Odisha Higher Education Department: ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों में पढ़ने वाले 1.18 लाख से अधिक स्नातक छात्रों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशानिर्देशों के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान इंटर्नशिप और सामुदायिक सेवा कार्यक्रमों में भाग लिया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के नियमों के मुताबिक, स्नातक के छात्रों के लिए चौथे सेमेस्टर के दौरान व्यावहारिक शिक्षा के हिस्से के रूप में इंटर्नशिप और सामुदायिक सेवा गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य है। इसी आधार पर ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों और संस्थानों में छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर जुटाए हैं।
इस छह सप्ताह के इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, मार्गदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। छात्रों को विभिन्न सरकारी विभागों के अंतर्गत आने वाले सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत समिति कार्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, वित्तीय संस्थानों, निजी संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) में नियुक्त किया गया है।
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उच्च शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम को बेहतर ढंग से चलाने के लिए अलग से दिशानिर्देश जारी किए हैं। छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान उनकी उपस्थिति, प्रस्तुति, साप्ताहिक रिपोर्ट और उनके प्रदर्शन के आधार पर शैक्षणिक अंक दिए जाएंगे। यह अंक छात्रों के ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स’ (एबीसी) में भी जोड़े जाएंगे। इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद छात्रों को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस इंटर्नशिप कार्यक्रम में सबसे अधिक भागीदारी गंजम, सुंदरगढ़, मयूरभंज, कटक और बलांगीर जिलों से दर्ज की गई है। छात्र पंचायती राज और पेयजल, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कृषि और किसान अधिकारिता, उच्च शिक्षा, और स्कूल एवं जन शिक्षा जैसे विभागों के कार्यालयों में काम कर रहे हैं।
ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण और अनुसंधान-आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि इंटर्नशिप और सामुदायिक सेवा के इस प्रयास से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा और उन्हें जमीनी स्तर के प्रशासन तथा संस्थानों के कामकाज को समझने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि सरकारी संस्थानों, निजी उद्योगों और गैर-सरकारी संगठनों में इंटर्नशिप करने से छात्रों को किताबी पढ़ाई के व्यावहारिक इस्तेमाल को समझने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में उनके रोजगार और खुद का काम शुरू करने की संभावनाएं बेहतर होंगी।

