Category: NMMC

  • Navimumbai: कोपरखैरने विद्या भवन में छत गिरने से हड़कंप, 15 लोग फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू जारी

    Navimumbai: कोपरखैरने विद्या भवन में छत गिरने से हड़कंप, 15 लोग फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू जारी

    नवी मुंबई(Navimumbai): कोपरखैरने सेक्टर-2 स्थित विद्या भवन में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हुआ। यहां क्लास चलने के दौरान अचानक छत का स्लैब गिर गया, जिससे छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबे के नीचे लगभग 15 लोग फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही नवी मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड और महानगरपालिका आपदा प्रबंधन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एम्बुलेंस, दमकल की गाड़ियां और मलबा हटाने वाली मशीनें तैनात की गई हैं। कुछ छात्र-छात्राएं और कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकलने में सफल हुए, जबकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने से पहले इमारत के कमजोर हिस्सों की जांच की जा रही है, ताकि बचाव कार्य के दौरान कोई और दुर्घटना न हो। इसके बाद मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने का काम तेजी से जारी है।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इमारत काफी पुरानी है और लंबे समय से इसकी मरम्मत की जरूरत थी। कई बार संबंधित विभागों को इसकी जर्जर हालत की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आसपास की भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है। मेडिकल टीम भी मौके पर मौजूद है और जरूरत पड़ने पर घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू के बाद पूरी घटना की जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि स्लैब गिरने का कारण क्या था और कहीं निर्माण या रखरखाव में लापरवाही तो नहीं हुई।

  • NMMC: नवी मुंबई मनपा में परिवहन समिति(Transport Committee) चुनाव पर हंगामा, आधे घंटे के लिए महासभा स्थगित

    NMMC: नवी मुंबई मनपा में परिवहन समिति(Transport Committee) चुनाव पर हंगामा, आधे घंटे के लिए महासभा स्थगित

    रेणू पांडे | नवी मुंबई

    नवी मुंबई महानगरपालिका की महासभा में परिवहन समिति सदस्य के चुनाव को लेकर जोरदार हंगामा हुआ, जिसके चलते सभा की कार्यवाही करीब आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    जानकारी के अनुसार, परिवहन समिति (Transport Committee) के सदस्य का चुनाव मतदान प्रक्रिया से कराने के निर्णय का शिवसेना के नगरसेवकों ने कड़ा विरोध किया। जैसे ही मतदान से चुनाव कराने की घोषणा की गई, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सदस्यों ने महापौर का घेराव करते हुए राजदंड उठाने के मुद्दे पर भी आपत्ति जताई, जिससे सभागार में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    स्थिति तनावपूर्ण होते देख सत्ताधारी दल की महिला नगरसेविकाएं महापौर की सुरक्षा के लिए उनके आसपास खड़ी हो गईं। अधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बढ़ते हंगामे के चलते अंततः सभा को लगभग आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।

    गौरतलब है कि परिवहन समिति सदस्य के चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक खींचतान चल रही थी, जिसके कारण महासभा में यह विवाद और अधिक उग्र रूप ले बैठा।

  • Navi Mumbai News:राज्यस्तरीय पुरस्कारों से उपेक्षित प्रतिभाओं को मिल रहा मंच: गणेश नाईक

    Navi Mumbai News:राज्यस्तरीय पुरस्कारों से उपेक्षित प्रतिभाओं को मिल रहा मंच: गणेश नाईक

    नवी मुंबई(Navi Mumbai News)। राज्य के वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनेक लोगों को सम्मान का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन साप्ताहिक ‘धगधगती मुंबई’ पिछले 16 वर्षों से ऐसे लोगों को सामने लाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

    कोपरखैरणे स्थित स्वर्गीय अण्णासाहेब पाटील सभागृह में आयोजित ‘धगधगती मुंबई’(Dhagdhagti Mumbai) के 16वें वर्धापन दिवस एवं राज्यस्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर अभिनेता विजय पाटकर, पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, वरिष्ठ पत्रकार अजित जगताप, मुंबई बैंक के संचालक नंदकुमार काटकर, अधिवक्ता स्मिता चिपळूणकर, उद्योजक हनुमंत रांजणे, के. के. शेलार, लोक कलाकार योगेश चिकटगावकर, ‘धगधगती मुंबई’ के संपादक भिमराव धुळप तथा सरपंच रमेश धनावडे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    भिमराव धुळप पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से समाज के उपेक्षित वर्गों की आवाज उठाते आ रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राज्यस्तरीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    मंत्री गणेश नाईक ने कहा कि तळागाळ में काम करने वाले लोगों को पहचान देना और उनका सम्मान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी मान्यवरों ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए इस पहल को आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया।

  • New Mumbai Municipal Corporation: नवी मुंबई में संपत्ति कर वसूली को रफ्तार; छुट्टियों में भी खुलेंगे केंद्र, बकायेदारों पर जब्ती

    New Mumbai Municipal Corporation: नवी मुंबई में संपत्ति कर वसूली को रफ्तार; छुट्टियों में भी खुलेंगे केंद्र, बकायेदारों पर जब्ती

    नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपालिका (New Mumbai Municipal Corporation) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजटीय लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए संपत्ति कर वसूली अभियान तेज कर दिया है। 31 मार्च 2026 की अंतिम तिथि को देखते हुए मुख्यालय सहित शहर के आठों विभागीय कर संग्रहण कार्यालय अब साप्ताहिक अवकाश और सार्वजनिक छुट्टियों में भी खुले रहेंगे।

    महापालिका के अनुसार शनिवार-रविवार के साथ गुड़ी पड़वा, श्रीराम नवमी और महावीर जयंती जैसे अवकाश के दिनों में भी कर केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कार्यरत रहेंगे, ताकि करदाता अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए समय पर भुगतान कर सकें।

    ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा

    नागरिक आधिकारिक वेबसाइट और ‘My NMMC’ मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। डेबिट कार्ड, आरटीजीएस, नेट बैंकिंग और यूपीआई माध्यमों से भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

    बकायेदारों पर सख्ती

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय से कर बकाया रखने वालों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नोटिस के बावजूद भुगतान न करने वालों पर नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    महापालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने नागरिकों से 31 मार्च 2026 से पहले बकाया कर जमा करने की अपील की है, ताकि शहर के विकास कार्यों—सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे—को मजबूती मिल सके।

  • मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिती (APMC) की बड़ी कार्रवाई: बिना सेस चुकाए कारोबार करने वालों से 17.51 करोड़ का कृषि माल जब्त

    मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिती (APMC) की बड़ी कार्रवाई: बिना सेस चुकाए कारोबार करने वालों से 17.51 करोड़ का कृषि माल जब्त

    वाशी/नवी मुंबई। बिना वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) लिए और बाजार शुल्क (सेस) का भुगतान किए बिना कृषि उपज का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिति (APMC) ने सख्त कार्रवाई करते हुए जनवरी से फरवरी 2026 के बीच 17 करोड़ 51 लाख 30 हजार रुपये मूल्य का कृषि माल जब्त किया है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यापारियों से तीन गुना दंड वसूलते हुए 59 लाख 90 हजार रुपये की वसूली भी की गई है।

    यह विशेष अभियान जेएनपीटी, तुर्भे, नेरुल और ठाणे-बेलापुर औद्योगिक क्षेत्र सहित कई इलाकों में चलाया गया। विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) के आसपास स्थित आयात-निर्यात से जुड़े गोदामों और थोक मंडियों की जांच की गई। बाजार समिति के सचिव शरद जरे के मार्गदर्शन में सतर्कता पथक के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।

    जांच के दौरान पाया गया कि कई व्यापारी APMC की वैध अनुज्ञप्ति लिए बिना ही सीधे किसानों और एजेंटों से कृषि उपज की खरीद-बिक्री कर रहे थे। इतना ही नहीं, बाजार समिति को देय सेस और सुपरविजन फीस भी जमा नहीं की गई थी। कुछ आयातकों ने विदेश से मंगाए गए कृषि उत्पादों को APMC के अधिकार क्षेत्र में लाते समय पूर्व सूचना तक नहीं दी। कई मामलों में आयातकों के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था, फिर भी बड़े पैमाने पर लेन-देन जारी था।

    नियमों की इस गंभीर अनदेखी को देखते हुए बाजार समिति ने संबंधित व्यापारियों पर तीन गुना जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बिना लाइसेंस और बिना शुल्क भुगतान के व्यापार करने वालों के खिलाफ जब्ती और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Talent Hunt 2026: कांग्रेस ने शुरू किया ‘प्रतिभा खोज’ अभियान, विशेषज्ञों को मिलेगा पार्टी में जुड़ने का अवसर

    Talent Hunt 2026: कांग्रेस ने शुरू किया ‘प्रतिभा खोज’ अभियान, विशेषज्ञों को मिलेगा पार्टी में जुड़ने का अवसर

    मुंबई: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने नई और विशेषज्ञ प्रतिभाओं को अवसर देने के उद्देश्य से ‘प्रतिभा खोज’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत देशभर के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को कांग्रेस पार्टी में काम करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व विधायक हरि शंकर गुप्ता ने पत्रकार परिषद में दी।

    हरि शंकर गुप्ता ने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन 15 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद इन आवेदनों की छानबीन की जाएगी और वरिष्ठ नेताओं, अनुभवी पत्रकारों और समाज के विशेषज्ञों की समिति द्वारा प्रत्यक्ष साक्षात्कार लिया जाएगा। साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।

    गुप्ता ने कहा कि इस अभियान से चयनित लोगों को कांग्रेस पार्टी के साथ काम करने का मौका मिलेगा। उन्हें प्रवक्ता, सोशल मीडिया और शोध कार्यों में योगदान देने का अवसर मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को देशभर में पहुंचाना और पार्टी में नए, ताजगी भरे चेहरों को जोड़ना है।

    मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने बताया कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्षा वर्षाताई गायकवाड़ के नेतृत्व में टैलेंट हंट कमिटी बनाई गई है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने और सभी जिलों में समन्वय स्थापित करने का काम कमिटी द्वारा किया जाएगा। राजहंस ने कहा कि यह अभियान कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी के विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस के अन्य नेता निजामुद्दीन राईन, शकील चौधरी और अनुसूचित जाति विभाग मुंबई अध्यक्ष सुभाष भालेराव भी उपस्थित थे।

  • Public Politics:नवी मुंबई मनपा चुनाव में दल-बदल करने वाले उम्मीदवारों को जनता ने नकारा

    Public Politics:नवी मुंबई मनपा चुनाव में दल-बदल करने वाले उम्मीदवारों को जनता ने नकारा

    पार्टी बदलकर टिकट लेने की रणनीति उलटी पड़ी, अधिकांश उम्मीदवारों को हार

    नवी मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका (मनपा) चुनाव से पहले बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपनी पुरानी पार्टी की निष्ठा छोड़कर दूसरे दलों से चुनाव लड़ने का रास्ता चुना। चुनाव की पूर्व संध्या पर टिकट पाने के लिए किया गया यह राजनीतिक दल-बदल इस बार मतदाताओं को रास नहीं आया। चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि जनता ने ऐसे राजनीतिक अवसरवाद को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

    चुनाव नतीजों में यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि अंतिम समय में पार्टी बदलने वाले अधिकांश उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा। मतदाताओं ने विचारधारा में अचानक आए इस बदलाव को स्वीकार नहीं किया और ऐसे उम्मीदवारों को समर्थन देने से इनकार कर दिया।


    ऐरोली में मढ़वी परिवार को बड़ा झटका

    दल-बदल से सबसे बड़ा झटका ऐरोली विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला। मनोहर उर्फ एम. के. मढ़वी, जो नवी मुंबई में शिवसेना (ठाकरे गुट) के प्रमुख नेतृत्व के रूप में पहचाने जाते थे, आचार संहिता लागू होने के कुछ ही दिनों के भीतर अपने परिवार के साथ शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए थे।

    हालांकि, चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे। इस चुनाव में:

    • एम. के. मढ़वी
    • उनकी पत्नी विनया मढ़वी (वार्ड 5D)
    • बहू तेजश्री करण मढ़वी (वार्ड 5A)

    तीनों को ही हार का सामना करना पड़ा, जिससे यह संकेत मिला कि मतदाताओं ने परिवार सहित किए गए दल-बदल को स्वीकार नहीं किया।


    भाजपा में शामिल हुए विठ्ठल मोरे के बेटे को भी हार

    इसी तरह, नवी मुंबई से शिवसेना (ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता विठ्ठल मोरे ने नामांकन की अंतिम तिथि से ठीक एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था। यह कदम उन्होंने अपने बेटे के लिए टिकट सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया था।

    हालांकि, उनके बेटे अवधूत मोरे (वार्ड 17D) को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जिससे यह साफ हुआ कि केवल पार्टी बदलकर टिकट हासिल करना मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सका।


    सानपाड़ा में भी नहीं चला दल-बदल का दांव

    सानपाड़ा मंडल में भी इसी तरह का नतीजा देखने को मिला। पूर्व पार्षद सोमनाथ वास्कर (वार्ड 19A) और उनकी पत्नी कोमल वास्कर (वार्ड 19B) ने शिवसेना (ठाकरे गुट) छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में प्रवेश किया था।

    लेकिन दोनों को ही अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला और चुनाव परिणाम उनके खिलाफ रहे।


    मतदाताओं का स्पष्ट संदेश

    नवी मुंबई मनपा चुनाव के नतीजों ने यह साफ संदेश दिया है कि मतदाता सिद्धांत और निष्ठा को महत्व देते हैं। अंतिम समय में पार्टी बदलने वाले उम्मीदवारों को जनता ने नकार दिया और यह साबित कर दिया कि केवल सत्ता या टिकट की राजनीति के लिए किया गया दल-बदल अब स्वीकार्य नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परिणाम भविष्य के चुनावों में राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

  • Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    मुंबई | विशेष प्रतिनिधि
    महाराष्ट्र में चुनावी ज़मीन कमजोर पड़ते ही भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश से नेताओं, प्रचार गाड़ियों और सामग्री का आयात शुरू कर दिया है। जिस ईडी–सीबीआई के डर के सहारे भाजपा उत्तर भारत में राजनीतिक बढ़त बनाती रही, वही दबाव की राजनीति महाराष्ट्र में कारगर नहीं हो पा रही है। नतीजतन अब भाजपा को प्रचार के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त वाहन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे, और मजबूरी में यूपी से गाड़ियाँ मंगाई जा रही हैं।


    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन सभी प्रचार वाहनों की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई है? या फिर भाजपा चुनाव आयोग की आंखों में धूल झोंककर बाहरी राज्यों से संसाधन लाकर खुलेआम आचार संहिता की धज्जियाँ उड़ा रही है?
    जानकारों के मुताबिक, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार हर प्रचार वाहन, उसका नंबर, मालिकाना हक, खर्च और उपयोग की पूरी जानकारी आयोग के पास दर्ज होना अनिवार्य है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि महाराष्ट्र की सड़कों पर यूपी नंबर की प्रचार गाड़ियाँ धड़ल्ले से घूम रही हैं, जिनका न तो स्थानीय स्तर पर कोई लेखा-जोखा दिख रहा है और न ही सार्वजनिक रूप से उनकी अनुमति स्पष्ट है।


    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा को महाराष्ट्र में जनाधार की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर भारतीय वोट बैंक को साधने के लिए बाहरी चेहरों को मैदान में उतारा जा रहा है, लेकिन यह प्रयास भी स्थानीय मतदाताओं को रास नहीं आ रहा। सवाल उठता है कि जब महाराष्ट्र में भाजपा के पास पर्याप्त संगठनात्मक ताकत और संसाधन हैं, तो प्रचार के लिए दूसरे राज्य पर निर्भरता क्यों?
    विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के मामले में चयनात्मक चुप्पी साधे हुए है। आम उम्मीदवारों और छोटे दलों पर सख्ती से नियम लागू किए जाते हैं, लेकिन सत्ताधारी दल द्वारा नियमों के संभावित उल्लंघन पर आयोग की निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
    – अब मांग उठ रही है कि चुनाव आयोग यह स्पष्ट करे कि
    – महाराष्ट्र में भाजपा के लिए कितनी प्रचार गाड़ियाँ पंजीकृत हैं?
    – यूपी से आई गाड़ियों की अनुमति किस आधार पर दी गई?
    – उनके खर्च का लेखा-जोखा किस खाते में दर्ज है?
    अगर इन सवालों के जवाब नहीं दिए गए, तो यह साफ माना जाएगा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आंच आई है। लोकतंत्र में चुनाव सिर्फ वोट से नहीं, नियमों की समानता से भी लड़े जाते हैं—और यही कसौटी आज भाजपा और चुनाव आयोग दोनों के सामने खड़ी है।

  • घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    घणसोली की ऑरम सोसायटी में कमर्शियल पानी दर के खिलाफ आमरण अनशन, 720 परिवार प्रभावित

    नवी मुंबई। घणसोली स्थित ऑरम सोसायटी में रहने वाले 720 परिवारों पर कमर्शियल पानी दर लागू किए जाने से नागरिकों में भारी रोष है। रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक दर से बिल वसूलने को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए सोसायटी के अध्यक्ष योगेश चव्हाण ने एमआईडीसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। चव्हाण का कहना है कि जब तक पानी की दर रिहायशी श्रेणी में नहीं लाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कमर्शियल दर के कारण हर महीने हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर पड़ रहा है और कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नागरिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन स्थल पर सोसायटी के रहवासियों के साथ-साथ शहर की सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का भी सक्रिय समर्थन मिल रहा है। नारेबाजी कर लोग प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, जबकि एमआईडीसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का कहना है कि अनशन शुरू होने के बाद इस मुद्दे के समाधान के लिए आंतरिक बैठकों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन निर्णय का इंतजार जारी है। इस विवाद ने घणसोली क्षेत्र में पानी दर निर्धारण की नीति, नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों को रिहायशी दर पर पानी मिलना उनका मूल अधिकार है और इस अधिकार को हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

  • प्रजा फाउंडेशन ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए जारी किया नागरिक घोषणापत्र

    प्रजा फाउंडेशन ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव 2025 के लिए जारी किया नागरिक घोषणापत्र

    मुंबई। प्रजा फाउंडेशन ने 2 दिसंबर, 2025 को महाराष्ट्र नगरपालिकाओं के आगामी चुनाव 2025 के लिए नागरिक घोषणापत्र का जारी किया। यह घोषणापत्र सेवा वितरण में सुधार, पारदर्शी शासन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक भागीदारी और नगरपालिका क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

    घोषणापत्र में नगर निगमों को पूर्ण अधिकार देने, सेवा मानक तय करने, वास्तविक पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नागरिकों की आवाज़ को सक्षम बनाने और डिजिटल रूप से सशक्त वार्ड समितियों के साथ प्रशासनिक सुधार लागू करने जैसी पांच प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया है।

    प्रजा फाउंडेशन के संस्थापक निताई मेहता और सी.ई.ओ. मिलिंद म्हस्के ने बताया कि यह घोषणापत्र पारदर्शी और जिम्मेदार स्थानीय शासन को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए एक प्रतिज्ञा है। अनुसंधान प्रबंधक आसिफ खान ने कहा कि इसमें सेवा स्तर, त्रैमासिक रिपोर्ट, अपशिष्ट प्रबंधन और मानसून भेद्यता मानचित्रण जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने की रूपरेखा दी गई है।