Israel-Hezbollah Ceasefire: इजरायल और हिज्बुल्लाह एक भीषण संघर्ष के बाद शुक्रवार को एक बार फिर युद्धविराम को लागू करने पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यह युद्धविराम स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे शुरू होने की उम्मीद थी और इसमें अमेरिका व कतर ने मध्यस्थता की है।
वहीं एक अन्य राजनयिक सूत्र ने बताया कि इस समझौते में कतर, अमेरिका और ईरान ने मिलकर मध्यस्थता की थी। हालांकि, इजरायली सेना के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार दोपहर को एक बैठक के दौरान इस युद्धविराम को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इजरायल की लेबनान में की गयी कड़ी कार्रवाई के कारण स्विटरलैंड में अमेरिका और ईरान में समझौते को लेकर आगे होने वाली बातचीत टल गयी थी।
इससे ईरान और अमेरिका में हुए समझौते पर आशंकाओं के बादल छाने लगे थे। मगर अब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम का संकेत मिलने से एक बार फिर समझौते के सही दिशा में जाने की उम्मीद बंधी है। गौरतलब है कि हिज्बुल्लाह द्वारा लेबनान के दक्षिणी हिस्से में चार इजरायली सैनिकों को मार दिए जाने के बाद, इजरायली सेना ने शुक्रवार को लेबनान में नए सिरे से भीषण हमले किए थे, जिसमें कम से कम 21 लोग मारे गए थे।
ईरान ने तुरंत इजरायल की इस बमबारी की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ उसका कोई भी समझौता लेबनान में युद्धविराम पर ही निर्भर है। उसने दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित शुरुआती समझौते की पहली शर्त का हवाला दिया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में तेहरान के साथ होने वाली निर्धारित बातचीत को टाल दिया।
वेंस ने लेबनान में इजरायल के हमलों की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे यह मुश्किल बातचीत खतरे में पड़ गई है। उधर संघर्ष विराम के लागू होने की खबरों के बीच इजरायली सेना ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में कार्रवाई की ‘पूरी आजादी’ बरकरार है। इजरायली मीडिया द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हम मौजूदा राजनीतिक निर्देशों के अनुसार काम करना जारी रखेंगे। जब तक वे निर्देश नहीं बदलते, हम उसी के अनुसार अपना अभियान चलाते रहेंगे।”
इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि हिज्बुल्लाह के साथ युद्धविराम के बावजूद, इजरायली सैनिकों के पास दक्षिणी लेबनान में किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई करने की “पूरी आजादी” है। उन्होंने कहा कि सैनिक अब भी कुछ पहाड़ी इलाकों और पुराने किलों के पास काम कर रहे हैं, ताकि हिज्बुल्लाह के उन बड़े सुरंग तंत्रों को नष्ट किया जा सके जो इस सशस्त्र समूह के “मुख्य कमान केंद्र” के रूप में काम करते हैं।
डेफ्रिन ने कहा, “हमारी सेनाओं को इन बुनियादी ढांचों को पूरी तरह नष्ट करने से रोकने के लिए हिज्बुल्लाह यह रक्षात्मक लड़ाई लड़ रहा है।” उन्होंने कहा, “हिज्बुल्लाह ने ही युद्धविराम का उल्लंघन किया है। वह उन क्षमताओं को बचाने की कोशिश कर रहा है जो उसने सालों में बनाई हैं।”

