Category: Mumbai Police

  • Fraud Voter Name 2026: कालबादेवी के रामवाड़ी में मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक व्यक्ति के दो नाम और दो फोटो से मचा हड़कंप

    मतदाता सूची में गड़बड़ी पर विपक्ष सख्त हो, चुप्पी टूटी नहीं तो लोकतंत्र पर खतरा: पार्टियों को चेतावनी

    आर.एस. नेटवर्क। अश्विनीकुमार

    मुंबई | कालबादेवी के रामवाड़ी स्थित प्रभु सुंदर बिल्डिंग, वार्ड क्रमांक 222 में मतदाता सूची को लेकर सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आरोप है कि एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग नाम और दो अलग-अलग फोटो के आधार पर दो मतदाता दर्ज किए गए हैं। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल मच गई है और नागरिकों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।


    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह महज़ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया खेल प्रतीत होता है, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है। प्रभु सुंदर बिल्डिंग में रहने वाले एक व्यक्ति, जिसका नाम बदले हुए रूप में रुद्रेश बताया जा रहा है, से इलाके के लोगों की नियमित मुलाकात होती रहती है। रविवार को जब कुछ नागरिक उनके घर पहुंचे, तो जानकारी मिली कि भाजपा उम्मीदवार रीता मकवाना की ओर से मतदाता पर्चियों का वितरण किया जा रहा था। संबंधित बिल्डिंग के लिए कुल चार शीट की मतदाता पर्चियां तैयार की गई थीं।


    जब इन शीट्स की गहन जांच की गई, तो चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आईं। एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज पाया गया। एक जगह पिता के नाम की जगह मां का नाम दर्ज था, तो दूसरी जगह पिता का नाम लिखा गया था। इतना ही नहीं, एक स्थान पर कमरे का नंबर 61 दर्शाया गया, जबकि दूसरी जगह वही व्यक्ति कमरे नंबर 6 में दर्ज मिला। दोनों प्रविष्टियों में अलग-अलग फोटो लगाए गए थे, जिससे दो अलग मतदाताओं का आभास पैदा किया गया।


    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस प्रकार की त्रुटियां यह साफ़ संकेत देती हैं कि मतदाता सूची तैयार करने में या तो घोर लापरवाही बरती गई है या फिर जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस मतदाता सूची के निर्माण पर चुनाव आयोग करोड़ों रुपये खर्च करता है, उसमें ऐसी गंभीर चूक कैसे संभव है। लोगों को आशंका है कि यह मामला केवल इसी एक बिल्डिंग तक सीमित नहीं, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के फर्जी और डुप्लिकेट मतदाता तैयार किए गए हो सकते हैं।
    इस प्रकरण के सामने आने के बाद विपक्षी दलों कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वंचित बहुजन आघाड़ी से तत्काल और आक्रामक भूमिका निभाने की मांग तेज़ हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि अब भी विपक्ष चुप्पी साधे रहता है, तो आने वाले चुनावों में लोकतंत्र के साथ बड़ा खिलवाड़ होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
    स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि फर्जी आधार कार्ड के सहारे फर्जी मतदान कराया जा सकता है और अलग-अलग इमारतों में इस तरह के डुप्लिकेट मतदाता खड़े किए जा सकते हैं। नागरिकों ने चुनाव आयोग से मांग की है कि तत्काल आधार कार्ड की सत्यता जांचने के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि डुप्लिकेट और फर्जी आधार के जरिए किसी अन्य के नाम पर मतदान कराने की साजिश को समय रहते रोका जा सके।
    यह मामला न केवल सत्ताधारी दलों के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है, बल्कि चुनाव आयोग(Mumbai Election 2026) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक तूफान बन सकता है।

  • MUSLIM-HINDU: कांग्रेस राम-विरोधी और उबाठा मुस्लिम वोटों के लिए उर्दू में प्रचार कर रही है: संजय निरुपम

    MUSLIM-HINDU: कांग्रेस राम-विरोधी और उबाठा मुस्लिम वोटों के लिए उर्दू में प्रचार कर रही है: संजय निरुपम

    मुंबई। शिवसेना नेता संजय निरुपम(Sanjay Nirupam) ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट (उबाठा) (UBT Shiv Sena) पर जोरदार हमला बोला है। नाना पटोले (Nana Patole) द्वारा राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की तुलना भगवान राम से किए जाने पर निरुपम ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस की पहचान शुरू से ही राम-विरोधी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और आज तक अयोध्या में बने राम मंदिर में दर्शन तक नहीं किए।

    संजय निरुपम ने कहा, “कांग्रेस के नेता खुद को राम के आदर्शों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे रावण के अनुयायी रहे हैं। अगर नाना पटोले का दावा है कि राहुल गांधी भगवान राम के आदर्शों के अनुसार दबे-कुचले लोगों के लिए काम कर रहे हैं, तो फिर हर दो महीने में वे कोलंबिया, पेरू, इटली, लंदन और थाईलैंड क्यों जाते हैं? आखिर यह किस तरह का जनसेवा कार्य है?”

    निरुपम ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस शिवसेना की स्थापना हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने की थी और जो हमेशा हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान के विचारों के साथ मजबूती से खड़ी रही, आज वही पार्टी मुस्लिम वोट बैंक के लिए अपनी मूल पहचान से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उबाठा गुट प्रचार में हिंदी और मराठी को छोड़कर उर्दू भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।

    संजय निरुपम ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे गुट जिहादी सोच रखने वालों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर रहा है। यह इस गुट की असलियत को उजागर करता है और शिवसेना की मूल विचारधारा से पूरी तरह अलग है।

    मुंबई महानगरपालिका (मनपा) चुनाव को लेकर निरुपम ने दावा किया कि मुंबई का अगला मेयर मराठी मानुस होगा और वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों से प्रेरित होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई की मराठी जनता ही अंतिम फैसला करेगी और किसी भी तरह की तुष्टिकरण की राजनीति को नकार देगी।

    इसके अलावा संजय निरुपम ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए शाहरुख खान को अपनी टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल नहीं करने चाहिए। निरुपम के इस बयान ने राजनीतिक के साथ-साथ फिल्मी हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।

    कुल मिलाकर संजय निरुपम के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है और आगामी मनपा चुनावों से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Pune Land Deal: क्या पुलिसअजित पवारके बेटे पार्थ पवार को पुणे भूमि सौदे मेंबचा रही है?:बॉम्बे हाई कोर्ट ने जांच पर उठाए तीखे सवाल

    Mumbai/Pune:बॉम्बे हाई कोर्ट(Bombay High Court) ने बुधवार (10 दिसंबर) को पुणे के विवादास्पद भूमि सौदे(Pune Land Deal) की पुलिस जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने पूछा कि क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री अजित पवार(Ajit Pawar) के बेटे पार्थ पवार को प्राथमिकी में नाम न जोड़कर उन्हें संरक्षण दे रही है?

    जस्टिस माधव जामदार की सिंगल बेंच शीतल तेजवानी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इसी दौरान अदालत ने कहा कि कंपनी में अधिकतम साझेदारी पार्थ पवार की होने के बावजूद उन्हें एफआईआर(FIR Investigation) में नामजद नहीं किया गया है।

    न्यायाधीश ने सख्त सवाल किया —

    “क्या पुलिस उपमुख्यमंत्री के बेटे को बचा रही है और सिर्फ दूसरों की जांच कर रही है?”


    सरकारी वकील का जवाब

    लोक अभियोजक मनकुंवर देशमुख ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगी।

    जिस जमीन का सौदा हुआ वह पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ भूमि है, जिसे 300 करोड़ रुपये में अमाडिया एंटरप्राइजेज LLP को बेचा गया था। इस कंपनी में पार्थ पवार(Parth Pawar) मुख्य भागीदार हैं।

    जांच तब शुरू हुई जब सामने आया कि यह जमीन सरकार की थी और बेची नहीं जा सकती थी।


    21 करोड़ स्टांप ड्यूटी से भी मिली छूट

    आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी से भी छूट दी गई।
    एक समिति ने तीन लोगों को आरोपी बताया:

    • दिग्विजय पाटिल – पार्थ पवार के व्यावसायिक साझेदार व रिश्ते के भाई
    • शीतल तेजवानी – पावर ऑफ अटॉर्नी धारक
    • रविंद्र तारू – उप-पंजीयक

    क्यों नहीं जोड़ा गया पार्थ का नाम?

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्थ पवार का नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं था, इसलिए उन्हें एफआईआर में शामिल नहीं किया गया।

    ईओडब्ल्यू ने शीतल तेजवानी को 3 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 11 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

    उसी भूमि सौदे पर बावधान थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजवानी ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की, लेकिन बाद में वापस ले ली।


    विपक्ष का आरोप: जमीन की कीमत 300 करोड़ से कई गुना ज्यादा

    विपक्ष ने दावा किया कि जमीन ‘महार वतन’ श्रेणी की थी और बिना सरकारी अनुमति उसके सौदे पर रोक होती है।
    वास्तविक कीमत 300 करोड़ से कहीं अधिक बताई जा रही है।


    CM देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    “सरकार की शुरू से ही किसी को संरक्षण देने की नीति नहीं है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणी पर उचित जवाब अदालत में दाखिल किया जाएगा और अब तक की तथा आगे की कार्रवाई की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।

  • 31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    31 करोड़ की भारी धोखाधड़ी! मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट के निदेशकों पर 18 निवेशकों को ठगा जाने का लगाआरोप

    मुंबई: अंधेरी पुलिस स्टेशन में मेसर्स रणबीर रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स और इसके निदेशकों जयकुमार गुप्ता व सुयश गुप्ता के खिलाफ ₹31.26 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने वाले 18 निवेशकों को वार्षिक 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर ठगा गया।

    शिकायतकर्ता गुजरात के वापी के फार्मेसी व्यवसायी महेश दोशी हैं, जिन्होंने बताया कि मार्च 2021 में एक बिचौलिए के जरिए उन्हें कंपनी की सिफारिश की गई। आरोपियों ने माज़सवाड़ी में चल रही पुनर्विकास परियोजना के लिए निवेश की जरूरत बताकर और संबंधित दस्तावेज दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

    अप्रैल 2021 में दोशी और उनके परिवार ने RTGS के जरिए कंपनी के खाते में ₹8.26 करोड़ जमा किए। शुरू में गुप्ता परिवार ने ब्याज का भुगतान किया, लेकिन 2021 से सितंबर 2024 तक यह भुगतान बंद हो गया और मूल राशि की वापसी में भी देरी होने लगी।

    एफआईआर में कहा गया है कि इसी तरह 17 अन्य निवेशकों को भी धोखा दिया गया। कुल मिलाकर पिता-पुत्र की जोड़ी ने 18 निवेशकों से लगभग ₹31.26 करोड़ की ठगी की है।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

  • Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

    Poisonous Butter:मुंबई में जहरीला मक्खन परोसा जा रहा है खुलेआम! योगेंद्रनाथ तिवारी बना मौत का सौदागर, बीएमसी और FDA मूकदर्शक

    बीएमसी और फूड विभाग ने ली जनता को मीठा जहर खिलाने की ली सुपारी, शिकायतों के बावजूद नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट

    मुंबई: शहर में मिलावटी मक्खन का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीपी टैंक के खत्तर गली में नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी द्वारा बनाए जा रहे नकली और मिलावटी मक्खन की शिकायतें कई बार बीएमसी और फूड विभाग तक पहुँचीं, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई यानि नाश्ता-पानी चालू है।
    परिणामस्वरूप यह “मौत का कारोबार” अब खुलेआम चल रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।


    जनता के स्वास्थ्य पर सीधा हमला

    विशेषज्ञों के अनुसार इस मिलावटी मक्खन में industrial fat, synthetic essence और non-edible oil जैसे रासायनिक तत्वों का प्रयोग किया जा रहा है, जो किडनी, लंग्स और लीवर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।
    स्थानीय नागरिकों में पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा की एलर्जी और कमजोरी जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।


    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट का सख्त रुख

    शिवसेना नेता पं. सुधांशु भट्ट ने इस घोटाले को “जनता की सेहत से खिलवाड़ और प्रशासन की आपराधिक लापरवाही” बताया है।
    उन्होंने बीएमसी आयुक्त, राज्य फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र भेजकर नटराज फूड प्रोडक्ट्स का मालिक योगेंद्रनाथ तिवारी पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


    कानूनी रूप से संभव कार्रवाई

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विभाग सख्ती दिखाए तो निम्न धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है —

    • फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (FSSA) की धारा 59
      ➤ मिलावट से हानि पहुँचाने पर रु 10 लाख तक जुर्माना और आजीवन कारावास तक का प्रावधान।
    • भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 272, 273, 274,275, 120B व 420
      ➤ मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने, बेचने और धोखाधड़ी करने पर जेल व आर्थिक दंड।
    • FSSAI लाइसेंस रद्दीकरण या निलंबन
      ➤ कंपनी का लाइसेंस तत्काल रद्द कर उत्पादन इकाई को सील किया जा सकता है।

    बीएमसी और फूड विभाग की भूमिका पर सवाल

    बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो उत्पादन बंद हुआ और न ही बिक्री पर रोक लगी।
    इससे स्पष्ट है कि विभागीय अधिकारियों और मिलावट माफिया के बीच सांठगांठ गहरी है।


    अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे
    ज़हरीला मक्खन माफिया बेलगाम! बीएमसी–FDA की मिलीभगत से चल रहा मौत का कारोबार | नटराज फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई नहीं

    नागरिकों की नाराज़गी

    अपना पूर्वांचल महासंघ के अध्यक्ष एड. अशोक दुबे ने कहा —

    “ऐसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। अगर प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करती है तो उच्च न्यायालय में इस विषय पर PIL दाखिल की जा सकती है।”

    कपड़ा व्यापारी वसंत जैन ने कहा —

    “ज़हरीला मक्खन डोसा, सैंडविच और अन्य खाद्य पदार्थों में हर रोज़ परोसा जा रहा है। हर चम्मच मीठा ज़हर बन चुका है।”


    अब सवाल यह है — बीएमसी और FDA कब जागेंगे?
    क्या जनता को राहत देने के बजाय ये विभाग मिलावट माफिया के संरक्षण में हैं?

  • Satya Morcha: मुंबई में INDIA का ‘सत्य का मोर्चा’: बोगस मतदाता सूची के खिलाफ महाविकास आघाड़ी का तीखा हमला

    Satya Morcha: मुंबई में INDIA का ‘सत्य का मोर्चा’: बोगस मतदाता सूची के खिलाफ महाविकास आघाड़ी का तीखा हमला

    मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर एक बार फिर मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और पूर्व मंत्री बाला साहेब थोरात ने मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी (MVA) के भव्य सर्वदलीय ‘सत्य का मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा कि “यह मोर्चा सिर्फ़ चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो चुनाव आयोग को नियंत्रित करते हैं।”

    थोरात ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में बोगस मतदाता सूचियों का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ था और अब वही सूचियाँ स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों के लिए भी इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि इन सूचियों को तुरंत दुरुस्त किया जाए और तभी स्थानीय चुनाव कराए जाएँ।

    उन्होंने कहा, “देशभर में मतचोरी हुई है — यह बात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सबूतों के साथ उजागर की थी, लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग ने उस पर केवल औपचारिक और भ्रामक जवाब दिया। आयोग का उत्तर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सबसे बोगस जवाबों में से एक है।”

    थोरात ने आगे बताया कि उनके संगमनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण भाग में ही 9,500 से अधिक फर्जी मतदाता पाए गए हैं। “हमने आपत्ति दर्ज कराते हुए दुरुस्ती की मांग की, लेकिन तहसीलदार का कहना है कि उनके पास संशोधन का कोई अधिकार नहीं है। यदि यही सूची नगरपालिकाओं, महानगरपालिकाओं और जिला परिषद चुनावों में इस्तेमाल की जाएगी, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है,” उन्होंने कहा।

    उन्होंने राज्य चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से बार-बार आग्रह के बावजूद आयोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है।

    इस बीच, सत्ता पक्ष द्वारा निकाले गए ‘मूक मोर्चा’ पर तंज कसते हुए थोरात ने कहा, “जब हम ‘सत्य का मोर्चा’ निकाल रहे हैं, तो सत्ताधारी दल मूक मोर्चा निकाल रहे हैं — कहीं इसमें चुनाव आयोग भी शामिल तो नहीं?”

    कार्यक्रम में शरद पवार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे जैसे दिग्गज नेताओं ने भी हिस्सा लिया और भाजपा-महायुती सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।

    “आयोग का सर्वर किसके कार्यालय में?: उद्धव ठाकरे का तीखा सवाल

    मुंबई: मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी के ‘सत्य का महामोर्चा’ में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और मतचोरी की साज़िश चल रही है।

    सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चौंकाने वाला खुलासा किया — “मेरे और मेरे परिवार के चार सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की गई है। यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी चाल है। सवाल यह है कि आयोग का सर्वर आखिर किसके कार्यालय में है? कौन तय करता है कि किसका नाम हटाना है और किसे जोड़ना है? यह पूरा खेल लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में है।”

    मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी के ‘सत्य का महामोर्चा’ में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

    उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन कर झूठे मोबाइल नंबर के माध्यम से उनके परिवार के नाम हटाने का प्रयास किया गया था। चुनाव आयोग की टीम जब सत्यापन के लिए उनके घर पहुँची, तब यह बात सामने आई। उद्धव ने कहा, “यह साज़िश 23 अक्टूबर को रची गई थी — अब हमें न्याय चाहिए और हम इस पूरे मामले में अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँगे।”


    मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी के ‘सत्य का महामोर्चा’ में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

    राज ठाकरे का आरोप: EVM और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का सबूत मेरे पास है’

    मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि वह 2017 से लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि EVM और मतदाता सूचियाँ दोनों में घोटाला है। उन्होंने दावा किया कि कल्याण ग्रामीण, डोंबिवली, मुरबाड और भिवंडी के 4,500 मतदाताओं ने मुंबई के मलबार हिल मतदारसंघ में भी मतदान किया है।
    राज ठाकरे ने मंच से कहा, “यह कारस्थानें चुनाव आयोग के माध्यम से चल रही हैं। अगर ऐसे ही चुनाव होंगे तो हम लोकतंत्र में कैसे भरोसा करें? अब जनता को जागरूक होना होगा — एक-एक मतदाता सूची की जाँच करनी होगी, और अगर कहीं डुप्लिकेट या फर्जी नाम मिले तो वहीं उजागर करना होगा।”

    उन्होंने अपने पास मौजूद दस्तावेज़ों का ‘सबूतों का ढेर’ मंच पर दिखाया, जिसमें हर लोकसभा क्षेत्र में 50,000 से 1 लाख तक दोहराए गए मतदाता नाम होने का दावा किया गया।


    मुंबई में आयोजित महाविकास आघाड़ी के ‘सत्य का महामोर्चा’ में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची और EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

    मोर्चे में ‘यमराज’ का अनोखा प्रदर्शन

    मोर्चे में एक व्यक्ति ने यमराज के वेश में आकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उसने कहा, “मैं यमलोक से आया हूँ — 80, 90, 117, 124 साल के जो मतदाता इस दुनिया में नहीं हैं, उन्हें अब ले जाने आया हूँ। जो ‘झुकेगा नहीं’ बोलते हैं, पहले उन्हें ही ले जाऊँगा!”


    ‘लाल सलाम’ से गूंजा मोर्चा परिसर

    इस मोर्चे में वामपंथी नेताओं शैलेंद्र कांबळे, अजित नवले, सुभाष लांडे, प्रकाश रेड्डी और मिलिंद रानडे ने ‘लाल सलाम’ के नारे लगाकर माहौल में जोश भर दिया। उनके साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस और उद्धव सेना के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।


    राज ठाकरे का लोकल ट्रेन से चर्चगेट तक सफर

    राज ठाकरे ने मोर्चे में शामिल होने के लिए दादर से चर्चगेट तक लोकल ट्रेन से सफर किया। भीड़ के कारण उन्होंने दो लोकल ट्रेनें छोड़ीं और तीसरी (10:22 की) ट्रेन में सफर किया। दिलचस्प बात यह रही कि उन्हें “विंडो सीट” मिली और कुछ यात्रियों के कहने पर उन्होंने उनके टिकट पर ऑटोग्राफ भी दिए।


    हम अदालत में जाएंगे, जनता का न्याय सबसे बड़ा: उद्धव ठाकरे

    भाजपा की आलोचना करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग से सवाल करता है, तो सत्ताधारी पूछते हैं — “अदालत में क्यों नहीं जाते?” अब हम अदालत में भी जाएंगे और जनता के न्यायालय में भी जाएंगे।
    उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र की जनता लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ़ नहीं करेगी। अगर मतचोरी करके चुनाव कराने की कोशिश की गई, तो यह जनता अपनी मुट्ठी का जवाब उनके सिर पर देगी।”

  • Colaba Police File Case Against Artist T. Venkanna and Curator Abhay Maskara for Alleged Obscene Artworks: कोलाबा स्थित गैलरी मास्कारा में हिंदू देवी-देवताओं की कथित आपत्तिजनक और अश्लील चित्रकारी को लेकर विवाद खड़ा

    Colaba Police File Case Against Artist T. Venkanna and Curator Abhay Maskara for Alleged Obscene Artworks: कोलाबा स्थित गैलरी मास्कारा में हिंदू देवी-देवताओं की कथित आपत्तिजनक और अश्लील चित्रकारी को लेकर विवाद खड़ा

    मुंबई। कोलाबा स्थित गैलरी मास्कारा में हिंदू देवी-देवताओं की कथित आपत्तिजनक और अश्लील चित्रकारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वकील विशाल लालचंद नाखवा की शिकायत पर कोलाबा पुलिस ने कलाकार टी. वेन्कन्ना और क्यूरेटर अभय मास्कारा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    शिकायतकर्ता नाखवा ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से गैलरी में प्रदर्शित विवादास्पद चित्रों की जानकारी मिली। गैलरी पहुंचने पर उन्होंने एक फ्रेम में देवी महाकाली और भगवान शिव को अर्धनग्न अवस्था में चित्रित देखा, जिस पर “Union for Peace” लिखा था। इसके अलावा, गैलरी में कई नग्न पुरुषों और महिलाओं की यौन विषयक चित्रकारी भी प्रदर्शित थी।

    नाखवा ने आरोप लगाया कि गैलरी में नाबालिगों के प्रवेश को रोकने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं था। जब उन्होंने स्टाफ से इस विषय में सवाल किया, तो उन्हें बताया गया कि यह कलाकार की दृष्टिकोण को दर्शाता है और कला के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया है। विरोध जताने पर गैलरी स्टाफ ने नाखवा को बाहर जाने को कहा और खुद लंच ब्रेक के लिए कमरे में बंद हो गए।

    पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। सोशल मीडिया पर गैलरी की तस्वीरें वायरल होने के बाद गैलरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कोलाबा से हिंदू जागरण के कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय सेविका समिती की कार्यकर्ता मिताली भरत पटेल के साथ मनूर राठौड, पंकज व अन्य कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।

  • Mumbai Police Corruption News: वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, मुंबई पुलिस बल में मचा हड़कंप

    Mumbai Police Corruption News: वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, मुंबई पुलिस बल में मचा हड़कंप

    मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (ACB) ने वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस स्टेशन के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से मुंबई पुलिस बल में हड़कंप मच गया है।

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत सुधाकर सरोदे (Senior Inspector Arrested) और पुलिस उपनिरीक्षक राहुल रमेश वाघमोड़े (Sub Inspector Arrested) शामिल हैं। इन दोनों पर एक दर्ज अपराध के मामले में शिकायतकर्ता से मदद के बदले ₹4.5 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है।

    💰 रिश्वत की रकम और गिरफ्तारी की प्रक्रिया

    • सरोदे के लिए ₹4 लाख और वाघमोड़े के लिए ₹50 हजार की रिश्वत तय हुई थी।
    • शिकायतकर्ता ने ACB से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
    • कार्रवाई के दौरान सरोदे को ₹2 लाख की पहली किस्त लेते हुए और वाघमोड़े को ₹30 हजार लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

    👮‍♂️ कार्रवाई में शामिल अधिकारी

    इस ऑपरेशन को पुलिस निरीक्षक कृष्णा मेखले की देखरेख में और जांच अधिकारी नितिन थोरात के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। साथ ही अपर पुलिस आयुक्त संदीप दीवान, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अनिल घेरड़ीकर और राजेंद्र सांगले के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई पूरी की गई। मुंबई पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि कानून के रक्षक भी कानून के दायरे में हैं। ACB की तत्परता और शिकायतकर्ता की जागरूकता ने इस मामले को उजागर किया।

  • Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    Mumbai Election: BMC चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी, महिलाओं और SC-ST वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

    BMC मुख्यालय मुंबई में चुनावी आरक्षण सूची जारी

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर प्रभाग आरक्षण की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सर्वसाधारण, महिलाएं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जमाती (ST) और अनुसूचित जमाती महिला वर्गों के लिए आरक्षित प्रभागों की घोषणा की गई है।

    आरक्षण का वर्गीकरण इस प्रकार है:

    • सर्वसाधारण श्रेणी: 110 प्रभाग
    • सर्वसाधारण महिला श्रेणी: 109 प्रभाग
    • अनुसूचित जाति (SC): 7 प्रभाग
    • SC महिला: 8 प्रभाग
    • अनुसूचित जमाती (ST): 1 प्रभाग
    • ST महिला: 1 प्रभाग

    प्रमुख आरक्षित प्रभागों की सूची:

    • सर्वसाधारण: प्रभाग संख्या 1, 3, 4, 6, 7, 8, 12–20, 24, 26–209
    • सर्वसाधारण महिला: 5, 28, 29, 39, 45, 46, 64, 67, 69, 74, 80, 92, 103, 120, 125, 131, 142, 147, 151, 163, 168, 177
    • SC: 9, 11, 44, 50, 53, 75, 79, 81, 88, 96, 99, 102, 130, 137, 146, 148
    • SC महिला: 85, 107, 119, 139, 165, 190, 194, 204
    • ST: 55
    • ST महिला: 124

    इस आरक्षण सूची के जारी होने से राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की रणनीतियों में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। चुनावी समीकरणों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, खासकर महिला और अनुसूचित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर।

  • घाटकोपर में नशे में धुत महिला ने कार से व्यक्ति को कुचला, दो गिरफ्तार

    घाटकोपर में नशे में धुत महिला ने कार से व्यक्ति को कुचला, दो गिरफ्तार

    मुंबई: घाटकोपर में शनिवार की सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ नशे में धुत एक महिला ने अपनी कार से सड़क पर सो रहे एक व्यक्ति को कुचल दिया। इस हादसे के बाद, कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरा व्यक्ति मौके से फरार हो गया।

    क्या हुआ था?

    यह हादसा सुबह करीब 6:30 बजे घाटकोपर के एलबीएस मार्ग पर हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला भाविका हिरेन दाबा (30) अपनी गुजरात पासिंग कार (GJ 15 CK 4411) चला रही थी। कार में उसके साथ दो और लोग सवार थे, जिसमें से एक दोस्त कोराम महेश गोरी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया गया है कि तीनों ने शराब पी हुई थी। कार अनियंत्रित होकर एक दुकान की सीढ़ियों से जा टकराई। इस दौरान, कार ने सड़क पर सो रहे एक अज्ञात व्यक्ति को कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की सूचना मिलते ही घाटकोपर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार चालक भाविका दाबा और उसके एक दोस्त को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में तीनों के नशे में होने का पता चला है। कार की तलाशी लेने पर उसमें शराब की बोतलें भी मिली हैं। घायल व्यक्ति को तुरंत राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति अभी बेहोश है और उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

    घटना के समय, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि हादसा होने के तुरंत बाद एक व्यक्ति कार से उतरकर फरार हो गया। पुलिस अब उस तीसरे फरार व्यक्ति की तलाश कर रही है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है, जिससे जांच में मदद मिलेगी।