Tag: Indian Stock Market

  • Stock Markets Recover: गिरावट से उबरे शेयर बाजार, एफएमसीजी, ऑटो कंपनियों में लिवाली!

    Stock Markets Recover: गिरावट से उबरे शेयर बाजार, एफएमसीजी, ऑटो कंपनियों में लिवाली!

    Stock Markets Recover: विदेशों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच एफएमसीजी और ऑटो कंपनियों में लिवाली से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 443.97 अंक (0.58 प्रतिशत) चढ़कर 76,922.64 अंक पर बंद हुआ।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,005.85 अंक पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांक मंगलवार को एक सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुए थे। वृहत बाजार में भी लिवाली का जोर रहा।

    निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.69 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.36 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया, ऑटो, बैंकिंग और वित्तीय सेक्टरों के सूचकांक बढ़त में रहे। आईटी, धातु, फार्मा, स्वास्थ्य और रसायन समूहों में गिरावट रही। एनएसई में कुल 3,425 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ।

    इनमें से 1,852 के शेयरों में गिरावट और 1,473 में तेजी रही। अन्य 100 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित रहे। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 22 के शेयर ऊपर रहे। इटरनल का शेयर सबसे अधिक 5.71 प्रतिशत चढ़ा। हिंदुस्तान यूनीलिवर में 3.02 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 2.95, अडानी पोर्ट्स में 2.10 और मारुति सुजुकी में 2.07 प्रतिशत की तेजी रही।

    भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 1.96 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 1.94, कोटक महिंद्रा बैंक का 1.88, अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.69, एक्सिस बैंक का 1.65, आईटीसी का 1.15, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 1.09, बीईएल का 1.01, भारती एयरटेल का 0.99 और बजाज फाइनेंस का 0.98 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

    बजाज फिनसर्व, इंडिगो, पावरग्रिड, ट्रेंट और एनटीपीसी के शेयर भी हरे निशान में रहे। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 3.46 प्रतिशत टूट गया। टेक महिंद्रा का शेयर 3.06 फीसदी, टीसीएस का 2.55, टाटा स्टील का में 1.59, इंफोसिस का 1.51 और एलएंडटी का 1.24 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

    वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.59 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.44 प्रतिशत ऊपर रहा। हांगकांग के हैंग सेंग में 0.63 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.19 प्रतिशत की बढ़त में था, जबकि ब्रिटेन का एफटीएसई 0.32 प्रतिशत नीचे था।

  • Stock Market Update: आईटी, बैंकिंग कंपनियों में बिकवाली से सेंसेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर पर!

    Stock Market Update: आईटी, बैंकिंग कंपनियों में बिकवाली से सेंसेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर पर!

    Stock Market Update: आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी कंपनियों में बिकवाली के दबाव में घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को प्रमुख सूचकांकों गिरावट में रहे और सेंसेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुआ।

    प्रमुख सूचकांकों में पूरे दिन उतार-चढ़ाव रहा। बीएसई का सेंसेक्स नीचे 76,329 अंक और ऊपर 77,037 अंक तक गया। इस प्रकार इसमें 708 अंक का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में सेंसेक्स 249.70 अंक (0.33 प्रतिशत) टूटकर 76,478.67 अंक पर रहा।

    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत नीचे 23,865.75 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 23 मई के बाद का निचला स्तर है।

    प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजारों में तेजी देखी गयी। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.42 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.02 प्रतिशत ऊपर रहा।

    आईटी समूह में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.73 प्रतिशत गिर गया। एफएमसीजी, बैंकिंग और मीडिया समूहों में भी गिरावट रही। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रसायन, रियल्टी, फार्मा और ऑटो सेक्टरों में तेजी रही।

    एनएसई में जिन 3,411 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें 1,919 के शेयर ऊपर रहे जबकि 1,383 में गिरावट देखी गयी। अन्य 109 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए।

    सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 के शेयर लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनियों ने उठाया। इंफोसिस में 3.49 प्रतिशत, टीसीएस में तीन प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.82 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 2.08 प्रतिशत की गिरावट रही।

    एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनीलिवर का शेयर 1.50 फीसदी और आईटीसी का 1.31 फीसदी टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा और एलएंडटी के शेयर भी नीचे बंद हुए।

    मारुति सुजुकी का शेयर 5.14 प्रतिशत की बढ़त में रहा। टाइटन में 2.93 फीसदी, बजाज फाइनेंस में 2.22 फीसदी तथा इटरनल में 2.06 फीसदी की तेजी रही। अडानी पोर्ट्स का शेयर 1.89 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व का 1.31 प्रतिशत से अधिक चढ़ा। इंडिगो, ट्रेंट और भारती एयरटेल भी बढ़त में रहे।

    वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.86 फीसदी और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.50 फीसदी ऊपर बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग 0.63 फीसदी गिर गया। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 1.15 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.76 प्रतिशत ऊपर रहा।

  • Stock Market Crash: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक लुढ़का

    Stock Market Crash: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक लुढ़का

    Stock Market Crash: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए।

    कारोबार की शुरुआत में मामूली कमजोरी के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कुछ समय के लिए हरे निशान में पहुंचा, लेकिन दोपहर बाद निवेशकों की बिकवाली तेज हो गई। दिन के अंत में सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ।

    इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 278.80 अंक या 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,824.10 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 12 जून के बाद का सबसे निचला स्तर है।

    विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई पर नियंत्रण के लिए सख्त नीतिगत कदम उठाए जाने की आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में पूरे दिन दबाव बना रहा।

    व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.48 प्रतिशत नीचे बंद हुए। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर अधिकांश सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी, धातु, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल्टी, मीडिया, उपभोक्ता टिकाऊ उत्पाद तथा तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली रही।

    एनएसई में कारोबार करने वाली 3,399 कंपनियों में से 2,280 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,020 कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 99 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

    सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंफोसिस के शेयर 3.36 प्रतिशत और टीसीएस के शेयर 3.16 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा बीईएल, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एसबीआई, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं पावरग्रिड का शेयर बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई सूचकांक 3.55 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 1.82 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.37 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख बना रहा।

  • Sensex Six Week High: लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद

    Sensex Six Week High: लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद

    Sensex Six Week High: घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे बाजार मजबूत होकर बंद हुए। इस दौरान बीएसई का सेंसेक्स छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

    कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 अंक पर बंद हुआ, जो 7 मई के बाद इसका सर्वोच्च स्तर है। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत मजबूत होकर 24,168 अंक पर पहुंच गया, जो 8 मई के बाद का उच्चतम स्तर है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुख बना रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.32 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

    बाजार में स्वास्थ्य, फार्मा, वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग, रियल्टी, मीडिया और रसायन क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई, जबकि आईटी सेक्टर दबाव में रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 1.19 प्रतिशत गिर गया। एनएसई पर कारोबार करने वाली 3,384 कंपनियों में से 1,897 शेयर बढ़त में और 1,382 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 105 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

    सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो, ट्रेंट, बीईएल, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। दूसरी ओर, इंफोसिस, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई सूचकांक 1.65 प्रतिशत चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख देखने को मिला।

  • NSE Biggest IPO: एनएसई लाएगा देश का सबसे बड़ा आईपीओ, 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

    NSE Biggest IPO: एनएसई लाएगा देश का सबसे बड़ा आईपीओ, 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

    NSE Biggest IPO: देश के प्रमुख शेयर बाजार संचालक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) अब तक का सबसे बड़ा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में है। इसके लिए एक्सचेंज ने पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल कर दिया है।

    एनएसई ने बताया कि प्रस्तावित आईपीओ के तहत एक रुपये अंकित मूल्य वाले 14.89 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। इस निर्गम के माध्यम से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह योजना सफल रहती है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

    हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी नियामकीय मंजूरी मिलनी बाकी है और आईपीओ के लॉन्च की तिथि बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए बाद में तय की जाएगी।

    आईपीओ के जरिए हिस्सेदारी बेचने वाले शेयरधारकों में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के अलावा मॉरिशस और कनाडा के कुछ विदेशी निवेशक भी शामिल हैं।

    यह सार्वजनिक निर्गम बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जाएगा। इसके तहत अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा पात्र संस्थागत निवेशकों, कम से कम 15 प्रतिशत गैर-संस्थागत निवेशकों और न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।

    साल 1992 में स्थापित एनएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 में 36.99 अरब से अधिक कॉन्ट्रैक्ट्स के कारोबार के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। पिछले वित्त वर्ष में एक्सचेंज का परिचालन राजस्व 16,601 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 10,302 करोड़ रुपये रहा। 31 मार्च 2026 तक एनएसई के पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12.91 करोड़ तक पहुंच गई थी।

  • Stock Market: शांति समझौते की खबर से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 736 अंक चढ़ा!

    Stock Market: शांति समझौते की खबर से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 736 अंक चढ़ा!

    Stock Market: वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई। बीएसई का सेंसेक्स 736 अंक की बढ़त के साथ तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी मजबूती के साथ बंद हुआ।

    कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में उत्साह देखने को मिला। सेंसेक्स मजबूत बढ़त के साथ खुला और शुरुआती सत्र में 1,200 अंक से अधिक उछल गया। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, फिर भी सूचकांक 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 231 अंक चढ़कर 23,853.90 अंक पर पहुंच गया।

    बाजार में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर रही। समझौते के तहत क्षेत्रीय तनाव कम करने, विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष रोकने और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर सहमति बनने की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

    सकारात्मक वैश्विक माहौल का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाएं, धातु तथा तेल एवं गैस क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी हुई। रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक लाभ में रहा, जबकि उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। व्यापक बाजार में अधिकांश कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का सकारात्मक रुख स्पष्ट नजर आया।

    सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी रही। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टाइटन, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयर भी मजबूत बने रहे।

    दूसरी ओर एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे कुछ शेयरों में सीमित गिरावट दर्ज की गई।

    वैश्विक बाजारों में भी उत्साह का माहौल रहा। एशियाई शेयर बाजारों में जापान, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कारोबार के दौरान सकारात्मक रुख देखने को मिला।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार रह सकता है।