीसरे पक्ष को आवंटित करने से रोकने का आग्रह किया।

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    इस रिट याचिका की सुनवाई योग्य माने जाने पर आपत्ति जताते हुए न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि अंतरिम राहत की मांग पर तभी विचार किया जाएगा जब याचिकाकर्ता इस बिंदु पर न्यायालय को संतुष्ट कर देगा। कांग्रेस ने दलील दी कि भारत सरकार ने 1956 में उसे यह संपत्ति आवंटित की थी और पार्टी ने 1959 में ही अतिरिक्त प्रीमियम व वार्षिक भूमि किराए के साथ 6,10,700 रुपये की पूरी बिक्री राशि का भुगतान कर दिया था।

    कांग्रेस का कहना है कि परिसर के कुछ हिस्सों पर काबिज किरायेदारों द्वारा शुरू की गयी मुकदमेबाजी और फिर 1969 में कांग्रेस के विभाजन के कारण इस डीड के निष्पादन में देरी हुई। न्यायालय ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए मामले को सितंबर में सूचीबद्ध किया है।

  • पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की यात्रा के लिए रुके थे

    पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार: शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की यात्रा के लिए रुके थे

    लखनऊ / देवरिया। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी अमिताभ ठाकुर को लखनऊ क्राइम ब्रांच और देवरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर देवरिया ले जाया है। ठाकुर उस समय लखनऊ–दिल्ली जा रही ट्रेन में सवार थे जब उन्हें हिरासत में लिया गया।

    गिरफ्तारी का विवरण

    स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठाकुर को ट्रेन रुकने पर सादे कपड़ों में उपस्थित पुलिसकर्मियों ने उठाकर हिरासत में लिया और उन्हें देवरिया ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ शुरू की गई। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि गिरफ्तारी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई।

    आरोप क्या हैं?

    पुलिस का दावा है कि वर्ष 1999 में देवरिया में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग कर जिला उद्योग केंद्र, देवरिया के औद्योगिक प्लॉट संख्या B-2 का आवंटन अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर कराया। आरोप है कि आवंटन के लिए कूट रचित (जाली) दस्तावेज तैयार किए गए — जिसमें छद्म नाम, झूठे पते और परिवर्तित अभिलेख शामिल थे — और बाद में प्लॉट को लाभ के लिए बेचा गया। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने यह प्रार्थना-पत्र/शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई।

    दर्ज धाराएँ और सजा की जानकारी

    • धारा 419 — किसी अन्य की पहचान धारण कर धोखाधड़ी: सजा तक 3 वर्ष या जुर्माना या दोनों।
    • धारा 420 — धोखाधड़ी व संपत्ति हानि: सजा तक 7 वर्ष व जुर्माना।
    • धारा 467 — मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी: आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की सजा व जुर्माना।
    • धारा 468 — जाली दस्तावेज बनाना धोखाधड़ी के उद्देश्य से: सजा तक 7 वर्ष व जुर्माना (अक्सर जमानत पर संकुल)।
    • धारा 471, 34, 120B भी आरोपपत्र में शामिल हैं। (नोट: सजा का निर्धारण अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।)

    पुलिस का बयान और वर्तमान स्थिति

    लखनऊ क्राइम ब्रांच और देवरिया पुलिस ने मामले की जांच और सत्यापन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ठाकुर को देवरिया सदर कोतवाली में रखा गया और उनसे पूछताछ जारी है; आगे की कानूनी कार्यवाही—रिमांड, पेशी या जमानत—आगामी सुनवाई के अनुसार तय होगी।


    ठाकुर के प्रति प्रतिक्रिया

    पूर्व आईपीएस और सामाजिक सक्रियता में जुड़े ठाकुर ने इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में आरोपों को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ या ‘मंसूबाबद्ध’ बताकर खारिज किया था; इस गिरफ्तारी से जुड़े उनके हालिया बयान उपलब्ध होते ही उसे जोड़ा जाएगा। पहले भी इस प्रकरण पर मीडिया पर और सोशल प्लेटफॉर्म पर ठाकुर व उनके वकील की प्रतिक्रिया दर्ज रही है।


    निष्कर्ष — आगे क्या होने की सम्भावना है

    • पुलिस के बयान, दर्ज धाराओं और गिरफ्तारी के बाद प्राथमिकी के आधार पर जांच तेज़ कर दी गई है।
    • अगला कदम़: पुलिस द्वारा पूछताछ, सम्भवतः रिमांड के लिए अदालत में पेशी, और यदि आवश्यक हुआ तो जमानत याचिका/जमानत सुनवाई।
    • कोर्ट(Delhi High Court) और जांच एजेंसियों के आधिकारिक प्रवक्ताओं से प्राप्त बयानों के बाद ही केस की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।