गुरुग्राम। हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने गुरुग्राम और दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ब्लड प्रेशर (BP) की नकली दवाओं की आपूर्ति करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान Telma-AM (Telmisartan 40 mg + Amlodipine 5 mg) की 178 स्ट्रिप नकली दवा जब्त की गईं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

एफडीए अधिकारियों को गुरुग्राम में ब्लड प्रेशर की नकली दवाएं बाजार में बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद तीन ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान बैच संख्या 05251007A वाली Telma-AM दवा की 178 स्ट्रिप बरामद हुईं।
पैकेजिंग में मिले कई अंतर
सप्लाई चेन की जांच में अधिकारियों ने पाया कि समान बैच नंबर होने के बावजूद नकली और असली दवाओं की पैकेजिंग, प्रिंटिंग, फॉन्ट, वॉटरमार्क और चेतावनी संदेश में स्पष्ट अंतर था। कई स्ट्रिप पर ओवर प्रिंटिंग की गई थी, जबकि क्यूआर कोड भी असली दवा से अलग पाया गया। इन तकनीकी खामियों के आधार पर दवाओं के नकली होने की पुष्टि हुई।
दिल्ली और मुरादाबाद से दो गिरफ्तार
जांच के दौरान एफडीए ने दिल्ली के ओखला फेज-2 स्थित श्री बालाजी फार्मापोरियम के पार्टनर सुब्रत द्विवेदी, निवासी घिटोरनी (दिल्ली), को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी फर्म को नकली दवाओं की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक कारोबारी द्वारा की गई थी।
इसके बाद टीम ने मुरादाबाद के शेखपुर थाना क्षेत्र के नोशाना गांव में छापेमारी कर दवा व्यापारी मोहम्मद जुवेर को भी गिरफ्तार कर लिया।
रुड़की में बनती थीं नकली दवाएं
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नकली ब्लड प्रेशर की दवाओं का निर्माण उत्तराखंड के रुड़की में किया जाता था। वहां से दवाओं को लखनऊ के रास्ते हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
एफडीए और पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली दवाओं की सप्लाई किन-किन राज्यों और मेडिकल स्टोर्स तक की गई थी।

