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  • Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    मुंबई | विशेष प्रतिनिधि
    महाराष्ट्र में चुनावी ज़मीन कमजोर पड़ते ही भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश से नेताओं, प्रचार गाड़ियों और सामग्री का आयात शुरू कर दिया है। जिस ईडी–सीबीआई के डर के सहारे भाजपा उत्तर भारत में राजनीतिक बढ़त बनाती रही, वही दबाव की राजनीति महाराष्ट्र में कारगर नहीं हो पा रही है। नतीजतन अब भाजपा को प्रचार के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त वाहन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे, और मजबूरी में यूपी से गाड़ियाँ मंगाई जा रही हैं।


    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन सभी प्रचार वाहनों की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई है? या फिर भाजपा चुनाव आयोग की आंखों में धूल झोंककर बाहरी राज्यों से संसाधन लाकर खुलेआम आचार संहिता की धज्जियाँ उड़ा रही है?
    जानकारों के मुताबिक, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार हर प्रचार वाहन, उसका नंबर, मालिकाना हक, खर्च और उपयोग की पूरी जानकारी आयोग के पास दर्ज होना अनिवार्य है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि महाराष्ट्र की सड़कों पर यूपी नंबर की प्रचार गाड़ियाँ धड़ल्ले से घूम रही हैं, जिनका न तो स्थानीय स्तर पर कोई लेखा-जोखा दिख रहा है और न ही सार्वजनिक रूप से उनकी अनुमति स्पष्ट है।


    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा को महाराष्ट्र में जनाधार की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर भारतीय वोट बैंक को साधने के लिए बाहरी चेहरों को मैदान में उतारा जा रहा है, लेकिन यह प्रयास भी स्थानीय मतदाताओं को रास नहीं आ रहा। सवाल उठता है कि जब महाराष्ट्र में भाजपा के पास पर्याप्त संगठनात्मक ताकत और संसाधन हैं, तो प्रचार के लिए दूसरे राज्य पर निर्भरता क्यों?
    विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के मामले में चयनात्मक चुप्पी साधे हुए है। आम उम्मीदवारों और छोटे दलों पर सख्ती से नियम लागू किए जाते हैं, लेकिन सत्ताधारी दल द्वारा नियमों के संभावित उल्लंघन पर आयोग की निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
    – अब मांग उठ रही है कि चुनाव आयोग यह स्पष्ट करे कि
    – महाराष्ट्र में भाजपा के लिए कितनी प्रचार गाड़ियाँ पंजीकृत हैं?
    – यूपी से आई गाड़ियों की अनुमति किस आधार पर दी गई?
    – उनके खर्च का लेखा-जोखा किस खाते में दर्ज है?
    अगर इन सवालों के जवाब नहीं दिए गए, तो यह साफ माना जाएगा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आंच आई है। लोकतंत्र में चुनाव सिर्फ वोट से नहीं, नियमों की समानता से भी लड़े जाते हैं—और यही कसौटी आज भाजपा और चुनाव आयोग दोनों के सामने खड़ी है।

  • Maharashtra Political News: ठाणे में पानी-कचरे की समस्या जस की तस, महायुति के ‘सभ्य शहर’ दावे पर सुप्रिया सुले का हमला

    Maharashtra Political News: ठाणे में पानी-कचरे की समस्या जस की तस, महायुति के ‘सभ्य शहर’ दावे पर सुप्रिया सुले का हमला

    ठाणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने ठाणे की बदहाल बुनियादी सुविधाओं को लेकर सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ठाणे को “सभ्य शहर” बताने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां आज भी पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और नागरिक सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

    नगर निकाय चुनाव से पहले एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सुले ने कहा कि ठाणे कभी छोटा शहर था, जहां बेहतर जीवन की उम्मीद में देश-प्रदेश से लोग आए। लेकिन आज वही लोग बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहे हैं।

    सुले ने विकास के नाम पर बड़े पैमाने पर धन स्वीकृत किए जाने के सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर वाकई इतना पैसा आया है तो पानी, कचरा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं अब तक क्यों नहीं सुलझीं। उन्होंने मतदाताओं से “बदलाव की भाषा” बोलने और निकाय चुनाव में सत्ताधारियों को जवाब देने की अपील की।

  • खोपोली हत्याकांड: राजनीतिक रंजिश में नगरसेविका के पति मंगेश कालोखे की हत्या, दो कॉन्ट्रैक्ट किलर गिरफ्तार, एक फरार

    खोपोली हत्याकांड: राजनीतिक रंजिश में नगरसेविका के पति मंगेश कालोखे की हत्या, दो कॉन्ट्रैक्ट किलर गिरफ्तार, एक फरार

    खोपोली में दिनदहाड़े हत्या का खुलासा, सुपारी देकर की गई वारदात, पुलिस जांच तेज

    नवी मुंबई।खोपोली नगर परिषद की नवनिर्वाचित शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की नगरसेविका मानसी कालोखे के पति मंगेश कालोखे (45) की हत्या मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और कॉन्ट्रैक्ट किलरों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस सनसनीखेज हत्याकांड का एक मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

    व्यस्त चौराहे पर दिनदहाड़े हत्या

    गौरतलब है कि 26 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजे, खोपोली के एक व्यस्त चौराहे पर मंगेश कालोखे की तलवार, कोयता और कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त वे अपनी दो बेटियों को स्कूल छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे।पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले से ही काले रंग की कार में घात लगाकर बैठे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

    मुख्य साजिशकर्ता रविंद्र देवकर

    रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता रविंद्र देवकर है, जो एनसीपी (अजित पवार गुट) की नेता उर्मिला देवकर का पति है।हाल ही में हुए खोपोली नगर परिषद चुनाव में मानसी कालोखे ने उर्मिला देवकर को पराजित किया था, जिसके बाद राजनीतिक रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई।सुपारी देकर कराई गई हत्यापुलिस के अनुसार, रविंद्र देवकर ने मंगेश कालोखे की हत्या के लिए तीन कॉन्ट्रैक्ट किलरों को सुपारी दी थी।हत्या को अंजाम देने वाले कुल पांच आरोपियों में—रविंद्र देवकर का बड़ा बेटा दर्शन देवकर,उसका बॉडीगार्ड महेश धायतडाक,और तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर शामिल हैं।इनमें से दो कॉन्ट्रैक्ट किलरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर फरार है।

    एनसीपी नेताओं की भूमिका की जांच

    एसपी आंचल दलाल ने बताया कि पुलिस इस मामले में रायगढ़ जिला एनसीपी अध्यक्ष सुधाकर घारे और एनसीपी प्रवक्ता भारत भगत की भूमिका की भी जांच कर रही है।मृतक के भतीजे द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में दोनों के नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य कॉन्ट्रैक्ट किलर की गिरफ्तारी के बाद ही इनकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।अब तक 9 आरोपी गिरफ्तारइससे पहले, हत्या के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें रविंद्र देवकर, उसकी पत्नी उर्मिला देवकर, बेटे दर्शन और धनंजयएनसीपी समर्थक विशाल देशमुख, दिलीप पवार, महेश धायतडाक, सागर मोरे, सचिन खराडे शामिल हैं।वहीं, एफआईआर में नामजद सामाजिक कार्यकर्ता सचिन चव्हाण की तलाश अभी भी जारी है।जांच तेज, जल्द गिरफ्तारी का दावापुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से जारी है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

  • Bhagwat Katha:प्रगतिनगर में 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवताचार्य श्याम जी महाराज की मधुर वाणी से बहेगा भक्ति-रस

    Bhagwat Katha:प्रगतिनगर में 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, भागवताचार्य श्याम जी महाराज की मधुर वाणी से बहेगा भक्ति-रस

    नालासोपारा पूर्व में स्थित प्रगतिनगर क्षेत्र में आगामी 4 जनवरी से श्रीमद्भागवत कथा(Bhagwat Katha) का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सुप्रसिद्ध भागवताचार्य श्याम जी महाराज अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराएंगे।

    आयोजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा श्रवण के माध्यम से श्रोताओं को आध्यात्मिक शांति, सदाचार और जीवन मूल्यों की प्रेरणा प्राप्त होगी।

    आयोजकों के अनुसार, कथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर होगी, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और भक्तिमय वातावरण तैयार किया जा रहा है।

    इस धार्मिक आयोजन के प्रमुख मार्गदर्शक नालासोपारा के विधायक राजन नाइक एवं भाजपा नेता पंकज दत्तात्रेय देशमुख हैं, जिनके मार्गदर्शन में आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

    आयोजन समिति में संस्था अध्यक्ष राजेश तिवारी के साथ शिवकुमार शुक्ल, नरेंद्र दुबे ‘सोनू’, सुरेश शुक्ल, दीपक दुबे, अजीत सिंह, दया सिंह, अनुराग दुबे, विनोद दुबे, अरविंद दुबे, दीपक तिवारी, अभिषेक मिश्रा, अनूप मिश्रा, संतोष दुबे, प्रतीक दुबे, मोहन मौर्य सहित संस्था के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे रहेंगे।

  • KDMC Election: कल्याण में भाजपा तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का उद्घाटन, पैनल 13 की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी

    KDMC Election: कल्याण में भाजपा तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का उद्घाटन, पैनल 13 की राजनीति में बढ़ी सरगर्मी

    कल्याण। भाजपा के तटस्थ कार्यकर्ता संदीप तिवारी के नए कार्यालय का भव्य उद्घाटन विश्वास अपार्टमेंट, शॉप नंबर–4, शंकर पवासे रोड, राय वैली के सामने संपन्न हुआ। कार्याqलय का उद्घाटन महेश गायकवाड़ के करकमलों से किया गया। इस अवसर पर पैनल क्रमांक 13 के कुछ स्थानीय नगरसेवकों की भी विशेष उपस्थिति रही।
    कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर शाम 4 बजे से सुंदरकांड पाठ का भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, समर्थक एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण और उमड़ी भारी भीड़ ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
    पैनल 13 में चुनावी हलचल तेज
    कार्यालय उद्घाटन के साथ ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले पैनल क्रमांक 13 में संदीप तिवारी द्वारा कार्यालय खोले जाने को आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जिस परिसर में यह कार्यालय स्थापित हुआ है, वहां पूर्व नगरसेवक मनोज राय का भी लंबे समय तक राजनीतिक प्रभाव रहा है।
    अब तक संदीप तिवारी को पूर्व नगरसेवक मनोज राय का करीबी और उनके दाहिने हाथ के रूप में जाना जाता रहा है। दोनों के बीच लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक समन्वय देखा गया है। ऐसे में तिवारी द्वारा स्वतंत्र रूप से सक्रिय होते हुए इस क्षेत्र में कार्यालय खोलना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
    नए समीकरणों की संभावना
    स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संदीप तिवारी का यह कदम आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरण बना सकता है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि तिवारी का बढ़ता जनसंपर्क और प्रभाव मनोज राय के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।
    हालांकि संदीप तिवारी की ओर से अभी तक किसी प्रकार की औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कार्यालय उद्घाटन और धार्मिक आयोजन में उमड़ी भारी भीड़ को उनकी बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह कार्यालय स्थानीय राजनीति का नया केंद्र बन सकता है। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने राय वैली और आसपास के क्षेत्रों की राजनीति में नई ऊर्जा और सरगर्मी पैदा कर दी है। आगामी चुनावों में इसका क्या असर होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
    कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित
    इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुरेश उपाध्याय, राकेश (मुन्ना) मिश्रा, अमित (मोनू) पाठक, शिवा पाण्डेय, शिवम मिश्रा, बिपिन मिश्रा, दयाराम यादव, संदीप सिंह, कपिल चौहान, रामसूरत चौहान, सुभाष गुप्ता, अनिल गुप्ता, ज्ञानसार पाण्डेय, पवन दुबे, मनीष मौर्य, प्रीतम गुप्ता एवं उमेश पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Mumbai/Pune:बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने बुधवार (10 दिसंबर) को पुणे के विवादास्पद भूमि सौदे(Pune Land Deal) की पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री अजित पवार(Ajit Pawar) के बेटे पार्थ पवार को प्राथमिकी में नाम न जोड़कर उन्हें संरक्षण दे रही है?

    जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच शीतल तेजवानी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इसी दौरान अदालत ने कहा कि कंपनी में अधिकतम साझेदारी पार्थ पवार की होने के बावजूद उन्हें एफआईआर(FIR Investigation) में नामजद नहीं किया गया है।

    न्यायाधीश ने सख्त सवाल किया —

    “क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री के बेटे को बचा रही है और सिर्फ दूसरों की जांच कर रही है?”


    सरकारी वकील का जवाब

    लोक अभियोजक मनकुंवर देशमुख ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

    जिस जमीन का सौदा हुआ वह पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ भूमि है, जिसे 300 करोड़ रुपये में अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया था। इस कंपनी में पार्थ पवार(Parth Pawar) मुख्य भागीदार हैं।

    जांच तब शुरू हुई जब सामने आया कि यह जमीन सरकार की थी और बेची नहीं जा सकती थी।


    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी से भी मिली छूट

    आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी गई।
    एक समिति ने तीन लोगों को आरोपी बताया:

    • दिग्विजय पाटिल – पार्थ पवार के व्यावसायिक साझेदार व रिश्ते के भाई
    • शीतल तेजवानी – पावर ऑफ अटॉर्नी धारक
    • रविंद्र तारू – उप-पंजीयक

    क्यों नहीं जोड़ा गया पार्थ का नाम?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं था, इसलिए उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।

    ईओडब्ल्यू ने शीतल तेजवानी को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 11 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

    उसी भूमि सौदे पर बावधान थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में वापस ले ली।


    विपक्ष का आरोप: जमीन की कीमत 300 करोड़ से कई गुना ज्यादा

    विपक्ष ने दावा किया कि जमीन ‘महार वतन’ श्रेणी की थी और बिना सरकारी अनुमति उसके सौदे पर रोक होती है।
    वास्तविक कीमत 300 करोड़ से कहीं अधिक बताई जा रही है।


    CM देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    “सरकार की शुरू से ही किसी को संरक्षण देने की नीति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उचित जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा और अब तक की तथा आगे की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।

  • रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    रामदास आठवले ने उल्हासनगर महानगर पालिका चुनाव में महागठबंधन का सुझाव, आरपीआई के लिए 15 सीटों की मांग

    उल्हासनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार रात उल्हासनगर में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव के लिए महागठबंधन बनाने का सुझाव दिया। आठवले ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा और आरपीआई को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि महायुति साथ आती है तो उल्हासनगर नगर निगम का महापौर निश्चित रूप से महायुति का ही होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरपीआई को कम से कम 15 सीटें मिलनी चाहिए।

    आठवले ने उल्हासनगर की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका पर बोलते हुए कहा कि यह शहर कभी दलित आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन अब आरपीआई सभी समुदायों के साथ चल रही है। उन्होंने सिंधी, मुस्लिम, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय सहित विभिन्न समुदायों के सहअस्तित्व का उल्लेख किया। आठवले ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने सिंधी समुदाय से पप्पू कलानी को टिकट दिया था और वे विधायक निर्वाचित हुए थे।

    बैठक के दौरान उन्होंने कोंकण के हापुस आम की गुणवत्ता से संबंधित मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलसाड में उगाए जाने वाले आमों को हापुस नाम देने का प्रयास गलत है और कोंकण का हापुस आम नंबर वन है और वही रहना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणियों के बीच आठवले ने कांग्रेस द्वारा “संविधान खतरे में है” कहे जाने को दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान अभी भी सुरक्षित है। उन्होंने दलित समुदाय के अत्याचार के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ हमेशा लड़ती रहेगी।

    कार्यक्रम में आरपीआई नगर अध्यक्ष नाना बागुल, शिवसेना कल्याण ज़िला अध्यक्ष गोपाल लांडगे, विधायक कुमार अयलानी, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश वधारिया, आरपीआई नेता शांताराम निकम समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    मुंब्रा में करोड़ों की चरस बरामद, आरोपी गिरफ्तार; सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने किया बड़ा खुलासा

    ठाणे। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के एनडीपीएस पथक को नशा विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है, जहां 2 किलो 205 ग्राम चरस बरामद की गई जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 25 हजार रुपये आंकी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे के निर्देश पर सपोनि रोहित केदार और सपोनि गणेश जाधव की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी, तभी कौसा, एरोली–मुंब्रा ब्रिज टनेल के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधि करते देखा गया। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। पंचों की मौजूदगी में तलाशी के दौरान पिशवी में छिपाकर रखी गई चरस बरामद हुई, जिसके बाद आरोपी मोहम्मद हारून हसरत अली सिद्दीकी (42), निवासी मुंब्रा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20 (ब) II (क), 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है और न्यायालय ने उसे 8 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पूछताछ में सामने आया कि वह चरस जम्मू-कश्मीर से मंगवाकर ठाणे और आसपास के इलाकों में बेचता था और उसके खिलाफ अजमेर में भी एक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, सप्लाई चैन और संपर्कों की जांच कर रही है। मुंब्रा एनडीपीएस टीम की लगातार कार्रवाई में अब तक 324 नशा सेवनकर्ताओं पर कार्रवाई और 27 तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कुल ₹3.41 करोड़ मूल्य का माल बरामद किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त प्रिया डामले ने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई को सफल बनाने में पुलिस अधिकारी और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे शहर में तीन दिन तक पानी की सप्लाई में कटौती

    ठाणे। पिसे बंधारा से ठाणे शहर को पानी सप्लाई करने वाली 1000 मिमी डायमीटर की पाइपलाइन, जो टेमघर वॉटर प्लांट तक जाती है, शनिवार सुबह कल्याण फाटा पर महानगर गैस के काम के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। पिछले दो दिनों से वॉटर सप्लाई विभाग की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत का काम जारी है, लेकिन पाइपलाइन पुरानी और प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट प्रकार की होने के कारण मरम्मत में तीन दिन और लगने का अनुमान है। इस वजह से शहर में पानी की सप्लाई में कमी आई है और फिलहाल केवल 30 प्रतिशत पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। कम और अनियमित पानी के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वॉटर सप्लाई विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और मरम्मत कार्य में नगरपालिका का सहयोग दें।

  • घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।