Category: Maharashtra Police

  • Chain Snaching: ‘धूम’ स्टाइल में महिला के गले से सोने की चेन छीनी, फरार हुए आरोपी

    Chain Snaching: ‘धूम’ स्टाइल में महिला के गले से सोने की चेन छीनी, फरार हुए आरोपी

    भिवंडी: ठाणे-नाशिक हाईवे पर एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसमें दो अज्ञात बाइक सवारों ने महिला के गले से सोने की चेन छीनी((Chain snaching)) और फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आर्या आशीष पातकर (34, निवासी कल्याण) 5 फरवरी की रात करीब पौने दस बजे अपने पति के साथ बाइक से ठाणे-नाशिक हाईवे होकर घर लौट रही थीं।

    इसी दौरान, पीछे से आए दो अज्ञात बाइक सवारों में से एक ने आर्या पातकर के गले से 1 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की सोने की चेन जबरन छीनी और नाशिक की ओर भाग निकले।

    इस मामले में कोनगांव पुलिस स्टेशन में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और स्थानीय लोगों से भी किसी जानकारी के लिए संपर्क करने का अनुरोध किया गया है।

  • ATM Fraud: बुजुर्ग मजदूर से 56 हजार रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    ATM Fraud: बुजुर्ग मजदूर से 56 हजार रुपये की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    भिवंडी(Bhiwandi): शहर में एटीएम धोखाधड़ी(ATM Fraud) का एक और मामला सामने आया है। 65 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर मंगला राम माने के खाते से अज्ञात आरोपी ने चालाकी से 56 हजार रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलने पर भिवंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, मंगला राम माने रात करीब 8:05 बजे अपनी बेटी रेखा के साथ ताडाली-कामतघर रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में पैसे निकालने गए थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने मशीन में छेड़छाड़ कर उनका कार्ड फंसा दिया। बाद में आरोपी ने किसी तरह पिन नंबर हासिल कर कार्ड अपने कब्जे में ले लिया और खाते से कुल 56 हजार रुपये निकाल लिए। घटना हनुमान नगर गेट के पास रघुवंश देशी बार के सामने स्थित एटीएम की बताई जा रही है।

    भिवंडी पुलिस ने मजदूर की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। जांच सहायक पुलिस निरीक्षक विशाल पवार कर रहे हैं।

  • Crime News:भिवंडी के शांतीनगर में चुनावी रंजिश ने हिंसक मोड़ लिया, युवक पर चाकू से हमला

    Crime News:भिवंडी के शांतीनगर में चुनावी रंजिश ने हिंसक मोड़ लिया, युवक पर चाकू से हमला

    भिवंडी (Bhiwandi): शहर में चुनावी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। शांतीनगर इलाके में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद में 27 वर्षीय सैवाज साजीद अंसारी पर चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में सात नामजद आरोपियों और दो अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    पुलिस के अनुसार, 5 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे सैवाज साजीद अंसारी गौसिया मस्जिद के पास आयाज सैलून के सामने खड़ा था। इसी दौरान चुनाव से जुड़ी किसी खबर को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

    आरोप है कि रिहान सुलतान अंसारी ने सैवाज के सिर के पिछले हिस्से पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, रिजवान अंसारी और गुफरान अंसारी ने उसे पकड़कर रखा। इब्राहिम अंसारी पर जान से मारने के लिए उकसाने का आरोप है, जबकि फरहान अंसारी ने लकड़ी के डंडे से पीठ और पैरों पर हमला किया।

    सुलतान अंसारी पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप है। इसके अलावा कमरूनिशा कासिमअली अंसारी और दो अज्ञात महिलाओं ने शिकायतकर्ता के परिजनों—काका चुड्डूम अंसारी और चचेरी बहनों नायमा व इनम्मा अंसारी—के साथ मारपीट की।

    पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक विक्रम उदमले कर रहे हैं।

  • Sadak Suraksha Abhiyan:  सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नारपोली यातायात विभाग ने दुपहिया चालकों को बांटे हेलमेट

    Sadak Suraksha Abhiyan: सड़क सुरक्षा अभियान के तहत नारपोली यातायात विभाग ने दुपहिया चालकों को बांटे हेलमेट

    भिवंडी।
    सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार बढ़ोतरी और दुपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नारपोली यातायात विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा अभियान (Sadak Suraksha Abhiyan) के तहत हेलमेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 50 दुपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए।

    कार्यक्रम का आयोजन नारपोली यातायात शाखा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर साबले के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र म्हात्रे और पुलिस उपनिरीक्षक एस.बी. महाले ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक किया।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में दुपहिया वाहन चालकों की मौत का प्रमुख कारण हेलमेट न पहनना है। यदि समय पर सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।

    इस अवसर पर किसान संगठन के राजू पाटिल, टेम्पो एवं रिक्शा चालक संगठन के प्रतिनिधि, विभिन्न परिवहन संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में यातायात शाखा के पुलिस कर्मी नितिन लहारे और उनके सहयोगियों ने विशेष भूमिका निभाई। यातायात विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

  • RSS News :आरएसएस 100 वर्ष कार्यक्रम में मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश-                                                                 संघ न तो पैरामिलिट्री है, न राजनीतिक पार्टी

    RSS News :आरएसएस 100 वर्ष कार्यक्रम में मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश- संघ न तो पैरामिलिट्री है, न राजनीतिक पार्टी

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “संघ यात्रा के 100 वर्ष–नए क्षितिज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की भूमिका और विचारधारा को लेकर उठने वाली भ्रांतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संघ को दूर से देखने पर गलतफहमी हो सकती है, इसलिए संघ को समझने के लिए उसकी शाखाओं और स्वयंसेवकों के जीवन को देखना जरूरी है।

    मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ के स्वयंसेवक रूट मार्च करते हैं, लाठी-काठी सीखते हैं और घोष की धुन बजती है, लेकिन संघ न तो कोई पैरामिलिट्री संगठन है, न अखाड़ा और न ही संगीतशाला। उन्होंने कहा कि संघ में राजनीति से जुड़े स्वयंसेवक जरूर हैं, लेकिन संघ स्वयं कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ का काम अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए है। संघ न तो किसी के विरोध में बना है और न ही किसी से प्रतिस्पर्धा के लिए। संघ को न लोकप्रियता चाहिए और न सत्ता, उसका उद्देश्य केवल समाज को संगठित करना है।

    “संघ को समझना है तो शाखा देखिए”
    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ को समझने के लिए उसकी शाखाओं, कार्यकर्ताओं के परिवारों और उनके सामाजिक व्यवहार को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का उत्थान या पतन समाज की एकता पर निर्भर करता है, इसका उदाहरण अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और जर्मनी जैसे देशों के इतिहास से लिया जा सकता है।

    हिंदू शब्द और समाज पर विचार
    मोहन भागवत ने कहा कि ‘हिंदू’ को केवल धर्म या पूजा-पद्धति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसी एक समुदाय का नाम नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। उन्होंने कहा कि भारत धर्म-प्राण देश है, जहां सबको साथ लेकर चलने की परंपरा रही है।

    बीजेपी और संघ पर टिप्पणी
    संघ प्रमुख ने साफ किया कि बीजेपी संघ की पार्टी नहीं है, हालांकि संघ के स्वयंसेवक उसमें कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ का एकमात्र उद्देश्य संपूर्ण समाज को संगठित करना है।

    अपने संबोधन के अंत में मोहन भागवत ने कहा कि भारत का स्वभाव सनातन है और “सबका सम्मान, सबका स्वीकार” ही हमारी संस्कृति की मूल भावना है। सबको साथ लेकर चलना ही देश की ताकत है।

  • Maharashtra News : आज सुबह बारामती में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान में लैंडिंग के समय लगी भीषण आग से हुई मौत

    Maharashtra News : आज सुबह बारामती में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान में लैंडिंग के समय लगी भीषण आग से हुई मौत

    बारामती। आज सुबह बारामती, महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान ने लैंडिंग के समय भारी दुर्घटना का सामना किया। विमान क्रैश होते ही भीषण आग लग गई और उसके मलबे से धुआँ उठता हुआ देखा गया। यह हादसा एयरपोर्ट के लगभग खेत के पास सामने आया जहाँ विमान लैंड करने की कोशिश कर रहा था। मौके पर पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीम तुरंत पहुंच चुकी हैं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया है। जहां महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई. 

    🚨 अजित पवार की स्थिति
    प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार वे बारामती में होने वाली एक भारी जनसभा कार्यक्रम के लिए आ रहे थे।महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार का निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. लैंडिंग के दौरान विमान हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई. 

    🧯 बचाव कार्य और प्रशासन की प्रतिक्रिया

    • पुलिस और फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है।
    • जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारी स्थल पर पहुंचकर राहत प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।

    📰 आगे क्या होने वाला है

    सरकारी सूत्रों और अधिकारियों की तरफ से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन केंद्रीय और राज्य स्तर पर जांच शुरू होने की उम्मीद है।

    छह बार डिप्टी सीएम बनने वाले अजित पवार का सियासी सफर, सत्ता के हर समीकरण में निभाई अहम भूमिका


    महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का नाम उन नेताओं में शुमार है, जिन्होंने सत्ता के बदलते दौर में खुद को हर बार प्रासंगिक बनाए रखा। रणनीतिक फैसलों, संगठन पर पकड़ और निर्णायक राजनीति के चलते वे अब तक छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे।

    अजित पवार पहली बार नवंबर 2010 में उपमुख्यमंत्री बने। इसके बाद उसी वर्ष दूसरी बार उन्हें यह जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2019 में उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, हालांकि यह सरकार अल्पकालिक रही।

    जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी, तब भी अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद 2023 में राजनीतिक समीकरण बदले और वे शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर एक बार फिर डिप्टी सीएम बने।
    2024 में वे छठी बार उपमुख्यमंत्री बने, जो महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी गई।


    2022 में आया सियासी टर्निंग पॉइंट, चाचा से अलग चुनी अपनी राह

    अजित पवार ने राजनीति में कदम अपने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में रखा था, लेकिन 2022 में उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ आया।
    जब शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ाना शुरू किया, तब अजित पवार ने अपनी अलग राजनीतिक राह चुनने का फैसला किया।

    उन्होंने एनसीपी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल होने का कदम उठाया।
    2023 में अजित पवार ने पार्टी संगठन पर मजबूत पकड़ बनाई और एनसीपी के नेतृत्व पर नियंत्रण स्थापित किया।
    2024 में वे सत्ता में अपनी स्थिति को और मजबूत करने में सफल रहे और खुद को महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में स्थापित किया।


    महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़

    लंबे राजनीतिक अनुभव और सत्ता के गलियारों की गहरी समझ के चलते अजित पवार ने खुद को केवल एक नेता नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया।
    उनका सियासी सफर यह दर्शाता है कि वे बदलते राजनीतिक हालात में भी निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखते थे।

  • Uttar Pradesh Divas: भिवंडी में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन, सभी दलों के दिग्गज आए एक मंच पर

    Uttar Pradesh Divas: भिवंडी में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन, सभी दलों के दिग्गज आए एक मंच पर

    भिवंडी। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तर भारतीय समाज सेवा संस्था (रजि.) की ओर से भिवंडी के मानसरोवर स्थित महाराजा गार्डन में आयोजित भव्य कार्यक्रम ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने उत्तर भारतीय समाज की एकता, स्वाभिमान और सांस्कृतिक शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

    बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन होता रहा है, लेकिन इस बार कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल के बैनर तले न होकर समाज के तत्वावधान में आयोजित होने के कारण हर वर्ग और हर विचारधारा के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा उत्तर प्रदेश भिवंडी में उमड़ आया हो। हर ओर उत्साह, जयकारे, लोक-संस्कृति और भाईचारे का वातावरण दिखा।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

    प्रसिद्ध भोजपुरी एवं अवधी गायक दीपक सुहाना नाइट के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सैकड़ों लोगों ने खड़े होकर आनंद लिया। इस दौरान राकेश तिवारी ‘बबलू’ और अनामिका त्रिपाठी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    एक मंच पर जुटे सभी राजनीतिक दलों के नेता

    कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इस विशाल मंच पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता एक साथ उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटिल, बोरीवली विधायक संजय उपाध्याय, भिवंडी पश्चिम विधायक महेश चौघुले, शिवसेना के पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे, पूर्व उपमहापौर व नगरसेवक मनोज काटेकर, यादव संघ मुंबई अध्यक्ष व सपा प्रदेश उपाध्यक्ष अजय यादव, भिवंडी भाजपा अध्यक्ष रवि सावंत शामिल थे।

    इसके साथ ही नवनिर्वाचित नगरसेवक बालाराम चौधरी, निलेश चौधरी, सुमित पाटिल, राजू चौघुले, क्षमा मनोज सिंह, नितेश ऐनकर, राजेश शेट्टी, मेहुल पाटिल, गीता बिठोबा नाईक, एड. वैभव भोईर, भाजपा महिला अध्यक्ष कल्पना शर्मा, भिवंडी सपा अध्यक्ष अनस अंसारी, तारिक फारुकी, शहर शिवसेना (उबाठा) प्रमुख मनोज गगे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

    नेताओं के विचार

    बोरीवली विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि उत्तर भारतीय समाज ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से अपनी पहचान बनाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन धरती महाराष्ट्र और मुंबई ने सभी को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, इसलिए यहां की संस्कृति और लोगों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं।
    भिवंडी विधायक महेश चौघुले ने कहा कि उत्तर भारतीय समाज देशभर में फैला हुआ है और धर्म, संस्कृति तथा राष्ट्र की रक्षा में हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में उत्तर भारतीय समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
    पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल
    ने उत्तर प्रदेश के विकास की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश आज तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने भिवंडी में उत्तर भारतीय भवन की स्थापना के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

    समाज के प्रबुद्धजनों का सम्मान

    उत्तर भारतीय समाज सेवा संस्था की ओर से डॉक्टर, प्रिंसिपल, वकील, पत्रकार और विभिन्न जातीय संगठनों के अध्यक्षों का स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ और गमछा देकर सम्मान किया गया। संस्था अध्यक्ष कृष्णगोपाल सिंह (दादा ठाकुर), एड. प्रवीण मिश्रा, मनोज सिंह, उदयराज सिंह, रामशंकर केसरवानी, सदा प्रकाश सिंह, बालमुकुंद शुक्ला, पीड़ी यादव, पत्रकार गुरुप्रसाद सिंह, एड. आर.आर. त्रिपाठी, सलाहकार अनिल सिंह, डॉ. स्वाति सिंह, युवाध्यक्ष अजीत ठाकुर सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महासचिव संजय दुबे ने किया, जबकि महासचिव जितेंद्र तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया।

  • Crime News: पति-पत्नी के झगड़े में बीच-बचाव बना जानलेवा, चाकू घोपकर युवक की हत्या, तीन सगे भाई गिरफ्तार

    Crime News: पति-पत्नी के झगड़े में बीच-बचाव बना जानलेवा, चाकू घोपकर युवक की हत्या, तीन सगे भाई गिरफ्तार

    भिवंडी। भिवंडी के शांतिनगर इलाके में एक मामूली घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। पति-पत्नी के झगड़े में बीच-बचाव करना एक युवक के परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। झगड़ा शांत कराने से नाराज़ पति के तीन सगे भाइयों ने मध्यस्थता करने वाले युवक के भाई की बेरहमी से चाकू घोपकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात न्यू आज़ाद नगर झोपड़पट्टी क्षेत्र में हुई।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान दिलशाद मकबूल अहमद शाह (23) के रूप में हुई है। मामले में शिकायतकर्ता गुलजार मकबूल अहमद शाह (25) ने बताया कि उसकी मौसेरी बहन और उसके पति के बीच विवाद हो रहा था। गुलजार ने बीच-बचाव कर दोनों के बीच झगड़ा शांत कराया था।

    बदले की नीयत से की गई साजिश

    यह हस्तक्षेप पति के भाइयों को नागवार गुज़रा। बदला लेने की नीयत से उन्होंने गुलजार के भाई दिलशाद को निशाना बनाया। आरोप है कि आसिफ अब्दुलहकीम शाह, अलीहसन अब्दुलहकीम शाह और मुजफ्फर अब्दुलहकीम शाह ने आपसी मिलीभगत से साजिश रची। शांतिनगर स्थित निजामिया होटल के पास आरोपियों ने दिलशाद पर हमला कर दिया। आसिफ ने लोहे के धारदार चाकू से दिलशाद पर ताबड़तोड़ वार किए। जब गुलजार अपने भाई को बचाने दौड़ा, तो मुजफ्फर ने उस पर लोहे के पाइप से हमला कर उसे भी घायल कर दिया।

    अस्पताल में घोषित किया गया मृत

    घटना की सूचना मिलते ही शांतिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ दिलशाद को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। शांतिनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनायक गायकवाड ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग इस नृशंस हत्या की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

  • Mahanagar Palika 2026: ‘सात संकल्प, नई शुरुआत’, पिंपरी-चिंचवड़ के लिए अजित पवार का घोषणापत्र जारी

    Mahanagar Palika 2026: ‘सात संकल्प, नई शुरुआत’, पिंपरी-चिंचवड़ के लिए अजित पवार का घोषणापत्र जारी

    पिंपरी-चिंचवड़: नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र ‘सात संकल्प, एक नई शुरुआत’ के नारे के साथ जारी किया। इस घोषणापत्र में शहर की बुनियादी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश किया गया है।

    घोषणापत्र में रोज़ाना जलापूर्ति, बेहतर सड़कें, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और पारदर्शी विकास योजना जैसे मुद्दों पर ठोस वादे किए गए हैं। पार्टी का दावा है कि यह घोषणापत्र छह महीने के ऑन-ग्राउंड सर्वे, वार्ड-स्तरीय संवाद और नागरिकों से सीधी बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। इस दौरान नागरिकों की प्रमुख मांगों नियमित पानी की आपूर्ति, तेज़ और सुरक्षित परिवहन, स्वच्छ वातावरण, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं और प्रत्यक्ष आर्थिक राहत को घोषणापत्र में प्राथमिकता दी गई है।

    सात प्रमुख संकल्प

    • रोज़ाना स्वच्छ जलापूर्ति
      हर घर में तय समय पर हाई-प्रेशर नल से पानी, टैंकर निर्भरता खत्म करना, लीकेज-फ्री पाइपलाइन, नदियों का पुनर्जीवन और बाढ़ नियंत्रण के उपाय।
    • ट्रैफिक-फ्री और गड्ढा-मुक्त पीसीएमसी
      सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, गुणवत्ता की ज़िम्मेदारी ठेकेदारों पर, डिजिटल शिकायत प्रणाली, मेट्रो रूट और फ्लाईओवर परियोजनाओं की पारदर्शी निगरानी।
    • देश का सबसे स्वच्छ शहर
      100% कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निपटान, ज़ीरो लैंडफिल और स्वच्छता के लिए हाउसिंग सोसाइटियों की सक्रिय भागीदारी।
    • सस्ते और हाई-टेक हेल्थकेयर सेंटर
      बड़े अस्पताल, नए मेडिकल संस्थान, 100 सब-अर्बन क्लिनिक, किफायती जांच और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुविधाएं।
      -पारदर्शी विकास योजना (DP)
      मौजूदा ड्राफ्ट डीपी को रद्द कर नागरिकों की भागीदारी से नई योजना, कानूनी घरों की सुरक्षा और विस्थापन के बजाय पुनर्वास पर ज़ोर।
    • पीसीएमसी मॉडल स्कूल
      100 आधुनिक नगर निगम स्कूल-राष्ट्रीय मानकों की शिक्षा, आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित शिक्षक और निःशुल्क सुविधाएं।
      -सीधी राहत और ज़िम्मेदार शासन
      मुफ़्त मेट्रो-बस यात्रा, छोटे घर मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट, छात्रों को टैबलेट, महिलाओं के लिए बिना ब्याज ऋण योजना तथा खेल-संस्कृति को प्रोत्साहन।

    -एक्शन-ओरिएंटेड विज़न डॉक्यूमेंट
    अजित पवार ने कहा कि ये सात संकल्प छत्रपति शिवाजी महाराज के लोककल्याणकारी शासन, छत्रपति शाहू महाराज के सामाजिक न्याय, महात्मा फुले के शिक्षा-समानता के विचार और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के समता सिद्धांत से प्रेरित हैं। बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबावों के बीच यह घोषणापत्र नागरिकों को सीधी राहत, मजबूत बुनियादी ढांचा और आत्मनिर्भर शहर की दिशा में ले जाने का संकल्प दर्शाता है। एनसीपी का यह घोषणापत्र नारों से अधिक एक्शन-ओरिएंटेड विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में पेश किया गया है।

  • Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    Election Commission 2026: बीजेपी ने यूपी से मंगाए नेता और प्रचार गाड़ियाँ, चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

    मुंबई | विशेष प्रतिनिधि
    महाराष्ट्र में चुनावी ज़मीन कमजोर पड़ते ही भारतीय जनता पार्टी ने प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश से नेताओं, प्रचार गाड़ियों और सामग्री का आयात शुरू कर दिया है। जिस ईडी–सीबीआई के डर के सहारे भाजपा उत्तर भारत में राजनीतिक बढ़त बनाती रही, वही दबाव की राजनीति महाराष्ट्र में कारगर नहीं हो पा रही है। नतीजतन अब भाजपा को प्रचार के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त वाहन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे, और मजबूरी में यूपी से गाड़ियाँ मंगाई जा रही हैं।


    सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन सभी प्रचार वाहनों की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई है? या फिर भाजपा चुनाव आयोग की आंखों में धूल झोंककर बाहरी राज्यों से संसाधन लाकर खुलेआम आचार संहिता की धज्जियाँ उड़ा रही है?
    जानकारों के मुताबिक, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार हर प्रचार वाहन, उसका नंबर, मालिकाना हक, खर्च और उपयोग की पूरी जानकारी आयोग के पास दर्ज होना अनिवार्य है। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि महाराष्ट्र की सड़कों पर यूपी नंबर की प्रचार गाड़ियाँ धड़ल्ले से घूम रही हैं, जिनका न तो स्थानीय स्तर पर कोई लेखा-जोखा दिख रहा है और न ही सार्वजनिक रूप से उनकी अनुमति स्पष्ट है।


    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा को महाराष्ट्र में जनाधार की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर भारतीय वोट बैंक को साधने के लिए बाहरी चेहरों को मैदान में उतारा जा रहा है, लेकिन यह प्रयास भी स्थानीय मतदाताओं को रास नहीं आ रहा। सवाल उठता है कि जब महाराष्ट्र में भाजपा के पास पर्याप्त संगठनात्मक ताकत और संसाधन हैं, तो प्रचार के लिए दूसरे राज्य पर निर्भरता क्यों?
    विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के मामले में चयनात्मक चुप्पी साधे हुए है। आम उम्मीदवारों और छोटे दलों पर सख्ती से नियम लागू किए जाते हैं, लेकिन सत्ताधारी दल द्वारा नियमों के संभावित उल्लंघन पर आयोग की निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
    – अब मांग उठ रही है कि चुनाव आयोग यह स्पष्ट करे कि
    – महाराष्ट्र में भाजपा के लिए कितनी प्रचार गाड़ियाँ पंजीकृत हैं?
    – यूपी से आई गाड़ियों की अनुमति किस आधार पर दी गई?
    – उनके खर्च का लेखा-जोखा किस खाते में दर्ज है?
    अगर इन सवालों के जवाब नहीं दिए गए, तो यह साफ माना जाएगा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर आंच आई है। लोकतंत्र में चुनाव सिर्फ वोट से नहीं, नियमों की समानता से भी लड़े जाते हैं—और यही कसौटी आज भाजपा और चुनाव आयोग दोनों के सामने खड़ी है।