Category: Thane

  • Balcony Slab Collapse:मुंबई में लगातार बारिश से इमारत की बालकनी का गिरा स्लैब, युवक घायल

    Balcony Slab Collapse:मुंबई में लगातार बारिश से इमारत की बालकनी का गिरा स्लैब, युवक घायल

    मुंब्रा। लगातार पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मुंब्रा के अमृत नगर स्थित चांदनी अपार्टमेंट में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। इमारत की तीसरी मंजिल की बालकनी का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 5 बजे बालकनी का स्लैब नीचे मौजूद दुकानों के शेड और एक मोमोज के ठेले पर गिर गया। इस दौरान ठेले पर काम कर रहे 24 वर्षीय अब्दुल रहीम शेख गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

    घटना की सूचना मिलते ही मुंब्रा पुलिस, अग्निशमन दल और ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर पूरी इमारत को खाली कराकर सील कर दिया गया है।

    टीएमसी के सहायक आयुक्त विजय कावले ने बताया कि इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, ताकि उसकी सुरक्षा का आकलन किया जा सके। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल भी जाना। फिलहाल घायल की हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसे आगे के उपचार के लिए कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    लगातार हो रही बारिश के बीच इस घटना ने एक बार फिर जर्जर इमारतों की सुरक्षा और समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की आवश्यकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का कहर, एक की मौत, 12 घायल

    तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का कहर, एक की मौत, 12 घायल

    नवी मुंबई। नवी मुंबई के तळोजा फेज-1 इलाके में मंगलवार को तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार के अनियंत्रित होकर कई वाहनों से टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि करीब 12 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार ने सड़क पर चल रही चार से पांच गाड़ियों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    हादसे के बाद कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर घटनास्थल का पंचनामा किया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

    इस हादसे के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें दुर्घटना के बाद का भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से जुड़ा कोई वीडियो या अन्य जानकारी हो तो जांच में सहयोग करें। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

  • Congress Begins MPSC Protest Against CBT: एमपीएससी की परीक्षा को सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

    Congress Begins MPSC Protest Against CBT: एमपीएससी की परीक्षा को सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

    मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं को CBT (Computer Based Test) पद्धति से कराने और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली लागू करने के फैसले के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस की ओर से बुधवार 8 जुलाई 2026 से CBD बेलापुर स्थित MPSC मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन श्रृंखला उपवास और धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।

    कांग्रेस का कहना है कि MPSC का यह निर्णय राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पार्टी के अनुसार, इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और डिजिटल सुविधाओं से वंचित छात्रों को नुकसान होने की आशंका है।

    छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मोर्चा

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समर्थन कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान महाविकास आघाड़ी के विधायकों ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया था।

    कांग्रेस ने बताया कि इस मामले में MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार से दो बार फोन पर संपर्क कर कांग्रेस प्रतिनिधियों, छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

    10 दिन का दिया था अल्टीमेटम

    कांग्रेस के रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग की ओर से 28 जून 2026 को चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिनों के भीतर CBT पद्धति से परीक्षा कराने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी छात्रों के समर्थन में आंदोलन करेगी।

    कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और MPSC प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद अब आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

    कांग्रेस नेताओं की होगी भागीदारी

    इस आंदोलन में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आबा दळवी और प्रदेश महासचिव तथा रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग के अध्यक्ष धनंजय रामकृष्ण शिंदे सहित पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे।

    कांग्रेस ने मांग की है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए MPSC परीक्षा में CBT प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।

  • Thane Rain Alert:ठाणे में भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट, NDRF की दो टीमें तैनात; नदियों के जलस्तर पर निगरानी तेज

    ठाणे: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए ठाणे जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बारिश, नदियों के जलस्तर, बांधों की स्थिति और संभावित आपात हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, 7 जुलाई 2026 की सुबह 8 बजे तक जिले में 237.63 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 705.65 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

    जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। जिले में आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए NDRF की दो टीमें और 30 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

    नदियों और बांधों के जलस्तर पर विशेष निगरानी(Thane Rain Alert)

    प्रशासन द्वारा जिले की प्रमुख नदियों और जलस्रोतों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से—

    • उल्हास नदी के मुहाने,
    • जांभुलपाड़ा,
    • बदलापुर क्षेत्र,

    में जलस्तर की निगरानी की जा रही है।

    प्रशासन के अनुसार, बदलापुर और जांभुलपाड़ा में पानी चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचा है, लेकिन संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, कल्याण तालुका की कालू नदी और शाहपुर तालुका की भातसा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के स्तर से नीचे बताया गया है।

    बांधों में पानी के भंडारण और छोड़े जा रहे पानी (डिस्चार्ज) की जानकारी भी लगातार जुटाई जा रही है और स्थिति के अनुसार एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

    कसारा घाट में रेलवे ट्रैक से मलबा हटाया गया

    भारी बारिश के कारण कसारा घाट क्षेत्र में रेलवे लाइन पर गिरे मलबे को रेलवे प्रशासन ने तत्काल हटाकर मुंबई की ओर जाने वाला रेल यातायात बहाल कर दिया है। हालांकि, कुछ लोकल ट्रेन सेवाएं करीब 20 से 25 मिनट की देरी से चल रही हैं।

    जिला प्रशासन के अनुसार सड़क यातायात फिलहाल सामान्य रूप से जारी है और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    अंबरनाथ में बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

    अंबरनाथ तालुका के नागांव इलाके में नदी में बहे एक बच्चे की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल युद्ध स्तर पर खोज अभियान चला रहे हैं।

    इसके अलावा, भारी बारिश के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में हुए हादसों में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन संबंधित घटनाओं का रिकॉर्ड तैयार कर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।

    नागरिकों से प्रशासन की अपील

    जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे—

    • नदियों, नालों और पुलों के पास जाने से बचें।
    • जलभराव वाले और निचले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें।
    • बिजली के खंभों और खतरनाक संरचनाओं से दूर रहें।
    • सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।
    • प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

    जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहकर बारिश, जलस्तर, परिवहन व्यवस्था और आपात स्थितियों की निगरानी कर रहा है। पुलिस, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग, महावितरण और अन्य सरकारी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • Thane Issues Monsoon Health Advisory: मानसून में सतर्क रहें: ठाणे जिला परिषद ने नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

    Thane Issues Monsoon Health Advisory: मानसून में सतर्क रहें: ठाणे जिला परिषद ने नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जारी की एडवाइजरी

    डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस, डायरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित पानी और मच्छर नियंत्रण पर जोर

    ठाणे: मानसून के दौरान भारी बारिश, जलभराव और गंदगी के कारण जलजनित, खाद्यजनित, मच्छरजनित तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए ठाणे जिला परिषद के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए नागरिक अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और खुले बिजली के तारों, खंभों तथा विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

    जलजनित और खाद्यजनित बीमारियों से ऐसे बचें

    बारिश के मौसम में डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए—

    • केवल उबला या शुद्ध किया हुआ पानी पिएं।
    • ताजा और अच्छी तरह पका भोजन ही करें।
    • खुले, बासी या दूषित भोजन से बचें।
    • फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें।
    • भोजन बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।

    डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव

    स्वास्थ्य विभाग ने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। पानी की टंकियां, कूलर, बाल्टियां और ड्रम ढककर रखें तथा हर सप्ताह उन्हें साफ करें। पुराने टायर, प्लास्टिक के डिब्बे और नारियल के खोल जैसी वस्तुओं में पानी जमा न होने दें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम या मच्छरदानी का उपयोग करें।

    लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव

    गंदे पानी और कीचड़ के संपर्क से होने वाली लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के लिए रबर के जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। शरीर पर घाव होने पर उसे ढककर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

    यदि लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, पीलिया, शरीर में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर चकत्ते, रक्तस्राव, सांप के काटने या बिजली का झटका लगने जैसी स्थिति हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराएं।

    जिला परिषद की अपील

    जिला परिषद ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने नागरिकों से मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, साफ भोजन, मच्छर नियंत्रण और आसपास की सफाई को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

  • Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    Thane heavy rain145 trees fallen water logging july monsoon: ठाणे में बारिश का कहर: लगातार पांचवें दिन 100 मिमी से अधिक वर्षा, तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Thane में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार 3 जुलाई से शुरू हुई तेज बारिश के बाद शनिवार, रविवार और सोमवार को भी शहर में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पिछले तीन दिनों में 145 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि दीवार ढहने, जलभराव, होर्डिंग गिरने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने जैसी कई घटनाएं दर्ज की गईं।

    ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से शाम करीब 5:30 बजे तक 85.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सुबह से शुरू हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

    तीन दिन में 145 पेड़ गिरे

    आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार—

    • 3–4 जुलाई: 77.18 मिमी बारिश, 40 शिकायतें, 11 पेड़ गिरे।
    • 4–5 जुलाई: 184.66 मिमी बारिश, 93 शिकायतें, 24 पेड़ गिरे।
    • 5–6 जुलाई: 208.53 मिमी बारिश, 186 शिकायतें, 110 पेड़ गिरे।

    इस तरह केवल तीन दिनों में कुल 145 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।

    शहरभर में नुकसान

    भारी बारिश के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में कई घटनाएं सामने आईं—

    • कोपरी बारा बंगला क्षेत्र में एक प्रतिमा के पास दीवार क्षतिग्रस्त हुई।
    • गोकुल नगर, हरदास नगर, वसंत विहार और अन्य इलाकों में कई दीवारें ढह गईं।
    • वागले एस्टेट, पाटलीपाड़ा, खारेगांव, मनोरमा नगर, श्रीरंग सोसाइटी, कालवा, लोकमान्य नगर और लुईसवाड़ी समेत कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए।
    • अल्मेडा नाका और अन्य प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।
    • एक बड़ा होर्डिंग भी गिरने की घटना दर्ज की गई।

    दो लोग घायल

    पेड़ गिरने और राहत कार्य के दौरान दो लोग घायल हुए।

    • नगर निगम कर्मचारी अंकित यादव पेड़ काटते समय घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए कालवा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    • लुईसवाड़ी स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पेड़ गिरने से पांडुरंग भुवाड घायल हो गए। उन्हें महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रशासन अलर्ट पर

    लगातार बारिश को देखते हुए ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग और नगर निगम की टीमें पूरे शहर में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान जर्जर दीवारों, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

  • Child Burn Rumour Debunked: ठाणे में बच्चे को जलाने की अफवाह निकली झूठी, गर्म तवे पर गिरने से झुलसा था मासूम

    Child Burn Rumour Debunked: ठाणे में बच्चे को जलाने की अफवाह निकली झूठी, गर्म तवे पर गिरने से झुलसा था मासूम

    वागले एस्टेट पुलिस ने मां और दादी के बयान दर्ज किए, जांच में मारपीट के आरोप की नहीं हुई पुष्टि

    ठाणे: Thane के वागले एस्टेट क्षेत्र में छह वर्षीय बच्चे को उसकी मां द्वारा जलाने और मारपीट किए जाने की अफवाह फैलने से हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि बच्चा घर में खेलते समय गलती से गर्म तवे पर गिर गया था, जिससे उसकी पीठ झुलस गई।

    पुलिस के अनुसार, किसान नगर नंबर-3 निवासी छह वर्षीय बच्चा, जो ठाणे नगर निगम के स्कूल नंबर 23 में तीसरी कक्षा का छात्र है, शनिवार को घर में खेलते समय दुर्घटनावश गर्म तवे पर गिर गया। इस हादसे में उसकी पीठ पर दो स्थानों पर जलने के निशान आए।

    घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह अफवाह फैल गई कि बच्चे की मां ने उसे गर्म तवे से दागा या पीटा है। सूचना मिलने पर Wagle Estate पुलिस ने बच्चे की मां और दादी को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज किए।

    पुलिस ने बताया कि मां और दादी ने एक समान बयान दिया कि बच्चा खेलते समय दुर्घटनावश गर्म तवे पर गिर गया था। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस को मारपीट या जानबूझकर जलाने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई।

    Child Burn Rumour Debunked

    जांच के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मां और दादी को सामाजिक बंधपत्र (Social Bond) पर छोड़ दिया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर अपुष्ट जानकारी या अफवाहें फैलाने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

  • Old Chawl Gallery Crashes in Thane: ठाणे में 35 साल पुरानी चॉल की गैलरी का हिस्सा ढहा, तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

    Old Chawl Gallery Crashes in Thane: ठाणे में 35 साल पुरानी चॉल की गैलरी का हिस्सा ढहा, तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

    ठाणे: Thane के अंबेडकर रोड स्थित स्काई पिलर सोसाइटी के समीप शांताबाई गोटावाले चॉल में शनिवार शाम भारी बारिश के दौरान गैलरी का एक हिस्सा अचानक ढह गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है।

    जानकारी के अनुसार, लगभग 35 वर्ष पुरानी यह एक मंजिला चॉल है। गैलरी का हिस्सा गिरने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण किया, जिसमें शेष गैलरी भी असुरक्षित और जर्जर स्थिति में पाई गई।

    घटना की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा नौपाड़ा-कोपाड़ी वार्ड समिति के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    तीन परिवारों को कराया गया सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चॉल के कुल 11 फ्लैटों में से तीन फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को एहतियातन अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया। संबंधित फ्लैटों को खाली करा लिया गया है ताकि किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।

    आगे होगी मरम्मत और तकनीकी जांच

    आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नौपाड़ा-कोपाड़ी वार्ड समिति द्वारा भवन की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत और अन्य सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएंगे।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी भवन में दरारें, झुकाव या अन्य खतरनाक संकेत दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

  • Balkum Amazon Data Centre: बालकुम में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर पर घमासान, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने की उठाई मांग

    Balkum Amazon Data Centre: बालकुम में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर पर घमासान, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने की उठाई मांग

    बालकुम अमेज़न डेटा सेंटर पर विवाद, सांसद नरेश म्हस्के ने परियोजना रोकने और पेड़ों की कटाई की जांच की मांग की

    ठाणे | दिनेश चंद्र रावल

    Naresh Mhaske ने ठाणे के बालकुम क्षेत्र में प्रस्तावित अमेज़न डेटा सेंटर परियोजना को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। उन्होंने Thane नगर निगम आयुक्त और ठाणे जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जनहित में परियोजना को तत्काल रोकने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

    सांसद का कहना है कि प्रस्तावित डेटा सेंटर से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण बढ़ सकता है, जबकि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना स्थल पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई है, जिसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों का विरोध

    ज्ञापन के अनुसार, परियोजना क्षेत्र के आसपास कई आवासीय सोसायटियां, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं मौजूद हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि इतने बड़े डेटा सेंटर के निर्माण से क्षेत्र की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    सांसद ने कहा कि ठाणे शहर पहले से ही ट्रैफिक, जल संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इस परियोजना से शहर पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

    रोजगार और लाभ पर मांगी स्पष्टता

    नरेश म्हस्के ने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को कितने रोजगार मिलेंगे, शहर को क्या प्रत्यक्ष लाभ होगा और क्षेत्र के विकास में इसका वास्तविक योगदान क्या रहेगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े वैधानिक अनुमोदन, पर्यावरणीय मंजूरियां और उनसे जुड़ी शर्तों के पालन को लेकर नागरिकों के मन में कई सवाल हैं। इन सभी जानकारियों को सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

    स्वतंत्र जांच और सार्वजनिक सुनवाई की मांग

    सांसद ने प्रशासन से मांग की है कि—

    • परियोजना से जुड़े सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोके जाएं।
    • सभी अनुमतियों और पर्यावरणीय मंजूरियों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से समीक्षा कराई जाए।
    • स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में विस्तृत सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाए।
    • पर्यावरण, यातायात, जल खपत और ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी सभी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएं।
    • नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और विशेषज्ञों की संयुक्त बैठक बुलाकर आपत्तियों पर निर्णय लिया जाए।

    सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों के व्यापक विरोध और जनहित को देखते हुए परियोजना को फिलहाल स्थगित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

  • India’s Largest Rail TBM Begins Work: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर, विक्रोली से भारत की सबसे बड़ी रेल TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

    India’s Largest Rail TBM Begins Work: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ा मील का पत्थर, विक्रोली से भारत की सबसे बड़ी रेल TBM ने शुरू की सुरंग की खुदाई

    13.6 मीटर व्यास और 3,100 टन वजनी टनल बोरिंग मशीन 6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी, घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा मार्ग

    ठाणे/मुंबई: National High Speed Rail Corporation Limited ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए विक्रोली शाफ्ट से भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन (TBM) के जरिए भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह मशीन निर्माणाधीन मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन (बीकेसी) की दिशा में सुरंग की खुदाई करेगी।

    परियोजना के तहत कुल 21 किलोमीटर लंबा भूमिगत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसमें से 16 किलोमीटर का हिस्सा सावली (घंसोली) से Bandra Kurla Complex (बीकेसी) तक टनल बोरिंग मशीन से तैयार किया जाएगा, जबकि शेष 5 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही एनएटीएम (New Austrian Tunnelling Method) तकनीक से पूरा किया जा चुका है।

    6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग बनाएगी मशीन (Mumbai Bullet Train Tunnel Begins)

    विक्रोली से लॉन्च की गई यह अत्याधुनिक TBM करीब 6 किलोमीटर लंबी सिंगल-ट्यूब सुरंग की खुदाई करेगी। इस सुरंग को बुलेट ट्रेन के अप और डाउन दोनों ट्रैक को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सुरंग बहुमंजिला इमारतों, प्रमुख सड़कों, मीठी नदी और अन्य महत्वपूर्ण शहरी ढांचों के नीचे से होकर गुजरेगी।

    13.6 मीटर व्यास और 3,100 टन वजनी टनल बोरिंग मशीन 6 किमी लंबी सुरंग बनाएगी, घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरेगा मार्ग

    भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बोरिंग मशीन

    (India’s Largest Rail TBM Begins Work)

    यह मशीन भारत में रेल सुरंग निर्माण के लिए इस्तेमाल की जा रही सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीनों में शामिल है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—

    • कटरहेड का व्यास: 13.6 मीटर (लगभग चार मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर)
    • कुल वजन: 3,100 टन (करीब 500 एशियाई हाथियों के वजन के बराबर)
    • कुल लंबाई: 96 मीटर (लगभग एक फुटबॉल मैदान जितनी)
    • कटर व्हील की गति: 4 RPM (प्रति मिनट चार चक्कर)

    मशीन में कटर व्हील, मेन बेयरिंग, जॉ क्रशर, मेन शील्ड, टेल शील्ड, इरेक्टर और चार विशेष गैंट्री जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।

    मिक्सशील्ड तकनीक से होगी सुरक्षित खुदाई

    इस परियोजना में मिक्सशील्ड TBM का उपयोग किया जा रहा है, जो स्लरी आधारित आधुनिक टनलिंग तकनीक है। यह तकनीक मिश्रित भूगर्भीय संरचना और उच्च भूजल दबाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षित खुदाई के लिए विकसित की गई है।

    दबावयुक्त बेंटोनाइट स्लरी की मदद से सुरंग के अग्रभाग को स्थिर रखा जाता है, जिससे जमीन धंसने का खतरा कम होता है और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सतह पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।

    खुदाई और लाइनिंग का काम एक साथ

    इस अत्याधुनिक मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सुरंग की खुदाई और कंक्रीट सेगमेंट की रिंग लगाने का कार्य एक साथ करती है। इससे निर्माण कार्य अधिक सुरक्षित, तेज और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सकेगा।

    56 मीटर गहरे शाफ्ट से हुआ लॉन्च

    टीबीएम को लॉन्च करने के लिए विक्रोली में 56 मीटर गहरा शाफ्ट तैयार किया गया है, जिसकी गहराई लगभग 20 मंजिला इमारत के बराबर है।

    यहां अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें—

    • वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट
    • स्लरी ट्रीटमेंट प्लांट
    • बेंटोनाइट स्टोरेज सिस्टम
    • समर्पित पावर सबस्टेशन
    • बैकअप जनरेटर
    • रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट
    • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
    • स्लरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम
    • लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर

    शामिल हैं।

    रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी सुरक्षा सुनिश्चित

    निर्माण के दौरान आसपास की इमारतों और भूमिगत संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स, ऑप्टिकल डिस्प्लेसमेंट सेंसर, 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सीस्मोग्राफ जैसे उपकरण लगातार निगरानी करेंगे।

    महापे कास्टिंग यार्ड में बन रहे 77 हजार कंक्रीट सेगमेंट

    Mahape स्थित 11.17 हेक्टेयर में फैले विशेष कास्टिंग यार्ड में सुरंग के लिए 77,000 कंक्रीट सेगमेंट तैयार किए जा रहे हैं। इनसे 7,700 टनल रिंग्स बनाई जाएंगी। प्रत्येक रिंग में नौ घुमावदार सेगमेंट और एक की-सेगमेंट होगा तथा एक रिंग का वजन लगभग 100 टन होगा।

    पूरी तरह वॉटरप्रूफ होगी सुरंग

    पूरे टीबीएम सेक्शन को पूर्णतः वॉटरप्रूफ संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है। सुरंग की लाइनिंग में डबल-लेयर EPDM गैस्केट और हाइड्रोफिलिक सील का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी का रिसाव रोका जा सके और लंबे समय तक संरचना की मजबूती बनी रहे।