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  • 17 Trains Cancelled After Landslide: लोनावला-कर्जत रेल मार्ग पर भूस्खलन से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, 17 ट्रेनें रद्द, कई का रूट बदला

    17 Trains Cancelled After Landslide: लोनावला-कर्जत रेल मार्ग पर भूस्खलन से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, 17 ट्रेनें रद्द, कई का रूट बदला

    मुंबई: मध्य रेलवे के लोनावला-कर्जत सेक्शन में ठाकुरवाड़ी केबिन और मंकी हिल केबिन के बीच 6 जुलाई को हुए भूस्खलन के कारण ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, शॉर्ट टर्मिनेट, डायवर्ट और रिशेड्यूल किया है।

    मध्य रेलवे के अनुसार 7 जुलाई को भूस्खलन के कारण कुल 17 ट्रेनें रद्द, 1 ट्रेन आंशिक रूप से रद्द, 29 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन, 14 ट्रेनों को बीच रास्ते से समाप्त, 12 ट्रेनों को दूसरे स्टेशन से रवाना किया गया, जबकि 12 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है।

    रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में पुणे-भुज एक्सप्रेस, पुणे-सोलापुर इंटरसिटी, सोलापुर-पुणे इंटरसिटी, पुणे-सीएसएमटी इंद्रायणी एक्सप्रेस, पुणे-सीएसएमटी इंटरसिटी, डेक्कन एक्सप्रेस, डेक्कन क्वीन, प्रगति एक्सप्रेस, सिंहगढ़ एक्सप्रेस, धुले-सीएसएमटी एक्सप्रेस, सातारा-दादर एक्सप्रेस, कोल्हापुर-सीएसएमटी एक्सप्रेस और सीएसएमटी-सोलापुर एक्सप्रेस शामिल हैं।

    इसके अलावा 8 जुलाई से चलने वाली भुज-पुणे एक्सप्रेस और सीएसएमटी-कोल्हापुर एक्सप्रेस को भी रद्द किया गया है।

    रेलवे ने बताया कि कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। चेन्नई, हैदराबाद, नांदेड़, कोयंबटूर, भुवनेश्वर, राजकोट, बेंगलुरु और अन्य शहरों से आने-जाने वाली ट्रेनों को दौंड, मनमाड, इगतपुरी, कल्याण और सूरत मार्ग से डायवर्ट किया गया है।

    कुछ ट्रेनों को पुणे, इगतपुरी, दौंड और खड़की स्टेशन पर ही समाप्त कर दिया गया है। वहीं कई ट्रेनों को पुणे, खड़की, चिंचवड़ और दौंड जैसे स्टेशनों से शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया है।

    मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे की आधिकारिक सूचना का पालन करें।

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि लोनावला-कर्जत सेक्शन में भूस्खलन के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों का संचालन नियंत्रित किया जा रहा है। रेलवे की टीम मौके पर मरम्मत और बहाली कार्य में जुटी हुई है।

    🚆 रद्द की गई ट्रेनें (17)

    6 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली ट्रेन

    1. 11092 पुणे–भुज एक्सप्रेस

    7 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली ट्रेनें

    1. 12169 पुणे–सोलापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस
    2. 12170 सोलापुर–पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस
    3. 22106 पुणे–CSMT इंद्रायणी एक्सप्रेस
    4. 12128 पुणे–CSMT इंटरसिटी एक्सप्रेस
    5. 11008 पुणे–CSMT डेक्कन एक्सप्रेस
    6. 12123 CSMT–पुणे डेक्कन क्वीन एक्सप्रेस
    7. 12126 पुणे–CSMT प्रगति एक्सप्रेस
    8. 12125 CSMT–पुणे प्रगति एक्सप्रेस
    9. 11009 CSMT–पुणे सिंहगढ़ एक्सप्रेस
    10. 11011 CSMT–धुले एक्सप्रेस
    11. 11012 धुले–CSMT एक्सप्रेस
    12. 11028 सातारा–दादर एक्सप्रेस
    13. 17412 कोल्हापुर–CSMT एक्सप्रेस
    14. 12115 CSMT–सोलापुर एक्सप्रेस

    8 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली ट्रेनें

    1. 11091 भुज–पुणे एक्सप्रेस
    2. 17411 CSMT–कोल्हापुर एक्सप्रेस

    🚆 आंशिक रूप से रद्द ट्रेन (1)

    1. 11029 CSMT–कोल्हापुर एक्सप्रेस
      CSMT से खड़की तक रद्द रहेगी। ट्रेन खड़की से अपने निर्धारित समय पर चलेगी।

    🚆 डायवर्ट की गई ट्रेनें (29)

    1. 22160 चेन्नई–CSMT एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण मार्ग
    2. 09029 वेलंकन्नी–दहानू रोड स्पेशल → दौंड–मनमाड–जलगांव–सूरत मार्ग
    3. 17614 नांदेड–पनवेल एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण–पनवेल
    4. 14805 यशवंतपुर–बाड़मेर एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–जलगांव–सूरत
    5. 11014 कोयंबटूर–LTT एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण
    6. 12164 चेन्नई–LTT एक्सप्रेस → दौंड–अंकाई–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण
    7. 16340 नागरकोइल–LTT एक्सप्रेस → दौंड–अंकाई–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण
    8. 11018 कराईकल–LTT एक्सप्रेस → दौंड–अंकाई–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण
    9. 22159 CSMT–चेन्नई एक्सप्रेस → कल्याण–इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    10. 22732 CSMT–हैदराबाद एक्सप्रेस → कल्याण–इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    11. 17613 पनवेल–नांदेड एक्सप्रेस → इगतपुरी–मनमाड–अंकाई–दौंड
    12. 22943 दौंड–इंदौर एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–जलगांव–सूरत
    13. 00150 कामाख्या–खड़की भारत गौरव स्पेशल → अंकाई–दौंड–पुणे
    14. 11020 भुवनेश्वर–CSMT एक्सप्रेस → दौंड–अंकाई–मनमाड–इगतपुरी–कल्याण
    15. 22718 सिकंदराबाद–राजकोट एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–सूरत
    16. 22158 चेन्नई–CSMT एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–इगतपुरी
    17. 20694 बेंगलुरु–जोधपुर एक्सप्रेस → पुणे–दौंड–मनमाड–सूरत
    18. 20476 मिराज–बीकानेर एक्सप्रेस → पुणे–दौंड–मनमाड–सूरत
    19. 11019 CSMT–भुवनेश्वर एक्सप्रेस → इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    20. 20968 पोरबंदर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस → सूरत–जलगांव–मनमाड–दौंड
    21. 12163 LTT–चेन्नई एक्सप्रेस → इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    22. 17411 CSMT–कोल्हापुर एक्सप्रेस → इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    23. 22107 CSMT–लातूर एक्सप्रेस → इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    24. 20685 गांधीनगर–बेंगलुरु एक्सप्रेस → वसई रोड–रोहा–मडगांव–लोंडा
    25. 22108 लातूर–CSMT एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–इगतपुरी
    26. 11013 LTT–कोयंबटूर एक्सप्रेस → इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    27. 22157 CSMT–चेन्नई एक्सप्रेस → कल्याण–इगतपुरी–मनमाड–दौंड
    28. 12263 पुणे–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस → दौंड–अंकाई–सूरत
    29. 16340 नागरकोइल–LTT एक्सप्रेस → दौंड–मनमाड–इगतपुरी

    🚆 शॉर्ट टर्मिनेट की गई ट्रेनें (14)

    1. 17317 हुबली–दादर एक्सप्रेस → पुणे
    2. 22731 हैदराबाद–CSMT एक्सप्रेस → पुणे
    3. 22226 सोलापुर–CSMT वंदे भारत → पुणे
    4. 17614 नांदेड–पनवेल एक्सप्रेस → इगतपुरी
    5. 11302 बेंगलुरु–CSMT एक्सप्रेस → पुणे
    6. 01435 सोलापुर–LTT एक्सप्रेस → कुर्डुवाड़ी
    7. 18519 विशाखापट्टनम–LTT एक्सप्रेस → पुणे
    8. 12702 हैदराबाद–CSMT एक्सप्रेस → दौंड
    9. 11140 होसपेट–CSMT एक्सप्रेस → खड़की
    10. 11030 कोल्हापुर–CSMT एक्सप्रेस → खड़की
    11. 11022 तिरुनेलवेली–दादर एक्सप्रेस → पुणे
    12. 17317 हुबली–दादर एक्सप्रेस → खड़की
    13. 17614 नांदेड–पनवेल एक्सप्रेस → दौंड

    🚆 शॉर्ट ओरिजिनेट की गई ट्रेनें (12)

    1. 17318 दादर–हुबली एक्सप्रेस → पुणे से चलेगी
    2. 12701 CSMT–सिकंदराबाद एक्सप्रेस → पुणे से चलेगी
    3. 22225 CSMT–सोलापुर वंदे भारत → पुणे से चलेगी
    4. 17613 पनवेल–नांदेड एक्सप्रेस → इगतपुरी से चलेगी
    5. 11301 CSMT–बेंगलुरु एक्सप्रेस → पुणे से चलेगी
    6. 18520 LTT–विशाखापट्टनम एक्सप्रेस → पुणे से चलेगी
    7. 11029 CSMT–कोल्हापुर एक्सप्रेस → खड़की से चलेगी
    8. 11139 CSMT–होसपेट एक्सप्रेस → चिंचवड़ से चलेगी
    9. 11021 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस → पुणे से चलेगी
    10. 17318 दादर–हुबली एक्सप्रेस → खड़की से चलेगी
    11. 16339 LTT–नागरकोइल एक्सप्रेस → खड़की से चलेगी
    12. 17613 पनवेल–नांदेड एक्सप्रेस → दौंड से चलेगी

    🚆 रिशेड्यूल की गई ट्रेनें (12)

    1. 20706 CSMT–नांदेड एक्सप्रेस
    2. 22943 दौंड–इंदौर एक्सप्रेस
    3. 12263 पुणे–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस
    4. 11019 CSMT–भुवनेश्वर एक्सप्रेस
    5. 22157 CSMT–चेन्नई एक्सप्रेस
    6. 20476 मिराज–बीकानेर एक्सप्रेस
    7. 18520 LTT–विशाखापट्टनम एक्सप्रेस
    8. 11301 CSMT–बेंगलुरु एक्सप्रेस
    9. 22107 CSMT–लातूर एक्सप्रेस
    10. 11057 CSMT–अमृतसर एक्सप्रेस
    11. 17411 CSMT–कोल्हापुर एक्सप्रेस
    12. 20496 हडपसर–जोधपुर एक्सप्रेस

    भूस्खलन के कारण मुंबई–पुणे रेल मार्ग पर यह बदलाव किए गए हैं। मध्य रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की अपील की है।

  • Monsoon Alert (Heavy Rain in 13 States): 13 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट; अगले 12 घंटे कई इलाकों के लिए बेहद अहम

    Monsoon Alert (Heavy Rain in 13 States): 13 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट; अगले 12 घंटे कई इलाकों के लिए बेहद अहम

    नई दिल्ली: देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने 8 जुलाई के लिए मौसम का नया अलर्ट जारी करते हुए उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

    मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    13 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट(Heavy Rain in 13 States)

    IMD ने 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    इन राज्यों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। किसानों, मछुआरों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में तेज बारिश और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा की संभावना

    राजधानी दिल्ली में बुधवार को तेज बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश के दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

    दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में मथुरा, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, झांसी, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, जालौन, अलीगढ़, कानपुर, अमरोहा, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और देवरिया शामिल हैं।

    इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    बिहार में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

    बिहार के कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें पटना, गया, सारण, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, अररिया, किशनगंज और बेगूसराय शामिल हैं।

    यहां तेज हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम बिगड़ने के संकेत

    झारखंड के रांची, दुमका, देवघर, हजारीबाग, पलामू, गढ़वा, लातेहार और खूंटी समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। यहां हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

    वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, हुगली, मालदा, नादिया, दार्जिलिंग, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, कूचबिहार और पूर्व मेदिनीपुर में भी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

    पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का खतरा

    उत्तराखंड में पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, हरिद्वार, चमोली और ऋषिकेश समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां तेज हवाएं 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

    हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, कुल्लू, ऊना, कांगड़ा, चंबा और किन्नौर में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, जम्मू, राजौरी, अनंतनाग, पुंछ और कुलगाम सहित कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया गया है।

    राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी

    राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, जैसलमेर, अलवर, जोधपुर और डूंगरपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। यहां हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

    मध्य प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, सतना, रीवा, विदिशा, बालाघाट, सिवनी, देवास और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों के पास खड़े होने से बचें। मानसून के इस सक्रिय दौर में अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

  • Congress Begins MPSC Protest Against CBT: एमपीएससी की परीक्षा को सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

    Congress Begins MPSC Protest Against CBT: एमपीएससी की परीक्षा को सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

    मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं को CBT (Computer Based Test) पद्धति से कराने और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली लागू करने के फैसले के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस की ओर से बुधवार 8 जुलाई 2026 से CBD बेलापुर स्थित MPSC मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन श्रृंखला उपवास और धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।

    कांग्रेस का कहना है कि MPSC का यह निर्णय राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पार्टी के अनुसार, इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और डिजिटल सुविधाओं से वंचित छात्रों को नुकसान होने की आशंका है।

    छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मोर्चा

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समर्थन कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान महाविकास आघाड़ी के विधायकों ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया था।

    कांग्रेस ने बताया कि इस मामले में MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार से दो बार फोन पर संपर्क कर कांग्रेस प्रतिनिधियों, छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

    10 दिन का दिया था अल्टीमेटम

    कांग्रेस के रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग की ओर से 28 जून 2026 को चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिनों के भीतर CBT पद्धति से परीक्षा कराने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी छात्रों के समर्थन में आंदोलन करेगी।

    कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और MPSC प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद अब आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

    कांग्रेस नेताओं की होगी भागीदारी

    इस आंदोलन में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आबा दळवी और प्रदेश महासचिव तथा रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग के अध्यक्ष धनंजय रामकृष्ण शिंदे सहित पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे।

    कांग्रेस ने मांग की है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए MPSC परीक्षा में CBT प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।

  • Thane Rain Alert:ठाणे में भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, NDRF की दो टीमें तैनात; नदियों के जलस्तर पर निगरानी तेज

    ठाणे: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए ठाणे जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बारिश, नदियों के जलस्तर, बांधों की स्थिति और संभावित आपात हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, 7 जुलाई 2026 की सुबह 8 बजे तक जिले में 237.63 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 705.65 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

    जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। जिले में आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए NDRF की दो टीमें और 30 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

    नदियों और बांधों के जलस्तर पर विशेष निगरानी(Thane Rain Alert)

    प्रशासन द्वारा जिले की प्रमुख नदियों और जलस्रोतों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से—

    • उल्हास नदी के मुहाने,
    • जांभुलपाड़ा,
    • बदलापुर क्षेत्र,

    में जलस्तर की निगरानी की जा रही है।

    प्रशासन के अनुसार, बदलापुर और जांभुलपाड़ा में पानी चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचा है, लेकिन संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, कल्याण तालुका की कालू नदी और शाहपुर तालुका की भातसा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के स्तर से नीचे बताया गया है।

    बांधों में पानी के भंडारण और छोड़े जा रहे पानी (डिस्चार्ज) की जानकारी भी लगातार जुटाई जा रही है और स्थिति के अनुसार एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

    कसारा घाट में रेलवे ट्रैक से मलबा हटाया गया

    भारी बारिश के कारण कसारा घाट क्षेत्र में रेलवे लाइन पर गिरे मलबे को रेलवे प्रशासन ने तत्काल हटाकर मुंबई की ओर जाने वाला रेल यातायात बहाल कर दिया है। हालांकि, कुछ लोकल ट्रेन सेवाएं करीब 20 से 25 मिनट की देरी से चल रही हैं।

    जिला प्रशासन के अनुसार सड़क यातायात फिलहाल सामान्य रूप से जारी है और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    अंबरनाथ में बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

    अंबरनाथ तालुका के नागांव इलाके में नदी में बहे एक बच्चे की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल युद्ध स्तर पर खोज अभियान चला रहे हैं।

    इसके अलावा, भारी बारिश के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में हुए हादसों में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन संबंधित घटनाओं का रिकॉर्ड तैयार कर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।

    नागरिकों से प्रशासन की अपील

    जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे—

    • नदियों, नालों और पुलों के पास जाने से बचें।
    • जलभराव वाले और निचले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें।
    • बिजली के खंभों और खतरनाक संरचनाओं से दूर रहें।
    • सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।
    • प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

    जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहकर बारिश, जलस्तर, परिवहन व्यवस्था और आपात स्थितियों की निगरानी कर रहा है। पुलिस, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग, महावितरण और अन्य सरकारी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • Thane Issues Monsoon Health Advisory: मानसून में सतर्क रहें: ठाणे जिला परिषद ने नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

    Thane Issues Monsoon Health Advisory: मानसून में सतर्क रहें: ठाणे जिला परिषद ने नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

    डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस, डायरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित पानी और मच्छर नियंत्रण पर जोर

    ठाणे: मानसून के दौरान भारी बारिश, जलभराव और गंदगी के कारण जलजनित, खाद्यजनित, मच्छरजनित तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए ठाणे जिला परिषद के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए नागरिक अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और खुले बिजली के तारों, खंभों तथा विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

    जलजनित और खाद्यजनित बीमारियों से ऐसे बचें

    बारिश के मौसम में डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए—

    • केवल उबला या शुद्ध किया हुआ पानी पिएं।
    • ताजा और अच्छी तरह पका भोजन ही करें।
    • खुले, बासी या दूषित भोजन से बचें।
    • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें।
    • भोजन बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।

    डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव

    स्वास्थ्य विभाग ने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। पानी की टंकियां, कूलर, बाल्टियां और ड्रम ढककर रखें तथा हर सप्ताह उन्हें साफ करें। पुराने टायर, प्लास्टिक के डिब्बे और नारियल के खोल जैसी वस्तुओं में पानी जमा न होने दें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम या मच्छरदानी का उपयोग करें।

    लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव

    गंदे पानी और कीचड़ के संपर्क से होने वाली लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के लिए रबर के जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। शरीर पर घाव होने पर उसे ढककर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

    यदि लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, पीलिया, शरीर में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर चकत्ते, रक्तस्राव, सांप के काटने या बिजली का झटका लगने जैसी स्थिति हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराएं।

    जिला परिषद की अपील

    जिला परिषद ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने नागरिकों से मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, साफ भोजन, मच्छर नियंत्रण और आसपास की सफाई को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

  • Congress Launches Ram Satyagraha: हर्षवर्धन सपकाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, 9 जुलाई से कांग्रेस का राज्यव्यापी सत्याग्रह

    Congress Launches Ram Satyagraha: हर्षवर्धन सपकाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, 9 जुलाई से कांग्रेस का राज्यव्यापी सत्याग्रह

    सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल

    राम भक्तों की दान का हिसाब दो : हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र और ट्रस्ट पर बड़ा हमला (Congress Launches Ram Satyagraha)

    मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

    इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

    सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।

    राम भक्तों की oev का हिसाब मांगा

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

    इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

    सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।

    सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

    सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।

    9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

    सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।

    9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।

  • Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Thane में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार 3 जुलाई से शुरू हुई तेज बारिश के बाद शनिवार, रविवार और सोमवार को भी शहर में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पिछले तीन दिनों में 145 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि दीवार ढहने, जलभराव, होर्डिंग गिरने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने जैसी कई घटनाएं दर्ज की गईं।

    ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से शाम करीब 5:30 बजे तक 85.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह से शुरू हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

    तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार—

    • 3–4 जुलाई: 77.18 मिमी बारिश, 40 शिकायतें, 11 पेड़ गिरे।
    • 4–5 जुलाई: 184.66 मिमी बारिश, 93 शिकायतें, 24 पेड़ गिरे।
    • 5–6 जुलाई: 208.53 मिमी बारिश, 186 शिकायतें, 110 पेड़ गिरे।

    इस तरह केवल तीन दिनों में कुल 145 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।

    शहरभर में नुकसान

    भारी बारिश के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में कई घटनाएं सामने आईं—

    • कोपरी बारा बंगला क्षेत्र में एक प्रतिमा के पास दीवार क्षतिग्रस्त हुई।
    • गोकुल नगर, हरदास नगर, वसंत विहार और अन्य इलाकों में कई दीवारें ढह गईं।
    • वागले एस्टेट, पाटलीपाड़ा, खारेगांव, मनोरमा नगर, श्रीरंग सोसाइटी, कालवा, लोकमान्य नगर और लुईसवाड़ी समेत कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए।
    • अल्मेडा नाका और अन्य प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
    • एक बड़ा होर्डिंग भी गिरने की घटना दर्ज की गई।

    दो लोग घायल

    पेड़ गिरने और राहत कार्य के दौरान दो लोग घायल हुए।

    • नगर निगम कर्मचारी अंकित यादव पेड़ काटते समय घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कालवा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    • लुईसवाड़ी स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पेड़ गिरने से पांडुरंग भुवाड घायल हो गए। उन्हें महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रशासन अलर्ट पर

    लगातार बारिश को देखते हुए ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग और नगर निगम की टीमें पूरे शहर में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान जर्जर दीवारों, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

  • Child Burn Rumour Debunked: ठाणे में बच्चे को जलाने की अफवाह निकली झूठी, गर्म तवे पर गिरने से झुलसा था मासूम

    Child Burn Rumour Debunked: ठाणे में बच्चे को जलाने की अफवाह निकली झूठी, गर्म तवे पर गिरने से झुलसा था मासूम

    वागले एस्टेट पुलिस ने मां और दादी के बयान दर्ज किए, जांच में मारपीट के आरोप की नहीं हुई पुष्टि

    ठाणे: Thane के वागले एस्टेट क्षेत्र में छह वर्षीय बच्चे को उसकी मां द्वारा जलाने और मारपीट किए जाने की अफवाह फैलने से हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि बच्चा घर में खेलते समय गलती से गर्म तवे पर गिर गया था, जिससे उसकी पीठ झुलस गई।

    पुलिस के अनुसार, किसान नगर नंबर-3 निवासी छह वर्षीय बच्चा, जो ठाणे नगर निगम के स्कूल नंबर 23 में तीसरी कक्षा का छात्र है, शनिवार को घर में खेलते समय दुर्घटनावश गर्म तवे पर गिर गया। इस हादसे में उसकी पीठ पर दो स्थानों पर जलने के निशान आए।

    घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह अफवाह फैल गई कि बच्चे की मां ने उसे गर्म तवे से दागा या पीटा है। सूचना मिलने पर Wagle Estate पुलिस ने बच्चे की मां और दादी को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज किए।

    पुलिस ने बताया कि मां और दादी ने एक समान बयान दिया कि बच्चा खेलते समय दुर्घटनावश गर्म तवे पर गिर गया था। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस को मारपीट या जानबूझकर जलाने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई।

    Child Burn Rumour Debunked

    जांच के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मां और दादी को सामाजिक बंधपत्र (Social Bond) पर छोड़ दिया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर अपुष्ट जानकारी या अफवाहें फैलाने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

  • Old Chawl Gallery Crashes in Thane: ठाणे में 35 साल पुरानी चॉल की गैलरी का हिस्सा ढहा, तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

    Old Chawl Gallery Crashes in Thane: ठाणे में 35 साल पुरानी चॉल की गैलरी का हिस्सा ढहा, तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

    ठाणे: Thane के अंबेडकर रोड स्थित स्काई पिलर सोसाइटी के समीप शांताबाई गोटावाले चॉल में शनिवार शाम भारी बारिश के दौरान गैलरी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है।

    जानकारी के अनुसार, लगभग 35 वर्ष पुरानी यह एक मंजिला चॉल है। गैलरी का हिस्सा गिरने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिसमें शेष गैलरी भी असुरक्षित और जर्जर स्थिति में पाई गई।

    घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा नौपाड़ा-कोपाड़ी वार्ड समिति के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    तीन परिवारों को कराया गया सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चॉल के कुल 11 फ्लैटों में से तीन फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को एहतियातन अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। संबंधित फ्लैटों को खाली करा लिया गया है ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।

    आगे होगी मरम्मत और तकनीकी जांच

    आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नौपाड़ा-कोपाड़ी वार्ड समिति द्वारा भवन की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत और अन्य सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएंगे।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी भवन में दरारें, झुकाव या अन्य खतरनाक संकेत दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

  • Balkum Amazon Data Centre: बालकुम में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर पर घमासान, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने की उठाई मांग

    Balkum Amazon Data Centre: बालकुम में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर पर घमासान, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने की उठाई मांग

    बालकुम अमेज़न डेटा सेंटर पर विवाद, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने और पेड़ों की कटाई की जांच की मांग की

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Naresh Mhaske ने ठाणे के बालकुम क्षेत्र में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर परियोजना को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने Thane नगर निगम आयुक्त और ठाणे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जनहित में परियोजना को तत्काल रोकने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

    सांसद का कहना है कि प्रस्तावित डेटा सेंटर से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण बढ़ सकता है, जबकि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना स्थल पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है, जिसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों का विरोध

    ज्ञापन के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के आसपास कई आवासीय सोसायटियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि इतने बड़े डेटा सेंटर के निर्माण से क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    सांसद ने कहा कि ठाणे शहर पहले से ही ट्रैफिक, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इस परियोजना से शहर पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

    रोजगार और लाभ पर मांगी स्पष्टता

    नरेश म्हस्के ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को कितने रोजगार मिलेंगे, शहर को क्या प्रत्यक्ष लाभ होगा और क्षेत्र के विकास में इसका वास्तविक योगदान क्या रहेगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े वैधानिक अनुमोदन, पर्यावरणीय मंजूरियां और उनसे जुड़ी शर्तों के पालन को लेकर नागरिकों के मन में कई सवाल हैं। इन सभी जानकारियों को सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

    स्वतंत्र जांच और सार्वजनिक सुनवाई की मांग

    सांसद ने प्रशासन से मांग की है कि—

    • परियोजना से जुड़े सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोके जाएं।
    • सभी अनुमतियों और पर्यावरणीय मंजूरियों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से समीक्षा कराई जाए।
    • स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में विस्तृत सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए।
    • पर्यावरण, यातायात, जल खपत और ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी सभी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं।
    • नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक बुलाकर आपत्तियों पर निर्णय लिया जाए।

    सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों के व्यापक विरोध और जनहित को देखते हुए परियोजना को फिलहाल स्थगित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।