ठाणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने ठाणे की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ठाणे को “सभ्य शहर” बताने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां आज भी पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और नागरिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
नगर निकाय चुनाव से पहले एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सुले ने कहा कि ठाणे कभी छोटा शहर था, जहां बेहतर जीवन की उम्मीद में देश-प्रदेश से लोग आए। लेकिन आज वही लोग बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहे हैं।
सुले ने विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर धन स्वीकृत किए जाने के सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर वाकई इतना पैसा आया है तो पानी, कचरा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं अब तक क्यों नहीं सुलझीं। उन्होंने मतदाताओं से “बदलाव की भाषा” बोलने और निकाय चुनाव में सत्ताधारियों को जवाब देने की अपील की।
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 को देखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मुंबई के लिए जिलेवार निरीक्षकों की नियुक्ति की है। पार्टी ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे कांग्रेस की मजबूत चुनावी प्रदर्शन के लिए एकजुट होकर काम करें।
मुंबई उत्तर के निरीक्षक चरण सिंह सप्रा होंगे, जबकि मुंबई उत्तर-पूर्व के लिए जॅनेट डी’सूझा और मुंबई उत्तर-पश्चिम के लिए राजेश शर्मा नियुक्त किए गए हैं। मुंबई उत्तर-मध्य का प्रभार शिवजी सिंह को दिया गया है, मुंबई दक्षिण-मध्य के लिए सचिन सावंत और मुंबई दक्षिण के लिए भाई जगताप जिम्मेदार होंगे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व मुंबई प्रभारी यू. बी. वेंकटेश ने सभी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे संगठनात्मक रूप से सक्रिय रहें और चुनावी तैयारियों में पूर्ण सहयोग दें। पार्टी इस बार मुंबई में मजबूत प्रदर्शन के लिए पूरी तरह जुटी हुई है।
मुंबई। केंद्र और राज्य—दोनों जगह भाजपा की “डबल इंजन सरकार” होने के बावजूद मुंबई आज भी धूल प्रदूषण से कराह रही है। हालात इतने बदतर हैं कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा जारी किए गए सख्त पर्यावरणीय आदेशों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जानकारी तक खुद सरकारी महकमों के पास मौजूद नहीं है। यह चौंकाने वाला सच एक आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आया है, जिसने प्रशासनिक लापरवाही की परतें खोल दी हैं।
हाईकोर्ट का आदेश, पर अमल नदारद
पिछले साल मई में बीएमसी के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता सेंसर और एलईडी डिस्प्ले लगाना अनिवार्य किया था। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया था। लेकिन हकीकत यह है कि इन आदेशों का कितना पालन हुआ, कितनी कार्रवाई हुई और कितने बिल्डरों पर जुर्माना लगा—इसका कोई समेकित रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है।
RTI में सरकारी स्वीकारोक्ति
सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र घाडगे द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में बीएमसी के पर्यावरण विभाग ने स्वीकार किया कि कितने निर्माण स्थलों पर सेंसर लगाए गए, इसकी जानकारी नहीं, नियम तोड़ने वालों पर कितनी कार्रवाई हुई, इसका कोई डेटा नहीं, इस योजना पर कितना सरकारी पैसा खर्च हुआ, इसका भी कोई विवरण उपलब्ध नहीं, इतना ही नहीं, विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जानकारी अलग-अलग वार्ड कार्यालयों से मांगी जा सकती है।
सवालों के घेरे में डबल इंजन सरकार
जहां भाजपा बार-बार “डबल इंजन सरकार” के फायदे गिनाती है, वहीं यह मामला दिखाता है कि जिम्मेदारी का इंजन ही गायब है। शहर स्तर पर आदेश जारी होते हैं, लेकिन उसकी निगरानी के लिए न तो कोई केंद्रीय तंत्र है और न ही जवाबदेही तय की गई है।
कार्यकर्ता का सीधा आरोप
जितेंद्र घाडगे ने कहा कि जब सरकार और नगर निगम दोनों भाजपा के नियंत्रण में हैं, तब भी अगर हाईकोर्ट से जुड़े आदेशों की निगरानी नहीं हो रही, तो यह सीधी प्रशासनिक विफलता है। आदेश केवल कागज़ों में रह गए हैं और जनता प्रदूषण की कीमत अपनी सेहत से चुका रही है।”
निर्माण माफिया को खुली छूट?
मुंबई में मेट्रो, कोस्टल रोड, पुनर्विकास परियोजनाओं और ऊंची इमारतों के निर्माण से धूल प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। आरोप है कि सरकारी ढील और निगरानी के अभाव में निर्माण माफिया को खुली छूट मिल रही है, जबकि आम नागरिक सांस की बीमारियों से जूझ रहे हैं।
जनता पूछ रही है सवाल कि जब केंद्र, राज्य और नगर निकाय—तीनों जगह भाजपा का शासन है, तब भी अगर पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दे पर यह हाल है, तो सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या डबल इंजन सरकार सिर्फ नारों तक सीमित है, और ज़मीनी स्तर पर सरकारी महकमे बेलगाम हैं?
खोपोली में दिनदहाड़े हत्या का खुलासा, सुपारी देकर की गई वारदात, पुलिस जांच तेज
नवी मुंबई।खोपोली नगर परिषद की नवनिर्वाचित शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की नगरसेविका मानसी कालोखे के पति मंगेश कालोखे (45) की हत्या मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और कॉन्ट्रैक्ट किलरों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस सनसनीखेज हत्याकांड का एक मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
व्यस्त चौराहे पर दिनदहाड़े हत्या
गौरतलब है कि 26 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजे, खोपोली के एक व्यस्त चौराहे पर मंगेश कालोखे की तलवार, कोयता और कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त वे अपनी दो बेटियों को स्कूल छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे।पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले से ही काले रंग की कार में घात लगाकर बैठे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।
मुख्य साजिशकर्ता रविंद्र देवकर
रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता रविंद्र देवकर है, जो एनसीपी (अजित पवार गुट) की नेता उर्मिला देवकर का पति है।हाल ही में हुए खोपोली नगर परिषद चुनाव में मानसी कालोखे ने उर्मिला देवकर को पराजित किया था, जिसके बाद राजनीतिक रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई।सुपारी देकर कराई गई हत्यापुलिस के अनुसार, रविंद्र देवकर ने मंगेश कालोखे की हत्या के लिए तीन कॉन्ट्रैक्ट किलरों को सुपारी दी थी।हत्या को अंजाम देने वाले कुल पांच आरोपियों में—रविंद्र देवकर का बड़ा बेटा दर्शन देवकर,उसका बॉडीगार्ड महेश धायतडाक,और तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर शामिल हैं।इनमें से दो कॉन्ट्रैक्ट किलरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर फरार है।
एनसीपी नेताओं की भूमिका की जांच
एसपी आंचल दलाल ने बताया कि पुलिस इस मामले में रायगढ़ जिला एनसीपी अध्यक्ष सुधाकर घारे और एनसीपी प्रवक्ता भारत भगत की भूमिका की भी जांच कर रही है।मृतक के भतीजे द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में दोनों के नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर की गिरफ्तारी के बाद ही इनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।अब तक 9 आरोपी गिरफ्तारइससे पहले, हत्या के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें रविंद्र देवकर, उसकी पत्नी उर्मिला देवकर, बेटे दर्शन और धनंजयएनसीपी समर्थक विशाल देशमुख, दिलीप पवार, महेश धायतडाक, सागर मोरे, सचिन खराडे शामिल हैं।वहीं, एफआईआर में नामजद सामाजिक कार्यकर्ता सचिन चव्हाण की तलाश अभी भी जारी है।जांच तेज, जल्द गिरफ्तारी का दावापुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से जारी है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मुंबई। शिवसेना नेता संजय निरुपम(Sanjay Nirupam) ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट (उबाठा) (UBT Shiv Sena)पर जोरदार हमला बोला है। नाना पटोले (Nana Patole) द्वारा राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की तुलना भगवान राम से किए जाने पर निरुपम ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस की पहचान शुरू से ही राम-विरोधी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और आज तक अयोध्या में बने राम मंदिर में दर्शन तक नहीं किए।
संजय निरुपम ने कहा, “कांग्रेस के नेता खुद को राम के आदर्शों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे रावण के अनुयायी रहे हैं। अगर नाना पटोले का दावा है कि राहुल गांधी भगवान राम के आदर्शों के अनुसार दबे-कुचले लोगों के लिए काम कर रहे हैं, तो फिर हर दो महीने में वे कोलंबिया, पेरू, इटली, लंदन और थाईलैंड क्यों जाते हैं? आखिर यह किस तरह का जनसेवा कार्य है?”
निरुपम ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस शिवसेना की स्थापना हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने की थी और जो हमेशा हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान के विचारों के साथ मजबूती से खड़ी रही, आज वही पार्टी मुस्लिम वोट बैंक के लिए अपनी मूल पहचान से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उबाठा गुट प्रचार में हिंदी और मराठी को छोड़कर उर्दू भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।
संजय निरुपम ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे गुट जिहादी सोच रखने वालों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर रहा है। यह इस गुट की असलियत को उजागर करता है और शिवसेना की मूल विचारधारा से पूरी तरह अलग है।
मुंबई महानगरपालिका (मनपा) चुनाव को लेकर निरुपम ने दावा किया कि मुंबई का अगला मेयर मराठी मानुस होगा और वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों से प्रेरित होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई की मराठी जनता ही अंतिम फैसला करेगी और किसी भी तरह की तुष्टिकरण की राजनीति को नकार देगी।
इसके अलावा संजय निरुपम ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए शाहरुख खान को अपनी टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल नहीं करने चाहिए। निरुपम के इस बयान ने राजनीतिक के साथ-साथ फिल्मी हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।
कुल मिलाकर संजय निरुपम के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है और आगामी मनपा चुनावों से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के आगामी सार्वत्रिक चुनाव 2025–26 की पृष्ठभूमि में मालाड क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 47 में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को वार्ड 47 से भाजपा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
स्थानीय, उच्च शिक्षित और लगातार जनसंपर्क में सक्रिय उम्मीदवार के चयन से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवा नेतृत्व को आगे लाने का पार्टी का यह फैसला आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।
कांग्रेस नेताओं का सामूहिक इस्तीफा, भाजपा में औपचारिक प्रवेश
इस बीच कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब उत्तर मुंबई जिला कांग्रेस के महासचिव अरविंद क्वार्डोस तथा कांग्रेस झुग्गी पुनर्विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरुगन पिल्लई ने अपने सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
यह भव्य पक्ष प्रवेश कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा के नेतृत्व और विकास नीति पर जताया भरोसा
पार्टी में प्रवेश के बाद नवप्रवेशी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा का सशक्त संगठन, विकासोन्मुख नीतियाँ तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दूरदर्शी नेतृत्व ही उन्हें भाजपा से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा ही आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में सक्षम है।
वार्ड 47 में जीत का भरोसा, मालाड की राजनीति में बदलाव के संकेत
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना वार्ड क्रमांक 47 से भारी बहुमत से विजयी होंगे। चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा यह झटका मालाड की राजनीति में निर्णायक मोड़ ला सकता है, ऐसी चर्चा राजनीतिक हलकों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों में भी तेज़ हो गई है।
मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्ट युती के कारनामों के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार प्रहार, प्रदर्शन का उद्घाटन
कांग्रेस का ऐलान: भ्रष्टाचारमुक्त, पारदर्शी और जनहितकारी मुंबई देंगे
मुंबई कांग्रेस का महायुती पर हमला, बीएमसी को खोखला करने और खुली लूट का आरोप
मुंबई। मुंबई कांग्रेस ने महायुती सरकार पर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को पूरी तरह खोखला करने, बीते तीन वर्षों में मुंबईकरों की गाढ़ी कमाई की खुली लूट करने और नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि वर्ष 2017 से 2022 के दौरान बीएमसी की कुल कार्यक्षमता मात्र 38 प्रतिशत रही, जो प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
राजीव गांधी भवन में ‘युती काला चिट्ठा’ जारी
इन आरोपों को लेकर राजीव गांधी भवन में कांग्रेस द्वारा बीएमसी के कथित भ्रष्टाचार पर आधारित ‘युती काला चिट्ठा’ जारी किया गया। इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़, मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस तथा पूर्व मंत्री व विधायक असलम शेख प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
नगर नियोजन और नागरिक सुविधाओं में विफल रही महायुती : वर्षा गायकवाड़
सभा को संबोधित करते हुए सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा-नेतृत्व वाली महायुती पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि नगर नियोजन, प्रशासन और मूलभूत नागरिक सुविधाएँ देने में यह गठबंधन पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुंबई को भ्रष्टाचार से मुक्त कर पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
12 हजार करोड़ की जमा राशि घटी, प्रदूषण में अव्वल मुंबई
सांसद गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि बीते तीन वर्षों में बीएमसी की मुदत जमा राशि में करीब 12 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आई है। आज मुंबई देश में वायु प्रदूषण के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गई है। निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
बेस्ट को कमजोर करने और निजीकरण की साजिश का आरोप
उन्होंने कहा कि मुंबईकरों की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट को जानबूझकर घाटे में डालकर यात्रियों पर लगातार भाड़ावृद्धि का बोझ डाला जा रहा है। किराए लगभग दोगुने कर दिए गए हैं और सार्वजनिक परिवहन को कमजोर कर बेस्ट डिपो की जमीनें निजी हाथों में देने की साजिश रची जा रही है।
मिठी नदी गाद घोटाले का भी जिक्र
सांसद गायकवाड़ ने मिठी नदी की सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये के गाद घोटाले का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फर्जी एमओयू के जरिए ठेकेदारों और अधिकारियों द्वारा खुली लूट की गई, जो महायुती सरकार के भ्रष्ट कारभार का उदाहरण है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मुंबईकरों की यह लूट अब बंद होनी चाहिए। इसके लिए भ्रष्ट महायुती को सत्ता से बाहर करना जरूरी है।”
कांग्रेस सत्ता में आई तो मुंबई के लिए ये वादे
सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यदि मुंबई महानगरपालिका में कांग्रेस की सत्ता आती है तो—
बेस्ट बेड़े में 6,000 से अधिक नई बसें शामिल की जाएंगी
हर मुंबईकर को यूनिवर्सल फ्री हेल्थ कार्ड और मुफ्त दवाइयाँ दी जाएंगी
बंद पड़ी मराठी स्कूलों को पुनः शुरू कर उनका नवीनीकरण किया जाएगा
मुंबई की पानी आपूर्ति 5,000 एमएलडी तक बढ़ाई जाएगी
पथविक्रेता अधिनियम 2014 को सख्ती से लागू किया जाएगा
निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगले सप्ताह कांग्रेस और महाआघाड़ी के सहयोगी दल संयुक्त जाहीरनामा जारी करेंगे।
नालासोपारा पूर्व में स्थित प्रगतिनगर क्षेत्र में आगामी 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा(Bhagwat Katha) का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सुप्रसिद्ध भागवताचार्य श्याम जी महाराज अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराएंगे।
आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा श्रवण के माध्यम से श्रोताओं को आध्यात्मिक शांति, सदाचार और जीवन मूल्यों की प्रेरणा प्राप्त होगी।
आयोजकों के अनुसार, कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर होगी, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और भक्तिमय वातावरण तैयार किया जा रहा है।
इस धार्मिक आयोजन के प्रमुख मार्गदर्शक नालासोपारा के विधायक राजन नाइक एवं भाजपा नेता पंकज दत्तात्रेय देशमुख हैं, जिनके मार्गदर्शन में आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आयोजन समिति में संस्था अध्यक्ष राजेश तिवारी के साथ शिवकुमार शुक्ल, नरेंद्र दुबे ‘सोनू’, सुरेश शुक्ल, दीपक दुबे, अजीत सिंह, दया सिंह, अनुराग दुबे, विनोद दुबे, अरविंद दुबे, दीपक तिवारी, अभिषेक मिश्रा, अनूप मिश्रा, संतोष दुबे, प्रतीक दुबे, मोहन मौर्य सहित संस्था के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे रहेंगे।
नासिक। नासिक महानगरपालिका चुनाव (Municiple Election2025-26) से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर गहरी असंतोष की लहर सामने आ गई है। पार्टी के पुराने और जमीनी कार्यकर्ता, हाल ही में अन्य दलों से आए नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने से नाराज़ होकर खुलकर विरोध में उतर आए हैं। गुरुवार को नासिक रोड स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहां विधायक राहुल ढिकले के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वालों को दरकिनार कर शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से आए नेताओं को टिकट थमा दिए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें लगातार उम्मीदवार बनाए जाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन आखिरी वक्त पर उन्हें धोखा मिला।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने भाजपा की शहर इकाई के अध्यक्ष सुनील केदार को घेर लिया। कार्यकर्ताओं ने उनसे सीधे सवाल किया कि टिकट वितरण का आधार क्या था और वफादार कार्यकर्ताओं को बाहर क्यों रखा गया। हालात बिगड़ते देख पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
इसी बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) के कार्यकर्ता भी भाजपा कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी जाहिर की और नारेबाजी की। हालात को देखते हुए भाजपा कार्यालय को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा और सुनील केदार को पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाला गया।
पार्टी के भीतर असंतोष का एक और दृश्य बुधवार को देखने को मिला, जब वार्ड क्रमांक 29 से टिकट न मिलने से नाराज़ भाजपा कार्यकर्ता बालासाहेब घुगे ने विधायक सीमा हीराय के खिलाफ नारे लगाए और विरोध दर्ज कराने के लिए सार्वजनिक रूप से खुद को थप्पड़ मारा।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी तनाव बना रहा। 30 दिसंबर को एबी फॉर्म बांटे जाने के दौरान नाराज़ कार्यकर्ताओं ने केदार की गाड़ी का पीछा किया था। चुनावी प्रशासन के अनुसार, 31 वार्ड वाली नासिक महानगरपालिका की 122 सीटों के लिए कुल 2,356 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से जांच के बाद 2,079 नामांकन वैध पाए गए, जबकि 277 नामांकन विभिन्न कारणों से रद्द कर दिए गए।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 2 जनवरी तय की गई है और अंतिम उम्मीदवार सूची 3 जनवरी को जारी होगी। वहीं, मालेगांव महानगरपालिका में 21 वार्डों की 84 सीटों के लिए कुल 808 नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से 94 नामांकन अमान्य घोषित किए गए हैं, जबकि 714 नामांकन अभी विचाराधीन हैं।
नासिक की राजनीति में यह घटनाक्रम भाजपा के लिए चुनावी चुनौती बनता दिख रहा है, जहां भीतरघात और असंतोष का असर सीधे चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।
कल्याण। भाजपा के तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का भव्य उद्घाटन विश्वास अपार्टमेंट, शॉप नंबर–4, शंकर पवासे रोड, राय वैली के सामने संपन्न हुआ। कार्याqलय का उद्घाटन महेश गायकवाड़ के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर पैनल क्रमांक 13 के कुछ स्थानीय नगरसेवकों की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर शाम 4 बजे से सुंदरकांड पाठ का भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, समर्थक एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण और उमड़ी भारी भीड़ ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। पैनल 13 में चुनावी हलचल तेज कार्यालय उद्घाटन के साथ ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले पैनल क्रमांक 13 में संदीप तिवारी द्वारा कार्यालय खोले जाने को आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जिस परिसर में यह कार्यालय स्थापित हुआ है, वहां पूर्व नगरसेवक मनोज राय का भी लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव रहा है। अब तक संदीप तिवारी को पूर्व नगरसेवक मनोज राय का करीबी और उनके दाहिने हाथ के रूप में जाना जाता रहा है। दोनों के बीच लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक समन्वय देखा गया है। ऐसे में तिवारी द्वारा स्वतंत्र रूप से सक्रिय होते हुए इस क्षेत्र में कार्यालय खोलना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। नए समीकरणों की संभावना स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संदीप तिवारी का यह कदम आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि तिवारी का बढ़ता जनसंपर्क और प्रभाव मनोज राय के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है। हालांकि संदीप तिवारी की ओर से अभी तक किसी प्रकार की औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कार्यालय उद्घाटन और धार्मिक आयोजन में उमड़ी भारी भीड़ को उनकी बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह कार्यालय स्थानीय राजनीति का नया केंद्र बन सकता है। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने राय वैली और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति में नई ऊर्जा और सरगर्मी पैदा कर दी है। आगामी चुनावों में इसका क्या असर होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुरेश उपाध्याय, राकेश (मुन्ना) मिश्रा, अमित (मोनू) पाठक, शिवा पाण्डेय, शिवम मिश्रा, बिपिन मिश्रा, दयाराम यादव, संदीप सिंह, कपिल चौहान, रामसूरत चौहान, सुभाष गुप्ता, अनिल गुप्ता, ज्ञानसार पाण्डेय, पवन दुबे, मनीष मौर्य, प्रीतम गुप्ता एवं उमेश पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।