Category: Uttar Pradesh

  • Jaunpur:जौनपुर के सरावां बडेरी निवासी विजय कांत मिश्रा (सच्चन) का मुंबई में निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

    Jaunpur:जौनपुर के सरावां बडेरी निवासी विजय कांत मिश्रा (सच्चन) का मुंबई में निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

    कल्याण। जौनपुर (Jaunpur) जनपद के सरावां बडेरी निवासी एवं वर्तमान में मुंबई में निवास कर रहे विजय कांत मिश्रा (सच्चन) का 13 फरवरी को उनके मुंबई स्थित निवास पर अल्प बीमारी के चलते निधन हो गया।

    उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों, मित्रों और समाज में गहरा शोक व्याप्त हो गया।बताया जाता है कि विजय कांत मिश्रा अपने सरल, मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के कारण समाज में विशेष पहचान रखते थे। वे बच्चों के साथ बच्चों की तरह घुल-मिल जाते थे और अपने हमउम्र लोगों के साथ भी बेहद आत्मीयता से व्यवहार करते थे। उनके इसी स्नेहपूर्ण स्वभाव के कारण वे सभी के प्रिय थे।

    परिवारिक सूत्रों के अनुसार उनके परिवार में चार बेटियाँ, एक पुत्र तथा पोती-पोते हैं। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है।दिवंगत विजय कांत मिश्रा का अंतिम संस्कार मुंबई के विट्ठलवाड़ी श्मशान घाट में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ, जहाँ उनके पुत्र अरुण मिश्रा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवारजन, रिश्तेदार और समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।शोक व्यक्त करने वालों में उनके भाई चंद्रकांत मिश्रा, विनोद मिश्रा, बबलू मिश्रा सहित समाज के अनेक लोगों ने गहरा दुःख प्रकट किया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आगे की सभी धार्मिक विधियाँ मुंबई के कल्याण स्थित निवास पर संपन्न की जाएंगी।

  • Riva Express में आशुतोष पर धारदार हथियार से वार का आरोप, बताया-नाक काटने की कोशिश का आरोप

    प्रयागराज/फतेहपुर: रीवा एक्सप्रेस में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसमें संत आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन के अंदर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह घायल अवस्था में दिखाई दे रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया और उनकी नाक काटने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

    फतेहपुर और सिराथू के बीच हुई घटना

    मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। उस समय रीवा एक्सप्रेस फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी।

    आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, वह ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे, तभी अचानक कुछ लोग उनके पास आए और उन पर हमला कर दिया। उनका आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी नाक को निशाना बनाते हुए वार करने की कोशिश की।

    हमले के बाद उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन के भीतर दौड़कर टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी।

    घायल हालत में अस्पताल में भर्ती

    हमले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उनके चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ की जा रही है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

  • GST के दबाव में टूटा व्यापारी: वाराणसी में तंबाकू कारोबारी राजेश चौरसिया ने की आत्महत्या, परिवार ने टैक्स कार्रवाई को बताया वजह

    GST के दबाव में टूटा व्यापारी: वाराणसी में तंबाकू कारोबारी राजेश चौरसिया ने की आत्महत्या, परिवार ने टैक्स कार्रवाई को बताया वजह

    वाराणसी में कारोबारी की आत्महत्या के बाद जीएसटी नीति पर सवाल

    वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र में एक तंबाकू कारोबारी की आत्महत्या के बाद जीएसटी की कार्यप्रणाली और छोटे व्यापारियों पर बढ़ते दबाव को लेकर बहस छिड़ गई है। लहंगपुरा इलाके में रहने वाले 53 वर्षीय कारोबारी राजेश चौरसिया ने शनिवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।

    परिजनों का आरोप है कि जीएसटी(GST) विभाग की कार्रवाई, भारी जुर्माना और आर्थिक दबाव के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।

    परिवार के अनुसार राजेश चौरसिया सिगरेट और पान-मसाले के थोक व्यापारी थे। साल 2024 में जीएसटी विभाग ने उनके प्रतिष्ठान पर छापेमारी की थी, जिसमें करीब 30 लाख रुपये की कर चोरी का मामला बताया गया था।

    परिजनों का कहना है कि यह गड़बड़ी जानबूझकर नहीं हुई थी, बल्कि उनके अकाउंटेंट की कथित लापरवाही और कागजी हेरफेर के कारण हुई। इसके बावजूद उन पर भारी जुर्माना लगाया गया, जिसे जमा करने का दबाव लगातार बढ़ रहा था।

    बताया जा रहा है कि आर्थिक संकट और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़े असर के कारण राजेश चौरसिया गहरे तनाव में थे। शनिवार सुबह तक घर का माहौल सामान्य था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला।

    परिवार के लोग उन्हें तुरंत नीचे उतारकर डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    चेतगंज थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला के अनुसार प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुंबई में नौकरी करने वाले उनके बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी।

    इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में रोष देखने को मिला है। कई व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी की जटिल प्रक्रिया, भारी जुर्माने और छापेमारी के दबाव से छोटे व्यापारी मानसिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाया जाए और दंडात्मक कार्रवाई की जगह सहयोगात्मक रवैया अपनाया जाए।

  • धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार सुबह वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा” की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेकर वे लखनऊ के लिए यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य गो रक्षा के प्रति जनजागरण करना है।

    शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा चार दिनों तक चलेगी, जिसमें वे छह जिलों में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम करेंगे। यात्रा के दौरान वे जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव और लखीमपुर खीरी से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे।

    गोमाता को “राज्यमाता” घोषित करने की मांग

    शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि 40 दिनों के भीतर गोमाता को “राज्यमाता” घोषित किया जाए और पूरे प्रदेश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर पहले भी सरकार को समय दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    शिवाजी जयंती के बाद आंदोलन तेज

    शंकराचार्य ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के दिन से सरकार को 40 दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार को इस अवधि के 35 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब गो रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया गया है।

    गंगा पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ

    यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य ने साधु-संतों के साथ केदार घाट पर विधिवत गंगा पूजन किया। इसके बाद उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर तिलक कर पुष्प अर्पित किए और काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” के शंखनाद की औपचारिक घोषणा की।

    इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने कहा कि गो रक्षा केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की रक्षा का प्रश्न है, इसलिए इसके लिए जनजागरण आवश्यक है।

  • Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswat: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में शिवाजी जयंती पर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ

    Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswat: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में शिवाजी जयंती पर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ

    राष्ट्रीय स्वाभिमान। प्रेम चौबे

    वाराणसी। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर काशी के Shankaracharya Ghat पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गौभक्त शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन से हुई। इसके बाद Chhatrapati Shivaji Maharaj के चित्र पर तिलक लगाकर पुष्प अर्पित किए गए और उपस्थित लोगों को गौरक्षा का संकल्प दिलाया गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि शिवाजी महाराज हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक थे और उन्होंने गौ, ब्राह्मण तथा धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

    उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के ग्रंथों में राजा का कर्तव्य गौ, ब्राह्मण और देवालयों की रक्षा करना बताया गया है। भगवान राम से लेकर भगवान कृष्ण, आदि शंकराचार्य, महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज तक सभी ने इसी परंपरा का पालन किया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गौ, ब्राह्मण और मंदिरों की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसमें गौरक्षा से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया गया।

    इस अवसर पर अखिल भारतीय सारस्वत परिषद की ओर से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को गौरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए ‘करपात्र गौभक्त सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था की ओर से गिरीश चंद्र तिवारी और प्रो. विवेकानंद तिवारी ने प्रदान किया।

    मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार सुबह काशी स्थित श्रीविद्यामठ से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां 11 मार्च को ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रस्थान से पहले वे चिंतामणि गणेश मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे और इसके बाद संकट मोचन मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंगबाण का पाठ किया जाएगा।

  • Rumors of a petrol and diesel shortage: युद्ध की आशंका से यूपी में पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, वाराणसी-जौनपुर समेत कई जिलों में लंबी कतारें

    Rumors of a petrol and diesel shortage: युद्ध की आशंका से यूपी में पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, वाराणसी-जौनपुर समेत कई जिलों में लंबी कतारें

    इज़राइल-ईरान तनाव की खबरों के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह, लोग ड्रम-कैन लेकर तेल भरवाने पहुंचे; प्रशासन ने कहा—सप्लाई पूरी तरह सामान्य

    लखनऊ / उत्तर प्रदेश:
    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध की खबरों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव को लेकर फैल रही चर्चाओं और अफवाहों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक हलचल पैदा कर दी है। कहीं पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी है तो कहीं लोग अपनी गाड़ियों के साथ ड्रम, कैन और गैलन लेकर डीजल-पेट्रोल भरवाने पहुंच रहे हैं।

    हालात ऐसे बन गए हैं कि सामान्य दिनों में शांत रहने वाले पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। कई जगहों पर लोगों के बीच जल्द से जल्द तेल भरवाने की होड़ दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर भी इसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लाइन सड़क तक पहुंचती नजर आ रही है और लोग घंटों इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं।

    कई जिलों में दिखा अफवाह का असर

    दरअसल पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इन खबरों के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा फैल गई कि अगर युद्ध लंबा खिंच गया तो पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

    इसी आशंका ने धीरे-धीरे अफवाह का रूप ले लिया। कई इलाकों में यह बात फैलने लगी कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है या इनके दाम अचानक बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि लोग पहले से ही पेट्रोल और डीजल जमा करने की कोशिश में लग गए हैं।

    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में इस अफवाह का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। जिले के निघासन और भीरा थाना क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। लोग मोटरसाइकिल, कार और ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। कई लोग प्लास्टिक के कैन, ड्रम और गैलन लेकर भी पहुंचे ताकि ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाकर घर में स्टॉक कर सकें।

    इसी तरह वाराणसी, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा और बाराबंकी जैसे जिलों में भी पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ स्थानों पर सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

    इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करना कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। कुछ जगहों पर लोग एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए, जबकि कई लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहे।

    एक चश्मदीद ने बताया कि भीड़ का मुख्य कारण लोगों में फैला डर है। उनके मुताबिक पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात की खबरों के बाद लोगों को लगने लगा है कि कहीं पेट्रोल और डीजल की कमी न हो जाए, इसलिए लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवा रहे हैं।

    किसानों की भी बढ़ी चिंता

    बाराबंकी जिले में भी पेट्रोल-डीजल की संभावित कमी की चर्चा ने लोगों को परेशान कर दिया। यहां श्री विष्णु नारायण फिलिंग सेंटर आजगना, सद्दीपुर थाना जहांगीराबाद और तहसील फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ देखी गई।

    जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ सौ से अधिक किसान ड्रम और कैन लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। कई किसान ट्रैक्टर लेकर भी पहुंचे ताकि एक बार में ज्यादा मात्रा में डीजल भरवा सकें। किसानों का कहना है कि इस समय खेती का मौसम चल रहा है और खेतों में काम के लिए डीजल बेहद जरूरी है। अगर अचानक डीजल की कमी हो गई या दाम बढ़ गए तो खेती पर सीधा असर पड़ सकता है।

    पेट्रोल पंपों पर बढ़ी परेशानी

    पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी लाइनों की वजह से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग केवल अपनी गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल भरवाने आए थे, लेकिन उन्हें भी घंटों इंतजार करना पड़ा।

    पेट्रोल पंप कर्मचारियों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है। बाराबंकी के फतेहपुर स्थित नेशनल ट्रेडिंग कंपनी इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के मालिक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि पेट्रोल पंप पर तेल की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं।

    मशीन खराब होने से बढ़ी लाइन

    कुछ पेट्रोल पंपों पर तकनीकी दिक्कतों ने भी स्थिति को और कठिन बना दिया। पंपकर्मियों के अनुसार एक मशीन खराब होने की वजह से डीजल वितरण की गति धीमी हो गई, जिससे लाइन और लंबी होती चली गई और लोगों को ज्यादा देर तक इंतजार करना पड़ा।

    प्रशासन ने किया स्पष्ट

    पूरे मामले को लेकर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि कुछ लोग अफवाह (Rumors of a petrol and diesel shortage) फैलाकर अनावश्यक घबराहट पैदा कर रहे हैं।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल प्रशासन लगातार लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें यह जरूर दिखा रही हैं कि अफवाहें कभी-कभी जमीनी हालात को असामान्य बना देती हैं।

  • Holi Festival: कांदिवली की होली में महकी अवधी संस्कृति की खुश्बू

    Holi Festival: कांदिवली की होली में महकी अवधी संस्कृति की खुश्बू

    मुंबई: कांदिवली स्थित ठाकुर कॉम्प्लेक्स के एवेन्यू होटल प्रांगण में बुधवार को होली के पावन अवसर पर अवधी संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। आनंद जनसेवा संस्था द्वारा आयोजित होली (Holi Festival) स्नेह सम्मेलन मिलन समारोह में पारंपरिक फाग, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को रंगों और रस से सराबोर कर दिया।

    कार्यक्रम का संयोजन आनंद दुबे ने किया। इस अवसर पर फिल्म, कला, राजनीति, शिक्षा, चिकित्सा और व्यवसाय जगत की हस्तियों के साथ प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई पत्रकार भी मौजूद रहे।

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    भोजपुरी के सुप्रसिद्ध लोकगायक सुरेश शुक्ला और उनकी टीम ने फागुन के अवधी गीतों से समां बांध दिया। लोकनृत्य और संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों ने होली के उत्सव को नई ऊंचाई दी। बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार दिलीप सेन की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

    इस आयोजन में फ्रांस और दुबई से आए मेहमानों ने भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से सजी होली का भरपूर आनंद लिया। वरिष्ठ लेखक-पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।

    गमछा लपेटे होली प्रेमियों ने फूलों की होली खेलकर उत्सव को पारंपरिक रंग दिया। अवधी और भोजपुरी संगीत की महफिल देर तक सजी रही। संयोजक आनंद दुबे ने स्वयं भक्ति गीत, लोकगीत, नृत्य और मिमिक्री प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पश्चिमी मुंबई उपनगर में आयोजित यह सांस्कृतिक उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा और अवधी संस्कृति की महक से कांदिवली की होली खास बन गई।

  • Patrakar Vikas Sangh: रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन

    Patrakar Vikas Sangh: रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन

    मुंबई। होली (Holi Festival) रंग, रिश्ते और राग में डूबा ‘पत्रकार विकास संघ’ का 18वां लिट्टी-चोखा स्नेह मिलन) की पूर्व संध्या पर रविवार को मालाड पश्चिम स्थित ब्रह्मा महेश ग्राउंड के विशाल प्रांगण में ‘पत्रकार विकास संघ’(Patrakar Vikas Sangh) का 18वां लिट्टी-चोखा एवं स्नेह मिलन समारोह पूरे शबाब पर नजर आया। रंगों के पर्व से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्वाद का रंग जमाया, बल्कि संवाद, सौहार्द और सांस्कृतिक एकता की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसकी गूंज देर तक सुनाई देती रही।

    संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील कुमार सिंह, अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन में राजनीति, कला, साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य प्रमुख सलाहकार अमरजीत मिश्र, अभय मिश्र और शैलेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से हुई। संघ के प्रमुख सलाहकार सुनील सिंह की माताजी श्रीमती चंपादेवी मंगलाप्रसाद सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद श्री गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

    सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध लोकगायक सोनू सिंह सुरीला और लोकगायिका रीना अग्रवाल ने सुमधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। भजन, लोकगीत और होली के पारंपरिक गीतों पर श्रोताओं ने तालियों की गूंज से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार और कमलेश पांडे ‘तरुण’ ने अपनी काव्य रचनाओं से माहौल को साहित्यिक रंग भी दिया। भोज की बात करें तो ठेठ सात्विक उत्तर भारतीय व्यंजन लिट्टी-चोखा ने सबका मन मोह लिया। ताजे मटर से बने निमोना-भात और गर्मागर्म जलेबी का स्वाद लोगों ने बड़े चाव से लिया। पारंपरिक स्वाद और आत्मीय आतिथ्य ने इस स्नेह मिलन को खास बना दिया।

    इस अवसर पर विद्या ठाकुर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं और ऐसे आयोजन आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं। संजय उपाध्याय ने कहा कि पत्रकार विकास संघ के नियमित कार्यक्रम सामाजिक समरसता को बल देते हैं। पूर्व सांसद संजय निरुपम ने अपने पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन करना आसान नहीं होता, इसके लिए अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है, और संघ के पदाधिकारियों ने सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वाभिमान के संपादक अश्विनी कुमार दुबे, कानूनी सलाहकार गिरीश मिश्रा, मुरारी सिंह, समीउल्लाह खान, शिवलाल यादव, विपुल मीनावाला, देवांश मिश्रा, भानुप्रकाश मिश्र, अरविंद सिंह, श्रीश उपाध्याय, आलम पठान, प्रदीप धीवार, इकबाल ममदानी, गौरी टेंबकर, रंजीत सिंह श्रीनेत, विशाल सिंह, विक्रम जाधव, अर्जुन कांबळे, धर्मेंद्र पांडेय, राजेश उपाध्याय, वसीम हैदर, संदीप आशर, सईद अहमद खान, मनीष पाठक, संतोष पांडेय, राजीव सिंह, अभिषेक पांडेय, चेतन महोबिया, सचिन शर्मा, अब्दुल चौधरी के अलावा तुफैल खान, वसंत रसीवासिया, रविन्द्र द्विवेदी, रजनीकांत उपाध्याय, जगजीत सिंह, सय्यद इरफान, प्रशांत मिश्र, सीजू पाण्डेय, दिनेश गुप्ता, निशांत सिंह, युवराज सिंह, राकेश द्विवेदी, सुनील तिवारी, सगीर सलमानी, शिवलाल यादव, दुर्गा यादव आदि विशेष सहयोगी थे। कवि रवि यादव, अल्हड़ असरदार, कमलेश पांडे ‘तरुण’ आदि ने अपनी रचनाएं सुनाईं। यह स्नेह मिलन समारोह पत्रकारों के आपसी संवाद, एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला एक यादगार आयोजन साबित हुआ।

    इसके अलावा भाजपा, शिवसेना (उबाठा), राकांपा, कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव और अमर त्रिपाठी ने प्रभावशाली अंदाज में किया। अध्यक्ष आनंद मिश्र और महासचिव अजय सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संघ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

  • Rahul Gandhi attack Epstein files & adani trade deal: एप्स्टीन फाइल्स से अडानी केस तक—मोदी सरकार दे जवाब, देश को सच चाहिए: राहुल गांधी का बड़ा हमला

    Rahul Gandhi attack Epstein files & adani trade deal: एप्स्टीन फाइल्स से अडानी केस तक—मोदी सरकार दे जवाब, देश को सच चाहिए: राहुल गांधी का बड़ा हमला

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर बहुआयामी हमला बोला। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने एप्स्टीन फाइल्स, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अडानी प्रकरण और किसानों की स्थिति जैसे मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित एप्स्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और करीबी उद्योगपतियों के नाम आने की चर्चा बेहद गंभीर है। उनका कहना था कि यह देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला है और सरकार को पारदर्शी स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि लाखों दस्तावेज अब भी सार्वजनिक नहीं हुए हैं और उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, उद्योगपति अनिल अंबानी तथा प्रधानमंत्री का नाम होने की बात कही।

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस डील में राष्ट्रीय हितों से समझौता किया गया। उनके अनुसार भारतीय डेटा को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोला गया, किसानों के हितों की अनदेखी हुई और टेक्सटाइल उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस समझौते से देश को वास्तविक लाभ क्या मिला।

    राहुल गांधी ने उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक कारोबारी का मामला नहीं, बल्कि सत्ता संरचना से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से ठोस कार्रवाई न होना कई संदेह पैदा करता है।

    इन आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेजों में प्रधानमंत्री के 2017 के इज़रायल दौरे के संदर्भ से परे जो भी उल्लेख हैं, वे एक दोषी अपराधी की कल्पनाएं हैं और निराधार हैं।

    राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि कांग्रेस देशहित के मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के हितों की रक्षा में अधिक सक्रिय है, जबकि किसान और मध्यम वर्ग समस्याओं से जूझ रहे हैं।

    इस मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ गया है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक बहस तेज होने के संकेत हैं।

  • Yogi v/s Amukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सनसनीखेज दावा,  आशुतोष के गवाह ने कथित दबाव और प्रलोभन का किया खुलासा

    Yogi v/s Amukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सनसनीखेज दावा, आशुतोष के गवाह ने कथित दबाव और प्रलोभन का किया खुलासा

    वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद(Amukteshwaranand) सरस्वती से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में सोमवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में आयोजित प्रेस वार्ता में रमाशंकर दीक्षित नामक व्यक्ति ने दावा किया कि उन पर उनकी नाबालिग बेटी के नाम का सहारा लेकर शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगाने के लिए दबाव बनाया गया।

    दीक्षित के अनुसार, उन्हें कथित रूप से आर्थिक प्रलोभन दिया गया ताकि वे लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को ठुकराने के बाद उन्हें अप्रत्यक्ष धमकियों का सामना करना पड़ा। दीक्षित ने पूरी घटना को लिखित रूप में अपने हस्ताक्षर सहित मठ प्रशासन को सौंपने और मीडिया के सामने रखने की बात कही।

    दूसरी ओर, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज जिला न्यायालय में पेश हुए। सुनवाई के दौरान पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई के पहलुओं पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में शिकायत और गवाहों की विश्वसनीयता की गहन जांच अनिवार्य है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आरोप असत्य सिद्ध होते हैं या गवाह बयान से पलटता है, तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई संभव है।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच पर जोर दिया है। फिलहाल सभी पक्ष आगामी सुनवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

    संपादकीय दृष्टि से यह प्रकरण कानून-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से परे रहकर पारदर्शी और समयबद्ध जांच आवश्यक है, ताकि न तो किसी निर्दोष की प्रतिष्ठा पर आंच आए और न ही वास्तविक शिकायत दबे। कानून के समक्ष सभी समान हैं—और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

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