Category: Mumbai

  • Navratra News: डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण, मलाड में 10 दिवसीय आयोजन शुरू

    Navratra News: डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण, मलाड में 10 दिवसीय आयोजन शुरू

    मुंबई। श्री रानी सती प्रचार समिति, मलाड (पूर्व) द्वारा अपनी स्थापना के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यज्ञ वाटिका, मलाड पूर्व में 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक 10 दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ 20 सितंबर को रात 9:30 बजे उद्योगपति एवं समाजसेवी डॉ. अनील काशी मुरारका द्वारा पंडाल के लोकार्पण के साथ हुआ।
    लोकार्पण समारोह में डॉ. मुरारका ने कहा, “यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आध्यात्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और समाज सेवा के संकल्प का उत्सव है।”

    डॉ. अनील काशी मुरारका ने किया श्री शतचंडी महायज्ञ के पंडाल का लोकार्पण

    इस अवसर पर मुख्य यजमान विजय पोद्दार एवं उनकी धर्मपत्नी रितु पोद्दार भी उपस्थित रहे। समिति की अध्यक्ष कुसुम माहेश्वरी ने जानकारी दी कि इस महायज्ञ में पूरे मुंबई से श्रद्धालु भाग लेंगे। प्रतिदिन सुबह से शाम तक वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ, प्रवचन और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश भी देगा। मलाड की यज्ञ वाटिका इन दस दिनों तक आध्यात्मिक चेतना, भक्तिभाव और सांस्कृतिक समरसता का केंद्र बनी रहेगी।

  • Bombay High Court: पवित्र पोर्टल की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग को लगाई फटकार

    Bombay High Court: पवित्र पोर्टल की खामियों पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा विभाग को लगाई फटकार

    मुंबई: राज्य सरकार के पवित्र पोर्टल के सही ढंग से संचालन न होने और इसके चलते शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द किए जाने पर शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने यह भी नाराजगी जताई कि सीधे नियुक्त किए गए शिक्षकों की नियुक्तियों को नियमित करने के लिए 100 से अधिक आदेश दिए गए, लेकिन उनका कोई ठोस असर नहीं हुआ।
    न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि राज्य के महाधिवक्ता ने स्वयं विभिन्न परिसंवादों में पवित्र पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी थी, फिर भी शिक्षा अधिकारी इस प्रणाली को समझने में असफल रहे हैं। इस संदर्भ में एक शिक्षिका और दो संस्थाओं ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें उन आदेशों को रद्द करने की मांग की गई थी, जिनमें शिक्षकों की नियुक्तियों को मान्यता देने से इनकार किया गया था।
    पवित्र पोर्टल राज्य के शालेय शिक्षण व क्रीड़ा विभाग का एक ऑनलाइन मंच है, जिसे जिला परिषद और महानगरपालिका की शालाओं में शिक्षक भर्ती के लिए शुरू किया गया था। लेकिन याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि यह पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है और इसी आधार पर शिक्षकों की नियुक्तियों को खारिज किया जा रहा है।
    न्यायालय ने सवाल उठाया कि हर शिक्षक को अपनी नियुक्ति की मंजूरी के लिए कोर्ट क्यों आना पड़ता है। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि अब तक कितने शिक्षकों की नियुक्तियां पवित्र पोर्टल के माध्यम से की गई हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले को पूर्णपीठ के समक्ष भेजा जा सकता है।
    खंडपीठ ने याचिकाकर्ता शिक्षकों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि शिक्षा अधिकारियों को आदेश देकर और कार्रवाई करके हम थक चुके हैं। इसलिए अब पवित्र पोर्टल के उपयोग को लेकर स्पष्ट मार्गदर्शक सिद्धांत जारी करने की आवश्यकता है।
    इस बीच, अतिरिक्त सरकारी वकील मनीष पाबळे ने न्यायालय से राज्य का पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की है।

  • Nagpur News:ब्राह्मण समाज को आरक्षण न मिलना परमेश्वर का उपकार- नितीन गडकरी का आरक्षण पर बयान

    Nagpur News:ब्राह्मण समाज को आरक्षण न मिलना परमेश्वर का उपकार- नितीन गडकरी का आरक्षण पर बयान

    नागपुर। राज्य में मराठा, ओबीसी और बंजारा आरक्षण को लेकर चल रहे तीव्र सामाजिक और राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितीन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आरक्षण पर एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक बयान दिया। उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज को आरक्षण नहीं मिला, यह परमेश्वर का सबसे बड़ा उपकार है।” उनका यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जब आरक्षण को लेकर राज्य में भावनाएं उफान पर हैं।

    गडकरी के इस बयान ने आरक्षण की बहस को एक नई दिशा दी है। आइए अब विस्तार से समझते हैं कि उन्होंने किन सामाजिक मुद्दों पर क्या दृष्टिकोण रखा और इसका वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है…
    गडकरी नागपुर में आयोजित हलबा महासंघ के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्तृत्व से होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में ब्राह्मण समाज को सामाजिक महत्त्व प्राप्त है, जबकि महाराष्ट्र में ऐसा नहीं है। “मैं जात-पात में विश्वास नहीं करता,” उन्होंने स्पष्ट किया।
    उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी आज की सबसे बड़ी समस्या है और केवल शैक्षणिक या आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने समाज के वरिष्ठों से अपील की कि वे समाज सुधार के लिए आगे आएं और युवाओं को सही दिशा दें। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समाज में हाथमाग बंद हो गया और हाथभट्टी व शराब का चलन बढ़ा, लेकिन अब वह स्थिति बदल चुकी है।
    आरक्षण के मुद्दे पर गडकरी ने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है और उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के 50 वर्षों में सबसे अधिक प्रयास युवाओं को नौकरियाँ दिलाने के लिए किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम किसी एक क्षेत्र में सफल होते हैं, तो हम कई लोगों की नौकरियाँ बचा सकते हैं। उन्होंने समाज के डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षित वर्ग से अपील की कि वे समाज के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध कार्यक्रम बनाएं।
    गडकरी ने यह भी कहा कि “पैसा नहीं होगा तो कुछ नहीं हो सकता,” और कला व कौशल के माध्यम से ही प्रगति संभव है। उन्होंने युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होकर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
    उनके इस बयान ने आरक्षण पर एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जो सामाजिक समरसता और व्यक्तिगत गुणों को प्राथमिकता देता है। ऐसे समय में जब आरक्षण को लेकर समाज में तनाव है, गडकरी का यह वक्तव्य नई बहस को जन्म दे सकता है।
    अगर आप चाहें तो मैं इस विषय पर विश्लेषणात्मक लेख या सोशल मीडिया पोस्ट भी तैयार कर सकता हूँ।

  • Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    BMC मुख्यालय मुंबई में चुनावी आरक्षण सूची जारी

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर प्रभाग आरक्षण की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सर्वसाधारण, महिलाएं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जमाती (ST) और अनुसूचित जमाती महिला वर्गों के लिए आरक्षित प्रभागों की घोषणा की गई है।

    आरक्षण का वर्गीकरण इस प्रकार है:

    • सर्वसाधारण श्रेणी: 110 प्रभाग
    • सर्वसाधारण महिला श्रेणी: 109 प्रभाग
    • अनुसूचित जाति (SC): 7 प्रभाग
    • SC महिला: 8 प्रभाग
    • अनुसूचित जमाती (ST): 1 प्रभाग
    • ST महिला: 1 प्रभाग

    प्रमुख आरक्षित प्रभागों की सूची:

    • सर्वसाधारण: प्रभाग संख्या 1, 3, 4, 6, 7, 8, 12–20, 24, 26–209
    • सर्वसाधारण महिला: 5, 28, 29, 39, 45, 46, 64, 67, 69, 74, 80, 92, 103, 120, 125, 131, 142, 147, 151, 163, 168, 177
    • SC: 9, 11, 44, 50, 53, 75, 79, 81, 88, 96, 99, 102, 130, 137, 146, 148
    • SC महिला: 85, 107, 119, 139, 165, 190, 194, 204
    • ST: 55
    • ST महिला: 124

    इस आरक्षण सूची के जारी होने से राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की रणनीतियों में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। चुनावी समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, खासकर महिला और अनुसूचित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर।

  • shivsena news : सरकार योजनाएं घोषित करती है पर लागू नहीं, अंबादास दानवे का हमला 

    shivsena news : सरकार योजनाएं घोषित करती है पर लागू नहीं, अंबादास दानवे का हमला 

    shivsena news : दो साल पहले मराठवाड़ा मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए फैसलों को लागू न करके सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उसका इस क्षेत्र के प्रति प्रेम ‘पुतना मासी’ जैसा दिखावटी है,

    शिवसेना नेता व पूर्व विरोधी पक्ष नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि महायुति सरकार घोषणाएं बड़ी बड़ी करती है पर लागू नहीं करती है।  मराठवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में सरकार ने 100 घोषणाएं और 20 निर्णय लिए थे, पर अबतक उन योजनाओं और घोषणा पर काम शुरू नहीं हुआ है।  यह सरकार जनता से प्रेम का दिखावा करती है। इसके प्रेम को पूतना मौसी का प्रेम कहना गलत नहीं होगा। 

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    दानवे ने कहा कि सूखा प्रभावित मराठवाड़ा में पानी की समस्या हल करने के लिए पश्चिमी नदियों से पानी लाने के लिए 14,040 करोड़ रुपये की व्यवस्था घोषित की गई थी, लेकिन दो साल में सिंचाई परियोजनाओं के लिए केवल 1,018 करोड़ रुपये की ही व्यवस्था की गई। इस गति से तो ये परियोजनाएं अगले 20 सालों में भी पूरी नहीं होंगी। इतना ही नहीं सड़क समस्याओं के समाधान के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को 12,093 करोड़ रुपये देने की बात सरकार ने कही थी, लेकिन अब तक केवल 304 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं। दानवे ने यह भी कहा कि हायब्रिड एन्युइटी नीति बदले जाने के कारण अब ये सड़कें पूरी होंगी भी या नहीं, इस पर भी संदेह है। खेल विश्वविद्यालय, दुधारू जानवरों का वितरण जैसे कई प्रोजेक्ट तो मानो रद्द ही कर दिए गए हैं। कुल घोषणा 37,016 करोड़ रुपये की थी। लेकिन ये घोषणाएं सिर्फ हवा में उड़ गईं। यह सरकार केवल “मुझे देखो और फूल बरसाओ” वाली मानसिकता में काम कर रही है, ऐसी तीखी आलोचना दानवे ने की।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में सरकार का कामकाज भगवान भरोसे चल रहा है। पिछले कुछ दिनों में सरकार ने 76,484 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। एक तरफ राज्य सरकार के पास पैसे नहीं हैं और दूसरी तरफ आम जनता के पैसों की लूट मची है, ऐसा भी उन्होंने कहा। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ किए बिना ही यह सरकार और मुख्यमंत्री सिर्फ विज्ञापनों में लगे हुए हैं।

    राष्ट्रीय स्वाभिमान की विशेष खबरें – 

    १ भिवंडी-पुलिस-का-जुआ-अड्डो

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  • घाटकोपर में नशे में धुत महिला ने कार से व्यक्ति को कुचला, दो गिरफ्तार

    घाटकोपर में नशे में धुत महिला ने कार से व्यक्ति को कुचला, दो गिरफ्तार

    मुंबई: घाटकोपर में शनिवार की सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ नशे में धुत एक महिला ने अपनी कार से सड़क पर सो रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया। इस हादसे के बाद, कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरा व्यक्ति मौके से फरार हो गया।

    क्या हुआ था?

    यह हादसा सुबह करीब 6:30 बजे घाटकोपर के एलबीएस मार्ग पर हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला भाविका हिरेन दाबा (30) अपनी गुजरात पासिंग कार (GJ 15 CK 4411) चला रही थी। कार में उसके साथ दो और लोग सवार थे, जिसमें से एक दोस्त कोराम महेश गोरी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया गया है कि तीनों ने शराब पी हुई थी। कार अनियंत्रित होकर एक दुकान की सीढ़ियों से जा टकराई। इस दौरान, कार ने सड़क पर सो रहे एक अज्ञात व्यक्ति को कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की सूचना मिलते ही घाटकोपर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार चालक भाविका दाबा और उसके एक दोस्त को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में तीनों के नशे में होने का पता चला है। कार की तलाशी लेने पर उसमें शराब की बोतलें भी मिली हैं। घायल व्यक्ति को तुरंत राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति अभी बेहोश है और उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

    घटना के समय, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि हादसा होने के तुरंत बाद एक व्यक्ति कार से उतरकर फरार हो गया। पुलिस अब उस तीसरे फरार व्यक्ति की तलाश कर रही है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है, जिससे जांच में मदद मिलेगी।

  • भिवंडी पुलिस का जुआ अड्डों पर छापा, कई गिरफ्तार

    भिवंडी पुलिस का जुआ अड्डों पर छापा, कई गिरफ्तार

    भिवंडी: भिवंडी की निजामपुरा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जगहों पर चल रहे अवैध जुआ अड्डों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से कई आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा है और उनके पास से नकद रकम भी बरामद की है।


    कांदा वटाटा और खाड़ीपार में कार्रवाई

    पुलिस ने पहले कांदा वटाटा मार्केट में लंबे समय से चल रहे एक मटका जुआ अड्डे पर छापा मारा। यहाँ से पुलिस ने फिरोज समसूद्दीन खान, राजकुमार केदारनाथ सोनी, राजेन्द्र संदिपान कांबले और इकबाल रफिक शेख को जुआ खेलते हुए पकड़ा और 1,800 रुपये नकद जब्त किए।

    इसके बाद, पुलिस ने खाड़ीपार पुल के पास एक और ठिकाने पर छापा मारा। इस कार्रवाई में साबीर कबीर खान, अब्दुल ताहिर खान मुर्तजा और मुरलीधर नायर को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया। यहाँ से पुलिस को 1,650 रुपये नकद बरामद हुए।


    सख्त कानून और भविष्य की कार्रवाई

    पुलिस ने बताया कि ये छापेमारी लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई। सभी आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंधक कानून के तहत दोषी पाया गया है। भिवंडी पुलिस ने साफ कर दिया है कि जुआ अड्डों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अब कोई रियायत नहीं दी जाएगी और ऐसे अड्डों को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे भी लगातार छापेमारी की जाएगी।

  • Solapur Matter:अजितदादा पर टीका करने से पहले उद्धव ठाकरे अपना गिरेबान में झांके : आनंद परांजपे

    Solapur Matter:अजितदादा पर टीका करने से पहले उद्धव ठाकरे अपना गिरेबान में झांके : आनंद परांजपे

    मुंबई: राज्य में अजितदादा पवार पर बिना टीका किए कोई चर्चा नहीं करना चाहने वाले विपक्ष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने हमला किया। उन्होंने कहा कि उबठा गुट के नेता शरद कोळी को पहले मातोश्री जाकर यह पूछना चाहिए कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अजितदादा को अर्थ मंत्रालय क्यों दिया और कोविड के दौरान राज्य का बजट कुशलतापूर्वक कैसे संभाला गया।परांजपे ने कहा कि विपक्ष के पास अजितदादा पर टीका करने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। सोलापूर प्रकरण में अजितदादा ने कानून और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया था, न कि किसी गैरकानूनी कार्य में। इसी कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस इस विषय पर आगे नहीं बोलना चाहती।

    दसरा मेले और महायुती सरकार की उपलब्धियाँ

    परांजपे ने कहा कि दसरा मेले में दोनों ठाकरे भाईयों का एक साथ आना उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने महायुती सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्य प्रभावी ढंग से चल रहा है।

    कानून, सुव्यवस्था और ओबीसी संवेदनशीलता

    परांजपे ने कहा कि राज्य में कानून और सुव्यवस्था पूर्ण रूप से लागू है। रोहित पवार के प्रत्येक सवाल का उत्तर देना आवश्यक नहीं है। पुणे की घटना की स्वतंत्र जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।महायुती सरकार ओबीसी समाज के प्रति संवेदनशील है। कैबिनेट ने ओबीसी उपसमिति बनाई है, जिसमें सभी महायुती घटक शामिल हैं, ताकि किसी भी अन्याय से बचा जा सके।

  • अनंत चतुर्दशी से पहले मुंबई पुलिस को मिला धमकी भरा मैसेज, मुंबई दहशतगर्दों के निशाने पर!

    अनंत चतुर्दशी से पहले मुंबई पुलिस को मिला धमकी भरा मैसेज, मुंबई दहशतगर्दों के निशाने पर!

    मुंबई। अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े अवसर पर मुंबई पुलिस को एक सनसनीखेज धमकी भरा मैसेज मिला है। यह मैसेज ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर पर भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि शहर की 34 गाड़ियों में मानव बम लगाए गए हैं। धमकी देने वाले ने खुद को “लश्कर-ए-जिहादी” संगठन का सदस्य बताया और दावा किया कि 14 पाकिस्तानी आतंकी भारत में घुस चुके हैं, जो 400 किलो आरडीएक्स से मुंबई को दहला देंगे। संदेश में यहां तक कहा गया कि इस हमले में करीब 1 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

    34 गाड़ियों में ‘मानव बम’ लगाने का दावा, 14 पाक आतंकी भारत में घुसे

    इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और हर संभावित जगह पर सुरक्षा का घेरा और मजबूत कर दिया गया है। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड, एटीएस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। पुलिस ने व्हाट्सऐप मैसेज के स्रोत का पता लगाने के लिए डिजिटल जांच शुरू कर दी है। साथ ही मुंबईकरों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी संभावित आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है और हर एंगल से जांच जारी है। मुंबई पुलिस ने दो टूक कहा है कि धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, शहर की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • मराठा आरक्षण पर बढ़े विवाद को लेकर CM फडणवीस ने दी सफाई, बोले- ओबीसी के साथ अन्याय नहीं होगा

    मराठा आरक्षण पर बढ़े विवाद को लेकर CM फडणवीस ने दी सफाई, बोले- ओबीसी के साथ अन्याय नहीं होगा

    मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि ओबीसी वर्ग के हित प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) से अन्य पिछड़ा वर्ग को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

    दरअसल, मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद सरकार ने कुनबी वंश का प्रमाण पेश करने वाले मराठाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने के लिए समिति गठित करने की घोषणा की थी। इसके बाद जरांगे ने आज़ाद मैदान पर चल रहा अपना पांच दिवसीय अनशन खत्म किया।

    ओबीसी को लेकर भुजबल की नाराज़गी

    एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल ने इस जीआर का कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह फैसला बिना कैबिनेट और ओबीसी समाज को विश्वास में लिए लिया गया है। उन्होंने इसे अदालत में चुनौती देने और कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया।

    CM का आश्वासन

    फडणवीस ने कहा, “जीआर के कारण ओबीसी कोटे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केवल वे ही मराठा पात्र होंगे जिन्हें अपने कुनबी वंश का वैध प्रमाण पेश करना होगा, सभी मराठों को नहीं।” उन्होंने बताया कि उन्होंने भुजबल से बातचीत की है और उन्हें आश्वस्त किया है कि ओबीसी समुदाय के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होगा।