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  • E20 Petrol Controversy: ई-20 पेट्रोल विवाद पर आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने बदला रुख, पुराने वाहनों के मालिकों को दी राहत!

    E20 Petrol Controversy: ई-20 पेट्रोल विवाद पर आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने बदला रुख, पुराने वाहनों के मालिकों को दी राहत!

    E20 Petrol Controversy: ई-20 पेट्रोल को लेकर उठे विवाद के बीच आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि पुराने वाहनों में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ई-20 ईंधन के उपयोग को कंपनी लापरवाही नहीं मानती और केवल ईंधन के आधार पर बीमा दावे खारिज नहीं किए जाएंगे।

    दरअसल, पिछले सप्ताह कंपनी के एक ब्लॉग में यह उल्लेख किया गया था कि जिन वाहनों को ई-20 ईंधन के लिए डिजाइन नहीं किया गया है, उनमें इसका उपयोग लापरवाही की श्रेणी में आ सकता है और इससे जुड़े नुकसान के दावों पर असर पड़ सकता है। इस टिप्पणी के बाद वाहन मालिकों और उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई थी।

    विवाद बढ़ने पर कंपनी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मोटर बीमा दावों का मूल्यांकन वाहन में इस्तेमाल किए गए ईंधन के आधार पर नहीं किया जाता। बीमा सुरक्षा दुर्घटना, चोरी, व्यक्तिगत दुर्घटना और थर्ड पार्टी दायित्व जैसी घटनाओं पर आधारित होती है, न कि वाहन में प्रयुक्त ईंधन के प्रकार पर।

    कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई दावा पारंपरिक पेट्रोल के उपयोग की स्थिति में स्वीकार्य है, तो वही दावा ई-20 ईंधन के उपयोग की स्थिति में भी समान रूप से स्वीकार्य रहेगा। बीमा पॉलिसी की वैधता पर ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

    गौरतलब है कि देश में सामान्य रूप से उपलब्ध पेट्रोल में अब इथेनॉल मिश्रण का स्तर बढ़ाया जा चुका है और अप्रैल 2023 से ई-20 अनुकूल वाहनों की बिक्री को अनिवार्य बनाया गया है। ऐसे में कंपनी के स्पष्टीकरण से बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को राहत मिली है, जो बीमा दावों को लेकर आशंकित थे। कंपनी ने कहा कि ग्राहकों के हित सर्वोपरि हैं और बीमा दावों का निपटारा पॉलिसी की शर्तों तथा वास्तविक घटनाओं के आधार पर ही किया जाता रहेगा।

  • Chain Theft Gang: मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतर्राज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़

    Chain Theft Gang: मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतर्राज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़

    Chain Theft Gang: मध्यप्रदेश पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो अहम मामलों का सफल खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय चेन चोरी गिरोह के सात सदस्यों और ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 58 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया गया।

    पुलिस मुख्यालय के अनुसार देवास पुलिस ने एक सक्रिय अंतर्राज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। उनके कब्जे से सोने की चेन, वाहन, मोबाइल फोन और नकदी समेत लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति बरामद हुई है।

    जांच में पता चला कि गिरोह ने हाल के दिनों में देवास, आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी और भेड़ाघाट सहित कई स्थानों पर चेन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। देवास में हुई एक घटना के बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं और दक्षिण दिल्ली में रहकर विभिन्न राज्यों में सक्रिय थे। गिरोह की महिला सदस्य धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर श्रद्धालु बनकर महिलाओं के आभूषण चोरी करती थीं, जबकि पुरुष सदस्य निगरानी और भागने की व्यवस्था संभालते थे।

    वहीं दूसरी ओर, शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) इटारसी ने राजधानी एक्सप्रेस में हुई चोरी के मामले का भी खुलासा किया है। विशेष अभियान के तहत की गई जांच में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से सोने का मंगलसूत्र, मोबाइल फोन, टैबलेट और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 8.52 लाख रुपये बताई गई है।

    पुलिस के अनुसार यह चोरी मई महीने में राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री के परिवार के साथ हुई थी। मामले की जांच के दौरान रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी विश्लेषण की सहायता से आरोपी तक पहुंच बनाई गई।

    मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों, सार्वजनिक स्थलों, मेलों और रेल यात्राओं के दौरान अपने कीमती सामान और आभूषणों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतें।

  • Kota Ujjain MEMU: कोटा-उज्जैन के बीच नई मेमू ट्रेन सेवा शुरू, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

    Kota Ujjain MEMU: कोटा-उज्जैन के बीच नई मेमू ट्रेन सेवा शुरू, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

    Kota Ujjain MEMU: क्षेत्र के यात्रियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए पश्चिम रेलवे ने कोटा और उज्जैन के बीच नई नियमित मेमू रेल सेवा का संचालन शुरू कर दिया है। इस नई सेवा का शुभारंभ नागदा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया ने हरी झंडी दिखाकर किया।

    उद्घाटन समारोह में स्थानीय विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, रेलवे अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से कोटा, नागदा, उज्जैन और मार्ग के अन्य स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    रतलाम मंडल के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, गाड़ी संख्या 61624 कोटा-उज्जैन मेमू प्रतिदिन सुबह 5:40 बजे कोटा से रवाना होगी। यह ट्रेन नागदा, भाटीसुड़ा, पिपलोदा बागला, उन्हेल, पलसोडा मकडावन, असलावदा और नईखेड़ी स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए दोपहर 12 बजे उज्जैन पहुंचेगी।

    वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 61623 उज्जैन-कोटा मेमू दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से प्रस्थान करेगी और निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी।

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को काफी सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्रीय संपर्क और आवागमन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    कार्यक्रम में रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नई रेल सेवा को क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

  • Stock Market: शांति समझौते की खबर से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 736 अंक चढ़ा!

    Stock Market: शांति समझौते की खबर से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 736 अंक चढ़ा!

    Stock Market: वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई। बीएसई का सेंसेक्स 736 अंक की बढ़त के साथ तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी मजबूती के साथ बंद हुआ।

    कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में उत्साह देखने को मिला। सेंसेक्स मजबूत बढ़त के साथ खुला और शुरुआती सत्र में 1,200 अंक से अधिक उछल गया। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, फिर भी सूचकांक 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 231 अंक चढ़कर 23,853.90 अंक पर पहुंच गया।

    बाजार में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबर रही। समझौते के तहत क्षेत्रीय तनाव कम करने, विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष रोकने और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर सहमति बनने की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

    सकारात्मक वैश्विक माहौल का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाएं, धातु तथा तेल एवं गैस क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी हुई। रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक लाभ में रहा, जबकि उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। व्यापक बाजार में अधिकांश कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का सकारात्मक रुख स्पष्ट नजर आया।

    सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी रही। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टाइटन, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयर भी मजबूत बने रहे।

    दूसरी ओर एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे कुछ शेयरों में सीमित गिरावट दर्ज की गई।

    वैश्विक बाजारों में भी उत्साह का माहौल रहा। एशियाई शेयर बाजारों में जापान, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कारोबार के दौरान सकारात्मक रुख देखने को मिला।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख बरकरार रह सकता है।

  • CT Ravi: धर्मस्थल मामले की सीबीआई जांच हो, सच्चाई सामने आए: सीटी रवि

    CT Ravi: धर्मस्थल मामले की सीबीआई जांच हो, सच्चाई सामने आए: सीटी रवि

    CT Ravi: भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य सीटी रवि ने कर्नाटक सरकार से श्री क्षेत्र धर्मस्थल और उसके धर्माधिकारी पद्म विभूषण डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े के खिलाफ कथित साजिश के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।

    मुख्यमंत्री को लिखे एक खुले पत्र में रवि ने कहा कि धर्मस्थल से जुड़े हालिया विवादों ने लाखों श्रद्धालुओं और अनुयायियों के बीच चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराई जानी चाहिए।

    भाजपा नेता ने दावा किया कि धर्मस्थल संस्थान और डॉ. हेगड़े की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से एक सुनियोजित अभियान चलाए जाने के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन दावों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है, लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत पड़ताल आवश्यक है।

    रवि ने सवाल उठाया कि यदि ऐसा कोई अभियान चलाया गया, तो इसके पीछे आर्थिक संसाधन कहां से आए और इसमें किन लोगों या संगठनों की भूमिका रही। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी धर्मस्थल को निशाना बनाने के प्रयासों को लेकर चिंता जताई गई थी और हाल के घटनाक्रमों ने इन आशंकाओं को और बल दिया है। उनके अनुसार, यदि मामले में राज्य से बाहर के व्यक्तियों या संस्थाओं की संलिप्तता है, तो इसकी जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए।

    सीटी रवि ने कहा कि धर्मस्थल करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और उससे जुड़े किसी भी विवाद की गहन तथा निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मामले को सीबीआई को सौंपकर तथ्यों को सामने लाया जाए। गौरतलब है कि धर्मस्थल से जुड़े कुछ दावों और आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद इस विषय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

  • Neelam Shami Rao: भारत-जापान के बीच कपड़ा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर, टोक्यो में उद्योग जगत से मिलीं कपड़ा सचिव नीलम शमी राव

    Neelam Shami Rao: भारत-जापान के बीच कपड़ा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर, टोक्यो में उद्योग जगत से मिलीं कपड़ा सचिव नीलम शमी राव

    Neelam Shami Rao: भारत और जापान के बीच कपड़ा एवं परिधान उद्योग में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय कपड़ा सचिव नीलम शमी राव ने सोमवार को टोक्यो में जापान की प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

    कपड़ा मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा उद्योग क्षेत्र में नई साझेदारियों की संभावनाओं को तलाशना है।

    बैठक को संबोधित करते हुए नीलम शमी राव ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक कपड़ा उद्योग में एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी भागीदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि कुशल मानव संसाधन, पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता और सरकार की उद्योग समर्थक नीतियां भारत को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती हैं।

    भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ भी शामिल थे। बैठक में जापान की 20 से अधिक अग्रणी कपड़ा एवं परिधान कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    दोनों पक्षों के बीच कपड़ा व्यापार को बढ़ाने, नई तकनीकों के उपयोग, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापानी कंपनियों को भारत से वस्त्रों की खरीद बढ़ाने तथा देश में विनिर्माण इकाइयों और निवेश परियोजनाओं का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया।

    बैठक के दौरान उद्योग में नवाचार, तकनीकी सहयोग और संयुक्त विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर भी सहमति बनी। साथ ही भारत में जापानी निवेश की संभावनाओं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    मंत्रालय के अनुसार, जापानी उद्योग जगत ने भारत के कपड़ा क्षेत्र में गहरी रुचि दिखाई और भारतीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी, निवेश विस्तार तथा भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं में सहयोग की इच्छा व्यक्त की।

  • Save the Farms Campaign: राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ का आगाज, वैज्ञानिकों को भी किया जाएगा सम्मानित

    Save the Farms Campaign: राज्यपाल गुरमीत सिंह करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ का आगाज, वैज्ञानिकों को भी किया जाएगा सम्मानित

    Save the Farms Campaign: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मंगलवार को मुक्तेश्वर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में आयोजित विशेष कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। कृषि, पशुपालन और वैज्ञानिक अनुसंधान को समर्पित इस आयोजन को क्षेत्र के किसानों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संस्थान परिसर में स्थापित राष्ट्रीय पशु चिकित्सा धरोहर पुस्तकालय, पशु चिकित्सा संग्रहालय तथा विभिन्न अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का अवलोकन करेंगे। साथ ही उन्हें संस्थान में चल रहे शोध कार्यों और नवाचार परियोजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

    समारोह में ‘खेत बचाओ अभियान’ की औपचारिक शुरुआत के साथ किसानों और पशुपालकों को उपयोगी सामग्री वितरित की जाएगी, जिससे कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

    इस अवसर पर कृषि और पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल एवं अन्य अतिथि प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे।

    आईवीआरआई मुक्तेश्वर में आयोजित यह कार्यक्रम कृषि, पशुपालन, वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न आयामों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जिसमें वैज्ञानिकों, किसानों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी।

  • Adani Airports: नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को मिली वैश्विक पहचान, प्रिक्स वर्सेल्स की प्रतिष्ठित सूची में स्थान

    Adani Airports: नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को मिली वैश्विक पहचान, प्रिक्स वर्सेल्स की प्रतिष्ठित सूची में स्थान

    Adani Airports: अडानी समूह की विमानन इकाई अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है कि उसके दो हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित प्रिक्स वर्सेल्स पुरस्कार की ‘2026 के दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट’ सूची में शामिल किया गया है।

    इस सूची में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा लोकप्रिय गोपीनाथ बारदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गुवाहाटी के टर्मिनल-2 को जगह मिली है। यह सम्मान उत्कृष्ट वास्तुकला, आधुनिक डिजाइन, पर्यावरणीय संतुलन और यात्रियों की सुविधाओं को केंद्र में रखकर विकसित की गई अवधारणा के लिए प्रदान किया गया है।

    अडानी एयरपोर्ट्स की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दोनों हवाई अड्डे आधुनिक बुनियादी ढांचे और नवाचार का बेहतरीन उदाहरण हैं। इनके डिजाइन में स्थानीय संस्कृति, यात्रियों की जरूरतों और टिकाऊ विकास के सिद्धांतों को विशेष महत्व दिया गया है।

    प्रिक्स वर्सेल्स वास्तुकला और डिजाइन क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान है, जिसे वर्ष 2015 से पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित समारोह के दौरान प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार उन हवाई अड्डों और टर्मिनलों को दिया जाता है, जो अपने अनूठे वास्तुशिल्प स्वरूप और समकालीन डिजाइन के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अलग पहचान बनाते हैं।

    इस वर्ष नवी मुंबई और गुवाहाटी के अलावा दुनिया के पांच अन्य प्रमुख हवाई अड्डों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इनमें चीन का ग्वांगझू एयरपोर्ट, जर्मनी का फ्रैंकफर्ट एम मेन एयरपोर्ट, कंबोडिया का कंदल स्टुअंग एयरपोर्ट तथा अमेरिका के पिट्सबर्ग और सैन डिएगो एयरपोर्ट शामिल हैं।

    इस उपलब्धि को भारतीय विमानन क्षेत्र और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय मान्यता भारत के हवाई अड्डों की वैश्विक साख को और मजबूत करेगी तथा देश को विश्वस्तरीय एविएशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

  • Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: मानसून पूर्व तैयारियों के तहत भिवंडी महानगरपालिका द्वारा शहर में नाला सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किए जाने का दावा किया जा रहा है। निगम प्रशासन के अनुसार अब तक 51 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि इस कार्य पर करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, महापौर नारायण चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है।

    महापौर नारायण चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाला सफाई का कार्य कागजों पर अधिक और जमीनी स्तर पर कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया था, जिसमें कई स्थानों पर कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस दौरान संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

    महापौर ने कहा कि निगम अधिकारियों को ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण तरीके से नाला सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मानसून के दौरान शहर में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।

    कागजों पर आंकड़ेबाजी का आरोप
    स्थायी समिति के सदस्य एडवोकेट मयूरेश विलास पाटिल ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल कागजों पर प्रतिशत दिखाकर ठेकेदारों के हितों की रक्षा की जा रही है। उनका दावा है कि वास्तविकता में 20 प्रतिशत नाला सफाई भी पूरी नहीं हुई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मात्र बीस दिनों में इतने बड़े पैमाने पर नाला सफाई का कार्य पूरा किया जा सकता है? उनके अनुसार स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के कुछ कर्मचारी केवल आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की स्थिति अलग है। पाटिल ने मांग की कि प्रशासन को वास्तविक निरीक्षण और सत्यापन के बिना ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान यदि नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा, तो लोग ठेकेदारों को नहीं बल्कि अपने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराएंगे। इसलिए आयुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है कि वे ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित कराएं।

  • Kainchi Dham: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने बाबा नीम करौरी महाराज का लिया आशीर्वाद

    Kainchi Dham: कैंची धाम स्थापना दिवस पर उमड़ी श्रद्धा की भीड़, लाखों भक्तों ने बाबा नीम करौरी महाराज का लिया आशीर्वाद

    Kainchi Dham: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। बाबा नीम करौरी महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए एक लाख से अधिक भक्तों ने धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    सुबह तड़के मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। दिनभर बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और देर शाम तक दर्शन का सिलसिला जारी रहा।

    अमेरिका से आए श्रद्धालु मैक्स विलियम्स ने बताया कि वर्ष 2020 में बाबा नीम करौरी महाराज के बारे में जानकारी मिलने के बाद से ही उनकी कैंची धाम आने की इच्छा थी। पहली बार यहां पहुंचकर उन्हें गहन आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ मानो बाबा ने स्वयं उन्हें यहां आने के लिए प्रेरित किया हो।

    पंजाब, महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन की सराहना की। भक्तों का कहना था कि भारी भीड़ के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    मेले के सफल संचालन के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के नेतृत्व में हल्द्वानी, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम क्षेत्र में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई। ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और कंट्रोल रूम के जरिए पूरे आयोजन क्षेत्र पर लगातार नजर रखी गई।

    श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों से शटल बस सेवाएं चलाई गईं, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई। पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से धाम तक पहुंचाया गया।

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहा। मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में नियमित जांच अभियान चलाया गया तथा प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर के माध्यम से सुरक्षा जांच की गई।

    बारिश और भारी भीड़ के बावजूद पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में लगातार सक्रिय रहे। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया गया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।