Category: Business

The real test is not whether you avoid this failure, because you won’t. It’s whether you let it harden or shame you into inaction, or whether you learn from it; whether you choose to persevere.

  • Electronics Manufacturing Cluster: नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर में एम्बर ग्रुप करेगा करोड़ों का निवेश!

    Electronics Manufacturing Cluster: नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर में एम्बर ग्रुप करेगा करोड़ों का निवेश!

    Electronics Manufacturing Cluster: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर में लगने वाली पहली परियोजना का भूमि पूजन किया। एम्बर ग्रुप 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से यह संयंत्र लगा रहा है। इस परियोजना के लिए एसेंट के सर्किट और एम्बर एंटरप्राइजेज मिलकर 6,785 करोड़ रुपये के विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेंगे। इन संयंत्रों के पूरी तरह चालू होने पर तीन हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

    इस निवेश के तहत एसेंट के सर्किट सेक्टर-10 में देश की सबसे उन्नत विनिर्माण इकाइयों में से एक की स्थापना करेगा। यहां हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी), फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (एफपीसीबी) तथा सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण किया जायेगा। ये आधुनिक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, परिवहन, औद्योगिक स्वचालन और दूरसंचार क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स हैं।

    वहीं एम्बर एंटरप्राइजेज सेक्टर-08 में 100 एकड़ में फैली विनिर्माण इकाई स्थापित करेगा, जहां रूम एयर कंडीशनर, कॉपर क्लैड लैमिनेट तथा अन्य महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स का उत्पादन किया जायेगा। भूमि पूजन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

    योगी ने कहा कि कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि जिन उत्पादों को पहले हम वैश्विक बाजार से आयात करते थे, वे अब भारत में ही बनकर दुनिया भर में निर्यात किये जायेंगे। सरकार का लक्ष्य देश को इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि मजबूत रणनीति और प्रेरणादायी नेतृत्व के कारण कभी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और ‘जंगल राज’ के लिए कुप्रसिद्ध जेवर आज समृद्धि और सुशासन यानी ‘मंगल राज’ का प्रतीक बन चुका है।

    एम्बर ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जसबीर सिंह ने कहा कि देश के विनिर्माण विकास का अगला चरण महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के निर्माण में आत्मनिर्भर क्षमताएं विकसित करने पर आधारित होगा। एसेंट के सर्किट और एम्बर एंटरप्राइजेज की यह परियोजना देश की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में निवेश है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन को मजबूती प्रदान करेगी।

    दोनों विनिर्माण इकाइयों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिद्धांत के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिनमें अत्याधुनिक जल पुनर्चक्रण प्रणाली, संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को अपनाया जायेगा।

  • Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नये एमडी की तलाश, पद छोड़ेंगे अशोक वसवानी!

    Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नये एमडी की तलाश, पद छोड़ेंगे अशोक वसवानी!

    Kotak Mahindra Bank: निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक ने नये प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की तलाश शुरू कर दी है। मौजूदा एमडी एवं सीईओ अशोक वसवानी ने बैंक के निदेशकमंडल को बताया है कि वह 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहे अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा इस पद पर नियुक्ति से इच्छुक नहीं हैं।

    इसके बाद निदेशक मंडल की शनिवार को हुई बैठक में उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। कोटक महिंद्रा बैंक ने आज शेयर बाजारों को बताया कि नये एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया नियामक समय-सीमा में पूरी कर ली जायेगी। कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना साल 2003 में हुई थी।

    इससे पहले यह कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड (केएमएफएल) के नाम से एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के रूप में काम कर रहा था। केएमएफएल देश की पहली एनबीएफसी थी जिसे एक वाणिज्यिक बैंक के रूप में सूचीबद्ध किया गया। बैंक का राजस्व 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में 14,174.77 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 4,026.55 करोड़ रुपये रहा था।

  • Religare Housing New CEO: रिलिगेयर हाउसिंग के नए सीईओ बने पवन गुप्ता!

    Religare Housing New CEO: रिलिगेयर हाउसिंग के नए सीईओ बने पवन गुप्ता!

    Religare Housing New CEO: हाउसिंग फाइनेंस कंपनी रिलिगेयर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस ने इस क्षेत्र के अनुभवी पवन के. गुप्ता को अपना प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। रिलिगेयर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस रिलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी की सहायक कंपनी है।

    कंपनी ने शनिवार को बताया कि गुप्ता की नियुक्ति 01 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। हाउसिंग फाइनेंस और मॉर्गेज व्यवसाय के निर्माण, विस्तार और परिवर्तन में उनके पास तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उनके पास कंपनी का विकास सुनिश्चित करने के लिए उसकी जोखिम प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने, ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार करने तथा तकनीकी सुधारों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी होगी।

    रिलिगेयर एंटरप्राइजेज मानव संसाधन के समूह प्रमुख इंद्रनील चौधरी ने श्री गुप्ता की नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि वह हाउसिंग फाइनेंस उद्योग के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पेशेवर हैं। उन्होंने इस क्षेत्र के हर चरण का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस क्षेत्र की गुप्ता की व्यापक समझ और व्यावहारिक नेतृत्व शैली कंपनी को नयी ऊंचाइयों तक ले जायेगी।

    गुप्ता पिछले नौ साल से कंपनी से जुड़े हुए है। इस दौरान उन्होंने कंपनी के व्यवसाय में उल्लेखनीय परिवर्तन का नेतृत्व किया। उन्होंने प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों को बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया, परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार किया, कंपनी की रेटिंग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई, शाखाओं का नेटवर्क बढ़ाकर 162 स्थानों तक विस्तारित किया तथा पूंजी बाजार के विभिन्न साधनों के माध्यम से कंपनी के फंडिंग प्रोफाइल में विविधता लेकर आये।

    अपनी नियुक्ति पर गुप्ता ने कहा, “वंचित और असंगठित क्षेत्र के परिवारों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने वाली एक मजबूत और तकनीक-संचालित हाउसिंग फाइनेंस संस्था का निर्माण करना मेरे लिए बेहद सार्थक अवसर है। मैं टीम के साथ मिलकर कंपनी की बुनियाद को और मजबूत करने, सुशासित एवं अनुशासित विकास सुनिश्चित करने तथा ग्राहकों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने के लिए उत्साहित हूं।”

    रिलिगेयर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस से जुड़ने से पहले गुप्ता मुथूट हाउसिंग फाइनेंस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। इससे पहले उन्होंने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, डॉयचे पोस्टबैंक होम फाइनेंस लिमिटेड और बीएचडब्ल्यू बिरला होम फाइनेंस में 17 वर्षों तक विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उनके पास आईसीएफएआई, हैदराबाद से चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट की उपाधि है। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर से मार्केटिंग एवं फाइनेंस में एमबीए तथा भौतिकी (ऑनर्स) में बी.एससी. की डिग्री हासिल की है।

  • India-US Trade Talks: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर दिल्ली पहुंचे, सीतारमण और गोयल के साथ व्यापार समझौते पर हुई चर्चा

    India-US Trade Talks: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर दिल्ली पहुंचे, सीतारमण और गोयल के साथ व्यापार समझौते पर हुई चर्चा

    India-US Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ अलग-अलग बैठकें कर व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

    वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने, निवेश के नए अवसर तलाशने तथा व्यावसायिक सहयोग को विस्तार देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।

    वहीं, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी अपने कार्यालय में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ बातचीत की। गोयल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर सार्थक और परिणामोन्मुखी चर्चा की उम्मीद है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वार्ताएं जारी हैं और इस दिशा में प्रगति की जा रही है।

    भारत और अमेरिका ने इस वर्ष 7 फरवरी को एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी, लेकिन इसे अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इस बीच अमेरिका के संघीय उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के तहत लगाए गए कुछ शुल्कों को निरस्त किए जाने के बाद व्यापारिक परिस्थितियों में बदलाव आया है, जिससे समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को नई गति मिलने की संभावना है।

    गौरतलब है कि हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात में भी व्यापार समझौते की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया था। दोनों नेताओं ने अधिकारियों को जल्द से जल्द संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक समझौते पर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे।

  • Stock Market Crash: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक लुढ़का

    Stock Market Crash: वैश्विक दबाव में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 893 अंक और निफ्टी 278 अंक लुढ़का

    Stock Market Crash: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए।

    कारोबार की शुरुआत में मामूली कमजोरी के बाद बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कुछ समय के लिए हरे निशान में पहुंचा, लेकिन दोपहर बाद निवेशकों की बिकवाली तेज हो गई। दिन के अंत में सेंसेक्स 893.39 अंक यानी 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 अंक पर बंद हुआ।

    इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 278.80 अंक या 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,824.10 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 12 जून के बाद का सबसे निचला स्तर है।

    विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई पर नियंत्रण के लिए सख्त नीतिगत कदम उठाए जाने की आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में पूरे दिन दबाव बना रहा।

    व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.48 प्रतिशत नीचे बंद हुए। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर अधिकांश सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। आईटी, धातु, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल्टी, मीडिया, उपभोक्ता टिकाऊ उत्पाद तथा तेल एवं गैस क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली रही।

    एनएसई में कारोबार करने वाली 3,399 कंपनियों में से 2,280 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,020 कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 99 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

    सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंफोसिस के शेयर 3.36 प्रतिशत और टीसीएस के शेयर 3.16 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा बीईएल, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एसबीआई, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं पावरग्रिड का शेयर बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई सूचकांक 3.55 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 1.82 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.37 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी का रुख बना रहा।

  • Quick Heal Technologies Limited: क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने हरीश कुमार को सीईओ नियुक्त किया!

    Quick Heal Technologies Limited: क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने हरीश कुमार को सीईओ नियुक्त किया!

    Quick Heal Technologies Limited: प्रमुख वैश्विक साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता क्विक हील टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने हरीश कुमार को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की है। हरीश कुमार के पास साइबर सुरक्षा, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।

    अपने करियर के दौरान उन्होंने व्यवसायिक परिवर्तन, विकास विस्तार और प्रतिस्पर्धी बाजारों में उच्च प्रदर्शन करने वाली टीमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्विक हील से पहले वे चेक पॉइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज में हेड ऑफ सेल्स (इंडिया एवं सार्क) के पद पर कार्यरत थे।

    कंपनी ने कहा कि यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वह अपने प्रमुख ब्रांड्स ‘क्विक हील’ और ‘सेक्राइट’ के माध्यम से कंज्यूमर और एंटरप्राइज साइबर सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी, थ्रेट इंटेलिजेंस और एआई-आधारित सुरक्षा समाधानों में अपनी स्थिति को मजबूत कर रही है।

    कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कैलाश काटकर ने कहा कि हरीश कुमार का अनुभव और नेतृत्व कंपनी को विकास के अगले चरण तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    वहीं, हरीश कुमार ने कहा कि क्विक हील जैसे प्रतिष्ठित संगठन से जुड़ना उनके लिए गौरव की बात है और वे कंपनी के नवाचार, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और मजबूत टीम के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा क्षेत्र में नए अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

  • Inalsa New Launch: इनाल्सा ने नया स्टीलशेफ DW5.5 एयर फ्रायर लॉन्च किया!

    Inalsa New Launch: इनाल्सा ने नया स्टीलशेफ DW5.5 एयर फ्रायर लॉन्च किया!

    Inalsa New Launch: भारत के प्रमुख होम अप्लायंसेज ब्रांड्स में से एक इनाल्सा ने अपने नए स्टीलशेफ DW5.5 एयर फ्रायर के लॉन्च की घोषणा की है। इस प्रोडक्ट की एमआरपी 13,999 रुपये है, जबकि इसे फिलहाल विशेष लॉन्च ऑफर के तहत अमेज़न पर 5,999 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को करीब 60 प्रतिशत तक की बचत हो रही है।

    बदलती उपभोक्ता जरूरतों के बीच, जहां लोग अब रोजमर्रा के खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले मटीरियल को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं, वहीं स्टेनलेस स्टील भारतीय किचनों में एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है। इसकी टिकाऊपन और सुरक्षित उपयोग के कारण अब उपभोक्ता ऐसे किचन अप्लायंसेज को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनमें स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया हो।

    न्यूट्रि फ्राई डुओस्लिम की सफलता के बाद, इनाल्सा ने अपने एयर फ्रायर पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए स्टीलशेफ DW5.5 को बाजार में उतारा है। यह 5.5 लीटर क्षमता के साथ आता है, जो एक सामान्य परिवार के लिए उपयुक्त है। 1600 वॉट के पावरफुल हीटिंग सिस्टम के साथ इसमें फ्राइंग, बेकिंग, ग्रिलिंग और रोस्टिंग समेत 8 कुकिंग फंक्शन दिए गए हैं, जिनकी मदद से कम तेल में स्वादिष्ट और हेल्दी भोजन तैयार किया जा सकता है।

    बेहतर कुकिंग कंट्रोल के लिए इसमें 80°C से 200°C तक तापमान सेटिंग और 60 मिनट का टाइमर दिया गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके कुकिंग पैन और सभी संपर्क सतहों में SS304 फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया है, जो लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ रहता है।

    इनाल्सा का कहना है कि पारंपरिक कोटिंग वाले अप्लायंसेज की तुलना में SS304 स्टेनलेस स्टील अधिक विश्वसनीय है और लंबे समय तक उपयोग के बाद भी अपनी गुणवत्ता बनाए रखता है, जिससे यह रोजाना खाना पकाने के लिए एक बेहतर विकल्प बनता है।

    इस मौके पर इनाल्सा के सीईओ जितेंद्र चौहान ने कहा, “डुओस्लिम एयर फ्रायर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि उपभोक्ता अब हेल्दी लाइफस्टाइल और बेहतर कुकिंग सॉल्यूशंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्टीलशेफ DW5.5 के जरिए हमने आधुनिक तकनीक और भरोसेमंद मटीरियल का संयोजन पेश किया है, जो रोजमर्रा के उपयोग के लिए उपयुक्त है।”

    उपयोग को आसान बनाने के लिए इसमें क्लियर कुक व्यूइंग विंडो दी गई है, जिससे बिना बास्केट खोले ही खाना पकने की प्रक्रिया देखी जा सकती है। साथ ही, इंटेलिजेंट टच कंट्रोल पैनल सभी सेटिंग्स को आसानी से संचालित करने की सुविधा देता है।

    स्टीलशेफ DW5.5 के साथ इनाल्सा ने हेल्दी कुकिंग, टिकाऊ मटीरियल और आधुनिक तकनीक को एक ही प्रोडक्ट में समाहित किया है, जो यह दर्शाता है कि खाना कैसे पकता है, इसके साथ यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि वह किन सतहों के संपर्क में आता है।

  • Anti-Dumping Duty: सरकार ने चीन से आयातित पीईटी रेजिन, सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर लगाया डंपिंग रोधी शुल्क!

    Anti-Dumping Duty: सरकार ने चीन से आयातित पीईटी रेजिन, सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर लगाया डंपिंग रोधी शुल्क!

    Anti-Dumping Duty: सरकार ने चीन से आयातित या वहां बने पीईटी रेजिन और सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात इस संबंध में दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। पॉलीइथाईलीन टेरेफ्थालेट (पीईटी) रेजिन का उपयोग प्लास्टिक उद्योग में किया जाता है।

    सरकार ने पाया कि इसे अनुचित तरीके से भारतीय बाजार में बेहद कम कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए मूलतः चीन में उत्पादित या चीन से आयातित पीईटी रेजिन पर 200.66 डॉलर प्रति टन का डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है।

    इसके अलावा चीन समेत कई देशों से आयातित और रबड़ उद्योग में इस्तेमाल होने वाले सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर भी डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है। मूलतः चीन में उत्पादित या चीन से आयातित सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर 974 डॉलर प्रति टन डंपिंग रोधी शुल्क लगाया गया है।

    इसके साथ ही यूरोपीय संघ और अमेरिका में उत्पादित या वहां से आयातित होने वाले सल्फेनामाइड्स एक्सेलरेटर्स पर भी 1,748 डॉलर प्रति टन तक डंपिंग रोधी शुल्क लगाये गये हैं।

    इन मामलों में उत्पादन करने वाले देश और निर्यात करने वाले देश तथा उत्पादक कंपनी पर संयोजन के अनुसार अलग-अगल शुल्क लगाने की घोषणा की गयी है। दोनों उत्पादों पर ये शुल्क पांच-पांच साल की अवधि के लिए लगाये गये हैं और तत्काल प्रभाव से लागू हो गये हैं।

  • Reliance Leadership Transition: मुकेश अंबानी ने अगली पीढ़ी को सौंपी दैनिक प्रबंधन की जिम्मेदारी

    Reliance Leadership Transition: मुकेश अंबानी ने अगली पीढ़ी को सौंपी दैनिक प्रबंधन की जिम्मेदारी

    Reliance Leadership Transition: रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को लगभग पूरा होने की घोषणा करते हुए कहा कि अगली पीढ़ी अब रिलायंस के रोजमर्रा के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही है।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन का बड़ा हिस्सा पुत्र आकाश अंबानी, पुत्री ईशा अंबानी और पुत्र अनंत अंबानी को सौंपा, जिससे कंपनी में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन का स्पष्ट संकेत मिला। बाद में उन्होंने बताया कि रिलायंस के दैनिक प्रबंधन का हस्तांतरण लगभग पूर्ण हो चुका है।

    मुकेश अंबानी ने कहा कि ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल हुए तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। ईशा अंबानी उपभोक्ता कारोबार का नेतृत्व कर रही हैं, आकाश अंबानी प्रौद्योगिकी व्यवसाय की कमान संभाल रहे हैं, जबकि अनंत अंबानी ऊर्जा क्षेत्र की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    उन्होंने कहा, “ईशा, आकाश और अनंत अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन वे रिलायंस के समग्र विकास के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं। वे तीन शरीर और एक आत्मा की तरह हैं, और उनकी आत्मा रिलायंस है। रिलायंस आज भी अविभाज्य है और हमेशा रहेगी।”

    मुकेश अंबानी ने कहा कि किसी भी महान कंपनी की पहचान केवल उसके किसी एक नेता से नहीं होती, बल्कि उस मजबूत और दीर्घकालिक संस्था से होती है, जिसे वह तैयार करती है। इसी सोच के तहत रिलायंस में संस्थागत निरंतरता बनाए रखने के लिए ‘5-एस विजन’ लागू किया गया है, जिसमें उत्तराधिकार (Succession) को प्रमुख स्थान दिया गया है।

    हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगे भी रिलायंस को सक्रिय नेतृत्व प्रदान करते रहेंगे। उन्होंने शेयरधारकों को भरोसा दिलाया कि कंपनी का भविष्य ऐसे हाथों में है, जो रिलायंस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्षम हैं।