मुंबई/जलगांव। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महायुति सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ठेकेदारों और कमीशनखोरी के सहारे चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि समृद्धि महामार्ग परियोजना में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है और इसी धन का उपयोग राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए किया गया। उन्होंने मांग की कि महायुति सरकार अपने कार्यकाल में शुरू किए गए सभी बड़े प्रोजेक्ट्स पर श्वेतपत्र जारी करे।
Mahayuti Government Mired in Corruption, Release White Paper on All Major Projects: Harshvardhan Sapkal
जलगांव में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मधुकराव चौधरी की प्रतिमा के अनावरण समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपकाल ने कहा कि पिछले छह दिनों की भारी बारिश के दौरान हुई मौतें और जनजीवन की बदहाली सरकार की प्रशासनिक विफलता का परिणाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल बस पर पेड़ गिरने, खुले मैनहोल में गिरने सहित विभिन्न घटनाओं में हुई मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि नासिक में बादल फटने की आशंका बताकर सरकार ने स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की थी, लेकिन बाद में यह दावा गलत साबित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के आंदोलन को रोकने के लिए इस तरह की अफवाह फैलाई गई। सपकाल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को “देश का सबसे बड़ा झूठा नेता” बताते हुए कहा कि अलग विदर्भ, धनगर आरक्षण, मराठा आरक्षण, अजित पवार के साथ गठबंधन नहीं करने और लाडली बहन योजना के तहत 2500 रुपये देने जैसे कई वादे पूरे नहीं किए गए।
शरद पवार की पार्टी के संभावित विलय की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ने वाली सभी विपक्षी ताकतों को एकजुट होना चाहिए और कांग्रेस इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। सपकाल ने दावा किया कि देश में भाजपा का प्रभावी मुकाबला करने की क्षमता केवल कांग्रेस के पास है।
मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं को CBT (Computer Based Test) पद्धति से कराने और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली लागू करने के फैसले के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस की ओर से बुधवार 8 जुलाई 2026 से CBD बेलापुर स्थित MPSC मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन श्रृंखला उपवास और धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि MPSC का यह निर्णय राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पार्टी के अनुसार, इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और डिजिटल सुविधाओं से वंचित छात्रों को नुकसान होने की आशंका है।
छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मोर्चा
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समर्थन कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान महाविकास आघाड़ी के विधायकों ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया था।
कांग्रेस ने बताया कि इस मामले में MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार से दो बार फोन पर संपर्क कर कांग्रेस प्रतिनिधियों, छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
10 दिन का दिया था अल्टीमेटम
कांग्रेस के रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग की ओर से 28 जून 2026 को चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिनों के भीतर CBT पद्धति से परीक्षा कराने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी छात्रों के समर्थन में आंदोलन करेगी।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और MPSC प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद अब आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस नेताओं की होगी भागीदारी
इस आंदोलन में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आबा दळवी और प्रदेश महासचिव तथा रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग के अध्यक्ष धनंजय रामकृष्ण शिंदे सहित पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस ने मांग की है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए MPSC परीक्षा में CBT प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस, डायरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित पानी और मच्छर नियंत्रण पर जोर
ठाणे: मानसून के दौरान भारी बारिश, जलभराव और गंदगी के कारण जलजनित, खाद्यजनित, मच्छरजनित तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए ठाणे जिला परिषद के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए नागरिक अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और खुले बिजली के तारों, खंभों तथा विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
जलजनित और खाद्यजनित बीमारियों से ऐसे बचें
बारिश के मौसम में डायरिया, हैजा, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए—
केवल उबला या शुद्ध किया हुआ पानी पिएं।
ताजा और अच्छी तरह पका भोजन ही करें।
खुले, बासी या दूषित भोजन से बचें।
फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें।
भोजन बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव
स्वास्थ्य विभाग ने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। पानी की टंकियां, कूलर, बाल्टियां और ड्रम ढककर रखें तथा हर सप्ताह उन्हें साफ करें। पुराने टायर, प्लास्टिक के डिब्बे और नारियल के खोल जैसी वस्तुओं में पानी जमा न होने दें। पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम या मच्छरदानी का उपयोग करें।
लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव
गंदे पानी और कीचड़ के संपर्क से होने वाली लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के लिए रबर के जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है। शरीर पर घाव होने पर उसे ढककर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
यदि लगातार बुखार, उल्टी-दस्त, पीलिया, शरीर में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर चकत्ते, रक्तस्राव, सांप के काटने या बिजली का झटका लगने जैसी स्थिति हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराएं।
जिला परिषद की अपील
जिला परिषद ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत यादव ने नागरिकों से मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, साफ भोजन, मच्छर नियंत्रण और आसपास की सफाई को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल
राम भक्तों की दान का हिसाब दो : हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र और ट्रस्ट पर बड़ा हमला (Congress Launches Ram Satyagraha)
मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।
इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।
सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।
राम भक्तों की oev का हिसाब मांगा
मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।
इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।
सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।
सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल
मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।
9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।
9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।
मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।(Heavy Rain Batters Maharashtra, Flooding Disrupts Life) मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, पुणे, कोकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए लोगों से केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
मुंबई में जलभराव से थमी रफ्तार
मुंबई में लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाके तालाब में तब्दील हो गए हैं। पश्चिमी उपनगरों में अंधेरी एमआईडीसी स्थित रोल्टा जंक्शन और सीप्ज़ गेट नंबर-2 के सामने भारी जलभराव हो गया, जिससे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
कल्याण-डोंबिवली में रेलवे स्टेशन और बाजार जलमग्न
ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली में डोंबिवली रेलवे स्टेशन परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
मुंब्रा के अमृतनगर क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण कई दुकानें जलमग्न हो गईं। पिछले छह घंटे में यहां करीब 88.84 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वसई में घरों तक पहुंचा पानी
वसई-विरार में लगातार बारिश के चलते मिठागर कॉलोनी जाने वाले मार्ग पर कमर तक पानी भर गया है। लगभग 150 परिवारों और एक हजार से अधिक लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।
पालघर में सड़कें जलमग्न
पालघर-सातपाटी रोड के टेंभोडे क्षेत्र में भारी जलभराव के कारण सड़क पर बाढ़ जैसा दृश्य बन गया। पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
रायगढ़ में अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर
रायगढ़ जिले में लगातार बारिश के कारण अंबा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भेरव-खुरावले फाटा के छोटे पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे महागांव, वाघोशी, भेरव और ताडगांव जैसे गांवों का पाली से संपर्क टूट गया है।
धरणों में बढ़ा जलस्तर, फिर भी चिंता बरकरार
लगातार बारिश से राज्य के बांधों में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। महाराष्ट्र के 3,028 बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों में कुल उपयोगी जल भंडारण 10,443 मिलियन घन मीटर, यानी कुल क्षमता का 25.56 प्रतिशत है।
पिछले वर्ष इसी दिन यह आंकड़ा 49.76 प्रतिशत था। सबसे अधिक जल भंडारण अमरावती (41.04%) और नागपुर (39.07%) संभाग में दर्ज किया गया है, जबकि पुणे संभाग की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां बांधों में केवल 16.13 प्रतिशत उपयोगी पानी उपलब्ध है।
जालना: महाराष्ट्र के जालना जिले के परतूर स्थित एक निजी स्कूल का वार्षिक समारोह इन दिनों विवादों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में स्कूल के बच्चे हाथों में नकली तलवारें लेकर ‘सर तन से जुदा’ गीत पर प्रस्तुति देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर (FIR After ‘Sar Tan Se Juda’ Dance at Jalna School)
परतूर पुलिस ने इस मामले में स्कूल के अध्यक्ष, एक शिक्षक और कार्यक्रम के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार्यक्रम के लिए गीत का चयन एक शिक्षक ने किया था और उसी के निर्देशन में बच्चों की प्रस्तुति तैयार की गई थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गीत का चयन किन परिस्थितियों में किया गया।
किरीट सोमैया ने किया स्कूल का दौरा
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने पुलिस अधिकारियों के साथ स्कूल का दौरा किया और परिसर के साथ-साथ दस्तावेजों की भी जांच की। दौरे के बाद उन्होंने दावा किया कि स्कूल के पास शिक्षा विभाग की विधिवत मान्यता नहीं है और स्कूल सरकारी जमीन पर संचालित किया जा रहा है।
सोमैया ने कहा कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा स्कूल को सील करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
‘ऐसे गीतों का इस्तेमाल स्वीकार नहीं’
मीडिया से बातचीत में किरीट सोमैया ने कहा कि स्कूल के कार्यक्रम में इस तरह के गीत का इस्तेमाल बेहद गंभीर मामला है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी संस्था में पाकिस्तान या आतंकवाद का समर्थन करने वाले प्रतीकों या सामग्री का उपयोग पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सोमैया ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया गीत, उसकी प्रस्तुति और आयोजन में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई/नासिक/वाशिम: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में राज्यभर में होटल, रेस्तरां और ढाबों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। कई होटलों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि अन्य को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
नासिक में 20 होटलों की जांच, 7 के लाइसेंस निलंबित
एफडीए की टीम ने नासिक क्षेत्र में दो दिनों के भीतर 20 होटल और रेस्तरां का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। इसके बाद 7 प्रतिष्ठित होटल और रेस्तरां के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों को पहले सुधार नोटिस दिए गए थे और जिन्होंने निर्धारित समय में सुधार नहीं किया, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
जांच में क्या-क्या मिलीं खामियां?
एफडीए की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:
रसोईघर में गंदगी और अस्वच्छ वातावरण।
मक्खियों और कीटों की मौजूदगी।
खाद्य पदार्थों को खुले में रखना।
कोल्ड स्टोरेज और निर्धारित तापमान संबंधी नियमों का उल्लंघन।
कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करना।
खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका पैदा करने वाली व्यवस्थाएं।
एफडीए के अनुसार, ऐसी लापरवाही सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।
मुंबई से शुरू हुई कार्रवाई अब पूरे राज्य में
यह अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। मुंबई के कई बड़े होटल और रेस्तरां में कार्रवाई के बाद अब नासिक, वाशिम और अन्य जिलों में भी व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त तुकाराम मुंडे ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
वाशिम में भी कार्रवाई
वाशिम में खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन होटलों का निरीक्षण किया। जांच के बाद साई ढाबा का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि होटल गणेश और होटल चिंतामणी को आवश्यक सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
मुंबई: लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट शनिवार को सही साबित हुआ। आधी रात से ही मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और पुणे समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करीब पूरे जून महीने के सूखा रहने के बाद पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों और आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। हालांकि अब तेज बारिश ने शहरी इलाकों में जनजीवन को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
ठाणे के लिए रेड अलर्ट, कल्याण-डोंबिवली में भारी बारिश
मौसम विभाग ने ठाणे जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई थी। यह चेतावनी सही साबित हुई और आधी रात से ही कल्याण-डोंबिवली में तेज बारिश शुरू हो गई।
लगातार बारिश के चलते कल्याण के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड पूरी तरह पानी में डूब गया। सड़क पर जलभराव होने से वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और यातायात की रफ्तार भी धीमी हो गई।
मुंबई और उपनगरों में जलभराव
मुंबई और उसके उपनगरों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी जमा हो गया है। शनिवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कुछ समय के लिए बारिश की तीव्रता कम हुई, लेकिन बाद में फिर तेज बारिश शुरू हो गई।
हालांकि सड़क यातायात सामान्य रूप से जारी है, लेकिन मुंबई लोकल ट्रेनें 5 से 10 मिनट की देरी से चल रही हैं।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
रेड अलर्ट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गई हैं। वहीं, ठाणे जिले के सभी स्कूलों में एहतियात के तौर पर अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
पुणे में भी मूसलाधार बारिश
उधर, पुणे शहर में भी पिछले तीन-चार दिनों से जारी बारिश ने शुक्रवार को और अधिक रफ्तार पकड़ ली। सुबह से देर रात तक लगातार तेज बारिश होती रही।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक पुणे और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। जिले के घाट क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
किसानों के लिए राहत, शहरों में बढ़ी मुश्किलें
एक ओर बारिश ने सूखे की चिंता से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही तेज बारिश के कारण शहरों में जलभराव, धीमी यातायात व्यवस्था और लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुंबई: महाराष्ट्र(Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(EknathShinde) की तबीयत शुक्रवार देर रात अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें ठाणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से राज्य के मानसून सत्र (MonsoonSession) और कथित “ऑपरेशन टाइगर”(OperationTiger) के तहत लगातार राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने के कारण शिंदे अत्यधिक थकान और लगातार दौड़भाग का सामना कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले से बुखार भी था, लेकिन उन्होंने व्यस्त कार्यक्रमों के चलते पर्याप्त आराम नहीं किया। इसके बाद उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
देर रात तक चलता रहा पार्टी प्रवेश कार्यक्रम
गुरुवार देर रात गंगूबाई शिंदे सभागृह में शिवसेना (ठाकरे गुट) की उपनेता शुभांगी पाटील ने शिवसेना (ShivSena) में प्रवेश किया। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम देर रात करीब सवा एक बजे तक चला।
हालांकि, इस कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में शुभांगी पाटील का पार्टी प्रवेश संपन्न हुआ। पहले यह कार्यक्रम स्वयं एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में आयोजित होना था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो पाए।
‘ऑपरेशन टाइगर’ के कारण लगातार बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
हाल के दिनों में एकनाथ शिंदे लगातार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। “ऑपरेशन टाइगर” के तहत उन्होंने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीतियों पर काम किया। इसी दौरान वे कई बार दिल्ली भी गए।
राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना (ठाकरे गुट) के छह सांसदों का शिंदे गुट के साथ आना बड़ी सफलता माना गया। इसके अलावा मुंबई के वरिष्ठ नेता सचिन आहिर भी शिंदे गुट के साथ जुड़े, जिन्हें बाद में विधान परिषद का उपसभापति बनाया गया।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी (HealthUpdate)
चिकित्सकों के अनुसार, लगातार काम का दबाव, पर्याप्त आराम न मिलना और बुखार के बावजूद सक्रिय रहने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हुई। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है और आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है। राजनीतिक हलकों में उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है और पार्टी के कई नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
Voter Verification Campaign: ठाणे जिले में डेमोक्रेसी को मजबूत करने के लिए एक बहुत ही जरूरी कदम उठाया गया है, और स्पेशल इन-डेप्थ वेरिफिकेशन (SIR) प्रोग्राम के तहत वोटर रजिस्ट्रेशन और अवेयरनेस कैंपेन ने 147-कोपरी-पचपाखड़ी असेंबली सीट में काफी तेजी पकड़ ली है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और सब-डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर वैशाली माने की मौजूदगी में, एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी सीधे वोटर्स के घर पहुंची है, और लोगों से मिलकर ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ बांटे जा रहे हैं।
इस कैंपेन को लोगों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है, और एडमिनिस्ट्रेशन वोटर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को और ज्यादा ट्रांसपेरेंट और सही बनाने के लिए वॉर लेवल पर काम कर रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कोपरी-पचपाखड़ी निर्वाचन क्षेत्र के उप जिला कलेक्टर और मतदाता पंजीकरण अधिकारी सरजेराव मस्के-पाटिल, तहसीलदार और सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी पुरुषोत्तम थोरात, ठाणे महानगरपालिका की पूर्व नगरसेविका नम्रता भोसले-जाधव, चुनाव उप तहसीलदार संजय सालुंके, बीएलओ उमेश खेडकर और राजस्व सहायक बापू पारेकर के साथ अन्य सरकारी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
इन अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मतदाता सूची भाग क्रमांक 297 के मतदाताओं को श्रीमति सुरेन्द्र इंदर भाटिया, कविता सुरेन्द्र भाटिया, विनोद गंगाधर पेनकर और श्रीमति जयश्री विनोद पेनकर ने ‘गणना फॉर्म’ सौंपकर अभियान की शुरुआत की। ठाणे जिले के सभी मतदाताओं के लिए 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक की अवधि बहुत महत्वपूर्ण है, इस दौरान मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर हर घर का दौरा कर रहे हैं।
इस दौरान अधिकारी नागरिकों से जनगणना फॉर्म भरवाएंगे, जिसमें नाम, लिंग, आयु, रिश्ता, वंशजों की अधिक संख्या, माता-पिता के विवरण में विसंगतियां और मिलान न हो पाने वाले मतदाताओं जैसी जानकारी को सही तरीके से वर्गीकृत और चिह्नित किया जाएगा। इस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में सभी त्रुटियों को पूरी तरह से दूर करना और इसे अद्यतन करना है।
इस प्रक्रिया के तहत, जो नागरिक निर्वाचन क्षेत्र में रहने आए हैं, उनका पंजीकरण किया जाएगा, और साथ ही जो मतदाता उपलब्ध नहीं हैं, पलायन कर गए हैं, उनकी मृत्यु हो गई है या उनका दोहरा पंजीकरण है, ऐसे मतदाताओं की केंद्रवार सूची तैयार की जाएगी और इसे मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी, पंचायत समिति, सभी नगर निगमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा।
चुनाव विभाग का स्टाफ लोकतंत्र को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है कि कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे। इस बैकग्राउंड में, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से ठाणे डिस्ट्रिक्ट के सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने एरिया में आने वाले सेंट्रल लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को सही जानकारी देकर, समय पर अपने सेंसस फॉर्म भरकर और उन्हें ठीक से डिलीवर करवाकर पूरा सहयोग करें।